पीएम जनमन योजना से बदल रहा जनजातीय समुदाय का जीवन : राज्यपाल पटेल

भोपाल राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि केन्द्र और प्रदेश सरकार विशेष पिछड़ी जनजातियों को प्राथमिकता के साथ लाभान्वित कर रही हैं। पीएम जन-मन योजना के द्वारा बैगा, सहरिया एवं भारिया विशेष पिछड़ी जनजातीय बसाहटों में पक्का आवास, सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य, स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने का विशेष प्रयास किया जा रहा है। राज्यपाल श्री पटेल ने यह बात कटनी जिले के ढीमरखेड़ा तहसील के पीएम जनमन ग्राम कोठी में बैगा जनजाति के लोगों से संवाद के दौरान कही। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के रूप में जनमन ग्रामों के समग्र विकास के लिए दूरदर्शी और संवदेनशील नेतृत्व मिलना हम सब के लिए सौभाग्य की बात है। प्रधानमंत्री जनजातीय समुदाय के प्रति विशेष संवेदनशील हैं। समाज के पिछड़े वर्ग और व्यक्तियों के कल्याण के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी सतत् काम कर रहे हैं। पीएम जनमन योजना के हितग्राहियों का गृह प्रवेश राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल जनमन ग्राम कोठी में बैगा हितग्राहियों के साथ संवाद कार्यक्रम के पहले, प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के हितग्राहियों के घर भी पहुचें। उन्होंने योजना से लाभ मिलने के बाद हितग्राही के जीवन में आए बदलाव को जाना। राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने सर्वप्रथम पीएम जनमन आवास हितग्राही चंदाबाई बैगा, भल्लू बैगा और सोनी बैगा को प्रधानमंत्री आवास योजना से बने पक्के आवास में विधि-विधान और पूजा-अनुष्ठान के साथ गृह प्रवेश कराया। राज्यपाल श्री पटेल का बैगा समुदाय के लोगों ने तिलक लगाकर और शाल पहनाकर स्वागत किया। बैगा परिवारों ने उपहार स्वरूप उन्हें लोक कला पर आधारित पेन्टिंग भेंट की गई। स्व-सहायता समूहों से जुड़कर महिलाओं का जीवन बदला राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि स्व-सहायता समूहों से जुड़कर महिलाओं का आर्थिक और सामाजिक विकास हुआ है। महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ा है। महिलाएं अब स्वयं का रोजगार शुरू कर आत्मनिर्भर बन रही है। परिवार में भी महिलाओं का मान सम्मान बढ़ा है। राज्यपाल श्री पटेल ने संवाद कार्यक्रम में लाभान्वित हितग्राहियों से चर्चा भी की। इस दौरान आजीविका मिशन के मुर्गी पालन समूह की दीदी राजकुमारी ने बताया कि स्व-सहायता समूह से जुड़ने के बाद करीब 8 हजार रूपये प्रतिमाह की अतिरिक्त आमदनी हो जाती है। पति खेती-किसानी का काम करते हैं, जिससे उनका अच्छे से जीविकोपार्जन हो रहा है। पढ़ाई के बिना प्रगति नहीं… राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने उपस्थित बैगा परिवारों को अपने बच्चों को अनिवार्य रूप से शिक्षित करने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति शिक्षित होकर ही जीवन में आगे बढ़ सकता हैं। घर के बेटा-बेटी पढ़ेंगे तभी आगे बढ़ेंगे और उन्नति करेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार के विशेष प्रयासों से अब पैसों की कमी शिक्षा की राह में बाधा नहीं है। सरकार बेटियों के जन्म से लेकर विदेश में पढ़ाई कराने तक की जिम्मेदारी निभा रही है। । छात्र-छात्राओं की शिक्षा के लिए राज्य एवं केंद्र सरकार अनेक योजनाएं संचालित कर रही हैं जिनका लाभ लेकर कोई भी व्यक्ति बेहतर शिक्षा प्राप्त कर सकता हैं। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि माता-पिता अपने बच्चों को आंगनवाड़ी जरूर भेजें। उन्होंने ग्रामीणों को नशे से दूर रहने की सलाह भी दी। राज्यपाल ने की कटनी कलेक्टर की सराहना राज्यपाल श्री पटेल ने 3 बैगा परिवारों को पीएम जनमन आवास में गृह प्रवेश करवाने के बाद आवास का अवलोकन किया। राज्यपाल श्री पटेल ने बैगा परिवारों के लिए बनाये गये नवीन आवास की गुणवत्ता को देखा। उन्होंने बैगा परिवार को प्रधानमंत्री जनमन आवास का गुणवत्तापूर्ण भवन उपलब्ध कराने के लिए कलेक्टर श्री दिलीप कुमार यादव की सराहना की। निर्माणाधीन भवनों का किया निरीक्षण राज्यपाल श्री पटेल ने ग्राम कोठी में 60 लाख रूपये की लागत से निर्माणाधीन बहुउद्देश्यीय केन्द्र के भवन निर्माण कार्य और यहां बैगा मोहल्ला में करीब 12 लाख रूपये की लागत से बन रहे आंगनबाड़ी भवन निर्माण के कार्य का निरीक्षण किया। राज्यपाल ने अधिकारियों को गुणवत्ता भवन निर्माण सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। टीबी मरीज को दिया पोषण आहार किट राज्यपाल श्री पटेल ने कोठी गांव में 100 दिवसीय टीबी मुक्त अभियान के तहत 15 वर्षीय क्षय रोगी बालिका को फूड बास्केट पोषण आहार किट प्रदान किया। उन्होंने उपस्थित जनसमुदाय और मरीजों को नियमित तौर पर टीबी की दवा लेने और पौष्टिक भोजन की सलाह दी।   recent visitors 35

