Wednesday, July 8, 2026 4:37 am

प्रमुख सचिव खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण श्रीमती शमी ने की समीक्षा

भोपाल प्रमुख सचिव खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण श्रीमती रश्मि अरूण शमी ने गुरूवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सागर एवं शहडोल संभाग के कमिश्नर एवं कलेक्टर्स से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि किसानों से अच्छी गुणवत्ता का गेहूं उपार्जित करें। साथ ही उपार्जित गेहूं का भुगतान समय पर करें। गौरतलब है कि खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने गत दिनों गेहूं उपार्जन की समीक्षा के दौरान जिलेवार उपार्जन तैयारियों की समीक्षा के निर्देश दिये थे। श्रीमती शमी ने कहा कि उपार्जन केन्द्रों में किसानों के लिये सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। किसानों को गेहूं उपार्जन के लिये पंजीयन कराने के लिये जागरूक करें। उन्होंने संभागायुक्त और जिलों के कलेक्टर्स से अलग-अलग बात कर गेहूं उपार्जन के लिये की गई तैयारियों की जानकारी ली। अभी तक 3 लाख से अधिक किसान गेहूं उपार्जन के लिये पंजीयन करा चुके हैं। श्रीमती शमी ने बताया कि वेयर हाउस के लंबित भुगतान भी जल्द किये जायेंगे। उन्होंने उचित मूल्य दुकानों से राशन प्राप्त करने वाले हितग्राहियों का ई-केवायसी कराने के निर्देश भी दिये। उन्होंने बताया कि गेहूं उपार्जन के लिये किसान 31 मार्च तक पंजीयन करा सकते हैं। इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में गेहूं का उपार्जन 1 मार्च से 18 अप्रैल तक होगा। शेष संभागों में 17 मार्च से 5 मई तक गेहूं का उपार्जन किया जायेगा। संचालक खाद्य श्री कर्मवीर शर्मा ने कहा कि उपार्जित गेहूं का परिवहन जल्द किया जाये। गेहूं के भंडारण की समुचित व्यवस्था करें। उपार्जन केन्द्रों की माइक्रो प्लानिंग करें। इस बात ध्यान रखें कि उपार्जन केन्द्रों में किसानों को कोई कठिनाई नहीं हो। ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत श्रमिकों का सत्यापन कराएं। उचित मूल्य दुकान के स्टॉक का भौतिक सत्यापन 7 दिन में करा लें। उपार्जन कार्यों की मॉनिटरिंग के लिये संबंधित अधिकारियों की ड्यूटी लगाएं। उपार्जन केन्द्रों में पर्याप्त बारदानों की व्यवस्था करें। एमडी नागरिक आपूर्ति निगम श्री अनुराग वर्मा ने किसानों के रजिस्ट्रेशन पर जोर दिया। उन्होंने धान मिलिंग की समीक्षा की तथा मिलिंग का कार्य समय पर पूरा करने के निर्देश दिये। श्री वर्मा ने परिवहन संबंधी लंबित बिलों को जल्द भेजने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि भुगतान की कार्यवाही शीघ्र की जायेगी। जिला कलेक्टर्स ने गेहूं उपार्जन संबंधी तैयारियों की जानकारी दी।   recent visitors 31

AAP की हार से बढ़ गई ममता की टेंशन, बोली 2026 में बंगाल में खेला होगा और जोरदार होगा

