एलन मस्‍क की सैटेलाइट इंटरनेट सेवा स्‍टारलिंक, ऑनलाइन धोखाधड़ी करने का बन रही जरिया

नई दिल्ली एलन मस्‍क की सैटेलाइट इंटरनेट सेवा स्‍टारलिंक, ऑनलाइन धोखाधड़ी करने का जरिया बन रही है। एक रिपोर्ट में यह चौंकाने वाला खुलासा किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, दक्षिण पूर्व एशिया में "स्कैम कंपाउंड" चलाने वाले अपराधी, स्‍टारलिंक की सैटेलाइट इंटरनेट डिश का इस्‍तेमाल कर रहे हैं। इस बारे में अमेरिका के कैलिफोर्निया के एक प्रोसिक्‍यूटर ने पिछले साल मस्‍क की कंपनी को पत्र भेजा था। वह पत्र स्‍टारलिंक की मूल कंपनी स्‍पेसएक्‍स को भेजा गया था। इसमें कहा कहा गया था कि कंपनी को उन खास इलाकों में अपनी सर्विस बंद कर देनी चाहिए, जहां साइबर अपराध के लिए स्‍टारलिंक डिश का इस्‍तेमाल हो रहा है। हालांकि पत्र का कोई जवाब नहीं दिया गया। स्‍पेस एक्‍स ने नहीं दिया लेटर का जवाब ABC News की रिपोर्ट के अनुसार, कैलिफोर्निया की पूर्व डिप्टी डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी एरिन वेस्ट ने पत्र लिखा था। उन्‍होंने एबीसी न्‍यूज को बताया कि स्‍पेस एक्‍स ने लेटर का कोई जवाब नहीं दिया। रिपोर्ट में बताया गया है कि चीन से जुड़े संगठ‍ित अपराध समूह स्‍टारलिंक की हाई-स्‍पीड इंटरनेट कनेक्टिविटी को इस्‍तेमाल करने के लिए सुरक्षा प्रोटोकोल को अनदेखा कर रहे हैं। बीते कुछ साल में ऐसी कई सूचनाएं मिली हैं, जिनमें अपराधी स्‍टारलिंक सैटेलाइट डिश का इस्‍तेमाल कर रहे हैं। ऑनलाइन बेचे जा रहे स्‍टारलिंक के उपकरण रिपोर्ट में बताया गया है कि ऑनलाइन विक्रेता, दूर-दराज के एरिया में स्‍कैम कंपाउंड चलाने वाले अपराधियों को स्‍टारलिंक के उपकरण बेच रहे हैं। रिपोर्ट में बेनेडिक्ट हॉफमैन नाम के एक अधिकारी के हवाले से बताया गया है कि टेलिग्राम के जरिए स्‍टारलिंक की सेवाओं का प्रचार किया जा रहा है। यह जानकारी ऑनलाइन स्‍कैम सेंटर चलाने वालों तक पहुंच रही है। म्‍यांमार में की जा चुकी है उपकरणों की जब्‍ती अध‍िकारी यह मान रहे हैं कि ऑनलाइन धोखाधड़ी के लिए स्‍टा‍रलिंक का इस्‍तेमाल करना चिंता का विषय है। म्‍यांमार में ऐसे उपकरणों को जब्‍त किया गया है। जाहिर तौर पर म्‍यांमार में ऐसे उपकरण आसपास के देशों से पहुंचाए जा रहे हों, जहां स्‍टारलिंक की सर्विस मौजूद है। गौरतलब है कि हाल ही में म्‍यांमार में एक बड़े ऑनलाइन स्‍कैम सेंटर का भंडाफोड़ हुआ है। वहां बड़ी संख्‍या में चीनी और भारतीय नागरिक की मौजूदगी पाई गई थी। 2019 में लॉन्‍च की गई थी स्‍टारलिंक की इंटरनेट सर्विस स्‍टारलिंक का दायरा पूरी दुनिया में तेज हो रहा है। इसे एलन मस्‍क की कंपनी स्‍पेसएक्‍स ने साल 2019 में डेवलप किया था। स्‍टारलिंक का मसकद दुनिया के उन हिस्‍सों में इंटरनेट पहुंचाना है, जो कनेक्टिविटी से दूर हैं। यूक्रेन, गाजा के युद्ध प्रभावित इलाकों में तक स्‍टारलिंक के सैटेलाइट इंटरनेट का इस्‍तेमाल किया जा रहा है। हालांकि नई रिपोर्ट ने इसके बेजा इस्‍तेमाल पर चिंता को बढ़ा दिया है। recent visitors 74

