बजट सत्र में भाजपा विधायक धरमलाल कौशिक ने पूछा- 56 करोड़ की जमीन 9 करोड़ में कैसे दे दी? मंत्री बोले, निरस्त हो चुका है आवंटन

रायपुर छत्तीसगढ़ विधानसभा बजट सत्र के सातवें दिन की कार्यवाही जारी है. सदन में प्रश्नकाल के दौरान अमलीडीह की शासकीय भूमि के आबंटन का मामला गरमा गया. भाजपा विधायक धरमलाल कौशिक ने इस मुद्दे को उठाते हुए सरकार से सवाल किया कि इस भूमि का आबंटन निरस्त करने का कारण क्या था. राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने जवाब देते हुए कहा कि नियमों में बदलाव के कारण यह आबंटन रद्द कर दिया गया था. प्रश्नकाल के दौरान भाजपा विधायक धरमलाल कौशिक ने पूछा कि जमीन आबंटन निरस्त होने का कारण क्या है? राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने इस पर जवाब देते हुए कहा कि मंत्रिमंडल में नियम में बदलाव की वजह से आबंटन निरस्त कर दिया गया था. धरमलाल कौशिक ने पूछा कि जब भूमि का आबंटन निरस्त किया गया तब बाजार की दर क्या थी? चराई की भूमि का आबंटन नहीं किया जा सकता है. 56 करोड़ रुपए पटाया जाना था लेकिन सिर्फ 9 करोड़ रुपए की राशि जमा की गई थी. अधिकारियों ने जो इस तरह से काम किया था उनके खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी? इस पर जवाब देते हुए राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि भूमि का आबंटन की प्रक्रिया चल रही थी. राशि नहीं पटाई गई थी. शासन ने आबंटन निरस्त कर दिया था. विधायक धरमलाल कौशिक ने पूछा कि भूमि रिकॉर्ड में किसके नाम पर है? राजस्व मंत्री ने बताया कि आबंटन कलेक्टर के द्वारा किया जाता है, जब राशि पटाई जाती है. राशि जमा करने के पूर्व ही आबंटन रद्द कर दिया गया था. रिकॉर्ड में भूमि शासन के नाम पर ही दर्ज है. कलेक्टर द्वारा डिमांड लेटर दिया ही नहीं गया था. भाजपा विधायक धरमलाल कौशिक ने पूछा कि आबंटन की प्रक्रिया गलत थी. इस पर क्या कार्रवाई की जाएगी? सरकार की जमीन की अफरा तफरी करेंगे? 56 करोड़ की जमीन को 9 करोड़ रुपए में कर देंगे? इस पर जवाब देते हुए राजस्व मंत्री ने कहा कि आबंटन किया ही नहीं गया. भाजपा विधायक कौशिक ने पूछा कि सरकारी जमीन में बंदरबांट की गई है. यह सिर्फ एक प्रकरण नहीं है. मंत्री सदन में असत्य कथन कर रहे हैं. जिसपर भाजपा विधायक मोतीलाल साहू ने कहा कि मेरी ही शिकायत पर रामा बिल्डकॉन को आबंटित जमीन निरस्त की गई थी, लेकिन सदन में दिये गए जवाब में रिकॉर्ड में जमीन बिल्डकॉन के नाम पर ही दर्ज दिख रहा है. राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने जवाब देते हुए कहा कि निरस्त कर दिया गया है. recent visitors 52

स्‍टीव स्मिथ ने भारत से हार के बाद छोड़ा वनडे क्रिकेट? संन्‍यास का ऐलान कर खुद खोल दिया चौंकाने वाले फैसले का राज

