Wednesday, July 8, 2026 5:41 am

अगर किसी व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं हुई है, तब भी वह अग्रिम जमानत के लिए अदालत जा सकता है: सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा कि अग्रिम जमानत का प्रावधान जीएसटी और कस्टम कानूनों पर भी लागू होता है। यानी, अगर किसी व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं हुई है, तब भी वह अग्रिम जमानत के लिए अदालत जा सकता है। मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना, न्यायमूर्ति एमएम सुंदरश और न्यायमूर्ति बेला एम त्रिवेदी की पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत ने पिछले साल 16 मई को इस मामले में अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया था। फैसला सुनाते हुए, सीजेआई संजीव खन्ना ने कहा कि अग्रिम जमानत से जुड़े दंड प्रक्रिया संहिता और नए कानून 'भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता' के प्रावधान, जीएसटी और कस्टम कानूनों पर भी लागू होंगे। इस फैसले के अनुसार, अगर किसी व्यक्ति को जीएसटी या कस्टम कानून के तहत गिरफ्तारी का डर है, तो वह अग्रिम जमानत के लिए आवेदन कर सकता है, भले ही एफआईआर दर्ज न हुई हो।  इस मामले में विस्तृत फैसला आना अभी बाकी है। यह याचिका 2018 में राधिका अग्रवाल नाम की महिला तरफ से दायर की गई थी। recent visitors 48

आरडीएसएस की तर्ज पर स्मार्ट मीटर कार्यक्रम में भी केन्द्र से मिले 60 प्रतिशत अनुदान: ऊर्जा मंत्री

जयपुर ऊर्जा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री हीरालाल नागर ने केन्द्र  सरकार से स्मार्ट मीटर कार्यक्रम को आरडीएसएस योजना की तर्ज पर 60 अनुपात 40 के  आधार पर संचालित करने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि इससे बिजली वितरण कंपनियों को अपने घाटे को कम करने में मदद मिलेगी। उन्होंने प्रदेश की पीक डिमांड को पूरा करने के लिए बैटरी एनर्जी स्टोरेज परियोजनाओं को बढ़ावा देने में भी केन्द्र से समुचित सहयोग का आग्रह किया है। श्री नागर गुरूवार को विद्युत भवन से वीडियो काँफ्रें​स के माध्यम से 'वॉयबिलिटी ऑफ डिस्ट्रीब्यूशन यूटिलिटीज' विषय पर मंत्री समूह की बैठक को संबोधित कर रहे थे। केन्द्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा राज्यमंत्री श्रीपाद येसो नायक की अध्यक्षता में मुम्बई के सहयाद्री विश्रांतिगृह में हुई ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स की इस दूसरी बैठक में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री श्री देवेन्द्र फडनवीस सहित उत्तर प्रदेश, आन्ध्र प्रदेश, तमिलनाडु, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र आदि राज्यों के ऊर्जा मंत्री तथा वरिष्ठ अधिकारी सम्मिलित हुए। राजस्थान से ऊर्जा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री आलोक तथा डिस्कॉम्स चेयरमैन सुश्री आरती डोगरा भी वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से बैठक से जुड़े। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि हमारी सरकार थर्मल आधारित महंगी बिजली के वैकल्पिक, सस्ते एवं सुलभ स्रोत के रूप में सौर ऊर्जा आधारित परियोजनाओं को बढ़ावा दे रही है। पीएम-कुसुम योजना के तहत राज्य में 12 हजार मेगावाट से अधिक क्षमता की परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं जिसके अन्तर्गत 4 हजार 355 मेगावाट क्षमता के पावर परचेज एग्रीमेंट किए जा चुके हैं। एनर्जी ट्रांजिशन को गति देने के लिए हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल जैसे नवाचार पर भी काम चल रहा है। पीएम सूर्यघर योजना में 136 मेगावाट के रूफ टॉप संयंत्र लगाए जा चुके हैं। इन प्रयासों से प्रदेश में विकेन्द्रित सौर ऊर्जा उत्पादन उत्पादन में बीते एक वर्ष में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। चेयरमैन डिस्कॉम्स सुश्री आरती डोगरा ने सस्ती एवं सुलभ विकेन्द्रित सौर ऊर्जा पर कृषि क्षेत्र की मांग को शिफ्ट करने, बिजली खरीद की दरों में कमी, परिचालन लागत को कम कर एटी एंड सी हानियों को कम करने की दिशा में किए जा रहे सुधार एवं नवाचारों पर आधारित प्रस्तुतीकरण दिया। recent visitors 45