यूक्रेन शांति समझौता करने के लिए रखीं कई शर्तें, रूस को भी पसंद नहीं आई डोनाल्ड ट्रंप की बात

रूस रूस-यूक्रेन युद्ध को शुरू हुए तीन साल से ज्यादा समय हो चुका है। यूक्रेन की मदद कर रहे अमेरिका के पीछे हटने के साथ ही युद्ध में शांति के आसार नजर आने लगे हैं। लेकिन ऐसे समय में रूस और अमेरिका के बीच भी थोड़ी तनातनी देखने को मिल रही है। क्रेमलिन की तरफ से कहा गया है कि राष्ट्रपति पुतिन शांति समझौते के लिए तैयार हैं लेकिन कुछ शर्तों के साथ। इससे पहले, ट्रंप ने मीडिया से बात करते हुए लगातार रूस की तरफ से शांति के प्रयासों पर सहमति की बात कही है। लेकिन कल ट्रंप की इन बातों के बाद रूस ने यूक्रेन पर हमले तेज कर दिए। राष्ट्रपति ट्रंप से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने रूस पर भरोसा जताते हुए कहा कि राष्ट्रपति पुतिन शांति समझौता चाहते हैं। लेकिन शुक्रवार की सुबह ही राष्ट्रपति ट्रंप ने रूस को युद्ध न रोकने की स्थिति में तमाम तरह के टैरिफ लगाने की धमकी भी दे डाली। सोशल मीडिया प्लेटफार्म ट्रुथ सोशल पर रूस को आड़े हाथों लेते हुए ट्रंप ने लिखा कि हम शांति की बात कर रहे हैं और रूस यूक्रेन को मिसाइलों और गोला-बारूद से भरता जा रहा है। इसका जवाब देने के लिए हम रूस पर कई तरह के प्रतिबंध और लगाने जा रहे हैं। यूक्रेन और रूस दोनों पक्षों के लिए हमारा एक ही संदेश है कि जल्दी से जल्दी आप बातचीत की टेबल पर आइए और शांति स्थापित कीजिए। इससे पहले, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को इस मुद्दे पर मीडिया से बात करते हुए रूस की तरीफ भी की थी। उन्होंने कहा कि हम रूस के साथ शांति वार्ता के लिए अच्छे तरीके से आगे बढ़ रहे हैं। मुझे उम्मीद है कि हम जल्दी ही शांति तक पहुंचेंगे। उन्होंने कहा कि रूस से बातचीत करना यूक्रेन से बातचीत करने की तुलना में अधिक आसान है। दूसरी तरफ अमेरिका और रूस का बढ़ता याराना यूक्रेन के लिए डर पैदा कर रहा था, लेकिन ट्रंप के रूस को टैरिफ लगाने की धमकी देना शायद कुछ राहत दे। हालांकि कीव में इस मामले के जानकार लोगों के मुताबिक रूस शांति समझौते के लिए नए मापदंड तय करने की कोशिश कर रहा है। इसलिए उसने अपने हमले तेज कर दिए हैं। समझौते के दौरान रूस इस बात पर जोर देगा कि वह जीती हुई जमीन के किस हिस्से को अपने पास रखेगा। इससे पहले, जेलेंस्की से ट्रंप की बहस के बाद अमेरिकी और यूक्रेनी अधिकारी इस युद्ध के सिलसिले में मंगलवार को सऊदी अरब में मिलने की तैयारी कर रहे हैं। यूक्रेन के लिए इस बैठक का मुख्य उद्देश्य संबंधों को बेहतर करके अमेरिका से हथियार और खुफिया जानकारी की सुविधा वापस हासिल करना और भविष्य के लिए दोनों देशों की साझेदारी को आकार देना है। वहीं अमेरिका शांति के लिए प्रयास करेगा, जैसा की राष्ट्रपति ट्रंप पहले भी कह चुके हैं कि वह केवल शांति चाहते हैं। एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक सऊदी अरब में हुई पिछली मीटिंग के दौरान ही रूसी अधिकारियों ने अमेरिकी अधिकारियों के सामने अस्थाई शांति का प्रस्ताव रखा था, जिससे आगे स्थाई शांति का स्थापित किया जा सके। मामले की जानकारी रखने वाले लोगों के मुताबिक अमेरिका और रूस दोनों ही यहां पर यु्द्ध को खत्म करने की दिशा में आगे बढ़ने के लिए तैयार थे। recent visitors 46

