Wednesday, July 8, 2026 8:56 am

अनियंत्रित होकर खाई में गिरा वाहन, 3 की मौत 27 घायल, पिकअप में सवार होकर सगाई में जा रहा था परिवार

Jabalpur Accident जबलपुर (जितेन्द्र श्रीवास्तव) ! मध्य प्रदेश के जबलपुर में आज गुरुवार को दर्दनाक हादसा हो गया. सड़क हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि घटना में दो दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए हैं. मृतकों में महिला समेत तीन बच्चे शामिल हैं. वहीं घायलों में बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं समेत 27 लोगों के घायल होने की खबर है. सभी घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है. पूरी घटना, बरेला थाना क्षेत्र के महगवां इलाके की है. जहां एक पिकअप में सवार होकर सभी लोग सगाई करने मंडला जा रहे थे. इस दौरान वाहन अनियंत्रित होकर 4 फीट नीचे गड्ढे में गिर गया. जिसमें महिला समेत तीन लोगों की मौत हो गई. बताया जा रहा है कि घटना में 27 लोग घायल हैं. हादसे में घायल सभी लोग एक ही परिवार के हैं. पूरा परिवार तिलवारा थाना क्षेत्र के ऐंठाखेड़ा का रहने वाला है. घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पुलिस पहुंच गई. सभी घायलों को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज जबलपुर में भर्ती कराया गया है. जबकि मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पुलिस अग्रिम विधिक कार्रवाई कर रही है. घायलों के परिजन राजकुमार नरेती ने बताया कि ऐंठाखेड़ा से सभी लोग बरेला के चुरईखानी गांव सगाई में जा रहे थे. इसी दौरान गाड़ी की स्टेयरिंग फेल हो गई. वाहन में बच्चे समेत 30 लोग सवार थे. तीन की मौत हो गई है. जिसमें मेरसिंह कुलस्ते, हिरोंदाबाई, धूमकेती रामेश्वर मुरारी की मौत हो गई. recent visitors 165

चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी, इब्राहिम जादरान ने लगाई लंबी छलांग

नई दिल्ली चैंपियंस ट्रॉफी 2025 लीग स्टेज के 12 में से 8 मुकाबले खेले जा चुके हैं और हर मुकाबले के बाद लगातार सबसे ज्यादा रन और सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले खिलाड़ियों की लिस्ट में बदलाव हो रहे हैं। अफगानिस्तान और इंग्लैंड के बीच खेले गए टूर्नामेंट के 8वें मुकाबले के बाद भी इस लिस्ट में कई बदलाव देखे गए। अफगानिस्तान की ओर से इब्राहिम जादरान ने तो इंग्लैंड के लिए जो रूट ने शतक ठोका। इन शतकों के दम पर यह दोनों बल्लेबाज टॉप-5 में अपनी जगह बनाने में कामयाब रहे हैं। बता दें, इस लिस्ट में एक भारतीय भी मौजूद हैं। चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले टॉप-5 बल्लेबाजों की करें तो इस लिस्ट में इंग्लैंड के बैन डेकट 203 रनों के साथ पहले पायदान पर हैं। उनके अलावा अभी तक किसी बल्लेबाज ने 200 रन का आंकड़ा नहीं छूआ है। डकेट का औसत फिलहाल इस टूर्नामेंट में 101.50 का है। वहीं इंग्लैंड के खिलाफ 177 रनों की धुआंधार पारी खेलने वाले इब्राहिम जादरान कुल 194 रनों के साथ लिस्ट में दूसरे पायदान पर पहुंच गए हैं और जो रूट 188 रनों के साथ तीसरे पायदान पर हैं। टॉप-5 में इनके अलावा न्यूजीलैंड के टॉम लैथम और भारत के शुभमन गिल हैं। चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज- प्लेयर           इनिंग    रन    औसत    स्ट्राइक रेट बेन डकेट             2        203    101.5    107.98 जादरान             2      194    97    110.86 जो रूट            2      188    94    99.47 टॉम लैथम    2      173    173    96.11 शुभमन गिल    2      147    147    81.22 बात चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में सबसे ज्यादा विकेट चटकाने वाले गेंदबाजों की करें तो, अफगानिस्तान के अजमतुल्लाह उमरजई ने इंग्लैंड के खिलाफ पंजा खोल बाजी मार ली है। वह अब इस लिस्ट में कुल 6 विकेट के साथ पहले पायदान पर पहुंच गए हैं। टॉप-5 गेंदों में अजमतुल्लाह उमरजई के अलावा दो न्यूजीलैंड के तो दो भारतीय गेंदबाज हैं। चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज- प्लेयर                        इनिंग    विकेट    औसत अजमतुल्लाह उमरजई    2    6    16.17 माइकल ब्रेसवेल           2    5    12.8 विलियम ओ'रूर्के           2    5    19 मोहम्मद शमी                   2    5    19.2 हर्षित राणा                   2    4    15.25 recent visitors 61

मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केंद्रीय मंत्री शेखावत ने विक्रमोत्सव एवं विक्रम व्यापार मेले का किया शुभारंभ

उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने महाशिवरात्रि के महापर्व पर राजाधिराज भगवान महाकाल को दंडवत प्रणाम करते हुए कहा कि उज्जैन के आदर्श नायक सम्राट विक्रमादित्य के सुशासन की तरह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत वर्ष अपने अमृत काल में प्रवेश कर रहा है। भारत की धरती के महानायक और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी वीर दुर्गादास राठौर को भी उन्होंने प्रणाम किया। उन्होंने कहा कि हमारी धरती वीरों की धरती है। उज्जयिनी का हमेशा देश के नायकों में विशिष्ट स्थान रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह बात दशहरा मैदान, उज्जैन में विक्रमोत्सव-2025 के शुभारंभ अवसर पर कही।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य आदर्श व्यवस्था के पर्याय हैं। जब-जब सुशासन, धर्म, न्याय और कर्म की बात होती है, सम्राट विक्रमादित्य को स्मरण किया जाता है। अदम्य वीरता के साथ ही साथ महाराजा विक्रमादित्य अपने श्रेष्ठ शासन-प्रशासन के लिए विख्यात रहे हैं। महाराजा विक्रमादित्य ने अपनी संगठन शक्ति और शौर्य से विदेशी बर्बर आक्रान्ताओं जैसे शक, हूण, कुषाण अक्रांताओं को पराजित कर उनका समूल नाश किया। सम्राट विक्रमादित्य ने भारत वर्ष में विक्रम संवत की शुरूआत की और भारतीय काल गणना को विश्व स्तर पर प्रतिष्ठित किया।   मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम भारतवंशी, विगत 2081 वर्षों से निरंतर विक्रम सम्वत् को अपनाए हुए हैं। सम्राट विक्रमादित्य और उनके नाम से चल रहे विक्रम संवत् की जैसी लोक ख्याति है, वैसी किसी दूसरे राजा या सम्वत्सर की नहीं है। सम्राट विक्रमादित्य की नवरत्न परंपरा आज तक हमारी स्मृतियों में है। कालिदास, वराहमिहिर, शंकु, क्षपणक, अमर सिंह, वररुचि, धनवंतरि, वेताल भट्ट, घटखर्पर जैसे श्रेष्ठ साहित्यकार, वैज्ञानिक और योद्धाओं के सहयोग और परामर्श से उन्होंने भारत की श्रेष्ठतम न्याय प्रणाली की स्थापना की। विक्रमादित्य हमारे लोकसिद्ध, कालसिद्ध जननायक हैं। ऐसे सम्राट जिनका नाम पदनाम बन गया। ऐसे नायक जिनकी गाथा विक्रम चरित्र, कालक-कथा, सिंहासन बत्तीसी, प्रबंध चिंतामणि जैसे ग्रंथों में मिलती है। देश के अनेक स्थानों पर सम्राट विक्रमादित्य ने मंदिरों का निर्माण और पुनर्निर्माण करवाया था।   मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य ने शासन, प्रशासन, न्याय, अध्यात्म और कर्म प्रधानता के जो ऊंचे मापदंड स्थापित किए हैं, हमारे प्रधानमंत्री मोदी भी उसी मार्ग का अनुसरण कर रहे हैं। महाकाल महालोक, काशी विश्वनाथ का कारिडोर, केदारनाथ के साथ 500 वर्षों की प्रतीक्षा के बाद भगवान रामलला का उनके मंदिर में विराजित होना, प्रधानमंत्री मोदी के काल में ही संभव हो सका। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष-2028 में कुम्भ का आयोजन उज्जैन में होना है, हम वृहद स्तर पर सिंहस्थ-2028 की तैयारियों में अभी से जुट गए हैं। सिंहस्थ-2028 की तैयारी में जुटी मध्यप्रदेश सरकार भी दुनिया को प्रयागराज की तरह ही भव्यता और दिव्यता का अनुभव दे पाएं, ये सुनिश्चित करने के लिए हमने टास्क फोर्स का गठन किया है। सिंहस्थ-2028 की कार्य योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2024-25 में 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। हमने संकल्प