Wednesday, July 8, 2026 5:36 pm

महाकुंभ न पहुंच पाने वालों के लिए MLA ने कई टैंकर में मंगवाया गंगाजल, स्थानीय निवासियों में किया वितरण

जबलपुर अगर आप महाकुंभ में आस्था की डुबकी लगाने से चूक गए हैं तो चिंता मत कीजिए। क्योंकि गंगा मैया खुद संगम से निकलकर जबलपुर पहुंच गई हैं। यह अनोखी पहल की है उत्तर मध्य विधानसभा के विधायक अभिलाष पांडे ने, जिन्होंने प्रयागराज से कई टैंकर में गंगाजल मंगवाकर स्थानीय निवासियों में वितरण किया।   दरअसल, भाजपा विधायक अभिलाष पांडे ने उन परिवारों के लिए गंगाजल मंगवाया है जो किसी कारण महाकुंभ नहीं जा सके। उन्हें पुण्य लाभ देने की कोशिश करते हुए शहर के अलग-अलग क्षेत्र में संगम का गंगाजल बांटा। टैंकर जैसे ही शहर पहुंचे, लोगों ने जगह-जगह स्वागत किया। जिसके बाद बोतलों में भरकर इसे वितरित किया गया। साथ ही घर-घर गंगाजल पहुंचाने की कोशिश भी की। बीजेपी विधायक अभिलाष पांडे ने कहा, “उत्तर मध्य विधानसभा में आस्था की गंगा बहती है। तीर्थराज प्रयागराज के संगम से गंगाजल मंगवाया गया है। सभी नागरिकों तक जल पहुंचाया जा रहा है। आईटीआई चौराहे से जल की अगुआई की गई। करोड़ों श्रद्धालुओं ने महाकुंभ में दर्शन किए। लेकिन जो वहां नहीं पहुंच सके, उनके लिए जल मंगवाया गया है। अगर कम पड़ेगा तो और गंगाजल मंगवाया जाएगा।” recent visitors 23

अब तक मध्यप्रदेश में 10 साल में छह जीआईएस हुई, 30.13 लाख करोड़ के मिले निवेश प्रस्ताव पर 10 प्रतिशत ही हुआ निवेश

भोपाल मध्य प्रदेश में 10 साल में छह ग्लोबल इंवेटर्स समिट (जीआइएस) हुईं, इनमें कुल 30 लाख 13 हजार 41.60 करोड़ रुपये के 13,388 निवेश प्रस्ताव आए थे, लेकिन धरातल पर केवल तीन लाख 47 हजार 891.40 करोड़ रुपये के ही 762 निवेश उतर सके। इस पूंजी निवेश से प्रदेश में दो लाख सात हजार 49 बेरोजगार को रोजगार मिला। अब भोपाल में हुई सातवीं जीआइएस से सरकार को बेहद उम्मीद है। पूर्व के अनुभव को देखते हुए 24-25 फरवरी को भोपाल में हुई ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआइएस) में मिले 26.61 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव में से आधा निवेश भी धरातल पर उतरता है तो मोहन सरकार की मेहनत सफल हो जाएगी। इसे लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रतिमाह दो बार समीक्षा करेंगे। सरकार की कार्ययोजना है कि समयसीमा में निवेश प्रस्ताव क्रियान्वित हों। इसके लिए मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और विभाग के स्तर पर निगरानी की व्यवस्था रहेगी। इधर, रोजगार पोर्टल पर मध्य प्रदेश में 26 लाख से अधिक बेरोजगार पंजीकृत है। सरकार का प्रयास है कि सरकारी नौकरी के साथ निजी क्षेत्र में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तोर पर इन्हें रोजगार मिल सके। इसलिए सरकार हर वो प्रयास कर रही है जिससे रोजगार सृजित हो। मप्र में 25,82,759 बेरोजगार, केवल 2,32,295 आवेदकों को ही मिली नौकरी भले ही प्रदेश में बेरोजगारी दूर करने के लिए राज्य सरकार लगातार प्रयास कर रही हो, बावजूद इसके वर्ष 2024 में प्रदेश में 25 लाख, 82 हजार 759 युवा बेरोजगार रह गए। हालांकि सरकार का दावा है कि इनमें से दो लाख 32 हजार 295 बेरोजगार आवेदकों को रोजगार कार्यालय के माध्यम से निजी क्षेत्र में आफर लेटर प्रदान किए गए, लेकिन आफर लेटर देने के बाद भी सरकार को यह नहीं पता कि बेरोजगार युवा किन कंपनियों में काम कर रहे हैं। वहीं गत चार वर्षों की बात करें तो वर्ष 2021 में रोजगार कार्यालय में 32 लाख 16 हजार 64 बेरोजगार पंजीकृत थे, 2022 में 27 लाख 82 हजार 29 रह गए। वर्ष 2023 में 35 लाख 73 हजार 694 हुए तो वर्ष 2024 में घटकर 25 लाख 82 हजार 759 रह गई हैं। रोजगार का बड़ा माध्यम बन सकता है एमएसएमई सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) का विस्तार सर्वाधिक रोजगार उपलब्ध कराने का माध्यम बन सकता है। इसके लिए सरकार ने एमएसएमई, स्टार्टअप और औद्योगिक भूमि एवं भवन आवंटन नीति बनाई है। 194 औद्योगिक क्षेत्र केवल एमएसएमई के लिए बनाए गए हैं और प्रदेश के एमएसएमई सेक्टर में क्लस्टर बनाए गए हैं। सरकार के अनुसार, तीन लाख 54 हजार एमएसएमई इकाइयों को पंजीकृत किया है। इनमें 18.33 लाख नौकरियां उत्पन्न करने की क्षमता है।   इधर, मध्य प्रदेश से अधिकांश उत्पादों को जीआइ टैग दिलाने भी प्रयास किए जा रहे हैं। इसमें आदिवासियों की पारंपरिक औषधियों, खाद्यान्न और उनकी कलात्मक वस्तुओं को प्राथमिकता दी जाएगी। मध्य प्रदेश के एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) की ब्रांडिंग की जा रही है। इसके लिए अलग से एक सेल गठित किया गया है। recent visitors 53

