Sunday, July 5, 2026 2:01 am

मंगलवार, 04 मार्च 2025: बदल जाएगी इन राशियों की किस्मत, मिलेगी बड़ी सफलता

मेष राशि- आज अपनी फाइनेंशियल बॉउन्डरी को मेन्टेन करने पर ध्यान दें। सही दृष्टिकोण और थोड़े से साहस के साथ आप अपने रोमांटिक सपनों को एक खूबसूरत हकीकत में बदल सकते हैं। हाइड्रेटेड रहें। वृषभ राशि- आज आप अपने धन संबंधी मामलों में सफलता देख सकते हैं। नए लोगों के साथ बात-चीत शुरू करने से न डरें। चाहे आप नई नौकरी पाना चाहते हों या प्रोमोशन पाना चाहते हों, आज का दिन लकी है। मिथुन राशि- आज खुद के प्रति सच्चे रहें। हमेशा अपने स्वास्थ्य को पहले स्थान पर रखना याद रखें, बाकी सब अपने आप ठीक हो जाएगा। यूनिवर्स आज आपके पक्ष में है। धन के मामले में सावधानी जरूरी है। कर्क राशि- आज खुद पर विश्वास करें। आप बेहतर महसूस करेंगे, बेहतर दिखेंगे और आज के दिन जैसी भी सिचूऐशन आएगी, उससे निपटने के लिए आपके पास अधिक एनर्जी होगी। हेल्थ पर ध्यान देने की जरूरत है। सिंह राशि- आज अपने कार्यों और डीसीजन को गाइड करने के लिए खुद पर भरोसा करें। मौजूदा रिश्तों को आपकी इमोशनल समझ से आज लाभ हो सकता है। पैसों के लेन-देन से आज बचना बेहतर रहेगा। कन्या राशि- आज धन संबंधी मामलों में सफलता मिलेगी। शांति और सुकून पाने के लिए मेडिटेशन करें। आज का दिन अपने सपनों की ओर बढ़ने और अपने जुनून को आगे बढ़ाने का है। परिवार में कलह से बचने की कोशिश करें। तुला राशि- आज सेल्फ-केयर और मेडिटेशन के लिए समय अवश्य निकालें। धन से जुड़े निर्णय सोच समझकर ही लें। परिवार में मतभेद होने की संभावना है। संयम से काम लें और खुद को बीजी रखें। वृश्चिक राशि- आज हेल्दी रहने के लिए जंक फूड से दूरी बनाएं। धन से जुड़े निर्णय लेने के लिए फाइनेंशियल एडवाइजर की मदद ले सकते हैं। आज आपका परिश्रम रंग लाएगा और आप समृद्धि देखेंगे। धनु राशि- आज बेतहाशा सपनों का पीछा करने और उस चीज से मुक्त होने का दिन है, जो आपको रोक रही है। सेल्फ-लव पर फोकस करें। सावधान रहें और उत्साह में अपने खर्च को कंट्रोल से बाहर न जाने दें। मकर राशि- आज जंक फूड्स को नो कहें। लव के मामले में कुछ बातों को इग्नोर करने से रिश्ते में दरार पड़ने से रोका जा सकता है। आज आप खुद को पॉजिटिव फीलिंग्स से भरा हुआ पाएंगे। प्रेशर कम लें। कुंभ राशि- आज नए चैलेंज का सामना करने से न डरें। प्राकृतिक आकर्षण और कम्यूनिकेशन स्किल्स आज काम आएगी। आज रिस्क लेने से न डरें क्योंकि लंबे समय में इसका फायदा हो सकता है। मीन राशि- आज रिलेशन में दोबारा स्पार्क लाने के लिए एक-दूसरे के करीब आने की कोशिश करनी चाहिए। आज सोच-समझकर रिस्क उठाने की जरूरत है। आर्थिक स्थिति बेहतर होने पर एक्स्ट्रा खर्च करने से बचें। recent visitors 62

राज्यपाल पटेल बोले – रेडक्रॉस के सेवा संकल्प को पीड़ित मानवता की सेवा में करे साकार

