लखनऊ पहुंचे नितिन गडकरी ने किया 1028 करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास

लखनऊ उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में गुरुवार को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी पहुंचे। यहां उन्होंने 1028 करोड़ रुपये के विभिन्न विकास कार्यों के लोकार्पण व शिलान्यास कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अब बीमारू राज्य नहीं रहा। यह देश की अर्थव्यवस्था को गति देने वाले अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत को विश्व गुरू एवं पांच ट्रिलियन डॉलर की इकॉनमी बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें यूपी की भूमिका अहम होगी। उन्होंने कहा कि अगर सड़क, जल, ऊर्जा, परिवहन और संचार की व्यवस्थाएं मजबूत होंगी, तो उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। 1.25 लाख करोड़ रुपये की सड़कों का काम पूरा नितिन गडकरी ने कहा कि यूपी में अब तक 1.25 लाख करोड़ रुपये की सड़कों का काम पूरा हो चुका है। एक लाख करोड़ की परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं। कहा कि कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे का निर्माण देश में पहली बार 'ऑटोमेटेड इंटेलिजेंट मशीन एंड गाइडेड कंस्ट्रक्शन' तकनीक से किया जा रहा है। कहा कि इससे गुणवत्ता बेहतर होगी। 10 वर्षों तक उसमें कोई गड्ढा नहीं होगा। इसके अलावा, पूर्वांचल को औद्योगिक विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए वाराणसी से कोलकाता और गोरखपुर से सिलीगुड़ी तक 75,000 करोड़ रुपये की लागत से सड़कों का निर्माण प्रस्तावित है। किसानों को बनाया जा रहा ऊर्जा और ईंधन दाता केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अमेरिका और यूरोपीय देशों में लॉजिस्टिक लागत 12 फीसदी और चीन में आठ फीसदी है। जबकि, भारत में यह पहले 16 फीसदी थी। मोदी सरकार ने इसे घटाकर नौ फीसदी तक लाने का लक्ष्य रखा है। इससे भारतीय अर्थव्यवस्था को डेढ़ गुना बढ़ावा मिलेगा। करोड़ों युवाओं के लिए रोजगार के अवसर खुलेंगे। उन्होंने बताया कि सरकार बायोफ्यूल, एथेनॉल, इलेक्ट्रिक और सीएनजी वाहनों को बढ़ावा दे रही है। इससे किसानों को न केवल अन्नदाता, बल्कि ऊर्जा और ईंधन दाता भी बनाया जा रहा है।   recent visitors 56

अवधेश प्रसाद ने कहा- 50 करोड़ का आंकड़ा फर्जी..इतने लोग कैसे लगा सकते हैं डुबकी

अयोध्या समाजवादी पार्टी (सपा) के एक और सांसद ने महाकुंभ मेले में श्रद्धालुओं की संख्या को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है। सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने महाकुंभ में 50 करोड़ श्रद्धालुओं के डुबकी लगाने के आंकड़े को फर्जी करार दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा दिए गए आंकड़े असत्य हैं और महाकुंभ में सिर्फ अव्यवस्था ही देखने को मिल रही है। 'यह आंकड़ा बिल्कुल झूठा है..' अवधेश प्रसाद ने कहा कि सरकार दावा कर रही है कि महाकुंभ में 50 करोड़ लोग डुबकी लगा चुके हैं, लेकिन यह आंकड़ा बिल्कुल झूठा है। उनके मुताबिक, इस समय तक महाकुंभ में जो दृश्य देखने को मिल रहे हैं, वह केवल अव्यवस्था और संघर्ष की स्थिति दर्शा रहे हैं। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि वह महाकुंभ में हुए हादसों और भगदड़ के बारे में कोई आंकड़ा क्यों नहीं दे रही, जिसमें कई लोगों की जान भी चली गई थी। सरकार महाकुंभ को लेकर गलत आंकड़े दे रही है, जिसमें कोई सच्चाई नहीं है। बीजेपी का जवाब सपा सांसद के आरोपों का जवाब बीजेपी सांसद भोला सिंह ने तीखा पलटवार करते हुए दिया। भोला सिंह ने कहा कि जैसे ही अवधेश प्रसाद सांसद बने, उन्होंने हिंदू धर्म और सनातन संस्कृति का अपमान करना शुरू कर दिया। उन्होंने यह भी कहा कि यही कारण है कि जनता ने उनके बेटे को मिल्कीपुर में हार दिलाई। भोला सिंह ने आरोप लगाया कि सपा अब बौखला गई है और उपचुनाव में मिली हार के बाद ये आरोप उठा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि सपा को यह समझना चाहिए कि हिंदू समाज का अपमान कर और मुस्लिमों को खुश करके चुनाव नहीं जीते जा सकते। बीजेपी सांसद ने कहा कि चुनावों में अपनी हार को छिपाने के लिए सपा नेता अब महाकुंभ जैसे बड़े धार्मिक आयोजन को विवादों में घसीट रहे हैं। recent visitors 43

