उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा- प्रदेश में शत-प्रतिशत गर्भवती महिलाओं का पंजीयन सुनिश्चित किया जाए

भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि प्रदेश में शत-प्रतिशत गर्भवती महिलाओं का पंजीयन सुनिश्चित किया जाए और प्रसव पूर्व जांच के माध्यम से हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी की समय पर पहचान हो। उन्होंने निर्देश दिए कि सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित करने के लिए योजनाबद्ध रूप से सभी आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता जरूरी है। जिससे मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में सुधार लाया जा सके। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने मंत्रालय में स्वास्थ्य सेवाओं के सशक्तीकरण के लिये सेवा प्रदाय एवं भर्ती प्रक्रिया की वृहद समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि सरकार प्रदेश में स्वास्थ्य मानकों को बेहतर बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए आधुनिक चिकित्सा अधोसंरचना, अत्याधुनिक उपकरणों और प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों की पर्याप्त उपलब्धता आवश्यक है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस दिशा में अभूतपूर्व प्रयास कर रही है। स्वास्थ्य विभाग में मानव संसाधन की वृद्धि के लिए बड़े पैमाने पर भर्ती चल रही है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी भर्ती प्रक्रियाओं को समयबद्ध रूप से पूरा किया जाए, जिससे चिकित्सा सुविधाओं का लाभ तेजी से आमजन तक पहुंचे। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में विभिन्न श्रेणियों में भर्ती प्रक्रिया प्रगति पर है। चिकित्सकीय श्रेणी में मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा 3,689 पदों पर भर्ती की जा रही है। नर्सिंग श्रेणी में 5,762 पदों पर भर्ती प्रक्रिया प्रक्रियाधीन है। पैरामेडिकल एवं तकनीकी स्टाफ के तहत 454 लैब टेक्नीशियन, 114 रेडियोग्राफर, 21 फिजियोथेरेपिस्ट और 8 काउंसलर के पद कर्मचारी चयन मंडल के माध्यम से भरे जा रहे हैं। इसके अलावा, 1,744 सीधी भर्ती के अविज्ञप्त पदों की पूर्ति के लिए भी मांग पत्र भेजा गया है। संचालक लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा श्री दिनेश श्रीवास्तव, संचालक लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा नर्सिंग एवं पैरामेडिकल श्री मनोज सरियाम सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। recent visitors 49

महाकुंभ में स्नान जारी, सड़क पर उतरें अधिकारी, यातायात व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री योगी ने सख्त निर्देश दिए

महाकुंभ नगर प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ में स्नान जारी है। शुक्रवार को यहां पर यातायात की व्यवस्था को सुचारू ढंग से चलाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इसके लिए अधिकारी भी सड़क पर उतरें। महाकुंभ में शुक्रवार होने के कारण भीड़ बढ़ने लगी है। कल शनिवार और फिर रविवार है। ऐसे में प्रशासन का अंदेशा है कि सप्ताह के आखिरी में एक बार फिर भीड़ बढ़ सकती है। इसको देखते हुए इंतजाम किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी लखनऊ में मीटिंग की। महाकुंभ में यातायात व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त निर्देश दिए हैं। वरिष्ठ अधिकारी स्वयं सड़क पर उतरें। प्रयागराज महाकुंभ नगर, प्रयागराज जनपद, अयोध्या, वाराणसी और आसपास के सभी जिलों में कहीं भी सड़क पर जाम न लगे। हर स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित करें। जहां जाम होगा, वहां के अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी। दरअसल, प्रयागराज में कुंभ जाने वाले श्रद्धालु अयोध्या भी जाना चाहते हैं। इसे लेकर जाम के हालात बन रहे हैं। अमेठी, सुल्तानपुर और अंबेडकर नगर में जाम लग रहा है। कई बाहरी राज्यों की गाड़ियां जाम में फंस रही हैं। उधर, महाकुंभ में सफाई कर्मियों की तरफ से एक साथ घाटों की सफाई का अभियान चलाया जाएगा। महाकुंभ में शुक्रवार को 40.02 लाख लोगों ने स्नान किया है। वहीं, 13 फरवरी से आज तक 49.14 करोड़ लोगों ने स्नान किया है। शुक्रवार को भी कई अतिविशिष्ट लोग त्रिवेणी में स्नान के लिए आएंगे। कुंभ में करोड़ों श्रद्धालुओं के अलावा देश के कई वीवीआईपी ने भी आस्था की डुबकी लगाई है। देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, जितिन प्रसाद समेत कई बड़े सियासी दिग्गज यहां स्नान कर चुके हैं। recent visitors 59

भारत का ई-वेस्ट एक बड़ा आर्थिक अवसर हो सकता है, 6 बिलियन डॉलर की अनुमानित आर्थिक क्षमता का दावा

