केंद्र और राज्य सरकार की 1,200 योजनाओं में से 1,100 में डीबीटी सिस्टम के जरिए लोगों तक लाभ पहुंच रहा: वित्त मंत्री

नई दिल्ली वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की 1,200 योजनाओं में से 1,100 में डायरेक्टर बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) सिस्टम के जरिए लोगों तक लाभ पहुंच रहा है। वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि डीबीटी से यह सुनिश्चित होता है कि धनराशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में स्थानांतरित हो, जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो और देरी कम हो। राष्ट्रीय राजधानी में 49वें सिविल लेखा दिवस समारोह में बोलते हुए मंत्री ने कहा, "अब हर चीज के लिए सीधे भुगतान किया जा रहा है और इसमें कोई बिचौलिया नहीं है और किसी अजन्मे बच्चे को भत्ता नहीं मिल रहा है।" वित्त मंत्री ने कहा कि धनराशि प्राप्त करने वाले प्रत्येक व्यक्ति के पास बायोमेट्रिक सत्यापित खाता होता है, जिसमें धनराशि ट्रांसफर की जाती है। उन्होंने आगे कहा, "सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (पीएफएमएस) ने डीबीटी को सुव्यवस्थित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।" वित्त मंत्री ने कहा कि यह प्रणाली सरकार को यह सुनिश्चित करने में सक्षम बनाती है कि धनराशि बिना किसी अनियमितता के सही लाभार्थियों तक पहुंचे। वित्त मंत्री ने आगे कहा कि पीएफएमएस वर्तमान में लगभग 60 करोड़ लाभार्थियों को सेवा प्रदान करता है, जिससे यह दुनिया में अपनी तरह की सबसे बड़ी वित्तीय प्रबंधन प्रणाली बन गई है। इसके संपूर्ण डिजिटलीकरण फीचर ने वित्तीय प्रशासन को मजबूत किया है और फंड वितरण में जवाबदेही बढ़ाई है। उन्होंने आगे कहा कि पीएफएमएस ने 31 राज्य कोषागारों और 40 लाख से अधिक कार्यक्रम कार्यान्वयन एजेंसियों के साथ काम करते हुए राज्यों की वित्तीय प्रणालियों को जोड़ा है। वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा, "अपने व्यापक नेटवर्क के साथ, यह प्रणाली यह सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है कि सरकारी धन का प्रभावी ढंग से उपयोग किया जाए और उन लोगों तक पहुंचे जिन्हें इसकी सबसे अधिक आवश्यकता है।" Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 51

तेंदुए की मूवमेंट से कई दिनों से खेतों में काम करने वाले किसान भयभीत, कड़ी मशक्कत के बाद पिंजरे में कैद

धार मध्य प्रदेश के धार जिले के ग्राम रेहडदा में एक खूंखार तेंदुआ कड़ी मशक्कत के बाद आखिर पिंजरे में कैद हो गया। जिसके बाद क्षेत्र के लोगों ने राहत की सांस ली है। तेंदुए की मूवमेंट से कई दिनों से खेतों में काम करने वाले किसान भयभीत थे। जिसके बाद वन विभाग ने आज योजना बनाई, इसके बाद तेंदुआ को पकड़ लिया गया। बीते कई दिनों से वन परिक्षेत्र गंधवानी के ग्राम रेहडदा गांव और इसके आसपास के इलाके में तेंदुआ घूम रहा था। जिससे खेतों में काम करने वाले लोगों को खेत में जाने से डर लगता था। जिसके बाद इसकी शिकायत वन विभाग से की गई। फिर वन विभाग पिंजरा लेकर आए। इसके बाद आज तेंदुआ पिंजरे में आ गया। इस खबर के फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे। वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर पिंजरे में कैद तेंदुए को ट्रैक्टर ट्राली में रखा। इसके बाद सुरक्षित क्षेत्र के जंगल में छोड़ा गया। वन विभाग के रेंजर वैभव उपाध्याय ने बताया कि, तेंदुए को पूरी सावधानी के साथ जंगल में छोड़ा गया है। तेंदुए के पकड़े जाने से क्षेत्र के ग्रामीण राहत की सांस ली। अब वे निडर होकर अपने खेतों में काम कर सकेंगे। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 23