राज्य स्तरीय आरोग्य मेले की तैयारियां अंतिम चरण में

जयपुर शिल्पग्राम जवाहर कला केन्द्र जयपुर में 1 से 4 मार्च को आयोजित होने वाले चार दिवसीय राज्य स्तरीय आरोग्य मेला  2025 की होने वाली तैयारियों का विभाग के निदेशक डॉ. आनंद शर्मा ने निरीक्षण कर आवश्यक दिशा निर्देश दिये। राज्य स्तरीय आरोग्य मेले के नोडल प्रभारी डॉ. बत्ती लाल बैरवा ने मेला स्थल पर क्लीनिक एवं फार्मेसी व अन्य स्टॉलो का आवंटन करते हुआ इनकी साज सज्जा को अंतिम रूप प्रदान करने के दिशा—निर्देश दिये। इस मोके पर आयोजन से जुड़ी सभी समितियों के प्रभारी व सदस्य मौजूद रहे। recent visitors 42

पीएम मोदी ने महाकुंभ पर लिखा ब्लॉग में कहा- ‘हे मां गंगा अगर सेवा में कुछ कमी रह गई हो तो माफ करना’

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को विशाल महाकुंभ समागम की तुलना गुलामी की मानसिकता की बेड़ियों को तोड़कर स्वतंत्र रूप से सांस लेने वाले राष्ट्र की नई जागृत चेतना से की। महाकुंभ के समापन के एक दिन बाद उन्होंने एक ब्लॉग में लिखा, "महाकुंभ समाप्त हो गया है। एकता का 'महायज्ञ' संपन्न हो गया है।" उन्होंने कहा कि देश को अब 'विकसित भारत' के लक्ष्य को पूरा करने के लिए आत्मविश्वास और एकता की इसी भावना के साथ आगे बढ़ना है। मोदी ने कहा कि संगम में जितनी उम्मीद थी, उससे कहीं अधिक श्रद्धालुओं ने पवित्र डुबकी लगाई। उन्होंने कहा कि भारत अब नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ रहा है और यह युग परिवर्तन की ओर इशारा करता है जो भारत के लिए एक नया भविष्य लिखेगा। प्रधानमंत्री ने सेवाओं में कमी के लिए क्षमा मांगी प्रधानमंत्री ने "माँ गंगा, माँ यमुना, माँ सरस्वती" के साथ-साथ लोगों से, जिन्हें उन्होंने भगवान का रूप बताया, सेवाओं में किसी भी कमी के लिए क्षमा मांगी। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी व्यवस्था करना आसान नहीं था। महाकुंभ में भगदड़ के दौरान कम से कम 30 श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी, जिसमें देश भर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए थे। उत्तर प्रदेश सरकार ने कहा है कि 13 जनवरी को महाकुंभ शुरू होने के बाद से प्रयागराज में 65 करोड़ से अधिक लोग पवित्र स्थल पर आए हैं। पीएम मोदी ने ब्लॉग में सीएम योगी की प्रशंसा की अपने ब्लॉग में मोदी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रशंसा करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश के सांसद के रूप में वह गर्व से कह सकते हैं कि आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार, प्रशासन और लोगों ने सामूहिक रूप से इस "एकता के महाकुंभ" को सफल बनाया। उन्होंने प्रयागराज के निवासियों की भी प्रशंसा करते हुए कहा कि सफाई कर्मचारी, पुलिस कर्मी, नाविक, ड्राइवर और रसोइया सभी ने भक्ति और सेवा की भावना के साथ अथक परिश्रम करके इसे सफल बनाया। उन्होंने जोर देकर कहा कि पिछले कुछ दशकों में जो कभी नहीं हुआ, वह इस बार हुआ। उन्होंने कहा, "इसने आने वाली कई शताब्दियों की नींव रखी है।" मोदी ने