बेंगलुरु भारत का ई-वेस्ट एक बड़ा आर्थिक अवसर उपलब्ध करा रहा है। मेटल एक्सट्रैक्शन के जरिए रिकवर किए जाने वाले मटीरियल में 6 बिलियन डॉलर की अनुमानित आर्थिक क्षमता का दावा एक रिपोर्ट कर रही है। शुक्रवार को एक रिपोर्ट के हवाले से ये जानकारी दी गई। भारत अब चीन और अमेरिका के बाद दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा ई-वेस्ट उत्पादक है। रेडसीर स्ट्रैटेजी कंसल्टेंट्स की रिपोर्ट में कहा गया है कि देश का ई-वेस्ट वित्त वर्ष 2014 में 2 मिलियन मीट्रिक टन (एमएमटी) से दोगुना होकर वित्त वर्ष 2024 में 3.8 एमएमटी हो गया है, जो शहरीकरण और बढ़ती आय के कारण हुआ है। मुख्य रूप से घरों और व्यवसायों द्वारा उत्पन्न कंज्यूमर सेगमेंट ने वित्त वर्ष 2024 में कुल ई-वेस्ट का लगभग 70 प्रतिशत योगदान दिया। ई-वेस्ट उत्पादन में एक बड़ा ट्रेंड मटीरियल की तीव्रता में बदलाव है। जबकि उपकरण अधिक कॉम्पैक्ट और हल्के होते जा रहे हैं। त्यागे गए सामानों की मात्रा बढ़ रही है, जिससे कुशल रीसाइक्लिंग रणनीतियों की आवश्यकता होती है। रेडसीर स्ट्रैटेजी कंसल्टेंट्स के पार्टनर जसबीर एस. जुनेजा ने कहा, "आने वाले वर्षों में ई-वेस्ट की मात्रा बढ़ने की उम्मीद है। ई-वेस्ट में मेटल का बढ़ता मूल्य भारत के लिए रिकवरी दक्षता बढ़ाने और खुद को सस्टेनेबल मेटल एक्सट्रैक्शन में लीडर के रूप में स्थापित करने का एक बड़ा अवसर प्रस्तुत करता है।" वर्तमान में, भारत में कंज्यूमर ई-वेस्ट का केवल 16 प्रतिशत फॉर्मल रिसाइक्लर द्वारा प्रोसेस किया जाता है। वित्त वर्ष 2035 तक फॉर्मल रिसाइकलिंग सेक्टर में 17 प्रतिशत सीएजीआर वृद्धि के अनुमानों के बावजूद, इसके द्वारा भारत के ई-वेस्ट का केवल 40 प्रतिशत ही हैंडल करने की उम्मीद है। इस सेक्टर को अनौपचारिक प्लेयर्स से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ता है, जो कम अनुपालन लागत और व्यापक संग्रह नेटवर्क का लाभ उठाते हैं। इस बीच, 10-15 प्रतिशत ई-वेस्ट घरों में स्टोर रहता है और 8-10 प्रतिशत लैंडफिल में समाप्त हो जाता है, जिससे रिसाइकलिंग दक्षता कम हो जाती है। एक सस्टेनेबल ई-वेस्ट मैनेजमेंट इकोसिस्टम बनाने के लिए, भारत सरकार ने एक्सटेंडेड प्रोड्यूसर रिस्पॉन्सिबिलिटी (ईपीआर) फ्रेमर्क पेश किया है। ईपीआर तब से उत्पादकों के लिए परिभाषित संग्रह लक्ष्यों के साथ एक अनिवार्य प्रणाली में विकसित हुआ है। हालांकि, कम न्यूनतम ईपीआर शुल्क और अपर्याप्त औपचारिक रीसाइक्लिंग क्षमता के कारण अंतराल बने हुए हैं। फॉर्मल रीसाइक्लिंग नेटवर्क को मजबूत करना मेटल रिकवरी रेट में सुधार और रिटर्न को अधिकतम करने की कुंजी है। इससे भारत की मेटल आयात मांग में 1.7 बिलियन डॉलर तक की कमी आ सकती है, जबकि हाई-वैल्यू रिसाइकल्ड मेटल की निरंतर सप्लाई सुनिश्चित हो सकती है। recent visitors 50

दिल्ली में नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह 19 या 20 फरवरी को हो सकता है, सरकार गठन की प्रक्रिया तेज

