Wednesday, July 8, 2026 10:09 am

फखर जमन को लेकर खबरें हैं कि वह वनडे फॉर्मेट से रिटायरमेंट लेने की प्लानिंग कर रहे, इन खबरों को झूठा बताते हुए तोड़ी चुप्पी

नई दिल्ली चोट के चलते चैंपियंस ट्रॉफी 2025 से बाहर हुए फखर जमन को लेकर खबरें हैं कि वह वनडे फॉर्मेट से रिटायरमेंट लेने की प्लानिंग कर रहे हैं। हालांकि इन खबरों को झूठा बताते हुए पाकिस्तान के ओपनर ने अपनी चुप्पी तोड़ी है। फखर जमन का चयन चैंपियंस ट्रॉफी के लिए पाकिस्तान के स्क्वॉड में हुआ था। न्यूजीलैंड के खिलाफ ओपनिंग मुकाबले में ही वह फील्डिंग करते समय चोटिल हो गए थे, हालांकि बाद में वह बैटिंग करने जरूर आए मगर वह आगे के मैचों के लिए फिटन हीं थे जिस वजह से उन्हें टूर्नामेंट से ही बाहर होना पड़ा। फखर जमन को पाकिस्तान के स्क्वॉड में इमाम उल हक ने रिप्लेस किया था। ईएसपीएनक्रिकइन्फो के अनुसार फखर जमन ने पीसीबी डिजिटल से बात करते हुए कहा, "मैंने इस बारे में संन्यास की अफवाहों बहुत सुना है और मेरे दोस्तों ने भी मुझे इसके बारे में मैसेज भेजे हैं, लेकिन इसमें कुछ भी सच नहीं है। वनडे फॉर्मेट मेरा पसंदीदा फॉर्मेट है। हां, मेरे थायरॉयड के कारण, मुझे इसमें वापस आने में अधिक समय लग सकता है। लेकिन मैं टी20, वनडे और यहां तक ​​कि टेस्ट भी फिर से खेलना चाहता हूं। जहां तक ​​मेरी वापसी का सवाल है, मैंने डॉक्टर से बात की है और मैं एक महीने के भीतर फिर से क्रिकेट खेलना शुरू कर सकता हूं।" फखर ने पिछले साल जून में अमेरिका और वेस्टइंडीज में हुए 2024 टी20 वर्ल्ड कप के बाद से कोई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट नहीं खेला था, जहां पाकिस्तान ग्रुप स्टेज में ही बाहर हो गया था। उन्होंने आखिरी बार 2023 वनडे वर्ल्ड कप में वनडे खेला था, वहां भी टीम नॉकआउट से पहले बाहर हो गई थी। चैंपियंस ट्रॉफी में भी टीम का रहा खराब प्रदर्शन मोहम्मद रिजवान की अगुवाई में पाकिस्तान क्रिकेट टीम का चैंपियंस ट्रॉफी में भी प्रदर्शन निराशाजनक रहा। ओपनिंग मुकाबले में मेजबान टीम को न्यूजीलैंड के हाथों हार का सामना करना पड़ा, इसके बाद दूसरे मुकाबले में भारत ने उन्हें धूल चटाई। लगातार दो मैच हारते ही पाकिस्तान चैंपियंस ट्रॉफी से बाहर हो गया है। recent visitors 75

सचिन तेंदुलकर ने चैंपियंस ट्रॉफी में इंग्लैंड पर जीत के लिए अफगानिस्तान क्रिकेट टीम की प्रशंसा की

