मणिपुर में सुरक्षा बलों को मिली कामयाबी, दो जिलों से गिरफ्तार किए गए 9 उग्रवादी, भारी मात्रा हथियार बरामद

 इंफाल मणिपुर में सीएम बीरेन सिंह के इस्तीफे के बाद राष्ट्रपति शासन लागू हो गया है. इसी बीच, सुरक्षाबलों ने  पूर्वी इंफाल और थौबल जिलों से विभिन्न प्रतिबंधित संगठनों के 9 उग्रवादियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी. अधिकारियों ने बताया कि अपहरण और वसूली गतिविधियों में शामिल प्रतिबंधित कांगलेईपाक कम्युनिस्ट पार्टी (नोयोन) के चार सक्रिय सदस्यों को शुक्रवार को थौबल जिले के चिंगडोम्पोक इलाके से गिरफ्तार किया गया. एक अन्य ऑपरेशन में, सुरक्षाबलों ने शुक्रवार को इंफाल पूर्वी जिले के खाबेइसोई इलाके से जबरन वसूली गतिविधि में शामिल केसीपी (पीडब्ल्यूजी) के चार सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया. पुलिस ने  इंफाल पूर्वी जिले के नुंगोई अवांग लीकाई इलाके से यूएनएलएफ (पामबेई) के एक सक्रिय सदस्य को गिरफ्तार किया. उन्होंने कहा, ''गिरफ्तार व्यक्ति इम्फाल शहर और उसके आसपास वसूली गतिविधियों और हथियारों और गोला-बारूद की तस्करी में शामिल था.'' सूबे में लागू हुआ राष्ट्रपति शासन मणिपुर में बीरेन सिंह के सीएम पद से इस्तीफे के बाद अब सूबे में राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया गया है. मणिपुर में मैतेई और कुकी समुदायों के बीच हिंसा के चलते कानून-व्यवस्था की स्थिति गंभीर बनी हुई है. बीते रविवार को बीरेन सिंह ने राज्यपाल अजय कुमार भल्ला से मुलाकात कर मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया था. इसके बाद से ही नए मुख्यमंत्री के नाम पर मुहर लगाने के लिए बीजेपी नेताओं की बैठकों का दौर शुरू हो गया था. मणिपुर प्रभारी संबित पात्रा बीजेपी के दिग्गज नेताओं के साथ मीटिंग कर रहे थे. हालांकि अब सूबे में राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया गया है. संविधान के अनुच्छेद 174(1) के अनुसार राज्य विधानसभाओं को अपनी अंतिम बैठक के छह महीने के भीतर बुलाना अनिवार्य है. मणिपुर में पिछला विधानसभा सत्र 12 अगस्त 2024 को बुलाया किया गया था. लेकिन बीते दिन यानी बुधवार को विधानसभा सत्र बुलाने की समय सीमा खत्म हो गई.     recent visitors 56

महाकुंभ क्षेत्र नो व्हीकल जोन घोषित, 15-16 फरवरी का पास रद्द, आने से पहले जरूर पढ़ें ये खबर