नरेश मीणा को हाईकोर्ट से लगा झटका, जमानत याचिका खारिज

टोंक टोंक जिले की देवली-उनियारा विधानसभा सीट पर उपचुनाव के दौरान हुए उपद्रव से जुड़े मामले में निर्दलीय उम्मीदवार नरेश मीणा को हाईकोर्ट से झटका लगा है। राजस्थान हाईकोर्ट ने उनकी जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। हाईकोर्ट के जस्टिस प्रवीर भटनागर की अदालत ने यह आदेश जारी किया। अदालत ने इस मामले में पहले जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा था, जिसे अब खारिज कर दिया गया है। क्या है मामला? चुनाव प्रचार के दौरान निर्दलीय प्रत्याशी नरेश मीणा और एसडीएम के बीच मारपीट हो गई थी, जिसके बाद समरावता क्षेत्र में उपद्रव हुआ। इस घटना को लेकर प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए मीणा को गिरफ्तार कर लिया था। अब हाईकोर्ट से जमानत याचिका खारिज होने के बाद उनकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं। recent visitors 54

महाकुंभ मेले में अब तक 13 बच्चों का जन्म हुआ है, ये सभी बच्चे महाकुंभ मेले के सेंट्रल अस्पतालों में हुए पैदा

प्रयागराज उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ पर्व अपनी शुरुआत के साथ ही सुर्खियों में बना हुआ है। 13 जनवरी से शुरू हुआ महाकुंभ अब तक कई घटनाओं का गवाह बन चुका है। जहां एक ओर महाकुंभ में कई बार आग लगने की घटनाएं हुईं, वहीं मौनी अमावस्या के दिन हुई भगदड़ में करीब 30 श्रद्धालुओं की जान चली गई। इसके अलावा, स्वास्थ्य संबंधित समस्याओं के कारण महाकुंभ में अब तक 54 श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है। महाकुंभ मेले में अब तक 13 बच्चों का हुआ जन्म सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, लेकिन इस बीच एक सुखद खबर भी आई है। महाकुंभ मेले में अब तक 13 बच्चों का जन्म हुआ है। ये सभी बच्चे महाकुंभ मेले के सेंट्रल अस्पतालों में पैदा हुए हैं। महाकुंभ में कुल 13 सेंट्रल अस्पताल बनाए गए हैं, और इनमें से 13 बच्चों का जन्म हुआ है। महाकुंभ के अस्पतालों में प्रसव प्रबंधन को लेकर विशेष ध्यान रखा जा रहा है, ताकि मेले में आने वाली महिलाएं सुरक्षित तरीके से बच्चों को जन्म दे सकें। महाकुंभ के सेंट्रल अस्पतालों में सभी प्रकार की स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हैं। जानिए, क्या कहना है महाकुंभ के सेंट्रल अस्पताल के एक वरिष्ठ डॉक्टर का? महाकुंभ के सेंट्रल अस्पताल के एक वरिष्ठ डॉक्टर ने बताया कि इस महाकुंभ में जहां 13 बच्चों का जन्म हुआ, वहीं 54 श्रद्धालुओं की मौत भी हुई। डॉक्टर के मुताबिक, इनमें से ज्यादातर मौतें सांस की बीमारी के कारण हुईं, क्योंकि कोविड-19 के बाद कई लोगों को यह समस्या हो गई है। महाकुंभ के जैसे भीड़भाड़ वाले स्थानों पर ऑक्सीजन की कमी हो जाती है, और खराब मौसम के कारण बिना रुके चलना जानलेवा साबित हो सकता है। विशेष रूप से, जनवरी के अंत में जब प्रयागराज का तापमान 6 से 8 डिग्री सेल्सियस के बीच था, तब कई श्रद्धालुओं की तबीयत बिगड़ी और उनकी मौत हो गई। recent visitors 55

