30 मार्च को छत्तीसगढ़ दौरे पर आएंगे पीएम मोदी, सीएम साय ने मंत्रियों के साथ की दौरे को लेकर बैठक

रायपुर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 30 मार्च को छत्तीसगढ़ दौरे पर आएंगे. वे बिलासपुर में आयोजित लोकार्पण एवं भूमिपूजन के कार्यक्रम में शिरकत करेंगे. पीएम के दौरे की तैयारी को लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज बैठक ली. बैठक में डिप्टी सीएम अरुण साव, विजय शर्मा, मंत्री ओपी चौधरी, श्याम बिहारी जायसवाल, केदार कश्यप के अलावा धरमलाल कौशिक, सुशांत शुक्ला, धर्मजीत सिंह, बिलासपुर रेंज के आईजी संजीव शुक्ला और एसपी रजनीश सिंह मौजूद थे. recent visitors 59

भारत में जल्द सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस का शुरु होने वाली है, अब सैटेलाइट से चलेगा इंटरनेट

नई दिल्ली भारत में जल्द सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस का शुरु होने वाली है। इस साल जून की शुरूआत में सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस शुरू हो सकती है। दूरसंचार नियामक इस सर्विस के लिए बेस तैयार कर रहा है, जो दूरदराज और समंदर तक में इंटरनेट पहुंचाने में सक्षम है। एक रिपोर्ट के मुताबिक सूत्रों ने बताया कि भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) सैटेलाइट कम्युनिकेश के प्राइसिंग और उपयोग पर सिफारिशों के एक सेट को अंतिम रूप दे रहा है, जिसे पिछले दो सालों से तैयार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जैसे ही इसकी रूपरेखा तैयार होगी उसके बाद स्पेक्ट्रम एलोकेट किया जाएगा। रिलायंस जियो इन्फोकॉम, भारती एयरटेल और स्टारलिंक द्वारा सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस की तैयारी कर रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक एक सूत्र ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि सैटेलाइट इंटरनेट सर्विसेज से जुड़ी सिफारिशें अंतिम रूप दिए जाने के करीब हैं। ब्रॉडबैंड की तुलना में यह सर्विस बहुत आगे है। खास बात है कि यह उन इलाकों में इंटरनेट कनेक्टिविटी देती है जहां केबल या मोबाइल टावर की सुविधा नहीं है। सैटेलाइट इंटरनेट में स्पेस में मौजूद सैटेलाइट्स का इस्तेमाल किया जाता है। दुनिया के कई देशों में सैटेलाइट इंटरनेट का इस्तेमाल किया जा रहा है। यह ब्रॉडबैंड इंटरनेट की तुलना में ज्यादा महंगा है, क्योंकि सैटेलाइट इंटरनेट से जुड़ी लागत ज्यादा होती है।   recent visitors 38