भोपाल राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि रेडक्रॉस मानव सेवा का सशक्त प्रकल्प है। सदस्य, रेडक्रॉस के सेवा संकल्पों को पीड़ित मानवता की सेवा कार्यों में साकार करे। राज्यपाल श्री पटेल रेडक्रॉस की मध्यप्रदेश शाखा की वार्षिक साधारण सभा की बैठक को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने रेडक्रॉस की विभिन्न इकाइयों को पुरस्कृत किया। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि जिला इकाइयॉ रेडक्रॉस शाखा की पुरस्कृत इकाइयों से पीड़ितों की सेवा के बेहतर कार्यों को आगे बढ़ाने की प्रेरणा ले। इकाइयों से सकारात्मकता के साथ परस्पर स्वस्थ प्रतिस्पर्धा करे। सेवा कार्यों का आदर्श प्रस्तुत करे। राज्य शाखा द्वारा प्राप्त निर्देशों और लक्ष्यों का एकनिष्ठता के साथ समय सीमा में पालन करे। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि सिकल सेल उन्मूलन प्रयासों को आगे बढ़ाने में रेडक्रॉस की भूमिका महत्वपूर्ण है। सिकल सेल की जागरूकता, जांच और उपचार के कार्यक्रमों को ग्रामीण और दूरस्थ अंचलों तक आयोजित करे। चिन्हित मरीजों का इलाज संवेदनशीलता के साथ करे। उन्होंने उपस्थित जनों से अपील की है कि सिकल सेल से प्रभावित बच्चों और परिवारों की मदद के व्यक्तिगत प्रयास जरूर करें। राज्यपाल श्री पटेल का पुष्प-गुच्छ से स्वागत और स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया गया। रेडक्रॉस राज्य शाखा के चेयरमेन डॉ. गगन कोल्हे ने स्वागत उद्बोधन और मध्यप्रदेश रेडक्रॉस शाखा की 2023-24 का प्रगति विवरण प्रस्तुत किया। राज्य शाखा के महासचिव श्री रामेन्द्र सिंह ने आगामी कार्य योजना प्रस्तुत की। कोषाध्यक्ष श्री शशांक श्रीवास्तव ने बैठक की कार्यवाही का संचालन किया। आभार उपाध्यक्ष श्री भरत झंवर ने माना। बैठक में राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव श्री के. सी. गुप्ता, रेडक्रॉस सोसायटी की राज्य और जिला शाखा के पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित रहे।       recent visitors 63

