Sunday, July 5, 2026 4:13 am

2036 ओलंपिक खेलों की मेजबानी के लिए भारत का दावा ‘मजबूत’ है: आईओसी के अध्यक्ष पद के दावेदार सेबेस्टियन

नई दिल्ली भारत ने आईओसी के भावी मेजबान आयोग को 2036 ओलंपिक और पैरालंपिक खेलों की मेजबानी के लिए पहले ही आशय पत्र सौंप दिया है जो वैश्विक खेल की शीर्ष संस्था के साथ महीनों की अनौपचारिक बातचीत के बाद एक महत्वाकांक्षी योजना में पहला ठोस कदम है। अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) के अध्यक्ष पद के दावेदार सेबेस्टियन को का मानना है कि 2036 ओलंपिक खेलों की मेजबानी के लिए भारत का दावा ‘मजबूत’ है लेकिन कई अन्य देशों के इस दौड़ में शामिल होने से प्रतिस्पर्धा कठिन होगी। भारत ने आईओसी के भावी मेजबान आयोग को 2036 ओलंपिक और पैरालंपिक खेलों की मेजबानी के लिए पहले ही आशय पत्र सौंप दिया है जो वैश्विक खेल की शीर्ष संस्था के साथ महीनों की अनौपचारिक बातचीत के बाद एक महत्वाकांक्षी योजना में पहला ठोस कदम है। को ने ‘पीटीआई’ से विशेष साक्षात्कार में कहा, मेरी पृष्ठभूमि को देखते हुए मेरे यह कहने से आपको हैरानी नहीं होगी कि मैं बहुत खुश हूं कि भारत वैश्विक खेल और विशेष रूप से ओलंपिक आंदोलन के लिए प्रतिबद्ध है। मुझे यह सुनकर बहुत खुशी हुई। पर यह बहुत प्रतिस्पर्धी होगा। क्योंकि इसमें सिर्फ एक ही बोलीदाता नहीं होगा, लेकिन भारत इसे बहुत मजबूत दावा बना सकता है। पोलैंड, इंडोनेशिया, दक्षिण अफ्रीका, कतर, हंगरी, तुर्कीये, मैक्सिको और मिस्र उन अन्य देशों में शामिल हैं जिन्होंने 2036 ओलंपिक की मेजबानी की इच्छा व्यक्त की है। 2036 खेलों के मेजबान देश का 2026 से पहले पता नहीं चलेगा।लेकिन यह निश्चित है कि नए आईओसी प्रमुख के 20 मार्च के चुनाव के विजेता की अध्यक्षता के दौरान मेजबान का चयन किया जाएगा। आईओसी अध्यक्ष के रूप में चुनाव लड़ने वाले सात उम्मीदवारों में उन्हें सबसे आगे माना जा रहा है। 68 वर्षीय को दो बार ओलंपिक 1500 मीटर के स्वर्ण पदक विजेता हैं। उन्होंने भारत को सलाह देते हुए कहा कि अगर उसे 2036 ओलंपिक की मेजबानी का अधिकार नहीं मिलता है तो उसे ओलंपिक आयोजित करने की अपनी महत्वाकांक्षा को खत्म नहीं करना चाहिए। को ने कहा, बहुत से शहरों ने बोली लगाई और लेकिन उनकी बोली स्वीकार नहीं हुई। दिलचस्प बात यह है कि जब लंदन ने 2005 में (2012 चरण के लिए) बोली हासिल की थी, तो उसने पेरिस को हराया था। हम सभी अभी पेरिस ओलंपिक खेलों (2024) में गए थे। रियो उन शहरों में से एक था जो 2012 की बोली के लिए शुरुआती मूल्यांकन से आगे नहीं बढ़ पाया था। और ब्रिटेन के तुरंत बाद उनके पास 2016 में बोली थी। इसलिये यह किसी भी तरह से कहानी का अंत नहीं है। और बोली लगाने से मिली विरासत भी एक बहुत मजबूत विरासत है।   recent visitors 51