एम्स भोपाल में एक शोध में सामने आया है कि दो प्रतिशत से अधिक ऐसे लोग ऐसे हो सकते हैं, जिन्हें टीबी की बीमारी है

भोपाल एम्स भोपाल में एक शोध में सामने आया है कि दो प्रतिशत से अधिक ऐसे लोग ऐसे हो सकते हैं, जिन्हें टीबी की बीमारी है, पर उन्हें पता ही नहीं है। यहां छिपी हुई टीबी की बीमारी का पता लगाने के लिए डेड बाडी पर शोध किया गया। शवों में टीबी परीक्षण का देश में यह पहला शोध है। संस्थान के फोरेंसिक मेडिसिन एवं टाक्सिकोलाजी विभाग में मेडिकोलीगल केस (एमएलसी) जैसे खुदकुशी, दुर्घटना आदि में शव परीक्षण के लिए भेजी गईं 743 डेड बाडी को अध्ययन में लिया गया। इनमें 164 के फेफड़े की झिल्ली (प्लूरा) चिपकी हुई थी। रिसर्च के लिए दी थी सहमति यह टीबी की पुरानी बीमारी की मूल पहचान है। शोध के लिए मृतकों के स्वजन ने सहमति दी थी। माइक्रोबायोलाजी लैब में इनके सैंपलों की कल्चर और पीसीआर (पालिमर चेन रिएक्शन) जांच में पता चला कि 11 टीबी से पीड़ित थे। चार अन्य में भी टीबी का बैक्टीरिया (माइकोबैक्टीरियम) मिला, पर वह टीबी से प्रभावित नहीं थे, जिसे नान ट्यूबरकुलस माइकोबैक्टीरियम (एनटीएम) कहा जाता है। 13 प्रतिशत संक्रमित मिले 743 में 11 यानी लगभग डेढ़ प्रतिशत में यह बीमारी मिली, पर यदि चिपकी छाती वाले सभी शवों में पता लगाया जाता तो आंकड़ा दो प्रतिशत से अधिक हो सकता था। चिपके फेफड़े वालों में 82 में 11 यानी 13 प्रतिशत टीबी से संक्रमित मिले। लोगों को पता नहीं उन्हें टीबी है जिन शवों में टीबी का पता चला। वह आमजन से ही दुर्घटना, जहर खाकर खुदकुशी, फांसी अन्य मेडिकोलीगल केस के थे। इससे साफ है कि आम जनसंख्या में भी दो प्रतिशत से अधिक लोग इस बीमारी से पीड़ित होंगे, पर उन्हें पता नहीं है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है संक्रमित पाए गए 11 में से छह को कोई लक्षण नहीं और पांच को पिछले कुछ दिन से हल्की खांसी थी। पीड़ितों में नौ पुरुष और दो महिलाएं थीं, जिनकी उम्र 22 से 65 वर्ष तक थी। यह शोध फरवरी 2025 में फोरेंसिक साइंस इंटरनेशनल में प्रकाशित हुआ है। शोधकर्ताओं का दावा है कि चिपके फेफड़ों पर इसके पहले अमेरिका में 1954 में अध्ययन हुआ था। यह शोध फोरेंसिक मेडिसिन एवं टाक्सिकोलाजी विभाग की प्राध्यापक डॉ. जयंती यादव, माइक्रोबायोजलाजी विभाग के प्राध्यापक डॉ. शशांक पुरवार, पैथोलाजी एवं लैब मेडिसिन विभाग की अतिरिक्त प्राध्यापक डॉ. उज्जवल खुराना, जूनियर रिसर्च फेलो (जेआरएफ) डॉ. शुभम रिछारिया ने किया। अनजाने में 10 से 15 लोगों को संक्रमित कर सकता है एक रोगी गांधी मेडिकल कालेज, भोपाल के