Sunday, July 5, 2026 3:11 am

मध्यप्रदेश में वाटर स्पोर्ट्स को बढ़ावा देने के लिए यह रोइंग चैंपियनशिप प्रतियोगिता महत्वपूर्ण- मंत्री सारंग

भोपाल खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने भोपाल के बड़े तालाब स्थित मध्यप्रदेश राज्य वाटर स्पोर्ट्स अकादमी, बोट क्लब पर आज से 7 मार्च तक आयोजित होगी। मंत्री श्री सारंग ने 42वीं नेशनल सीनियर रोइंग चैंपियनशिप के आयोजन स्थल का खेल विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 3 मार्च को शाम 4 बजे पांच दिवसीय 42वीं नेशनल सीनियर रोइंग चैंपियनशिप का शुभारंभ करेंगे। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि मध्यप्रदेश में वाटर स्पोर्ट्स को बढ़ावा देने के लिए यह प्रतियोगिता महत्वपूर्ण है जिससे प्रदेश में वॉटर स्पोर्टस खेलों के प्रति उत्साह बढ़ेगा और युवा वर्ग को नई दिशा मिलेगी। उन्होंने बताया कि वॉटर स्पोर्ट्स में भागीदारी के लिए मध्यप्रदेश देश के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित हो इस दिशा में हम निरंतर प्रयास कर रहे हैं। प्रतियोगिता में 14 इवेंट्स का होगा आयोजन मंत्री श्री सारंग ने बताया कि इस प्रतियोगिता में 14 इवेंट्स का आयोजन किया जाएगा जिसमे 2 इवेंट्स पैरा सिंगल स्कल महिला एवं पुरुष वर्ग भी शामिल है। 14 इवेंट्स के सभी फाइनल्स 7 मार्च 2025 को संपन्न होंगे जिसमे 7 इवेंट्स सुबह एवं 7 की शाम होंगें। सभी स्पर्धाएं 2000 मीटर की दूरी पर आयोजित की जाएँगी। भोपाल का बड़ा तालाब देश की सबसे बेहतर वॉटर बॉडी में से एक मंत्री श्री सारंग ने बताया कि भोपाल का बड़ा तालाब देश की सबसे बेहतरीन वॉटर बॉडी में से एक है, और यहाँ पर राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता का आयोजन प्रदेश के लिए गौरव की बात है। आगे उन्होंने बताया कि इस प्रतियोगिता में देशभर की कुल 27 टीमों में से 23 राज्यों की एवं इंडियन आर्मी, इंडियन नेवी, इंडियन एयरफ़ोर्स, और सर्विस स्पोर्ट्स कंट्रोल बोर्ड की टीमों के 500 प्रतिभागी शामिल होंगे। मंत्री श्री सारंग ने बताया कि प्रतियोगिता के उद्घाटन अवसर पर मध्यप्रदेश राज्य वाटर स्पोर्ट्स अकादमी के खिलाड़ी रोइंग, क्याकिंग-केनोइंग, सेलिंग और स्लालम खेलों की विशेष प्रस्तुति देंगे। मध्यप्रदेश में वाटर स्पोर्ट्स को बढ़ावा देने के लिए यह प्रतियोगिता महत्वपूर्ण मंत्री श्री सारंग ने बताया कि यह प्रतियोगिता वॉटर स्पोर्टस को बढ़ावा देने के साथ ही प्रदेश के युवाओं को अपनी प्रतिभा को दिखाने का एक बेहतर मंच प्रदान करेगा। आगे उन्होंने बताया कि इस प्रतियोगिता के दौरान देशभर के रोइंग खिलाड़ी अपनी सर्वोत्तम तकनीक और कौशल का प्रदर्शन करेंगे, जिससे प्रदेश में वॉटर स्पोर्टस खेल के प्रति जागरूकता और उत्साह में वृद्धि होगी। मंत्री श्री सारंग ने बताया कि मध्यप्रदेश में वॉटर स्पोर्टस को बढ़ावा और खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए बेहतर मंच उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास कर रहे हैं। प्रतियोगिता का सीधा प्रसारण बनेगा आकर्षण का केंद्र मंत्री श्री सारंग ने बताया कि इस प्रतियोगिता का लाइव प्रसारण एलईडी स्क्रीन के माध्यम से बोट क्लब सहित शहर के प्रमुख चौराहों पर किया जाएगा, जिससे खेल प्रेमियों को एक शानदार जल क्रीड़ा का अद्भुत अनुभव मिलेगा। आगे उन्होंने बताया कि इस प्रतियोगिता के लाइव प्रसारण से खेल के प्रति युवाओं में नई प्रेरणा मिलेगी और वे वॉटर स्पोर्ट्स की तरफ आकर्षित भी होंगे।   recent visitors 51