निष्क्रिय सहकारी समितियों को सक्रिय करें – जयपुर जिला कलक्टर

जयपुर जिला स्तर पर सहकारी आंदोलन को बढ़ावा देने एवं व आमजन में इसकी भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला सहकारी विकास समिति की बैठक जिला कलक्टर व प्रशासक डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी की अध्यक्षता में गुरुवार को केन्द्रीय सहकारी बैंक, जयपुर के सभागार में हुई। जिला कलक्टर ने अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष-2025, जिला— जयपुर के कैलेंडर, अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष के लोगो और पोस्टर का विमोचन भी किया। इस दौरान जिला कलक्टर ने जिले की सभी निष्क्रिय सहकारी समितियों को सक्रिय करने के निर्देश देते हुए अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष-2025 कैलेंडर में अंकित कार्यक्रम को समयबद्ध रूप से आयोजित करने के निर्देश प्रदान किये। समिति द्वारा इफको, कृभको, शिक्षा विभाग एवं राजविका को समिति के सदस्य के रूप में बैठक में आमंत्रित करने का प्रस्ताव पारित किया। इस दौरान जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रतिभा वर्मा, उप रजिस्ट्रार सहकारी समितियां जयपुर शहर हरप्रीत कौर, उप रजिस्ट्रार सहकारी समितियां जयपुर ग्रामीण उदयदीप सिंह राठौड़ सहित अन्य हितधारक उपस्थित थे। recent visitors 33

मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने दंगवाड़ा में की बोरेश्वर महादेव की पूजा-अर्चना

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सपत्नीक चंबल नदी तट पर स्थित अति प्राचीन श्री बोरेश्वर महादेव मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना कर अभिषेक किया। उन्होंने प्रदेशवासियों की सुख समृद्धि व मंगल की कामना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन की ग्राम पंचायत दंगवाड़ा स्थित 4000 हजार वर्ष से अधिक प्राचीन बोरेश्वर मंदिर में पूजा-अर्चना की। पूजन एवं जलाभिषेक पंडित श्री जगदीश शर्मा, श्री नमन शर्मा ने विधि विधान से संपन्न कराया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मन्दिर परिसर मे उपस्थित जन समूह को संबोधित किया और जिला पंचायत सीईओ श्रीमति जयति सिंह को सभी मांगो को पूर्ण करने के लिये आवश्यक कार्रवाई सुनिशित करने के निर्देश दिया।   recent visitors 22

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राम दर्शन के नवीन प्रकल्प का किया लोकार्पण