मोहम्मद कैफ ने तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर हार्दिक को भारत का असली इम्पैक्ट प्लेयर करार दिया

दुबई भारत और न्यूजीलैंड के बीच रविवार को चैंपियंस ट्रॉफी 2025 का फाइनल खेला जाना है। दोनों टीम दुबई के मैदान पर आमने-सामने होंगी। रोहित शर्मा की अगुवाई वाली भारतीय टीम अभी तक टूर्नामेंट में अजेय है और लीग चरण के बाद कीवियों को एक बार फिर मात देने की फिराक में होगी। खिताबी मुकाबले से पहले पूर्व भारतीय बल्लेबाज मोहम्मद कैफ ने हार्दिक पांड्या को लेकर जबर्दस्त दावा किया। उन्होंने धाकड़ तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर हार्दिक को भारत का असली इम्पैक्ट प्लेयर करार दिया। कैफ ने कहा कि वह फाइनल में गर्दा उड़ाएंगे। कैफ ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, ''हार्दिक पंड्या भारत के मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर हैं। वह असली इम्पैक्ट प्लेयर हैं। वह जब होते हैं तो टीम इंडिया 12 खिलाड़ियों के साथ खेलती है। वह अच्छे पेसर और बेहतरीन फिनिशर हैं। 2023 के वर्ल्ड कप फाइनल में भारत को उनकी बहुत कमी खली। वह रविवार को भारत और न्यूजीलैंड मैच में अंतर पैदा कर सकते हैं। बेस्ट टीम (भारत) की जीत की कामना करता हूं।'' बता दें कि हार्दिक 2023 में वनडे वर्ल्ड कप में टखने की चोट के कारण चौथे मैच से ही बाहर हो गए थे। उन्हें बांग्लादेश के खिलाफ मुकाबले में चोट लगी थी। भारत ने वर्ल्ड कप में लगातार 10 जीत करने के बाद फाइनल में एंट्री की थी लेकिन ऑस्ट्रेलिया ने खिताब का सपना चकनाचूर कर दिया। भारत को अहमदाबाद में खेले गए फाइनल में कंगारुओं के हाथों 6 विकेट से हार मिली थी। ऑस्ट्रेलिया ने भारत को 240 रनों पर समेटने के बाद खिताब जीता। भारत वनडे वर्ल्ड कप फाइनल की हार को पीछे छोड़कर अब आईसीसी चैंपियंस ट्राफी के फाइनल में 2013 की जीत के इतिहास को दोहराने के इरादे से उतरेगा। भारत ने 12 साल पहले एमएस धोनी की अगुवाई में चैंपियंस ट्रॉफी अपने नाम की थी। भारतीय टीम पांचवीं बार टूर्नामेंट का फाइनल खेलेगी। न्यूजीलैंड वर्ल्ड क्रिकेट में लगातार एक ताकत रहा है, जिसने हाल के टूर्नामेंटों में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। कप्तान रोहित शर्मा ने कहा, ''वे (न्यूजीलैंड) बहुत अच्छी टीम हैं। मैं उन्हें करीब से देख रहा हूं और वे असाधारण रूप से अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। उनकी खेल शैली काबिल ए तारीफ है। फाइनल अप्रत्याशित हो सकते हैं।'' recent visitors 36

