सरकार ने मिसिंग क्रेडिट की राशि अभिदाताओं के खातों में जमा करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया: उप मुख्यमंत्री देवड़ा

भोपाल उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि सरकार ने कर्मचारियों के हित में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए मिसिंग क्रेडिट की राशि अभिदाताओं के खातों में जमा करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अब अशंदायी पेंशन योजना (NPS) में मिसिंग क्रेडिट की राशि अभिदाता के खातों में जमा किये जायेगें। उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने बताया है कि अभिदाताओं के खातों में मिसिंग क्रेडिट की राशि जमा करने के लिये 15 मार्च 2025 तक विशेष अभियान चलेगा। इस संबंध में विभागीय स्तर पर निर्देश भी जारी कर दिये गये हैं। राज्य शासन के अधीन सिविल सेवा के पदों पर एक जनवरी 2005 को या उसके बाद नियुक्त होने वाले शासकीय सेवकों पर अंशदायी पेंशन योजना (एनपीएस) लागू है। इसमें शासकीय सेवकों के वेतन से कर्मचारी अंशदान एवं शासकीय अंशदान संबंधित के परमानेंट रिटायरमेंट अकाउंट नम्बर (प्रान) में जमा किया जाता है। ऐसे शासकीय कर्मचारी, जो प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ हैं और उनके अंशदान उनके प्रान में जमा नहीं हुए है, ऐसे प्रकरणों में मिसिंग क्रेडिट (गुमसुदा कटौत्री) की समस्या होती है। गुमशुदा कटौत्री की समस्या के समाधान के लिए संचालनालय कोष एवं लेखा ‌द्वारा आईएफएमआईएस में सुविधा विकसित की गयी है। ऐसे शासकीय सेवक, जो प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ है, उनके अंशदान के चालानों का विवरण कोषालय अधिकारी द्वारा आईएफएमआईएस में भरा जायेगा एवं रिफण्ड देयक तैयार कर अंशदान जमा करने की कार्यवाही की जाएगी। वरिष्ठ कोषालय अधिकारी वल्लभ भवन राजीव सिंह पवैया ने बताया कि वल्लभ कोषालय द्वारा जो भी प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ शासकीय सेवक जिनके ‌द्वारा चालान भारतीय स्टेट बैंक की टी.टी.नगर, जहांगीराबाद,एम.पी.नगर, पंचानन, एवं बरखेड़ी की शाखाओं में जमा किये जायेगे उनका चालान का सत्यापन बल्लभ भवन कोषालय सतपुड़ा भवन द्वारा किया जायेगा। इसके साथ ही प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ शासकीय सेवक जिनके ‌द्वारा चालान स्टेट बैंक शाखा विन्ध्याचल, शिवाजी नगर, एच.ई.टी. एस.एम.ई. गोविन्दपुरा, महावीर नगर, हबीबगंज शाखा में जमा किए गये है, वह शासकीय सेवक विन्ध्याचल कोषालय, विन्ध्याचल भवन में उपस्थित होकर चालान का सत्यापन करा सकते हैं।   recent visitors 27

दरा घाटी जाम की समस्या के समाधान के लिए भजनलाल सरकार ने स्वीकृत किए 46 करोड़ रुपये