खजुराहो के शिल्पग्राम में आयोजित हुआ राष्ट्रीय लोक नृत्य महोत्सव

खजुराहो दक्षिण मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र नागपुर संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार द्वारा पर्यटन नगरी खजुराहो के शिल्पग्राम के मुक्तकाशी मंच पर राष्ट्रीय लोक नृत्य महोत्सव का आयोजन हुआ जिसमें देश के आठ राज्यों के लगभग 100 लोक नृतको से अधिक कलाकारो ने अपनी रंगारंग प्रस्तुति प्रदान की  । आज के इस शुभारंभ अवसर पर नगर परिषद खजुराहो के अध्यक्ष अरुण कुमार (पप्पू) अवस्थी, उपाध्यक्ष प्रतिनिधि आसाराम पाल, पार्षद गौरव सिंह बघेल एवं रवि नायक, समाज सेवी संजीव शुक्ला एवं रविंद्र पाठक तथा डॉक्टर अजीत सिंह जादौन ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया, कार्यक्रम में आए हुए अतिथियों का नागपुर ऑफिस से आए अमित सोरते एवं प्रवीण मानकर के अलावा खजुराहो शिल्पग्राम से भूपेंद्र सिंह के द्वारा अतिथियों का पुष्प गुच्छ देकर एवं सॉल श्रीफल के द्वारा सम्मान किया गया । खजुराहो के शिल्पग्राम में लंबे समय बाद राष्ट्रीय लोक नृत्य महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है जो प्रतिदिन शाम 6:00 बजे से आयोजित होगा, इस चार दिवसीय महोत्सव में 8 राज्यों के लोक कलाकार एवं स्थानीय कलाकार समूह द्वारा विविध पारंपरिक  नृत्यों की रंगारंग प्रस्तुतियां प्रदान की गई इस अवसर पर बड़ी संख्या में कला रसिक प्रेमी और देसी तथा विदेशी पर्यटक उपस्थित रहे । इस लोक नृत्य महोत्सव में प्रमुख रूप से सिद्धि धमाल नृत्य (गुजरात) ढोलू कुनिथा नृत्य (कर्नाटक), थपेटू गुल्लू नृत्य (आंध्र प्रदेश), रौफ/ बाचा नगमा नृत्य (जम्मू कश्मीर), तेराताली/ घूमर नृत्य (राजस्थान), छत्तीसगढ़ का पंडवानी गायन  तथा मध्य प्रदेश के बधाई एवं नौरता नृत्य, कछियाई गायन, बुंदेली रितु गीत, दिवारी नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियां मुक्तकाशी मंच के माध्यम से प्रदान की गई जिनका उपस्थित भारी संख्या में उपस्थित कला रासिक प्रेमियों ने तालीयां बजाकर स्वागत किया । Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 42

डोनाल्ड ट्रंप और जेलेंस्की की तीखी बहस से पुतिन के सहयोगी खुशी से झूमे, फिदा हुई रूसी मीडिया