भोपाल केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि प्रखर राष्ट्रवादी विचारक भारत रत्न नानाजी देशमुख अजातशत्रु थे। उन्होंने लोकतंत्र की रक्षा के लिए आपातकाल की अवधि में कई कष्ट सहे और महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए तत्कालीन परिस्थतियों में राष्ट्रहित में जो कार्य किया उस वजह से उन्हें राष्ट्र ऋषि की उपाधि दी गई। वे वास्तविक अर्थों में राष्ट्रसेवी थे। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने नानाजी देशमुख को भारत रत्न देकर उनके जीवन और कार्यों का सच्चा सम्मान किया। केंद्रीय गृह मंत्री श्री शाह गुरूवार को सतना जिले के चित्रकूट में भारत रत्न नानाजी देशमुख की पुण्यतिथि के अवसर पर श्रद्धांजलि समारोह को संबोधित कर रहे थे। यह समारोह नानाजी देशमुख की 15वीं पुण्यतिथि के अवसर पर पंडित दीनदयाल उपाध्याय शोध संस्थान में आयोजित किया गया। इस अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री श्री शाह और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नवीनीकृत राम दर्शन और पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा का रिमोट का बटन दबाकर लोकार्पण किया। इस अवसर पर केन्द्रीय गृह मंत्री श्री शाह ने मूर्तिकारों का सम्मान भी किया। नानाजी के श्रद्धांजलि समारोह के अवसर पर विशाल भंडारे का आयोजन भी किया गया। नानाजी की 15वीं पुण्यतिथि के अवसर पर उनकी कर्मस्थली रही चित्रकूट में तीन विशेष कार्यक्रम एक साथ आयोजित किए गए। इनमें नानाजी का श्रद्धांजलि समारोह, पंडित दीनदयाल जी की प्रतिमा और राम दर्शन का लोकार्पण शामिल है। केंद्रीय गृह मंत्री श्री शाह ने भगवान कामता नाथ को प्रणाम कर नानाजी के महान व्यक्तित्व को याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की। केन्द्रीय मंत्री श्री शाह ने कहा कि नानाजी का जन्म महाराष्ट्र में हुआ, वे संघ से जुड़े और उत्तर प्रदेश को अपना कार्यक्षेत्र बनाया। नानाजी ने जनसंघ को खंड-प्रखंड स्तर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई थी। गृह मंत्री श्री शाह ने कहा कि राजनीति में रहते हुए भी नानाजी अजातशत्रु थे। इस क्षेत्र में उनका कोई विरोधी नहीं था। एक राजनेता के जीवन में ऐसा अत्यंत दुर्लभ दिखाई देता है। केंद्रीय गृह मंत्री श्री शाह ने कहा कि नानाजी ने राजनीति के इतर समाज सेवा सहित कई क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य किए। नानाजी ने अपने जीवन में संकल्प लेते हुए एकात्म मानववाद को धरातल पर उतारने का निर्णय लिया। वे समाज से बुराई को दूर करते रहे, लेकिन कभी किसी बुराई को स्वयं तक नहीं आने दिया। उनके आदर्श एक सदी तक राजनीतिज्ञों के लिए आदर्श बनकर रहेंगे। केन्द्रीय मंत्री श्री शाह ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय और नानाजी देशमुख लगभग एक ही काल खंड में जन्मे थे। भारत के विकास को पं. दीनदयाल उपाध्याय ने अंतिम पंक्ति के व्यक्ति के कल्याण से जोड़कर देखा था। एकात्म मानववाद का विचार कैसे जमीन पर उतरेगा एक समय में लोग इसे असंभव समझते थे, लेकिन नानाजी ने चित्रकूट से ग्रामोदय के उत्थान के विचार के साथ अंत्योदय की नींव रखी। केंद्रीय गृह मंत्री श्री शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में आज तक देश के 60 करोड़ परिवारों को अपना पक्का मकान, स्वच्छ पेयजल, रसोई गैस और मुफ्त इलाज समेत जैसी अनेक सुविधाएं मिल रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के विचार के संदर्भ में श्री शाह ने कहा कि मध्यप्रदेश में गांव-गांव को गोकुल बनाने का कार्य हो रहा है। उन्होंने कहा कि भारतीयता के साथ-साथ हमारी कृषि, शिक्षा और वसुधैव कुटुंबकम को कैसे विश्व में स्थापित किया जाए, नानाजी के विचारों के अनुकूल इन कार्यों को साकार किया गया है। उन्होंने कहा कि देश का विकास कितना भी हो जाए लेकिन विरासत को साथ लेकर चलना चाहिए। केंद्रीय गृह मंत्री श्री शाह ने कहा कि नानाजी कुशल संगठनकर्ता थे। जब देश में आपातकाल लगा तो बड़े पैमाने पर लोग लोकतंत्र को बचाना चाहते थे। इसी कालखंड में कई आंदोलन हुए और जनसंघ का उदय हुआ। नानाजी देशमुख ने राष्ट्र प्रथम की भावना को प्राथमिकता देते हुए दलों का विलय भी करवाया। केंद्रीय गृह मंत्री श्री शाह ने कहा कि भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम ने नानाजी देशमुख को राष्ट्र ऋषि की उपाधि दी थी। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने नानाजी देशमुख को भारत रत्न देने का कार्य किया। नानाजी ने 60 वर्ष की आयु में सक्रिय राजनीति से स्वयं को दूर कर आदर्श प्रस्तुत किया। केंद्रीय गृह मंत्री श्री शाह ने कहा कि देशभर में सरस्वती शिशु मंदिर की स्थापना के लिए नानाजी के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। इसी तरह पं. दीनदयाल उपाध्याय ने राष्ट्र, समाज और व्यक्ति के विकास का एक पूर्ण दर्शन दिया। नानाजी देशमुख के साथ ही पं. दीनदयाल उपाध्याय और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का लगाया राष्ट्र सेवा के भाव का पौधा आज विशाल वट वृक्ष बन चुका है। नानाजी ने ग्राम स्वावलंबन की कल्पना की, वे प्रेरणा पुंज थे – मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चित्रकूट स्थित पं. दीनदयाल उपाध्याय शोध संस्थान में केंद्रीय गृहमंत्री श्री शाह समेत यहां उपस्थित सभी अतिथियों का आभार माना। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह सुखद संयोग रहा है कि उनकी नानाजी से भेंट हुई थी। नानाजी का होना हम सबके लिए एक प्रेरणा पुंज के समान था। जब पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी भाई देसाई ने उन्हें अपने मंत्रिमंडल में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया तो नानाजी ने बड़ी विनम्रता से मना कर दिया था। नानाजी ने गांवों में स्वावलंबन की कल्पना की थी।  recent visitors 31