नई दिल्ली क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले पूर्व भारतीय बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने चैंपियंस ट्रॉफी में इंग्लैंड पर आठ रन की शानदार जीत के लिए अफगानिस्तान क्रिकेट टीम की प्रशंसा की। सचिन तेंदुलकर ने ये भी कहा कि अफगानिस्तान की इस जीत को अब उलटफेर नहीं कहा जा सकता। अफगानिस्तान ने वर्ल्ड कप 2023 में भी इंग्लैंड की टीम को मात दी थी। अफगानिस्तान ने बुधवार को लाहौर में पहले बल्लेबाजी करते हुए सलामी बल्लेबाज इब्राहिम जादरान की 146 गेंद में 177 रन की शानदार पारी की बदौलत सात विकेट पर 325 रन बनाए और फिर अजमतुल्लाह उमरजई (58 रन रर पांच विकेट) की धारदार गेंदबाजी से इंग्लैंड को 317 रन पर रोककर सेमीफाइनल में पहुंचने की अपनी उम्मीदों को जीवंत रखा। सचिन तेंदुलकर ने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘अफगानिस्तान का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लगातार आगे बढ़ना प्रेरणादायक रहा है! आप अब उनकी जीत को उलटफेर नहीं कह सकते, उन्होंने इसे अब आदत बना लिया है। इब्राहिम जादरान के शानदार शतक और अजमतुल्लाह उमरजई के बेहतरीन पांच विकेट ने अफगानिस्तान के लिए एक और यादगार जीत सुनिश्चित की। बहुत बढ़िया खेली अफगानिस्तान की टीम!’’ अफगानिस्तान की प्रशंसा करते हुए भारत के पूर्व कोच रवि शास्त्री ने उपमहाद्वीप की परिस्थितियों में अच्छा प्रदर्शन करने में असमर्थता के लिए इंग्लैंड की आलोचना की। शास्त्री ने लिखा, ‘‘अफगानिस्तान। आप लोग कमाल करते हैं। कमाल कर दिया। इंग्लैंड के लिए। उपमहाद्वीप में खेलने को बिना किसी बहाने के गंभीरता से लें। केवल तभी आप एक ऐसी टीम के रूप में पहचाने जाएंगे जो दौरा करने में अच्छी है।’’ विश्व कप 2023 के दौरान अफगानिस्तान के साथ मेंटर (मार्गदर्शक) के रूप में काम करने वाले पूर्व भारतीय क्रिकेटर अजय जडेजा ने भी सोशल मीडिया पर टीम को बधाई दी। जडेजा ने लिखा, ‘‘अफगानिस्तान के प्रशंसक इस जीत के हकदार हैं, क्योंकि वे दुनिया भर में सबसे अधिक जुनूनी और विनम्र क्रिकेट प्रशंसक हैं।’’ पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर ने उम्मीद जताई कि अफगानिस्तान की टीम सेमीफाइनल से आगे जाएगी। इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन ने भी अफगानिस्तान के प्रदर्शन की प्रशंसा करते हुए कहा कि इंग्लैंड की टीम अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाई। वॉन ने लिखा, ‘‘अफगानिस्तान का शानदार प्रदर्शन.. पूरी तरह से जीत के हकदार.. इंग्लैंड ने पिछले कुछ वर्षों से सफेद गेंद से अच्छा क्रिकेट नहीं खेला है.. इन परिस्थितियों में यह परिणाम आश्चर्यजनक नहीं है।’’ अफगानिस्तान की टीम को सेमीफाइनल में प्रवेश करने के लिए अपने अंतिम मैच में ऑस्ट्रेलिया को मात देनी होगी। अगर टीम किसी भी अंतर से उस मैच को जीत जाती है तो आसानी से टॉप 4 में प्रवेश कर जाएगी। अगर अफगानिस्तान की टीम ऑस्ट्रेलिया को हराने में सक्षम नहीं होती है तो फिर टीम का आगे का सफर तय करना असंभव होगा, क्योंकि सिर्फ दो ही पॉइंट अभी अफगानिस्तान के खाते में हैं। पहले मैच में उनको साउथ अफ्रीका से हार मिली थी। recent visitors 46

रायगढ़ : कच्चे माल, उत्पाद और अपशिष्ट परिवहन के दौरान पर्यावरणीय सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने पर प्रशासन ने सख्त कार्रवाई