 कोलकाता अगले साल होने वाले पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि 2026 में बंगाल में फिर से खेला होगा और ज़ोरदार होगा. ममता बनर्जी कोलकाता के नेताजी इंडोर स्टेडियम में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रही थीं. दरअसल 2021 में हुए पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव (Assembly Election) के दौरान ममता बनर्जी ने ही 'खेला होबे' का नारा दिया था. उसके बाद से ही ये नारा देशभर में चर्चित हो गया था. बीजेपी (BJP) के आक्रामक कैंपेन के बावजूद ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी (TMC) ने पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में बड़ी जीत हासिल की थी. बीजेपी पर निशाना टीएमसी के चुनावी प्रबंधन का काम देख रही आईपैक कंपनी का जिक्र करते हुए ममता बनर्जी ने कहा, 'यह प्रशांत किशोर की आईपैक नहीं है, उनकी नई पार्टी है. आप सभी को आईपैक को समझना होगा और सहयोग करना होगा, वे नई टीम हैं. भाजपा के पास 50 एजेंसियां ​​हैं, हम एक रख सकते हैं.' ममता बनर्जी ने कहा, 'भाजपा ने एक कंपनी भेजी है जिसमें प्रतिभाशाली लोग हैं. वे डेटा ऑपरेटर के पास जा रहे हैं. पश्चिम बंगाल की मतदाता सूची में हरियाणा, राजस्थान के लोगों के नाम डाल रहे हैं. यह ऑनलाइन किया जा रहा है. भाजपा नहीं चाहती कि बंगाल में उसकी संस्कृति बरकरार रहे.' ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग को चेतावनी देते हुए कहा कि हम महाराष्ट्र नहीं हैं, हम चुनाव आयोग के सामने धरना दे सकते हैं. चुनाव आयोग पर हमला करते हुए उन्होंने कहा, 'इसी तरह उन्होंने महाराष्ट्र और दिल्ली को हराया, लेकिन हमने उनकी चाल पकड़ ली है. अगर मैं 26 दिनों तक धरने पर बैठ सकती हूं, तो मैं चुनाव आयोग के सामने भी धरने पर बैठ सकती हूं ताकि उसकी विश्वनीयता वापस पहले जैसी हो जाए.'. भाजपा पर हमला, संगठन में बदलाव के संकेत टीएमसी का यह सम्मेलन ऐसे समय हो रहा है जब भाजपा केंद्रीय एजेंसियों के जरिए तृणमूल को घेरने की कोशिश कर रही है। हालांकि, टीएमसी का दावा है कि जनता का भरोसा अब भी पार्टी के साथ है। सूत्रों के मुताबिक, ममता बनर्जी पार्टी संगठन को पुनर्गठित करने का संदेश दे सकती हैं। लंबे समय से पार्टी के अंदर कॉर्पोरेट मानसिकता के खिलाफ नाराजगी रही है, जिसे दूर करने के लिए ममता बनर्जी चुनावी रणनीति के लिए बाहरी एजेंसियों पर कम और पार्टी कार्यकर्ताओं पर अधिक भरोसा करना चाहती हैं। जनसंपर्क अभियान पर रहेगा जोर पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि टीएमसी नेतृत्व का मुख्य फोकस जमीनी कार्यकर्ताओं को अधिक प्रभावी बनाना होगा। ममता बनर्जी पहले ही इस बात पर जोर दे चुकी हैं कि राज्य सरकार की योजनाओं और सेवाओं का लाभ सही तरीके से जनता तक पहुंचे। राज्यभर में डिजिटल प्रसारण की व्यवस्था सम्मेलन में जिलों से आए नेताओं की मौजूदगी रहेगी, जबकि जो नेता सभा में शामिल नहीं हो पाएंगे, उनके लिए पूरी बैठक ऑनलाइन प्रसारित की जाएगी। पार्टी चाहती है कि ममता बनर्जी और महासचिव अभिषेक बनर्जी का संदेश जमीनी स्तर तक पहुंचे। टीएमसी का मिशन 2026 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले तृणमूल एक बार फिर अपनी रणनीति को धार देने में जुट गई है। यह सम्मेलन पार्टी के लिए आगामी चुनावों की दिशा तय करने वाला अहम पड़ाव साबित हो सकता है। recent visitors 54

मोहन सिंह बिष्ट बने दिल्ली विधानसभा के डिप्टी स्पीकर, आतिशी को मिली नेता प्रतिपक्ष की मान्यता

