नरसिंहपुर कृषि उद्योग समागम 2025 आज से: उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने किया 3 दिवसीय कार्यक्रम का शुभारंभ

नरसिंहपुर भारत के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ सोमवार को मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर पहुंचे। यहां उन्होंने कृषि उद्योग समागम कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस मौके पर एमपी के राज्यपाल मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव समेत प्रदेश सरकार के कई मंत्री और स्थानीय विधायक मौजूद रहे। मंच पर पहुंचे अतिथियों का मंत्री प्रहलाद पटेल और मंत्री उदयप्रताप सिंह ने स्वागत किया फिर राष्ट्रीय गान के साथ दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम शुरु हुआ। किसान उद्योग समागम कार्यक्रम में किसान पंजीकरण कार्यालय, किसान सहायता केंद्र से कृषि में उपयोग होने वाले कृषि यंत्रों का मेला भी लगा है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा कि, सरकार पहलगाम आतंकी हमले का जवाब ऑपरेशन सिंदूर से दिया है। ऑपरेशन सिंदूर का लोहा दुनिया ने माना है। भारत अब आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं करेगा। पूरा देश राष्ट्र प्रेम की भावना से ओत-प्रोत है और आतंकवाद के खिलाफ एकजुट है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने लौह पुरुष की तरह फैसला लिया। ये दिग्गज भी कार्यक्रम में मौजूद नरसिंहपुर में कृषि समागम मेले के उद्घाटन कार्यक्रम में उपराष्ट्रति की पत्नी सुदेश धनखड़ भी मौजूद रहीं। वहीं, राज्यपाल मंगुभाई पटेल के साथ सीएम डॉ. मोहन यादव भी मौजूद रहे। इसके अलावा, कार्यक्रम में प्रदेश सरकार के मंत्री नारायण कुशवाह, गोविंद सिंह राजपूत, ऐंदल सिंह कंषाना, प्रहलाद सिंह पटेल, राव उदय प्रताप सिंह और राज्यसभा सांसद माया नरोलिया मौजूद थीं। अबकी बार आतंकवाद बर्दाश्त नहीं करेगा भारत उपराष्ट्रपति ने कहा कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संदेश है कि, जिसने सिंदूर मिटाया, उसे धरती पर रहने का कोई अधिकार नहीं है। अंतरराष्ट्रीय सीमा में घुसकर सेना ने क्या सटीक बमबारी की। कोई प्रमाण नहीं मांग रहा, जिन्हें चोट लगी, उन्होंने खुद प्रमाण दे दिया। अब हर व्यक्ति राष्ट्र भावना से ओत-प्रोत है। ये बड़ी उपलब्धि है। भारत आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं करेगा। जो 70 साल में नहीं हुआ, वो कठोर निर्णय पीएम ने लिया। खून और पानी एक साथ नहीं बहेगा, ये बड़ा संदेश दिया है। दुनिया की तीसरी महा शक्ति बनने वाला है भारत उपराष्ट्रपति ने कहा कि पिछले दशक में भारत ने बड़ी आर्थिक उछाल लगाई। हम बड़ी कमजोर स्थिति में थे। आज भारत दुनिया की चौथी अर्थव्यवस्था बना है। हमने जापान जैसे बड़े देशों को पीछे छोड़ दिया है। भारत दुनिया की तीसरी महाशक्ति बनने वाला है। विकसित भारत का रास्ता किसान के खेत और गांव से निकलता है। पूंजी किसान के पास है। इससे अर्थव्यवस्था में बड़ा उछाल आएगा। धनखड़ बोले- देश का भविष्य खेतों में लिखा जाएगा धनखड़ ने कहा कि अमेरिका में किसान परिवार की आय सामान्य परिवार से ज्यादा है। देश को आगे बढ़ाने के लिए सांसद, विधायक कृषि आधारित उद्योग गांव को गोद लें। उसके विकास का संकल्प लें। किसान एंटरप्रेन्योरशिप को बढ़ावा दें। भारत का भविष्य खेतों में लिखा जाएगा। सीएम बोले- प्रदेशभर में लगाए जाएंगे किसान मेले कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में 2002-03 से आज तक 1 लाख 32 हजार रुपए प्रति व्यक्ति आयहुई है। आने वाले समय में बिजली बिल से मुक्ति मिल जाएगी। 32 लाख किसानों को सोलर पंप देने की योजना लागू की है। यहां प्रदर्शनी के माध्यम से आधुनिक कृषि यंत्र आए हैं। फसल का उत्पादन बढ़ेगा। कृषि आधारित फूड प्रोसेसिंग कम है। इसी के मकसद से किसान मेला शुरू हुआ है। 3 दिन तक प्रदर्शनी लगेगी। किसान सब्सिडी के जरिए जो यंत्र चाहेंगे, उन्हें सरकार देगी। नरसिंहपुर में 102 हेक्टेयर में नए कृषि आधारित फूड पार्क तैयार किया जा रहा है। 1300 करोड़ से ज्यादा के उद्योग के नए संकल्प लेकर आकार लेंगे। किसान को मिलेगा 5 रुपए में परमानेंट बिजली कनेक्शन सरकार ने मद्य प्रदेश के किसान तो 5 रुपए में परमानेंट बिजली कनेक्शन मुहैय्या कराने का फैसला लिया है। किसानों को पटवारी के पास जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। बंटवारा, रजिस्ट्री और नामांतरण को भी ऑनलाइन कर दिया गया है। पूरे प्रदेश में किसान मेले लगाए जाएंगे। अगले कार्यक्रम के संबंध में जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा- इसके बाद सीहोर के पास 12-13 अक्टूबर को बड़ा मेला आयोजित किया जाएगा। recent visitors 56

उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ आज शहर में, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, आज शादी में शामिल होंगे सीएम

भोपाल . राजधानी में शुक्रवार को उपराष्ट्रपति सहित 50 से ज्यादा वीवीआइ का आगमन होगा। इसको लेकर एयरपोर्ट से लेकर सीएम हाउस, राजभवन, नए शहर के रास्ते डायवर्ट(Routes Diverted) रहेंगे। दरअसल भोपाल में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के छोटे बेटे कुणाल सिंह की शादी है। इसी में शामिल होने के लिए वीवीआईपी मेहमान यहां पहुंचे हैं। उपराष्ट्रपति विशेष विमान से शाम 6.30 बजे ओल्ड एयरपोर्ट लैंड करेंगे। यहां से सागर ग्रीन कोलार रोड, और वाना ग्रीन गार्डन नीलबड़ में विभिन्न कार्यक्रमों में सम्मिलित होगे। इन मार्गों से जाएंगे उपराष्ट्रपति ओल्ड एयरपोर्ट से स्टेट हेंगर तिराहा, लालघाटी, वीआइपी रोड, रेतघाट, पॉलिटेक्निक चौराहा, स्मार्ट रोड, भदभदा चौराहा, सूरज नगर तिराहा, साक्षी ढाबा तिराहा, केरवा डैम रोड, संस्कार वैली स्कूल रोड, जागरण लेक यूनिवर्सिटी तिराहा से होकर सागर ग्रीन पहुचेंगें। सागर ग्रीन सिटी से इसी मार्ग से साक्षी ढाबा तिराहा-सूरज नगर तिराहा होकर राष्ट्रीय न्यायिक अकादमी पहुचेंगें। कार्यक्रम के बाद सूरज नगर तिराहा से साक्षी ढाबा, बरखेड़ी होकर डीपीएस तिराहे से कार्यक्रम स्थल वाना ग्रीन गार्डन पहुचेंगें। इस दौरान उपराष्ट्रपति के मार्ग के आस-पास का यातायात कुछ समय के लिए बदला(Routes Diverted) रहेगा। आमजन इन रास्तों से करें आना-जाना ● सीहोर-बिलकिसगंज की ओर से आने वाले चार पहिया वाहन चालक, जिनको वैवाहिक कार्यक्रम में शामिल नहीं होना है वे खजूरी रोड बैरागढ़ से भोपाल आ-जा सकेंगे। ● विवाह स्थल पर जाने वाले वाहनों को अलग से पार्किंग दी गई है। पार्किंग से लौटते समय विला बोंग स्कूल, गोरेगांव से सूरज नगर होकर भोपाल की ओर आ सकेंगे। वापसी में साक्षी ढाबा वाला मार्ग प्रतिबंधित रहेगा। ● उपराष्ट्रपति के विशेष प्लेन ओल्ड एयर पोर्ट लैंड होने पर गांधीनगर, एयरपोर्ट की ओर से आने वाला ट्रैफिक गांधीनगर, करोद, बायपास होकर आना-जाना होगा ● पॅालिटेक्निक चौराहा से वीआइपी रोड आने वाले वाहन मोती मस्जिद, सदर मंजिल, कलेक्टे्रट, लालघाटी ओवर ब्रिज से आ जा सकेंगे। ● उपराष्ट्रपति के विषेष प्लेन ओल्ड एयर पोर्ट लैंड होने पर गांधीनगर, एयरपोर्ट की ओर से आने वाला यातायात गांधीनगर, आशाराम तिराहा से करोंद, बायपास होकर आना-जाना कर सकेंगे। ● पॅालिटेक्निक चौराहा से वीआईपी रोड आने वाले वाहन मोती मस्जिद, लालघाटी ओवरब्रिज से आ जा सकेंगे। ● रोशनपुरा, डिपो चौराहे से पॉलिटेक्निक चौराहे की ओर आने वाला यातायात गांधी पार्क, पुराना पुलिस कंट्रोल रूम तिराहा, तलैया थाना तिराहा, भारत टॉकीज चैराहा, हमीदिया रोड होकर आ-जा सकेगा। ● बाणगंगा, पुराना मछली घर, खटलापुरा मार्ग यातायात के लिए खुला रहेगा। कुछ समय के लिए रोका जा सकता है। ● डिपो चौराहा, भदभदा चौराहा होकर साक्षी ढाबा, नीलबड़, रातीबड़ जाने वाले मार्ग पर व्हीव्हीआईपी, व्हीआईपी का शाम 6 बजे के बाद लगातार आना-जाना होगा। ऐसे में सामान्य वाहन आ-जा सकेंगे। भारी वाहन पूर्णत: प्रतिबंधित रहेंगे। जरूरत पडऩे पर इस मार्ग पर सामान्य यातायात रोका जा सकता है। recent visitors 46