रायपुर रायगढ़ जिले में कच्चे माल, उत्पाद और अपशिष्ट परिवहन के दौरान पर्यावरणीय सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने पर प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। कलेक्टर कार्तिकेया गोयल के निर्देश पर गठित संयुक्त जांच दल द्वारा बीते सप्ताह की गई निरीक्षण कार्रवाई में 14 उद्योगों पर कुल 10.51 लाख रुपये का पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति शुल्क अधिरोपित किया गया है। क्षेत्रीय पर्यावरण अधिकारी अंकुर साहू ने बताया कि 15 से 21 फरवरी 2025 के दौरान गठित जिला स्तरीय जांच कमेटी ने चंद्रपुर, कोडातराई, हमीरपुर, ढिमरापुर, तमनार, घरघोड़ा और पलगढ़ा सहित विभिन्न क्षेत्रों में कच्चे माल, उत्पाद और अपशिष्ट परिवहन करने वाले वाहनों की सघन जांच की। इस दौरान कई वाहन बिना तारपोलिन कवर के खुले में कच्चा माल परिवहन करते पाए गए, जिससे पर्यावरणीय प्रदूषण फैलने की आशंका बढ़ गई। इसके अलावा, कुछ वाहनों में 5 सेमी. फ्री बोर्ड स्पेस का अभाव था, जिससे सामग्री गिरने का खतरा था। कई वाहनों पर संबंधित नोडल अधिकारी का नाम अंकित नहीं था, जो नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है। recent visitors 45