राजस्थान राजस्थान के झालावाड़-कोटा मार्ग पर दरा घाटी में लगने वाले भारी ट्रैफिक जाम से हजारों लोग प्रभावित होते हैं। कई बार इस जाम में फंसने से लोगों की जान तक जा चुकी है। अब मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सरकार ने इस समस्या के समाधान के लिए 46 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। झालावाड़ जिले की खानपुर विधानसभा से कांग्रेस विधायक सुरेश गुर्जर ने विधानसभा में यह मुद्दा उठाया था। उन्होंने कहा था कि रोजाना 50,000 से अधिक लोग इस मार्ग से गुजरते हैं, जिनमें से हजारों लोग 3-4 घंटे तक जाम में फंसे रहते हैं। इस पर राज्य सरकार की ओर से पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने जवाब दिया और कहा कि दरा घाटी में यातायात समस्या का स्थायी समाधान किया जाएगा। कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर साधा निशाना विधायक सुरेश गुर्जर ने भाजपा सरकार को घेरते हुए कहा कि डबल इंजन की सरकार ट्रैफिक जाम से राहत नहीं दिला पा रही। उन्होंने कहा कि यह सड़क लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया, ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर और मंत्री मदन दिलावर के विधानसभा क्षेत्रों से जुड़ी है, फिर भी समाधान में देरी हो रही है। मंत्री मदन दिलावर का जवाब मदन दिलावर ने कहा कि “बेहतर यातायात व्यवस्था और सड़क सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है। नेशनल हाईवे 52 के दरा नाल क्षेत्र में बढ़ते ट्रैफिक दबाव के कारण जाम की गंभीर समस्या बनी हुई है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इसके स्थायी समाधान के लिए 46 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है। जल्द ही इस क्षेत्र में निर्माण कार्य शुरू होगा, जिससे जनता को राहत मिलेगी। recent visitors 23

इन 4 आदतों की वजह से हमेशा पीछे रह जाते हैं लोग, जीवन में कभी नहीं मिलती सफलता

भारत के इतिहास में एक से बढ़कर एक ज्ञानी पुरुष हुए इन्हीं में से एक थे आचार्य चाणक्य, जिनकी नीतियां इतनी प्रसिद्ध हैं कि आज भी लोग अपने जीवन को सुंदर और सरल बनाने के लिए इनका पालन करते हैं। जीवन का ऐसा कोई भी पहलू नहीं है जिसके बारे में आचार्य चाणक्य ने अपनी नीतियों में जिक्र ना किया हो। युद्ध के मैदान से लेकर गृहस्थ जीवन