मॉस्को व्हाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस के साथ यूक्रेनी प्रेसिडेंट वोलोदिमिर जेलेंस्की की तीखी बहस को रूसी मीडिया एक 'अच्छी खबर' के तौर पर देख रहा है। वहीं रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के सहयोगी भी इससे बहुत खुश हैं। रूसी सुरक्षा परिषद के उप प्रमुख और पूर्व राष्ट्रपति दिमित्री मेदवेदेव, ने टेलीग्राम पर लिखा कि यूएस प्रेसिडेंट ने यूक्रेन को 'कड़ा तमाचा' जड़ा है हालांकि यह नाकाफी है – हमें नाजी मशीन (जेलेंस्की सरकार) की सैन्य सहायता बंद करनी होगी। राज्य-नियंत्रित मीडिया आउटलेट आरटी ने ट्रम्प-जेलेंस्की की बैठक को लेकर एक्स पर लिखा: "जेलेंस्की अपने दोनों पैरों के बीच हाथ रखकर बैठे हैं, जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति उन पर निशाना साध रहे हैं।" रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा के मुताबिक यह 'चमत्कार' ही था कि ट्रंप और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, किसी तरह जेलेंस्की पर हमला करने से खुद को रोक पाए। उन्होंने टेलीग्राम पर लिखा, "मुझे लगता है कि जेलेंस्की का सबसे बड़ा झूठ व्हाइट हाउस में उनका यह दावा था कि 2022 में कीव शासन अकेला था, बिना किसी समर्थन के।" इस बीच, रूसी प्रत्यक्ष निवेश कोष के प्रमुख किरिल दिमित्रिएव ने ओवल ऑफिस में हुई तीखी नोकझोंक को 'ऐतिहासिक' बताया। दिमित्रिएव 18 फरवरी को सऊदी अरब में आयोजित रूसी-अमेरिकी वार्ता में मास्को के वार्ताकारों में से एक थे। व्हाइट हाउस में हुई ट्रंप-जेलेंस्की नोकझोंक के बाद जहा अधिकांश यूरोपीय नेताओं ने जेलेंस्की और यूक्रेन का समर्थन किया वहीं हंगरी के प्रधानमंत्री विक्टर ओर्बन ट्रंप की तारीफ करते नजर आए। पुतिन के दोस्त ओर्बन के मुताबिक ट्रंप 'शांति के लिए बहादुरी से खड़े हैं। भले ही कई लोगों के लिए इसे पचाना मुश्किल हो।' उन्होंने एक्स पर लिखा, "शक्तिशाली लोग शांति कायम करते हैं, कमजोर लोग युद्ध करते हैं।" रूस की अंतर्राष्ट्रीय मानवीय सहयोग एजेंसी के प्रमुख येवगेनी प्रिमाकोव ने टेलीग्राम पर लिखा, "हर किसी ने सबकुछ देखा। मैं सिर्फ इस ओर ध्यान आकर्षित करना चाहता हूं कि कीव शासन की प्रकृति क्या है: उकसावा, खूनी उकसावा। अभी जेलेंस्की और उनके सहयोगी उकसावे में रुचि रखते हैं, जिससे शांतिपूर्ण नागरिकों की सामूहिक मृत्यु हो सकती है, कुछ ऐसा जो पहले कभी न हुआ हो।" इससे पहले शुक्रवार को ओवल ऑफिस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उप-राष्ट्रपति जे.डी. वेंस के साथ राष्ट्रपति जेलेंस्की की मुलाकात एक शोरगुल वाली तीखी बहस में बदल गई। अमेरिकी नेताओं ने जेलेंस्की पर उनकी टिप्पणियों के लिए व्हाइट हाउस और अमेरिका का अनादर करने का आरोप लगाया। वहीं यूक्रेनी राष्ट्रपति ने उन पर आक्रमण का शिकार होने की हताशा को महसूस नहीं करने का आरोप लगाया। दोनों पक्षों ने एक समझौते पर हस्ताक्षर नहीं किए। इस समझौते का उद्देश्य कीव के युद्ध प्रयासों में किए मदद के लिए यूक्रेन के दुर्लभ खनिज और अन्य प्राकृतिक संसाधनों के भंडार पर अमेरिका का अधिकार स्थापित करना था। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 53

सेना का हथियार बना डीआरडीई में तैयार हुआ ऑटोमैटिक केमिकल एजेंट डिटेक्टर अलार्म, DRDE को 223 यूनिट का ऑर्डर