राजिम कुंभ छत्तीसगढ़ की संस्कृति, परंपरा और सामाजिक समरसता का महापर्व : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ के प्रयागराज कहे जाने वाले राजिम में आयोजित कुंभ कल्प के समापन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि राजिम  कुंभ कल्प आध्यात्मिक चेतना, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राजिम कुंभ कल्प का आयोजन केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति, परंपरा और सामाजिक समरसता का महापर्व है। यहाँ माघ पूर्णिमा से लेकर महाशिवरात्रि तक हजारों श्रद्धालु संगम में पुण्य स्नान करते हैं और संत महात्माओं का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। उन्होंने कहा कि राजिम कुंभ कल्प को भव्यता प्रदान करने के लिए प्रदेश सरकार ने हर संभव प्रयास किए हैं। इस आयोजन से राज्य की धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर को नई पहचान मिल रही है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि  हमारी सरकार ने राजिम कुंभ कल्प की भव्यता को पुनः स्थापित किया है और इसे और भी भव्य स्वरूप देने के लिए संकल्पबद्ध है। मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि वर्ष 2005 में राजिम कुंभ कल्प की शुरुआत हुई थी, जिसे छत्तीसगढ़ की जनता का आशीर्वाद और संतों का सान्निध्य निरंतर मिलता रहा है। उन्होंने उल्लेख किया कि पिछले कुछ वर्षों में इस आयोजन में कुछ बाधाएँ आई थीं, लेकिन छत्तीसगढ़ की जनता ने 2023 में पुनः आशीर्वाद देकर सरकार को सशक्त बनाया, जिससे यह महाकुंभ अपने परंपरागत स्वरूप में लौटा। उन्होंने कहा कि अब 54 एकड़ भूमि में इस मेले का आयोजन किया जा रहा है, जिससे इसकी भव्यता और व्यवस्थाओं में विस्तार हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार इस आयोजन को और अधिक सुसंगठित और भव्य बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। श्रीरामलला दर्शन योजना – श्रद्धालुओं के लिए ऐतिहासिक पहल मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भगवान श्रीराम के ननिहाल में बसे रामभक्तों की श्रद्धा को ध्यान में रखते हुए सरकार ने ‘अयोध्या धाम श्रीरामलला दर्शन योजना’ शुरू की है। इस योजना के अंतर्गत अब तक 20,000 से अधिक श्रद्धालु अयोध्या धाम और काशी विश्वनाथ के दर्शन कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि पाँच सौ वर्षों के संघर्ष के बाद अयोध्या में श्रीरामलला की प्राण प्रतिष्ठा हुई। यह हम सबके लिए गौरव का क्षण है। छत्तीसगढ़ की कृषि समृद्धि – किसानों को सशक्त बना रही सरकार मुख्यमंत्री साय ने कहा  कि छत्तीसगढ़ में कृषि क्षेत्र में निरंतर प्रगति हो रही है। पिछले वर्ष 145 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी की गई थी, जबकि इस वर्ष 149 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान खरीदा गया है। सरकार ने 3100 रुपये प्रति क्विंटल के भाव से 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदने का वादा किया था, जिसे पूरा किया गया है। किसानों को उनकी फसल का अंतर भुगतान एक सप्ताह के भीतर सीधे खातों में जमा कराया गया है। मुख्यमंत्री साय ने बताया कि हाल ही में प्रयागराज महाकुंभ में 144 वर्षों बाद 70 करोड़ श्रद्धालुओं ने स्नान किया, जो भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक शक्ति को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ भी अपने आध्यात्मिक आयोजन को इसी स्तर पर पहुँचाने के लिए निरंतर प्रयास करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा  कि उत्तर प्रदेश सरकार से समन्वय कर छत्तीसगढ़ को प्रयागराज में साढ़े चार एकड़ भूमि प्राप्त हुई, जहाँ छत्तीसगढ़ पवेलियन का निर्माण किया गया। इस पहल के तहत 25,000 से अधिक श्रद्धालुओं को वहाँ भोजन, आवास और आध्यात्मिक सेवाएँ निशुल्क प्रदान की गईं। उन्होंने कहा कि यह प्रयास छत्तीसगढ़ की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। संस्कृति और लोककला को बढ़ावा देने के लिए प्रयास मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राजिम कुंभ कल्प में राष्ट्रीय और आंचलिक कलाकारों की प्रस्तुतियों ने इस आयोजन को और भी भव्य बनाया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राजिम कुंभ कल्प मेला-स्थल को और अधिक सुविधाजनक और व्यवस्थित बनाया जा रहा है। सरकार आने वाले वर्षों में मेला क्षेत्र के विस्तार और बुनियादी ढांचे के विकास पर विशेष ध्यान देगी। उन्होंने कहा कि राजिम कुंभ कल्प हमारी आस्था, संस्कृति और सामाजिक समरसता का पर्व है। यह आयोजन हमें अपनी जड़ों से जोड़ता है और हमारी सनातन संस्कृति को जीवंत बनाए रखता है। इस अवसर पर खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने अपने उद्बोधन में कहा कि राजिम कुंभ हमारी सांस्कृतिक धरोहर है, जिसका संरक्षण और विकास आवश्यक है। वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि हम सभी को इस पावन अवसर पर संकल्प करना चाहिए कि जलस्रोतों और पावन नदियों के प्रति श्रद्धाभाव रखते हुए जलस्रोतों को प्रदूषण से बचाएं। इस अवसर पर कुरूद विधायक अजय चंद्राकर, राजिम विधायक रोहित साहू, बसना विधायक संपत अग्रवाल, अभनपुर विधायक इंद्र कुमार साहू, पूर्व सांसद चंदूलाल साहू, रामप्रताप सिंह, धर्मस्व विभाग के अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, रायपुर आयुक्त महादेव कावरे, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के एमडी विवेक आचार्य, गरियाबंद कलेक्टर दीपक कुमार अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में साधु संत गण एवं श्रद्धालुजन उपस्थित थे। recent visitors 50

अफगानिस्तान-इंग्लैंड ने की रनों की बरसात, मिलकर ठोके 642 रन, 8 रन से मिली हार और बने ये रिकॉर्ड्स