दुबई  ऑस्ट्रेलिया के कप्तान स्टीव स्मिथ ने आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी के सेमीफाइनल में भारत से मिली हार के बाद संन्यास का फैसला किया है। उन्होंने भारत से हार के बाद हालांकि प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस तरह का कोई बयान नहीं दिया था, लेकिन एक दिन बाद ही उन्होंने यह फैसला लेकर हर किसी को चौंका दिया। स्टीव स्मिथ ऑस्ट्रेलियाई टीम के सबसे प्रमुख खिलाड़ियों में शामिल थे। डॉन ब्रैडमैन के बाद वह ऑस्ट्रेलिया के सबसे प्रभावशाली बल्लेबाजों में शामिल किए जाते थे। मौजूदा मशहूर फैब-फोर में उनका नाम सबसे ऊपर लिया जाता है। स्टीव स्मिथ लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक खेलना चाहते हैं स्टीव स्मिथ ने अपना आखिरी वनडे मैच भारत के खिलाफ खेला। दुबई में भारत से 4 विकेट से मिली हार के बाद उनकी टीम का चैंपियंस ट्रॉफी अभियान समाप्त हो गया। स्मिथ टेस्ट और टी20 चयन के लिए उपलब्ध रहेंगे। माना जाता है कि वह लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक खेलों का हिस्सा बनना चाहते हैं। ओलंपिक में टी20 फॉर्मेट से क्रिकेट खेला जाएग। 35 वर्षीय स्मिथ ने दुबई में चैंपियंस ट्रॉफी सेमीफाइनल में हार के बाद अपने फैसले के बारे में टीम के साथियों को बताया और आज कहा कि ऐसा लगता है कि अब खेल छोड़ने का सही समय आ गया है। 'अपने क्रिकेट करियर के हर मोमेंट का मजा लिया, अब 27 की तैयारी का वक्त' स्मिथ ने अपने बयान में कहा- यह एक शानदार सफर रहा है और मैंने इसके हर मिनट का आनंद लिया है। बहुत सारे अद्भुत पल और शानदार यादें रही हैं। दो विश्व कप जीतना एक शानदार उपलब्धि थी, साथ ही कई शानदार साथियों ने इस यात्रा को साझा किया। अब लोगों के लिए 2027 के वनडे विश्व कप की तैयारी शुरू करने का एक शानदार अवसर है, इसलिए ऐसा लगता है कि यह सही समय है। टेस्ट क्रिकेट अभी भी प्राथमिकता है और मैं वास्तव में विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल, सर्दियों में वेस्टइंडीज और फिर घर पर इंग्लैंड के खिलाफ खेलने का बेसब्री से इंतजार कर रहा हूं। मुझे लगता है कि मुझे अभी भी उस मंच पर योगदान देने के लिए बहुत कुछ करना है। स्टीव स्मिथ का क्रिकेट करियर स्मिथ ने अपने वनडे करियर का अंत 170 मैचों के साथ किया, जिससे वह 50 ओवर के प्रारूप में देश के 16वें सबसे ज्यादा मैच खेलने वाले पुरुष खिलाड़ी और 12वें सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी बने थे। उन्होंने 64 एक दिवसीय मैचों में ऑस्ट्रेलिया की कप्तानी भी की, जिसमें जीत का प्रतिशत 50 प्रतिशत रहा, जिसमें पूर्णकालिक कप्तान के रूप में अपने पहले वर्ष में इंग्लैंड और भारत के खिलाफ सीरीज जीत, चैपल-हैडली ट्रॉफी और कैरिबियन में दक्षिण अफ्रीका और वेस्टइंडीज पर त्रिकोणीय सीरीज जीत (दोनों 2016 में) शामिल हैं। स्टीव स्मिथ कमाल के कप्तान थे, गजब का रिकॉर्ड है उन्होंने 2023-24 के घरेलू समर के दौरान कप्तान के रूप में कमिंस की अनुपस्थिति में ऑस्ट्रेलिया को वेस्टइंडीज पर 3-0 से क्लीन स्वीप करने में मदद की। स्मिथ ने 43.28 की औसत और 86.96 प्रति 100 गेंदों पर स्ट्राइक रेट के साथ 5800 रन बनाए हैं, जिसमें 12 शतक और 35 अर्द्धशतक शामिल हैं और 2016 में एससीजी में न्यूजीलैंड के खिलाफ उनका उच्चतम स्कोर 164 रन रहा।ऑस्ट्रेलिया के 11 खिलाड़ियों में से जिन्होंने अधिक वनडे रन बनाए हैं, केवल विस्फोटक सलामी बल्लेबाज डेविड वॉर्नर (स्ट्राइक रेट 97.26) और एडम गिलक्रिस्ट (96.89) ने ही इतनी तेजी से ऐसा किया है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि वह 2015 में ऑस्ट्रेलिया के विश्व कप जीतने वाले अभियान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा थे, जहां उन्होंने एमसीजी में न्यूजीलैंड के खिलाफ फाइनल में विजयी चौका लगाया था। 2023 में जब उन्होंने निर्णायक मैच में मेजबान देश भारत को हराया था। स्मिथ का वनडे रिकॉर्ड स्मिथ ने अपना वनडे करियर  170 मैचों के साथ समाप्त किया. वह सबसे ज्‍यादा वनडे मैच खेलने वाले ऑस्‍ट्रेलिया के 16वें पुरुष खिलाड़ी और 12वें सबसे ज्‍यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी हैं.. उन्होंने 64 वनडे मैचों में ऑस्ट्रेलिया की कप्तानी भी की, जिसमें जीत का प्रतिशत 50 प्रतिशत रहा, जिसमें फुल टाइम कप्तान के रूप में अपने पहले ही साल में इंग्लैंड और भारत के खिलाफ सीरीज जीत, चैपल-हैडली ट्रॉफी और कैरिबियन में साउथ अफ्रीका और वेस्टइंडीज पर त्रिकोणीय श्रृंखला जीत (दोनों 2016 में) शामिल हैं. हाल ही में उन्होंने 2023-24 के घरेलू समर के दौरान कप्तान के रूप में कमिंस की अनुपस्थिति में ऑस्ट्रेलिया को वेस्टइंडीज के खिलाफ 3-0 से क्लीन स्वीप करने में मदद की. स्मिथ ने 43.28 की औसत और 86.96 की स्ट्राइक रेट से 5800 रन बनाए, जिसमें 12 सेंचुरी और 35 हाफ सेंचुरी शामिल हैं. स्टीव स्मिथ का वनडे करियर     170: मैच     154: पारी     5800: रन     164: उच्च स्कोर     43.28: औसत     86.96: स्ट्राइक रेट     12: शतक     35: अर्द्धशतक recent visitors 56