इजरायल की एक 27 वर्षीय पर्यटक और एक होमस्टे चलाने वाली महिला के साथ गैंगरेप, साथियों को नदी में फेंका, एक की मौत

हंपी कर्नाटक के विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल हम्पी के पास एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां इजरायल की एक 27 वर्षीय पर्यटक और एक होमस्टे चलाने वाली महिला के साथ कथित तौर पर गैंगरेप किया गया। यह घटना गुरुवार रात करीब 11:30 बजे तब हुई, जब दोनों महिलाएं सानापुर झील के किनारे बैठकर तारों को निहार रही थीं। इस घटना में एक पुरुष पर्यटक की मौत हो गई है। पहले 100 रुपये की मांगे, फिर किया गैंगरेप पुलिस के अनुसार, पीड़ित महिलाएं तीन अन्य पुरुष पर्यटकों के साथ थीं, जिनमें एक अमेरिकी नागरिक और दो भारतीय (महाराष्ट्र और ओडिशा से) शामिल थे। ये सभी तुंगभद्रा नहर के पास संगीत सुनते हुए रात का आनंद ले रहे थे। इसी दौरान तीन अज्ञात लोग मोटरसाइकिल पर वहां पहुंचे। शुरुआत में आरोपियों ने पेट्रोल के लिए पूछताछ की और फिर इजरायली पर्यटक से 100 रुपये की मांग की। जब उन्होंने पैसे देने से इनकार किया, तो बहस शुरू हो गई। साथियों को नहर में धक्का दिया इसके बाद आरोपियों ने पुरुष पर्यटकों पर हमला किया और उन्हें नहर में धक्का दे दिया। फिर उन्होंने दोनों महिलाओं के साथ गैंगरेप किया और मौके से फरार हो गए। दो पुरुष अमेरिकी नागरिक डैनियल और महाराष्ट्र के पंकज नहर से बाहर निकल आए, लेकिन ओडिशा के बिबाश डूब गए। शनिवार सुबह उनका शव बरामद किया गया। आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस होमस्टे चलाने वाली महिला की शिकायत के आधार पर, गंगावती ग्रामीण पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 309(6) (चोरी या उगाही), 64 (बलात्कार), 70(1) (सामूहिक बलात्कार), 311 (लूट या डकैती के साथ गंभीर चोट या मृत्यु का इरादा), और 109 (हत्या का प्रयास) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने छह विशेष टीमें गठित की हैं और आरोपियों की तलाश में जुट गई है। दोनों पीड़ित महिलाएं वर्तमान में सरकारी अस्पताल में इलाज करवा रही हैं। कोप्पल के पुलिस अधीक्षक राम एल अरसिद्दी ने कहा, "हमने संदिग्धों की पहचान कर ली है और उन्हें जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।" इस घटना ने हम्पी जैसे लोकप्रिय पर्यटन स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों और पर्यटकों में इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश है। यह वारदात कर्नाटक के पर्यटन उद्योग के लिए एक बड़ा झटका मानी जा रही है, जो हम्पी जैसे यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल के लिए जाना जाता है। मामले की जांच जारी है, और पुलिस लापता पर्यटक की तलाश में भी जुटी है। recent visitors 39

WhatsApp पर मिलेगा कलरफुल थीम्स के साथ मिलेगा वीडियो प्लेबैक स्पीड सेट करने का मौका