जगदीप धनखड़ ने सरकार को दिया निर्देश, 22 कृतियों वाला संविधान ही असली संविधान है

नई दिल्ली राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने मंगलवार को सरकार को निर्देश दिया कि 22 कृतियों वाला संविधान ही असली संविधान है और ऐसी प्रतियों की बिक्री या प्रचार प्रसार नहीं किया जाना चाहिए, जिनमें ये कृतियां नहीं हो। श्री धनखड़ ने सदन में शून्यकाल के दौरान भारतीय जनता पार्टी के राधा मोहन अग्रवाल की ओर से इस मुद्दे को उठाये जाने पर कांग्रेस सदस्यों के हंगामे के बीच कहा कि संसद द्वारा संशोधन के बगैर संविधान में किसी भी तरह का बदलाव नहीं किया जा सकता है और इस तरह के बदलाव करने वालों के विरूद्ध कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि ये कृतियां पांच हजार वर्ष की हमारी गौरवशाली संस्कृति के प्रतीक हैं। बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर सहित सभी संविधान निर्माताओं ने संविधान पर हस्ताक्षर कर इन कृतियों को स्वीकृत किया था और इसके बगैर संविधान का प्रकाशन या प्रसारण दोनों गंभीर मुद्दा है। सरकार को इस पर त्वरित कार्रवाई करनी चाहिए और बगैर इन कृतियों के बाजार में बिक रही संविधान की प्रतियों पर रोक लगायी जानी चाहिए और ऑनलाइन में भी यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए। सभापति ने कहा कि संविधान के एक-एक अध्याय के साथ एक-एक कृति है, जो संबंधित अध्याय के महत्व को दर्शाती हैं, इसलिए इसमें कोई भी बदलाव संसद की मंजूरी के बगैर नहीं किया जा सकता है। उन्होंने सरकार को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि इन 22 कृतियों के बगैर संविधान की कोई भी प्रति नहीं होनी चाहिए। श्री धनखड़ ने कहा कि इन 22 कृतियों के संविधान में होने तथा इस मुद्दे को आज सदन में उठाये जाने के सकारात्मक नतीजे होंगे। उन्होंने कहा कि किसी भी वजह से संविधान की मूल प्रति में किसी तरह के बदलाव को तत्काल संज्ञान में लाया जाना चाहिए और इसमें तत्काल सुधार किया जाना चाहिए। श्री अग्रवाल ने शून्यकाल में इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि भारतीय संविधान के साथ असंवैधानिक तरीके से खिलवाड़ किया गया है, क्योंकि बाजार में मूल प्रति नहीं मिलती है। आज बच्चों को जो संविधान पढ़ाया जा रहा है, उसमें से मूल प्रति में उपलब्ध 22 कृतियों को असंवैधानिक तरीके से हटा दिया गया। संविधान संशोधन की प्रक्रिया है लेकिन बगैर किसी संशोधन के 26 जनवरी 1949 को हस्ताक्षरित संविधान में से किसी भी कृति को नहीं हटाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि श्री नंदलाल बोस जी को संविधान सभा ने इन कृतियों को बनाने के लिए मनोनीत किया था और उन्होंने कुल 22 कृतियां बनायी थी, जिसमें सिन्धुघाटी सभ्यता से लेकर संविधान निर्माण तक के काल के जुड़ी कृतियां है, जिसमें भगवान श्रीराम के श्रीलंका से लौटते समय की कृति भी है। इसमें महाभारत के दौरान कुरूक्षेत्र में भगवान श्रीकृष्ण के उपदेश वाली कृति भी है। इसमें महावीर,सम्राट विक्रमादित्य के साथ ही गांधी जी, लक्ष्मीबाई, हिमालय, समुद्र, नेताजी सुभाषचंद्र बोस की फोटो भी है, जिसे संसद की मंजूरी के बगैर हटा दिया गया है। इस पर कांग्रेस के सदस्य हंगामा करने लगे। इसी दौरान श्री धनखड़ ने सरकार को निर्देश दिये। इसके बाद सभापति ने विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे को अपनी बात रखने के लिए कहा। श्री खरगे ने कहा कि इसको अनावश्यक उठाकर मुद्दा बनाने की कोशिश की जा रही है। बाबा साहेब ने इस संविधान को बनाया और अब इस मुद्दे से इसको विवाद में लाया जा रहा है। जब संविधान लागू हुआ था तब से इसमें बगैर संसद की मंजूरी के कोई बदलाव नहीं हुआ है। इस मुद्दे के माध्यम से बाबा साहेब को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। इसके बाद सदन के नेता जे पी नड्डा ने कहा कि इस महत्वपूर्ण मुद्दे से विपक्ष विशेषकर कांग्रेस को बहुत तकलीफ हो रही है क्योंकि संविधान के इस महत्वपूर्ण अंश से देशवासियों विशेषकर युवाओं को वंचित रखना इनका एजेंडा है। इनका एजेंडा देश की गौरवमय संस्कृति से लोगों को वंचित रखना रहा है, इसलिये इनको तकलीफ हो रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के लिए राष्ट्रवाद के मायने अलग रहे हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता इस मुद्दे को राजनीतिक मुद्दा बनाने और उसका लाभ उठाने की कोशिश कर रहे हैं। विपक्ष के नेता ने बाबा साहेब को बदनाम करने का आरोप लगाया है जो पूरी तरह से गलत है। उन्होंने संविधान की मूल प्रति को सदन में दिखाते हुये कहा कि इसमें ये 22 कृतियां है और अब बगैर इन कृतियाें वाली प्रतियां उपलब्ध नहीं होंगी। इस पर तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओ ब्रायन ने कहा कि उनके आईपैड में संविधान की प्रति है, जिसमें एक भी कृति नहीं है। इस पर श्री धनखड़ ने कहा कि ऑनलाइन में भी बगैर इन कृतियों के संविधान का प्रचारण नहीं किया जाना चाहिए। इसके लिए भी त्वरित कार्रवाई की जानी चाहिए।   recent visitors 52

अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस कम से कम 14 दिन पहले लाया जाना चाहिए था, जो नहीं हुआ, धनखड़ के खिलाफ नोटिस खारिज

