Tuesday, July 7, 2026 2:44 pm

मुंबई के नागपाड़ा इलाके में दर्दनाक हादसा, वॉटर टैंक की सफाई कर रहे 5 मजदूरों की दम घुटने से मौत

मुंबई मुंबई के नागपाड़ा इलाके में रविवार को एक दर्दनाक हादसा हुआ। एक निर्माणाधीन इमारत में पानी की टंकी की सफाई कर रहे 5 मजदूरों की दम घुटने से मौत हो गई। कैसे हुआ हादसा? रविवार को कुछ मजदूर निर्माणाधीन बिल्डिंग की पानी की टंकी साफ कर रहे थे। अचानक दम घुटने की वजह से वे बाहर नहीं निकल पाए और उनकी जान चली गई। जब काफी देर तक मजदूर बाहर नहीं आए तो स्थानीय लोगों ने पुलिस को इसकी सूचना दी। पुलिस ने शवों को निकाला सूचना मिलते ही नागपाड़ा पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से मजदूरों के शवों को बाहर निकाला। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। जांच में जुटी पुलिस पुलिस ने बताया कि मजदूरों की मौत पानी की टंकी में दम घुटने से हुई है। इस मामले में निर्माणाधीन इमारत के मालिक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने की तैयारी की जा रही है। मृतकों के परिवारों को घटना की जानकारी दे दी गई है। recent visitors 35

100 करोड़ के बाद मान ली 2000 करोड़ की मांग, बाली पर बरसा धामी का प्यार

काशीपुर काशीपुर पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का प्यार मेयर दीपक बाली पर बरस पड़ा, जहां उन्होंने 110.56 करोड़ लागत के 19 विकास कार्यों का लोकार्पण/शुभारंभ किया वहीं मेयर दीपक बाली की और कई मांगे भी मान लीं जिन पर लगभग 2000 करोड़ रुपये का खर्चा आयेगा। आपको बता दें कि आज रविवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी काशीपुर में भव्य रोड शो कर नगर निगम परिसर पहुंचे। रोड शो में मुख्यमंत्री धामी का काशीपुर की जनता, विभिन्न संगठनों व जनप्रतिनिधियों ने पुष्पवर्षा, मालाओं, पुष्पगुच्छ से भव्य स्वागत किया। इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने काशीपुर नगर निगम में आयोजित अभिनंदन समारोह में 48.61 करोड़ की लागत के 7 विकास कार्यों का शिलान्यास व 61.95 करोड़ की लागत के 12 विकास कार्यों कुल 110.56 करोड़ की योजनाओं का शिलान्यास व लोकार्पण किया। इन योजनाओं में नगरीय ठोस अपशिष्ट प्रबंधन परियोजना कार्य लागत 14.29 करोड़, नगर निगम सीमांतर्गत 117 निर्माण कार्य लागत 18.60 करोड़, वार्ड नंबर 40 में ढेला नदी पर बाढ़ सुरक्षा व ट्रंचिंग ग्राउंड पिचिंग कार्य 4.89 करोड़ ,प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी हेतु महुआखेड़ा गंज काशीपुर आवासीय परियोजना हेतु एमपीडीजी मार्ग किमी. 11 से इंडस्ट्रियल मार्ग, शमशान घाट होते हुए आदर्श नगर मे पीएम आवास योजना महुआखेड़ा गंज तक मार्ग का पुनर्निर्माण कार्य लागत 578.01 लाख आदि शामिल हैं। वहीं, मेयर दीपक बाली की मांग पर मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने लगभग 2000 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की मांग मान ली। इन कार्यों में – केवीआर अस्पताल से धनौरी तक व बिजनेस इन होटल से परमानन्दपुर लिंक मार्ग तक मार्ग चौड़ीकरण, डिवाइडर निर्माण, वृक्षारोपण, भूमिगत विद्युतिकरण तथा स्ट्रीट लाईट लगाने का कार्य। – नगर निगम, काशीपुर के सम्पूर्ण परिसर में पीपीपी मोड में निगम कार्यालय भवन, आवासीय परिसर एवं शॉपिंग काम्पलैक्स का निर्माण कार्य। – काशीपुर के नवनिर्मित 17 वार्डों में अवस्थापना सुविधाओं सड़क, नाला/नाली, विद्युत एवं पार्क निर्माण कार्य। – राजकीय कन्या जूनियर हाईस्कूल, काशीपुर (छोटी जीजीआईसी) परिसर नगर निगम को हस्तानान्तरित करते हुये मुख्य बाजार मार्ग चौड़ीकरण एवं पार्किंग युक्त शॉपिंग काम्पलैक्स का निर्माण कार्य। – वार्ड नं.-05 में शहरी विकास विभाग की भूमि पर गौशाला निर्माण कार्य। – काशीपुर उप जिलाधिकारी कार्यालय के निकट राजकीय भूमि पर सर्किट हाउस बनाने। – काशीपुर स्पोर्ट्स स्टेडियम का आधुनिकीरण एवं पुनर्निर्माण कर नगर निगम काशीपुर द्वारा संचालन किये जाने। – मुख्यमंत्री घोषणा संख्या-500 का विस्तारीकरण कर गिरिताल सरोवर में साईकिल/पैदल ट्रैक निर्माण, नौकायन, सजावटी विद्युतीकरण, सरोवर के अन्दर स्तम्भ निर्माण आदि कार्य तथा सरोवर का प्रबन्धन नगर निगम, काशीपुर को सौंपने। – राजकीय बालिका इण्टर कालेज का आधुनिकीकरण कर देवभूमि के राज्यस्तरीय मॉड कन्या इण्टरमीडिएट विद्यालय के रूप में विकसित किये जाने की घोषणा की। इस दौरान उपसिथत भारी जनसमूह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने कहा कि मैं, इस अवसर पर काशीपुर की इस पावन भूमि की रक्षक माँ बालसुंदरी और माँ चामुंडा को दोनों हाथ जोड़कर और शीश नवाकर नमन करता हूं। आज मुझे आप सभी के बीच उपस्थित होकर अत्यंत हर्ष की अनुभूति हो रही है, ऐसा लग रहा है मानो जैसे मैं, अपने ही परिवार के बीच किसी कार्यक्रम में शामिल होने आया हूँ। उन्होंने कहा कि काशीपुर में ट्रिपल इंजन की सरकार बनने के बाद ये मेरा पहला दौरा है, इसलिए इस अवसर पर काशीपुर नगर निगम चुनाव में भाजपा को एतिहासिक विजय दिलाकर ट्रिपल इंजन सरकार बनाने के लिए मैं, आप सभी का हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ, साथ ही, मैं, आप सभी को आश्वस्त करना चाहता हूँ कि मैं, और मेरी सरकार काशीपुर की जनता द्वारा जताए गए भरोसे पर पूरी तरह खरा उतरने का प्रयास करेंगे और विकास कार्यों को तीन गुना गति से आगे बढ़ाने के लिए पूरी निष्ठा के साथ कार्य करेंगे। recent visitors 50

