Friday, July 10, 2026 12:41 pm

भिक्षावृत्ति में लिप्त लोगों के गुणवत्तापूर्ण पुनर्वास, रोजगार एवं बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के लिए हर संभव प्रयास हों सुनिश्चित

जयपुर, जयपुर की गौरवशाली परंपरा एवं छवि धूमिल ना हो इसके लिए भिक्षावृत्ति में लिप्त व्यक्तियों का गुणवत्तापूर्ण पुनर्वास सुनिश्चित किया जाएगा। जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने जिले को भिक्षावृत्ति मुक्त बनाने के लिए विभागीय अधिकारियों को आपसी सहयोग एवं समन्वय से हर संभव प्रयास करने के निर्देश दिये हैं। जिला कलक्टर ने बुधवार को कलेक्ट्रेट में भिक्षावृत्ति में लिप्त व्यक्तियों के पुनर्वास को लेकर बैठक ली। उन्होंने भिक्षावृत्ति में लिप्त लोगों का प्रभावी पुनर्वास सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया ताकि ऐसे व्यक्ति भिक्षावृत्ति को छोड़कर अपने कौशल और मेहनत के दम पर सम्मानजनक जीवन शुरू करें। साथ ही उन्होंने पुलिस एवं यातायात पुलिस के अधिकारियों को भिक्षावृत्ति में लिप्त व्यक्तियों की सूचना देकर रेस्क्यू में सहयोग प्रदान करने साथ ही आपराधिक गतिविधियों में लिप्त ऐसे व्यक्तियों के विरूद्ध निरोधात्मक एवं कठोर कानूनी कार्यवाही करने के लिए निर्देशित किया गया। वहीं, नगर निगम के अधिकारियों को चिन्हित पुनर्वास गृहों की साफ-सफाई, शौचालयों की मरम्मत, पुनर्वास गृहों में भिक्षावृति में लिप्त लोगों के लिए आधारभूत सेवाओं की व्यवस्था करने, चिन्हित पुनर्वास गृहों को अन्नपूर्णा रसोई योजना से लिंक करते हुए योजना के माध्यम से पर्याप्त मात्रा में भोजन की व्यवस्था सुनिश्चित कराने के साथ-साथ उन्हें कौशल प्रशिक्षण प्रदान कर रोजगार एवं स्वरोजगार उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। चिकित्सा विभाग के अधिकारियों को भिक्षावृति में लिप्त व्यक्तियों के स्वास्थ्य की जांच कर उपचार करने, चिन्हित पुनर्वास गृहों में चिकित्सा एवं जांच सुविधा उपलब्ध करने प्रत्येक पुनर्वास गृह को निकटतम राजकीय चिकित्सालय से जोड़ते हुए ऐसे व्यक्तियों की जांच एवं उपचार व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। बैठक में जिला बाल संरक्षण इकाई के अधिकारियों को भिक्षावृति में लिप्त बच्चों सूची बनाकर शिक्षा विभाग को उपलब्ध कराना, विभाग द्वारा संचालित बाल गृहों, निराश्रित गृहों में प्रवेश दिलाकर शिक्षा के अधिकार के तहत शिक्षा से जोड़ने के लिए स्थानीय विद्यालयों में प्रवेश दिलाने, बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश कर विभागीय गृहों में प्रवेश दिलवाने के निर्देश दिये गए। उन्होंने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अधिकारियों को पुलिस एवं स्वयं सेवी संस्थाओं एवं अन्य विभागों से समन्वय एवं सामंजस्य स्थापित कर भिक्षावृति में लिप्त व्यक्तियों को सर्वे उपरान्त चिन्हित कर पात्रता अनुसार बाल गृह, महिला गृह, मानसिक विमंदित गृह, वृद्धाश्रम अथवा पुनर्वास गृह आदि में प्रवेश दिलाकर देखभाल करवाने, स्वयं सेवी संस्थाओं के माध्यम से भिक्षावृति में लिप्त चिन्हित व्यक्तियों के आधार कार्ड/जनाधार कार्ड आदि तैयार कर प्राथमिकता से सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ने के लिए निर्देश दिये गए।   जिला कलक्टर ने राजस्थान कौशल एवं आजीविका विकास निगम के अधिकारियों को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा चिन्हित भिक्षावृत्ति में लिप्त व्यक्तियों की सूची के अनुसार बैच बनाकर आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने, प्रशिक्षित व्यक्तियों को विभागों द्वारा संचालित एवं बैंकों द्वारा उपलब्ध ऋण अथवा अनुदान एवं अन्य योजनाओं से जोड़कर नियोजित करने के साथ-साथ फॉलो अप कार्यक्रम के द्वारा उनके पुनर्वास को सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गए। बैठक में मानव सेवा संस्थान, मेरी पहल संस्था, सक्षम सामाजिक उत्थान एवं विकास संस्थान, सुजस सांस्कृतिक सेवा संस्थान के पदाधिकारियों को चयनित आश्रय स्थल पर विभागीय निर्देशों के अनुसार आवश्यक व्यवस्था तथा परामर्शी सेवाएँ सुनिश्चित कराने के लिए निर्देशित किया गया। बैठक में जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्रीमती प्रतिभा वर्मा, भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी श्री रजत यादव, अतिरिक्त जिला कलक्टर श्री संतोष कुमार मीणा सहित नगर निगम, जयपुर विकास प्राधिकरण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, जिला बाल संरक्षण इकाई, बाल कल्याण समिति के पदाधिकारियों सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं मानव सेवा संस्थान, मेरी पहल संस्था, सक्षम सामाजिक उत्थान एवं विकास संस्थान, सुजस सांस्कृतिक सेवा संस्थान के पदाधिकारी उपस्थित रहे। recent visitors 36

