कनाडा में वर्क परमिट एक्सपायर होने क्या करें भारतीय छात्र

कनाडा कनाडा में पढ़ाई करने वाले भारतीय छात्रों की संख्या चार लाख से ज्यादा है। भारतीयों के बीच कनाडा पढ़ाई के लिए इसलिए पॉपुलर है, क्योंकि यहां पर कोर्स खत्म होने के बाद छात्रों को वर्क परमिट भी दिया जाता है। इसे पोस्ट-ग्रेजुएट वर्क परमिट (PGWP) के तौर पर जाना जाता है, जो आठ महीने से लेकर तीन साल तक वैलिड रहता है। PGWP का एक बड़ा फायदा ये होता है कि छात्र नौकरी तो कर ही पाते हैं, साथ ही उनके लिए परमानेंट रेजिडेंसी (PR) का भी रास्ता खुल जाता है। हालांकि, कुछ छात्र ऐसे भी होते हैं, जिनका PGWP एक्सपायर होने वाला होता है और उन्हें समझ नहीं आ रहा होता है कि वे अब क्या करें। वैसे तो कनाडा में वर्क परमिट समाप्त होने पर देश छोड़कर जाना पड़ता है। यही बात PGWP पर नौकरी करने वाले छात्रों पर भी लागू होती है। मगर कुछ ऐसे रास्ते भी हैं, जिनके जरिए वे कनाडा में रह सकते हैं। कनाडा में पढ़ने जाने वाले छात्र अक्सर ही उन रास्तों के बारे में जानना चाहते हैं, जिनके जरिए वे PGWP एक्सपायर होने के बाद भी देश में रह पाएं। PGWP एक्सपायर होने वाला है, फिर छात्रों के पास क्या ऑप्शन हैं? इमिग्रेशन एक्सपर्ट्स ने उन रास्तों के बारे में बताया है, जिनके जरिए PGWP एक्सपायर होने का इंतजार कर रहे छात्रों को काफी मदद मिल सकती है। एक्सपर्ट्स कहते हैं कि PGWP एक्सपायर होने के बाद कानूनी तौर पर कनाडा में रहने के लिए छात्रों को फिर से स्टडी परमिट के लिए आवेदन करना चाहिए, ताकि वे किसी दूसरी फील्ड की पढ़ाई कर सकें। स्टडी परमिट के जरिए छात्र कनाडा में वैध तौर पर रह पाएंगे और अतिरिक्त क्वालिफिकेशन भी हासिल कर पाएंगे। एक्सपर्ट्स कहते हैं कि अगर कोई छात्र ऐसा करता है, तो उसकी अच्छी नौकरी मिलने की संभावना भी बढ़ जाएगी। छात्रों को 'लेबर मार्केट इंपैक्ट असेसमेंट' (LMIA) वाली जॉब हासिल करनी चाहिए। LMIA एक ऐसा डॉक्यूमेंट होता है, जो ये साबित करता है कि कंपनी के पास नौकरी के लिए एक भी कनाडाई नागरिक या परमानेंट रेजिडेंट नहीं है, जिस वजह से वह अब विदेशी नागरिक को जॉब दे रहा है। LMIA जॉब ऑफर होने आपको आसानी से वर्क परमिट मिलेगा और आपके लिए PR के रास्ते खुल जाएंगे। recent visitors 48

पुलवामा हमले की बरसी: पीएम मोदी- अमित शाह ने कहा- भारत नहीं बरतेगा नरमी, दी आतंकियों को चेतावनी