इंदौर में ढाबे के बाहर आधा दर्जन से ज्यादा युवक-युवतियां के बीच WWF जैसी मारपीट, अधिकतर नशे में थे

इंदौर मध्य प्रदेश के इंदौर में कुछ लड़के-लड़कियों के बीच हुई मीरपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। किशनगंज थाना क्षेत्र के भगवती ढाबे के बाहर आधा दर्जन से ज्यादा युवक-युवतियां के बीच WWF जैसी मारपीट हुई। बताया जा रहा है कि इनमें से अधिकतर नशे में थे। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है। जानकारी के मुताबिक घटना तीन दिन पुरानी है। किशनगंज थाना क्षेत्र के बाइपास स्थित भगवती ढाबे पर दोनों पक्ष पार्टी मनाने पहुंचा था। आरोप है कि यहां एक लड़के-लड़की के बीच आपसी झगड़ा हो गया और फिर इसके बाद उनका दूसरे पक्ष से भी विवाद हो गया। इस दौरान जमकर मारपीट हुई। दोनों पक्षों के लोग एक दूसरे को पीटने लगे। वायरल हुए वीडियो में एक लड़का दो लड़कियों को पीटते हुए दिख रहा है। एक लड़की को जोर से धक्का देता है जिससे वह जमीन पर गिरकर रोने लगती है। उसके साथी युवक सामने वाले पक्ष को पीटते नजर आए। करीब 20 मिनट चले हुड़दंग की सूचना किशनगंज पुलिस को नहीं मिली। मारपीट के बाद किसी पक्ष ने पुलिस से शिकायत नहीं की है। एसपी हितिका वासल ने कहा कि एक वीडियो वायरल हुआ है। पुलिस ने इसका संज्ञान लिया है। इस वीडियो में जो लोग दिख रहे हैं उन्हें थाने बुलाया गया है। अभी तक पता चला है कि लड़का-लड़की ढाबे पर खाना खाने गए थे। यहां आपस में उनका झगड़ा हो गया। उन्होंने एक दूसरे को थप्पड़ मारा था। इसके बाद दूसरे लोग आ गए और उनके साथ भी लड़ाई हो गई। पुलिस इस मामले में एफआईआर कर रही है और आगे की जांच की जा रही है। बाइपास के आसपास नशे का अड्डा शहर में पब और नशेडियों के ठिकानों पर पुलिस ने प्रहार करते हुए ताले लटकवा दिए। जिसके चलते बाइपास नशे का नया ठिकाना बन गया है। यहां देर रात तक संचालित हो रहे पब, बार रेस्टोरेंट, होटल और ढाबों पर हुड़दंगियों की रोजाना महफिल जम रही है। आए दिन विवाद की जानकारियां सामने आ रही है। बाइपास के पब और रेस्टोरेंट देर रात तक संचालित हो रहे है। पिछले दिनों मिस्टर स्कल के देर रात तक चलने की सूचना थी। इन थानों की सीमा में बाइपास पुलिस कमिश्नरी और ग्रामीण के थानों को मिलाकर आधा दर्जन थानों की सीमा में बाइपास आता है। जिसमें महू टोल नाके से मांगलिया टोल नाके क्षेत्र है। ग्रामीण के किशनगंज और दूसरे छोर पर क्षिप्रा तो शहरी सीमा में राऊ, कनाडिया, खजराना और लसुड़िया शामिल है। इसके बावजूद नाईट लाइफ की गंदगी जोरों से बायपास पर पैर पसार रही है। recent visitors 54