चुनाव आयोग ने कहा- कुछ मतदाताओं के ईपीआईसी नंबर समान हो सकते हैं, मतलब फर्जी मतदाता नहीं है

नई दिल्ली चुनाव आयोग ने ऐसी रिपोर्टों का संज्ञान लिया है, जिसमें दो अलग-अलग राज्यों के वोटरों के समान मतदाता पहचान पत्र संख्या (ईपीआईसी) नंबर होने का मुद्दा उठाया गया है। आयोग का कहना है कि ईपीआईसी नंबर चाहे जो भी हो, कोई भी मतदाता अपने राज्य के अपने संबंधित निर्वाचन क्षेत्र में निर्धारित मतदान केंद्र पर ही वोट डाल सकता है, जहां उसका नाम मतदाता सूची में दर्ज होता है, न कि कहीं और। चुनाव आयोग ने एक नई पहल करते हुए मतदाताओं को यूनीक ईपीआईसी नंबर आवंटित करने का निर्णय भी लिया है। आयोग का कहना है कि कुछ मतदाताओं के ईपीआईसी नंबर समान हो सकते हैं, लेकिन समान ईपीआईसी नंबर वाले मतदाताओं के लिए जनसांख्यिकीय विवरण, विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र और मतदान केंद्र सहित अन्य विवरण अलग-अलग हैं। चुनाव आयोग ने मतदाता सूची में हेराफेरी के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा है कि डुप्लिकेट मतदाता पहचान पत्र नंबर होने का मतलब यह नहीं है कि मतदाता फर्जी है। आयोग का यह स्पष्टीकरण विभिन्न सोशल मीडिया पोस्ट के जवाब में रविवार को सामने आया है। गौरतलब है कि कई विपक्षी दलों ने भी मतदाताओं को जारी किए गए एक समान ईपीआईसी नंबर को लेकर चिंता जाहिर की है। चुनाव आयोग का कहना है कि किसी भी आशंका को दूर करने का प्रयास किया जाएगा। आशंका दूर करने के लिए पंजीकृत मतदाताओं को यूनीक ईपीआईसी नंबर आवंटित करने का निर्णय भी लिया गया है। डुप्लिकेट ईपीआईसी नंबर के किसी भी मामले को एक यूनीक ईपीआईसी नंबर आवंटित करके ठीक किया जाएगा। इस प्रक्रिया की सहायता के लिए ईआरओएनईटी 2.0 प्लेटफॉर्म को अपडेट किया जाएगा। विभिन्न राज्यों के कुछ मतदाताओं को जारी किए गए समान ईपीआईसी संख्या का कारण भी आयोग ने बताया है। आयोग के मुताबिक, यह पहले अपनाई गई विकेंद्रीकृत और मैन्युअल प्रणाली के कारण हुआ। इसके परिणामस्वरूप कुछ राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालयों ने एक ही ईपीआईसी अल्फान्यूमेरिक श्रृंखला का उपयोग किया। इसके कारण विभिन्न राज्यों और संघ शासित प्रदेशों के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में मतदाताओं को डुप्लिकेट ईपीआईसी नंबर आवंटित किए जाने की संभावना बनी रही। recent visitors 54

रामलला के मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए एंट्री-एग्जिट मार्ग में बड़ा बदलाव