श्रद्धलुओं ने बदली रामलला की दिनचर्या, 19 घंटे तक दे रहे हैं दर्शन; भोग और आरती का समय भी घटा

अयोध्या महाकुंभ शुरू होने के बाद अयोध्या में आ रही अप्रत्याशित भीड़ ने बालक राम की दिनचर्या बदल दी। मकर संक्राति से महाशिवरात्रि तक सवा करोड़ लोगों ने दर्शन किए।  महाकुंभ शुरू होने के बाद रिकॉर्ड संख्या में लोग अयोध्या पहुंच रहे हैं। इस बीच इतनी भीड़ आ जाएगी इसकी कल्पना मंदिर ट्रस्ट ने भी नहीं की थी।  पिछले एक माह से आ रही अप्रत्याशित भीड़ ने रामलला की दिनचर्या बदल दी है। मकर संक्रांति से महाशिवरात्रि तक रामलला के दरबार में सवा करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने हाजिरी लगाई है। अधिक से अधिक श्रद्धालु रामलला के दर्शन कर सकें इसलिए मंदिर सुबह पांच बजे से रात 12 बजे तक खोला जा रहा है। रामलला प्रतिदिन 19 घंटे भक्तों को दर्शन दे रहे हैं। रामलला के दरबार में रोजाना साढ़े तीन से चार लाख श्रद्धालु हाजिरी लगा रहे हैं। ट्रस्ट की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार मकर संक्रांति 14 जनवरी से 26 फरवरी महाशिवरात्रि तक रामलला के दरबार में 1.26 करोड़ श्रद्धालुओं ने दर्शन-पूजन किया है। राम मंदिर में निरंतर उमड़ रही भीड़ ने रामलला की पूरी दिनचर्या को प्रभावित कर रखा है। पुजारियों का कहना है कि रामलला की आरती, राग-भोग के दौरान भी मंदिर बंद नहीं हो पा रहा है। बताया गया कि इस समय रामलला को सुबह चार बजे ही जगाया जाता है। इसके बाद उनकी मंगला व श्रृंगार आरती होती है। सुबह पांच बजे से मंदिर दर्शन के लिए खोल दिया जाता है। श्रद्धालुओं में दर्शन की ललक इस कदर है कि रात दो बजे से दर्शनपथ पर श्रद्धालु जुटने लगते हैं। दोपहर की आरती के दौरान भी दर्शन चलता रहता है। केवल पांच से 10 मिनट के पर्दा लगाकर रामलला को भोग अर्पित किया जाता है। इस दौरान श्रद्धालु मंदिर में कतारबद्ध रहते हैं।   18 से 19 घंटे खुल रहा है मंदिर  पहले दोपहर भोग आरती के लिए मंदिर एक घंटे के लिए बंद किया जाता था। यही स्थिति संध्या आरती के दौरान भी रहती है। राममंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय भी श्रद्धालुओं की भीड़ को अप्रत्याशित बताते हैं। उनका कहना है कि रामलला को ठीक से विश्राम नहीं मिल पा रहा है, मंदिर 18 से 19 घंटे खोलना पड़ रहा है, यह स्थिति व्यवहारिक नहीं है। महाशिवरात्रि पर शिवमय हुई राम की नगरी सर्वार्थ सिद्धि व त्रिग्रही योग के दुर्लभ संयोग में महाशिवरात्रि पर रामनगरी ब्रह्ममुहूर्त से ही बमबम करने लगी। घाट से लेकर मठ-मंदिरों तक हर-हर महादेव की गूंज… शिवालयों में पूजन सामग्री से सजी थाली लेकर कतारबद्ध भक्त और श्रद्धालुओं से पटी अयोध्या। बुधवार को रामनगरी में यह दृश्य आस्था का चरम प्रदर्शित कर रहा था। रामधुन में लीन रहने वाली अयोध्या पूरी तरह से शिवमय नजर आई। प्रशासन के मुताबिक करीब पांच लाख भक्तों ने जलाभिषेक, पूजन किया। महाशिवरात्रि पर ब्रह्म मुहूर्त से शुरू हुई शिवालयों सहित अन्य मंदिरों में दर्शन-पूजन का सिलसिला दिन भर चलता रहा।  अधिकतर ने भोले के मंदिर पर दस्तक देने से पूर्व सरयू में स्नान किया। इसी के साथ ही आस्था का प्रवाह शिव मंदिरों की ओर निकल पड़ा। हालांकि रामपथ पर बैरिकेडिंग के चलते श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ा। नागेश्वरनाथ तक जाने के लिए श्रद्धालुओं को टेढ़ी बाजार के पीछे से होते हुए करीब चार किलोमीटर तक चलना पड़ा। क्षीरेश्वरनाथ पहुंचने के लिए यह दूरी बढ़कर पांच किलोमीटर हो गई। जैसे ही श्रद्धालु भोलेबाबा की चौखट पर पहुंचे और उनके कानों में हर-हर महादेव की गूंज पहुंची तो उनकी सारी थकान दूर होती नजर आई। क्षीरेश्वरनाथ मंदिर में राम मंदिर के दर्शनार्थी भी खूब उमड़े। दर्शनार्थियों ने रामलला के साथ भोलेबाबा की भी पूजा-अर्चना की। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहे। सीसीटीवी से मेला क्षेत्र की निगरानी होती रही। मंडलायुक्त गौरव दयाल, आईजी प्रवीण कुमार, एसएसपी राजकरण नय्यर ने मेला क्षेत्र का भ्रमण कर व्यवस्थाओं को परखा। recent visitors 38

