Friday, July 10, 2026 6:50 am

प्राइवेट ऑर्गेनाइजेशन के मोबाइल ऐप्स में आधार-इनेबल फेस ऑथेंटिकेशन को शामिल करने की अनुमति दी

नई दिल्ली भारत सरकार ने प्राइवेट ऑर्गेनाइजेशन के मोबाइल ऐप्स में आधार-इनेबल फेस ऑथेंटिकेशन को शामिल करने की अनुमति दे दी है। इससे यूजर्स के लिए Identity Verification को आसान और सिक्योर बनाया जा सकेगा। यह कदम डिजिटल लेनदेन को सुगम बनाने, सेवाओं की बेहतर पहुंच सुनिश्चित करने और Ease of Living बढ़ाने में मदद करेगा। इससे हॉस्पिटैलिटी, हेल्थकेयर, क्रेडिट रेटिंग ब्यूरो, ई-कॉमर्स, एजुकेशनल इंस्टीट्यूट और एग्रीगेटर सेवा प्रोवाइडर्स जैसे कई क्षेत्रों को लाभ मिलेगा। आधार ऑथेंटिकेशन कैसे होगा यूज इस अपडेट के बाद, प्राइवेट कंपनियां आधार फेस ऑथेंटिकेशन का इस्तेमाल अब कस्टमर ऑनबोर्डिंग, ई-केवाईसी वेरिफिकेशन, एग्जाम रजिस्ट्रेशन और इंप्लॉई अंटेंडेंस मार्क सकते है। यह बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन यूजर्स को तेज, सिक्योर और झंझट मुक्त सेवा प्रदान करेगा, जिससे ओटीपी (OTP) या दस्तावेजों पर डिपेंडेंसी कम होगी। मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स और इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (MeitY) के अनुसार, यह फैसला आधार ऑथेंटिकेशन फॉर गुड गवर्नेंस संशोधन नियम, 2025 के तहत लिया गया है। इसका उद्देश्य सुशासन और सेवा वितरण में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाना है। आधार गुड गवर्नेंस पोर्टल लॉन्च MeitY ने आधार गुड गवर्नेंस पोर्टल (swik.meity.gov.in) भी लॉन्च किया है, जहां ऑथेंटिकेशन सेवाओं के लिए एप्लीकेशन और ऑनबोर्डिंग प्रोसेस से जुड़ी गाइडलाइन उपलब्ध कराई गई हैं। इस पोर्टल को MeitY के सेक्रेटरी एस. कृष्णन द्वारा लॉन्च किया गया। इस मौके पर UIDAI के CEO भुवनेश कुमार, NIC के डायरेक्टर जनरल इंदर पाल सिंह सेठी, UIDAI के डीडीजी मनीष भारद्वाज और अमोद कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। MeitY सेक्रेटरी एस. कृष्णन ने कहा कि इस पोर्टल के लॉन्च और अन्य प्रोसेस को सुगम बनाने में काम करता है। आधार की मदद से भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में भी मदद मिल रही है। आधार कार्ड की मदद से गुड गवर्नेंस पोर्टल को दुरुस्त किया जा रहा है। आधार करेक्शन नियम आधार करेक्शन एक जरूरी प्रोसेस है। अगर आप भी आधार कार्ड करेक्शन करना चाहते हैं तो हम इसके बारे में बताने जा रहे हैं। आधार कार्ड करेक्शन की लिमिट भी तय की गई है। अगर आप मोबाइल नंबर अपडेट करना चाहते हैं तो इसके लिए कोई लिमिट नहीं रखी गई है। यानी आप अनलिमिटेड टाइम इसे करेक्ट कर सकते हैं। नाम को भी आधार कार्ड में अपडेट किया जा सकता है। लेकिन ये करेक्शन महज 2 बार हो सकती है। लेकिन इसके लिए आपको सपोर्टिंग डॉक्यूमेंट देना होगा। डेट ऑफ बर्थ चेंज करने की बात करें तो आप इसे सिर्फ 1 बार बदल सकते हैं। एड्रेस को लेकर कोई डेडलाइन तय नहीं की गई है। इसे आप कितनी भी बार बदल सकते हैं। इसके लिए आपको सिंपल करेक्शन प्रोसेस फॉलो करना होगा। recent visitors 41