नई दिल्ली प्राइवेसी और सिक्योरिटी को बेहतर बनाने के लिए WhatsApp पर समय समय पर बदलाव होते रहते हैं। साथ ही इसमें नए फीचर्स को भी ऐड किया जाते हैं। यह प्लेटफॉर्म प्राइवेसी, सिक्योरिटी और कस्टमाइजेशन को मजबूत करने के लिए खुद को लगातार अपडेट कर रहा है। अब कंपनी ने 5 नए फीचर्स रोलआउट करने शुरू कर दिए हैं, जिससे मैसेजिंग और भी सुविधाजनक हो जाएगी। वीडियो प्लेबैक में सुधार करने के लिए भी ये फीचर्स काफी काम आने वाले हैं। कलरफुल थीम्स से चैट को कस्टमाइज करें अब WhatsApp यूजर्स अपनी चैटिंग को और भी ज्यादा पर्सनलाइज कर सकते हैं। पहले यूजर्स के पास कम ऑप्शन थे। अब WhatsApp 20 नए वाइब्रेंट चैट थीम्स और 30 नए वॉलपेपर्स जोड़े हैं। इस फीचर की मदद से यूजर्स अपनी पसंद के अनुसार कलर सेट कर सकते हैं, जिससे चैटिंग का अनुभव नया और फ्रेश लगेगा। क्लियर चैट नोटिफिकेशन से मिलेगी राहत अब नोटिफिकेशन को भी कस्टमाइज करने का ऑप्शन दिया जा रहा है। कई यूजर्स को अनरीड मैसेज का नोटिफिकेशन डॉट परेशान करता है, खासकर जब कई मैसेज एक साथ आते हैं। अब WhatsApp ने क्लियर चैट नोटिफिकेशन फीचर पेश किया है, जिससे यूजर्स खुद तय कर सकेंगे कि नोटिफिकेशन कैसे दिखें। साथ ही, बेकार के नोटिफिकेशन को हटाने का भी ऑप्शन मिलेगा। यह फीचर सेटिंग्स > नोटिफिकेशन सेक्शन में उपलब्ध होगा। Meta AI विजेट से मिलेगा AI चैटबॉट का इंस्टेंट एक्सेस WhatsApp अब AI फीचर्स को गहराई से इंटीग्रेट कर रहा है। यूजर्स अब अपने होम स्क्रीन पर Meta AI विजेट जोड़ सकते हैं, जिससे AI चैटबॉट तक इंस्टेंट एक्सेस मिलेगा। इस फीचर को ऑन करने के लिए यूजर्स को Personalization > Widgets सेक्शन में जाना होगा और फिर Meta AI विजेट को अपने फोन की होम स्क्रीन पर ऐड करना होगा। इसके बाद, सिर्फ एक टैप में AI चैटबॉट खुल जाएगा और यूजर्स की सहायता करेगा। वीडियो प्लेबैक स्पीड को करें एडजस्ट WhatsApp में अब वीडियो प्लेबैक स्पीड बदलने का ऑप्शन आ गया है! पहले यह सुविधा केवल वॉयस नोट्स के लिए उपलब्ध थी, लेकिन अब यूजर्स वीडियो को 1.5x या 2x स्पीड पर भी देख सकते हैं। यह फीचर खासतौर पर लंबे वीडियो को जल्दी देखने के लिए काफी उपयोगी रहेगा। अनरीड चैट काउंटर अब चैट फिल्टर में भी WhatsApp ने पिछले साल चैट फिल्टर फीचर पेश किया था, जिससे मैसेज को बेहतर तरीके से ऑर्गनाइज किया जा सकता है। अब इसमें नया अनरीड चैट काउंटर जोड़ा गया है। इस फीचर की मदद से यूजर्स को सीधे चैट फिल्टर में ही यह पता चलेगा कि कितने अनरीड मैसेज हैं, जिससे कोई भी जरूरी मैसेज मिस नहीं होगा। recent visitors 63

प्रदेश में IAS अफसरों की पोस्टिंग, पंचायत मंत्री के दामाद श्यामवीर सिंह को BDA की कमान; देखें सूची