लिया है कि सिंहस्थ में श्रद्धालु माँ क्षिप्रा के जल से ही स्नान करें। बाबा महाकाल के आशीर्वाद से सेवरखेड़ी-सिलारखेड़ी और कान्ह क्लोज डक्ट परियोजनाओं से यह संकल्प पूरा होने जा रहा है। यह उज्जैन के इतिहास में अविस्मरणीय होगा। सेवरखेड़ी-सिलारखेड़ी परियोजना के अंतर्गत वर्षा ऋतु में क्षिप्रा नदी के जल को सिलारखेड़ी जलाशय में एकत्र किया जाएगा और फिर आवश्यकतानुसार इसे वापस क्षिप्रा नदी में प्रवाहित किया जाएगा। इससे क्षिप्रा नदी निरंतर प्रवाहित होगी। क्षिप्रा शुद्धिकरण का संकल्प पूरा करने के उद्देश्य से कान्ह क्लोज डक्ट परियोजना का कार्य चल रहा है। ये सभी परियोजनाएं क्षिप्रा नदी के जल प्रबंधन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इनसे नदी के जल स्तर को बनाए रखने और उसे प्रदूषण से बचाने में मदद मिलेगी। इन प्रयासों से श्रद्धालु माँ क्षिप्रा में ही आस्था की डुबकी लगाएंगे।   मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ-2028 के लिए तेजी से नई अधोसंरचनाएं विकसित की जा रही हैं। हाल ही मे उज्जैन में अशोक पुल का लोकार्पण किया गया है। 778 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से क्षिप्रा नदी के तट पर 29 किमी लंबे घाटों का निर्माण करवाया जा रहा है। इंदौर और उज्जैन के मध्य मेट्रो रेल भी चलाई जाएगी। बाबा महाकाल की धरती को नमन : केन्द्रीय मंत्री शेखावत केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि पद्मआनंद मणि, महाशिवरात्रि एवं विक्रम महोत्सव के शुभारंभ के अवसर पर बाबा महाकाल के चरणों में नमन। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर समिट-2025 का सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। महाकाल भगवान की उज्जैन की यह धरती ने अनादिकाल से भारत और संस्कृति को नए आयाम दिया है। उन्होंने कहा कि वे इस धरती को नमन करते हुए अभिभूत हैं। जिम्बाब्वे के उप मंत्री को किया सम्मानित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विक्रमोत्सव-2025 में पधारे जिम्बाब्वे के उद्योग एवं कॉमर्स उप मंत्री एम.के. मोदी का सम्मान किया। जिम्बाब्वे के उप मंत्री मोदी ने कहा कि इस धरती पर आकर में धन्य हो गया। यहां मिले प्यार और सम्मान पाकर अभिभूत हूँ। भारत की धरा के संस्कार महान है। विक्रमोत्सव-2025 की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलित कर की गई। इस अवसर पर विक्रम व्यापार मेला का भी शुभारंभ किया गया। शुभारंभ अवसर पर गायक हंसराज रघुवंशी द्वारा भजनों की प्रस्तुति दी गई। हंसराज रघुवंशी एक प्रख्यात भारतीय भजन गायक, लेखक और संगीतकार हैं, जिन्हें विशेष रूप से भगवान शिव के भजनों के लिए जाना जाता है। पद्मसे सम्मानित आनंदन शिवमणि द्वारा भी कार्यक्रम में सांगीतिक प्रस्तुति दी गई। प्रदेश के सभी प्रमुख 51 महाशिवरात्रि मेलों समारोह, सिंहस्थ-2028 की रूपरेखा का लोकार्पण भी किया गया, साथ ही सायंकालीन सांस्कृतिक कार्यक्रम में शिवोsम-अनहद, शिवादल, भोपाल ने भी प्रस्तुति दी। इसी क्रम में विक्रम व्यापार मेला, वस्त्रोद्योग, हाथकरघा उपकरणों की प्रदर्शनी आदि शिल्प अंतर्गत जनजातीय शिल्प, पारम्परिक व्यंजन एवं जनजातीय परंपरागत चिकित्सा शिविर का भी आयोजन हुआ। कार्यक्रम में विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, महापौर मुकेश टटवाल, नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव, संजय अग्रवाल, राजेश कुशवाह, राजेश सोलंकी, राजेंद्र भारती,श्रीराम तिवारी आदि उपस्थित रहे।   recent visitors 48