की बारीकियों को समझाने के लिए, आचार्य ने कई नीतियां गढ़ीं। अपनी इन्हीं नीतियों में उन्होंने कुछ ऐसी आदतों का भी जिक्र किया है, जो किसी भी व्यक्ति की तरक्की में बाधा बन सकती है। आचार्य की मानें तो अपनी इन्हीं आदतों की वजह से एक व्यक्ति अपने जीवन में कभी भी सफल नहीं हो पाता। तो चलिए आज उन्हीं आदतों के बारे में जानते हैं। अपने मन पर नियंत्रण ना रख पाना जिस व्यक्ति का अपने मन पर कंट्रोल नहीं होता है, उसे जीवन में कभी भी सफलता नहीं मिल सकती। आचार्य चाणक्य की नीति में इससे जुड़ा एक श्लोक भी है – "अनवस्थित यस्य न जने न वने सुखम्, जनो दहति संसर्गात् वनं संगविवर्जनात।" जिसका मतलब है कि जिसका मन अशांत है उसे कहीं भी सुख नहीं मिलता, ऐसे में वो दर बदर भटकता ही रहता है। चाणक्य नीति के अनुसार जो व्यक्ति अपने मन पर नियंत्रण नहीं कर पाता है, उसका किसी भी कार्य में मन नहीं लगता है। ऐसे में सफलता उससे कोसों दूर भागती है। नकारात्मक सोच भी है तरक्की में बाधा किसी भी व्यक्ति की सोच का प्रभाव उसके कार्य और जीवन पर भी पड़ता है। जो व्यक्ति सकारात्मक सोच रखता है, उसके जीवन में भी पॉजिटिविटी ही रहती है। लेकिन जिस व्यक्ति की सोच नकारात्मक होती है, उसे अपने जीवन में भी नकारात्मकता का ही सामना करना पड़ता है। ऐसे लोगों को कभी भी सफलता नहीं मिलती और उनके बनते हुए काम भी बिगड़ने लगते हैं। हमेशा पास्ट में अटके रहना भी है नेगेटिव जीवन में सफल होने के लिए बीती बातों को भुलाकर आगे बढ़ना बहुत जरूरी है। जो लोग अपने पास्ट में ही अटके रहकर खुद को कोसते रहते हैं, वो जीवन में कभी भी आगे नहीं बढ़ पाते। आचार्य चाणक्य के अनुसार बीती बातों या असफलताओं से सबक लेकर, जीवन में आगे बढ़ना चाहिए और नए सिरे से नई शुरुआत करनी चाहिए। सफलता का यही मूल मंत्र है। पास्ट की नेगेटिव बातों को सोचने से प्रेजेंट पर भी नेगेटिव असर पड़ता है। जिनमें होती है आत्मविश्वास की कमी जीवन में सफलता तभी मिलेगी, जब आपको खुद पर यकीन होगा। जिस व्यक्ति को खुद पर ही विश्वास नहीं होगा, वो जीवन में कभी भी सफल नहीं हो सकता। ये कहना गलत नहीं होगा कि सफल होने के लिए आत्मविश्वास का होना जरूरी है। आचार्य चाणक्य के अनुसार जिस व्यक्ति में आत्मविश्वास की कमी होती है, उसे सफलता तो दूर समाज में मान-सम्मान भी नहीं मिलता है। recent visitors 33