नारी सशक्तिकरण से ही राष्ट्र सशक्त होगा: मंत्री श्रीमती उइके

भोपाल लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती संपतिया उइके ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर कहा कि नारी सशक्तिकरण ही वास्तविक राष्ट्र सशक्तिकरण की आधारशिला है। जब महिलाएँ आत्मनिर्भर होंगी, तो समाज और देश की प्रगति स्वतः सुनिश्चित होगी। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में महिलाओं, विशेष रूप से जनजातीय और अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाओं के उत्थान के लिए चलाई जा रही योजनाओं को प्रभावी कदम बताया। मंत्री श्रीमती उइके ने कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल व्यक्तिगत विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज और राष्ट्र की उन्नति का मूल आधार भी है। महिलाओं की सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक स्वतंत्रता को सुनिश्चित करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार ने व्यापक नीतिगत पहल की हैं, जिनका सीधा लाभ अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग की महिलाओं को मिल रहा है। प्रधानमंत्री वन धन योजना जनजातीय महिलाओं को स्वरोजगार और लघु उद्यमों से जोड़ने का महत्वपूर्ण प्रयास है, जिससे वे अपने पारंपरिक ज्ञान और कौशल का उपयोग कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं। आदिवासी छात्रवृत्ति योजना और एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय जनजातीय समाज की बेटियों को गुणवत्तापूर्ण और उच्च अध्ययन के अवसर प्रदान कर रहे हैं। स्टैंड अप इंडिया योजना के तहत अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग की महिलाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता के लिए विशेष आर्थिक सहायता दी जा रही है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना गर्भवती और धात्री महिलाओं को आर्थिक संबल प्रदान कर स्वस्थ मातृत्व और पोषण को प्रोत्साहित कर रही है। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना के माध्यम से विशेष रूप से जनजातीय क्षेत्रों में बालिका शिक्षा को बढ़ावा दिया जा रहा है। मंत्री श्रीमती उइके ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार महिला सशक्तिकरण को नीति-निर्माण की केंद्रीय धुरी बना रही है। मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना प्रदेश की 1.29 करोड़ महिलाओं को आर्थिक स्वतंत्रता प्रदान करने की ऐतिहासिक पहल है। इस योजना के माध्यम से महिलाओं को प्रत्यक्ष आर्थिक सहायता मिल रही है, जिससे वे परिवार के आर्थिक निर्णयों में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं और आत्मनिर्भर बन रही हैं। मुख्यमंत्री आदिवासी महिला उद्यमिता योजना जनजातीय महिलाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता के लिए प्रोत्साहित करने के लिये अनुदान और ऋण सहायता उपलब्ध करा रही है। हर घर नल जल योजना ग्रामीण और आदिवासी महिलाओं को पेयजल आपूर्ति की कठिनाइयों से राहत दे रही है, जिससे उनका श्रम और समय बच रहा है और वे शिक्षा, रोजगार और सामाजिक गतिविधियों में अधिक भागीदारी कर पा रही हैं। पेसा अधिनियम जनजातीय महिलाओं को ग्राम सभाओं में सशक्त भूमिका प्रदान करने के लिए प्रभावी कानून है, जिससे वे स्वतंत्र निर्णय ले रही हैं और समुदाय के विकास में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। मंत्री श्रीमती उइके ने कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल सरकारी योजनाओं से ही संभव नहीं है, बल्कि इसमें समाज की भागीदारी भी आवश्यक है। सरकार स्वरोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं और वित्तीय सहायता के माध्यम से जनजातीय और अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाओं को सशक्त बना रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार महिलाओं के सर्वांगीण विकास के लिए संकल्पबद्ध है। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में महिला सशक्तिकरण को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए ठोस प्रयास किए जाएंगे। जब हर नारी सशक्त होगी, तभी राष्ट्र सशक्त होगा और यही हमारा संकल्प है। recent visitors 46

शिक्षक द्वारा प्रेक्टिकल का रिजल्ट बिगाड़ने के नाम पर 12वीं की छात्रा से पचास हजार रुपये की मांगे, हुए गिरफ्तार