सड़क मार्ग से परीक्षा सामग्री की सुरक्षित आपूर्ति सिर्फ एक प्रशासनिक सफलता नहीं, बल्कि यह बस्तर में बढ़ती सुरक्षा और शांति की झलक

रायपुर छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति स्थापना और सुरक्षा व्यवस्था की मजबूती का एक और सकारात्मक पहलू देखने को मिला है। जहां पहले नक्सली खतरे के कारण जगरगुंडा जैसे अति संवेदनशील परीक्षा केंद्रों में हेलीकॉप्टर के माध्यम से बोर्ड परीक्षा की गोपनीय सामग्री भेजी जाती थी, वहीं इस बार पहली बार सड़क मार्ग से यह सामग्री सुरक्षित रूप से पहुँचाई गई। सड़क मार्ग से परीक्षा सामग्री की सुरक्षित आपूर्ति सिर्फ एक प्रशासनिक सफलता नहीं, बल्कि यह बस्तर में बढ़ती सुरक्षा और शांति की झलक है। यह सिर्फ परीक्षा सामग्री पहुँचने की बात नहीं, बल्कि बस्तर अंचल में सुरक्षा और विश्वास की एक नई सुबह की दस्तक है।     छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा मार्च के पहले सप्ताह से आयोजित होने वाली बोर्ड परीक्षाओं के लिए 18 परीक्षा केंद्रों में गोपनीय सामग्री भेजी गई। इनमें से 15 केंद्र संवेदनशील और 3 अति संवेदनशील घोषित किए गए थे। बावजूद इसके, प्रशासनिक स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर इतने आत्मविश्वास और नियंत्रण की स्थिति बनी कि पहली बार जगरगुंडा तक सड़क मार्ग से परीक्षा सामग्री भेजी गई। बस्तर के सुदूर इलाकों में वर्षों तक नक्सली गतिविधियाँ बड़ी चुनौती बनी रहीं। लेकिन शासन-प्रशासन और सुरक्षा बलों के सतत प्रयासों से अब हालात तेजी से बदल रहे हैं। पहले जहाँ नक्सली खतरे के चलते जगरगुंडा में हवाई मार्ग से ही आवश्यक सामग्रियाँ भेजनी पड़ती थीं, वहीं अब सड़क मार्ग से सामग्री का सुरक्षित पहुँचाना इस बात का प्रमाण है कि इलाके में कानून व्यवस्था सुदृढ़ हो रही है। पुलिस और प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से सड़कों का विस्तार, सुरक्षा बलों की तैनाती और विकास कार्यों के चलते बस्तर अब नई राह पर आगे बढ़ रहा है। सभी 18 परीक्षा केंद्रों के लिए परीक्षा सामग्री निकटतम पुलिस थानों और चौकियों में सुरक्षित रखी गई है, जिससे परीक्षाओं को सुचारू रूप से संपन्न कराया जा सके। इस वर्ष हाई स्कूल पाकेला और हाई स्कूल तालनार को दो नए परीक्षा केंद्र के रूप में शामिल किया गया है। इस पूरे अभियान के दौरान माध्यमिक शिक्षा मंडल रायपुर से आए अधिकारियों मोहम्मद फिरोज, नारायण नेताम, जिला शिक्षा अधिकारी जी आर मंडावी, समन्वयक केंद्र प्राचार्य पी. अनिल कुमार समेत अन्य प्रशासनिक अधिकारी और केंद्राध्यक्ष उपस्थित रहे। recent visitors 26

इन्वेस्टर्स मीट में हुए बड़े-बड़े दावे, कुछ नतीजा भी निकले, छिंदवाड़ा में बोले कमलनाथ