ग्वालियर ग्वालियर में स्थित देश के रक्षा संस्थान DRDO की DRDE लैब ने रक्षा क्षेत्र में एक बड़ा कदम बढ़ाया है। आगामी समय में न्यूक्लियर, जैविक और रासायनिक युद्ध का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। इस तरह के युद्ध का खतरा होने पर अलर्ट करने और अधिक से अधिक बचाव के लिए ग्वालियर के साइंटिस्ट डॉ. सुशील बाथम की टीम ने 'ACADA' (ऑटोमेटिक केमिकल एजेंट डिटेक्टर और अलार्म) विकसित किया है। ये उपरकण आयन मोबिलिटी स्पेक्ट्रोमेट्री के सिद्धांत पर काम करता है। यह डिवाइस 'ACADA' हवा में घुले केमिकल के बारीक कणों को भी कैच कर ऑडियो और वीडियो रूप में अलर्ट जारी करेगा। भारत इस डिवाइस को स्वदेशी तकनीक से विकसित करने वाला दुनिया का चौथा देश बन गया है। आपको बता दें हाल ही में भारतीय सेना और वायु सेना ने 'ACADA' की 223 यूनिट की खरीद के लिए ऑर्डर दिया है। यह डील लगभग 80 करोड़ रुपये में हुई है। आत्मनिर्भर भारत और स्वदेशी रूप से डिजाइन, विकसित और निर्मित नीति की दिशा में डीआरडीई, ग्वालियर का बड़ा योगदान सामने आया है। DRDE के साइंटिस्ट सुशील बाथम द्वारा विकसित स्वचालित रासायनिक युद्ध डिटेक्टर (ACADA) ऑटोमेटिक केमिकल एजेंट डिटेक्टर और अलार्म सेना में शामिल होने जा रहा है। रासायनिक हमले की स्थिति में जानमाल की हानि कम करने के लिए इसकी तत्काल पहचान आवश्यक है। डिटेक्टर-अलार्म में 80% से ज्यादा स्वदेशी कम्पोनेंट्स इस्तेमाल DRDE के साइंटिस्ट सुशील बाथम द्वारा विकसित स्वचलित रासायनिक युद्ध डिटेक्टर (ACADA) ऑटोमैटिक केमिकल एजेंट डिटेक्टर और अलार्म सेना में शामिल होने जा रहा है। रासायनिक हमले की स्थिति में जानमाल की हानि कम करने के लिए इसकी तत्काल पहचान जरूरी है। रासायनिक हमले की पहचान करने में ACADA अहम भूमिका निभाते हैं। अब तक भारतीय सशस्त्र बलों और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को इन डिटेक्टर को दुनिया भर में उपलब्ध तीन निर्माताओं (अमेरिका-जर्मनी) से आयात करना पड़ता था। स्वदेश में बने डिटेक्टर और अलार्म में 80% से ज्यादा स्वदेशी कम्पोनेंट्स इस्तेमाल हुए हैं। अलार्म में 80 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी घटक का इस्तेमाल रासायनिक हमले की पहचान करने में ACADA एक महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अब तक भारतीय सशस्त्र बलों और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को इन डिटेक्टर को दुनिया भर में उपलब्ध तीन निर्माताओं (अमेरिका-जर्मनी) से आयात करना पड़ता था। स्वदेश में बने डिटेक्टर और अलार्म में 80 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी घटक इस्तेमाल हुए हैं। ग्वालियर DRDE के अधिकारियों ने बताया कि भारत दुनिया में ऐसा चौथा देश है, जिसके पास इस तरह की प्रौद्योगिकी है। स्वदेशी रूप से विकसित किए गए अकाड़ा से जहां देश की सेनाओं और सुरक्षा बलों के अल्पकालिक एवं दीर्घकालिक आवश्यकताओं की पूर्ति होगी। वहीं इसका लंबे समय तक इस्तेमाल, बेहतर रख-रखाव, स्पेयर पार्ट्स/एक्सेसरीज की आपूर्ति आदि सुनिश्चित हो सकेगी। स्वदेशी रूप से विकसित किया गया यह उत्पाद आई-डीडीएम, 'मेक इन इंडिया' और 'आत्म निर्भर भारत' मिशन की दिशा में एक लंबी छलांग है। 