नई दिल्ली उप राष्ट्रपति और राज्य सभा के सभापति जगदीप धनखड़ के खिलाफ विपक्ष का लाया गया अविश्वास प्रस्ताव नोटिस खारिज हो गया है। इसके पीछे की वजह यह है कि अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस कम से कम 14 दिन पहले लाया जाना चाहिए था, जो नहीं हुआ। इसलिए, राज्यसभा के उसभापति ने तकनीकी आधार पर विपक्ष के इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। इसके साथ ही विपक्षी दलों का दांव फेल हो गया है। सूत्रों के अनुसार, उपसभापति हरिवंश ने फैसला सुनाते हुए कहा कि यह प्रस्ताव दूसरे सबसे बड़े संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के खिलाफ एक नैरेटिव बनाने के लिए लाया गया था। उपसभापति हरिवंश ने अस्वीकृति के कारणों को बताते हुए कहा कि 14 दिन का नोटिस, जो इस तरह के प्रस्ताव को पेश करने के लिए अनिवार्य है, नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि सभापति महोदय जगदीप धनखड़ का नाम भी सही ढंग से नहीं लिखा गया था। पिछले हफ्ते उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ को पद से हटाने संबंधी प्रस्ताव के मुद्दे पर राज्यसभा में सत्ता पक्ष और विपक्ष में आरोप-प्रत्यारोप का जोरदार दौर चला, जिसके कारण हुए भारी हंगामे के बाद उच्च सदन की कार्यवाही शुक्रवार को दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई थी। कार्यवाही स्थगित होने से पहले धनखड़ ने विपक्ष पर उनके खिलाफ दिन-रात अभियान चलाने का आरोप लगाते हुए कहा था कि वह एक किसान के बेटे हैं और कभी ‘कमजोर’ नहीं पड़ेंगे। उन्होंने कहा था, ‘‘दिन भर सभापति के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है…..यह अभियान मेरे खिलाफ नहीं है, यह उस वर्ग के खिलाफ अभियान है जिससे मैं जुड़ा हूं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं व्यक्तिगत रूप से इस कारण से दुखी हूं कि मुख्य विपक्षी दल ने इसे सभापति के खिलाफ अभियान के रूप में पेश किया है। उन्हें मेरे खिलाफ प्रस्ताव लाने का अधिकार है। यह उनका संवैधानिक अधिकार है लेकिन वे संवैधानिक प्रावधानों से भटक रहे हैं।’’ recent visitors 53

उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ 15 दिसंबर को ग्वालियर के एक दिवसीय प्रवास पर आएंगे

ग्वालियर  ग्वालियर उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ 15 दिसंबर को ग्वालियर के एक दिवसीय प्रवास पर आएंगे, वे यहाँ जियो साइंस म्यूजियम का उदघाटन करेंगे। जीवाजी विश्वविद्यालय पहुँचकर जीवाजीराव सिंधिया की प्रतिमा के अनावरण कार्यक्रम में शामिल होंगे और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के आवास जयविलास पैलेस जायेंगे। जिला प्रशासन द्वारा जारी किये गए कार्यक्रम के अनुसार उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ 15 दिसंबर को सुबह लगभग 10:55 बजे वायुसेना के विशेष विमान द्वारा एयरबेस विमानतल पर आएंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार उप राष्ट्रपति विमानतल से सड़क मार्ग द्वारा रवाना होकर 11:25 बजे महाराज बाड़ा पहुँचेंगे और जियो साइंस म्यूजियम का उदघाटन करेंगे। इसके बाद प्रात: लगभग 11:45 बजे जीवाजी विश्वविद्यालय पहुँचकर जीवाजीराव सिंधिया की प्रतिमा के अनावरण कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होंगे। केंद्रीय मंत्री सिंधिया के आवास जयविलास पैलेस जायेंगे प्रतिमा अनावरण कार्यक्रम में शामिल होने के बाद उप राष्ट्रपति धनखड़ दोपहर एक बजे जयविलास पैलेस पहुँचेंगे। जयविलास पैलेस से दोपहर 2 बजे रवाना होकर वायुसेना के विमानतल पर पहुँचेंगे और अपरान्ह लगभग 2:30 बजे वायुसेना के विशेष विमान द्वारा नई दिल्ली के लिये रवाना होंगे। मंत्री राकेश शुक्ला होंगे “मिनिस्टर इन वेटिंग” उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ की अगवानी व विदाई के लिये राज्य शासन की ओर से नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला को “मिनिस्टर इन वेटिंग” नामित किया गया है। मंत्री राकेश शुक्ला उप राष्ट्रपति का ग्वालियर विमानतल पर स्वागत करेंगे और उनके वापस लौटते समय विमानतल पर उन्हें विदा भी करेंगे। दो गैलरी बनी हैं म्यूजियम के अंदर     विक्टोरिया मार्केट में 4 जून 2010 की रात्रि में भयानक आग लग गई थी। इससे इमारत का हिस्सा ढह गया था। नगर निगम ने उक्त ​इमारत को संवारने का काम सुदर्शन इंजीनियरिंग को दिया था। डायरेक्टर संजय मित्तल का कहना है कि दो फेज में इमारत में काम हुआ। पहले फेज में हूबहू इमारत को खड़ा करना और फिर दूसरे फेज में बिल्डिंग के अंदर एयर कंडीशनिंग और इलेक्ट्रिक आदि का काम करना किया गया।     जीएसआई ने उक्त इमारत को म्यूजियम के लिए अधिकृत लिया। इसमें 25 करोड़ की लागत से दो गैलरी को पर्यटकों के लिए तैयार किया गया। यहां पर्यटकों को भूकंप का अनुभव होगा। धरती के अंदर ज्वालामुखी कैसे फटता है। ये भी दिखाया जाएगा। यहां पर डायनासोर का अंडा सहित कई कीम​ती वस्तुएं देखने को मिलेंगी। डिप्टी डायरेक्टर जनरल एसएस सरकार का कहना है कि ये एशिया का पहला इस तरह का म्यूजियम होगा। सुबह 10:55 पर आएंगे दोपहर 2 बजे होंगे रवाना उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ 15 दिसंबर को सुबह लगभग 10.55 बजे वायुसेना के विशेष विमान द्वारा एयरबेस विमानतल पर आएंगे। इसके बाद सड़क मार्ग से 11.25 बजे बाड़े पहुंचकर म्यूजियम का उद्घाटन करेंगे। इसके बाद 11.45 बजे जेयू में जीवाजीराव सिंधिया की प्रतिमा के अनावरण करेंगे। दोपहर 1 बजे जयविलास पैलेस जाएंगे और दोपहर 2 बजे वायुसेना विमान से रवाना होंगे।” नामित किया गया है।   recent visitors 56