नई दिल्ली केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पुलवामा हमले की बरसी पर वीरगति को प्राप्त हुए जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा "साल 2019 में आज के ही दिन पुलवामा में हुए कायराना आतंकी हमले में वीरगति को प्राप्त हुए जवानों को कृतज्ञ राष्ट्र की ओर से भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं." उनके इस ट्वीट के बाद सोशल मीडिया पर भी हजारों लोगों ने शहीदों को नमन किया और उनकी कुर्बानी को याद किया. 14 फरवरी 2019 को पुलवामा में हुआ आतंकी हमला भारत के इतिहास में एक काले अध्याय के रूप में दर्ज है. ये भयावह घटना जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर अवंतीपोरा के गोरीपोरा इलाके में हुई, जब CRPF का काफिला श्रीनगर की ओर जा रहा था. इसी दौरान विस्फोटकों से भरी एक गाड़ी काफिले की बसों के करीब आ गई. सैनिकों ने कई बार चेतावनी दी, लेकिन वह वाहन नहीं रुका और अचानक एक बस से टकरा गया. इसके बाद जोरदार धमाका हुआ जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया और 40 बहादुर जवान शहीद हो गए. साल 2019 में आज के ही दिन पुलवामा में हुए कायराना आतंकी हमले में वीरगति को प्राप्त हुए जवानों को कृतज्ञ राष्ट्र की ओर से भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ। आतंकवाद मानवता का सबसे बड़ा दुश्मन: अमित शाह गृह मंत्री अमित शाह ने अपने संदेश में ये भी कहा कि आतंकवाद पूरी मानव जाति का सबसे बड़ा दुश्मन है और इसके खिलाफ पूरी दुनिया एकजुट हो चुकी है. उन्होंने ये साफ किया कि मोदी सरकार आतंकवाद के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति पर काम कर रही है और इस खतरे को पूरी तरह खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा कि "चाहे सर्जिकल स्ट्राइक हो या एयर स्ट्राइक मोदी सरकार आतंकवादियों के खिलाफ कठोर अभियान चला रही है और देश की सुरक्षा के लिए किसी भी स्तर तक जाने को तैयार है." यह बयान दर्शाता है कि भारत आतंकवाद के खिलाफ किसी भी तरह की नरमी नहीं बरतेगा. पीएम मोदी ने पुलवामा शहीदों को दी श्रद्धांजलि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुलवामा हमले की बरसी पर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की. उन्होंने ट्वीट कर लिखा "2019 में पुलवामा में हमने जिन वीर जवानों को खोया उन्हें श्रद्धांजलि. आने वाली पीढ़ियां उनके बलिदान और राष्ट्र के प्रति उनकी अटूट समर्पण भावना को कभी नहीं भूलेंगी." recent visitors 41

उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ आज शहर में, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, आज शादी में शामिल होंगे सीएम