प्रयागराज प्रयागराज में इन दिनों दिव्य और भव्य महाकुंभ मेला चल रहा है. इस हफ्ते शनिवार और रविवार को भारी के भीड़ आने का अनुमान जताया जा रहा है, जिसे देखते हुए मेला प्रशासन ने सभी पास को रद्द कर दिया है. पूरे मेला क्षेत्र को नो व्हीकल जोन घोषित कर दिया है. इसी के साथ-साथ प्रशासन ने प्रयागराज संगम रेलवे स्टेशन बंद करने की भी घोषणा की है. मौनी अमावस्या पर हुई भगदड़ से सीख लेते हुए प्रशासन जरूरी सावधानियां बरत रहा हैं. महाकुंभ मेला प्रशासन ने श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मेला क्षेत्र में जाने के लिए जारी पास को रविवार और शनिवार के लिए रद्द कर दिया है. भारी भीड़ की आशंका के चलते 15 और 16 फरवरी को पूरे महाकुंभ मेला क्षेत्र को नो व्हीकल जोन भी घोषित किया गया है. इस दौरान किसी भी वाहन को प्रवेश की अनुमति नहीं होगी. गाड़ियों को नजदीकी पार्किंग में पार्क करने की अनुमति दी जाएगी, लेकिन मेला क्षेत्र में बनी पार्किंग में गाड़ियां पार्क नहीं होगीं. 16 फरवरी तक संगम स्टेशन बंद इस संदर्भ में मेला प्रशासन ने दिशा निर्देश जारी कर दिया. कुंभ मेले में सुगम व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने यह बड़ा फैसला लिया है. वहीं, रेलवे ने भी भारी भीड़ को देखते हुए संगम स्टेशन 16 फरवरी तक बंद करने का ऐलान किया है. भीड़ को देखते हुए प्रयागराज में रेलवे ने जीआरपी और आरपीएफ के जवानों को अलर्ट मोड पर रहने को कहा है. दरअसल, वीकेंड की वजह से महाकुंभ नगर में शुक्रवार की सुबह से काफी संख्या में लोगों की आवाजाही शुरू हो गई है. पुलिस ने कई जगह पार्किंग स्थल बनाए बता दें कि शनिवार और रविवार को छुट्टी के दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ महाकुंभ में पहुंच रही है, इस वजह से कुंभ में भीड़ और जाम की समस्या उत्पन्न हो जाती है. वहीं दूरदराज़ से आने वाले श्रद्धालु भी अपनी गाड़ियां लेकर महाकुंभ में आना चाहते हैं, जिस वजह से श्रद्धालुओं को परेशानी भी हो रही है, पुलिस ने भीड़ को देखते हुए कई जगह पार्किंग स्थल बनाए हैं. जहां उन गाड़ियों को रोका जाता है और उसके बाद श्रद्धालु पैदल या ई-रिक्शा या शटल बसों से ही महाकुंभ में आकर संगम स्नान कर सकते हैं. भीड़ के चलते संगम के आसपास के इलाके भी जाम हो गए हैं. महाकुंभ के लिए स्पेशल ट्रेन महाकुंभ मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए उत्तर रेलवे 15, 16 और 17 फरवरी को नई दिल्ली और वाराणसी (प्रयागराज के रास्ते) के बीच वंदे भारत स्पेशल ट्रेन नंबर 02252/02251 चलाएगा. उत्तर रेलवे द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि वंदे भारत स्पेशल ट्रेन संख्या 02252 सुबह 5.30 बजे नई दिल्ली से रवाना होगी. वह 12.00 बजे प्रयागराज पहुंचेगी. इसके बाद 14.20 बजे वाराणसी पहुंचेगी. उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी हिमांशु शेखर उपाध्याय ने कहा कि वापसी के लिए ट्रेन नंबर 02251 वाराणसी से 15:15 बजे चलेगी. ये ट्रेन 17.20 बजे प्रयागराज से रवाना होगी और उसी दिन 23.50 बजे नई दिल्ली पहुंचेगी. वीकेंड पर भारी भीड़ पहुंचने का अनुमान महाकुंभ स्नान के लिए संगम स्टेशन पर पहुंची रही भारी भीड़ को देखते हुए स्टेशन को बंद करने का निर्णय लिया है. यह स्टेशन संगम के सबसे नजदीक है. यहां 16 फरवरी तक सभी तरह की एंट्री और एग्जिट पर रोक लगा दी है. बता दें कि माघ पूर्णिमा से पहले उमड़ी भीड़ के चलते 9 फरवरी को ही प्रयागराज संगम रेलवे स्टेशन 14 फरवरी तक के लिए बंद किया गया था, जिसे बढ़कर अब 16 फरवरी तक कर दिया गया है.   recent visitors 56

महाकुंभ में बना एक और रिकॉर्ड, प्रयागराज एयरपोर्ट देश के शीर्ष 20 हवाई अड्डों में शामिल