सीएम साय बजट को लेकर बोले- छत्तीसगढ़ के विकास को मिलेगी तीव्र गति

रायपुर  यह बजट वर्तमान की जरूरतों को पूरा करते हुए भविष्य में विकसित छत्तीसगढ़ की अधोसंरचना जरूरतों के अनुरूप तैयार किया गया है। इस बजट से छत्तीसगढ़ के विकास को तीव्र गति मिलेगी. इसमें धान के कटोरे की चमक ‘‘कृषि अर्थव्यवस्था‘‘ को संवारने के उपायों के साथ ही इंडस्ट्रियल हब और आईटी हब के रूप में छत्तीसगढ़ को तैयार करने की ठोस नींव रखी गई है। ये बातें मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज विधानसभा में अपनी सरकार के दूसरे साल के प्रस्तुत बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कही। सीएम साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में हमने छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए बहुत जरूरी है कि हम आधुनिक समय के मुताबिक अपनी अर्थव्यवस्था को तैयार करेें, बजट में पूरा फोकस इसी पर है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें प्रदेश में बदहाल राजकोष और कुशासन की विरासत मिली थी। हमने राजकोषीय सुधारों के साथ प्रशासनिक प्रणालियों में सुधार करते हुए बजट के संतुलित उपयोग से प्रदेश में जनकल्याण के कार्य पुनः आरंभ कराए। अब छत्तीसगढ़ में विकास ट्रैक पर आ गया है और ट्रिपल इंजन की सरकार इसे तेजी से गति दे रही है। बजट प्रावधानों से यह गति और बढ़ेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले बजट में विकसित भारत की संकल्पना के अनुरूप समावेशी विकास की राह तैयार हुई और हमारा फोकस ज्ञान अर्थात गरीब, युवा, अन्नदाता और नारीशक्ति पर था। इनके लिए हमने जिस तरह से नवाचारी योजनाएं लागू कीं, उसके प्रभावी नतीजे मिले। इस बार बजट का थीम है ‘‘ज्ञान के लिए गति‘‘ यह हमारी ट्रिपल इंजन सरकार के लक्ष्यों के अनुरूप है। उन्होंने बताया कि गति से हमारा तात्पर्य सुशासन, बुनियादी ढांचे में तेजी लाना, तकनीक का अधिकाधिक प्रयोग और औद्योगिक विकास में तीव्र वृद्धि करना है। हम इन सभी मानदंडों को पूरा करेंगे। अटलजी के सपनों को पूरा करने की ठोस नींव हमने रखी : साय मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के समग्र विकास के लिए हमने बड़े सपने देखे हैं और उन्हें पूरा करने की रणनीति भी तैयार कर ली है। इन्हें पूरा करने के लिए हमारी ट्रिपल इंजन की सरकार पूरी रफ्तार से काम करेगी। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माता पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी जी का स्मरण भी किया। उन्होंने कहा कि उनके जन्म शताब्दी वर्ष को हम अटल निर्माण वर्ष के रूप में मना रहे हैं। उन्होंने कहा कि अटल जी छत्तीसगढ़ को विकसित राज्यों की श्रेणी में देखना चाहते थे, उनके सपनों को पूरा करने की ठोस नींव हमने रख दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में ऐसी अधोसंरचना की जरूरत होगी जो एक विकसित औद्योगिक राज्य की जरूरतों को पूरी करती हो। इसके लिए हमने बजट में विशेष प्रावधान किये हैं। रायपुर-दुर्ग मेट्रो सेवा का सर्वे होगा। नये औद्योगिक पार्क स्थापित कर रहे हैं। इसके लिए 700 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है। महानदी- इंद्रावती तथा कोडार-सिकासर जैसी नदियों को जोड़ेंगे, खेती में निवेश करेंगे। नई सिंचाई परियोजनाओं के लिए 1500 करोड़ का बजट प्रावधान किया गया है। 12 नए इंजीनियरिंग कालेज और 12 पालिटेक्निक कालेज खुलेंगे मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने बजट में मानव संसाधन को सहेजने के लिए नये अस्पतालों, आधुनिक स्कूलों और इनमें पर्याप्त स्टाफ के संबंध में व्यवस्था की है। राज्य की नई औद्योगिक नीति की जरूरतों को पूरा करने 12 नए इंजीनियरिंग कालेज और 12 पालिटेक्निक कालेज आरंभ करेंगे। नये बिजनेस और स्टार्टअप के लिए 700 करोड़ रुपए का इंडस्ट्रियल सब्सिडी सपोर्ट रखा गया है। इस बार पूंजीगत व्यय 26 हजार करोड़ रुपए से अधिक रखा गया है जो पिछले वर्ष की तुलना में 18 प्रतिशत है। पूंजीगत व्यय में किये गये निवेश का कई गुना रिटर्न मिलता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट समावेशी है और सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास के हमारे ध्येय के मुताबिक तैयार किया गया है। अपने सपनों को पूरा करने एक नई उड़ान भरेगा छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय के आदर्शो के अनुरूप हमने अंत्योदय के कल्याण के लिए तथा इनके समग्र विकास के लिए विशेष बजट प्रावधान रखा है। पिछले बजट में गरीब युवा, अन्नदाता तथा नारी शक्ति एवं जनजातीय विकास के लिए जो योजनाएं आरंभ की गई थी, उनके लिए बजट प्रावधान के साथ ही इनके विकास के लिए नई योजनाएं भी इस बजट में आरंभ की गई है। उन्होंने कहा कि इस बजट के साथ हमारा प्रदेश नये संकल्पों के साथ अपने सपनों को पूरा करने एक नई उड़ान भरेगा।   recent visitors 60

मुख्यमंत्री यादव ने अधिकारियों से बैठक लेकर निवेश को धरातल पर उतारने की पूरी कार्य योजना तैयार करने के निर्देश जारी किए