नई दिल्ली चैंपियंस ट्रॉफी 2025 का सबसे बड़ा उलटफेर फैंस को बुधवार, 26 फरवरी की रात देखने को मिला जब अफगानिस्तान ने इंग्लैंड को पटखनी दी। टूर्नामेंट के 8वें मुकाबले को अफगानिस्तान ने ना सिर्फ 8 रनों सी जीता बल्कि इंग्लिश टीम को बाहर का रास्ता भी दिखाया। इस मुकाबले के दौरान कई रिकॉर्ड बने और दोनों टीमों ने मिलकर बल्ले से ऐसी धूम मचाई। अफगानिस्तान ने पहले बैटिंग करते हुए निर्धारित 50 ओवर में 7 विकेट के नुकसान पर 325 रन बोर्ड पर लगाए थे, जिसके जवाब में इंग्लैंड की टीम 8 रन ही पीछे रह गई थी। इंग्लिश टीम 49.5 ओवर में 317 रन पर ही सिमट गई थी। अफगानिस्तान और इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने इस मुकाबले में धूम मचाई। दोनों टीमों ने मिलकर कुल 642 रन बोर्ड पर लगाए और भारत का एक रिकॉर्ड तोड़ा। चैंपियंस ट्रॉफी में भारत और साउथ अफ्रीका ने 2013 चैंपियंस ट्रॉफी में मिलकर 636 रन बनाए थे। बता दें, चैंपियंस ट्रॉफी में एक ही मैच में दोनों टीमों द्वारा बनाया गया हाईएस्ट स्कोर भी इसी संस्करण में बना था जब इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया दोनों ने 350 रन आंकड़ा पार किया था। तब दोनों टीमों ने मिलकर 707 रन बनाए थो जो एक वर्ल्ड रिकॉर्ड है। 707 इंग्लैंड (351/8) वर्सेस ऑस्ट्रेलिया (356/5) लाहौर 2025 643 भारत (321/6) वर्सेस श्रीलंका (322/3) द ओवल 2017 642 अफगानिस्तान (325/7) वर्सेस इंग्लैंड (317) लाहौर 2025 636 भारत (331/7) वर्सेस साउथ अफ्रीका (305) कार्डिफ 2013 चैंपियंस ट्रॉफी की दूसरी सबसे छोटी जीत अफगानिस्तान की 8 रनों की जीत चैंपियंस ट्रॉफी के इतिहास की दूसरी सबसे छोटी जीत है। इस लिस्ट में पहले पायदान पर भारत है। टीम इंडिया 2013 के फाइनल में इंग्लैंड को मात्र 5 रनों से हराया था। 5 रन- भारत बनाम इंग्लैंड एजबेस्टन 2013 8 रन- अफगानिस्तान बनाम इंग्लैंड लाहौर 2025 10 रन- भारत बनाम दक्षिण अफ्रीका कोलंबो आरपीएस 2002 10 रन- वेस्टइंडीज बनाम ऑस्ट्रेलिया मुंबई बीएस 2006 10 रन- इंग्लैंड बनाम न्यूजीलैंड कार्डिफ 2013 recent visitors 50