छाती व श्वास रोग विभाग के सह प्राध्यापक डॉ. पराग शर्मा का कहना है कि एक संक्रमित व्यक्ति साल में 10 से 15 लोगों को संक्रमित कर सकता है। मरीज सामने नहीं आते जो अभियान में बड़ी चुनौती है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुमान के अनुसार वर्ष 2015 में प्रति एक लाख जनसंख्या पर 237 लोगों को ये बीमारी थी, 2023 में 17.7 प्रतिशत घटकर 195 और टीबी से मौतें वर्ष 2015 में प्रति एक लाख जनसंख्या पर 28 से घटकर 2023 में 22 हो गई हैं। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2025 तक टीबी मुक्त भारत का लक्ष्य दिया है। recent visitors 24

मुंबई के एयरपोर्ट पर महिला के पेट से मिली 10 करोड़ की कोकीन

मुंबई मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर राजस्व खुफिया निदेशालय के अधिकारी उस समय हतप्रभ हो गए, जब महिला के पेट में एक या दो नहीं बल्कि 10 करोड़ की कोकीन मिली। महिला ब्राजील के साओ पाउलो से कोकीन की तस्करी करने की कोशिश कर रही थी। इसके बाद DRI के अधिकारियों ने मुंबई एयरपोर्ट पर ही गिरफ्तार कर लिया। महिला कोकीन से भरे करीब 100 कैप्सूल निगलकर भारत आई थी। महिला ने कोकीन की तस्करी की बात स्वीकार कर ली है। दरअसल महिला अपने अंदर साढ़े 10 करोड़ की कोकीन छिपाकर तस्करी कर ब्राजील से मुंबई ला रही थी। हालांकि तस्कर महिला को मुंबई एयरपोर्ट पर ही पकड़ लिया गयाष राजस्व खुफिया निदेशालय के अधिकारियों ने उस ब्राज़ीलियाई महिला को साओ पाउलो से भारत में ड्रग्स की तस्करी करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। महिला ने खुद भी स्वीकार किया कि उसने कोकीन से भरे कैप्सूल्स निगले थे। इसके बाद उसे तुरंत एक सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां उसने 100 कैप्सूल्स बाहर निकाले। इनमें कुल 1,096 ग्राम कोकीन थी, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कीमत लगभग 10.96 करोड़ आंकी गई है। यानी 10 करोड़ की कीमत के कोकीन की तस्करी की कोशिश महिला ने की। फिलहाल इस मामले में आगे की जांच जारी है। तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों का पता लगाया जा सके। ड्रग म्यूल्स का इस्तेमाल करते हैं तस्कर डीआरआई के अनुसार, कोकीन की तस्करी में शामिल गिरोह एयर ट्रैवलर्स का उपयोग करते हैं, जिन्हें “ड्रग म्यूल्स” कहा जाता है। ये तस्कर अक्सर आर्थिक रूप से कमजोर होते हैं और पैसों के लालच में इस तरह की अवैध गतिविधियों में शामिल हो जाते हैं और आखिर में आकर फंस जाते हैं। अब इस महिला को भी गिरफ्तार कर लिया है। recent visitors 47