KAMALNATH COMMENTS ON GIS 2025 छिन्दवाड़ा ! मध्य प्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार ने भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर समिट कराकर पैसों की बारिश कराने का दावा किया है. सरकार ने कहा है कि इससे मध्य प्रदेश की तकदीर और तस्वीर दोनों बदल जाएगी. हालांकि, KAMALNATH COMMENTS ON GIS 2025 ने ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट पर तंज कसा है. छिंदवाड़ा में सवाल उठाते हुए कमलनाथ ने कहा कि यह घोषणाएं धरातल पर उतरें, तो ही कुछ फायदा होगा. निवेश केवल विश्वास से आता है : कमलनाथ चार दिवसीय दौरे पर गुरुवार को छिंदवाड़ा पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने इन्वेस्टर समिट पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा, ” इन्वेस्टर समिट होती है और बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं लेकिन नतीजा कुछ भी नहीं निकलता. यह सब कुछ विश्वास से होता है. विश्वास होगा तो इन्वेस्ट होगा. विश्वास ही नहीं होगा, तो इन्वेस्ट भी नहीं होगा.” उन्होंने हवाई पट्टी पर पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा आगे कहा, ” इन्वेस्टर मीट हो रही है लेकिन इसका कोई नतीजा निकलेगा, ऐसी कोई गारंटी नहीं है. इन्वेस्टर मीट में उद्योगपति सरकार पर विश्वास होने के बाद इन्वेस्ट करते हैं. लेकिन इन्वेस्ट करने के लिए पहले विश्वास का होना जरूरी है विश्वास ही नहीं है तो इन्वेस्टर मीट का नतीजा पॉजिटिव कैसे निकलेगा? गृह मंत्री ने कहा था जमीनी स्तर पर अमल हो गौरतलब है कि इन्वेस्टर समिट का उद्घाटन खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था, जिसमें देश और विदेश के बड़े-बड़े उद्योगपतियों ने हिस्सा लिया था. वहीं दूसरे दिन समापन केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने किया था और उन्होंने कहा था कि मध्य प्रदेश में बेहतर संभावनाएं हैं और उद्योगपतियों ने इच्छा भी जताई है कि जल्द से जल्द जो एमओयू साइन हुए हैं उन्हें धरातल पर अमल में लाना चाहिए. Reas More : https://mysecretnews.com/president-draupadi-murmu-reached-bageshwar-dham/ recent visitors 128

राजिम कुंभ कल्प केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, परंपरा और आध्यात्मिक चेतना का अद्भुत संगम :मुख्यमंत्री साय

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भगवान राजीव लोचन मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की प्रार्थना की। मुख्यमंत्री साय ने त्रिवेणी संगम में स्थित भगवान कुलेश्वरनाथ महादेव का जलाभिषेक कर छत्तीसगढ़ की उन्नति और प्रगति की कामना की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राजिम कुंभ कल्प केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, परंपरा और आध्यात्मिक चेतना का अद्भुत संगम है। महानदी मैया की महाआरती में हुए शामिल राजिम कुंभ कल्प के अंतर्गत आयोजित महानदी मैया की भव्य महाआरती में मुख्यमंत्री साय  मंत्रोच्चार और शंखध्वनि के मध्य विधि-विधान से शामिल हुए। मुख्यमंत्री साय ने महानदी मैया से प्रदेश की खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर खाद्य मंत्री दयालदास बघेल, वन एवं जल संसाधन मंत्री केदार कश्यप, राजिम विधायक रोहित साहू, बसना विधायक संपत अग्रवाल तथा अन्य गणमान्य नागरिक, संत महात्मा और बड़ी संख्या में श्रद्धालुजन उपस्थित थे। recent visitors 42

10वीं बोर्ड की परीक्षा आज से शुरू, 9.53 लाख छात्र होंगे शामिल, नकल रोकने के लिए कड़े इंतजाम, भोपाल में बने हैं 103 एग्जाम सेंटर