भोपाल . राजधानी में शुक्रवार को उपराष्ट्रपति सहित 50 से ज्यादा वीवीआइ का आगमन होगा। इसको लेकर एयरपोर्ट से लेकर सीएम हाउस, राजभवन, नए शहर के रास्ते डायवर्ट(Routes Diverted) रहेंगे। दरअसल भोपाल में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के छोटे बेटे कुणाल सिंह की शादी है। इसी में शामिल होने के लिए वीवीआईपी मेहमान यहां पहुंचे हैं। उपराष्ट्रपति विशेष विमान से शाम 6.30 बजे ओल्ड एयरपोर्ट लैंड करेंगे। यहां से सागर ग्रीन कोलार रोड, और वाना ग्रीन गार्डन नीलबड़ में विभिन्न कार्यक्रमों में सम्मिलित होगे। इन मार्गों से जाएंगे उपराष्ट्रपति ओल्ड एयरपोर्ट से स्टेट हेंगर तिराहा, लालघाटी, वीआइपी रोड, रेतघाट, पॉलिटेक्निक चौराहा, स्मार्ट रोड, भदभदा चौराहा, सूरज नगर तिराहा, साक्षी ढाबा तिराहा, केरवा डैम रोड, संस्कार वैली स्कूल रोड, जागरण लेक यूनिवर्सिटी तिराहा से होकर सागर ग्रीन पहुचेंगें। सागर ग्रीन सिटी से इसी मार्ग से साक्षी ढाबा तिराहा-सूरज नगर तिराहा होकर राष्ट्रीय न्यायिक अकादमी पहुचेंगें। कार्यक्रम के बाद सूरज नगर तिराहा से साक्षी ढाबा, बरखेड़ी होकर डीपीएस तिराहे से कार्यक्रम स्थल वाना ग्रीन गार्डन पहुचेंगें। इस दौरान उपराष्ट्रपति के मार्ग के आस-पास का यातायात कुछ समय के लिए बदला(Routes Diverted) रहेगा। आमजन इन रास्तों से करें आना-जाना ● सीहोर-बिलकिसगंज की ओर से आने वाले चार पहिया वाहन चालक, जिनको वैवाहिक कार्यक्रम में शामिल नहीं होना है वे खजूरी रोड बैरागढ़ से भोपाल आ-जा सकेंगे। ● विवाह स्थल पर जाने वाले वाहनों को अलग से पार्किंग दी गई है। पार्किंग से लौटते समय विला बोंग स्कूल, गोरेगांव से सूरज नगर होकर भोपाल की ओर आ सकेंगे। वापसी में साक्षी ढाबा वाला मार्ग प्रतिबंधित रहेगा। ● उपराष्ट्रपति के विशेष प्लेन ओल्ड एयर पोर्ट लैंड होने पर गांधीनगर, एयरपोर्ट की ओर से आने वाला ट्रैफिक गांधीनगर, करोद, बायपास होकर आना-जाना होगा ● पॅालिटेक्निक चौराहा से वीआइपी रोड आने वाले वाहन मोती मस्जिद, सदर मंजिल, कलेक्टे्रट, लालघाटी ओवर ब्रिज से आ जा सकेंगे। ● उपराष्ट्रपति के विषेष प्लेन ओल्ड एयर पोर्ट लैंड होने पर गांधीनगर, एयरपोर्ट की ओर से आने वाला यातायात गांधीनगर, आशाराम तिराहा से करोंद, बायपास होकर आना-जाना कर सकेंगे। ● पॅालिटेक्निक चौराहा से वीआईपी रोड आने वाले वाहन मोती मस्जिद, लालघाटी ओवरब्रिज से आ जा सकेंगे। ● रोशनपुरा, डिपो चौराहे से पॉलिटेक्निक चौराहे की ओर आने वाला यातायात गांधी पार्क, पुराना पुलिस कंट्रोल रूम तिराहा, तलैया थाना तिराहा, भारत टॉकीज चैराहा, हमीदिया रोड होकर आ-जा सकेगा। ● बाणगंगा, पुराना मछली घर, खटलापुरा मार्ग यातायात के लिए खुला रहेगा। कुछ समय के लिए रोका जा सकता है। ● डिपो चौराहा, भदभदा चौराहा होकर साक्षी ढाबा, नीलबड़, रातीबड़ जाने वाले मार्ग पर व्हीव्हीआईपी, व्हीआईपी का शाम 6 बजे के बाद लगातार आना-जाना होगा। ऐसे में सामान्य वाहन आ-जा सकेंगे। भारी वाहन पूर्णत: प्रतिबंधित रहेंगे। जरूरत पडऩे पर इस मार्ग पर सामान्य यातायात रोका जा सकता है। recent visitors 45

मुख्यमंत्री ने 27% OBC आरक्षण पर जल्द सुनवाई के लिए राज्य के एडवोकेट जनरल को दिए ये निर्देश, SC-ST वर्ग को मिलना चाहिए निर्धारित कोटा