स्मृति ईरानी ने कहा- लैंगिक समानता के लिए प्रौद्योगिकी में समानता आवश्यक

नई दिल्ली पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने लैंगिक समानता के लिए प्रौद्योगिकी में समानता सुनिश्चित करने की तत्काल आवश्यकता पर बुधवार को जोर दिया। महिला सशक्तीकरण पर ‘इंडो-अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स’ में एक सम्मेलन में अपने संबोधन में ईरानी ने एआई प्रणालियों में अंतर्निहित प्रणालीगत पूर्वाग्रहों पर प्रकाश डाला और इन असमानताओं को दूर करने के लिए सामूहिक प्रयास का आह्वान किया। उन्होंने हितधारकों से आग्रह किया कि वे महिला सशक्तीकरण की आधारशिला के रूप में डिजिटल समानता को प्राथमिकता दें। ईरानी ने कहा, ‘‘एआई के युग में यह पुरुष का महिला से या महिला का पुरुष से मुकाबला नहीं है। यह मुकाबला है मानवता का इस बात से कि एआई हमारे साथ क्या करेगा।’’ उन्होंने एक शोध का हवाला दिया जिसमें इस बात का खुलासा किया गया है कि दुनिया भर में 133 एआई प्रणालियों में से 44 प्रतिशत एआई प्रणालियां लैंगिकता -समावेशी नहीं हैं। ईरानी ने एआई-संचालित वित्तीय प्रणालियों में लैंगिक पूर्वाग्रह का एक उदाहरण साझा किया। उन्होंने कहा, ‘‘एक महिला जिसकी आय, कर रिटर्न और वित्तीय स्थिति उसके पति के ही समान थी उसे उसके पति की तुलना में 10 प्रतिशत कम क्रेडिट सीमा की पेशकश की गई। एक अन्य महिला की क्रेडिट सीमा उसके पति की तुलना में 20 गुना कम निर्धारित की गई, जबकि उनकी वित्तीय स्थिति भी समान थी।’’ पूर्व मंत्री ने वित्तीय समावेशन में भारत की प्रगति की सराहना की तथा ‘जन धन योजना’ और ‘मुद्रा’ ऋण योजना जैसी पहलों का हवाला दिया और कहा कि इनसे लाखों महिलाएं सशक्त हुई हैं।   recent visitors 57

मुख्यमंत्री ने प्रदेश में बाघ-चीतों के संरक्षण पर जताई प्रसन्नता, माधव नेशनल पार्क में छोड़ेंगे बाघों का जोड़ा