भोपाल मध्य प्रदेश में भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारियों के तबादले किए हैं। 7 मार्च को जारी आदेश में भोपाल विकास प्राधिकरण के CEO प्रदीप जैन को हटाकर श्यामवीर सिंह को बीडीए की कमान सौंपी गई है। श्यामवीर सिंह पंचायत मंत्री प्रहलाद पटेल के दामाद हैं। वहीं आईएएस महेंद्र सिंह कवचे को उज्जैन से दतिया अपर कलेक्टर बनाए गए हैं। मप्र सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी तबादला आदेश के अनुसार, बीडीए के सीईओ रहे प्रदीप जैन को मंत्रालय में उप सचिव नियक्त किया गया है। जबकि, 2018 बैच के IAS अधिकारी श्यामवीर सिंह को भोपाल विकास प्राधिकरण का सीईओ बनाया गया है। 2018 बैच की आईएएस रूही खान को उद्योग विभाग में उपसचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है।   भोपाल विकास प्राधिकरण में करीब एक साल पहले प्रदीप जैन को सीईओ बनाया गया था। शुक्रवार को जारी आदेश में जैन को बीडीए सीईओ के पद से हटाकर मंत्रालय में उप सचिव के पद पर पदस्थ कर दिया गया है। जैन की पोस्टिंग अभी मंत्रालय में किसी विभाग में नहीं की गई है। दूसरी ओर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के गृह नगर उज्जैन में पदस्थ अपर कलेक्टर महेंद्र सिंह कवचे को स्थानांतरित कर अपर कलेक्टर दतिया बनाया गया है। ये दोनों ही अधिकारी राज्य प्रशासनिक सेवा के हैं। महिला दिवस के पहले रूही को मिला काम केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से लौटीं आईएएस अधिकारी रूही खान को शासन ने उप सचिव एमएसएमई के पद पर पदस्थ किया है। साथ ही उन्हें उप सचिव औद्योगिक नीति और निवेश प्रोत्साहन विभाग का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। उन्हें 31 जनवरी को भोपाल में उपस्थिति देने के एक माह से अधिक समय बाद अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के पहले सरकार ने जिम्मेदारी सौंपी है। इसके साथ ही पदस्थापना के लिए प्रतीक्षारत आईएएस अफसर श्याम वीर को भोपाल विकास प्राधिकरण का नया मुख्य कार्यपालन अधिकारी बनाया गया है। दूसरी ओर 5 दिसम्बर 2024 से पदस्थापना के लिए प्रतीक्षारत आशीष भार्गव को अभी काम मिलना बाकी है। श्यामवीर सिंह नरवरिया का परिचय श्यामवीर सिंह नरवरिया भिंड जिले के गोरमी क्षेत्र के प्रतापपुरा गांव के निवासी हैं। UPSC परीक्षा में 284वीं रैंक हासिल करने के बाद उन्हें लोधी समाज का गौरव माना गया था। श्यामवीर का विवाह मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल की बेटी फलित सिंह पटेल से हुआ है।   recent visitors 67

वक्फ बोर्ड के नोटिस से हड़कंप, ग्रामीणों ने किया विरोध, ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट में पहुंच कर न्याय की मांग की