2015 में कामयाबी मिली बता दें 'अकाडा' को विकसित करने वाले साइंटिस्ट डॉ. सुशील बाथम मूल रूप से ग्वालियर के रहने वाले हैं। उन्होंने 2010 में 'अकाडा' को विकसित करने पर फोकस किया था। साल 2015 में उनको कामयाबी मिली। डिवाइस बनाने में 25 से 30 लाख रुपये का खर्च आया है। काम के प्रति साइंटिस्ट डॉ. सुशील बाथम की लगन का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि दिसंबर 2022 में वह अपने प्रोजेक्ट के चलते बेंगलुरु में थे। उसी समय परिवार में गमी हो गई थी। ऐसे में वह अंत्येष्टि कार्यक्रम में नहीं आ सके थे। बाद में सिर्फ कुछ घंटों के लिए आए और वापस प्रोजेक्ट पर काम करने चले गए। डिटेक्टर-अलार्म में 80% से ज्यादा स्वदेशी कम्पोनेंट्स इस्तेमाल DRDE के साइंटिस्ट सुशील बाथम द्वारा विकसित स्वचलित रासायनिक युद्ध डिटेक्टर (ACADA) ऑटोमैटिक केमिकल एजेंट डिटेक्टर और अलार्म सेना में शामिल होने जा रहा है। रासायनिक हमले की स्थिति में जानमाल की हानि कम करने के लिए इसकी तत्काल पहचान जरूरी है। रासायनिक हमले की पहचान करने में ACADA अहम भूमिका निभाते हैं। अब तक भारतीय सशस्त्र बलों और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को इन डिटेक्टर को दुनिया भर में उपलब्ध तीन निर्माताओं (अमेरिका-जर्मनी) से आयात करना पड़ता था। स्वदेश में बने डिटेक्टर और अलार्म में 80% से ज्यादा स्वदेशी कम्पोनेंट्स इस्तेमाल हुए हैं। भारत, दुनिया का चौथा देश जिसके पास इस तरह की तकनीक ग्वालियर DRDE के निदेशक डॉ. मनमोहन परीडा ने बताया कि भारत दुनिया में ऐसा चौथा देश है, जिसके पास इस तरह की तकनीक है। स्वदेशी रूप से विकसित किए गए ACADA से जहां देश की सेनाओं और सुरक्षा बलों की अल्पकालिक एवं दीर्घकालिक जरूरतें पूरी होंगी, वहीं इसका लंबे समय तक इस्तेमाल, बेहतर रखरखाव, स्पेयर पार्ट्स/एक्सेसरीज की आपूर्ति भी सुनिश्चित हो सकेगी। स्वदेशी रूप से विकसित किया गया यह उत्पाद आई-डीडीएम, 'मेक इन इंडिया' और 'आत्म निर्भर भारत' मिशन की दिशा में एक लंबी छलांग है। डॉ. बाथम का 2010 से ACADA को विकसित करने पर फोकस ACADA को विकसित करने वाले साइंटिस्ट डॉ. सुशील बाथम मूल रूप से ग्वालियर के रहने वाले हैं। उन्होंने 2010 में इसे विकसित करने पर फोकस किया था। साल 2015 में उन्हें ये कामयाबी मिली। डिवाइस बनाने में 25 से 30 लाख रुपए का खर्च आया है। काम के प्रति साइंटिस्ट डॉ. सुशील बाथम की लगन का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि दिसंबर 2022 में वह अपने प्रोजेक्ट के चलते बेंगलुरु में थे। उसी समय परिवार में गमी हो गई थी। ऐसे में वह अंत्येष्टि कार्यक्रम में नहीं आ सके। बाद में सिर्फ कुछ घंटों के लिए आए और वापस अपने प्रोजेक्ट पर लग गए।   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी … Read more