UNHRC की बैठक में भारत ने पाकिस्तान की खोल दी पोल

जिनेवा भारत ने स्विट्जरलैंड के जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) की बैठक में पाकिस्तान को जमकर फटकार लगाई. पाकिस्तान की ओर से यूएन में एक बार फिर कश्मीर का मुद्दा उठाए जाने पर भारत ने आईना भी दिखाया. संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के 58वें सत्र की सातवीं बैठक में भारत के प्रतिनिधि क्षितिज त्यागी ने कहा कि भारत, पाकिस्तान की ओर से किए गए निराधार और दुर्भावनापूर्ण संदर्भों का जवाब देने के लिए अपने अधिकार का प्रयोग कर रहा है. यह देखना दुखद है कि पाकिस्तान के तथाकथित नेता और प्रतिनिधि कश्मीर को लेकर झूठ धड़ल्ले से फैला रहे हैं. पाकिस्तान अंतर्राष्ट्रीय नियमों का मखौल उड़ा रहा है. जम्मू एवं कश्मीर और लद्दाख हमेशा भारत का अभिन्न और अविभाज्य अंग बना रहेगा. उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में जम्मू कश्मीर में हुई अभूतपूर्व राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक प्रगति अपने आप में बहुत कुछ कहती है. ये सफलताएं सरकार की उस प्रतिबद्धता में लोगों के विश्वास का प्रमाण हैं जो दशकों से पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद से प्रभावित क्षेत्र में हालात सामान्य करने में जुटी है. उन्होंने कहा कि एक ऐसे देश (पाकिस्तान) के रूप में जहां मानवाधिकारों का हनन, अल्पसंख्यकों का उत्पीड़न और लोकतांत्रिक मूल्यों का पतन उसकी नीतियों का हिस्सा है और जो धड़ल्ले से संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिबंधित आतंकवादियों को पनाह देता है, ऐसे में वह किसी को भी उपदेश देने की स्थिति में नहीं है. इसकी बयानबाजी से पाखंड और शासन में अक्षमता की बू आती है. इन्हें भारत पर ध्यान देने के बजाए पाकिस्तान को अपने लोगों पर ध्यान देने की जरूरत है. यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि इस परिषद का समय एक असफल राष्ट्र द्वारा बर्बाद किया जा रहा है जो खुद अस्थिरता से जूझ रहा है. जबकि भारत का ध्यान लोकतंत्र, विकास और अपने लोगों का सम्मान सुनिश्चित करने पर है. ये ऐसे मूल्य हैं, जिनसे पाकिस्तान को कुछ सीखना चाहिए. बता दें कि संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान सरकार के प्रतिनिधि आजम नजीर तरार ने कहा था कि कश्मीर में मानवाधिकारों का उल्लंघन हो रहा है जो संयुक्त राष्ट्र के चार्टर और अंतर्राष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है.   recent visitors 89

यूनियन कार्बाइड कचरा जलाने के मामले में, हाईकोर्ट के निर्देश पर ट्रायल शुरू

भोपाल  पीथमपुर में ही यूका का कचरा जलाया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में दखल देने से इनकार कर दिया है। हाईकोर्ट के फैसले के बाद विशेषज्ञों की निगरानी में यूका का कचरा पीथमपुर में जलाने का फैसला लिया गया था। इसे लेकर विरोध हो रहा था। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट में रोक लगाने की मांग को लेकर याचिका लगाई गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि वह यूनियन कार्बाइड प्लांट में कचरे के निपटान से संबंधित मामले में हस्तक्षेप नहीं करेगा, क्योंकि इस मामले की निगरानी पहले से ही मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय कर रहा है। याचिका खारिज मामले में जस्टिस बी. आर. गवई और ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह ने सुनवाई की है। साथ ही याचिका खारिज हो गई है। इस पूरे मामले को अब एमपी हाईकोर्ट ही देखेगी। हाईकोर्ट के निर्देश के बाद पीथमपुर के इंडस्ट्रियल एरिया में गुरुवार से कचरा को जलाए जाना था। सुप्रीम राहत मिलने के बाद कंपनी अब इस दिशा में आगे बढ़ेगी। दरअसल, यूका कचरा को लेकर स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे उन पर असर पड़ेगा। इसे लेकर स्थानीय लेवल पर विरोध प्रदर्शन भी हुआ था। हालांकि कंपनी और सरकार का कहना था कि इससे कोई नुकसान है। सभी प्रक्रियाओं का पालन किया जा रहा है। एक्सपर्ट की अनुमति के बाद ही यह फैसला लिया गया है। कंपनी ने भी कहा कि हमारे सारे कर्मचारी वहीं रह रहे हैं। उन्हें कोई नुकसान नहीं है। ये है हाईकोर्ट का आदेश मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने भोपाल गैस त्रासदी के जहरीले कचरे के निपटान के लिए ट्रायल रन को मंजूरी दे दी है। इसमें 30 मीट्रिक टन कचरा जलाया जाएगा। यह काम तीन चरणों में होगा। पहले चरण में 135 किलो कचरा प्रति घंटा जलाया जाएगा। दूसरे में 180 किलो और तीसरे में 270 किलो प्रति घंटा कचरा जलाया जाएगा। मुख्य न्यायाधीश सुरेश कुमार कैत और न्यायमूर्ति विवेक जैन की खंडपीठ ने इस मामले की सुनवाई की थी। recent visitors 51