राज्यसभा में जगदीप धनखड़ ने खुद को बताया किसान का बेटा, खरगे बोले- मेरा संघर्ष आपसे भी ज्यादा, जमकर हंगामा

नई दिल्ली राज्यसभा में अविश्वास प्रस्ताव और हंगामे को लेकर सभापति जगदीप धनखड़ विपक्ष पर बुरी तरह भड़क गए। सदन में शोरशराबे के बीच जगदीप धनखड़ ने कांग्रेस नेता प्रमोत तिवारी से कहा कि आप लोग तो 24 घंटे यही काम करते हैं। लेकिन मैं किसान का बेटा हूं और कमजोर नहीं हूं। मैं देश के लिए मर जाऊंगा लेकिन मैंने झुकना नहीं सीखा है। यहां एक किसान का बेटा क्यों बैठा है। मैंने बहुत कुछ बर्दाश्त किया। आपको किसी के खिलाफ प्रस्ताव लाने का अधिकार है लेकिन आप तो संविधान का ही अपमान कर रहे हैं। सभापति धनखड़ की इस बात पर राज्यसभा में विपक्षी नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि वह दूसरे दलों के नेताओं के खिलाफ बोलने के लिए बीजेपी के नेताओं का उत्साहवर्धन करते हैं। उन्होंने कहा, मैं भी किसान का बेटा हूं। मैंने आपसे ज्यादा संघर्ष किया है। आप हमारी पार्टी के नेताओं का अपमान कर रहे हैं। आप कांग्रेस का अपमान कर रहे हैं। हम यहां आपकी प्रशंसा सुनने नहीं बल्कि चर्चा करने आए हैं। धनखड़ ने कहा, मैं पीड़ा महसूस कर रहा हूं। मेहरबानी करके आप भी कुछ सोचिए। मैंने आपको इज्जत देने में कई कमी नहीं की है। मैंने बहुत दुख बर्दाश्त किया है। उन्होंने कहा, आज किसान खेत तक सीमित नहीं बल्कि हर जगह काम कर रहे हैं। वे उद्दोगों में हैं और नौकरियों में भी हैं। आप लोगों ने संविधान की धज्जियां उड़ा दीं। आपका प्रस्ताव आ गया है और अब 14 दिन बाद इसपर फैसला हो जाएगा। उपराष्ट्रपति धनखड़ ने विपक्ष पर नाराजगी जताते हुए और कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी को संबोधित करते हुए कहा कि आप अनुभवी नेता हैं फिर भी आपने हमें क्या-क्या नहीं कहा। आपने एक मुहिम चला रखी है। प्रमोद तिवारी जी, आपने तुम-तुम कर क्या बात की है। खरगे जी की इज्जत करता हूं। मैं अनुरोध करता हूं कि मान्यवर मुझपर कृपा करिए। जो समय ठीक लगे मुझसे मिलने का समय निकालिए। आप नहीं आ सकते तो मैं खुद आऊंगा। इसके बाद खरगे और धनखड़ के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। धनखड़ ने कहा, सबकी सुनूंगा। किसी भी हालत में कमजोर नहीं पड़ूंगा। आपको कल समय दिया आप बोल नहीं पाए। खरगे ने कहा कि आपको अगर सदन को चलाना है तो आपको भेदभाव नहीं करना चाहिए। इसके बाद धनखड़ ने होथ जोड़कर कहा, आपने समय का कैसे उपयोग किया। कुछ तो दिल पसीजा होगा। उन्होंने कहा, आप खुद सोचिए और सोने से पहले चिंतन कीजिए कि आपके लोग क्या करते हैं। खऱगे ने कहा, मैं तो किसान मजदूर का बेटा हूं। आप सबको बोलने दे रहे हैं और आप हमारी पार्टी के लोगों का अपमान कर रहे हैं। अगर आप ऐसे ही सदन चलाना चाहते हैं तो इसकी जिम्मेदारी आपकी है। खरगे ने कहा, यहां हम आपकी तारीफ करने नहीं आए हैं। इसपर धनखड़ ने तंज कसते हुए कहा, पूरा देश जानता है कि आपको किनकी तारीफ पसंद है। recent visitors 109