प्रयागराज: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में इन दिनों एक ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिल रहा है। दरअसल प्रयागराज महाकुंभ मेला 2025 ने इस क्षेत्र की हवाई यात्रा को पूरी तरह से बदल दिया है। 13 जनवरी में शुरू हुआ यह महाकुंभ 26 फरवरी 2024 को शाही स्नान के साथ समाप्त होगा। इसमें श्रद्धालुओं और पर्यटकों की अभूतपूर्व भीड़ उमड़ रही है। इसके चलते प्रयागराज एयरपोर्ट अब भारत के शीर्ष 20 एयरपोर्ट्स में शामिल हो गया है। यह पटना, चंडीगढ़ और गोवा के मोपा जैसे एयरपोर्ट्स से भी आगे निकल गया है। इससे उत्तर प्रदेश के लिए नई संभावनाएं पैदा हुई हैं। मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और प्रयागराज, अयोध्या और वाराणसी को जोड़ने वाले बढ़ते टूरिस्ट सर्किट के साथ, यह क्षेत्र साल भर पर्यटकों को आकर्षित कर सकता है। यह ओलंपिक जैसे बड़े आयोजनों के प्रबंधन के लिए एक अच्छा उदाहरण पेश कर सकता है। पहले प्रयागराज एयरपोर्ट पर यात्रियों की संख्या सामान्य रहती थी। लेकिन अब यहां रोजाना उतने ही यात्री आ-जा रहे हैं, जितने महाकुंभ शुरू होने से पहले पूरे महीने में आते थे। एयरपोर्ट के टर्मिनल और एप्रन क्षेत्र को बढ़ाया गया है। इसके चलते अब रात में भी विमानों का संचालन हो रहा है। जिससे काफी ज्यादा विमान उड़ान भर पा रहे हैं। महाकुंभ से पहले के मुकाबले अब उड़ानों की संख्या चार गुना से भी ज़्यादा हो गई है। हवाई किराए भी आसमान छूने लगे। जब सोशल मीडिया पर लोगों की शिकायतें बढ़ने लगीं तो सरकार ने इस पर ध्यान दिया। सरकार और एयरलाइंस ने मिलकर काम किया। उन्होंने विमानों की संख्या बढ़ाई। ज़्यादा लोगों को ले जाने वाले बड़े विमान लगाए। इसके बाद धीरे-धीरे किराए भी कम होने लगे। एविएशन एनालिटिक्स फर्म सिरियम के आंकड़ों के मुताबिक, प्रयागराज एयरपोर्ट कुछ दिनों में 42 से ज़्यादा विमानों की उड़ान को संभाल सकता है। यह पहले के मुकाबले चार गुना ज़्यादा है। इस बढ़ोत्तरी में स्पाइसजेट सबसे आगे है। एयरपोर्ट से चलने वाली 283 साप्ताहिक उड़ानों में से 116 स्पाइसजेट की हैं। इंडिगो 82 उड़ानों के साथ दूसरे नंबर पर है। एयर इंडिया की भी 32 साप्ताहिक उड़ानें हैं। सरकारी एयरलाइन एलायंस एयर की 28 और अकासा एयर की 25 साप्ताहिक उड़ानें हैं। स्पाइसजेट इस फायदेमंद रूट पर पूरा ध्यान दे रही है। इसका अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि प्रयागराज के लिए स्पाइसजेट की उड़ानें उसकी कुल घरेलू उड़ानों का लगभग 13% हैं। यही नहीं कनेक्टिविटी भी बढ़ी है। प्रयागराज अब 17 अलग-अलग शहरों से जुड़ा है। दिल्ली सबसे आगे है, जहां से 87 साप्ताहिक उड़ानें हैं। मुंबई से 53 और बेंगलुरु से 36 उड़ानें हैं। सिर्फ़ प्रयागराज ही नहीं, बल्कि आस-पास के इलाके भी इस बढ़ी हुई कनेक्टिविटी का फ़ायदा उठा रहे हैं। अयोध्या और वाराणसी की यात्राएं श्रद्धालुओं में लोकप्रिय हो रही हैं। इससे मुख्य सड़कों पर भीड़ बढ़ रही है। उदाहरण के लिए, इस फरवरी में वाराणसी में पिछले साल के मुकाबले 40% ज़्यादा उड़ाने चल रही हैं। भारत के शीर्ष 10 एयरपोर्ट्स एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) के अनुसार, दिल्ली का इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट सबसे ऊपर है। मुंबई का छत्रपति शिवाजी महाराज एयरपोर्ट 20.2% की बढ़ोतरी के साथ दूसरे नंबर पर है। बेंगलुरु के केंपेगौड़ा एयरपोर्ट (BLR) ने 17.6% की वृद्धि दर्ज की है। हैदराबाद और चेन्नई में क्रमशः 19.3% और 14.2% की बढ़ोतरी हुई है। कोलकाता का नेताजी सुभाष चंद्र बोस एयरपोर्ट पूर्वी भारत का सबसे व्यस्त एयरपोर्ट बना हुआ है। अहमदाबाद और कोच्चि ने भी अच्छी प्रगति की है। पुणे में 19% की वृद्धि हुई है। गोवा के डाबोलिम एयरपोर्ट में 17.8% की गिरावट आई है क्योंकि मोपा एयरपोर्ट के शुरू होने से वहां के यात्री अब मोपा जाने लगे हैं। recent visitors 64