कार में सवार लोग महाकुंभ में स्नान कर अयोध्या दर्शन के बाद सूरत लौट रहे थे, तभी हुआ हादसा, 4 सदस्यों की मौत, बेटी गंभीर

मोंठ (झांसी) चिरगांव थाना क्षेत्र में हाईवे पर शुक्रवार तड़के सुबह एक भीषण सड़क हादसे में गुजरात के सूरत के रहने वाले एक हीरा कारोबारी परिवार के चार लोगों की मौत हो गई, जबकि एक युवती गंभीर घायल हो गई। हादसा सुल्तानपुरा मोड़ फ्लाईओवर पर हुआ, जहां तेज रफ्तार कार आगे चल रहे एक ट्रक से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के परखच्चे उड़ गए। ट्रक से भिड़ी कार, परखच्चे उड़े जानकारी के मुताबिक, हादसा शुक्रवार सुबह करीब 5 बजे हुआ। कार में सवार लोग महाकुंभ में स्नान कर अयोध्या दर्शन के बाद सूरत लौट रहे थे। रास्ते में चाय के लिए सेमरी टोल प्लाजा के पास एक ढाबे पर रुके थे। वहां से रवाना होने के कुछ ही मिनट बाद उनकी कार तेज रफ्तार में आगे चल रहे ट्रक में घुस गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि ट्रक ने कार को घसीट दिया और फिर चालक मौके से फरार हो गया। चार की मौत, बेटी की हालत गंभीर हादसे के बाद पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से कार के दरवाजे तोड़कर घायलों को बाहर निकाला गया और मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया। वहां डॉक्टरों ने जगदीश भाई (50), उनकी पत्नी कैलाश बेन (48), साले विपिन भाई (54) और उनकी पत्नी भावना बेन (51) को मृत घोषित कर दिया। वहीं, जगदीश की बेटी मिली (20) गंभीर रूप से घायल है, जिसका इलाज चल रहा है। तेज रफ्तार बनी मौत की वजह जानकारी मिली है कि हादसे से कुछ देर पहले कार विपिन भाई चला रहे थे, जिन्हें जल्दी सूरत पहुंचना था। इसी कारण कार की रफ्तार काफी तेज थी। एसपी ग्रामीण गोपीनाथ सोनी ने बताया कि हादसे के समय एयरबैग खुल गए थे, लेकिन तेज रफ्तार के कारण टक्कर इतनी भीषण थी कि जान नहीं बच सकी। परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ हादसे की खबर मिलते ही सूरत में परिजनों में कोहराम मच गया। परिजन फ्लाइट से दिल्ली पहुंचे और वहां से कार से झांसी आ रहे हैं। जगदीश और कैलाश की एक बेटी मिली और एक बेटा है, जबकि विपिन और भावना के दो बेटे हैं। एक ही परिवार के चार लोगों की मौत से घर में मातम पसरा हुआ है। ट्रक चालक की तलाश जारी शवों का पोस्टमार्टम कर परिजनों को सौंपने की प्रक्रिया जारी है। एसपीआरए गौरीनाथ सोनी का कहना है कि हादसे की पूरी जांच की जाएगी और दोषी ट्रक चालक के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाएगी। फिलहाल ट्रक की तलाश की जा रही है। recent visitors 36

पशु चिकित्सा विभाग ने चिक्कबल्लापुर गांव में एक पोल्ट्री फार्म में 350 मुर्गियों को मारने का आदेश दिया