रीवा में युवक पर तलवार-लाठी से हमला, हालत गंभीर, सरेआम खूनी खेल

रीवा  पुराने जमीनी विवाद के चलते कई लोगों ने मिलकर एक युवक पर हमला कर दिया. मारपीट की इस घटना में युवक गंभीर रूप से घायल है, जिसे उपचार के लिए रीवा के संजय गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया है. घटना सिरमौर की बताई जा रही है. पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर संदिग्धों को गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू कर दी है.घटना के संबंध में घायल देवांश पांडे पुत्र अशोक पांडे उम्र 24 वर्ष निवासी वार्ड क्रमांक 15 सिरमौर ने जानकारी दी कि शनिवार को वह ग्राम करारिया में अपने दोस्त के दादा के अंतिम संस्कार में शामिल होने गया था, जहां से शाम करीब साढ़े पांच बजे वह अपनी बाइक से घर लौट रहा था. इस दौरान जैसे ही वह शंकर तालाब के पास पहुंचा, उसके मोबाइल पर कॉल आई, जिससे वह वहीं रुक गया. अप्पू उर्फ ​​नटराज कुशवाहा जितेंद्र कुशवाहा मुनेंद्र कुशवाहा पंकज कुशवाहा अतुल कुशवाहा कुलदीप उर्फ ​​इले कुशवाहा एक राय होकर आए और सभी ने गाली गलौज करते हुए लाठी डंडों व तलबारसे हमला कर दिया जिससे घायल युवक के सिर व शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं. घायल को लहूलुहान हालत में तत्काल उपचार के लिए रीवा के संजय गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया है. घटना की रिपोर्ट सिरमौर थाने में दर्ज कराई गई है. पुलिस ने हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर संदेह के आधार पर तीन लोगों को पूछताछ के लिए थाने लाया है. recent visitors 28