नई दिल्ली दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने आतिशी को विपक्षी दल के नेता के रूप में मान्यता प्रदान की है। यह निर्णय विधानसभा सदस्य आतिशी, जो सदन में सरकार के विपक्ष में सर्वाधिक सदस्यों वाले दल की नेता हैं, को दिल्ली विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष के रूप में मान्यता देने के लिए लिया गया। इस संदर्भ में विधानसभा अध्यक्ष ने 2001 के 'विधानसभा नेता प्रतिपक्ष (वेतन एवं भत्ते) अधिनियम, 2001' की धारा-2 के तहत आतिशी को तत्काल प्रभाव से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली विधानसभा में विपक्ष के नेता के रूप में मान्यता दी। दिल्ली विधानसभा चुनाव-2025 में आम आदमी पार्टी (आप) को भारतीय जनता पार्टी से कड़ी शिकस्त मिली। इस हार के बाद आतिशी मुख्यमंत्री पद से हट गईं, लेकिन उनकी सैलरी और भत्तों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। दिल्ली में मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष को समान वेतन और सुविधाएं मिलती हैं। इसका मतलब यह है कि भले ही अब आतिशी मार्लेना की मुख्यमंत्री की कुर्सी छिन गई हो, उनकी सैलरी, भत्तों और सुविधाओं में किसी तरह की कोई कटौती नहीं होगी। अरविंद केजरीवाल के इस्तीफे के बाद आतिशी को दिल्ली का मुख्यमंत्री बनाया गया था। हालांकि, यह पहले से ही तय था कि विधानसभा चुनाव के बाद उन्हें यह कुर्सी छोड़नी होगी। चुनाव हारने के बाद आम आदमी पार्टी को विपक्ष में बैठना पड़ा और पार्टी ने आतिशी को नेता प्रतिपक्ष बना दिया। इसी वजह से उन्हें मुख्यमंत्री के समान वेतन और अन्य भत्ते मिलते रहेंगे। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल, पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया समेत तमाम दिग्गज नेताओं के हारने के बाद विधानसभा पहुंची आतिशी ही वह नेता थीं, जिसे आम आदमी पार्टी ने सर्वसम्मति से अपने दल का नेता चुना था।  दिल्ली की मुस्तफाबाद विधानसभा सीट से विधायक मोहन सिंह बिष्ट को डिप्टी स्पीकर चुना गया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मोहन सिंह बिष्ट को डिप्टी स्पीकर बनाने का प्रस्ताव रखा था। मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने प्रस्ताव को समर्थन दिया था। वहीं, दिल्ली विधानसभा में वरिष्ठ नेता विजेंद्र गुप्ता स्पीकर हैं। करावल नगर से कई बार विधायक रह चुके हैं मोहन सिंह बिष्ट दिल्ली की सियासत में अनुभवी नेता माने जाते हैं। वह करावल नगर विधानसभा सीट से कई बार विधायक रह चुके हैं। हालांकि, इस बार वो मुस्तफाबाद सीट से चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे। उन्होंने आम आदमी पार्टी (AAP) के आदिल अहमद खान को 17 हजार से अधिक वोट से शिकस्त दी थी। करावल नगर से कपिल मिश्रा को टिकट मिला करावल नगर सीट से मोहन सिंह बिष्ट ने पहली बार 1998 में चुनाव जीता था और 2015 तक इस सीट से विधायक रहे। 2015 के चुनाव में उन्हें कपिल मिश्रा के हाथों शिकस्त मिली थी। तब कपिल मिश्रा 'आप' के टिकट पर चुनाव लड़े थे। बाद में वो बीजेपी में शामिल हो गए। इसके बाद मोहन बिष्ट ने एक बार फिर 2020 में करावल नगर सीट से जीत दर्ज की, जबकि 2025 के चुनाव में उन्हें मुस्तफाबाद से टिकट मिला और यहां से चुनाव जीते। बीजेपी ने इस बार कपिल मिश्रा को करावल नगर से उम्मीदवार बनाया। उन्होंने यहां बड़े अंतर से जीत दर्ज की और रेखा गुप्ता की सरकार में मंत्री बने। दिल्ली विधानसभा चुनाव में बीजेपी की बड़ी जीत बता दें कि 2025 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 70 में से 48 सीटों पर जीत दर्ज की है, जबकि आम आदमी पार्टी (आप) को 22 सीटें मिलीं। राष्ट्रीय राजधानी की सत्ता में बीजेपी 27 सालों के बाद वापसी की है। recent visitors 57