चिक्काबल्लापुर (कर्नाटक) बेंगलुरू के निकट स्थित चिक्कबल्लापुर जिले में बर्ड फ्लू के प्रकोप को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं। राज्य पशुपालन और पशु चिकित्सा विभाग ने शुक्रवार को चिक्कबल्लापुर के वरदाहल्ली गांव में एक पोल्ट्री फार्म में 350 मुर्गियों को मारने का आदेश दिया है। जिला प्रशासन हाई अलर्ट पर है क्योंकि वरदहल्ली में मुर्गियों में एच5एन1 वायरस पाया गया है। डिप्टी कमिश्नर पी.एन. रविंद्र की अगुवाई में जिला प्रशासन ने आपात बैठक की और गांव से मुर्गियों के बाहर जाने पर रोक लगा दी गई। गांव की सभी सड़कों पर बैरिकेड लगाए गए हैं और गाड़ियों की कड़ी निगरानी की जा रही है ताकि मुर्गियों को बाहर न ले जाया जा सके। शुरुआती जांच में पाया गया कि वरदाहल्ली के निवासी द्यामप्पा के घर पर 28 मुर्गियां मरी हुई मिली। गांव के अन्य घरों में भी मुर्गियों की मौत हो रही है। प्रशासन ने एक पोल्ट्री फार्म के तीन डेड चिकन के सैंपल जांच के लिए बेंगलुरू की सेंट्रल लैब भेजे। प्रयोगशाला परीक्षणों से सैंपल में एवियन इन्फ्लूएंजा की पुष्टि हुई। इसके बाद पोल्ट्री फार्म की सभी मुर्गियों को मारने का आदेश जारी कर दिया गया। अधिकारियों ने गांव में घर-घर जाकर सर्वे किया और पूरे इलाके में सोडियम हाइपोक्लोराइट का छिड़काव किया। स्वास्थ्य विभाग भी ग्रामीणों की सेहत पर नजर रख रहा है। इस बीच, खबर मिली है कि दो दिन पहले वरदाहल्ली के पोल्ट्री फार्म से लगभग 10,000 मुर्गियों को बेंगलुरू भेजा गया था, जहां इन्हें मीट की दुकानों और होटलों में बेचा गया हो सकता है। अधिकारी इस मामले की जांच कर रहे हैं और विक्रेताओं को सतर्क कर रहे हैं कि वे वरदाहल्ली से लाए गए मुर्गों की बिक्री न करें। आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र में एवियन इन्फ्लूएंजा फैलने के बाद कर्नाटक सरकार ने सीमा पर निगरानी बढ़ा दी है। कर्नाटक पहले दावा कर चुका था कि राज्य में बर्ड फ्लू का कोई मामला नहीं है और वे पूरी सतर्कता बरत रहे हैं। राज्य में हर महीने करीब चार करोड़ ब्रॉयलर चिकन का उत्पादन होता है और यहां 73 ब्रीडर व 20,000 पोल्ट्री किसान हैं। सीमा से सटे बेलगावी जिले में प्रशासन ने चिकन सैंपल की जांच शुरू कर दी है और महाराष्ट्र बॉर्डर पर चेकपोस्ट लगाए हैं। बर्ड फ्लू की खबरों के बाद पोल्ट्री किसानों को आर्थिक नुकसान हो रहा है क्योंकि लोग चिकन और अंडे खाने से बच रहे हैं।   recent visitors 56

सुकमा में सरकार की योजनाओं से प्रभावित होकर एक नक्सली दंपति सहित 7 हार्डकोर नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण

 सुकमा बस्तर में लगातार नक्सली संगठन को झटका लग रहा. सुकमा क्षेत्र में पीएलजीए बटालियन नंबर एक में सक्रिय एक नक्सली दंपति सहित 7 हार्डकोर नक्सलियों ने फिर आत्मसमर्पण किया है. इन आत्मसमर्पित नक्सलियों पर शासन ने कुल 32 लाख रुपए का इनाम घोषित किया था. छत्तीसगढ शासन की नक्सलवाद उन्मूलन एवं पुनर्वास नीति व “नियद नेला नोर योजना से प्रभावित होकर नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है. इनमें 2 पुरुष एवं 01 महिला नक्सली पर 08-08 लाख, 01 महिला एवं 03 पुरुष पर 02 लाख, कुल 32 लाख रुपए का इनाम घोषित था. नक्सलियों को आत्मसमर्पण के लिए प्रोत्साहित कराने में नक्सल सेल सुकमा टीम, थाना दोरापाल एवं सीआरपीएफ 131, 241 वाहिनी की अहम भूमिका रही. recent visitors 50

सीएम ममता पश्चिम बंगाल की राजनीति में नमक हराम का ज्वलंत उदाहरण हैं: अधीर रंजन चौधरी