भोपाल  मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) को 27% आरक्षण देने के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में शीघ्र सुनवाई की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने राज्य के एडवोकेट जनरल को इस संबंध में जल्द से जल्द आवेदन प्रस्तुत करने को कहा है। सरकार का उद्देश्य सुप्रीम कोर्ट का फैसला आते ही इसे तुरंत लागू करना है, ताकि OBC वर्ग को इसका लाभ मिल सके। इस फैसले से प्रदेश में आरक्षण नीति को मजबूती मिलेगी और समाज के पिछड़े वर्गों को अधिक अवसर उपलब्ध कराए जा सकेंगे। मुख्यमंत्री ने इस मामले को प्राथमिकता देने पर जोर देते हुए कहा कि सरकार अपने वादे के अनुरूप सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। यह फैसला बीते गुरुवार, 13 फरवरी 2025 को विधि विभाग, सामान्य प्रशासन विभाग, वित्त विभाग और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों की उपस्थिति में हुई बैठक के बाद लिया गया। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि, हमारी सरकार बनने के पहले से ओबीसी वर्ग को 27% आरक्षण देने को लेकर कोर्ट में लगी अलग-अलग याचिका में केस चल रहा है। इसी को लेकर संबंधित विभागों के अफसरों के साथ बैठक की है। आज एडवोकेट जनरल से कहा है सुप्रीम कोर्ट में जल्दी से जल्दी सुनवाई के लिए आवेदन लगाएं। सरकार का मत साफ- 27% आरक्षण लागू हो सीएम यादव ने बताया कि उन्होंने एडवोकेट जनरल से कहा है कि सुप्रीम कोर्ट में जल्द से जल्द सुनवाई के लिए आवेदन लगाएं। उन्होंने कहा, "हमारी सरकार का मंतव्य स्पष्ट है कि 27 प्रतिशत आरक्षण लागू करना है। इसलिए हमने तय किया है कि सुप्रीम कोर्ट को सरकार का मंतव्य जल्द से जल्द बताया जाए और इसके बाद न्यायालय जो भी फैसला करेगा, उसे लागू किया जाएगा।" उन्होंने यह भी कहा कि एससी और एसटी को भी जो आरक्षण निर्धारित है, वह संबंधित वर्ग के लोगों को प्रदेश में मिलना चाहिए। हाईकोर्ट के फैसले और सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर कन्फ्यूजन की स्थिति बन रही है। इसलिए सरकार ने इस मामले में स्पष्ट राय तय करने का फैसला किया है। आरक्षण को चुनौती देने वाली याचिका खारिज मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने 28 जनवरी को उस जनहित याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें अन्य पिछड़ा वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण देने के राज्य शासन के निर्णय को चुनौती दी गई थी। बता दें, 4 अगस्त 2023 को हाई कोर्ट ने एक अंतरिम आदेश के तहत राज्य सरकार को 87:13 का फॉर्मूला लागू करने का निर्देश दिया था। इस आदेश के बाद प्रदेश की सभी भर्तियां ठप हो गई थीं। मामले की सुनवाई हाईकोर्ट चीफ जस्टिस सुरेश कुमार कैत और जस्टिस विवेक जैन की युगलपीठ ने की। यह याचिका सागर की यूथ फॉर इक्वालिटी संस्था की ओर से दायर की गई थी। अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर के मुताबिक इस फैसले के बाद प्रदेश में 27% ओबीसी आरक्षण पर अब नए सिरे से काम करना होगा। साथ ही प्रदेश में भर्ती से जुड़े 13% होल्ड पदों को अब अनहोल्ड भी किया जाएगा। 2021 में ओबीसी को 27% आरक्षण मिला था दरअसल, 26 अगस्त 2021 को प्रदेश के तत्कालीन महाधिवक्ता के अभिमत के चलते सामान्य प्रशासन विभाग ने 2 सितंबर 2021 को एक परिपत्र जारी कर ओबीसी वर्ग को 27 फीसदी आरक्षण की अनुमति प्रदान की थी। इस परिपत्र में तीन विषयों को छोड़कर शेष में 27 फीसदी आरक्षण का प्रावधान किया गया था। इनमें नीट पीजी प्रवेश परीक्षा 2019-20, पीएससी द्वारा मेडिकल ऑफिसर भर्ती 2020 और हाईस्कूल शिक्षक भर्ती में 5 विषय शामिल थे। जानकार बोले- याचिका रद्द यानी 27% आरक्षण के आदेश से स्टे हटा इससे पहले, ओबीसी के विशेष अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर का कहना था कि उक्त याचिका के निरस्त होने से प्रदेश में कुछ मामलों को छोड़कर शेष में ओबीसी को 27 फीसदी आरक्षण का रास्ता साफ हो गया है। हालांकि अब यह सरकार पर है कि उक्त फैसले के बाद आगे क्या रुख अपनाती है। हाईकोर्ट ने सुनवाई में साफ कर दिया है कि प्रदेश में होल्ड पदों की सभी भर्तियों को फिर से अनहोल्ड यानी भर्ती प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। जो कोर्ट के पूर्व में जारी फैसले के चलते होल्ड पर कर दी गई थीं। 4 अगस्त 2023 को हाईकोर्ट ने एक अंतरिम आदेश के तहत राज्य सरकार को 87 /13 का फॉर्मूला लागू करने का निर्देश दिया था। इस आदेश के बाद प्रदेश की सभी भर्तियां रोक दी गई थीं। सरकार ने यह फॉर्मूला महाधिवक्ता के अभिमत के आधार पर तैयार किया था, जिसके तहत 87 प्रतिशत सीटें अनारक्षित और 13 प्रतिशत सीटें ओबीसी के लिए रखी गई थीं। इससे 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण का लाभ लाखों ओबीसी अभ्यर्थियों को नहीं मिल रहा था। अब सरकार को नए सिरे से अपना जवाब हाईकोर्ट में पेश करने कहा गया है। वहीं, इस मामले में शासकीय अधिवक्ता अभी कुछ भी कहने को तैयार नहीं हैं। सुप्रीम कोर्ट में लंबित हैं मामले आशिति दुबे ने मेडिकल से जुड़े मामले में ओबीसी आरक्षण को पहली बार चुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने 19 मार्च 2019 को ओबीसी के लिए बढ़े हुए 13 प्रतिशत आरक्षण पर रोक लगाई थी। इसी अंतरिम आदेश के तहत बाद में कई अन्य नियुक्तियों में भी रोक लगाई गई थी। यह याचिका 2 िसतंबर 2024 को हाईकोर्ट से सुप्रीम कोर्ट ट्रांसफर हो गई। इसी तरह राज्य शासन ने ओबीसी आरक्षण से जुड़ी करीब 70 याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट में ट्रांसफर करा ली हैं, जिन पर फैसला आना बाकी है। recent visitors 34

