Tuesday, July 7, 2026 12:18 am

सीएम गुप्ता ने व्यापारी संगठनों को आश्वासन दिया कि उनकी समस्याओं का समाधान किया जाएगा, महत्वपूर्ण सुझाव मिले

नई दिल्ली दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बजट 2025-26 के लिए जनता से उनके सुझाव और अपेक्षाएं प्राप्त करने के उद्देश्य से एक कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम में दिल्ली के विभिन्न व्यापारिक और औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। सीएम गुप्ता ने बताया कि आज उन्हें व्यापार जगत से जुड़े कई महत्वपूर्ण और कीमती सुझाव प्राप्त हुए हैं। हमें दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों से आए व्यापारियों से उनके अनुभव और समस्याएं सुनने का अवसर मिला। इन सुझावों से यह समझने में मदद मिली कि पिछले कई सालों से व्यापारिक संगठनों को अफसरशाही और अव्यावहारिक नीतियों के कारण भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा है। सीएम ने कहा कि व्यापारियों ने जो समस्याएं बताई हैं, उनमें सीवरेज की दिक्कतें, गली-मोहल्लों की खराब स्थिति, नालियों का जाम होना और खड़ंजा नहीं बनने जैसी बुनियादी समस्याएं शामिल हैं। इसके साथ ही इंडस्ट्रियल एरिया में आवश्यक सुधार नहीं होने, छोटे-छोटे मार्केट कॉम्प्लेक्स और बड़े बाजारों में शौचालय की कमी जैसी समस्याएं भी सामने आईं। मुख्यमंत्री ने व्यापारी संगठनों को आश्वासन दिया कि उनकी समस्याओं का समाधान किया जाएगा। उन्होंने कहा, "पूर्व सरकारों में केवल समस्याओं का प्रचार हुआ था, लेकिन हम कोशिश करेंगे कि इन समस्याओं का प्रभावी समाधान किया जाए और व्यापारियों की परेशानियों को दूर किया जाए।" इससे पहले भी महिला संगठनों के साथ मुख्यमंत्री ने मुलाकात कर उनके सुझाव और समस्याओं को जाना था। मुख्यमंत्री लगातार इस तरह का आयोजन कर लोगों से मिल रही हैं। यह बैठक दिल्ली के विकास में व्यापारियों और उद्योग जगत के सुझावों की अहमियत को दर्शाती है। सीएम गुप्ता ने इस बात का विश्वास दिलाया कि दिल्ली की उन्नति के लिए व्यापारियों के दर्द का उपचार किया जाएगा। recent visitors 66

तेज रफ्तार XUV ट्रक से टकराई, 5 लोगों की मौत

रायपुर, राजधानी रायपुर के आरंग NH पर एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है। तेज रफ्तार में जा रही XUV कार डिवाइडर को तोड़ते हुए सामने से आ रहे ट्रक से टकरा गई। इस हादसे में XUV सवार 5 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसा मंदिर हसौद थाना क्षेत्र में हुआ है, जहां XUV कार और ट्रक के बीच हुई टक्कर ने खौफनाक मंजर पैदा कर दिया। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और आपातकालीन सेवाएं मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक पांचों लोग अपनी जान गवां चुके थे। मृतकों की पहचान उरला रायपुर के निवासी के रूप में हुई है। हादसा इतना भयंकर था कि XUV की हालत बुरी तरह से खराब हो गई। हादसे के बाद घटनास्थल पर शवों को निकालने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। एक परिवार के थे सभी मृतक     पुलिस के मुताबिक कार में सवार सभी पांच लोग एक ही परिवार के थे। वे रायपुर से बाहर कहीं जा रहे थे। तभी अचानक कार के टायर में ब्लास्ट हो गया।     टायर फटने के बाद कार नियंत्रण खो बैठी और वह डिवाइडर क्रॉस करके विपरीत दिशा से आ रहे ट्रक से टकरा गई। हादसा इतना भीषण था कि कार में सवार सभी पांच लोगों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। पुलिस ने शुरू की हादसे की जांच घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस और एम्बुलेंस घटनास्थल पर पहुंची और शवों को कब्जे में लिया। पुलिस ने घटना के बाद रोड सुरक्षा और हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। recent visitors 73