नशे में धुत ट्रक चालक ने स्कूटी को मारी टक्कर, नाबालिग की मौत

कोरबा तेज रफ्तार ट्रक की चपेट में आने से स्कूटी सवार नाबालिग की मौके पर ही मौत हो गई. घटना के बाद नशे में धुत ट्रक चालक की लोगों ने जमकर पिटाई की. सूचना पर पहुंची 112 की टीम ट्रक चालक को गिरफ्तार कर थाने लाई. घटना उरगा थाना अंतर्गत कोरबा सक्ती मार्ग पर भैसमा बाजार चौक के मुख्य मार्ग पर रात करीबन 9 बजे घटित हुई. तेज रफ्तार नियंत्रित होकर स्कूटी को ठोकर मारते हुए दीवार से जा टकराई. ट्रक की ठोकर से स्कूटी सवार नाबालिक युवक की मौके पर ही मौत हो गई. मृतक बेंदरकोना निवासी 16 वर्षीय परमेश्वर कंवर अपने परिजनों के साथ भैसमा के एक कपड़ा दुकान में कपड़ा लेने आया हुआ था. परिजन कपड़ा ले रहे थे, वहीं मृत नाबालिग बाहर स्कूटी में बैठकर मोबाइल चला रहा था, तभी तेज रफ्तार अनियंत्रित ट्रक परमेश्वर को ठोकर मारते हुए दीवार से जा टकराई. recent visitors 47

केंद्र सरकार का बड़ा फैसला गोधरा कांड के 14 गवाहों की हटाई गई सुरक्षा, SIT रिपोर्ट के बाद

 गोधरा गुजरात के बहुचर्चित गोधरा कांड (Godhra Case) के गवाहों की सुरक्षा हटा दी गई है। केंद्र सरकार ने यह फैसला गृह मंत्रालय की सिफारिश के बाद लिया है। सूत्रों के मुताबिक, कुल 14 गवाहों की सुरक्षा वापस ले ली गई है, जिन्हें पहले केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के 150 जवानों द्वारा सुरक्षा प्रदान की जा रही थी। गृह मंत्रालय ने इस निर्णय के लिए विशेष जांच टीम (SIT) की रिपोर्ट को आधार बनाया है। SIT ने 10 नवंबर 2023 को अपनी सिफारिशी रिपोर्ट सौंपी थी, जिसमें गवाहों की सुरक्षा हटाने का सुझाव दिया गया था। रिपोर्ट के मुताबिक, मौजूदा परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है। जिन 14 गवाहों की सुरक्षा हटी है, उनमें हबीब रसूल सय्यद, अमीनाबेन हबीब रसूल सय्यद, अकीलाबेन यासीनमिन, सैय्यद यूसुफ भाई, अब्दुलभाई मरियम अप्पा, याकूब भाई, रजकभाई अख्तर हुसैन, नजीमभाई सत्तार भाई, माजिदभाई शेख यानुश महामद, हाजी मयुद्दीन, समसुद्दीन फरीदाबानू, समदुद्दीन मुस्तफा इस्माइल, मदीनाबीबी मुस्तफा और भाईलालभाई चंदूभाई राठवा शामिल हैं। क्या था गोधरा कांड गुजरात के गोधरा कांड को 23 साल बीत चुके हैं। फरवरी 2002 में साबरमती एक्सप्रेस के एक डिब्बे में आग लगाए जाने के बाद 59 कार सेवकों की मौत हो गई थी जिससे देशभर में सांप्रदायिक दंगे भड़क उठे। इसकी कहानी यह है कि 27 फरवरी 2002 की सुबह साबरमती एक्सप्रेस के कोच S-6 में आग लगा दी गई और उस कोच में यात्रा कर रहे 59 यात्रियों की जलकर मौत हो गई। ट्रेन तभी गुजरात के गोधरा स्टेशन पर आ चुकी थी। पीड़ितों में 27 महिलाएं और 10 बच्चे शामिल हैं। ट्रेन में सवार अन्य 48 यात्रियों को चोटें आईं। गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने मामले में एक जांच आयोग का गठन किया था। आयोग में न्यायमूर्ति जी टी नानावटी और न्यायमूर्ति केजी शाह शामिल थे। आयोग ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि मारे गए 59 लोगों में से ज्यादातर कार सेवक थे जो उत्तर प्रदेश के अयोध्या से लौट रहे थे। साबरमती एक्सप्रेस ने मुजफ्फरपुर से अपनी यात्रा शुरू की थी और अहमदाबाद जा रही थी। विश्व हिंदू परिषद के आह्वान पर पूर्णाहुति महायज्ञ में शामिल होने गए कम से कम 2,000 कार सेवक अयोध्या से ट्रेन में सवार हुए थे. यह यज्ञ राम मंदिर निर्माण कार्यक्रम का हिस्सा था। ट्रेन जलाने की घटना के कुछ ही घंटों के भीतर राज्य भर में हिंसक दंगे भड़क उठे। दंगे 2 फरवरी की शाम को भड़के और पूरे राज्य में 2-3 महीने तक जारी रहे। 2005 में केंद्र ने राज्यसभा को सूचित किया कि दंगों में 254 हिंदुओं और 790 मुसलमानों की जान चली गई। कुल 223 लोग लापता बताए गए। हजारों लोग बेघर भी हो गये।   recent visitors 55