कहा कि महाकुंभ का आयोजन प्रबंधन पेशेवरों, योजना और नीति विशेषज्ञों के लिए एक अध्ययन का विषय बन गया है, क्योंकि दुनिया में इस तरह के विशाल आयोजन का कोई दूसरा उदाहरण नहीं है। उन्होंने कहा, "जब किसी राष्ट्र की चेतना जागृत होती है, जब वह सैकड़ों वर्षों की गुलामी की सभी बेड़ियों को तोड़कर एक नई चेतना के साथ सांस लेती है, तो ऐसा नजारा सामने आता है, जैसा हमने 13 जनवरी के बाद प्रयागराज में एकता के महाकुंभ में देखा।" मोदी ने कहा कि महाकुंभ की परंपरा हजारों वर्षों से भारत की राष्ट्रीय चेतना को पुनर्जीवित करती रही है, देश और समाज को नए रास्ते सुझाती रही है। महाकुंभ ने भारत की विकास यात्रा में एक नए अध्याय का संदेश दिया उन्होंने कहा, "इस बार इस तरह का महाकुंभ 144 वर्षों के बाद आया है और इसने भारत की विकास यात्रा में एक नए अध्याय का संदेश दिया है। यह संदेश 'विकसित भारत' का है।" उन्होंने कहा कि महाकुंभ में विदेश सहित हर क्षेत्र, जाति और विचारधारा के लोग एक थे, उन्होंने लोगों से 'विकसित भारत' के निर्माण के लिए इसी तरह एक साथ आने का आह्वान किया। मोदी ने कहा कि एक समय में 140 करोड़ देशवासियों की आस्था इस पर्व से जुड़ी थी। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की संख्या ने निश्चित रूप से एक रिकॉर्ड बनाया है क्योंकि अमेरिका की आबादी से लगभग दोगुने लोगों ने इस पवित्र स्नान में हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने पिछले कुंभों के अनुभव के आधार पर अपना अनुमान लगाया था। उन्होंने कहा कि वास्तविक संख्या अनुमान से कहीं अधिक है। प्रधानमंत्री ने कहा कि बड़ी संख्या में युवा श्रद्धालुओं को पवित्र समागम में शामिल होते देखना उनके लिए बहुत सुखद अनुभव था। उन्होंने कहा, "इससे यह विश्वास बढ़ता है कि भारत की युवा पीढ़ी हमारे मूल्यों और संस्कृति की वाहक है और इसे आगे बढ़ाने में अपनी जिम्मेदारी समझती है। वे इसके लिए प्रतिबद्ध हैं।" प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रयागराज की यह तीर्थयात्रा एकता और सद्भाव का संदेश देती है। उन्होंने महाकाव्य रामायण की एक घटना का जिक्र किया जिसमें नाविक राजा निषाद राज ने उत्तर प्रदेश के शहर के आसपास के एक स्थान पर भगवान राम से मुलाकात की थी। आनंदित लोगों के दृश्य को कभी नहीं भूल सकते प्रधानमंत्री ने कहा कि करोड़ों की संख्या में श्रद्धालु बिना किसी आमंत्रण के पवित्र संगम पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि वह वहां स्नान करने के बाद आनंदित लोगों के दृश्य को कभी नहीं भूल सकते। उन्होंने कहा कि महिलाएं हों, बुजुर्ग हों या दिव्यांग, हर कोई अपने साधन से यहां आया। उन्होंने कहा कि जिस तरह से श्रद्धालुओं का उनके घर लौटने पर श्रद्धा के साथ स्वागत किया गया, वह भी यादगार है। मोदी ने कहा कि इस बड़े आयोजन ने नदियों की स्वच्छता सुनिश्चित करने के उनके संकल्प को मजबूत किया है, चाहे वह बड़ी हो या छोटी। उन्होंने कहा कि गंगा, यमुना या किसी भी अन्य नदी की पवित्रता लोगों की जीवन यात्रा से जुड़ी है।   recent visitors 49