मुख्यमंत्री योगी ने अफसरों को दिए निर्देश, एक्सप्रेस वे पर नहीं बिक सकेगी शराब

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में होने वाले सड़क हादसों को रोकने के लिए हाईवे के किनारे स्थित दुकानों में शराब बिक्री रोकने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि ओवर स्पीडिंग, ड्रंकन ड्राइव, गलत साइड पर गाड़ी चलाना, जंपिंग रेड लाइट एवं मोबाइल फोन का उपयोग सड़क दुर्घटना घटित होने के मुख्य कारक हैं। इसके लिए लोगों में जागरूकता फैलाने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को उत्तर प्रदेश राज्य सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अक्सर यह देखा गया है कि शराब की दुकानों के साइनेज बहुत बड़े होते हैं, इन्हें छोटा किया जाए। बिना परमिट की बसें सड़कों न चलने पाएं। डग्गामार वाहनों एवं ओवरलेडेड ट्रकों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करें। दूसरे प्रदेश से आने वाले बिना परमिट के वाहनों को बॉर्डर पर रोकें। सीएम योगी ने कहा कि ट्रासंपोर्ट एसोसिएशन एवं व्हीकल एसोसिएशन से संवाद स्थापित कर यह सुनिश्चित कराएं कि लंबी दूरी के वाहनों पर दो ड्राइवर हों। बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रदेश में होने वाली सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिए। सड़क दुर्घटनाओं के वार्षिक आंकड़ों पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2024 में 46052 सड़क दुर्घटनाएं हुई हैं। इसमें 34600 लोग घायल हुए हैं, जबकि 24 हजार से अधिक मौतें हुई हैं, जो कि अत्यंत दुखद है। इसे हर हाल में न्यूनतम करना होगा। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा से जुड़े सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय बनाकर सामूहिक प्रयासों के माध्यम से सड़क दुर्घटनाओं को नियंत्रित करें। साथ ही प्रदेश के सभी मार्गों पर ब्लैक स्पॉट को चिन्हित कर उन्हें ठीक कराएं। मुख्यमंत्री ने सड़क दुर्घटना में घायल हुए लोगों के उपचार के विषय में चिंता करते हुए कहा कि सभी एक्सप्रेस-वे के दोनों तरफ फूड प्लाजा की तरह अस्पताल की व्यवस्था करें। साथ ही सभी मंडल मुख्यालयों के अस्पतालों में ट्रामा सेंटर, एंबुलेंस एवं ट्रेंड की स्टाफ को तैनाती भी सुनिश्चित की जाए। सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाने का दिया निर्देश मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2024 में प्रदेश के 75 जनपदों हुई दुर्घटनाओं में सबसे ज्यादा 20 जनपदों- हरदोई, मथुरा, आगरा, लखनऊ, बुलन्दशहर, कानपुर नगर, प्रयागराज, सीतापुर, उन्नाव, बाराबंकी, लखीमपुर