भारत की शुरुआत ख़राब, पावरप्ले में खोए 3 विकेट, शुभमन-रोहित के बाद कोहली भी चलते बने

दुबई आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफी 2025 के मैच नंबर-12 में आज भारत और न्यूजीलैंड की टक्कर है. दोनों टीम के बीच यह मुकाबला दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में है. मुकाबले में भारतीय टीम टॉस हारकर पहले बैटिंग कर रही है. भारत का स्कोर 3 विकेट के नुकसान पर करीब 30 रन है. अक्षर पटेल और श्रेयस अय्यर क्रीज पर हैं. दोनों ही टीमें पहले ही सेमीफाइनल में पहुंच चुकी हैं. इस मुकाबले की विजेता टीम का सामना सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया से होगा. वहीं हारने वाली टीम सेमीफाइनल में साउथ अफ्रीका का सामना करेगी. मुकाबले में जीतने वाली टीम अपने ग्रुप में टॉप पर पहुंच जाएगी. भारतीय टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही. भारत को तीसरे ही ओवर में पहला झटका लग गया. उप-कप्तान शुभमन गिल 2 रन बनाकर तेज गेंदबाज मैट हेनरी की बॉल पर एलबीडब्ल्यू आउट हो गए. फिर छठे ओवर में कप्तान रोहित शर्मा भी पुल शॉट मारने की कोशिश में काइल जेमिसन की गेंद पर विल यंग के हाथों लपके गए. इसके बाद विराट कोहली के रूप में भारतीय टीम को बड़ा झटका लगा, जो हेनरी की बॉल पर कैच आउट हुए. कोहली का कैच ग्लेन फिलिप्स में हवा में उड़ते हुए लिया. recent visitors 51

ई-रिक्शा में घूमकर महिला सवारियों को बनती थी निशाना, पुलिस ने पकड़ा बड़ा गैंग

रायबरेली उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले में पुलिस ने एक बड़ा गैंग पकड़ा है, जो ई-रिक्शा में बैठकर टप्पेबाजी करता था। यह गैंग शहर की सड़कों पर महिला सवारियों के साथ झगड़ा करके उनकी चेन और आभूषण लूटता था। यह महिलाएं रोज सुबह अपनी लग्जरी कार से उतरकर ई-रिक्शा में बैठतीं और दिनभर शहर में घूमा करती थीं। शाम होते ही ये वापस अपनी कार में बैठकर गोरखपुर लौट जाती थीं। इस गैंग की गतिविधियों का खुलासा पुलिस की सूझबूझ से हुआ। पुलिस को कैसे हुआ शक पुलिस को इस गैंग के बारे में तब जानकारी मिली जब 19 फरवरी को एक महिला, बानो ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। बानो ने बताया कि वह गांधी चौराहे से चिकमंडी जाने के लिए ई-रिक्शा में सवार हुई थीं। उसी दौरान उनके साथ कुछ अन्य महिलाएं भी ई-रिक्शा में बैठी थीं। बानो के अनुसार, इन महिलाओं ने बिना कारण के झगड़ा शुरू कर दिया था। इसके बाद जब बानो अपनी चेन की जांच करने लगी, तो पता चला कि उसकी सोने की चेन गले से गायब हो चुकी थी। पुलिस की कार्रवाई और खुलासा इस मामले को एसओ लालगंज संजय सिंह ने गंभीरता से लिया और बानो से पूछताछ की। बानो ने बताया कि झगड़े के बाद वह महिलाएं उतर गईं, लेकिन चेन गुम हो गई थी। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और एसओ लालगंज और एसओजी प्रभारी विजेंद्र शर्मा की टीम ने इसे गंभीरता से लिया। पुलिस ने पता लगाया कि यह गैंग गोरखपुर का है और महिलाएं इस गैंग की प्रमुख सदस्य थीं। गैंग की गिरफ्तारी पुलिस ने गैंग की 2 महिलाओं सुमन और रेशमा को गिरफ्तार किया, साथ ही 4 पुरुषों को भी पकड़ा। इन सभी के पास से लूटी हुई चेन और नगदी बरामद की गई। पुलिस के अनुसार, इस गैंग के पुरुष सदस्य इन महिलाओं को गोरखपुर से रायबरेली लाते थे। महिलाएं ई-रिक्शा में सवार होकर टप्पेबाजी करतीं, और पुरुष सदस्य स्कार्पियो गाड़ी से दूर से निगरानी रखते थे। काम होने के बाद, ये सभी फिर स्कार्पियो में बैठकर गोरखपुर लौट जाते थे। गैंग के सदस्य इस गैंग के 5 सदस्य गोरखपुर के निवासी हैं, जबकि एक सदस्य आजमगढ़ का है। पुलिस ने इस गैंग के सभी सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके पास से लूटी गई संपत्ति बरामद कर ली है। एडिशनल एसपी संजीव कुमार सिन्हा ने बताया कि यह गैंग बड़ी ही चालाकी से काम करता था और महिलाओं द्वारा झगड़ा कराकर सवारियों से उनका कीमती सामान चुराता था। पुलिस ने गैंग के सभी सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। recent visitors 44