रायसेन  मध्य प्रदेश के रायसेन जिले के मखनी गांव से हैरान करने वाला मामला सामने आया। यहां वक्फ बोर्ड ने सात परिवारों को 7 दिन के अंदर उनकी जमीन खाली करने का नोटिस दिया है। वक्फ बोर्ड ने नोटिस देते हुए दावा किया है कि ये उसकी सपंत्ति है,और कहा 7 दिन के अंदर जमीन करें खाली नहीं तो करेंगे कानूनी कार्रवाई। वक्फ बोर्ड का नोटिस मिलने से किसान परेशान हो गए और न्याय के लिए कलेक्ट्रेट पहुंचे। कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा को आवेदन देकर हस्तक्षेप कर वक्फ बोर्ड पर कार्रवाई करने की मांग की है। आपको बता दें कि ग्राम माखनी के सात परिवार कई पीढ़ियों से इसी जमीन पर रहकर निवास कर रहे हैं। इतना ही नहीं सरकारी खसरे में ये जमीन सरकारी बताई जा रही है। ग्रामीणों को इसी जमीन पर प्रधानमंत्री आवास योजना की कुटीर भी मिली हुई है। इसके बाद भी अचानक वक्फ बोर्ड के नोटिस मिलने से ग्रामीण परेशान है। मंदिर और मुक्तिधाम को लेकर चिंतित नोटिस मिलने के बाद ग्रामीण रामकली का का कहना है कि हमारी जान चली जाए लेकिन इस जमीन को खाली नहीं करेंगे। वहीं, उन्होंने कहा कि प्राचीन ऐतिहासिक मंदिर और शमशान घाट भी इसी जमीन पर बना है। एक किसान ने सवाल किया कि अगर यह बक्फ बोर्ड की जमीन थी तो फिर हमें प्रधानमंत्री आवास योजना की कुटीर कैसे मिली? इस मामले में ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि कुछ भी हो जाए ना हम अपने मंदिर को तोड़ने नहीं देंगे और ना ही ये जमीन को खाली करेंगे। ना ही मकान को तोड़ेंगे। हिंदू संगठनों ने दर्ज कराया विरोध लेकिन इस घटनाक्रम के बाद हिंदूवादी संगठन सक्रिय होकर ग्राम माखनी पहुंचे और स्पष्ट रूप से कहा कि इस जमीन पर प्राचीन मंदिर बना हुआ है। जिसे किसी भी सूरत में तोड़ने नहीं दिया जाएगा। जो परिवार यहां रह रहे हैं उनको नहीं हटाने दिया जाएगा। इतना कहते हुए हिंदू संगठनों ने आस्था पर हमला बोलते हुए विरोध शुरू कर दिया है। इस मामले में रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा कलेक्टर का कहना है कि मीडिया के माध्यम से मामला संज्ञान में आया है। इसकी जांच कराएंगे कि आखिर बक्फ बोर्ड ने किस आधार पर नोटिस जारी किया है। दोनों पक्षों को सुनकर न्याय संगत कार्रवाई करेंगे। मामले में ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि कुछ भी हो जाए, हम अपने मंदिर को तोड़ने नहीं देंगे और न ही ये जमीन को खाली करेंगे और मकान को तोड़ेंगे। वहीं, इस मामले में रायसेन कलेक्टर का कहना है कि मीडिया के माध्यम से मामला संज्ञान में आया है। इसकी जांच कराएंगे कि आखिर बक्फ बोर्ड ने किस आधार पर नोटिस जारी किया है और दोनों पक्षों को सुनकर न्याय संगत कार्रवाई करेंगे। लेकिन इस घटनाक्रम के बाद हिंदूवादी संगठन सक्रिय होकर ग्राम माखनी पहुंचे और स्पष्ट रूप से कहा कि इस जमीन पर प्राचीन मंदिर बना हुआ है, जिसे किसी भी सूरत में तोड़ने नहीं दिया जाएगा और जो परिवार यहां रह रहे हैं, उनको नहीं हटाने दिया जाएगा। जान चली जाए, जमीन नहीं छोड़ेंगे- ग्रामीण पीड़ित ग्रामीण रामकली बाई ने कहा, "हमारी जान चली जाए, लेकिन हम यह जमीन नहीं छोड़ेंगे।" रानू मालवीय ने सवाल किया, "अगर यह वक्फ की जमीन थी, तो हमें प्रधानमंत्री आवास कैसे मिला?" प्रभुलाल ने कहा, "हमारा मंदिर और श्मशान यहां है, हम इसे तोड़ने नहीं देंगे।" कलेक्टर का बयान कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा ने मीडिया से कहा, "मामला मेरे संज्ञान में आया है। वक्फ बोर्ड ने किस आधार पर नोटिस जारी किया, इसकी जांच की जाएगी। हम दोनों पक्षों को सुनकर न्यायसंगत कार्रवाई करेंगे।" जिला प्रशासन ने अभी तक इसकी भनक न लगने की बात स्वीकारी है, जिससे सवाल उठ रहे हैं।   recent visitors 40