नई दिल्ली दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद सरकार गठन की प्रक्रिया तेज हो गई है। सूत्रों के अनुसार, दिल्ली में नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह 19 या 20 फरवरी को हो सकता है। वहीं, विधायक दल की बैठक 17 और 18 फरवरी को आयोजित की जाएगी, जिसमें नई सरकार के गठन से संबंधित महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाएंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज रात अमेरिका से दिल्ली पहुंचेंगे। इसके बाद सरकार बनाने को लेकर एक अहम बैठक होगी। पीएम मोदी के साथ केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा और पार्टी के अन्य शीर्ष नेता भी मौजूद होंगे। इन नेताओं की बैठक में दिल्ली में सरकार गठन के लिए अंतिम रूप से निर्णय लिया जाएगा। इस दौरान दिल्ली का अगला सीएम कौन होगा, यह भी तय हो जाएगा। भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने दिल्ली में सरकार गठन के लिए पहले ही होमवर्क पूरा कर लिया है। पार्टी ने दिल्ली में सरकार गठन के लिए विधायकों के नामों की एक सूची तैयार की है, जिसमें 48 में से 15 विधायकों के नाम को प्राथमिकता दी गई है। इन 15 विधायकों में से 9 नामों को अंतिम रूप से चुना जाएगा, जिसमें मुख्यमंत्री, मंत्री और स्पीकर के नाम तय किए जाएंगे। सूत्रों के मुताबिक, पार्टी अध्यक्ष जे.पी. नड्डा ने स्पष्ट किया है कि मुख्यमंत्री निर्वाचित विधायकों में से होगा और इस बारे में निर्णय विधायक दल की बैठक में लिया जाएगा। नड्डा ने यह भी संकेत दिया कि मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण के बाद पहली कैबिनेट बैठक में कुछ महत्वपूर्ण नीतिगत फैसले लिए जाएंगे। एक अन्य महत्वपूर्ण घोषणा यह है कि दिल्ली में नई भाजपा सरकार में कोई उपमुख्यमंत्री नहीं होगा। बता दें कि 8 फरवरी को दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित किए गए। इस चुनाव में भाजपा ने 42 सीटों पर शानदार जीत हासिल की, तो वहीं, आम आदमी पार्टी महज 22 सीटों पर सिमट गई। इस चुनाव में एक बार फिर कांग्रेस का खाता नहीं खुला। दिल्ली विधानसभा का मौजूदा कार्यकाल 26 फरवरी को समाप्त हो रहा है और नई सरकार को उससे पहले कार्यभार संभालना होगा। recent visitors 67

रायगढ़ में ACB की बड़ी कार्रवाई, वन रेंजर रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

रायगढ़ रिश्वतखोरों के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम लगातार कार्रवाई कर उन्हें रंगे हाथ पकड़ रही है. इसी कड़ी में आज रायगढ़ जिले में ACB ने बड़ी कार्रवाई करते हुए वन विभाग के रेंजर को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है. मिली जानकारी के अनुसार, खरसिया में ACB की टीम ने वन विभाग के रेंजर पी.पी. वस्त्रकार को 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है. आरोपी रेंजर वन भूमि को आबादी घोषित करने के लिए रिश्वत की मांग कर रहा था. खरसिया के ग्राम खड़गांव निवासी बजरंग सिदार ने एसीबी को इसकी शिकायत की थी. शिकायत मिलने के बाद एसीबी टीम ने जाल बिछाया और वन विभाग के कार्यालय में रेंजर को घूस लेते हुए पकड़ा है. फिलहाल, मामले में एसीबी की टीम आरोपी को गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई कर रही है. recent visitors 60

कोयला खदान श्रमिकों को ले जा रहे एक ट्रक में आतंकियों ने बनाया निशाना, किया विस्फोस्ट, 10 लोगों की मौत