जनजातियों का चल रहा स्वर्णिम युग : राज्यपाल

भोपाल राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा है कि आज का युग जनजातियों के उत्थान के लिए स्वर्णिम युग है। जनजातियों के लिए केंद्र एवं राज्य शासन के द्वारा अनेक महत्वाकांक्षी एवं कल्याणकारी योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है तथा जनजातियों को सीधे तौर पर इनका लाभ प्राप्त हो रहा है। इससे जनजातीय समुदाय सशक्त एवं आत्मनिर्भर हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में बैगा, भारिया एवं सहरिया विशेष पिछड़ी जनजातियों के रूप में चिन्हित हैं। इनके उत्थान एवं समाज के मुख्य धारा में जोड़ने के लिए सरकार द्वारा अनेकों प्रयास किए जा रहे है। राज्यपाल श्री पटेल उमरिया जिले के ग्राम पंचायत लोढ़ा में पीएम जनमन योजना के अंतर्गत लाभान्वित बैगा समुदाय के हितग्राहियों से संवाद कर रहे थे। राज्यपाल श्री पटेल ने जनजातियों की शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि जीवन में प्रगति के लिये शिक्षा सबसे जरूरी है। शिक्षा के बिना कोई भी व्यक्ति या समाज प्रगति नहीं कर सकता। जनजातीय समुदाय के लोगों को अपने बच्चों को शिक्षित करने की दिशा में कार्य करना सबसे महत्वपूर्ण हैं, बेटे के साथ-साथ बेटी को भी शिक्षित करें, तभी हम प्रगति की मुख्य धारा से जुड़ सकेंगे। उन्होंने जनजातीय छात्र-छात्राओं से कहा कि अपने-अपने क्षेत्रों कि जनजातीय विद्यार्थियों में से कौन-कौन स्कूल जा रहा है अथवा नहीं यह देखें तथा बच्चों को स्कूल जाने के लिए प्रेरित करें। बच्चों को विद्यालय में कैसी शिक्षा दी जा रही है इसकी भी जानकारी लें तथा बच्चों के अभिभावक स्वयं बच्चों को एक घंटा समय निकालकर अवश्य पढ़ाएं। जिससे बच्चों को बेहतर शिक्षा प्राप्त हो सके तथा बच्चों का बेहतर भविष्य का निर्माण हो सके। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि जनजातीय वर्ग के विद्यार्थियों को मध्यप्रदेश के जनजातीय महानायक टंट्या भील, रानी दुर्गावती सहित अन्य महानायकों की जीवनी को पढ़ाएं और बताएं कि उन्होंने देश के उत्थान में किस प्रकार योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि सहरिया, भारिया एवं बैगा समुदाय के विकास के लिये केन्द्र सरकार एवं प्रदेश सरकार कोई कसर नहीं छोड़ रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने पीएम जनमन योजना के लिये 24 हजार करोड़ रूपए का प्रावधान किया है। पीएम-जनमन योजना से सहरिया, भारिया एवं बैगा समुदाय के लोगों को आवास के साथ-साथ अन्य मूलभूत सुविधायें भी मुहैया कराई जा रही हैं। उन्होंने सांसद, विधायक एवं अन्य जनप्रतिनिधियों तथा अधिकारियों से कहा कि जनजातीय लोग बहुत ही सीधे और सरल होते हैं, आप उनके यहां जाएंगे तो वह बिना खाना खिलाए आपको आने नहीं देंगे। वह अपनी थाली आपको परोस देंगे। आप जब भी अपने क्षेत्र के भ्रमण में निकलें तो जनजातीय परिवारों से अवश्य मिलें तथा उन्हें शासकीय योजनाओं का लाभ प्राप्त हो रहा है, अथवा नहीं इसकी जानकारी अवश्य लेकर उन्हें शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाएं। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि उमरिया जिला भी जनजातीय बाहुल्य जिला है, जहां जनजातीय परिवारों के लिए प्रशासन की ओर से अनेक कार्य किए गए हैं। इन परिवारों को आधार-कार्ड, आयुष्मान-कार्ड, लाड़ली बहना, लाड़ली लक्ष्मी जैसी अनेक योजनाओं का लाभ दिया गया है। पीएम जनमन योजना के तहत चयनित हितग्राहियों को पक्के आवास की भी सुविधा मुहैया कराई गई है। प्रधानमंत्री आवास योजना में भी आवास प्रदान किए गए हैं। बच्चों की शिक्षा के लिये आंगनवाड़ी और प्राथमिक विद्यालय भी ग्राम पंचायत में संचालित है। राज्यपाल श्री पटेल ने लाड़ली लक्ष्मी योजना, आयुष्मान कार्ड के हितग्राहियों को प्रमाण-पत्र का वितरण किया। राज्यपाल ने प्राथमिक शाला भवन टंगराटोला के तीसरी कक्षा के बच्चों से किया संवाद राज्यपाल श्री पटेल ने उमरिया जिले के ग्राम पंचायत लोढ़ा के प्राथमिक शाला भवन टंगराटोला के कक्षा तृतीय के विद्यार्थियों से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों को शिक्षा के महत्व को बताया तथा उन्हें व्यायाम करने, मोटा अनाज/मिलेट्स का सेवन करने, ज्यादा से ज्यादा पानी पीने एवं भरपूर नींद लेने की बात कही। इस दौरान राज्यपाल ने बच्चों से देश के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री तथा मध्यप्रदेश के राज्यपाल अर्थात स्वयं के नाम भी पूछा। राज्यपाल द्वारा पूछे गए प्रश्नों के बच्चों से सटीक जवाब सुनकर राज्यपाल ने खुशी जाहिर की। राज्यपाल ने आदर्श आंगनवाड़ी केंद्र टगराटोला में मनाया बच्चों का जन्म-दिवस मध्यप्रदेश के राज्यपाल श्री पटेल ने उमरिया जिले के ग्राम पंचायत लोढ़ा के आदर्श आंगनवाड़ी केंद्र टगराटोला में बच्चों का जन्मदिन केक काटकर मनाया तथा बच्चों को शुभाशीष एवं उपहार दिए। राज्यपाल ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती कुसुम यादव से बच्चों को आंगनवाड़ी केंद्र में मिलने वाली सुविधाओं एवं संदर्भ सेवाओं की जानकारी ली। इस दौरान राज्यपाल ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को पौष्टिक आहार किट्स प्रदान की। कार्यक्रम में सांसद शहडोल श्रीमती हिमाद्री सिंह, विधायक सुश्री मीना सिंह, विधायक बांधवगढ़ श्री शिव नारायण सिंह, कमिश्नर शहडोल श्रीमती सुरभि गुप्ता, पुलिस महा निरीक्षक शहडोल श्री अनुराग शर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं जिले के समस्त विभागों के अधिकारी एवं ग्रामीण जन उपस्थित थे। recent visitors 31