उप मुख्यमंत्री शर्मा ने का कांग्रेस के फोन टेप होने वाले बयान पर किया पलटवार कहा – एकदम निराधार और बेकार की बातें हैं

रायपुर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कांग्रेस नेताओं के फोन सर्विलॉन्स होने वाले आरोप पर सवाल किया कि क्यों करेंगे? क्या मसला है, कोई बात ही नहीं है, जबरदस्ती की बातें हैं. एकदम निराधार और बेकार की बातें हैं, ना कोई संभावना. उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने इन आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेसी बजट से डर गए हैं. बीजेपी को प्रचंड बहुमत मिला है. निरर्थक बातें कर रहे हैं. इस पर जब बीजेपी विपक्ष में थी तब उनके फोन टेप होने वाले बयान पर कहा कि कभी हुआ था, कभी कहा भी था. लगा तब कहा था, लेकिन ऐसी सुबह उठकर नहीं कहा था. कांग्रेस का यह बोलना औचित्यपूर्ण विषय है. दरअसल, एक दिन पहले ही पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जासूसी के गंभीर आरोप लगाए थे. उन्होंने कहा था कि मेरा फोन भी सर्विलांस में है, मेरे बगल में खुफिया तंत्र के कर्मचारी खड़े रहते हैं, LIB के कर्मचारी पत्रकारवार्ता में मेरी बात को सुनते हैं. वहीं विपक्ष के बहिर्गमन को लेकर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि लोकतंत्र है. बीजेपी लोकतंत्र का सम्मान करने वाले पार्टी है. जनादेश जो आ गया, सो आ गया. विष्णु देव की सरकार से नहीं सक पा रहे तो ईवीएम के बाद दूसरा शिगुफा छोड़ रहे हैं. बीजेपी की सरकार ना रुकेगी, ना रफ्तार रुकेगा. recent visitors 50

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- आयोग ने कहा मध्यप्रदेश का भविष्य है सुरक्षित हाथों में