बदमाशों ने पेट्रोल पंप मालिक से की लूट, पहले कार को मारी टक्कर, फिर मारपीट कर नगदी लेकर हुए फरार

रायपुर राजधानी रायपुर में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं. लगातार अलग-अलग थाना क्षेत्रों में मारपीट और लूट की वारदातें सामने आ रही हैं. ताजा मामला माना थाना क्षेत्र का है, जहां पेट्रोल पंप के मालिक को बदमाशों ने लूट लिया. वारदात को अंजाम देने के लिए दो बदमाशों ने पहले व्यापारी की कार को टक्कर मारी और फिर मारपीट कर 76 हजार रुपए छीनकर फरार हो गए. मामले की शिकायत के बाद पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है. मिली जानकारी के अनुसार, पेट्रोल पंप व्यापारी हरीश अग्रवाल ने माना थाने में शिकायत दर्ज कराई है. उन्होंने बताया कि वह एस फ्यूल से अपने घर समता कॉलोनी लौट रहे थे. रास्ते में कमल विहार चौक के पास जैसे ही उनकी कार एक ब्रेकर के पास पहुंची, तो दो बाइक सवार बदमाशों ने पीछे से उनकी गाड़ी को टक्कर मार दी. इसके बाद हरीश अग्रवाल गाड़ी से उतरकर देखने लगे और बदमाशों से गाड़ी सही तरीके से चलाने की बात कही, तभी दोनों बाइक सवारों ने हरीश अग्रवाल के साथ मारपीट शुरू कर दी और उन्हें जमीन पर गिरा दिया. इसके बाद उनके जेब में रखे 76 हजार रुपये लूटकर फरार हो गए. इस हमले में हरीश अग्रवाल को हल्की चोटें आई हैं. घटना के बाद व्यापारी ने माना थाना पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश में जुट गई है. recent visitors 58