जेलेंस्की पहुंचे ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के पास, 2.84 अरब डॉलर का लिया कर्जा

लंदन यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने शनिवार को कहा कि ब्रिटेन से प्राप्त 2.84 अरब डॉलर का कर्ज यूक्रेन में हथियारों के उत्पादन के लिए उपयोग किया जाएगा। इस कर्ज का पहला हिस्सा अगले सप्ताह प्राप्त होने की संभावना है। जेलेंस्की ने यूके सरकार को धन्यवाद देते हुए कहा, "यह निधि यूक्रेन में हथियारों के उत्पादन के लिए समर्पित की जाएगी।" उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, "मैं ब्रिटेन के लोगों और सरकार का युद्ध की शुरुआत से अब तक की जबरदस्त समर्थन के लिए धन्यवाद करता हूं।" शनिवार को जेलेंस्की ने लंदन में ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर से मुलाकात की। यह मुलाकात अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से यूक्रेन के अमेरिकी समर्थन को लेकर हुई वाद-विवाद के बीच हुई थी। यह बैठक वाशिंगटन में जेलेंस्की की यात्रा के बाद फिर से निर्धारित की गई थी। इन तनावपूर्ण परिस्थितियों के बीच, अमेरिकी नेताओं खासकर डोनाल्ड ट्रंप और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस द्वारा यूक्रेनी राष्ट्रपति की आलोचना की गई थी। जेलेंस्की ने वाशिंगटन में खनिज संसाधनों पर एक समझौते पर हस्ताक्षर करने का कार्यक्रम निर्धारित किया था, लेकिन वह बिना समझौते पर हस्ताक्षर किए वहां से लौट आए। आपको बता दें कि यूक्रेनी राष्ट्रपति रविवार को किंग चार्ल्स III से मुलाकात करेंगे और फिर बकिंघम पैलेस के पास स्थित 200 साल पुरानी लैंकेस्टर हाउस में एक बैठक में शामिल होंगे। ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने शनिवार शाम को यूक्रेनी राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से बात की। प्रधानमंत्री कार्यालय ने यह जानकारी दी है। जेलेंस्की जब 10 डाउनिंग स्ट्रीट के बाहर पहुंचे तो उनके साथ गर्मजोशी से गले मिलने का दृश्य देखा गया। उन्हें वहां मौजूद भीड़ ने उत्साह से स्वागत किया। स्टार्मर ने जेलेंस्की से कहा, "जैसा कि आप बाहर की सड़क पर लोगों की आवाजों से सुन सकते हैं, आपको पूरे यूनाइटेड किंगडम का समर्थन प्राप्त है।" उन्होंने यह भी कहा, "हम आपके साथ हैं। यूक्रेन के साथ हैं। जब तक यह आवश्यक होगा तब तक हम आपके साथ हैं।" recent visitors 35