खीरी, बरेली, अलीगढ़, गौतमबुद्धनगर, शाहजहांपुर, गोरखपुर, कुशीनगर, बदायूं, मेरठ और  बिजनौर में जनहानि हुई है। प्रदेश में कुल हुई दुर्घटना मृत्यु में 42 प्रतिशत इन जनपदों से है। उन्होंने इसको नियंत्रित करने के लिए दुर्घटना के  कारकों को खोजने एवं लोगों में सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए यह आवश्यक है कि जनपद स्तर पर प्रत्येक माह एवं मंडल स्तर पर त्रैमासिक मंडलीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक अनिवार्य रूप से हो। उन्होंने कहा कि प्रदेश के छह मंडलों अयोध्या, प्रयागराज, वाराणसी, आजमगढ़, सहारनपुर एवं आगरा मंडल में पिछले वर्ष हुई सिर्फ एक ही बैठक हुई है, जिसे बढ़ाने की आवश्यकता है। बस्ती, लखनऊ, गोरखपुर और मिर्जापुर में हुई चार बैठकों पर उन्होंने संतोष व्यक्त किया। फूड प्लाजा की तरह एक्सप्रेस-वे के दोनों तरफ करें अस्पताल की व्यवस्था मुख्यमंत्री ने सड़क दुर्घटना में घायल हुए लोगों के उपचार के विषय में चिंता करते हुए कहा कि सभी एक्सप्रेस-वे के दोनों तरफ फूड प्लाजा की तरह अस्पताल की व्यवस्था करें। साथ ही सभी मंडल मुख्यालयों के अस्पतालों में ट्रामा सेंटर, एंबुलेंस एवं ट्रेंड की स्टाफ को तैनाती भी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि एक्सप्रेस-वे एवं हाइवे पर क्रेन, पेट्रोलिंग वाहन और एंबुलेंस की संख्या बढ़ाएं। प्रदेश में एनएचआई की 93 सड़कें हैं, इनमें से सिर्फ चार सड़कों पर कैमरे लगें, बाकी सड़कों पर भी कैमरे लगाएं। सीएम योगी ने कहा कि अक्सर यह देखा गया है कि सड़क पर करते समय भी बहुत सी दुर्घटनाएं हो जाती हैं, इसके दृष्टिगत एनएचआई की बहुत सी सड़कों पर फुट ओवर ब्रिज की आवश्यकता है, स्थानों को चिन्हित कर उनका भी निर्माण कराएं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी प्रमुख मार्गों पर सड़क सुरक्षा से सम्बन्धित साइनेज अवश्य लगाएं। सीएम योगी ने कहा कि नगरीय क्षेत्रों में यह देखने को मिलता है नाबालिक बच्चे ई रिक्शा चला रहे हैं। इस पर प्रभावी अंकुश लगाएं। साथ ही सभी ई रिक्शा ड्राइवर का वैरिफिकेशन अवश्य कराएं। उन्होंने कहा कि आरटीओ ऑफिस को बिचौलियों से पूर्णतः मुक्त रखें, इसके लिए समय-समय पर रैंडम चेकिंग अभियान चलाएं। सीएम योगी ने कहा कि सड़क जाम एक बड़ी समस्या बनती जा रही है, ट्रैफिक के सुचारू संचालन के लिए प्रदेश में प्रयाप्त मैनपॉवर उपलब्ध है। आवश्यकता पड़ने पर सिविल पुलिस, पीआरडी और होमगार्ड के जवानों को ट्रेनिंग देकर ट्रैफिक प्रबंधन को बेहतर बनाएं। उन्होंने कहा कि अस्पतालों, स्कूलों एवं मुख्य बाजारों के बाहर टेबल टॉप स्पीड ब्रेकर का निर्माण कराए।   recent visitors 46