भोपाल मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आयोजित हुई ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में मिले निवेश प्रस्ताव को लेकर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने अधिकारियों की बैठक लेकर उन्हें आवश्यक निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा है कि इन्वेस्टर समिट का असर धरातल पर दिखना चाहिए. इसके लिए सभी प्रस्तावों को लेकर अलग-अलग रिपोर्ट तैयार की जाएगी. राजधानी भोपाल में दो दिवसीय ग्लोबल इन्वेस्टर समिट का आयोजन किया गया, जिसमें देश-विदेश के बड़े उद्योगपतियों ने हिस्सा लिया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह सहित राजनीति के दिग्गजों ने भी इस इन्वेस्टर समिट में हिस्सा लेकर विदेश से आने वाले निवेश को लेकर वर्तमान समय को सबसे बेहतर बताया. अब मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने अधिकारियों से बैठक लेकर निवेश को धरातल पर उतारने की पूरी कार्य योजना तैयार करने के निर्देश जारी किए हैं. विदित है कि ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में जापान, यूएस, यूएई सहित विश्व के कई देशों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया था. बैठक में सीएस अनुराग जैन, एसीएस राजेश राजौरा सहित कई विभागों के पीएस मौजूद थे. 26 लाख करोड़ से ज्यादा के निवेश प्रस्ताव मिले भोपाल में आयोजित की गई ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में मध्य प्रदेश को 26.61 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले. दो दिनों तक चली समिट में भोपाल में सबसे ज्यादा 5.8 लाख करोड़ का निवेश मिला है, जबकि इंदौर और उज्जैन में 4.7 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले हैं. इन्हीं निवेश प्रस्ताव को धरातल पर उतरने के लिए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं. मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने बैठक में कही यह बात बैठक में शामिल प्रशासनिक अधिकारियों के सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने निवेश प्रस्ताव का फॉलोअप लेते हुए प्रगति रिपोर्ट प्रति सप्ताह प्रस्तुत करने के निर्देश जारी किए हैं. इसके अलावा यह भी कहा गया है कि निवेशकों से लगातार सीधा संपर्क बनाया जाए. मुख्यमंत्री ने अभी कहा है कि 2 साल के भीतर सभी उद्योग शुरू हो जाने चाहिए. इसके लिए इंफ्रास्ट्रक्चर को और भी बेहतर बनाया जाए.   recent visitors 46