कर्नाटक के होटलों में इडली को लेकर बड़ा खुलासा, हो रहा प्लास्टिक शीट का इस्तेमाल,52 पर हुई कार्रवाई

बेंगलुरु आमतौर पर लोग दक्षिण भारतीय व्यंजन इडली को बेहद चाव से खाते हैं लेकिन इसको लेकर कर्नाटक में एक बड़ा खुलासा हुआ है जिसके बाद  राज्य सरकार ने 52 होटलों पर कार्रवाई की है. कर्नाटक खाद्य सुरक्षा विभाग ने राज्यभर में 52 होटलों में इडली बनाने के लिए पॉलीथीन शीट के अवैध इस्तेमाल का खुलासा किया है जिससे लोगों को कैंसर जैसी गंभीर बीमारी हो सकती है. इसको लेकर राज्य के स्वास्थ्य मंत्री दिनेश गुंडू राव ने गुरुवार को जानकारी दी. प्लास्टिक शीट से इडली बनाने पर सख्ती स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि इडली बनाने में विशेष रूप से पतली पॉलीथीन शीट का उपयोग स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है, क्योंकि यह कैंसरकारी (कार्सिनोजेनिक) होती है. सरकार इस तरह की हानिकारक चीजों के इस्तेमाल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है. दरअसल खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने कर्नाटक के 250 स्थानों से इडली के नमूने एकत्र किए थे. स्वास्थ्य मंत्री राव ने कहा, 'पहले पारंपरिक रूप से इडली पकाने के लिए कपड़े का उपयोग किया जाता था, लेकिन हमें कुछ होटलों में प्लास्टिक शीट का उपयोग किए जाने की शिकायत मिली थी. इसी आधार पर हमने जांच की और 52 होटलों में प्लास्टिक का अवैध उपयोग पाया.' प्लास्टिक से सेहत को गंभीर खतरा जांच के दौरान मिले चौंकाने वाले नतीजों से स्वास्थ्य विभाग चिंतित है. मंत्री ने साफ तौर पर कहा कि प्लास्टिक का उपयोग नहीं किया जाना चाहिए, क्योंकि 'गर्म होने पर प्लास्टिक के हानिकारक तत्व इडली में मिल सकते हैं, जिससे कैंसर जैसी गंभीर बीमारियां हो सकती है.' सरकार की सख्त कार्रवाई मंत्री ने कहा कि दोषी होटलों पर पहले ही कार्रवाई शुरू कर दी गई है, और सरकार खाद्य व्यंजनों में प्लास्टिक के उपयोग पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाएगी. उन्होंने जनता से अपील की कि यदि वो किसी होटल या रेस्टोरेंट में प्लास्टिक का उपयोग होता देखें तो तुरंत अधिकारियों को इसकी सूचना दें. रंगीन फूड कलर पर भी प्रतिबंध स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी बताया कि 2024 में कर्नाटक सरकार ने रॉडामिन-बी नामक खतरनाक खाद्य रंग पर प्रतिबंध लगाया था, जिसका व्यापक रूप से गोभी मंचूरियन और कॉटन कैंडी जैसे खाद्य पदार्थों में उपयोग किया जाता था. राव ने कहा, 'हमने गोभी मंचूरियन की जांच के दौरान पाया कि इसमें खतरनाक रॉडामिन-बी रंग का उपयोग किया जा रहा था. यह स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक है, इसलिए हमने इसे प्रतिबंधित कर दिया है. यदि कोई इस आदेश का उल्लंघन करता है, तो उसे सात साल से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा हो सकती है, और 10 लाख रुपये तक का जुर्माना भी लगाया जाएगा.'   recent visitors 41