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्यों के सशक्तिकरण में ही राष्ट्र का सशक्तिकरण है, इसलिए केन्द्रीय करों और राजस्व प्राप्तियों में राज्यों की हिस्सेदारी अर्थात् अनुदान बढ़ाया जाना चाहिए। राज्य अपनी क्षमता और सीमित संसाधनों से ही अपने लक्ष्यों की पूर्ति के लिए काम करते हैं। केन्द्र सरकार से अधिक वित्तीय अनुदान मिलने से राज्य अपने दीर्घकालीन लक्ष्यों को अल्पकाल में ही प्राप्त कर सकेंगे। विकसित भारत का निर्माण, विकसित मध्यप्रदेश के बिना नहीं हो सकता, इसलिए केन्द्रीय करों में राज्यों की हिस्सेदारी 44 प्रतिशत से बढ़ाकर 48 प्रतिशत तक की जाए। इससे राज्य सशक्त होंगे और राष्ट्र को विकास की ले जाने में सहायक होंगे। डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश एक बड़ा राज्य है, इसलिए इसकी जरूरतें भी बड़ी हैं। लोक कल्याणकारी राज्य की स्थापना करना ही केन्द्र और राज्य सरकारों का लक्ष्य है। केन्द्र और राज्यों के बेहतर तालमेल और आपसी सामंजस्य से यह लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में 16वें केन्द्रीय वित्त आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों के साथ महत्वपूर्ण बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने आयोग के राज्य के दीर्घकालिक लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए वित्तीय संसाधनों की आवश्यकता का जिक्र कर वित्त आयोग से प्रदेश की अपेक्षाओं से भी अवगत कराया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश देश का सर्वाधिक प्रगतिशील राज्य है। प्रदेश कृषि, अधोसंरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य, वन, पर्यटन, नगरीय विकास और औद्योगिक विकास के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इन क्षेत्रों में और अधिक विकास के लिए केन्द्र सरकार से और अधिक वित्तीय सहयोग/अनुदान की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत में मध्यप्रदेश को भी योगदान देना है। हम विकसित मध्यप्रदेश का संकल्प पूरा करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अभी हमारा बजट करीब साढ़े तीन लाख करोड़ रूपए है। अगले पांच सालों में हम इस बजट को बढ़ाकर दोगुना कर देंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वित्त आयोग से कहा कि हम नदियों को जोड़कर जल बंटवारे के लिए पड़ोसी राज्यों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। पार्वती-कालीसिंध-चंबल (पीकेसी) नदी जोड़ो परियोजना में हमने राजस्थान के साथ मिलकर किया जा रहा हैं। केन्द्र सरकार ने इस राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजना के लिए 90 हजार करोड़ रूपए आवंटित किए। इसी तरह केन-बेतवा लिंक राष्ट्रीय परियोजना के लिए उत्तरप्रदेश सरकार के साथ मिलकर कार्य किया जा रहा हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने दोनों राष्ट्रीय परियोजना का भूमि-पूजन कर मध्यप्रदेश को गौरव प्रदान किया है। अब महाराष्ट्र सरकार के साथ ताप्ती नदी परियोजना पर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज से 20 साल पहले तक प्रदेश में केवल 7 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि सिचिंत थी, आज प्रदेश की 48 लाख हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि को हम सिंचित कर चुके हैं। प्रदेश में नदी जोड़ो के लिए एक अभियान चला रहे हैं। किसानों के साथ हमारा आत्मीय संबंध है और खेतों तक पानी पहुंचाना हमारा पहला कर्तव्य है। हमारी नीतियों के कारण किसानों का जैविक खेती की ओर तेजी से रूझान बढ़ा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी 18 नई औद्योगिक नीतियों के कारण निवेशक भी जुड़ रहे हैं। आरआईसी और जीआईएस-भोपाल के जरिए प्रदेश को 30.77 लाख करोड़ रूपए के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। यह निवेशकों का मध्यप्रदेश पर बढ़ते विश्वास का प्रतीक है। हम प्रदेश के हर जिला कलेक्ट्रेट में उद्योग प्रकोष्ठ बना रहे हैं, इससे किसी निवेशकों की जिला स्तर पर भी कठिनाई हल की जा सकेंगी। हम प्रदेश में व्यापार और व्यवसाय को सुगम बना रहे हैं। इसमें सभी का सहयोग लेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम प्रदेश में हरसंभव तरीके से दूध उत्पादन को बढ़ावा देंगे। हमारी कोशिश है कि देश का 20 प्रतिशत से अधिक दूध मध्यप्रदेश में उत्पादित हो, इससे हमारे किसान और पशुपालक दोनों सम्पन्न होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि युवा शक्ति की ऊर्जा का भरपूर उपयोग भी हम कर रहे हैं। पंचशील सिद्धांतों का पालन करते हुए जन, जल, जंगल, जमीन और जैविक विविधता का संरक्षण हमारा प्राथमिक लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि जंगल बचेंगे, तो जल बचेगा और जल बचेगा, तो जन-जीवन बचेगा। हम जैविक संपदा को संरक्षित रखने के लिए भी हर जरूरी प्रयास कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम प्रदेश के किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए अगले तीन सालों में 30 लाख किसानों को सोलर पम्प दिये जायेंगे। इससे हमारे किसान अन्नदाता के साथ-साथ ऊर्जादाता भी बनेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार किसानों को मात्र पांच रूपए में बिजली का स्थाई कनेक्शन देने जा रही है, इससे हमारे किसानों को बिजली कनेक्शन के लिए कहीं भी भटकना नहीं पड़ेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वित्त आयोग को मध्यप्रदेश में बीते एक वर्ष में किए गए नवाचारों की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि हमारी सरकार ने एयर एम्बुलेंस सेवा प्रारंभ की है। इससे बीते एक साल में कई गंभीर मरीजों को एयरलिफ्ट कर बड़े अस्पतालों तक पहुंचाकर उनका जीवन बचाया गया। हमारी इस सेवा को बेहद अच्छा प्रतिसाद मिला है। recent visitors 53

विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधार के लिये राष्ट्रीय शिक्षा नीति का प्रभावी क्रियान्वयन

भोपाल प्रदेश के विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिये राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का क्रियान्वयन स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा प्रभावी तरीके से किया जा रहा है। नीति के क्रियान्वयन के लिये राज्य शासन द्वारा आयुक्त और संचालक स्तर की अध्यक्षता में वरिष्ठ अधिकारियों की 14 समितियाँ गठित की गयी हैं। यह समितियाँ राष्ट्रीय शिक्षा नीति के विभिन्न ग्रुप और क्षेत्रों से संबंधित हैं। राज्य शासन ने स्कूल शिक्षा मंत्री की अध्यक्षता में टॉस्क फोर्स का गठन किया है। इसमें स्कूल शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी पदेन सदस्य हैं। समिति में शासकीय एवं अशासकीय शिक्षाविदों को भी शामिल किया गया है। सदस्यों के बीच परिचर्चा राष्ट्रीय शिक्षा नीति एवं क्रियान्वयन के लिये सदस्यों के बीच परिचर्चा भी करायी गयी है। इसमें अजीम प्रेमजी फाउण्डेशन के साथ समन्वय में विशेषज्ञ के उद्बोधन कराये गये हैं। उन्मुखीकरण के दौरान एनसीईआरटी के विभागाध्यक्ष द्वारा राष्ट्रीय पाठ्यचर्या फाउण्डेशनल (एनसीएफ) स्टेज विकास प्रक्रिया और राज्य पाठ्यचर्या फाउण्डेशनल (एससीएफ) स्टेज के बारे में भी जानकारी दी गयी है। केन्द्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति के दिशा-निर्देश अनुसार न्यू एजुकेशन पॉलिसी (एनईपी) ट्रैकर को नियमित रूप से अपडेट किया जा रहा है। समतामूलक और समावेशी शिक्षा राज्य में विशेष आवश्यकता वाले चिल्ड्रन विथ स्पेशल नीड्स (सीडब्ल्यूएसएन) 9550 नये बच्चों की पहचान एवं उनका कक्षा-9 से 12 में नामांकन सुनिश्चित किया गया है। इसी के साथ विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के शिक्षण के लिये प्रदेश में 8500 शिक्षकों को वर्ष 2024 में 2 सत्रों में विशेष प्रशिक्षण भी दिलाया गया है। सभी विकासखण्डों में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा संसाधन केन्द्र विकसित किये गये हैं। व्यावसायिक शिक्षा पर जोर नई शिक्षा नीति में विद्यालयों में व्यावसायिक शिक्षा देने पर जोर दिया गया है। प्रदेश में 2383 विद्यालयों में व्यावसायिक शिक्षा संचालित की जा रही है। इनमें करीब 4 लाख विद्यार्थियों का इनरोलमेंट किया गया है और उन्हें 14 ट्रेड में व्यावसायिक शिक्षा देने की व्यवस्था की गयी है। प्रदेश के 798 हायर सेकेण्डरी विद्यालयों में कृषि संकाय और 465 हायर सेकेण्डरी स्कूलों में कृषि ट्रेड संचालित किये जा रहे हैं। स्टार्स प्रोजेक्ट के अंतर्गत 100 विद्यालयों में नियमित छात्रों के साथ-साथ ड्रॉपआउट विद्यार्थियों की भी व्यावसायिक शिक्षा प्रारंभ की गयी है। प्रदेश के प्रत्येक सीएम राइज विद्यालय में 2 वोकेशनल ट्रेड्स के लिये लैब निर्मित की जा रही है। विभाग के 52 सीएम राइज विद्यालयों में रोबोटिक्स लैब की स्थापना भी करायी गयी है। वर्तमान में संचालित आईटी कोर्सेस के अलावा पं. सुंदरलाल शर्मा इंस्टीट्यूट ऑफ वोकेशनल एजुकेशन के सहयोग से एआई कोडिंग जैसे नवीन पाठ्यक्रम तैयार किये जा रहे हैं। ट्यूनिंग ऑफ स्कूल के अंतर्गत 520 विद्यालयों की ट्यूनिंग की गई है, जिसके अंतर्गत यह विद्यालय आपस में बेस्ट प्रैक्टिस का आदान-प्रदान करते हैं।   recent visitors 102