स्वच्छ सुजल गांव-स्वच्छता और जल प्रबंधन की दिशा में सशक्त कदम

भोपाल जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार के जल जीवन मिशन और स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण के तहत देशभर में गांवों को 'स्वच्छ सुजल गांव' बनाने की दिशा में एक सशक्त जन-आंदोलन चल रहा है। यह पहल न केवल ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने और ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन को मजबूत करने पर केंद्रित है, बल्कि इसे एक स्थायी व्यवहार परिवर्तन के रूप में स्थापित करने का लक्ष्य भी है। मध्यप्रदेश में 'स्वच्छ सुजल गांव' अभियान को नई गति मध्यप्रदेश सरकार इस अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए सतत प्रयासरत है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती संपतिया उइके ने कहा कि राज्य में जल जीवन मिशन और स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण को सफल बनाने के लिए पंचायतों और ग्रामीण समुदायों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने कहा कि हर गांव तक स्वच्छ जल पहुंचाने और ओडीएफ प्लस स्थिति को बनाए रखने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। 'स्वच्छ सुजल गांव' अभियान केवल बुनियादी सुविधाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण क्षेत्रों में स्वस्थ जीवनशैली और पर्यावरणीय संतुलन का आधार बन रहा है। प्रमुख सचिव श्री पी. नरहरि ने कहा कि मध्यप्रदेश में इस पहल को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। हर घर जल प्रमाणन प्राप्त गांवों और ओडीएफ प्लस मॉडल गांवों की संख्या निरंतर बढ़ रही है। जल संरक्षण, अपशिष्ट प्रबंधन और स्वच्छता को लेकर जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रभावी रणनीतियां अपनाई जा रही हैं, जिससे राज्य के हर गांव को 'स्वच्छ सुजल गांव' का दर्जा मिल सके। 'स्वच्छ सुजल गांव'-एक आदर्श मॉडल 'स्वच्छ सुजल गांव' वह होता है जहां सभी ग्रामीण परिवारों और सार्वजनिक संस्थानों जैसे विद्यालय, आंगनवाड़ी केंद्र, पंचायत भवन और शौचालय को सुरक्षित जल आपूर्ति सुनिश्चित की गई हो और ग्राम सभा द्वारा 'हर घर जल' प्रमाणन प्राप्त हो। गांव ने खुले में शौच से मुक्त की स्थिति को न केवल प्राप्त किया हो, बल्कि इसे सतत रूप से बनाए रखा हो। ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन की प्रभावी व्यवस्था हो, जिससे जल स्रोतों की गुणवत्ता बनी रहे और पर्यावरणीय संतुलन कायम रहे। गांव में स्वच्छता और जल संरक्षण को लेकर सामूहिक संकल्प लिया गया हो और इसे ग्राम सभा में पारित किया गया हो। गांव का परिदृश्य स्वच्छ, सुव्यवस्थित और अनुकरणीय हो, जिससे अन्य क्षेत्रों के लिए यह प्रेरणा स्रोत बने। गांवों की सतत प्रगति में सामुदायिक भागीदारी 'स्वच्छ सुजल गांव' की संकल्पना को जमीनी स्तर पर प्रभावी रूप से लागू करने के लिए स्थानीय समुदाय, पंचायतों और जिला प्रशासन की महत्वपूर्ण भूमिका है। यह केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि जन-भागीदारी से संचालित एक व्यापक आंदोलन बन चुका है, जिसमें ग्रामीण जनता जल और स्वच्छता के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए इसमें सक्रिय योगदान दे रही है। गांवों में जल और स्वच्छता सेवाओं की स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए नियमित ग्राम सभा आयोजित की जा रही हैं, जहां स्थानीय समुदाय अपनी प्राथमिकताओं को तय कर, जल स्रोतों के संरक्षण और बेहतर स्वच्छता उपायों को अपनाने के लिए प्रतिबद्ध हो रहा है। यह सामुदायिक नेतृत्व का एक सशक्त उदाहरण प्रस्तुत करता है। डिजिटल क्रांति से 'स्वच्छ सुजल गांव' को मिल रहा बल इस अभियान की प्रभावशीलता को और अधिक सशक्त बनाने के लिए डिजिटल और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग किया जा रहा है। विभिन्न गांवों की सफल कहानियां, उत्कृष्ट मॉडल और नवाचारों को प्रचारित किया जा रहा है, इससे अन्य क्षेत्रों को भी प्रेरणा मिले और वे इसे अपनाने के लिए प्रोत्साहित हों। 'स्वच्छ सुजल गांव'-ग्रामीण भारत के लिए एक स्थायी समाधान यह अभियान ग्रामीण भारत के जल और स्वच्छता से जुड़ी आवश्यकताओं को पूरा करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। इससे न केवल ग्रामीण क्षेत्रों में रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ रही है, बल्कि पर्यावरणीय संतुलन और जल संरक्षण को भी बढ़ावा मिल रहा है। मध्यप्रदेश में यह अभियान स्वस्थ, स्वच्छ और जल-समृद्ध गांवों की संकल्पना को साकार करने में एक निर्णायक भूमिका निभा रहा है।   recent visitors 39

होटल के कमरे में गांजे के साथ पकड़े गए IIT बाबा अभय सिंह

जयपुर जयपुर पुलिस ने IIT बाबा अभय सिंह को हिरासत में लिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर आत्महत्या करने की धमकी दी थी। पुलिस ने उनकी लोकेशन ट्रेस करके उन्हें जयपुर के रिद्धि-सिद्धि इलाके के एक होटल से पकड़ा। बाबा के पास से गांजा और कुछ अन्य नशीले पदार्थ भी मिले हैं। अभय सिंह, जो IIT बाबा के नाम से जाने जाते हैं, उन्होंने सोशल मीडिया पर खुदकुशी करने की धमकी पोस्ट की थी। इसके बाद पुलिस हरकत में आई। पुलिस ने उनकी लोकेशन जयपुर के रिद्धि-सिद्धि स्थित एक होटल में ट्रेस की। शिप्रापथ थाना के सीआई राजेन्द्र गोदारा अपनी टीम के साथ होटल पहुंचे और बाबा को डिटेन कर लिया। होटल के कमरे की तलाशी में पुलिस को गांजा समेत कुछ और नशीले पदार्थ मिले। इसके बाद पुलिस बाबा को थाने ले गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बाबा ने आत्महत्या की धमकी क्यों दी। साथ ही, उनके पास मिले नशीले पदार्थों के स्रोत का भी पता लगाया जा रहा है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या बाबा के खिलाफ पहले से कोई मामला दर्ज है। गांजे को बाबा ने बताया प्रसाद इस मामले में अभय सिंह उर्फ IIT बाबा का कहना है कि 'थोड़ा सा प्रसाद (गांजा) मिला है। मैंने उनसे कहा अब इस प्रसाद पर केस करोगे तो कुंभ में इतने सारे लोग पीते हैं, सभी को गिरफ्तार करो। भारत के अंदर तो ये अंडरस्टुड है।' मामले में एनडीपीएस की धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है। recent visitors 59