पीपीपी मॉडल के तहत एमपी के सरकारी अस्पतालों में कार्डियक कैथ लैब स्थापित करने की योजना

भोपाल हृदय रोगियों के उपचार के लिए प्रदेश में बड़ी सुविधा प्रारंभ करने की तैयारी है। सभी जिला अस्पतालों में सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) से कार्डियक कैथ लैब की स्थापना का प्रस्ताव है। कैथ लैब स्थापित होने के बाद एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी (हृदय की धमनियों का ब्लाकेज हटाना), हार्ट वाल्व रिप्लेसमेंट और पेसमेकर लगाने जैसे काम हो सकेंगे। अभी बड़े सरकारी मेडिकल कालेजों से संबद्ध अस्पतालों में ही कैथ लैब स्थापित हैं। भोपाल के जेपी अस्पताल में है स्थापित जिला अस्पतालों में केवल भोपाल के जेपी अस्पताल में सरकार अपने स्तर पर कैथ लैब स्थापित कर रही है। बाकी जगह पीपीपी से स्थापित करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। हृदय रोगियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। इस कारण जिला अस्पताल के स्तर तक एंजियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी की सुविधा देने की तैयारी है। दो करोड़ में एक कैथ लैब एक जगह कैथ लैब स्थापित करने में लगभग दो करोड़ रुपये खर्च आता है। सभी जिला अस्पतालों को मिलाकर सौ करोड़ रुपये से अधिक का खर्च आएगा। इसके बाद कार्डियोलाजिस्ट व अन्य मानव संसाधन की व्यवस्था करनी पड़ेगी। सीटी स्कैन की सुविधा पीपीपी मॉडल पर सरकारी व्यवस्था में कार्डियोलाजिस्ट छोटे जिलों के लिए मिलना मुश्किल है। इस कारण सरकार खुद की जगह पीपीपी से कैथ लैब स्थापित करने की कोशिश कर रही है। बता दें, इसके पहली सीटी स्कैन की सुविधा पीपीपी से जिला अस्पतालों में चल रही है। सात बड़े जिला अस्पतालों में एमआरआइ भी पीपीपी से होने लगी है। यह दोनों प्रयोग सफल होने के बाद पीपीपी से कैथ लैब लगाने की योजना है। इस संबंध शीघ्र ही सरकार के स्तर पर निर्णय होने की संभावना है। मार्केट रेट से 40 फीसदी कम शुल्क में मिलेगी सुविधा कैथ लैब स्थापित होने से बाजार दर से लगभग 40 प्रतिशत शुल्क में एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी व अन्य उपचार की सुविधा मिलने की आशा है। निजी अस्पतालों में एंजियोग्राफी में 15 हजार और एंजियोप्लास्टी के लिए डेढ़ लाख से दो लाख रुपये लगते हैं। इसके अतिरिक्त आयुष्मान भारत योजना के रोगियों का निश्शुल्क उपचार हो सकेगा। अभी इनमें अधिकतर रोगी उपचार के लिए निजी अस्पतालों में जाते हैं। उनका भुगतान आयुष्मान के अंतर्गत सरकार को करना होता है। recent visitors 43