गैर कानूनी गतिविधियों में शामिल पाए जाने के बाद 12 देशों ने 131 से ज्यादा पाकिस्तानियों को अलविदा कहा

लाहौर गैर कानूनी गतिविधियों में शामिल पाए जाने के बाद दुनियाभर के 12 देशों ने 100 से ज्यादा पाकिस्तानियों को अलविदा कह दिया है। इन देशों ने कम से कम 131 पाकिस्तानियों को डीपोर्ट कर दिया है। उनपर ड्रग्स तस्करी, अवैध घुसपैठ, और नौकरियों में कानून के उल्लंघन जैसे आरोप थे। गौर करने वाली बात यह है कि इस डिपोर्टेशन में सऊदी अरब और यूएई सबसे आगे थे। सऊदी अरब के इमिग्रेशन सूत्रों के मुताबिक यहां से करीब 74 पकिस्तानियों को उनके देश भेज दिया गया है। उनपर ड्रग ट्रैफिकिंग और नौकरी के नियमों के उल्लंघन के आरोप हैं। सऊदी अरब से मिली जानकारी के मुताबिक उन्होंने नौकरी के लिए एग्रीमेंट का उल्लंघन किया था और बिना नोटिस के ही नौकरी छोड़ दी थी। वहीं यूएई ने भी कई पाकिस्तानियों को डिपोर्ट कर दिया है। उनपर अवैध घुसपैठ, चोरी और ड्रग्स ट्रैफिकिंग के आरोप थे। एक ऐसा भी मामला है जब एक पाकिस्तानी को पहुंचने के बाद एंट्री ही नहीं दी गई और उसे तुरंत डिपोर्ट कर दिया गया। आरोप था कि वह खुदकुशी करने की धमकी दे रहा था। इन दो देशों के अलावा, ओमान, कंबोडिया, बहरीन, अजरबैजान, इराक और मेक्सिको से पाकिस्तानियों को डिपोर्ट किया गया है। इसके अलावा मॉरिटानिया और सेनेगल से भी दो पाकिस्तानियों को डिपोर्ट किया गया। उनपर मानव तस्करी के आरोप थे। पाकिस्तान पहु्ंचने के बाद 16 लोगों को फेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी के हवाले कर दिया गया। वे ट्रैफिकिंग से जुड़े मामलों में आरोपी थे। वहीं 6 को लरकाना, कलात, गुजरांवाला, साहीवाल और रावलपिंडी की पुलिस को सौंप दिया गया। उनके खिलाफ भी जांच शुरू की जाएगी। कराची के एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन अधिकारियों के मुताबिक 86 लोगों को देश छोड़ने से रोका गया है। इनमें 30 उमराह यात्री थे। उनके पास अडवांस होटल बुकिंग नहीं थी इसलिए एयरपोर्ट पर ही रोक लिया गया। इसकेअलावा उनके पास यात्रा के खर्च का ब्यौरा भी नहीं ता। सात ऐसे लोग भी थे जिनके पास साइप्रस, यूके अजरबैजान और किर्गिस्तान का स्टडी वीजा था। उन्हें भी एयरपोर्ट पर ही रोक लिया गया। सऊदी अरब, ओमान, अजरबैजान, मालावी, कॉन्गो, बहरीन, मलेशिया, इंडोनेशिया, दक्षिण अफ्रीका, थाइलैंड, तुर्की और जिम्बॉम्वे के टूरिस्ट वीजा वाले लोगों को भी रोक लिया गया। वहीं कुछ लोग जो कतर, तुर्की और सऊदी अरब में काम करने के लिए ब्लैकलिस्ट थे उन्हें भी बोर्डिंग की अनुमति नहीं दी गई। recent visitors 53