भोपाल मध्य प्रदेश में एमपी बोर्ड कक्षा 10वीं की परीक्षा शुरू हो रही है. परीक्षा की शुरुआत हिंदी विषय के पेपर से होगी. परीक्षा तय गाइडलाइन के अनुसार आयोजित की जा रही है. परीक्षा का समय सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक निर्धारित किया गया है. पूरे प्रदेश में 9 लाख 53 हजार छात्र शामिल होंगे. वहीं नकल रोकने के लिए इस बार सख्त नियम भी बनाए गए हैं. वहीं परीक्षा को लेकर एमपी बोर्ड की ओर से जरूरी दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं. एक ही शिफ्ट में होगी एमपी बोर्ड परीक्षा परीक्षाएं एक ही शिफ्ट में आयोजित की जाएंगी. एग्जाम सुबह 09 बजे से लेकर दोपहर 12 बजे तक आयोजित होगा. बता दें कि छात्रों को परीक्षा पुस्तिकाएं सुबह 8:50 बजे दी जाएंगी, जबकि प्रश्नपत्र 8:55 बजे दिए जाएंगे. वहीं स्टूडेंट्स से दोपहर 12 बजे हल किए हुए अंसर सीट ले लिए जाएंगे. 10वीं बोर्ड परीक्षार्थियों के लिए जरूरी गाइडलाइंस छात्रों के लिए परीक्षा केंद्र पर समय पर पहुंचना महत्वपूर्ण है. स्टूडेंट्स परीक्षा शुरू होने से कम से कम 30 मिनट पहले परीक्षा केंद्र पर जरूर पहुंच जाएं. इसके बाद छात्र परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं कर पाएंगे, क्योंकि केंद्र के गेट सुबह 8:45 बजे बंद कर दिए जाएंगे. परीक्षा सेंटर पर जरूर ले जाएं एडमिट कार्ड बोर्ड परीक्षा में शामिल होने वाले छात्र-छात्राओं के लिए एडमिट कार्ड बेहद जरूरी है. बिना प्रवेश पत्र के किसी भी छात्र को परीक्षा सेंटर में प्रवेश नहीं मिलेगा. इसलिए सभी छात्रों को परीक्षा के दिन एडमिट कार्ड साथ लेकर जाना चाहिए. इसके साथ ही छात्रों को स्कूल आईडी कार्ड भी साथ अपने साथ रखना अनिवार्य होगा. इलेक्ट्रॉनिक गैजेट पर रोक छात्र-छात्राएं मोबाइल फोन, स्मार्टवॉच, कैलकुलेटर, ब्लूटूथ डिवाइस या किसी भी इलेक्ट्रॉनिक गैजेट को अपने परीक्षा हॉल में न जाएं. दरअसल, एमपी बोर्ड की ओर से इनकी अनुमति नहीं है. बता दें कि बोर्ड परीक्षा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर सख्त प्रतिबंध रहेगा. नकल रोकने के लिए बनाए गए सख्त नियम इस बार नकल रोकने के लिए सख्त नियम भी बनाए गए हैं. इस बार परीक्षा केंद्रों पर ‘ईमानदारी की पेटी' नामक अनोखी पहल की गई है. मंडल द्वारा जारी निर्देशों के मुताबिक, प्रत्येक परीक्षा केंद्र के बाहर लोहे की एक पेटी रखी जाएगी, जिसमें छात्र अपनी स्वेच्छा से किसी भी प्रकार की नकल सामग्री, जैसे गाइड, चिट आदि डाल सकेंगे. 9.53 लाख विद्यार्थी परीक्षा में होंगे शामिल कक्षा 10वीं में लगभग 9.53 लाख विद्यार्थी परीक्षा में शामिल होंगे. इसके लिए कुल 3,887 परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए हैं.  यह परीक्षा छात्रों के भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण है. 16 लाख से अधिक विद्यार्थी दे रहे परीक्षा इस साल हाईस्कूल (कक्षा 10वीं) परीक्षा में 9 लाख 53 हजार 777 छात्र एवं हायर सेकेंडरी (कक्षा 12वीं) परीक्षा में 7 लाख 6 हजार 475 छात्र शामिल हो रहे हैं। कुल परीक्षार्थियों की संख्या 16 लाख 60 हजार 252 है। बोर्ड परीक्षा के लिए प्रदेशभर में 3,887 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। ईमानदारी की पेटी रखी जाएगी परीक्षा केंद्रों पर इस बार परीक्षा केंद्रों पर 'ईमानदारी की पेटी' नामक अनोखी पहल की गई है। मंडल द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, प्रत्येक परीक्षा केंद्र के बाहर लोहे की एक पेटी रखी जाएगी, जिसमें छात्र अपनी स्वेच्छा से किसी भी प्रकार की नकल सामग्री, जैसे गाइड, चिट आदि डाल सकेंगे। इस पेटी पर स्पष्ट रूप से लिखा होगा कि "यह पेटी स्वेच्छा से नकल सामग्री परीक्षा कक्ष में प्रवेश से पहले जमा करने के उद्देश्य से रखी गई है।" यदि कोई छात्र परीक्षा कक्ष में नकल सामग्री के साथ पकड़ा जाता है, तो उसके खिलाफ परीक्षा अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। recent visitors 48