राज्य सुपरवाईजरी बोर्ड की बैठक उप मुख्यमंत्री शुक्ल की अध्यक्षता में संपन्न

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि पीसीपीएनडीटी (गर्भधारण पूर्व और प्रसव पूर्व निदान तकनीक) अधिनियम का महत्व केवल एक कानून तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक सामाजिक और नैतिक संकल्प भी है, जो लिंगानुपात को संतुलित करने और कन्या भ्रूण हत्या रोकने के लिए लागू किया गया है। इस अधिनियम का प्रभावी क्रियान्वयन लैंगिक समानता और महिला सशक्तिकरण को सुनिश्चित करने का एक महत्वपूर्ण आधार है। यह अधिनियम उन सभी चिकित्सा प्रक्रियाओं और तकनीकों पर रोक लगाता है, जिनका दुरुपयोग भ्रूण के लिंग निर्धारण और कन्या भ्रूण हत्या के लिए किया जा सकता है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने मंत्रालय भोपाल में गर्भधारण पूर्व एवं प्रसव पूर्व निदान तकनीक (लिंग चयन प्रतिषेध) अधिनियम के तहत गठित राज्य सुपरवाईज़री बोर्ड की बैठक में अधिनियम के क्रियान्वयन की समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने पी.सी.पी.एन.डी.टी. अधिनियम अंतर्गत अनिवार्य फॉर्म- एफ़ अपलोड की स्थिति और प्रावधान अंतर्गत की गयी कार्यवाहियों की समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने निर्देश दिये कि ऐसे क्षेत्र जहाँ लिंगानुपात विपरीत है वहाँ सघन कार्यवाही और नियमित मॉनिटरिंग की जाये। विधायक श्रीमती प्रियंका मीणा, प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा संदीप यादव, सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारी, राज्य सुपरवाईजरी बोर्ड के सदस्य उपस्थित थे। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि कानून की सफलता केवल इसके प्रावधानों पर निर्भर नहीं करती, बल्कि इसके प्रभावी क्रियान्वयन, सख्त निगरानी और जनजागरूकता अभियानों पर भी आधारित है। यह सुनिश्चित करना होगा कि प्रत्येक अल्ट्रासाउंड सेंटर, प्रसव पूर्व निदान सुविधा और चिकित्सा संस्थान कानून के तहत निर्धारित मानकों का पालन करे। कड़े कानूनी प्रावधानों के साथ-साथ लोगों को नैतिक रूप से जागरूक करना भी आवश्यक है ताकि समाज में यह संदेश स्पष्ट रूप से जाए कि हर बालिका का जीवन मूल्यवान है और उसे समान अवसर मिलना चाहिए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने प्रदेश में लिंग चयन गतिविधियों के प्रतिषेध हेतु "मुखबिर योजना" और पी.सी.पी.एन.डी.टी. अधिनियम के दण्डात्मक प्रावधानों के प्रति जन-जागरूकता के निर्देश दिए। अर्हताधारी चिकित्सकों की पहचान की पुष्टि के लिए आधार ऑथेंटिकेशन की अधिसूचना जारी वरिष्ठ संयुक्त संचालक डॉ. प्रज्ञा तिवारी ने बताया कि पूर्व बैठक में बोर्ड के निर्णय अनुसार वयोवृद्ध रेडियोलॉजिस्ट / सोनोलॉजिस्ट तथा ऐसे चिकित्सक जिनके द्वारा फिंगर प्रिंट की यूआईडीएआई से पुष्टि के अभाव में फॉर्म-एफ़ का अपलोड संभव नहीं हो रहा है, उनके लिए वैकल्पिक बायोमेट्रिक के तौर पर आईरिस स्कैन का विकल्प पी.सी.पी.एन.डी.टी. पोर्टल पर किया गया है। पी.सी.पी.एन.डी.टी. पोर्टल में ऑनलाइन प्रविष्टियों हेतु अर्हताधारी चिकित्सकों की पहचान पुष्टि के लिए 14 फरवरी 2025 को आधार ऑथेंटिकेशन की अधिसूचना जारी की गई। सोनोलॉजिस्ट की संख्या में वृद्धि के प्रयास किए जा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में पीसीपीएनडीटी अधिनियम के अंतर्गत कुल पंजीकृत संस्थाओं की संख्या 2884 है। अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन के तहत नियमित निगरानी कर अब तक कुल 352 कार्यवाहियाँ की गईं, जिनमें पंजीयन निरस्तीकरण और निलंबन की कार्रवाइयाँ शामिल हैं। पीसीपीएनडीटी अधिनियम के तहत 44 वैधानिक कार्यवाहियाँ की गईं हैं इनमें 5 मामलों में अपंजीकृत केंद्रों के विरुद्ध कार्रवाई की गई, जबकि 2 मामलों में अधिनियम अंतर्गत आवश्यक अभिलेखों (फॉर्म-एफ, एएनसी रजिस्टर, रेफरल स्लिप) का संधारण नहीं किए जाने के कारण वैधानिक कार्यवाही की गई। इसके अतिरिक्त, 2 मामलों में गर्भस्थ भ्रूण के लिंग की जानकारी से संबंधित संवाद करने के उल्लंघन पर कार्रवाई हुई, वहीं 107 मामलों में गर्भधारण पूर्व एवं प्रसव पूर्व निदान तकनीक के माध्यम से लिंग चयन हेतु विज्ञापन देने पर कार्रवाई की गई।   recent visitors 53