गर्माहट के बीच जेलेंस्की ने ट्रंप को कहा शुक्रिया, पर माफी मांगने से किया इनकार; खाली हाथ लौटना पड़ा

वाशिंगटन अमेरिका के राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप और यूक्रेन के राष्‍ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के बीच व्‍हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में तीखी बहस हुई. इसके बाद अब ये सवाल उठ रहा है कि लगभग 3 साल से चल रहा रूस-यूक्रेन युद्ध का क्‍या होगा? क्‍या यूक्रेन, बिना अमेरिका की मदद के रूस के सामने टिका रह सकता है? यूक्रेन को अभी यूरोपीय देशों का साथ मिल रहा है, क्‍या इनके दम पर वोलोदिमीर जेलेंस्की युद्ध में खड़े रह पाएंगे? रूस आखिर क्‍यों यूक्रेन के साथ अब समझौते को तैयार हो गए हैं? इन सभी सवालों के जवाब हमें आने वाले समय में मिल जाएंगे, लेकिन ट्रंप और जेलेंस्की के बीच इतनी दूरियां क्‍यों आती जा रही है… आखिर, क्‍यों सत्‍ता बदलते ही अमेरिका का नजरिया रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर बदल गया है? आइए जानते हैं… क्‍या यहीं तक था यूक्रेन और अमेरिका का साथ? अभी तक सिर्फ ऐसी अटकलें लग रही थीं कि ट्रंप और जेलेंस्की में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है, लेकिन अब ये जगजाहिर हो गया है. ओवल ऑफिस में बैठक के दौरान हुई गरमागरम बहस के बाद अमेरिका-यूक्रेन के बीच का मनमुटाव साफ हो गया है. पिछले दिनों ट्रंप द्वारा जेलेंस्की को 'तानाशाह' कहे जाने के बाद हुई इस बैठक में दोनों के बीच तनाव इस कदर बढ़ा कि जेलेंस्की बैठक के लिए तय समय से पहले ही यूएस-यूक्रेन के लिए महत्वपूर्ण खनिज सौदे पर हस्ताक्षर किए बिना व्हाइट हाउस से चले गए. ट्रंप के साथ तीखी बहस के बाद जेलेंस्‍की ने कहा कि उनका मानना ​​है अमेरिका के साथ यूक्रेन के रिश्‍तों को बचाया जा सकता है. 'उसी हाथ को काट रहे…' रूस की सिक्योरिटी काउंसिल के उपाध्यक्ष मेदवेदेव ने टेलीग्राम पर पोस्ट किया, "ओवल ऑफिस में क्रूर तरीके से पिटाई की गई." रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया ज़खारोवा ने कहा कि यह चमत्कार था कि ट्रंप और वेंस ने बहस के दौरान ज़ेलेंस्की पर हमला करने से खुद को रोक लिया, जिसे दुनिया भर के समाचार चैनलों पर प्रसारित किया गया. उन्होंने कहा कि ज़ेलेंस्की उसी हाथ को काट रहे थे, जिसने उन्हें खिलाया था. रूस ने लंबे वक्त से ज़ेलेंस्की को एक अस्थिर और आत्म-मुग्ध अमेरिकी कठपुतली के रूप में चित्रित किया है. ज़ेलेंस्की ने उस कैरेक्टर को खारिज कर दिया है, उन्होंने कहा कि वह यूक्रेन के सहयोगियों की मदद से रूस से अपने देश की रक्षा करने के लिए वह सब कुछ कर रहे हैं, जो वह कर सकते हैं. 'चुनाव के बिना तानाशाह…' मॉस्को और वॉशिंगटन के बीच तेजी से हो रहे मेल-मिलाप से यूक्रेन और उसके यूरोपीय सहयोगी चिंतित हो गए हैं, जिन्हें डर है कि ट्रंप और राष्ट्रपति पुतिन एक ऐसा सौदा कर सकते हैं, जो उन्हें दरकिनार कर देगा और उनकी सुरक्षा को कमजोर कर देगा. पुतिन ने बार-बार कहा है कि ज़ेलेंस्की वैध नेता नहीं हैं क्योंकि उनका पांच साल का कार्यकाल पिछले साल खत्म हो गया था. यूक्रेन चुनाव कराने में असमर्थ रहा है क्योंकि फरवरी 2022 में युद्ध छिड़ने के बाद से यह मार्शल लॉ के अधीन है. ट्रंप ने पिछले हफ्ते पुतिन के बयान को दोहराते हुए ज़ेलेंस्की को 'चुनाव के बिना तानाशाह' बताया. व्हाइट हाउस में ट्रंप और ज़ेलेंस्की के बीच टकराव ने यूक्रेनी नेता को तीन साल के युद्ध में पहले से कहीं ज़्यादा उजागर कर दिया है, जिसके दौरान उनका देश ट्रंप के पूर्ववर्ती जो बाइडेन द्वारा आपूर्ति की गई सहायता और हथियारों पर बहुत अधिक निर्भर रहा है. क्रेमलिन के पूर्व सलाहकार सर्गेई मार्कोव ने कहा कि ओवल ऑफिस में टकराव से ज़ेलेंस्की के सियासी सफर के आखिरी में तेजी आने की संभावना है. कुछ रूसी अधिकारी कुछ समय से यह देखना चाहते थे, क्योंकि उनका मानना ​​था कि किसी और के साथ शांति समझौता करना आसान होगा. रूस के संसद के ऊपरी सदन के उपाध्यक्ष कोंस्टेंटिन कोसाच्योव ने कहा कि गहमागहमी के बाद ज़ेलेंस्की को पहचाना जा चुका है, उनका असली रंग उजागर हो चुका है. recent visitors 40