मीडिया और सिनेमा की समाज में महत्वपूर्ण भूमिका : राज्यमंत्री गौर

भोपाल मीडिया और सिनेमा की समाज में महत्वपूर्ण भूमिका है। फिल्में समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने की क्षमता रखती है। हमारी फिल्में केवल कथा और कहानी नहीं होतीं, इनमें राष्ट्र और समाज को सशक्त करने का संदेश भी होता है। आज के डिजिटल युग में मीडिया और सिनेमा की जिम्मेदारी और अधिक बढ़ गई है। पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर सेज विश्वविद्यालय के सभागार में सतपुड़ा चलचित्र समिति के ग्वालियर शार्ट फिल्म फेस्टिवल के पोस्टर विमोचन समारोह को संबोधित कर रही थी। राज्य मंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि ग्वालियर शार्ट फिल्म फेस्टिवल में युवा भाग लेगें और अपनी रचानात्मक और सृजनात्मक क्षमता से नवाचार करेंगे। उन्होंने कहा कि हमें युवा पीढ़ी पर गर्व है। युवा वर्ग देश में सकारात्मक परिवर्तन लाने की क्षमता रखता है। उन्होंने कहा कि युवाओं की समाज और देश के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका है। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि फिल्मों के माध्यम से सामाजिक मूल्यों, परम्पराओं और संस्कृति को संरक्षित करने के साथ ही समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण कार्य किया जा सकता है। सतपुड़ा चलचित्र समिति इस दिशा में बहुत अच्छा कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि भारतीय सिनेमा ने हमारे राष्ट्रवाद, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक विविधता को सशक्त किया है। उन्होंने कहा कि सिनेमा को समाज से जोड़ने का माध्यम बनाने की दिशा में समिति का प्रयास सराहनीय है। मंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि आज के युग में कुछ डिजिटल प्लेटफार्म पर असामाजिक व्यक्ति परिवारिक मूल्यों को नष्ट करने का दुष्प्रयास कर रहे है। ऐसे समय में सतपुड़ा चलचित्र समिति जैसी संस्थाओं की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। उन्होंने कहा कि ग्वालियर शार्ट फिल्म फेस्टिवल केवल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि एक विचारधारा का विस्तार है। यह नवोदित फिल्मकारों के लिये एक मंच है। इस फेस्टिवल के माध्यम से हम ऐसे सिनेमा को प्रोत्साहित करेगें जो भारतीय मूल्यों को संरक्षित रखते हुए समाज के समक्ष सार्थक विषय प्रस्तुत कर रहे हैं। ग्वालियर शार्ट फिल्म फेस्टिवल के पोस्टर विमोचन समारोह के प्रारंभ में सतपुडा़ चलचित्र समिति और विश्व संवाद केन्द्र मध्यप्रदेश के अध्यक्ष श्री लाजपत आहूआ ने कार्यक्रम के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के अंत में सेज विश्वविद्यालय के कुलाधिसचिव श्री नीरज उपमन्यु ने अध्यक्षयीय उद्बोधन दिया। उन्होंने अतिथियों का आभार भी व्यक्त किया। कार्यक्रय में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित थे।   recent visitors 60

पीड़ित लड़कियों ने अपने पिता के खिलाफ बलात्कार की नालासोपारा थाने में शिकायत दर्ज कराई, पुलिस ने किया अरेस्ट