दिल्ली कैपिटल्स ने खेला बड़ा दांव, आईपीएल से पहले हुई इस दिग्गज की वापसी, केविन पीटरसन बने मेंटर

नई दिल्ली दिल्ली कैपिटल्स ने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2025 के लिए इंग्लैंड के पूर्व कप्तान केविन पीटरसन को अपना मेंटर घोषित किया है। फ्रैंचाइजी ने गुरुवार को सोशल मीडिया पर घोषणा की।  आईपीएल 2025 की शुरुआत में अब ज्यादा वक्त नहीं बचा है। टूर्नामेंट के 18वें सत्र का कार्यक्रम भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) जारी कर चुका है। इससे पहले दिल्ली कैपिटल्स ने बड़ी घोषणा कर दी है। गुरुवार को फ्रेंचाइजी की तरफ से बताया गया कि इंग्लैंड के पूर्व कप्तान केविन पीटरसन आगामी टूर्नामेंट से पहले टीम से जुड़ेंगे। वह आईपीएल 2025 में बतौर मेंटर टीम का हिस्सा बनेंगे। दिल्ली की कोचिंग यूनिट में शामिल हुए पीटरसन आईपीएल की शुरुआत 22 मार्च से होगी। दिल्ली कैपिटल्स अपने अभियान का आगाज 24 मार्च से लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ मुकाबले से केरगी। इससे पहले दिल्ली कैपिटल्स की कोचिंग यूनिट में एक नया नाम जुड़ गया है। आगामी संस्करण में पीटरसन टीम के मुख्य कोच हेमंग बदानी, सहायक कोच मैथ्यू मॉट, गेंदबाजी कोच मुनाफ पटेल और डॉयरेक्टर ऑफ क्रिकेट वेणुगोपाल राव के साथ काम करते नजर आएंगे। पहले भी दिल्ली का हिस्सा रह चुके पीटरसन 44 वर्षीय बल्लेबाज आईपीएल में वापसी के लिए तैयार हैं। वह दिल्ली कैपिटल्स के लिए पहले भी क्रिकेट खेल चुके हैं, लेकिन इस बार बतौर मेंटर टीम से जुड़े हैं। बात करें उनके आईपीएल करियर की तो उन्होंने पांच टीमों के लिए इस टूर्नामेंट में क्रिकेट खेला। वह दिल्ली डेयरडेविल्स (अब दिल्ली कैपिटल्स), रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु, डेक्कन चार्जर्स, सनराइजर्स हैदराबाद और राइजिंग पुणे सुपरजाएंट का हिस्सा रहे। दिल्ली ने नहीं किया कप्तान का एलान दिल्ली कैपिटल्स ने अब तक अपने कप्तान का एलान नहीं किया है। मेगा नीलामी से पहले फ्रेंचाइजी ने ऋषभ पंत को रिटेन नहीं किया था। अब टीम  को आगामी टूर्नामेंट से पहले कप्तान के नाम की घोषणा करनी है। इस दौड़ में अक्षर पटेल, केएल राहुल और फाफ डुप्लेसिस का नाम सबसे आगे शामिल है।   recent visitors 36

यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे को जलाने का रास्ता साफ, आज खोले जाएंगे कंटेनर, जलाने की प्रक्रिया शुरू

इंदौर यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे को जलाने का रास्ता साफ हो गया है। भोपाल से यह कचरा पीथमपुर लाया जा चुका है। सामाजिक कार्यकर्ता चिन्मय मिश्र ने इस पर रोक लगाने की मांग की थी, जिसे सर्वोच्च अदालत ने खारिज कर दिया। गुरुवार सुबह मामले को लेकर हुई सुनवाई में कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता चाहें तो इस संबंध में हाई कोर्ट के समक्ष आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। कोर्ट ने शासन के उस जवाब को भी रिकॉर्ड पर ले लिया है, जिसमें कहा है कि कचरा जलाने के दौरान सभी नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा। पिछली सुनवाई में सरकार से मांगा था जवाब पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश सरकार से पूछा था कि धार जिले के पीथमपुर में भोपाल की यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री का कचरा जलाने के दौरान कोई घटना होगी, तो उससे निपटने के लिए उसके पास क्या इंतजाम हैं। गुरुवार को सरकार ने जवाब दाखिर कर दिया। याचिका में आरोप था कि कचरा जलाने के दौरान अकस्मात आपदा होने की स्थिति में आपदा प्रबंधन के लिए कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं। पीथमपुर में रि-सस्टेनेबिलिटी कंपनी के परिसर में पिछले दो माह से रखे यूनियन कार्बाइड के 337 टन कचरे के 12 कंटेनर में चार से पांच कंटेनर को गुरुवार को खोला जाएगा। कंटेनर से कचरे को निकालकर उसमें मौजूद हानिकारक तत्वों पर नियंत्रण के लिए सोडियम सल्फाइड जैसे रसायन मिलाए जाएंगे। गुरुवार को इंसीनरेटर में ड्राई रन शुरू किया जाएगा और 12 घंटे तक इंसीनरेटर को चालू कर इसके प्रथम चेम्बर में 850 से 900 डिग्री सेल्सियस व दूसरे चेम्बर में 1100 से 1200 डिग्री सेल्सियस तक तापमान पहुंचाया जाएगा। इसके बाद यूनियन कार्बाइड के कचरे को इंसीनरेटर में डालकर जलाने की प्रक्रिया शुरू होगी। संभागायुक्त दीपक सिंह ने कहा कि कोर्ट के निर्देश के अनुसार गुरुवार से कचरे को जलाने की प्रक्रिया शुरू करेंगे। याचिकाकर्ता की आपत्तियां खारिज याचिकाकर्ता सामाजिक कार्यकर्ता चिन्मय मिश्र ने सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में कहा था कि पर्यावरण और स्वास्थ्य नियमों का पालन किए बगैर यूनियन कार्बाइड का जहरीला कचरा जलाने की तैयारी की गई है। याचिकाकर्ता का आरोप था कि जिस जगह कचरा जलाया जाना है, वहां से 250 मीटर दूर एक गांव है। एक किमी के दायरे में तीन अन्य गांव हैं, लेकिन स्थानीय नागरिकों को वैकल्पिक स्थान तक उपलब्ध नहीं करवाया गया। कचरा जलाने के दौरान कोई हादसा होता है तो पीथमपुर में अस्पताल भी नहीं है।   हाई कोर्ट के आदेश पर जलाया जा रहा कचरा उल्लेखनीय है कि भोपाल गैस त्रासदी के 40 साल बाद मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के आदेश पर राज्य सरकार यूनियन कार्बाइड के कचरे का निस्तारण करा रही है। इसके लिए जनवरी में 337 टन कचरे को भोपाल से धार जिले के पीथमपुर स्थित संयंत्र में लाकर उसे जलाने की तैयारी कर ली गई थी, लेकिन स्थानीय लोगों ने कचरे के जलने से उसकी जहरीले तत्वों का जलवायु पर दुष्प्रभाव होने की आशंका जताते हुए विरोध कर दिया था। recent visitors 56