नीति आयोग के स्टेट सपोर्ट मिशन के अंतर्गत मध्यप्रदेश के प्रस्ताव को स्वीकृति

भोपाल आयुक्त, आर्थिक सांख्यिकी श्री ऋषि गर्ग ने बताया कि भारत सरकार ने नीति आयोग के स्टेट सपोर्ट मिशन अंतर्गत मध्यप्रदेश सरकार के प्रस्ताव को वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए रुपये 1.23 करोड़ रूपए की मंजूरी दे दी है। यह स्वीकृति राज्य में उद्यमिता, डेटा-संचालित शासन, आर्थिक वृद्धि, जलवायु अनुकूलन और प्रभाव मूल्यांकन  को मजबूत करने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय मध्यप्रदेश राज्य नीति आयोग और नीति आयोग के बीच विस्तृत विचार-विमर्श और सहयोग के बाद लिया गया। इससे राज्य के विकसित मध्यप्रदेश और विकसित भारत @2047 के सपने को साकार करने की प्रतिबद्धता और अधिक सुदृढ़ हुई है। आयुक्त श्री गर्ग ने बताया कि इस स्वीकृति के 3 प्रमुख स्तंभ हैं, जिनमें महिला उद्यमिता मंच (डब्ल्यूईपी-एमपी) नीति सुधारों, रणनीतिक साझेदारियों और एक समर्पित डिजिटल प्लेटफार्म को बढ़ावा देकर महिला नेतृत्व वाले उद्यम विकास में तेजी आयेगी। मध्यप्रदेश राज्य डेटा एनालिसिस प्लेटफ़ॉर्म (एसडीएपी) को नीति आयोग के राष्ट्रीय डेटा एनालिटिक्स प्लेटफ़ॉर्म (एनडीएपी) के सहयोग से विकसित किया जायेगा। यह पहल साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण का समर्थन करने, कार्यक्रम अनुश्रवण में सुधार करने और संसाधनों के बेहतर आवंटन को सुनिश्चित करने के लिए बहु-क्षेत्रीय डेटासेट को एकीकृत करेगी। ग्रोथ-हब पहल (जी-हब) चिन्हित क्षेत्रों में आर्थिक विकास को बढ़ावा देने पर केंद्रित है। जी-हब का लक्ष्य क्षेत्रीय आर्थिक विकास को गति देने वाले अनुरूप विकास रोडमैप तैयार करना है। जलवायु अनुकूल कार्य योजना (सी) जलवायु अनुकूलन और नियंत्रण रणनीतियों को समर्थन देने के लिए बनाई जायेगी, जो नेट ज़ीरो 2070 और सतत विकास लक्ष्यों के अनुरूप होगी। अनुश्रवण, मूल्यांकन और प्रभाव आकलन इकाई राज्य की नीतियों और कार्यक्रमों के अनुश्रवण और मूल्यांकन के माध्यम से डेटा-आधारित सुशासन को सशक्त बनाना। समावेशी विकास, नवाचार और उद्यमिता पर मध्यप्रदेश सरकार की व्यापक नीति और दृष्टिकोण के अनुरूप हैं। आयुक्त, श्री गर्ग ने बताया कि इस स्वीकृति के साथ मध्यप्रदेश सरकार अब इन पहलों के प्रभावी कार्यान्वयन की दिशा में आगे बढ़ेगी। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कार्यक्रमों को संस्थागत समर्थन और आवश्यक संसाधन प्राप्त हों। इसके लिए राज्य, नीति आयोग के साथ ज्ञान साझाकरण, क्षमता निर्माण और तकनीकी सहायता के क्षेत्रों में सहयोग करेगा, जिससे एक मजबूत विकास ढांचा तैयार किया जा सकेगा। आयुक्त श्री गर्ग ने बताया कि यह पहल मध्यप्रदेश को एक अग्रणी आर्थिक और नीतिगत राज्य बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। सरकार इस स्टेट सपोर्ट मिशन का उपयोग सतत विकास और सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन को गति देने के लिए प्रतिबद्ध है।   recent visitors 41