पत्नियों के धार्मिक होने की वजह से पति तलाक की अर्जी लगाई

भोपाल  कुटुंब न्यायालय में कुछ अजीबोगरीब मामले सामने आ रहे हैं। पत्नियों के धार्मिक होने की वजह से पति तलाक की अर्जी लगा रहे हैं। ऐसे तीन मामले पिछले एक महीने में देखे गए हैं। एक मामले में तो बैंक अधिकारी पति ने पत्नी के महाकुंभ जाने पर नाराजगी जताते हुए तलाक मांगा है। काउंसलर ऐसे दंपतियों को समझा-बुझाकर उनके रिश्ते बचाने की कोशिश कर रहे हैं। महाकुंभ जाने पर नाराज हो गया पति महाकुंभ के समय धार्मिकता का माहौल है। लोग दूर-दूर से आ रहे हैं। लेकिन इसी बीच धर्म के कारण कुछ परिवारों में कलह भी हो रही है। भोपाल के कुटुंब न्यायालय में एक बैंक अधिकारी ने अपनी पत्नी के महाकुंभ जाने पर तलाक की अर्जी लगाई है। पति का कहना है कि पत्नी उसकी मनाही के बावजूद अपनी सहेलियों के साथ धार्मिक यात्राओं पर जाती है। पिछले महीने गई थी वृंदावन पति ने बताया कि पत्नी पिछले महीने वृंदावन से लौटी है। तब से सिंदूर-बिंदी की जगह चंदन का टीका लगाने लगी है। अब मना करने पर भी महाकुंभ चली गई। वहां से आकर रुद्राक्ष की माला पहनने लगी है। पति का कहना है कि पत्नी के इस बदले हुए रूप और व्यवहार से उसके दोस्त उसका मजाक उड़ाते हैं। इसलिए वह उसे ऑफिस पार्टी में नहीं ले जा पाता। पत्नी ब्यूटी पार्लर भी नहीं जाती और न ही सजती-संवरती है। एक अन्य मामले में पत्नी करने लगी है टोटका एक और मामले में पति की शिकायत है कि उसकी पत्नी पहले प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करती थी। नौकरी न मिलने पर पूजा-पाठ और टोटके करने लगी। सफलता तो नहीं मिली, लेकिन पूजा-पाठ बढ़ता जा रहा है। अब वह धार्मिक गुरुओं के बताए टोटके करने के लिए घंटों मंदिर में बिताती है। उनके वीडियो घर में भी चलाती है, जिससे पूरा परिवार परेशान है। बढ़ती धार्मिकता की वजह से मांग रहे तलाक इन सभी मामलों में पत्नियों की बढ़ती धार्मिकता को तलाक का आधार बनाया गया है। भोपाल कुटुंब न्यायालय में पिछले एक महीने में ऐसे तीन मामले आ चुके हैं। न्यायालय के काउंसलर इन दंपतियों को समझा-बुझाकर और काउंसलिंग करके उनके विवाह बचाने की कोशिश कर रहे हैं। recent visitors 55

एकता कपूर के सुपरनैच्युलर शो में जहर फैलाएगी ये 21 साल की एक्ट्रेस

मुंबई एकता कपूर के पॉप्युलर शो 'नागिन' के 6 सीजन आ चुके हैं और फैंस लंबे समय से इसके सातवें सीजन का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। हालांकि ये खबर बीच-बीच में आती रही है कि इस बार नागिन के रूप में कौन-सी एक्ट्रेस नजर आएगी। कभी प्रियंका चाहर चौधरी तो कभी अंकिता लोखंडे का नाम सामने आ रहा था। लेकिन अब पर्दा उठ गया है और पता चल गया है कि मौनी रॉय, अदा खान को टक्कर कौन देने वाला है। रिपोर्ट के मुताबिक, एकता कपूर के सुपरनेचुरल थ्रिलर शो 'नागिन 7' में 'उडारियां' और 'बिग बॉस 17' से फेमस हुईं ईशा मालवीय नजर आ सकती हैं। जल्द ही उनको इस रोल के लिए फाइनल किया जा सकता है। प्रोडक्शन से जुड़े एक सूत्र ने पोर्टल को बताया, 'ईशा वास्तव में नागिन के निर्माताओं के साथ बातचीत कर रही हैं और चीजें सकारात्मक दिख रही हैं। जल्द ही उन्हें फाइनल कर दिया जाएगा।' 'नागिन 7' में ईशा मालवीय का नाम कंफर्म? सोर्स के हवाले से दावा किया गया है, 'शो के मेकर्स को ईशा की एक्टिंग स्किल्स पर पूरा भरोसा है. और उनका मानना है कि इससे इस आइकॉनिक रोल में नयापन आएगा। सोर्स ने ये भी कहा है कि ईशा ने अपने पिछले शो में एक्टिंग का लोहा मनवाया है और लगता है कि उनमें नागिन फ्रैंचाइज को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की काबिलियत है।' 10 साल पहले शुरु हुआ था 'नागिन' ईशा मालवीय अगर नागिन बनती हैं तो वह मौनी रॉय, सुरभि ज्योति और निया शर्मा जैसी एक्ट्रेसेस की लिस्ट में शामिल हो जाएंगी, जिन्होंने पिछले सीजन्स में नागिन बनकर सबको एंटरटेन किया है। 10 साल पहले 2015 में शुरु हुए इस शो के पहले सीजन में मौनी रॉय, अदा खान और अर्जुन बिजलानी अहम भूमिका में थे, जो कि सुपरहिट रहा था। वहीं, पॉप्युलैरिली और दर्शकों की डिमांड पर दूसरे सीजन में भी मौनी रॉय को कास्ट किया गया था। recent visitors 56