राज्य बाल संरक्षण आयोग की एक दिवसीय कार्यशाला 3 मार्च को

राज्य बाल संरक्षण आयोग की एक दिवसीय कार्यशाला 3 मार्च को मुख्यमंत्री डॉ. यादव करेंगे शुभारंभ भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सोमवार को मध्यप्रदेश राज्य बाल संरक्षण आयोग की एक दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ करेंगे। सोमवार 3 मार्च 2025 को कुशाभाऊ ठाकरे अन्तर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में बच्चों के शिक्षा के अधिकार, पॉक्सो एवं किशोर न्याय अधिनियम पर आधारित इस कार्यशाला में महिला बाल विकास मंत्री सुनिर्मला भूरिया विशेष रूप से उपस्थित रहेंगी। कार्यशाला में सभी जिलों के महिला बाल विकास, शिक्षा, जनजातीय कल्याण एवं गृह विभाग के अधिकारी, बाल कल्याण समिति, किशोर न्याय बोर्ड एवं सामाजिक संगठनों के सदस्य उपस्थित रहेंगे।   recent visitors 33

22 साल बाद खत्म हुआ Skype का शानदार सफर, माइक्रोसॉफ्ट ने बताया क्यों लिया गया ये फैसला?

मुंबई माइक्रोसॉफ्ट ने एक बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने अपने वीडियो कॉलिंग प्लेटफॉर्म Skype को बंद करने का फैसला लिया है। आने वाले कुछ दिनों में यह पॉपुलर वीडियो कॉलिंग ऐप लोगों के डिवाइस से गायब हो जाएगा। इसलिए अगर आप वीडियो कॉलिंग के लिए अगर Skype का इस्तेमाल कर रहे हैं तो अब आपको जल्द ही किसी दूसरे प्लेटफॉर्म स्विच करना होगा। माइक्रोसॉफ्ट ने स्काइप को बंद करने के साथ ही यूजर्स को वीडियो कॉलिंग और दूसरे काम के लिए एक विकल्प भी बताया है। माइक्रोसॉफ्ट की तरफ से घोषणा की गई है कि वह आने वाली 5 मई से Skype को बंद करने जा रहा है। कंपनी ने बताया कि अब वह Microsoft Teams पर फोकस कर रही है और इसे पहले से ज्यादा पॉवरफुल बनाया जा रहा है। इसलिए कंपनी ने स्काइप यूजर्स को Microsoft Teams के रूप में एक विकल्प भी दिया है। Skype यूजर्स को मिला विकल्प बता दें कि अगर आप स्काइप से Microsoft Teams में स्विच करते हैं तो आपके अपने डेटा को शिफ्ट करने का भी ऑप्शन होगा। कंपनी की तरफ से जब से Microsoft Teams को लॉन्च किया गया है वह स्काइप यूजर्स को इसमें शिफ्ट होने की रिक्वेस्ट कर रही है। कंपनी के मुताबिक Microsoft Teams में वे सभी फीचर्स मौजूद हैं जो स्काइप में मिलते हैं। लेकिन, टीम्स पर कई ऐसे फीचर्स भी हैं जो स्काइप में नहीं मिलते। 2003 में लॉन्च हुआ था Skype आपको याद दिला दें कि Skype को 2003 में लॉन्च किया गया था। साल 2011 में इसे माइक्रोसॉफ्ट की तरफ से खरीद लिया गया था। कई वर्षों तक यह वीडियो कॉलिंग के लिए एक प्रमुख ऐप रहा है। हालांकि माइक्रोसॉफ्ट ने धीरे-धीरे इससे कई सारे फीचर्स को हटा दिया है। कंपनी  की तरफ से साल 2015 में स्काइप को  Windows 10 में इंटीग्रेट करने की भी कोशिश की थी लेकिन नौ महीने बाद ही यह बंद हो गया था। माइक्रोसॉफ्ट ने साल 2017 में वीडियो कॉलिंग और ऑफिशियल वर्क के लिए Teams को लॉन्च किया था। कंपनी इसे लगातार अपडेट कर रही है और नए-नए फीचर्स जोड़ रही है। अब कंपनी ने 22 साल बाद Skype को पूरी तरह से बंद करने का फैसला ले लिया है। recent visitors 51

अफ्रीका को 180 का टारगेट, ढेर हुई इंग्लैंड, चैंपियंस ट्रॉफी में ग्रुप-बी में सेमीफाइनल की जंग काफी रोचक

नई दिल्ली चैंपियंस ट्रॉफी-2025 में ग्रुप-बी में सेमीफाइनल की जंग काफी रोचक गई है। इंग्लैंड की टीम पहले इससे बाहर है। एक जगह के लिए साउथ अफ्रीका और अफगानिस्तान के बीच टक्कर है। साउथ अफ्रीका का सामना आज इंग्लैंड से है और इस मैच के बाद साफ हो जाएगा कि कौनसी टीम सेमीफाइनल में पहुंचेगी। कराची के नेशनल स्टेडियम में दोनों टीमे टकराएंगी। 179 रनों पर ढेर इंग्लैंड इंग्लैंड की टीम 179 रनों पर ही ढेर हो गई। इंग्लैंड के लिए कोई भी बल्लेबाज बड़ा पारी नहीं खेल सका। जो रूट ने सबसे ज्यादा 37 रनों की पारी खेली। साउथ अफ्रीका के लिए वियान मुल्डर और मार्को यानसेन ने तीन-तीन विकेट लिए। recent visitors 43