सही निर्णय लेते हुए सफलता हासिल करने के लिए भगवद् गीता की ये 3 बातें अपने जीवन में उतार लें

जीवन में हर व्यक्ति सफलता का स्वाद चखना चाहता है। जिसके लिए उसे कड़ी मेहनत और निरंतर अभ्यास की जरूरत होती है। लेकिन कई बार ये दोनों ही गुण मौजूद होने के बावजूद व्यक्ति लक्ष्य की राह में आने वाली कठिनाइयों से घबराकर खुद के लिए सही निर्णय नहीं ले पाता है, जिसकी वजह से उसे कई बार निराशा का मुंह तक देखना पड़ता है। अगर आप भी लाइफ में कई बार ऐसी परिस्थिति से होकर गुजर चुके हैं तो आपको भगवद् गीता की ये 3 बातें जरूर याद रखनी चाहिए। ये बातें ना सिर्फ आपका सफलता का रास्ता आसान बनाएंगी बल्कि जीवन में अपने लिए सही निर्णय कैसे लिए जाते हैं, इसका ज्ञान भी देंगी। अच्छा और सही रास्ता हमेशा आसान नहीं होता अर्जुन जब कुरुक्षेत्र के युद्धक्षेत्र में खड़े थे, तो उनका सामना सिर्फ कौरवों की सेना से नहीं था बल्कि उनके सामने भी दो विकल्प मौजूद थे। पहला, विकल्प युद्ध, जो मुश्किल लेकिन सही था और दूसरा युद्ध से पीछे हट जाना, जो सुरक्षित लेकिन गलत था। अधिकांश लोगों की प्रवृत्ति असल जीवन में युद्ध जैसे कठिन निर्णयों का सामना करने से बचने की होती है। लेकिन गीता में कृष्ण कहते हैं कि कर्तव्य के स्थान पर आराम को चुनना बुद्धिमानी नहीं है। जो कठिन है उससे दूर नहीं भागा जा सकता है। व्यक्ति यह जानते हुए भी कि उसके लिए क्या सही है कोई कदम उठाने से झिझकता है क्योंकि यह उसके लिए असुविधा पैदा कर सकता है। उदाहरण के लिए व्यक्ति किसी ऐसी नौकरी या रिश्ते में कई साल तक बना रहता है जो उसे कई समय पहले ही छोड़ देनी चाहिए थी। ऐसी चीजें व्यक्ति को स्थिर बनाए रखती हैं क्योंकि उसके लिए बदलाव कठिन है। लेकिन गीता व्यक्ति को ज्ञान देती है कि सही रास्ता हमेशा आसान नहीं होता और जो आसान है वह हमेशा सही नहीं होता। जीवन के फैसले अपनी भावनाओं को ना करने दें कुरुक्षेत्र में कौरवों से युद्ध से पहले अर्जुन का भावुक होना लाजमी था। वह परिवार के प्रति प्रेम और एक योद्धा के रूप में अपने कर्तव्यों के बीच उलझा हुआ था। शुरूआत में उसने कुरुक्षेत्र के युद्ध को सिर्फ भावनाओं के नजरिए से देखा लेकिन कृष्ण ने उन्हें समझाया कि कभी भी अपनी भावनाओं को अपने निर्णयों पर हावी न होने दें। उन्हें महसूस करें, उन्हें स्वीकार करें, लेकिन कोई भी फैसला उनके आधार पर ना करें। ऐसा इसलिए क्योंकि भावनाएं अस्थायी होती हैं, डर खत्म हो जाता है, उत्साह ठंडा हो जाता है और गुस्सा शांत हो जाता है। यदि आप भावनाओं के आधार पर कोई निर्णय लेते हैं कि आप अभी क्या महसूस कर रहे हैं, तो आपका कोई भी फैसला भविष्य में टिक नहीं पाएगा। ऐसे में कोई भी कार्य करने से पहले थोड़ा रुकें और खुद से पहले यह सवाल करें कि अगर आप इन भावनाओं से दूर होकर किसी काम को करने की सोचते हैं तो उसका परिणाम क्या हो सकता है। गलत चुनाव करने का डर कृष्ण कहते हैं अगर आप कोई भी निर्णय लेने से पहले उसकी पूर्ण निश्चितता की प्रतीक्षा करते हैं, तो आप अपना जीवन प्रतीक्षा में ही बिता देंगे। मैं विफल हो गया तो क्या हुआ?, यदि यह मार्ग सही नहीं हुआ तो क्या होगा? अगर इस काम को करने के बाद मुझे बाद में पछताना पड़ा तो क्या होगा?, ऐसे प्रश्नों को सोचने से बचें। तभी जाकर आप कुछ सीखकर आगे बढ़ते हैं। याद रखें, सही या गलत, कोई भी निर्णय व्यर्थ नहीं जाता। अच्छा फैसला सफलता तो खराब निर्णय आपको सबक देकर जाता है। इस बात का ध्यान रखें कि जब आप गलत मोड़ लेते हैं, तो यात्रा समाप्त नहीं होती है बल्कि मंजिल तक पहुंचने के आपको कई और रास्ते पता चलते हैं। गलत निर्णय लेना गलती नहीं है बल्कि असफलता के डर से कोई निर्णय ही ना लेना गलती है। recent visitors 50