अब अमेरिका में सालों से बसे हजारों भारतीयों के आगे बेदखली का खतरा, कई तलाशने लगे ठिकाने

वॉशिंगटन अमेरिका में पिछले दिनों करीब 500 भारतीयों को डिपोर्ट करके तीन फ्लाइट्स में भारत भेजा गया है। ये लोग अमेरिका में अवैध दस्तावेजों के साथ चले गए थे। लेकिन अब एक नया विवाद खड़ा होने वाला है। हजारों ऐसे भारतीयों के सामने अमेरिका से वापसी का खतरा मंडराने लगा है, जो नाबालिग के तौर पर अमेरिका पहुंचे थे। इन लोगों को H-4 वीजा पर अमेरिका में रहने का मौका मिला था। अब ये 21 साल के होने वाले हैं तो इनका भविष्य अंधकार में है। अमेरिका में मौजूदा प्रवासी कानून के अनुसार नाबालिग के तौर पर आए लोगों को उनके एच-1बी वीजा होल्डर पैरेंट्स पर निर्भर यानी डिपेंटेडेंट घोषित नहीं किया जा सकता। ऐसा करने से उन्हें वहां बने रहने की परमिशन मिल सकती थी। अब तक उन्हें दो साल का मौका मिलता था और इस दौरान वे अपने वीजा का स्टेटस बदलवा लेते थे। लेकिन अब वीजा नीति में बदलाव ने उनके भविष्य को अंधकार में धकेल दिया है। कई लोग पहले से ही विकल्प की तलाश में जुटे हैं। कुछ लोग कनाडा, ब्रिटेन जैसे देशों में जाने की तैयारी में हैं, जहां बसने को लेकर नीतियां थोड़ी लचीली हैं। दरअसल अमेरिका में रोजगार आधारित ग्रीन कार्ड का एक लंबा बैकलॉग है। ऐसे में नए आवेदकों को नागरिकता मिल पाना तत्काल तो मुश्किल ही है। अमेरिकी नागरिकता और प्रवासी सेवा विभाग ने हाल ही में एच-1बी वीजा के लिए रजिस्ट्रेशन पीरिडयन का ऐलान किया है। यह प्रक्रिया 7 मार्च से 24 मार्च तक ही चलने वाली है। एच-1बी वीजा उन लोगों के लिए होता है, जो गैर-प्रवासी होते हैं। इसके तहत अमेरिकी कंपनियों को विदेशी लोगों को नौकरी देने की मंजूरी दी जाती है। यह नौकरियां तकनीकी और विषय की विशेषज्ञता को आधार मानकर दी जाती हैं। अब यहां पेच यह फंस रहा है कि एच-1बी वीजा हर साल 65 हजार ही जारी किए जा सकते हैं। इनके अतिरिक्त 20 हजार ऐसे लोगों को यह वीजा जारी हो सकते हैं, जिन्होंने अमेरिका में ही मास्टर्स डिग्री ली हो। अब इसमें भी फ्रॉड की आशंका को रोकने के लिए अमेरिका ने अपनी नीतियों को सख्त किया है। एच-1बी वीजा के लिए रजिस्ट्रेशन फीस 215 डॉलर की गई है। एक अनुमान के अनुसार ऐसे करीब 1.34 लाख भारतीय हैं, जिनकी आयु 21 साल होने वाली है और उनके परिवारों के पास ग्रीन कार्ड नहीं है। अमेरिकी सिस्टम में बड़े पैमाने पर बैकलॉग है। ऐसे में इस बात की संभावना प्रबल है कि हजारों की संख्या में भारतीयों को अमेरिका ही छोड़ना होगा। हाल ही में टेक्सास कोर्ट ने नए आवेदकों के लिए वर्क परमिट जारी करने पर रोक लगा दी थी। अब तक एक नियम था, जिसे Deferred Action for Childhood Arrivals जाता है। इस नियम के तहत नाबालिग के तौर पर पैरेंट्स के साथ आए लोगों को दो साल का अतिरिक्त समय नागरिकता के लिए आवेदन हेतु मिलता था। अब वह समय खत्म हो गया है। ऐसे में हजारों भारतीयों के पास कोई और विकल्प तलाशने के अलावा दूसरा रास्ता नहीं बचा है। recent visitors 56