अक ,धतूरे के साथ अंदर की बुराइयां भी अर्पण करें -ब्रह्माकुमारी साधना दीदी

इंदौर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय सेंधवा2 द्वारा  महाशिवरात्रि पर्व बड़े हर्ष उल्लास के साथ मनाया गया ।  मारवाड़ी सोशल ग्रुप की महिला मंडल अध्यक्ष बहन सन्ध्या तायल, इंजीनियर परेश पालिवालजी, एडवोकेट संजय मोरे,ब्रह्माकुमारीज की सेंधवा  प्रभारी बीके छाया दीदी तथा शहर के गणमान्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन कर उद्घाटन किया गया।शिव का सत्य परिचय लिये कुमारी एंजल ने स्वागत डांस किया।ब्रह्माकुमारी  साधना दीदी ने शिवरात्रि काआध्यात्मिक रहस्य बताते हुए कहा कि शिवरात्रि अर्थात परमात्मा कलयुग रूपी घोर अज्ञान अंधकार की रात में धरा पर आकर आत्म जागृति द्वारा अज्ञान अंधकार को नष्ट करते हैं। परमात्मा शिव निराकर ज्योति बिंदु स्वरूप है जो ब्रह्मा, विष्णु, शंकर के भी रचयिता है इसीलिए उन्हें त्रिमूर्ति कहां जाता है, शिव परमात्मा ज्योति बिंदु स्वरूप है  इसलिए हम ज्योतिर्लिंग की पूजा करते हैं। वह जन्म मरण रहित, निराकार और अशरीरी, देवों के भी देव महादेव है। शिवरात्रि पर क्रोध रूपी धतूरा, दोहरा व्यक्तित्व रूपी आंकड़े का फूल एवं अभिमान व व्यसन रूपी गांजा भांग भगवान भोलेनाथ पर चढ़ाने से मनकामनेश्वर भोलेनाथ प्रसन्न होते हैं ना कि स्थूल  चीजो से।हमे भगवान के ऊपर अक धतूरे के स्थान पर अपने अंदर की बुराइयों को अर्पण कर अपने जीवन को निर्मल बनाना ही शिवरात्रि की सार्थकता है!परेश पालीवाल जी  ने शिवरात्रि की शुभकामना देते हुए कहां कि वर्तमान परिवेश में व्यक्ति सुख ,शांति ढूंढने के लिए बाहर ज्यादा भाग रहा है लेकिन मैंने अपने जीवन के अनुभव से देखा कि सच्चा सुख धन दौलत व भौतिकता में नहीं है आंतरिक जगत में भीतर जाने से ही सच्चा सुख शांति  की अनुभूति होगी।  मेने कोई भी परिस्थिति हो मुझे खुश रहना है, यह पाठ ब्रह्माकुमारी बहनों से सीखा है।  ऐसे आयोजनों से नई जागृति आती है ऐसे कार्यक्रमों का हिस्सा समाज को जरूर बनना चाहिए।  अन्य आए हुए सभी मंचासीन  अतिथियों द्वारा भी महाशिवरात्रि महापर्व की शुभकामनाएं दी गई एवं संस्था द्वारा बताये ईश्वरीय ज्ञान व राजयोग के कार्यक्रम की प्रशंसा की।छाया दीदी ने सभी कक खुशखबरी सुनाते हुए कहा कि अब कुछ ही वर्षो में इस पृथ्वी पर देवी दुनिया आएगी, जहाँ सुख शांति आनन्द प्रेम होगा। ऐसा संसार की स्थापना परमात्मा आकर करते हैं। छाया दीदी ने बताया कि शिव के साथ रात्रि शब्द लगाया जाता है, इसका अर्थ है चारो ओर दुख अशांति रूपी अंधियारा छाया हुआ है, ऐसे समय शिवजी इस धरा पर अवतरण लेते हैं। क्योंकि रात्रि के बाद दिन आता है रात्रि सदाकाल नही रहती ऐसी प्रकार दुख अशांति वाली दुनिया का भी अंत अवश्य होना है।ब्रह्माकुमारी रेखा बहन ने संस्था का परिचय देते हुए कहा कि यहाँ बिना किसी भेदभव के कोई भी आकर यहाँ की शिक्षा का निःशुल्क लाभ ले सकता है। कहा कि यह संस्था एक हॉस्पिटल भी है, जहाँ मन की बीमारियों का इलाज होता है। हरीश भाई, संध्या बहन तायल, एडवोकेट संजय मोरे जी ने भी विचार रखें।अंत में शिव ध्वजारोहण कर छाया दीदी ने सभी को आंतरिक मतभेद बुराइयां और व्यसन को मिटाकर स्नेह, प्रेम से रहने की प्रतिज्ञा कराई। सभी अतिथियों को ईश्वरीय सौगात देकर सम्मानित किया गया।अंत में सभी को प्रसाद वितरण किया और सभी ने यहाँ के शिव दर्शन आधात्मिक दर्शनलय का अवलोकन किया। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 25

गूगल ला रहा खुद का स्पैम फाइटिंग शील्ड फीचर , फर्जीवाड़े पर रोक लगाने में मिलेगी मदद