अयोध्या अयोध्या में रामलला के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में हाल ही में कमी आई है। पहले जब राम मंदिर के निर्माण के बाद लाखों भक्त अयोध्या पहुंचते थे, तब हर दिन 3 से 4 लाख श्रद्धालु मंदिर के दर्शन के लिए आते थे। लेकिन पिछले 1-2 महीनों में यह संख्या घटकर 2 से ढाई लाख के आसपास पहुंच गई है। श्रद्धालुओं के लिए एंट्री-एग्जिट मार्ग में बड़ा बदलाव मिली जानकारी के मुताबिक, इस कमी को देखते हुए अब अयोध्या में दर्शन के लिए जाने और बाहर निकलने के मार्गों में बदलाव किए जा रहे हैं। पहले श्रद्धालु गेट नंबर 3 से मंदिर में प्रवेश करते थे और इसी गेट से बाहर निकलते थे। अब, नया फैसला लिया गया है कि श्रद्धालुओं को राम जन्मभूमि पथ से मंदिर में भेजा जाएगा, और बाहर निकलने के लिए अंगद टीले के पास बने नए गेट का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके साथ ही गेट नंबर 3 को बंद कर दिया जाएगा। राम मंदिर में भक्तों की संख्या कम बताया जा रहा है कि पहले, जब भक्तों की संख्या ज्यादा थी, तब गेट नंबर 3 से प्रवेश और निकासी का रास्ता रखा गया था। इस व्यवस्था के तहत श्रद्धालुओं को दर्शन करने में आसानी होती थी और सुरक्षा व्यवस्था भी बेहतर होती थी। लेकिन अब जब भक्तों की संख्या में कमी आई है, तो पुरानी व्यवस्था को फिर से लागू किया जा रहा है, जिसमें श्रद्धालु राम जन्मभूमि पथ से प्रवेश करेंगे और दर्शन करने के बाद अंगद टीले से बाहर निकलेंगे। एंट्री-एग्जिट के पुराने नियम होंगे लागू बता दें कि शनिवार को राम मंदिर में दर्शन करने आए भक्तों की संख्या 2 लाख से ज्यादा रही थी। यदि रविवार को भी यही संख्या रही तो सोमवार से नए निकासी मार्ग का इस्तेमाल शुरू कर दिया जाएगा। पहले भक्तों की बड़ी संख्या के कारण प्रवेश और निकासी में दूरी बनाए रखी जाती थी, जिससे पथ पर दबाव कम रहता था और श्रद्धालु आराम से दर्शन कर पाते थे। अब, महाकुंभ समाप्त हो जाने के बाद भक्तों की संख्या घट गई है, इसलिए नया निकासी मार्ग तैयार किया गया है। recent visitors 37

देशभर के 700 से अधिक पूर्णकालिक कार्यकर्ता के लिए आज से 8 मार्च तक अभ्यास वर्ग होगा आयोजित

भोपाल राजधानी भोपाल में विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान का कार्यकर्ता अभ्यास प्रशिक्षण वर्ग आज से आयोजित होने जा रहा है. जिसमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत, संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले और संघ की अखिल भारतीय कार्यकारिणी के सदस्य सुरेश सोनी शामिल होंगे. बता दें कि कार्यकर्ता अभ्यास प्रशिक्षण वर्ग 3 मार्च से 8 मार्च तक चलेगा. जिसमें देशभर के 700 से अधिक पूर्णकालिक कार्यकर्ता शामिल होंगे. प्रशिक्षण वर्ग में कार्यकर्ताओं को संगठन, नेतृत्व और समाज में सकारात्मक परिवर्तन के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा. कार्यक्रम का उद्देश्य कार्यकर्ताओं को राष्ट्र निर्माण, संगठनात्मक कौशल, अनुशासन और सांस्कृतिक पुनर्जागरण के लिए प्रेरित करना है. कार्यक्रम को दो श्रेणियों, छह समूहों और 11 कार्य क्षेत्रों में बांटा गया है. हर समूह की जिम्मेदारी तय की जाएगी और इन्हें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और विद्या भारती के वरिष्ठ अधिकारी मार्गदर्शन देंगे. recent visitors 41