ट्रंप के चार वरिष्ठ सहयोगियों ने यूक्रेन के विपक्षी नेताओं से गुप्त बैठकें की हैं, जिससे देश में तख्तापलट की अटकलें तेज

कीव/वाशिंगटन यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की की सत्ता पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के चार वरिष्ठ सहयोगियों ने यूक्रेन के विपक्षी नेताओं से गुप्त बैठकें की हैं, जिससे देश में तख्तापलट की अटकलें तेज हो गई हैं। अमेरिका और यूरोप के राजनीतिक घटनाक्रमों पर नजर रखने वाले समाचार पोर्टल POLITICO ने इस अहम रिपोर्ट का खुलासा किया। यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है, जब हाल ही में वाइट हाउस की बैठक के दौरान ट्रंप और जेलेंस्की के बीच तीखी तकरार हुई थी। बैठक बीच में ही रद्द हुई और उसके तीन दिन बाद अमेरिका ने यूक्रेन को सभी सैन्य सहायता देने पर रोक लगा दी। ट्रंप सहयोगियों की गुप्त मीटिंग से बढ़ी हलचल रिपोर्ट के मुताबिक, यूक्रेन की प्रमुख विपक्षी नेता यूलिया तिमोशेंको और पूर्व राष्ट्रपति पेत्रो पोरोशेंको की पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ ट्रंप के सहयोगियों की बैठकें हुईं। तीन यूक्रेनी सांसदों और एक अमेरिकी रिपब्लिकन विदेश नीति विशेषज्ञ के हवाले से कहा गया है कि इस चर्चा का मुख्य विषय यूक्रेन में जल्द से जल्द राष्ट्रपति चुनाव कराना था। जेलेंस्की की सत्ता खतरे में? यूक्रेन तीन साल से युद्ध झेल रहा है। अरबों की संपदा खाक हो चुकी है, करोड़ों लोग पलायन कर चुके हैं और लाखों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा है। इस जंग में भले ही रूस पूरी तरह से यूक्रेन पर कब्जा नहीं कर पाया, लेकिन पांच शहरों पर रूस ने अपनी आंशिक जीत सुनिश्चित कर दी है। अब यूक्रेन में तख्तापलट की आहट से राष्ट्रपति जेलेंस्की की सत्ता पर लगातार चुनौतियां बढ़ गई है। अमेरिकी रिपब्लिकन नेताओं का यूक्रेनी विपक्षी नेताओं से मिलना बड़े राजनीतिक बदलाव के संकेत दे रहा है। रूस और ट्रंप भी चाह रहे राष्ट्रपति चुनाव पहले रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और फिर डोनाल्ड ट्रंप भी संकेत दे चुके हैं कि यूक्रेन में जल्द से जल्द राष्ट्रपति चुनाव होने चाहिए। दोनों की नजर में यूक्रेन में शांति जेलेंस्की की विदाई के बाद ही संभव है। सूत्रों के मुताबिक, यूक्रेन के विपक्षी नेताओं की ट्रंप के सहयोगियों संग बैठक में चर्चा का मुख्य बिंदु यह था कि क्या यूक्रेन में जल्द राष्ट्रपति चुनाव संभव है। जेलेंस्की को इस बात का भी डर है कि कि युद्ध के बीच यूक्रेन में चुनाव रूस को फायदा पहुंचा सकता है। recent visitors 52