रतलाम/आलोट जिले के ताल नगर में स्थित न्यू आर्यवीर सीनियर सेकंडरी स्कूल के एक शिक्षक द्वारा प्रेक्टिकल का रिजल्ट बिगाड़ने के नाम पर 12वीं की छात्रा से पचास हजार रुपये की मांग करने तथा नहीं देने पर माता-पिता को जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। छात्रा के काका की रिपोर्ट पर ताल पुलिस ने आरोपित शिक्षक प्रदीप सिंह निवासी ग्राम लसुड़िया खेड़ी के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। जानकारी के अनुसार छात्रा के काका ने ताल थाने पर रिपोर्ट दर्ज कराई है कि उनकी बड़ी भतीजी 12वीं तथा छोटी भतीजी कक्षा नौवीं में न्यू आर्यवीर सीनियर सेकंडरी स्कूल ताल में पढ़ती है। घर के लेनदेन का काम बड़ी भतीजी करती है, उसे पता रहता है कि घर में किस जगह रुपये रखे रहते हैं।दो मार्च 2025 को बड़ी भतीजी ने उसके पिता से कहा कि उसे पचास हजार रुपये की आवश्यकता है। तब मैने व बड़े भाई ने उसुसे पूछा कि इतने रुपयों की क्यों आवश्यकता है, तब उसने बताया कि एक मार्च को स्कूल की एक्सट्रा कलास गई थी। तब स्कूल के शिक्षक प्रदीप सिंह निवासी ग्राम लसुड़ियाखेड़ी ने साइड में बुलाकर धमकी दी थी कि घर से पचास हजार रुपये लेकर आना। नहीं तो तेरी प्रेक्टिकल की परीक्षा का रिजल्ट खराब कर दूंगा, तेरा भविष्य भी खराब कर दूंगा। उसने कहा कि वह इतने रुपये कहां से लेकर आएगी तो प्रदीपसिंह ने कहा कि घर से यदि रुपये लेकर नहीं आई तेरी मम्मी व पापा को जान से खत्म कर देगा। जब भतीजी से पूछा कि छह माह पहले घर से 80 हजार रुपये गायब हुए थे, वह भी क्या प्रदीप सिंह को दिए थे तो उसने कहा कि उसने पहले भी धमकी देकर रुपये मंगाए थे। तब मम्मी-पापा की मृत्यु के डर के कारण उसने यह बात किसी को नहीं बताई थी।   recent visitors 47

राहुल गांधी 7 और 8 मार्च को दो दिवसीय गुजरात दौरे पर रहेंगे, इस दौरान बैठक कर आगामी चुनावी रणनीति पर चर्चा करेंगे

नई दिल्ली लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी 7 और 8 मार्च को दो दिवसीय गुजरात दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे अहमदाबाद में पार्टी पदाधिकारियों, वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर आगामी चुनावी रणनीति पर चर्चा करेंगे। राहुल गांधी का यह दौरा आगामी 2027 के गुजरात विधानसभा चुनावों की तैयारियों को मजबूती देने के लिए हो रहा है। वे पार्टी संगठन को पुनर्गठित करने और जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने पर जोर देंगे। इसके अलावा, वे कांग्रेस के प्रदेशभर के कार्यकर्ताओं को संबोधित कर उनका मनोबल बढ़ाएंगे। कांग्रेस का राष्ट्रीय अधिवेशन जानकारी के मुताबिक, कांग्रेस का राष्ट्रीय अधिवेशन 8-9 अप्रैल को अहमदाबाद में आयोजित किया जाएगा। इससे पहले राहुल गांधी का दौरा यह संकेत देता है कि पार्टी गुजरात चुनावों को लेकर गंभीर है और रणनीति में बदलाव की संभावना है। राजनीतिक सरगर्मियां तेज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी 7-8 मार्च को गुजरात के सूरत और नवसारी जिलों के दौरे पर रहेंगे, जिससे प्रदेश में राजनीतिक हलचल और तेज हो गई है। कांग्रेस और बीजेपी, दोनों ही आगामी चुनावों को लेकर अपनी रणनीति को धार देने में जुटी हैं।   recent visitors 56

कलेक्टर ने बैरसिया का दौरा कर विभिन्न विकास कार्यों और शासकीय योजनाओं की प्रगति का निरीक्षण किया

भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने आज बैरसिया का दौरा कर विभिन्न विकास कार्यों और सरकारी योजनाओं की प्रगति का निरीक्षण किया। इस दौरान में एसडीएम बैरसिया आशुतोष शर्मा, मंडी सचिव  सुनील एवं सीएम राइज स्कूल के प्राचार्य एच. एन. मिश्रा भी उपस्थित रहे सीएम राइज स्कूल का निरीक्षण कलेक्टर श्री सिंह ने बैरसिया मैं निर्माणाधीन सीएम राइज स्कूल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण एजेंसी मध्य प्रदेश पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन के साइट इंजीनियर को निर्माण कार्य को गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने एवं निर्धारित समयावधि में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही, एसडीएम बैरसिया को निर्देशित किया कि स्कूल की बाउंड्री वॉल और उसके गेट के सामने का अतिक्रमण हटाया जाए। कृषि उपज मंडी का दौरा कलेक्टर श्री सिंह ने कृषि उपज मंडी बैरसिया का निरीक्षण किया, जहां उन्होंने ई-मंडी के कार्यों का स्वयं पोर्टल पर परीक्षण किया। उन्होंने आगामी उपार्जन कार्यों के दौरान किसानों को किसी भी प्रकार की समस्या न हो, यह सुनिश्चित करने के लिए एसडीएम और भारसाधक अधिकारी कृषि उपज मंडी बैरसिया को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। राजस्व कार्यों की समीक्षा कलेक्टर श्री सिंह ने तहसील बैरसिया में संपादित होने वाले राजस्व कार्यों का परीक्षण करते हुए एसडीएम बैरसिया को निर्देशित किया कि फार्मर रजिस्ट्री, आरओआर एंट्री, सीएम हेल्पलाइन सहित सभी कार्यों में एक सप्ताह के भीतर उल्लेखनीय प्रगति का लक्ष्य प्राप्त किया जाए। अतिक्रमण हटाने एवं सौंदर्यीकरण के निर्देश कलेक्टर श्री सिंह ने एसडीएम बैरसिया को निर्देश दिए कि बैरसिया की मुख्य सड़कों से एक सप्ताह के भीतर अतिक्रमण हटाया जाए। साथ ही, अनुविभागीय अधिकारी एवं तहसील कार्यालय बैरसिया के साथ-साथ शहर की प्रमुख सड़कों को नगरीय निकाय के सहयोग से अतिक्रमण मुक्त कर सौंदर्यीकरण किया जाए। recent visitors 62

बोफोर्स घोटाले की जांच फिर से शुरू होने की संभावना, CBI ने अमेरिका से मदद के लिए ‘लेटर रोगेटरी’ भेजा