माधव नेशनल पार्क होगा प्रदेश का 9वां बाघ संरक्षित क्षेत्र : मुख्यमंत्री डॉ. यादव वन्यजीव प्रेमियों के लिए पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनेगा चंबल: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री शिवपुरी के माधव नेशनल पार्क में छोड़ेंगे बाघों का जोड़ा मुख्यमंत्री ने प्रदेश में बाघ-चीतों के संरक्षण पर जताई प्रसन्नता, माधव नेशनल पार्क में छोड़ेंगे बाघों का जोड़ा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारत में टाइगर स्टेट का दर्जा हासिल कर चुके मध्यप्रदेश को जल्द ही एक नए टाइगर रिजर्व पार्क की सौगात मिलने जा रही है। शिवपुरी जिले का माधव नेशनल पार्क प्रदेश का 9वां बाघ संरक्षित क्षेत्र होगा, जो चंबल क्षेत्र में वन्य जीव प्रेमियों के लिए पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वे स्वयं बाघों का एक जोड़ा माधव नेशनल पार्क में छोड़ेंगे। चंबल रेंज में पर्यटकों की संख्या में वृद्धि से स्थानीय युवाओं को रोजगार-स्वरोजगार के अवसर मिलेंगे। एशिया में पहली बार चीते भी चंबल के कूनो नेशनल पार्क में दिखाई दे रहे हैं। चंबल नदी क्षेत्र में घड़ियाल एवं डॉल्फिन प्रोजेक्ट पर भी कार्य चल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को मीडिया को जारी संदेश में कहा कि देश में सबसे ज्यादा टाइगर मध्यप्रदेश में हैं, जिन्हें देखने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक मध्यप्रदेश आते हैं। बाघ संरक्षित क्षेत्र में जंगल सफारी का आनंद लेने के लिए सभी नेशनल पार्कों में सीजन भर पर्यटकों का आवागमन रहता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में बाघों की संख्या और उनके संरक्षण से प्राप्त उपलब्धियों पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए वन विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों सहित प्रदेशवासियों को बधाई दी।   recent visitors 47

मुख्यमंत्री की घोषणा पर मेले के आयोजन के लिए मिलेगी 50 लाख रुपए की राशि

रायपुर, बाबा गुरु घासीदास की जन्मस्थली और कर्मस्थली गिरौदपुरी में आयोजित गुरूदर्शन मेला अपनी भव्यता और आस्था के लिए देशभर में प्रसिद्ध है। 04 से 06 मार्च तक चलने वाले इस मेले में छत्तीसगढ़ सहित पूरे भारत से हजारों श्रद्धालु आशीर्वाद प्राप्त करने पहुंच रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर इस वर्ष श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस बार मेले को भव्य स्वरूप में आयोजित करने  के लिए  50 लाख रुपए की राशि की घोषणा की है, जो पूर्व में 25 लाख रुपए थी। इसके साथ ही, मुख्य प्रवेश द्वार से मुख्य मंदिर तक स्थायी शेड के निर्माण की भी घोषणा की गई है। मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वयं गुरू गद्दी का दर्शन कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की प्रार्थना की और मेले की भव्यता बढ़ाने और श्रद्धालुओं को अधिक सुविधा प्रदान करने के लिए मेला बजट को दोगुना करने के साथ ही जिला प्रशासन को निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएं। मुख्यमंत्री श्री साय की घोषणा के बाद जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को