10 मार्च से 20 मार्च तक आयोजित की जाएगी कक्षा 1 से आठवीं तक की वार्षिक परीक्षा

बेतिया जिले के सभी सरकारी, सहायता प्राप्त प्राइमरी व मिडिल स्कूलों में अध्ययनरत वर्ग एक से आठवीं तक के छात्र-छात्राओं की वार्षिक मूल्यांकन सह परीक्षा 10 मार्च से 20 मार्च तक आयोजित की जाएगी। इसको लेकर बिहार शिक्षा परियोजना परिषद ने परीक्षा की तिथि जारी कर दी है। परीक्षा दो पाली में होगी। प्रथम पाली 10 से 12 बजे तक तथा द्वितीय पाली एक से तीन बजे तक होगी। इस वार्षिक मूल्यांकन परीक्षा में जिले के लगभग तीन लाख से अधिक परीक्षार्थी शामिल होंगे। इस परीक्षा को लेकर शिक्षा विभाग द्वारा शेड्यूल जारी कर दिया गया है। वहीं, दूसरी पाली में कक्षा एक से दो के लिए भाषा (हिंदी-उर्दू) की मौखिक परीक्षा होगी। 11 मार्च को प्रथम पाली में कक्षा तीन से आठ के लिए हिंदी व उर्दू तथा दूसरी पाली में कक्षा तीन से आठ के लिए अहिंदी भाषी के लिए (हिंदी) 12 मार्च को प्रथम पाली में कक्षा तीन से पांच के लिए गणित व कक्षा छह से आठ के लिए भी गणित की परीक्षा होगी। 12 मार्च के बाद 17 मार्च को परीक्षा होगी। 17 मार्च को प्रथम पाली में कक्षा तीन से पांच के लिए अंग्रेजी व दूसरी पाली में कक्षा छह से आठ के लिए अंग्रेजी, 18 मार्च को प्रथम पाली में कक्षा छह से आठ के लिए विज्ञान व दूसरी पाली में कक्षा छह से आठ के लिए संस्कृत, 19 मार्च को कक्षा एक व दो के लिए गणित की मौखिक परीक्षा व दूसरी पाली में कक्षा एक व दो के लिए अंग्रेजी की मौखिक परीक्षा होगी। वर्ग एक और दो के लिए होगी मौखिक परीक्षा शिक्षा विभाग द्वारा जिले के प्राइमरी व मिडिल स्कूल में अध्ययनरत छात्रों के मूल्यांकन परीक्षा के लिए जारी शेड्यूल के अनुसार, वर्ग तीन से आठ के छात्रों की लिखित परीक्षा ली जायेगी। वहीं, वर्ग एक व दो के छात्र-छात्राओं की वार्षिक मूल्यांकन परीक्षा मौखिक होगी। इसके लिए विषयवार प्रश्न पत्र इ-शिक्षा कोष पोर्टल पर उपलब्ध होगा। इसके आधार पर स्कूलों में उक्त वर्ग एक व दो की वार्षिक मूल्यांकन परीक्षा निर्धारित तिथि के अनुसार आयोजित होगी। साथ ही वर्ग तीन से आठ तक के छात्रों के लिए मुद्रित प्रश्न पत्र सह उत्तर पुस्तिका उपलब्ध करायी जायेगी। आठ मार्च से पहले स्कूलों को मिल जाएंगे प्रश्न पत्र शिक्षा विभाग द्वारा वर्ग एक से आठ तक आयोजित होने वाली परीक्षा को लेकर जारी शेड्यूल के अनुसार आठ मार्च से पहले यानी सात मार्च तक जिले के सभी प्राइमरी व मिडिल स्कूल के प्रधानाध्यापक को परीक्षा संबंधित उत्तर पुस्तिका व प्रश्न पत्र मिल जायेंगे। हालांकि, जारी निर्देश में कहा गया है कि प्रश्न सह उत्तर पुस्तिका जिले को तीन से पांच मार्च के बीच प्राप्त हो जायेगा। इसके बाद आगामी पांच से छह मार्च के बीच प्रखंड को प्राप्त हो जायेगा और फिर प्रखंड स्थित स्कूलों को छह से सात मार्च तक प्राप्त हो जायेगा। वहीं वर्ग तीन से आठ के छात्र-छात्राओं की उत्तर पुस्तिकाओं की जांच निकटस्थ काम्पलेक्स रिसोर्स सेंटर या संकुल स्तर पर की जायेगी। यह कार्य 19 मार्च से शुरू होगा जो 26 मार्च तक चलेगा। इस दौरान उत्तरपुस्तिकाओं की जांच के साथ प्रत्येक छात्र-छात्रा के परिणाम को मूल्यांकन पंजी, मूल्यांकन पंजी प्रपत्र में संधारित किया जायेगा व प्रगति पत्र, छात्रों के परिणाम को संधारित करने का कार्य व नामांकन पंजी में छात्र-छात्रा का नाम अंकित करने का कार्य 27 मार्च तक पूरा कर लिया जाना है। – बच्चे घर ले जा सकेंगे उत्तर पुस्तिका वर्ग एक से आठ तक होने वाली परीक्षा को लेकर शिक्षा विभाग द्वारा जारी निर्देश में कहा गया है कि छात्र-छात्राओं का प्रगति पत्रक का वितरण शिक्षक-अभिभावक संगोष्ठी के दौरान बांटे जायेंगे, यानी शिक्षक अभिभावक संगोष्ठी सभी विद्यालयों में 29 मार्च को आयोजित की जायेगी। संगोष्ठी के दौरान प्रगति पत्रक के साथ-सा मूल्यांकित प्रश्न सह उत्तर पुस्तिका भी वितरित किया जायेगा, जो छात्र-छात्रा अपने साथ अपने घर ले जायेंगे। ऐसे अभिभावक जो पीटीएम में आएंगे, उनके हस्ताक्षर मूल्यांकित प्रश्न पत्र सह उत्तर पुस्तिका प्राप्त करते समय अवश्य लिए जाएंगे। इस परीक्षा में कदाचार को रोकने के लिए मैट्रिक व इंटर की परीक्षा के तरह ही शिक्षकों को अपने स्कूल की जगह दूसरे स्कूल में वीक्षक बनाकर तैनात किया जाएगा।   recent visitors 51