नई दिल्ली केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने अमेरिका को एक न्यायिक अनुरोध भेजकर निजी जांचकर्ता माइकल हर्शमैन से जानकारी मांगी है, जिन्होंने 1980 के दशक के 64 करोड़ रुपये के बोफोर्स रिश्वत कांड के बारे में महत्वपूर्ण विवरण भारतीय एजेंसियों के साथ साझा करने की इच्छा व्यक्त की थी। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। ‘फेयरफैक्स ग्रुप’ के प्रमुख हर्शमैन 2017 में निजी जासूसों के एक सम्मेलन में भाग लेने के लिए भारत आए थे। अपने प्रवास के दौरान, उन्होंने विभिन्न मंचों पर आरोप लगाया कि तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने घोटाले की जांच को पटरी से उतार दिया था । उन्होंने कहा था कि वह सीबीआई के साथ विवरण साझा करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने एक साक्षात्कार में दावा किया था कि उन्हें 1986 में केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने विदेशों में भारतीयों द्वारा मुद्रा नियंत्रण कानूनों के उल्लंघन और धन शोधन की जांच और भारत के बाहर ऐसी संपत्तियों का पता लगाने के लिए नियुक्त किया गया था और उनमें से कुछ बोफोर्स सौदे से संबंधित थे। सीबीआई ने वित्त मंत्रालय से भी संपर्क कर हर्शमैन की नियुक्ति से संबंधित दस्तावेज मांगे थे तथा यह भी पूछा था कि क्या उन्होंने कोई रिपोर्ट प्रस्तुत की है, लेकिन उस समय के रिकॉर्ड एजेंसी को उपलब्ध नहीं कराए जा सके। एजेंसी ने कई साक्षात्कारों में हर्शमैन के दावों पर ध्यान दिया और 2017 में घोषणा की कि मामले की उचित प्रक्रिया के अनुसार जांच की जाएगी। ‘लेटर रोगेटरी’ की आवश्यकता इसलिए पड़ी क्योंकि आठ नवंबर, 2023, 21 दिसंबर, 2023, 13 मई, 2024 और 14 अगस्त, 2024 को अमेरिकी प्राधिकारियों को भेजे गए पत्रों और स्मरणपत्रों से कोई जानकारी नहीं मिली। ‘लेटर रोगेटरी’ एक लिखित अनुरोध है जो एक देश की अदालत द्वारा किसी आपराधिक मामले की जांच या अभियोजन में सहायता प्राप्त करने के लिए दूसरे देश की अदालत को भेजा जाता है। इंटरपोल से किये गए अनुरोध का भी कोई परिणाम नहीं निकला। सीबीआई को इस साल 14 जनवरी को गृह मंत्रालय से अमेरिका को ‘लेटर रोगेटरी’ भेजने के लिए हरी झंडी मिल गई थी। एजेंसी ने विशेष अदालत को इसकी जानकारी दी, जिसने 11 फरवरी को सीबीआई के ‘लेटर रोगेटरी’ आवेदन को मंजूरी दे दी। एक विशेष अदालत ने ‘लेटर रोगेटरी’ जारी करने के सीबीआई के आवेदन को मंजूरी देते हुए टिप्पणी की, ‘‘माइकल हर्शमैन द्वारा उपर्युक्त साक्षात्कार में किए गए दावों से संबंधित तथ्य का पता लगाने के लिए दस्तावेजी और मौखिक साक्ष्य एकत्र करने के लिए अमेरिका में जांच करना आवश्यक है।” स्वीडन के एक रेडियो चैनल ने आरोप लगाया था कि बोफोर्स सौदे को हासिल करने के लिए भारत के राजनीतिक नेताओं और रक्षा अधिकारियों को रिश्वत दी गई थी जिसके तीन साल बाद सीबीआई ने 1990 में मामला दर्ज किया था। इन आरोपों ने राजीव गांधी सरकार के लिए बड़ा परेशानी खड़ी कर दी थी और प्रतिद्वंद्वी दलों ने कांग्रेस पर निशाना साधने के लिए इसका इस्तेमाल किया था। यह घोटाला स्वीडिश कंपनी बोफोर्स के साथ चार सौ 155 मिमी फील्ड हॉवित्जर तोपों की आपूर्ति के लिए 1,437 करोड़ रुपये के सौदे में 64 करोड़ रुपये की रिश्वत के आरोपों से संबंधित था। इन तोपों ने करगिल युद्ध के दौरान भारत की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। सीबीआई ने 1999 और 2000 में आरोपपत्र दाखिल किए थे। दिल्ली उच्च न्यायालय ने 2004 में राजीव गांधी को आरोप मुक्त कर दिया था। गांधी की लिट्टे के आत्मघाती हमले में हत्या किए जाने के करीब 13 साल बाद अदालत ने यह फैसला दिया। दिल्ली उच्च न्यायालय ने 2005 में शेष आरोपियों के खिलाफ सभी आरोपों को खारिज कर दिया और कहा कि सीबीआई यह साबित करने में विफल रही कि बोफोर्स से इतालवी व्यापारी ओतावियो क्वात्रोची को मिला धन भारत में लोक सेवकों को रिश्वत के रूप में दिया जाना था। सीबीआई ने 2005 के फैसले के खिलाफ 2018 में उच्चतम न्यायालय में अपील दायर की थी लेकिन देरी के आधार पर इसे खारिज कर दिया गया था। हालांकि, शीर्ष अदालत ने 2005 में अधिवक्ता अजय अग्रवाल द्वारा दायर अपील में सभी बिंदुओं को उठाने की अनुमति दी थी।   recent visitors 38