मुर्शिदाबाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अधीर रंजन चौधरी ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधा। कांग्रेस नेता का कहना है कि सीएम ममता पश्चिम बंगाल की राजनीति में नमक हराम का ज्वलंत उदाहरण हैं। अधीर रंजन चौधरी ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि कांग्रेस की कृपा से 2011 में पश्चिम बंगाल में तृणमूल सरकार बनी जिसे 'नमक हराम' कहते हैं। कोई ऐसा व्यक्ति जो निजी लाभ के लिए किसी स्थिति का फायदा उठाता है, लेकिन बाद में उन लोगों को छोड़ देता है जिन्होंने उनकी मदद की थी। इसे हम 'नमक हराम गिरी' कहते हैं। कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि मैं ये बात गलत भाषा में नहीं कर रहा हूं; मैं ये बात शुद्ध भाषा में कह रहा हूं। ममता बनर्जी बंगाली राजनीति में 'नमक हराम' का एक ज्वलंत उदाहरण हैं। 2011 में सोनिया गांधी की मंजूरी और प्रणब मुखर्जी जैसे बड़े व्यक्ति के समर्थन के बिना, वह सत्ता में नहीं आ सकती थीं। कांग्रेस ने उन्हें वह सीट दी जो वह चाहती थीं क्योंकि हम उन्हें सत्ता में लाना चाहते थे। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी 'नमक हराम' की राजनीति करती हैं।" बता दें कि अधीर रंजन चौधरी सीएम ममता बनर्जी पर तीखा हमला करते रहे हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान कहा था कि मुझे सीएम ममता पर भरोसा नहीं है। वह गठबंधन छोड़कर भागी थीं। उन्होंने गठबंधन तोड़ा था। अब कांग्रेस सत्ता में आ रही है, इसलिए ममता ने लाइन लगाना शुरू कर दिया है। recent visitors 55

मुझे विश्वास है कि आईएमईसी वैश्विक वाणिज्य, विकास और समृद्धि के लिए एक शक्ति के रूप में काम करेगा: पीएम मोदी

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष और कॉलेज ऑफ कमिश्नर्स की भारत यात्रा को 'अभूतपूर्व' बताया। उन्होंने शुक्रवार को कहा कि यह यात्रा भारत-यूरोपीय संघ की बहुआयामी साझेदारी को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी। प्रधानमंत्री मोदी ने नई दिल्ली में हैदराबाद हाउस में यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के साथ मीडिया को संबोधित करते हुए कहा, "यह न केवल यूरोपीय आयोग की भारत की पहली यात्रा है, बल्कि यह किसी एक देश में यूरोपीय आयोग की पहली व्यापक भागीदारी भी है। इसके अलावा, यह आयोग की अपने नए कार्यकाल की पहली यात्राओं में से एक है।" यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष, ईयू कॉलेज ऑफ कमिश्नर्स के साथ, प्रधानमंत्री मोदी के निमंत्रण पर दो दिवसीय भारत यात्रा पर गुरुवार दोपहर नई दिल्ली पहुंची थी। यह ईयू कॉलेज ऑफ कमिश्नर्स की पहली भारत यात्रा है। साथ ही दिसंबर 2024 में कार्यभार संभालने वाले नए कमिश्नर्स की यूरोप के बाहर पहली यात्रा है। पीएम मोदी ने कहा, "निवेश संरक्षण और जीआई (भौगोलिक संकेत) समझौते सहित निवेश ढांचे को मजबूत करने पर चर्चा हुई। हमने टेक्नोलॉजी और इनोवेशन में एक विश्वसनीय और मजबूत निवेश ढांचे पर जोर दिया। हमारी साझा प्रतिबद्धता में सेमीकंडक्टर, एआई और हाई परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग सहयोग शामिल है। दोनों पक्षों के बीच भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे (आईएमईसी) पर भी व्यापक चर्चा हुई। इसकी घोषणा सितंबर 2023 में भारत में आयोजित जी-20 नेताओं के शिखर सम्मेलन के दौरान की गई थी। आईएमईसी में दो अलग-अलग गलियारे शामिल हैं – [भारत को खाड़ी क्षेत्र से जोड़ने वाला पूर्वी गलियारा और खाड़ी को यूरोप से जोड़ने वाला उत्तरी गलियारा]। इसका उद्देश्य दक्षता बढ़ाना, लागत कम करना, क्षेत्रीय आपूर्ति श्रृंखलाओं को सुरक्षित करना, व्यापार और आर्थिक सहयोग बढ़ाना, रोजगार पैदा करना, ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन कम करना है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "मुझे विश्वास है कि आईएमईसी वैश्विक वाणिज्य, सतत विकास और समृद्धि के लिए एक प्रेरक शक्ति के रूप में काम करेगा। रक्षा और सुरक्षा मामलों पर हमारा बढ़ता सहयोग आपसी विश्वास को दर्शाता है। हम साइबर सुरक्षा, समुद्री सुरक्षा और आतंकवाद-रोधी सहयोग को मजबूत करेंगे।" recent visitors 54