राजा भोज की नगरी भोपाल: जहाँ हरियाली और आधुनिकता साथ चलते हैं

भोपाल जिसे झीलों की नगरी कहा जाता है, भारत के सबसे हरित और स्वच्छ शहरों में से एक है। यह शहर न केवल अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि यहाँ का ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व भी इसे विशेष बनाता है। 11वीं शताब्दी में महान परमार राजा भोज ने इस नगर की नींव रखी और बड़ा तालाब का निर्माण कराया, जो आज भी भोपाल की जल आपूर्ति का मुख्य स्रोत है। उनकी दूरदृष्टि और जल संरक्षण की नीति आज भी प्रासंगिक है। वहीं, रानी कमलापति ने भी इस नगर को संवारने और इसकी रक्षा करने में अहम भूमिका निभाई। समय के साथ भोपाल ने आधुनिकता को अपनाया, लेकिन इसकी हरियाली, तालाबों की स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में किए गए प्रयास इसे अन्य शहरों से अलग बनाते हैं। केरवा और कलियासोत के जंगलों में विचरण करते बाघ, Waste to Wonder जैसी पर्यावरणीय पहलें, नगर निगम का हाउसहोल्ड वेस्ट रीसाइक्लिंग प्लांट और शहर में तेजी से विकसित होती मेट्रो परियोजना, भोपाल को पर्यावरण और विकास के संतुलन का आदर्श मॉडल बनाते हैं। भोपाल की सबसे बड़ी विशेषता इसकी हरियाली और झीलें हैं, जो इसे एक प्राकृतिक स्वर्ग जैसा अनुभव देती हैं। राजा भोज द्वारा निर्मित बड़ा तालाब और छोटा तालाब शहर के केंद्र में स्थित हैं और हजारों प्रवासी पक्षियों के लिए ठिकाना बने हुए हैं। ये जल स्रोत शहर की जलवायु को संतुलित रखने के साथ-साथ जैव विविधता को भी बढ़ावा देते हैं। इन झीलों के संरक्षण के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं, जिसमें झील किनारे कचरा प्रबंधन, जल को शुद्ध बनाए रखने और अवैध अतिक्रमण रोकने के लिए सख्त नियम लागू किए गए हैं। केरवा और कलियासोत के जंगल भोपाल की हरित संपदा को और अधिक समृद्ध बनाते हैं, जहाँ बाघों और अन्य वन्य जीवों की बढ़ती संख्या इस बात का प्रमाण है कि शहर ने शहरीकरण के बावजूद अपने प्राकृतिक संसाधनों को संरक्षित रखा है। शहर में पर्यावरण संरक्षण और जागरूकता फैलाने के लिए कई प्रभावी योजनाएँ चलाई जा रही हैं। भोपाल नगर निगम द्वारा संचालित हाउसहोल्ड वेस्ट रीसाइक्लिंग प्लांट पर्यावरण की सुरक्षा में एक अहम योगदान दे रहा है। इस प्लांट के माध्यम से घरेलू कचरे को पुनः उपयोगी बनाया जाता है, जिससे पर्यावरण प्रदूषण को कम करने में सहायता मिलती है। इसके अलावा, Waste to Wonder प्रोजेक्ट के तहत शहर के कई चौराहों पर पुराने कबाड़ से बनी रेडियो, गिटार और अन्य कलाकृतियाँ लगाई गई हैं, जो न केवल शहर की सुंदरता बढ़ाती हैं बल्कि लोगों को रीसाइक्लिंग के प्रति जागरूक भी करती हैं। विकास के दृष्टिकोण से भोपाल में कई आधुनिक परियोजनाएँ चलाई जा रही हैं, जिनमें सबसे महत्वपूर्ण है भोपाल मेट्रो परियोजना। यह परियोजना शहर की यातायात व्यवस्था को अधिक सुगम और पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। मेट्रो के संचालन से निजी वाहनों की संख्या में कमी आएगी, जिससे वायु प्रदूषण भी कम होगा। इसी तरह, भीमराव अंबेडकर ब्रिज शहर के प्रमुख यातायात मार्गों में से एक है, जो सुगम यातायात व्यवस्था का उदाहरण प्रस्तुत करता है। हालाँकि, भोपाल को और अधिक पर्यावरण-अनुकूल बनाने के लिए अभी भी कई सुधार किए जा सकते हैं। जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए अधिक से अधिक वर्षा जल संचयन (Rainwater Harvesting) की व्यवस्था की जानी चाहिए। सार्वजनिक परिवहन को और अधिक प्रभावी बनाया जाए ताकि लोग निजी वाहनों का कम उपयोग करें, जिससे वायु प्रदूषण को रोका जा सके। इसके अलावा, शहर में वृक्षारोपण अभियानों को बढ़ावा देकर हरियाली को और अधिक विस्तारित किया जा सकता है। कुल मिलाकर, भोपाल वह शहर है, जहाँ इतिहास, प्रकृति और आधुनिकता का अद्भुत मेल देखने को मिलता है। राजा भोज और रानी कमलापति की ऐतिहासिक धरोहर से लेकर, हरे-भरे जंगलों, तालाबों, बाघ संरक्षण परियोजनाओं, Waste to Wonder प्रोजेक्ट, हाउसहोल्ड वेस्ट रीसाइक्लिंग प्लांट और मेट्रो निर्माण तक, यह शहर पर्यावरण और विकास के बीच संतुलन बनाए रखने में सफल हो रहा है। यदि इन प्रयासों को और अधिक प्रभावी ढंग से लागू किया जाए और आम नागरिक भी इसमें सक्रिय रूप से भाग लें, तो भोपाल न केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक आदर्श पर्यावरण-अनुकूल स्मार्ट सिटी बन सकता है, जहाँ हरियाली और आधुनिकता साथ-साथ आगे बढ़ें। recent visitors 59