मुख्य प्रवेश द्वार से मुख्य मंदिर तक स्थायी शेड निर्माण के लिए स्थल निरीक्षण एवं माप-जोख करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के दिशानिर्देश पर  इस वर्ष मेले में  श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए बेहतर इंतजाम किए गए हैं। गुरूदर्शन मेला न केवल छत्तीसगढ़, बल्कि देशभर के श्रद्धालुओं के लिए आस्था और भक्ति का केंद्र है। इस वर्ष मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल से इसे और भव्य और सुव्यवस्थित बनाया गया है। प्रशासन द्वारा की गई इन सुविधाओं की बढ़ोतरी से श्रद्धालुओं को अधिक सुविधाजनक, सुरक्षित और आध्यात्मिक अनुभव मिलेगा। गुरूदर्शन मेले का यह ऐतिहासिक विस्तार श्रद्धालुओं की सेवा और आस्था को नई ऊँचाई पर ले जाने वाला साबित होगा। गुरुदर्शन मेले में श्रद्धालुओं को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ किया गया है, जिसके अंतर्गत चिकित्सा सहायता केंद्रों की संख्या 2 से बढ़ाकर 8 कर दी गई है और एंबुलेंस की संख्या 4 से बढ़ाकर 8 की गई है। निःशुल्क भोजन सेवा को भी विस्तार देते हुए अब 24 स्थानों पर 212 समूहों द्वारा भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है, जो पहले 20 स्थानों पर 175 समूहों द्वारा संचालित थी। पेयजल व्यवस्था को भी सुदृढ़ किया गया है, जिसमें स्थायी नल कनेक्शन की संख्या 110 से बढ़ाकर 195 कर दी गई है और पानी टैंकरों की संख्या 8 से बढ़ाकर 18 कर दी गई है। मेले में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है, जिसमें पुलिस कंट्रोल रूम की संख्या 3 से बढ़ाकर 9 कर दी गई है, सुरक्षा बलों की संख्या 450 से बढ़ाकर 1150 की गई है और पहली बार 36 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी नियमित मॉनिटरिंग हो रही है ।सुरक्षाकर्मियों को 130 वायरलेस सेट भी प्रदान किए गए हैं। अग्नि सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अब 1 के बजाय 3 अग्निशमन वाहन तैनात किए गए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके। मेले में विद्युत एवं प्रकाश व्यवस्था को और प्रभावी बनाया गया है, जिसमें ट्रांसफार्मरों की संख्या 10 से बढ़ाकर 13 कर दी गई है और विद्युत आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में बैकअप जनरेटर की संख्या 6 से बढ़ाकर 10 कर दी गई है। श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए शौचालयों की संख्या 4 से बढ़ाकर 16 कर दी गई है, स्नानागार की संख्या 6 से बढ़ाकर 10 की गई है, और अतिरिक्त रूप से 80 सीटर स्थायी शौचालय की भी व्यवस्था की गई है। स्वच्छता व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए सफाई कर्मचारियों की संख्या 80 से बढ़ाकर 291 कर दी गई है ताकि मेले में स्वच्छता बनी रहे। इस वर्ष पहली बार गिरौदपुरी मेला डॉट कॉम नामक वेबसाइट लॉन्च की गई है, जिससे श्रद्धालुओं को मेला स्थल की जानकारी, आवश्यक मार्गदर्शन और अन्य आवश्यक सेवाओं की ऑनलाइन जानकारी मिल सके। इससे श्रद्धालु यात्रा संबंधी सूचनाएं, पार्किंग व्यवस्था, धार्मिक स्थलों की जानकारी और अन्य सुविधाओं की पूरी जानकारी ऑनलाइन प्राप्त कर सकते हैं। recent visitors 49