शादी की बात बनते-बनते बिगड़ जाती है तो करें ये काम

हर कोई अपनी पसंद के व्यक्ति से शादी करना चाहता है, जिससे वह पूरा जीवन खुशी से बिता सके, लेकिन हमेशा ऐसा नहीं होता है. ज्योतिष शास्त्र में माना गया है कि जब कुण्डली में ग्रहों की स्थिति अनुकूल नहीं होती तो ऐसे में व्यक्ति को शादी होने में बाधाओं का सामना करना पड़ता है या फिर शादी की बात तय होकर भी टूट जाती है. ऐसी स्थिति से निकलने के लिए ज्योतिष शास्त्र में कुछ उपाय बताए गए है, जिससे विवाह में आ रही सभी बाधाओं को दूर किया जा सकता है. करें ये उपाय कई बार कुंडली में मांगलिक दोष के चलते व्यक्ति को विवाह में बाधाओं का सामना करना पड़ता है. ऐसे में मांगलिक दोष को दूर करने के लिए मंगलवार के दिन व्रत रखकर हनुमान जी की पूजा करनी चाहिए. इसके अलावा हनुमान जी को गेहूं के आटे एवं गुड़ से बने लड्डू का भोग लगाएं और सिंदूर अर्पित करें. अंत में बालकांड का पाठ करें. अगर विवाह में बार-बार बाधा उत्पन्न हो रही हैं, तो रोजाना सुबह स्नान कर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करने के साथ पार्वती चालीसा का पाठ करें. धार्मिक मान्यता के अनुसार ऐसा करने से जल्द विवाह के योग बनते हैं. गंगाजल और तिल का उपाय कई बार कुंडली में शुक्र ग्रह कमजोर होने की वजह से भी विवाह में बाधाएं उत्पन्न होती हैं. ऐसा में शुक्रवार के दिन गंगाजल में काले तिल मिलाकर भगवान शिव का अभिषेक करें. ऐसा करने से कुंडली में शुक्र ग्रह मजबूत होता है. साथ ही अन्य ग्रहों के अशुभ प्रभावों से मुक्ति मिलती है. गुरुवार को करें ये उपाय ज्योतिष शास्त्र में गुरु को विवाह का कारक माना जाता है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, गुरुवार के दिन पीले रंग के वस्त्र धारण करें. साथ ही चने की दाल, हल्दी, केला, केसर का सेवन करना शुभ फलदायी होता है. इसके अलावा गुरुवार के व्रत भी कर सकते हैं. recent visitors 58