माता-पिता होने के नाते, साधना और मैं सगाई के शुभ अवसर पर आनंद और गर्व से भर गए

भोपाल केंद्रीय कृषि मंत्री और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के छोटे बेटे कुणाल सिंह चौहान की गुरुवार को सगाई सेरेमनी हुई है। इसे लेकर शिवराज सिंह चौहान ने प्रसन्नता व्यक्त की है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर आने वाली बहु को लेकर भी पोस्ट किया। उन्होंने लिखा कि- रिद्धि हमारे घर में बहू बनकर नहीं, बल्कि बेटी के रूप में आ रही है।  शिवराज सिंह चौहान ने लिखा, ‘घर में सौभाग्य का उदय हुआ है, कुणाल और रिद्धि की सगाई सानंद संपन्न हुई है। हमारे घर रिद्धि बहू बनकर नहीं, बेटी के रूप में आ रही है।’ शिवराज ने अपने बेटे कुणाल का बचपन याद करते हुए लिखा- ‘माता-पिता होने के नाते, साधना और मैं इस शुभ अवसर पर आनंद और गर्व से भर गए हैं। कुणाल की बचपन की यादें आज एक-एक कर सामने आ रही हैं। शांत, सौम्य, सुशील, शिष्ट, शालीन और सुंदर होने के साथ-साथ कुणाल बचपन में बेहद चुलबुले भी थे।’ कुणाल और रिद्धि एक-दूजे के लिए बने शिवराज ने आगे लिखा- ‘कुणाल और रिद्धि सच में एक-दूसरे के लिए बने हैं। हमारी अनंत शुभकामनाएं हैं कि वो दोनों एक उद्देश्यपूर्ण जीवन जियें, न सिर्फ अपने लिए, बल्कि औरों के लिए भी। यही सीख हमने हमेशा दी है और हमें विश्वास है कि, कुणाल और रिद्धि इसी राह पर चलते रहेंगे। हमारी बेटी रिद्धि का हमारे परिवार में हार्दिक स्वागत है। ढेर सारा प्यार, आशीर्वाद और शुभकामनाएं।’ 14 फरवरी को शादी के बंधन में बंधेंगे रिद्धी और कुणाल आपको बता दें कि, आज यानी 14 फरवरी को कुणाल और रिद्धि शादी के बंधन में बंध जाएंगे। भोपाल के जाने माने डॉक्टर इंद्रमल जैन की पोती रिद्धि जैन से कुणाल की शादी हो रही है। रिद्धि के पिता का नाम संदीप जैन है। बता दें कि कुणाल और रिद्धि एक साथ पढ़े हैं। recent visitors 36