207.63 करोड़ की लागत से पुनर्विकसित हो रहा कोटा रेलवे स्टेशन

कोटा कोटा रेलवे स्टेशन को पुनर्विकसित करने का कार्य 207.63 करोड़ की लागत से किया जा रहा है, जिसे पूरा करने का लक्ष्य अप्रैल, 2025 निर्धारित किया गया है। वर्तमान में कोटा स्टेशन का पुनर्विकास कार्य 53.8 फीसदी तक पूरा हो चुका है। स्टेशन का पुनर्विकास कार्य त्तीव्रता के साथ गुणवत्ता पूर्ण मानकों तत्वों को ध्यान में किया जा सके, इसके लिए डीआरएम द्वारा नियमित रूप से निरीक्षण किया जा रहा है। स्टेशन के 6765 वर्गमीटर में 02 आगमन ब्लॉक और 01 प्रस्थान ब्लॉक का निर्माण किया जाएगा।जहां अत्याधुनिक सुविधाएं मौजूद रहेंगी। स्टेशन पर वीआईपी लाउंज, वेटिंग रूम, फूड प्लाजा और क्योस्क जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराए जाएंगी। प्लेटफार्म नंबर एक और तीन को जोड़ने की 2100 वर्गमीटर में कॉनकोर्स एरिया का निर्माण किया जाएगा। वहीं, यात्रियों की सुविधा के लिए आठ लिफ्ट और 14 एस्कलेटर का प्रावधान किया गया है। ये पूरा स्टेशन दिव्यांग फ्रेंड्ली होगा तथा पार्किंग की सुविधा भी उपलब्ध होगी। यात्री सुरक्षा एवं संरक्षा को ध्यान में रखते हुए सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जाएंगे। पर्यावरण सरंक्षण के लिए स्टेशन को ग्रीन बिल्डिंग के रूप में विकसित किया जाएगा और साथ ही सौर ऊर्जा एवं जल सरंक्षण की व्यवस्था भी की जाएगी। भविष्य में पुनर्विकसित कोटा स्टेशन विश्व स्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराएगा और साथ क्षेत्र का आर्थिक विकास भी करेगा। कोटा स्टेशन को पुनर्विकसित करते समय स्टेशन डिजाइन के मानक तत्वों को ध्यान में रखते हुए कार्य किया जा रहा है। फ्रंट साइड- फ्रंट साइड स्टेशन भवन का निर्माण, दो मंजिला भवन जिसमें एक मध्यवर्ती मेजानाइन तल में निम्न सुविधाएं रहेंगी। भूतल पर प्रस्थान और आगमन ब्लॉक, टिकट काउंटर, प्रतीक्षालय, क्लॉक रूम, वीआईपी लाउंज, कार्यालयों की सुविधा। मेजेनाइन फ्लोर जिसमें रिटायरिंग रूम, स्टोर रूम और कार्यालय। पहली मंजिल में प्रतीक्षालय (सामान्य और महिला), डोरमेट्री, भोजनालय, बजट होटल, शिशु आहार कक्ष, कियोस्क हैं। रियर साइड- रियर साइड स्टेशन भवन का निर्माण। दो मंजिला भवन जिसमें एक मध्यवर्ती मेजानाइन तल में निम्न सुविधाएं रहेंगी। भूतल पर प्रस्थान और आगमन ब्लॉक, टिकट काउंटर, प्रतीक्षालय, क्लॉक रूम और अन्य सुविधाएं। मेजेनाइन फ्लोर जिसमें ऑफिस स्पेस आदि। प्रथम तल में प्रतीक्षालय, डोरमेट्री, रिटायरिंग रूम, कियोस्क। अन्य सुविधाएं- सभी प्लेटफार्मों पर सीओपी का प्रावधान। स्टेशन भवनों, पार्किंग और यात्री सुविधाओं आदि के लिए दिव्यांगजनों के अनुकूल पहुंच का विकास। दो नए यात्री प्लेटफार्म का निर्माण और मौजूदा प्लेटफार्म का चैड़ीकरण। फ्रंट और रियर स्टेशन बिल्डिंग तथा सभी प्लेटफार्मों को जोड़ने वाले नए कॉनकोर्स का निर्माण। थ्रू रूफ का निर्माण, प्लेटफॉर्म और रेलवे ट्रैक को कवर करना। फ्रंट और रियर साइड पर सर्कुलेटिंग एरिया और पार्किंग सुविधाओं का विकास। स्टेशन के दोनों ओर सर्कुलेटिंग एरिया में लैंडस्केपिंग। recent visitors 59

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की घोषणा पर त्वरित अमल शुरू

मेला समिति के अध्यक्ष एवं कलेक्टर  की उपस्थिति में गिरौदपुरी मेला परिसर में  शेड निर्माण हेतु किया गया नाप -जोख क़ा कार्य बलौदाबाजार, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की घोषणा पर जिला प्रशासन द्वारा त्वरित अमल शुरू कर दी गई है। गिरौदपुरी मेला समिति के अध्यक्ष धर्मगुरु गुरुबालदास साहेब एवं कलेक्टर दीपक सोनी की उपस्थिति में बुधवार को लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने मेला परिसर के मुख्य प्रवेश द्वार से मुख्य मंदिर तक स्थायी शेड निर्माण के लिए नाप जोख किया गया।मेला समिति के अध्यक्ष धर्मगुरु गुरुबालदास साहेब ने अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण शेड निर्माण के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने गिरौदपुरी मेला के शुभारम्भ अवसर पर 4 मार्च 2025 को गिरौदपुरी पहुंच कर गुरु गद्दी का दर्शन एवं पूजा अर्चना कर प्रदेश वासियो की सुख समृद्धि के लिए कामना की थी। इस  अवसर पर मेला समिति की मांग पर गिरौदपुरी मेला की राशि 25 लाख से बढ़ाकर 50 लाख करने तथा मेला परिसर के मुख्य प्रवेश द्वार से मुख्य मंदिर तक स्थाई शेड निर्माण की घोषणा किये थे।मेला परिसर के मुख्य प्रवेश द्वार से मुख्य मंदिर तक  स्थायी शेड निर्माण होने से दंडवत प्रणाम करते हुए जाने वाले श्रद्धालुओं को सुविधा होगी। शेड निर्माण होने से श्रद्धालुओं को बारिश व धूप से निजात मिलेगी। मुख्य प्रवेश द्वार से मुख्य मंदिर तक करीब 1200 मीटर की दूरी तक स्थाई शेड निर्माण किया जाएगा। ज्ञातव्य है क़ि कलेक्टर दीपक सोनी के मार्गदर्शन में  इस वर्ष गिरौदपुरी मेले में श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं का विस्तार किया गया है। इसके साथ ही पहली बार श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मुख्य प्रवेश द्वार से मुख्य मंदिर तक अस्थायी शेड क़ा निर्माण भी किया गया है। recent visitors 73