नालासोपारा महाराष्ट्र में पुलिस ने एक व्यक्ति को अपनी तीन बेटियों के साथ बलात्कार करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। घटना का खुलासा तब हुआ जब पीड़ित लड़कियों ने नालासोपारा थाने में शिकायत दर्ज कराई। रिश्ते को कलंकित करने वाली इस घटना से शहर में आक्रोश फैल गया। आरोपी पिता पर रंगदारी, फायरिंग और हत्या जैसे गंभीर अपराधों के भी आरोप हैं। नालासोपारा पुलिस ने लड़कियों के बयान दर्ज कर आरोपी के खिलाफ केस दर्ज किया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पीड़ित लड़कियां बहनें हैं। वे मूल रूप से कोंकण के एक क्षेत्र में रहती हैं। लड़कियों का 56 वर्षीय पिता एक कुख्यात अपराधी है। उसकी चार बेटियां हैं। वह कोंकण में अपने गांव में रहने के दौरान इन लड़कियों के साथ जबरन बलात्कार करता था। पुलिस ने बताया कि इनमें से एक लड़की का चार बार गर्भपात भी कराया गया था। आखिरकार पिता की प्रताड़ना से तंग आकर मां अपनी बेटियों को लेकर नालासोपारा में अपने एक रिश्तेदार के यहां रहने चली गई। तीनों बेटियों में सबसे बड़ी बेटी 21 साल की है और बाकी दो नाबालिग हैं। उन्होंने हिम्मत करके पिता के अत्याचार के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाने का फैसला किया। इस संबंध में सबसे बड़ी बेटी ने शिकायत दर्ज कराई है। लड़कियों ने पुलिस को बताया कि वे अपने पिता के डर से अब तक चुप थीं। लड़कियों की शिकायत के आधार पर नालासोपारा पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बलात्कार और पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज किया। आरोपी आदतन अपराधी है और उसके खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। नालासोपारा पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक विशाल वलवी ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। जोन 3 के पुलिस उपायुक्त जयंत बजबले ने बताया कि अब तक की जांच में पता चला है कि उसने तीन लड़कियों का यौन शोषण किया है। ज्ञात हो कि अभी कुछ दिन पहले ही विरार में एक व्यक्ति ने तीन नाबालिग लड़कियों के साथ बलात्कार किया था। इनमें से एक लड़की 17 साल की थी और बाकी दो 13 साल की थीं। इस घटना से शहर में हड़कंप मच गया था। recent visitors 37