अगर पार्टियां पंथ को देश से ऊपर रखती हैं तो हमारी स्वतंत्रता दूसरी बार खतरे में पड़ जाएगी: जगदीप धनखड़

नई दिल्ली उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने मंगलवार को संविधान निर्माता बाबासाहेब डॉक्टर भीमराव आंबेडकर को याद करते हुए कहा कि अगर पार्टियां पंथ को देश से ऊपर रखती हैं तो हमारी स्वतंत्रता दूसरी बार खतरे में पड़ जाएगी। संविधान को अंगीकार किए जाने की 75वीं वर्षगांठ के मौके पर साल भर चलने वाले समारोहों की शुरुआत के लिए पुराने संसद भवन के केंद्रीय कक्ष में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति ने आगाह किया कि रणनीति के तहत व्यवधान पैदा करना लोकतंत्र के लिए खतरा है। धनखड़ ने कहा, ‘‘यह समय रचनात्मक संवाद, बहस और सार्थक चर्चा के माध्यम से हमारे लोकतांत्रिक मंदिरों की पवित्रता को बहाल करने का समय है ताकि हमारे लोगों की प्रभावी ढंग से सेवा की जा सके।’’ इस बात का उल्लेख करते हुए कि संविधान ने निपुणता से लोकतंत्र के तीन स्तंभों (विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका) को स्थापित किया है और प्रत्येक की एक परिभाषित भूमिका है, धनखड़ ने कहा, ‘‘लोकतंत्र का सबसे अच्छा पोषण तब होता है जब उसके संवैधानिक संस्थान अपने-अपने अधिकार क्षेत्रों का पालन करते हुए समन्वय, तालमेल और एकजुटता से काम करें।’’ उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य के इन अंगों के कामकाज में, क्षेत्र विशिष्टता भारत को समृद्धि और समानता की अभूतपूर्व ऊंचाइयों की ओर ले जाने में इष्टतम योगदान देने का सबसे अच्छा साधन है। कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, राज्यसभा में सदन के नेता जे पी नड्डा, विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे (राज्यसभा) और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू मंच पर मौजूद थे। इस अवसर पर भारत के संविधान को अपनाने की 75वीं वर्षगांठ को समर्पित एक स्मारक सिक्का और डाक टिकट जारी किया गया। साथ ही ‘भारत के संविधान का निर्माण: एक झलक’ और ‘भारत के संविधान का निर्माण और इसकी गौरवशाली यात्रा’ शीर्षक वाली पुस्तकों का विमोचन किया गया। राष्ट्रपति ने संविधान के संस्कृत और मैथिली अनुवादों का अनावरण किया। यह समारोह ‘हमारा संविधान, हमारा स्वाभिमान’ अभियान का हिस्सा है। इसका उद्देश्य संविधान में निहित मूल मूल्यों को दोहराते हुए संविधान के निर्माताओं के योगदान का सम्मान करना है।   recent visitors 64