मानव संग्रहालय, वन विहार में आने-जाने के समय में बदलाव : चित्रांकन कार्यशाला होगी, शोधार्थी समागम का आखिरी दिन; जानिए शहर में कहां-क्या खास

Change in visiting time of Manav Sangrahalaya, Van Vihar भोपाल। हम आपको बता रहे हैं भोपाल शहर में आज कहां-क्या हो रहा है। यहां हर वो जानकारी होगी, जो आपके काम आएगी। संगीत-संस्कृति, आर्ट, ड्रामा के इवेंट से लेकर मौसम, सिटी ट्रैफिक, बिजली-पानी की सप्लाई से जुड़ा हर अपडेट मिलेगा। सुविधाएं जो आपसे जुड़ी हैं मानव संग्रहालय के समय में परिवर्तन इंडिगो की भोपाल-जबलपुर फ्लाइट शुरू 5 से 7 मार्च तक वन विहार में एंट्री देरी से BMHRC में अब फोन से मिलेगा अपॉइंटमेंट recent visitors 82

अगर आप विश्व प्रसिद्ध लठमार होली देखने बरसाना आ रहे हैं तो पहले अपने ठहरने का इंतजाम करके आएं

बरसाना अगर आप विश्व प्रसिद्ध लठमार होली देखने बरसाना आ रहे हैं तो पहले अपने ठहरने का इंतजाम करके आएं। बरसाना के ज्यादातर होटल, गेस्ट हाउस, धर्मशाला व आश्रम पहले से ही आनलाइन बुक हो चुके हैं। इस दौरान एक दिन का ठहरने का चार्ज सात से आठ हजार रुपये लिया गया है। कई श्रद्धालु तो छह माह पहले ही होटल या गेस्टहाउस बुक करा चुके हैं। बरसाना में सात मार्च को लड्डू होली व आठ मार्च को लठामार होली का आयोजन होगा। पिछले वर्ष दस लाख श्रद्धालु होली देखने आए थे। इस बार पुलिस प्रशासन को अनुमान है कि 20 लाख श्रद्धालु होली देखने बरसाना आ सकते हैं। बरसाना में सिर्फ दो सौ के करीब होटल, गेस्टहाउस, धर्मशाला व आश्रम हैं। इनमें दो हजार के करीब कमरे हैं। आठ हजार रुपये का एक कमरा अनुमान है कि इन कमरों में पांच से छह हजार श्रद्धालु ही रुक सकते हैं। ऐसे में अन्य श्रद्धालु गेस्ट हाउस व धर्मशाला तथा आश्रमों में बने हाल में रुकते हैं। वहीं कुछ पेट्रोल पंप या स्कूलों में रुक जाते हैं। सूत्रों की मानें तो इस बार सात से आठ हजार रुपये का एक कमरा आनलाइन पहले से ही बुक किया गया है। कस्बे के ज्यादातर होटल, गेस्ट हाउस, धर्मशाला, आश्रम पहले से ही आनलाइन बुक हो चुके हैं। कई तो छह माह पहले से श्रद्धालुओं ने बुक कर दिए हैं। नाम न छापने की शर्त पर एक गेस्टहाउस संचालक ने बताया उन्होंने चार से पांच हजार में एक दिन के लिए कमरे बुक किए हैं। जबकि कई होटल व गेस्टहाउस संचालकों ने तो सात से आठ हजार रुपये एक दिन के लिए हैं। छह माह पहले ही बुक हो गए होटल होटल विंगिस्टन के मैनेजर मृदुल भट्ट ने बताया उनके होटल में 40 कमरे तथा दो हाल है। जो छह माह पहले ही आनलाइन बुक हो चुके हैं। राधाष्टमी व लठामार होली के दौरान एक कमरे का चार्ज पांच से सात हजार के करीब होता है। जबकि रोजाना तीन से पांच हजार के करीब रहता है। recent visitors 29