रेल मंत्रालय ने अगले दो साल में 50 अमृत भारत 2.0 ट्रेनों के निर्माण का लक्ष्य रखा, तीसरी अमृत भारत ट्रेन की सौगात जल्द

चेन्नई भारतीय रेलवे ने यात्रियों के लिए एक अच्छी खबर दी है। चेन्नई स्थित इंटीग्रल कोच फैक्टरी (ICF) अगले महीने एक और अमृत भारत ट्रेन डिलीवर करने वाली है। यह नई ट्रेन मौजूदा अमृत भारत ट्रेनसेट का मॉडर्न वैरिएंट होगी। मालूम हो कि रेल मंत्रालय ने अगले दो साल में 50 अमृत भारत 2.0 ट्रेनों के निर्माण का लक्ष्य रखा है। इस दिशा में तेजी से काम जारी है। अमृत भारत ट्रेन निम्न आय और मध्यम आय वर्ग के परिवारों को ध्यान में रखकर बनाई गई है। अमृत भारत 2.0 लंबी दूरी की यात्रा करने वाले लोगों को सस्ती सेवा मुहैया कराती है। साथ ही, यात्री इसमें मिलने वाली सुविधाओं से काफी प्रभावित होते हैं। अमृत भारत ट्रेन 2023 में लॉन्च की गई थी । यह लंबी दूरी की यात्रा को आसानी से कवर करती है। इसमें 2 प्रकार के डिब्बे लगे होते हैं। पहला स्लीपर क्लास, जो कि आरक्षित यात्रियों के होता है। दूसरा जनरल क्लास, जो कि अनारक्षित यात्रियों के लिए है। ईटी नाउ की रिपोर्ट के मुताबिक, सीनियर रेलवे अधिकारी ने बताया कि आईसीएफ मार्च में अमृत भारत ट्रेनसेट की तीसरी रेक का निर्माण और डिलीवरी पूरा करेगा। तीसरी अमृत भारत रेक का पेंट्री कार आईसीएफ के फर्निशिंग सेक्शन में वायरिंग और फिटमेंट कार्य से गुजर रहा है। इस रेक की डिलीवरी अगले 15-20 दिनों में हो सकती है। जानें अमृत भारत ट्रेन 2.0 की खासियत बता दें कि अमृत भारत ट्रेन 2.0 में 22 कोच-रेक फॉर्मेशन है, जिसमें दोनों छोर पर लोकोमोटिव हैं। ट्रेन में Loco+1 LSLRD+5 LWS+4 LWSCN+1 LWCD+4 LWSCN +6 LWS +1 LSLRD+ Loco का फॉर्मेशन होगा। इससे पहले, अमृत भारत ट्रेन 1.0 में भी 22 कोच फॉर्मेशन था, लेकिन उसमें Loco+ 1 LSLRD+ 4 LWS+12 LWSCN+4 LWS+ 1 LSLRD+ Loco का फॉर्मेशन था। अमृत भारत ट्रेन 2.0 को पुश-पुल तकनीक के साथ बनाया गया है, जो कुशल यात्रा के लिए है। इस ट्रेन की गति 130 किमी प्रति घंटे तक होगी। ट्रेन में हाई एक्सीलरेशन के लिए दोनों छोर पर लोकोमोटिव के साथ पुश-पुल ऑपरेशन के लिए कंट्रोल कपलर होंगे। ट्रेन में झटके मुक्त यात्रा और आसान कनेक्शन के लिए सेमी-ऑटोमैटिक कपलर भी होंगे। recent visitors 54