संजय राउत ने महायुति सरकार पर साधा निशाना, पुणे में बस में दुष्कर्म के आरोपी को बख्शेंगे नहीं

मुंबई पुणे में स्वारगेट बस अड्डे पर खड़ी बस में 26 वर्षीय महिला के साथ दुष्कर्म की घटना के बाद महाराष्ट्र में राजनीति तेज हो गई है। शिवसेना (उबाटा) के नेता संजय राउत ने घटना को 2012 में दिल्ली में हुए सामूहिक दुष्कर्म जैसा करार दिया है। पुणे की कानून व्यवस्था को लेकर जिले के संरक्षक मंत्री अजित पवार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में महिलाओं के खिलाफ अपराध में काफी तेजी से इजाफा हुआ है।   पुणे में स्वारगेट बस अड्डे पर खड़ी बस में 26 वर्षीय महिला के साथ दुष्कर्म की घटना के बाद महाराष्ट्र में राजनीति तेज हो गई है। शिवसेना (उबाटा) के नेता संजय राउत ने घटना को 2012 में दिल्ली में हुए सामूहिक दुष्कर्म जैसा करार दिया है। साथ ही पुणे की कानून व्यवस्था को लेकर जिले के संरक्षक मंत्री अजित पवार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में महिलाओं के खिलाफ अपराध में काफी तेजी से इजाफा हुआ है। संजय राउत ने कहा कि अगर राज्य में विपक्षी गठबंधन महाविकास अघाड़ी की सरकार के समय यह घटना हुई होती तो अब तक भाजपा की महिला कार्यकर्ता मंत्रालय के बाहर हंगामा कर रहीं होतीं। उन्होंने कहा कि क्या भाजपा नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने लाडकी बहिन योजना के तहत 1500 रुपये देकर महिलाओं का आत्म सम्मान खरीद लिया है? मुख्यमंत्री फडणवीस को इस मामले में डिप्टी सीएम और पुणे के संरक्षक मंत्री अजित पवार से जवाब मांगना चाहिए। संजय राउत ने कहा कि यह घटना दिल्ली के निर्भया कांड जैसी है। सौभाग्य से इस मामले में महिला बच गई। पुणे में गैंगस्टरों को कानून का कोई डर नहीं है। गृह मंत्रालय राजनीतिक उद्देश्यों और राजनीतिक विरोधियों पर शिकंजा कस रहा है। अगर गृह मंत्रालय राज्य की महिला और लड़कियों की सुरक्षा के लिए काम करे तो यह बड़ा उपकार होगा। आरोपी फरार है, बख्शेंगे नहीं: शिंदे घटना को उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने निंदनीय करार दिया। उन्होंने कहा कि आरोपी फरार है, लेकिन उसे बख्शा नहीं जाएगा। मैंने पुणे के पुलिस आयुक्त से बात की है। उनको आरोपी को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने के निर्देश दिए हैं। ऐसे लोगों को बख्शा नहीं जाएगा। सरकार आरोपी को मौत की सजा देने की मांग करेगी। उन्होंने परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक से भी बात की। उनको खराब खड़ी बसों को नीलाम करने के लिए कहा है। शिंदे ने कहा कि परिवहन मंत्री के निर्देश पर तीन सुरक्षा कर्मियों को बर्खास्त कर दिया गया है। किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।  एमएसआरटीसी आरोपी को बख्शेगी नहीं। सख्त कार्रवाई की जाएगी।  recent visitors 63