नई दिल्ली गूगल अपना खुद का स्पैम फाइटिंग शील्ड फीचर ला रहा है। यह फीचर गूगल के सभी प्रोडक्ट में रोलआउट किया जा सकता है। इस फीचर की मदद से स्पैम को रोकने में मदद मिलेगी। दरअसल स्पैम रोकने को लेकर लंबे वक्त से गूगल पर दबाव बना हुआ था। ऐसे में गूगल फ्रॉड रोकने का नया सिस्टम विकसित कर रहा है। Android Authority ने गूगल के नए फीचर को स्पॉट किया है। रिपोर्ट के मुताबिक गूगल शील्ड ईमेल कंपनी के ऑटो सिस्टम का पार्ट होगा। यह फीचर उन ऐप्स या स्क्रीन पर शील्ड की तरह काम करेगा, जहां आपके सेव पासवर्ड और यूजरनेम पर ऑटोफिल डिटेल पॉप अप होती है। उदाहरण के लिए जब आप कोई ओटीपी मंगवाते हैं, तो ओटीपी डालने के लिए ऑटोमेटिक सजेशन आता है। हालांकि अब उसकी जगह पर Use Shieled Email का ऑप्शन चुन सकते हैं। लाइव नहीं हुआ है फीचर हालांकि मौजूदा वक्त में नया Use Shielded Email ऑप्शन काम नहीं कर रहा है, लेकिन उस पर टैप करने से कुछ नहीं होता है, क्योंकि यह फीचर अभी लाइव नहीं है, लेकिन इस नए ऑप्शन पर काम बढ़िया तरीके से चल रहा है। जब यह फीचर लाइव हो जाएगा, तो ऐप या वेबसाइट के लिए Apple Hide My Email की तरह एक नया सिंगल-यूज या लिमिटेड-यूज ईमेल एड्रेस जेनरेट करने का ऑफर मिलेगा। डेटा ब्रीच से बचाएगा नया फीचर उस नए एड्रेस पर आपको मिलने वाला कोई भी ईमेल आपके मेन एड्रेस पर ऑटो-फॉरवर्ड हो जाएगा, जो प्राइवेट रहेगा, और आप किसी भी खराब स्पैम से बचने के लिए किसी भी पॉइंट पर फॉरवर्डिंग को रोक सकते हैं। गूगल के नए फीचर से ऐप्स आपको अलग-अलग सर्विसेज पर ट्रैक नहीं कर पाएंगे। यह फीचर आपको कुछ डेटा ब्रीच से बचाएगा, क्योंकि आप अपना प्राइमरी ईमेल नहीं दे रहे हैं। Gmail लाएगा नया क्यूआर कोड वेरिफिकेशन्स सिस्टम कुछ रिपोर्ट में दावा किया जा रहा है कि जीमेल लॉगिन के लिए नया क्यूआर कोड फीचर दिया जा रहा है। यह एक टू-स्टेप QR वेरिफिकेशन प्रॉसेस होगा। दरअसल कंपनी नया 6 डिजिट SMS क्यूआर कोड स्कैनर फीचर ला रहा है। कंपनी की कहना है कि इस क्यूआर कोड वेरिफिकेशन फीचर की वजह से साइबर फ्रॉड को रोकने में मदद मिलेगी। दरअसल जीमेल वेरिफिकेशन की मदद से फोन हैकिंग, सिम स्वैपिंग और फिशिंग जैसे मामलों को अंजाम दिया जा रहा है। नया फीचर SMS कोड वेरिफिकेशन्स की कमियों को दूर करने में मददगार साबित होगा। क्या है Gmail सर्विस? Gmail एक ऑनलाइन ईमेल सर्विस है। यह गूगल ओन्ड मुफ्त सर्विस है, जिसकी मदद से ऑनलाइन ईमेल किये जाते हैं। साथ ही गूगल फोन को एक्टिवेट रखने के लिए जीमेल की जरूरत होती है। अगर जीमेल यूजर की बात करें, तो साल 2019 तक देशभर में करीब 1.5 अरब एक्टिव जीमेल यूजर थे। जीमेल सर्विस में गूगल की तरफ से नए-नए फीचर को रोलआउट किया जा रहा है। जीमेल में एआई सर्विस को रोलआउट किया जा रहा है। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 36