भारत के प्रधानमंत्री की अमेरिका यात्रा के दौरान भारत-अमेरिका संयुक्त वक्तव्य, हुए 9 अहम् समझौते

नई दिल्ली/वाशिंगटन अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मुंबई में 26 नवंबर 2008 के आतंकवादी हमले के साजिशकर्ता तहव्वुर राणा के प्रत्यर्पण किये जाने, भारतीय वायु सेना के लिए एफ 35 युद्धक विमान की खरीद का मार्ग प्रशस्त करने तथा भारत को तेल एवं गैस की आपूर्ति के एक समझौते की घोषणा की है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने व्हाइट हाउस में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ चार घंटे तक चली बैठकों के बाद ये घोषणाएं की तथा संकेत दिया कि वह भारत द्वारा खालिस्तानी आतंकवादियों के प्रत्यर्पण की दिशा में कदम उठाने वाले हैं। उन्होंने बंगलादेश के मुद्दे पर प्रधानमंत्री मोदी को समुचित कदम उठाने की भी सलाह दी। व्यापार समझौतों को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति ने साफ किया कि वह किसी को हराना नहीं बल्कि अमेरिका के हितों की रक्षा करने के हक में हैं। मोदी के व्हाइट हाउस पहुंचने पर ट्रंप ने बहुत गर्मजोशी स्वागत करते हुए गले मिले। ट्रंप ने कहा, “हमने आप याद आए, हमने आपको बहुत याद किया। प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत करके मुझे बहुत खुशी हुई। वह लंबे समय से मेरे बहुत अच्छे दोस्त हैं।” दोनों नेताओं के बीच ओवल आफिस में एकांत में मुलाकात हुई और फिर प्रतिनिधिमंडल स्तर की बात हुई। राष्ट्रपति ट्रम्प ने प्रधानमंत्री को एक पुस्तक “हमारी यात्रा एक साथ” उपहार में दी। उन्हें हाउडी मोदी और नमस्ते ट्रम्प कार्यक्रम से संबंधित कई तस्वीरें तथा कई अन्य तस्वीरें दिखाईं। ट्रम्प ने पुस्तक पर हस्ताक्षर के साथ लिखा, “श्रीमान प्रधानमंत्री आप महान हैं।” बाद में मीडिया से बात करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, “मैं व्हाइट हाउस में पीएम मोदी का स्वागत करके रोमांचित हूं। हम यहां और भारत में भी काफी समय बिताते हैं। हमने 5 साल पहले आपके खूबसूरत देश की यात्रा की थी… यह एक अविश्वसनीय समय था। अमेरिका और भारत के बीच एक विशेष संबंध है – दुनिया के सबसे पुराने और सबसे बड़े लोकतंत्र का। ” उन्होंने कहा, “भारत के प्रधानमंत्री मोदी का यहां आना बहुत सम्मान की बात है। वह लंबे समय से मेरे बहुत अच्छे दोस्त हैं। हमारा एक अद्भुत संबंध रहा है और हमने अपने 4 साल की अवधि के दौरान रिश्ते को बनाए रखा… हमने अभी फिर से शुरुआत की है। मुझे लगता है कि हमारे पास बात करने के लिए कुछ बहुत बड़ी चीजें हैं। वे हमारे बहुत सारे तेल और गैस खरीदने जा रहे हैं। हमारे पास दुनिया के किसी भी अन्य देश की तुलना में अधिक तेल और गैस है। उन्हें इसकी आवश्यकता है, और हमारे पास है। हम व्यापार के बारे में बात करने जा रहे हैं। हम कई चीजों के बारे में बात करने जा रहे हैं। ट्रंप ने कहा कि किसी और चीज से ज्यादा, हमारे और हमारे देशों के बीच में महान एकता है, हमारी बहुत अच्छी दोस्ती है। यह बहुत महत्वपूर्ण है कि हम देशों के रूप में एकजुट रहें। हम दोस्त हैं और हम इस तरह से रहेंगे। ट्रंप ने कहा,“… लोगों का कहना है कि पिछले तीन सप्ताह