सीएम स्टालिन ने एक बार फिर से कहा- सांसदों की संख्या बढ़ने से कोई परेशानी नहीं है, लेकिन हमारी ताकत में कोई कमी न रहे

चेन्नै लोकसभा सीटों के परिसीमन को लेकर बुधवार को तमिलनाडु में सीएम एमके स्टालिन के नेतृत्व में 35 दलों की मीटिंग हुई। इस बैठक में स्टालिन ने एक प्रस्ताव पेश किया, जिस पर सभी ने एकमत से सहमति जताई। इस प्रस्ताव में पीएम मोदी से मांग की गई है कि परिसीमन के लिए 1971 की जनगणना के अनुपात को ही आधार माना जाए। उसके आधार पर ही लोकसभा सीटें तय हों और यह सीमा अगले 30 सालों के लिए बरकरार रखी जाए। प्रस्ताव में यह भी कहा गया कि दक्षिण भारत के अलावा अन्य राज्यों को भी जनसंख्या नियंत्रण के लिए प्रोत्साहित किया जाए। इस मीटिंग में मुख्य विपक्षी दल AIADMK के नेता भी मौजूद रहे। इस प्रस्ताव में कहा गया कि केंद्र सरकार को संविधान में संशोधन करना चाहिए और यह तय किया जाए कि यदि सांसदों की संख्या बढ़ती है तो उसका अनुपात वर्तमान जैसा ही हो। उनकी स्पष्ट मांग थी कि यदि नई जनगणना के आंकड़ों को आधार बनाकर परिसीमन हुआ और सीटें बढ़ती हैं तो फिर उसका अनुपात वही रहे, जो फिलहाल बना हुआ है। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु समेत दक्षिण भारत के राज्यों के साथ ऐसा कुछ नहीं होना चाहिए उनकी सीटें कम हो और उनकी राजनीतिक ताकत भी घट जाए। उनकी बैठक में भाजपा के अलावा 4 अन्य छोटे दलों के नेता नहीं पहुंचे। भाजपा ने कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति खराब है औऱ उससे ध्यान हटाने के लिए एमके स्टालिन परिसीमन वाला कार्ड खेल रहे हैं। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई और होम मिनिस्टर अमित शाह तो दोहरा चुके हैं कि दक्षिण भारत के राज्यों की सीटें कम नहीं होंगी। सीएम स्टालिन ने एक बार फिर से कहा कि सांसदों की संख्या बढ़ने से कोई परेशानी नहीं है, लेकिन हमारी ताकत में कोई कमी न रहे। उन्होंने कहा कि हमारे यहां तो लोगों ने फैमिली प्लानिंग की है। इसके बाद हमें उसकी सजा मिले तो यह अन्याय ही है। प्रस्ताव में कहा गया, ‘सभी राज्यों में परिवार नियोजन को बढ़ावा देने के लिए तत्कालीन पीएम अटल बिहारी वाजपेयी ने 2000 में भरोसा दिया था कि 1971 की जनगणना के आंकड़ों के अनुसार ही परिसीमन किया जाए। अब पीएम मोदी को भी ऐसा भरोसा देना चाहिए कि 2026 से अगले 30 सालों तक लोकसभा सीटों के परिसीमन का यही पैमाना बना रहेगा।’ उन्होंने कहा कि तमिलनाडु के लोग परिसीमन के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन यह ऐसा न हो कि हमारे लिए सजा बन जाए। हमने बहुत सी कल्याणकारी योजनाएं लागू की हैं। परिवार नियोजन किया है और महिलाएं सशक्त हुई हैं। इसके कारण हमारे यहां आबादी बेतहाशा नहीं बढ़ी है और इसकी एवज में हमें फायदे की बजाय नुकसान हो तो यह गलत बात होगी। recent visitors 55