मध्य प्रदेश में 10 स्थानों का न्यूनतम तापमान 10 डिग्री के नीचे, तापमान की आंख मिचौली, जानें मौसम का ताजा अपडेट

भोपाल  मध्य प्रदेश में हल्की ठंड महसूस की जा रही है। गुरुवार को प्रदेश के करीब 10 स्थानों में न्यूनतम तामपान 10 डिग्री सेल्सियस के नीचे पहुंच गया। वहीं, अधिकतम तापमान में भी गिरावट आई। खंडवा और खरगोन जिले के अलावा प्रदेश के अन्य सभी जिलों का अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के नीचे दर्ज हुआ। हालांकि मौसम विभाग ने शुक्रवार से प्रदेश के तापमान में 3 डिग्री सेल्सियस तक वृद्धि होने के अनुमान जताए हैं। मौसम विभाग ने शुक्रवार को भी प्रदेश की सभी जिलों के मौसम को शुष्क बने रहने का अनुमान जारी किया है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार पश्चिम उत्तर भारत के मैदानी क्षेत्रों में जेट स्ट्रीम हवाएं बह रही हैं। इसका प्रभाव आने वाले दिनों में दिखाई दे सकता है, हालांकि शुक्रवार से तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की वृद्धि देखी जा सकती है। जानें कैसा रहेगा भोपाल का मौसम राजधानी भोपाल के मौसम की बात करें तो शुक्रवार को आकाश की स्थिति साफ रह सकती है। यहां हवा की औसत गति 8 से 10 किलोमीटर प्रति घंटा रहने की आसार नजर आ रहे हैं। जबकि अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस बना रह सकता है। ऐसे में भोपाल में अधिक गर्मी पड़ने की संभावना नहीं है। एमपी के प्रमुख स्थानों का न्यूनतम तापमान गुरुवार को मध्य प्रदेश में 33 स्थानों पर दर्ज किए गए तापमान को देखें तो 7 जिलों का न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस के नीचे पहुंच गया। राजधानी भोपाल में न्यूनतम तापमान गिरकर 8.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। हिल स्टेशन पचमढ़ी में 7.6, रायसेन में 9.4, राजगढ़ में 7.6, मंडला में 9.8, नौगांव में 9.8 और उमरिया में 9.6 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज हुआ। जबलपुर में 10.5, सिवनी में 13.2, बालाघाट में 12.4, ग्वालियर में 12.2, इंदौर में 12.4 और उज्जैन में 11 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ। अधिकतम तापमान में भी गिरावट प्रदेश के प्रमुख शहरों के अधिकतम तापमान में भी गिरावट देखने को मिली है। भोपाल में 26.6, ग्वालियर में 27.01, इंदौर में 27.3, पचमढ़ी में 23.4, उज्जैन में 28.5, जबलपुर में 26.2, मंडला में 29 और बालाघाट में 26.9 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान दर्ज हुआ। खंडवा में 32.5 और खरगोन में 32.2 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान रिकॉर्ड हुआ। recent visitors 44