मुख्यमंत्री साय की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक में लिए गए अनेक महत्वपूर्ण निर्णय

रायपुर वर्ष 2025-26 की आबकारी नीति वर्ष 2024-25 की भांति होगी। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 674 मदिरा दुकानें तथा आवश्यकता अनुसार प्रीमियम मदिरा दुकानें संचालित करने का निर्णय भी यथावत् रखा गया है। देशी मदिरा की आपूर्ति पूर्ववत् रेट ऑफर प्रभावी रहेगा। विदेशी मदिरा थोक क्रय, वितरण छत्तीसगढ़ स्टेट बेवरेजेस कार्पाेरेशन लिमिटेड द्वारा होगा। मदिरा पर लागू अधोसंरचना विकास शुल्क यथावत् रहेगा। विदेशी मदिरा फुटकर दुकानों पर 9.5 प्रतिशत की दर से लगने वाला अतिरिक्त आबकारी शुल्क समाप्त होगा। मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ लोक परिसर (बेदखली) (संशोधन) विधेयक-2025 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। मंत्रिपरिषद द्वारा ईज ऑफ डुइंग बिजनेस के हित को देखते हुए ई-प्रोक्योरमेंट के लिए गठित सशक्त समिति को समाप्त करने का निर्णय लिया। चूंकि वर्तमान में पीएफआईसी द्वारा 100 करोड़ रूपए से उपर की परियोजनाएं स्वीकृत किए जा रहे हैं। बड़ी आईटी परियोजनाओं के संबंध में पहले से सशक्त समिति अनुमोदन की अनिवार्यता होने से अनुमोदन प्रक्रिया का डुप्लिकेशन होता है। इस कारण सशक्त समिति को समाप्त करने का निर्णय लिया। छत्तीसगढ़ राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण और उपभोक्ता मामलों की समयबद्ध सुनवाई के लिए सदस्य का एक नवीन पद सृजित करने का निर्णय लिया गया। खरीफ विपणन वर्ष 2022-23, 2023-24 एवं 2024-25 के समर्थन मूल्य योजना में धान एवं चावल परिवहन की दर के लिए गठित राज्य स्तरीय समिति की अनुशंसा दर को स्वीकृत करने का निर्णय लिया गया। छत्तीसगढ़ श्रम विधियां संशोधन एवं विविध प्रकीर्ण उपबंध विधेयक-2025 के माध्यम से कारखाना अधिनियम-1948, औद्योगिक विवाद अधिनियम-1947 तथा ट्रेड यूनियन अधिनियम-1976 में संशोधन के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। रजिस्ट्रीकरण अधिनियम-1908 (छत्तीसगढ़ संशोधन) विधेयक-2025 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। रजिस्ट्री ऑफिसों के नियमित रूप से संचालन के लिए वाणिज्यिक कर (पंजीयन) विभाग में उप पंजीयक के पदोन्नति श्रेणी के रिक्त 9 पदों की पूर्ति के लिए पांच वर्ष की अर्हकारी सेवा में एक बार के लिए छूट प्रदान करने का निर्णय लिया गया।   राज्य में 01 नवम्बर 2024 से औद्योगिक विकास नीति 2024-30 प्रभावशील है। इसे और अधिक प्रभावी बनाने के लिए वाणिज्य एवं उद्योग विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ शासन भण्डार क्रय नियम-2002 में प्रस्तावित संशोधन के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। छत्तीसगढ़ सरकार एवं व्यक्ति विकास केन्द्र इंडिया (द आर्ट ऑफ लिविंग) के मध्य आजीविका सृजन एवं ग्रामीण छत्तीसगढ़ का कल्याण विषयक एमओयू के लिए राज्य सरकार के सुशासन एवं अभिसरण विभाग को अधिकृत किया गया। recent visitors 19