मानो एक महीने पहले दी गई बैंगलोर के कॉलेज के युवाओं की सलाह बजट सत्र में केंद्र सरकार द्वारा मान ली गई हो

भोपाल बंगलौर के स्केलर स्कूल ऑफ बिजनेस ने दो एमबीए छात्रों ने अपने आलेख के जरिए बचत करने का तरीका बताया है। उन्होनें कर्ज से बचने के लिए टिप्स भी साझा किए हैं। आइए जानें आम आदमी अपने खर्चों के साथ कैसे पैसे बचा सकता है? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के युवाओं को लेकर बेहद गंभीर है। मोदी जानते हैं कि यदि देश की दिशा और दशा में बदलाव लाना है तो उसके लिए देश के युवा को सशक्त बनाना होगा। इसे लेकर वे लगातार अपनी योजनाओं के माध्यम से अपनी कही हर बात को पुख्ता करते नजर आते हैं। मोदी हर भाषण में यह कहते हुए नजर आते हैं की 2047 का विकसित भारत बिना देश के सशक्त और ऊर्जावान युवा के संभव नहीं है। स्वामी विवेकानंद का भी कहना था की युवा ही है जो देश को पूरी तरह बदल सकते हैं।  पीएम मोदी की बात को सच कर रहे यह दो युवा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और स्वामी विवेकानंद के इन कथनों को सच साबित कर रहे हैं कर्नाटक एसएसबी कॉलेज के छात्र यश गोयल और प्रणव बागला। इन दोनों छात्रों ने आज से एक माह पहले कॉलेज के लिए एक आर्टिकल लिखा था जिसके माध्यम से उन्होंने बताने का प्रयास किया था कि आम इंसान इस बढ़ती महंगाई के जमाने में बचत कर सकता है। सरकार को लेकर भी यश और प्रणव में यह कहा था की सरकार को आमजन को इनकम टैक्स (Income Tax) में रियायत देना चाहिए। बजट सत्र (Budget 2025) के दौरान ऐसा लगा मानो इन दोनों युवाओं की बात सरकार तक पहुंच गई हो।  कैसे करें बचत? इसके अलावा इन दोनों छात्रों ने न केवल बचत के तरीकों के बारे में इस आर्टिकल के माध्यम से बताया बल्कि क्या कारण है जिस वजह से आम इंसान पर कर्ज का बोझ पड़ता है इसको लेकर भी जानकारी दी।  क्या है कर्ज के कारण? छात्रों ने इस आर्टिकल के माध्यम से बताया की कैसे वर्तमान में लोग बढ़ती महंगाई के चलते, महंगी पढ़ाई के चलते, महंगी स्वास्थ्य व्यवस्थाओं के चलते कम बचत कर पा रहे हैं, और इसके बाद कैसे उन सभी सुविधाओं को लेने के लिए बैंक लोन, EMI और क्रेडिट कार्ड पर निर्भर हो रहे हैं जिससे अंतत उनकी जेब पर असर पड़ रहा है।  यह सलाह जिससे होगी बचत प्रणव और यश ने इस समस्या का समाधान बताते हुए अपने आर्टिकल में लिखा की आमजन को छोटी बचत की आदत बनाना चाहिए। हर माह विभिन्न योजनाओं में छोटे निवेश करने चाहिए। इसके अलावा यदि लोन लेना पड़े या EMI पर सामान खरीदना ही पड़े तो अलग-अलग कंपनियों या बैंकों की एमी दर चेक कर ही निर्णय लें। इससे न केवल उनका अनावश्यक ब्याज खर्च बचेगा बल्कि भविष्य भी सुरक्षित होगा। जैसा कि हमेशा कहा जाता है वर्तमान की बचत भविष्य की पूंजी होती है।  यश गोयल और प्रवण बागला बंगलौर के स्केलर स्कूल ऑफ बिजनेस में MBA के छात्र हैं recent visitors 37