इस्लामाबाद अशांत बलूचिस्तान के हरनाई इलाके में शुक्रवार को कोयला खदान श्रमिकों को ले जा रहे एक ट्रक में विस्फोट होने से कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई और छह अन्य घायल हो गए। रिपोर्ट के मुताबिक हरनाई के डिप्टी कमिश्नर हजरत वली काकर के अनुसार, यह विस्फोट हरनाई के शाहराग जिले में कोयला खदान क्षेत्र 'पीएमडीसी 94' में एक इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) से हुआ। बलूचिस्तान सरकार के प्रवक्ता शाहिद रिंद के एक बयान के अनुसार, घटना की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। बयान के मुताबिक सबूत इक्ट्ठा किए जा रहे हैं और शुरुआती जांच से पता चलता है कि विस्फोटक सामग्री सड़क किनारे रखी गई थी। बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री सरफराज बुगती ने घटना की निंदा की और लोगों की मौत पर दुख व्यक्त किया। उन्होंने निर्देश दिया कि घायल श्रमिकों को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधाएं प्रदान की जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा, "निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाने वाले आतंकवादी किसी भी तरह की माफी के हकदार नहीं हैं और बलूचिस्तान की शांति को नुकसान पहुंचाने वाले तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।" बुगती ने कहा कि शांति के दुश्मनों के इरादों को किसी भी हालत में सफल नहीं होने दिया जाएगा। इस घटना में शामिल आतंकवादियों को जल्द ही न्याय के कटघरे में लाया जाएगा। बुगती ने कहा कि बलूचिस्तान सरकार लोगों की जान-माल की सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठा रही है। बलूचिस्तान पाकिस्तान का सबसे बड़ा प्रांत है। इसे भू-आर्थिक और भू-रणनीतिक रूप से बेहद अहम माना जाता है फिर भी यह अशांत रहता है। पिछले दिनों बलूचिस्तान के कलात जिले में स्थित मंगोचर शहर में एक ऑपरेशन के दौरान पाकिस्तान के फ्रंटियर कोर (एफसी) के कम से कम 18 सैनिकों की मौत हो गई। पाकिस्तान के सैन्य अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। पाकिस्तानी सेना की मीडिया शाखा इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) की ओर से जारी एक बयान में कहा गया, "31 जनवरी/1 फरवरी की रात को आतंकवादियों ने बलूचिस्तान के कलात जिले के मनोचर में सड़क ब्लॉक करने की कोशिश की।" बयान के मुताबिक, "सुरक्षा बलों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों को तत्काल सक्रिय किया गया, जिन्होंने सफलतापूर्वक इस नापाक इरादे को नाकाम कर दिया और 12 आतंकवादियों को मार गिराया, जिससे स्थानीय लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हुई।" बयान में कहा गया कि अभियान के दौरान 18 सैनिक भी मारे गए। recent visitors 59

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में हुई जन अभियान परिषद कार्यकारिणी सभा की 15वीं बैठक

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जन-अभियान परिषद से जुड़े स्वयंसेवी संगठन, प्रस्फुटन समितियां और नवांकुर संस्थाएं कृषकों को ऊर्जा में आत्म-निर्भर बनाने के लिए सोलर पंप लगवाने के लिए प्रेरित करें। साथ ही किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से गौपालन को भी प्रोत्साहित किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में दोनों गतिविधियों को अभियान के रूप में संचालित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र कैंसर जैसे घातक रोगों से निरंतर प्रभावित हो रहे हैं। अत: रासायनिक खाद और कीटनाशकों के बल पर ली जा रही उपज के खतरों से किसानों को अवगत करवाना आवश्यक है। परिषद, किसानों को प्राकृतिक और अक्षय कृषि के लिए प्रोत्साहित करें। जन अभियान परिषद इन क्षेत्रों में कार्य कर ऊर्जा, जल और पर्यावरण संरक्षण, बेहतर स्वास्थ्य और कौशल विकास के क्षेत्र में योगदान दे सकती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में म.प्र. जन अभियान परिषद की कार्यकारिणी सभा की 15वीं बैठक मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में संपन्न हुई। बैठक में उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा, जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष श्री मोहन नागर, अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, श्री मोहम्मद सुलेमान सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जल गंगा अभियान को जन-जन का अभियान बनाना जरूरी है। इसमें जन अभियान परिषद महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के साथ मिलकर परिषद ग्राम स्तर तक वातावरण निर्माण में सक्रियता से योगदान दें। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की मंशा के अनुरूप श्रीअन्न की उपज लेने और तिलहन को बढ़ावा देने के लिए किसानों को प्रोत्साहित और प्रेरित करने की आवश्यकता बताई। बैठक में नवांकुर संस्थाओं के प्रशिक्षण, मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास कार्यक्रम तथा विकास गतिविधियों एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण के लिए संचालित गतिविधियों का प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। साथ ही परिषद के अन्य प्रशासनिक और प्रबंधकीय विषयों पर भी विचार-विमर्श हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर जन अभियान परिषद द्वारा महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय के सहयोग से मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास कार्यक्रम के लिए समाज कार्य स्नातक पाठ्यक्रम के अंतर्गत व्यक्तित्व विकास और चरित्र निर्माण पुस्तिका का विमोचन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा जन अभियान परिषद के संभागीय समीक्षा प्रतिवेदन 2024-25 तथा स्वैच्छिक संगठनों का संसार पुस्तिका का भी विमोचन किया। प्रदेश में सर्पदंश से हो रही मृत्यु की रोकथाम और बचाव की दृष्टि से सर्प पकड़ने और प्राथमिक उपचार के लिए होमगार्डस, युवाओं, इच्छुक व्यक्तियों के प्रशिक्षण के लिए सर्प अनुसंधान संगठन उज्जैन के साथ मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में एमओयू पर हस्ताक्षर किये गये। इससे प्रदेश के प्रत्येक थाने में एक प्रशिक्षित व्यक्ति की उपस्थिति सुनिश्चित हो सकेगी।   recent visitors 67