यूनियन कार्बाइड के कचरे को जलाने का दूसरा परीक्षण पूरा, 20 मिनट देरी से जला यूनियन कार्बाइड का कचरा

धार यूनियन कार्बाइड के कचरे को जलाने का दूसरा परीक्षण शनिवार रात को पूरा हो गया। यह परीक्षण मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (MPPCB) की निगरानी में संपन्न हुआ। इस परीक्षण में 10 टन कचरा जलाया गया। परीक्षण के दौरान उत्सर्जन स्वीकार्य सीमा में रहा। MPPCB के क्षेत्रीय अधिकारी श्रीनिवास द्विवेदी ने बताया कि दूसरा चरण 6 मार्च को सुबह 11 बजे शुरू हुआ था और शनिवार, 8 मार्च को शाम 7:01 बजे समाप्त हो गया। इस दौरान लगभग 10 टन कचरा जलाया गया। द्विवेदी ने बताया, "इंटरनेट सेवा बाधित होने के कारण कचरे को जलाने की प्रक्रिया में करीब 20 मिनट की देरी हुई।" पर्यावरण को लेकर क्या कहा? परीक्षण के दौरान उत्सर्जन का स्तर स्वीकार्य सीमा के अंदर रहा। अधिकारियों ने बताया कि वायु गुणवत्ता की जांच के लिए विभिन्न स्थानों पर उपकरण लगाए गए हैं। इन उपकरणों से प्राप्त आंकड़ों का विश्लेषण किया जा रहा है। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कचरा जलाने से पर्यावरण को कोई नुकसान न हो। 1984 में हुई थी गैस त्रासदी गौरतलब है कि 2 और 3 दिसंबर 1984 को भोपाल गैस त्रासदी के बाद यह कचरा तभी से पड़ा हुआ था। इस त्रासदी में यूनियन कार्बाइड के कारखाने से जहरीली मिथाइल आइसोसाइनेट (MIC) गैस का रिसाव हुआ था। इस हादसे में हजारों लोगों की जान गई थी और लाखों लोग प्रभावित हुए थे। recent visitors 55

रोहित शर्मा को बैटिंग करते हुए गले में हुई दर्द और खाशी, स्टेडियम में बैठी रितिका का दिल बैठ गया

दुबई आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के फाइनल मुकाबले में टीम इंडिया के कप्तान रोहित शर्मा ने अपनी तूफानी बैटिंग से धूम मचा दी। दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में न्यूजीलैंड के खिलाफ 252 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी टीम इंडिया के लिए रोहित ने सिर्फ 41 गेंद में अपना अर्धशतक पूरा किया। हालांकि, उससे पहले टीम इंडिया की पारी के चौथे ओवर की दूसरी गेंद पर रोहित शर्मा अचानक खांसने लगे। डगआउट से फौरन रोहित शर्मा के लिए पानी लाया गया। रोहित को लगातार खांसी होती रही, जिसके कारण कुछ समय के लिए खेल को रोकना पड़ा। इस दौरान स्टेडियम में बैठकर मैच देख रही उनकी वाइफ रितिका बुरी तरह से परेशान हो गईं। उनका चेहरा टेंशन के मारे पूरी तरह से उतर गया था। हालांकि, पानी पीने के बाद रोहित ने अच्छा महसूस किया और उसके बाद उन्होंने खेल को आगे बढ़ाया। रोहित शर्मा ने जैसे ही दोबारा बल्लेबाजी शुरू की उसके बाद रितिका के चेहरे पर मुस्कान लौट आई। recent visitors 50

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ओंकारेश्वर में माँ नर्मदा की पूजा-अर्चना कर प्रदेश की समृद्धि की कामना की

भोपाल   मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को ओंकारेश्वर के ब्रह्मपुरी घाट पर माँ नर्मदा की पूजा-अर्चना की। उन्होंने "अमृतस्य माँ नर्मदा पद परिक्रमा" कार्यक्रम में सपरिवार सम्मिलित होकर जीवनदायिनी माँ नर्मदा का आशीर्वाद प्राप्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों के सुख-शांति और समृद्धि की कामना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया 'एक्स' पर कहा कि उन्होंने पुण्य सलिला नर्मदा मैया से मध्यप्रदेश पर कृपा बनाये रखने की प्रार्थना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों से माँ नर्मदा के संरक्षण और संवर्धन के लिए संकल्प लेने का आह्वान भी किया है।   recent visitors 44