राष्ट्रपति पद की शुरुआत के लिए सबसे अच्छे तीन हफ्तों में से एक थे। ऐसा कभी नहीं हुआ। जब आप देखते हैं कि हम तीन सप्ताह में क्या करने में सक्षम हैं, तो लोग वास्तव में आश्चर्यचकित हैं। यहां तक कि प्रधानमंत्री मोदी ने भी इसका उल्लेख किया। मुझे लगता है कि अन्य देश इसे देख रहे हैं, लेकिन मैं यहां आने के लिए सभी को धन्यवाद देना चाहता हूं। ये (मोदी) एक अद्भुत व्यक्ति है। हम भारत और अमेरिका के लिए कुछ अद्भुत व्यापार सौदे करने जा रहे हैं। उन्होंने कहा, “ आज, प्रधानमंत्री और मैं संबंधों को और मजबूत करने के लिए ढांचे की घोषणा कर रहे हैं।” ट्रंप ने कहा, “मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि मेरे प्रशासन ने 2008 के भयानक मुंबई आतंकवादी हमले के साजिशकर्ताओं में से एक (तहव्वुर राणा) और दुनिया के बहुत बुरे लोगों में से एक के प्रत्यर्पण को मंजूरी दे दी है, जिसका भारत में न्याय का सामना करना है। वह आतंकवादी हमले से संबंध में न्याय का सामना करने के लिए भारत वापस जा रहा है।” ट्रंप ने कहा, “इस साल से हम भारत को सैन्य बिक्री में अरबों डॉलर की वृद्धि करेंगे। हम अंततः भारत को एफ 35, युद्धक विमान प्रदान करने का मार्ग भी प्रशस्त कर रहे हैं।” ट्रंप ने कहा, “प्रधानमंत्री और मैं ऊर्जा पर एक महत्वपूर्ण समझौते पर भी पहुंचे जो अमेरिका को भारत को तेल और प्राकृतिक गैस का अग्रणी आपूर्तिकर्ता बनना सुनिश्चित करेगा। उम्मीद है कि अमेरिका नंबर 1 आपूर्तिकर्ता होगा। अमेरिकी परमाणु उद्योग के लिए अभूतपूर्व विकास की दिशा में, भारत अमेरिकी परमाणु प्रौद्योगिकी का स्वागत करने के लिए कानूनों में भी सुधार कर रहा है, जो भारतीय बाजार में हमारी परमाणु प्रौद्योगिकी की उच्चतम स्तर पर पहुंच सुनिश्चित करेगा। आईएमईसी (भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे) का उल्लेख करते हुए, अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा,“हम इतिहास के सभी में सबसे महान व्यापार मार्गों में से एक बनाने के लिए मिलकर काम करने पर सहमत हुए। यह भारत से इजरायल से इटली और आगे अमेरिका तक चलेगा, हमारे भागीदारों को सड़कों, रेलवे और समुद्र के नीचे के के केबलों के माध्यम से जोड़ेगा। यह एक बड़ा विकास है।” मोदी ने अपने वक्तव्य में कहा, सबसे पहले मैं अपने दोस्त डोनाल्ड ट्रम्प को गर्मजोशी से स्वागत और महान आतिथ्य के लिए धन्यवाद देता हूं। राष्ट्रपति ट्रम्प ने अपने नेतृत्व के माध्यम से भारत और अमेरिका के बीच संबंधों को संजोया है और इसे जीवंत बनाया है। उनके पहले कार्यकाल के दौरान, हमने एक साथ काम किया, वही उत्साह, ऊर्जा और समर्पण, मैंने आज भी अनुभव किया। आज की चर्चा में हमने उनके पहले कार्यकाल के दौरान अपनी उपलब्धियों और गहरे आपसी विश्वास के बारे में बात की और नए लक्ष्यों को प्राप्त करने का संकल्प भी था। भारत और अमेरिका मिलकर एक बेहतर दुनिया को आकार दे सकते हैं। मोदी ने कहा, “मैं आपको व्हाइट हाउस में वापस देखकर खुश हूं मैं आपको भारत के 140 करोड़ लोगों की ओर से बधाई देता हूं… भारत के लोगों ने मुझे तीसरी बार प्रधानमंत्री के रूप में सेवा करने का अवसर दिया… इस कार्यकाल में, मुझे अगले 4 … Read more