पीथमपुर में ट्रक से उतारे गए जहरीले कचरे से भरे कंटेनर, रामकी कंपनी में 41 दिन से खड़े 12 ट्रॉलों से उतारे गए जहरीले कचरे से भरे कंटेनर

पीथमपुर  भोपाल गैस त्रासदी के 40 वर्ष बाद यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री के कचरे को धार जिले के पीथमपुर स्थित संयत्र में लाकर निस्तारित करने की प्रक्रिया विरोध के कारण रुकी हुई है। पीथमपुर में भारी विरोध के कारण 41 दिन से कचरे से भरे ट्रॉले रामकी कंपनी परिसर में ही खड़े थे। इन 12 कंटेनरों को गुरुवार दोपहर ट्रॉलों से नीचे उतार दिया गया। दरअसल, 41 दिन से ट्रॉले रामकी कंपनी परिसर में ही खड़े थे। इनका एक महीने का किराया भी लगभग 12 लाख रुपए हो चुका है। अभी कंटेनरों से जहरीला कचरा बाहर नहीं निकाला गया है। हाईकोर्ट से आदेश मिलने के बाद ही कचरे को कंटेनरों से बाहर निकाला जाएगा। कलेक्टर प्रियंक मिश्रा का कहना है यहां होने वाल वाली हर प्रक्रिया की सीसीटीवी निगरानी होगी। गुरुवार को दोपहर के समय प्रशासन के अफसर-नेता सहित पुलिस अफसरों की मौजूदगी में कंटेनरों को नीचे उतारा गया। ढाई घंटे की मशक्कत के बाद दो क्रेन की मदद से कंटेनरों को अनलोड किया गया। प्रशासन ने बताया कि एक माह से खड़े कंटेनरों के कारण कंपनी काे 12 लाख रु. का किराया वाहन का लग रहा था। इसलिए अनलोड करने की कार्रवाई की गई। धार कलेक्टर प्रियंक मिश्र ने कहा कि अभी सिर्फ इन कंटेनरों काे उतारा गया है। इन्हे खोलने की प्रक्रिया का काेई आदेश नहीं मिला है। गौरतलब है कि भोपाल से यूनियन कार्बाइड का जहरीला कचरा पीथमपुर में 2 जनवरी काे 12 कंटेनरों में लाया गया था। कचरा पीथमपुर पहुंचने के बाद लगातार आमजन आक्रोशित थे। इसी के चलते पिछले 41 दिनाें से यह कंटेनर ऐसे ही कंपनी में खड़े हुए थे। उधर, पीथमपुर बचाओ समिति सहित अनेक संगठनों ने बुधवार काे कचरा निष्पादन के विरोध में शवासन की मुद्रा कर विरोध प्रदर्शन किया था। सीएसपी विवेक गुप्ता ने बताया कि बगैर अनुमति प्रदर्शन करने के मामले में संदीप रघुवंशी, डॉ. हेमंत हिरोले, मोना सोलंकी, प्रदीप दुबे आदि पर केस दर्ज किया गया है। बगैर अनुमति प्रदर्शन करने पर केस दर्ज पीथमपुर बचाओ समिति सहित अनेक संगठनों ने बुधवार काे कचरा निष्पादन के विरोध में शवासन की मुद्रा कर विरोध प्रदर्शन किया था। सीएसपी विवेक गुप्ता ने बताया कि बगैर अनुमति प्रदर्शन करने के मामले में संदीप रघुवंशी, डॉ. हेमंत हिरोले, मोना सोलंकी, प्रदीप दुबे आदि पर केस दर्ज किया गया है। यूका के कचरे के निष्पादन में पारदर्शिता बरती जाएगी यूका के कचरे के निष्पादन के लिए पूरी पारदर्शिता बरती जा रही है। इस प्रक्रिया में सभी को विश्वास में लेकर आगे बढ़ा जाएगा। कंटेनरों को ट्रॉलों से उतारना आवश्यक था। -प्रियंक मिश्र, कलेक्टर, धार   recent visitors 44