मंत्री सारंग ने की जीआईएस में सहकारिता विभाग की फॉलो-अप समीक्षा

भोपाल सहकारिता मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने सहकारिता विभाग में निवेश विंग की स्थापना के लिये अधिकारियों को निर्देश दिये। उन्होंने विंध्याचल भवन स्थित सहकारिता विभाग में सहकारिता संबंधी निवेशकों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिये एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने को कहा। साथ ही उन्होंने एक कमेटी गठित करने के भी निर्देश दिये, जो आये प्रस्तावों पर विचार-विमर्श के बाद हायर लेवल पर प्रस्तुत करेगी। मंत्री श्री सारंग मंत्रालय में जीआईएस के बाद वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा कर रहे थे। हितग्राहियों को परस्पर लाभ देने के लिये सीपीपीपी मॉडल मंत्री श्री सारंग ने कहा कि विभाग के को-ऑपरेटिव पब्लिक प्रायवेट पार्टनरशिप (सीपीपीपी) मॉडल का उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों के हितग्राहियों को परस्पर लाभ प्रदान करने के साथ ही प्रदेश के दूसरे और तीसरे दर्जे के क्षेत्रों के विकास को तिगुनी गति प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि इसीलिये निवेशकों का विशेष ख्याल रखा जाये। सिंगल विण्डो सिस्टम से किसी भी प्रकार की समस्या का निराकरण हो। बैठक में बताया गया कि मध्यप्रदेश में सहकारिता क्षेत्र में को-ऑपरेटिव पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (सीपीपीपी) मॉडल के अंतर्गत कुल अनुमानित 2305 करोड़ रुपये के 19 एमओयू हुए हैं। इनमें प्रमुख रिलायंस द्वारा 1000 करोड़ और वैधनाथ ग्रुप द्वारा निवेश का प्रस्ताव प्राप्त हुआ है। मैजेस्टिक बासमती राइस प्राइवेट लिमिटेड रायसेन द्वारा 1000 करोड़ रुपये, आरएम ग्रुप द्वारा 100 करोड़ रुपये, मशरूम वर्ल्ड भोपाल द्वारा 100 करोड़ रुपये, वी विन लिमिटेड भोपाल द्वारा 40 करोड़ रुपये, न्यूट्रेलिस कृषि उत्पादक सहकारी समिति नोएडा यूपी द्वारा 30 करोड़ रुपये, एग्रीविस्टा एआई प्राइवेट लिमिटेड द्वारा 25 करोड़ रुपये और सवीर बॉयो टेक लिमिटेड नोएडा यूपी द्वारा 10 करोड़ रुपये के प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। साथ ही प्रतिभा सिंटेक्स इंदौर, पतंजलि, भारतीय बीज सहकारी समिति, न्यूट्रेलिस कृषि उत्पादक सहकारी समिति नोएडा आदि ने भी मध्यप्रदेश में निवेश में रुचि जाहिर की है। बैठक में अपर मुख्य सचिव श्री अशोक बर्णवाल, प्रबंध संचालक मार्कफेड श्री आलोक कुमार सिंह, सहकारिता आयुक्त श्री मनोज पुष्प, अपेक्स बैंक के प्रभारी प्रबंध संचालक श्री मनोज कुमार गुप्ता, राज्य सहकारी संघ के प्रबंध संचालक श्री ऋतुराज रंजन, बीज संघ के प्रबंध संचालक श्री महेन्द्र दीक्षित सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।   recent visitors 26

हम सभी लोगों को योगी का दिल से धन्यवाद करना चाहिए कि उन्होंने इस तरह का आयोजन करवाया: एकनाथ शिंदे

मुंबई महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने गुरुवार को महाकुंभ नहीं जाने वाले नेताओं पर निशाना साधा। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि ये लोग खुद को हिंदुत्ववादी कहते हैं, लेकिन कुंभ नहाने नहीं गए। 65 करोड़ से ज्यादा लोगों ने कुंभ में स्नान किया। लेकिन, ये लोग कुंभ नहीं गए। यह काफी हैरान करने वाली बात है। उन्होंने महाकुंभ के आयोजन को अद्भुत बताया। कहा कि 144 बाद इस तरह का आयोजन हुआ, जो अपने आप में हम सभी लोगों के लिए हर्ष की बात है, जो कोई भी वहां जाता है, उसका जन्म लेना सार्थक हो जाता है। उन्होंने कहा कि हम सभी लोगों को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का दिल से धन्यवाद करना चाहिए कि उन्होंने इस तरह का आयोजन करवाया। इसके साथ ही हमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद करना चाहिए, क्योंकि उनके मार्गदर्शन में पूरा आयोजन बहुत अच्‍छे से संपन्न हुआ। उन्हीं के प्रयासों की वजह से लोगों को महाकुंभ में स्नान करने का मौका मिला। उन्होंने कहा कि कुंभ के सफल आयोजन के लिए हमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का धन्यवाद करना चाहिए। उनके मार्गदर्शन में सुरक्षा के मोर्चे पर सराहनीय काम किया गया। सुरक्षा व्यवस्था के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति पैदा ना हो, इसका विशेष ध्यान रखा गया। कुंभ के दौरान इस बात का विशेष ध्यान रखा गया कि क‍िसी को किसी भी प्रकार की कोई दिक्कत न हो। इस दिशा में प्रशासन मुस्तैद रहा। श्रद्धालुओं की जरूरतों का विशेष ध्यान रखा गया। प्रशासन ने इस दिशा में सराहनीय पहल की। उन्होंने राजनीतिक प्रतिद्वंदियों पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग इस बार कुंभ नहीं गए, हमें उनसे पूछना चाहिए कि आखिर आप क्यों नहीं गए। recent visitors 48