Tuesday, July 7, 2026 6:32 pm

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ओंकारेश्वर में बनने वाले शिव पंचायतन मंदिर के निर्माण स्थल का किया निरीक्षण

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को मान्धाता पर्वत पर स्थापित आचार्य शंकराचार्य की 108 फ़ीट ऊँची बहुधातु की प्रतिमा के दर्शन करने एकात्म धाम पहुँचे। आगमन पर बटुकों ने मंत्रोच्चार के साथ मुख्यमंत्री डॉ. यादव का स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आचार्य शंकराचार्य की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें प्रणाम किया। उन्होंने एकात्म धाम ओंकारेश्वर में बनने वाले शिव पंचायतन मंदिर के निर्माण स्थल का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एकात्म धाम के चरणबद्ध विकास पर आधारित प्रेजेंटेशन भी देखा। इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती पिंकी वानखेड़े, महापौर श्रीमती अमृता यादव, संभागायुक्त श्री दीपक सिंह, आईजी श्री अनुराग कुमार, कलेक्टर श्री ऋषव गुप्ता, पुलिस अधीक्षक श्री मनोज कुमार राय सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि एवं अधिकारीगण उपस्थित थे। recent visitors 24

राज्यपाल पटेल ने अंगदान जनजागृति कार रैली को राजभवन से हरी झंडी दिखा किया रवाना

भोपाल राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने ऑर्गन डोनेशन कार रैली को हरी झंडी दिखाकर राजभवन से रवाना किया। रैली का आयोजन जी.एम.सी एल्यूमनी एसोसिएशन और किरण फाऊंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में किया गया था। राज्यपाल श्री पटेल ने राजभवन में अंगदाताओं के परिजनों को सम्मानित किया। इस अवसर पर सांसद श्री आलोक शर्मा मौजूद थे। राज्यपाल श्री पटेल ने राजभवन के गेट नंबर एक से वाहन रैली को रवाना किया। उन्होंने देहदानी डॉ. एस.आर. मोघे, देहदानी, नेत्रदानी मीरा गोहिया, नेत्रदानी गणेश कुमार पटेल, नेत्रदानी, देहदानी राम कृपाल सिंह, नेत्रदानी आशा देवी लोकवानी, नेत्रदानी चंद्र भूषण सिंह और नेत्रदानी, देहदानी राधेश्याम पटेल के परिजनों को सम्मानित किया।   recent visitors 44

महिला पत्रकारों को मुख्यमंत्री साय ने किया सम्मानित, महिलाओं के सशक्तिकरण पर दिया बल

 रायपुर मुख्यमंत्री निवास में महिला पत्रकारों का सम्मान समारोह आयोजित किया गया. इस समारोह में तमाम महिला पत्रकारों का सम्मान किया गया. इस दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने राजनीतिक सफर के बारे में पत्रकारों से बातचीत की और पंच से लेकर मुख्यमंत्री बनने तक के सफर के बारे में बताया. इस दौरान एक वर्षों पुराना वाक्या सामने आया, जिसने सभी के चेहरे पर मुस्कान ला दी. हुआ कुछ यूं कि मुख्यमंत्री का उनके राजनीतिक करियर का पूरा सफर बताने के बाद एक भाजपा महिला नेत्री खड़ी हुई और उन्होंने ये कहा कि इस सफर की चर्चा में मुख्यमंत्री जी एक वाक्या बताना भूल गए. भाजपा नेत्री डॉ किरण ने कार्यक्रम के दौरान बताया कि उन्होंने अपने पिता जी से पटवा सरकार ( अविभाजीत मध्यप्रदेश सरकार) के कई किस्से सुने. इसमें सदन के अंदर का एक किस्सा उन्होंने सुना कि जब पहली बार मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय विधायक बने तो उनकी उम्र 26 वर्ष थी और महिला विधायकों में तत्कालीन विधायक रंजना बघेल सबसे युवा महिला विधायक थी. तो सदन एक बार किसी विधायक ने ये कहा था कि आप दोनो की शादी करवा देनी चाहिए. हालांकि इसके बाद महिला नेत्री ने ये भी कहा कि मुख्यमंत्री उनकी पत्नी श्रीमती कौशल्या देवी के नसीब में थे, इसलिए 7 जन्मों का रिश्ता अब उनके साथ जुड़ गया है. मुख्यमंत्री बोले- नारीशक्ति से मीडिया के चौथे स्तंभ को मजबूती मिलती है मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने महिला पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि मीडिया लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है और नारीशक्ति से इसे और भी मजबूती मिलती है. इस मौके पर न्यूज 24 MP-CG और लल्लूराम डॉट कॉम की प्रोडक्शन हेड ज्योति सिंह, कंटेंट एडिटर त्रिशा अग्रवाल और प्रियंका साहू समेत तमाम महिला पत्रकारों को भी सीएम साय ने सम्मानित किया. पत्रकारों ने मुख्यमंत्री से महिला सुरक्षा को लेकर भी चर्चा की और उनके लिए अलग से एक टूर प्लान करने की अपील की. वहीं इस दौरान वरिष्ठ पत्रकार श्रीमती ज्योति सिंह ने कहा कि वरिष्ठ पत्रकारों को मिलने वाली सम्मान निधि की योजना के दायरे को शासन को बढ़ाना चाहिए. उन्होंने कहा कि इसका लाभ वर्तमान में बहुत कम पत्रकारों को ही मिल पाता है, इसलिए इसके दायरे को बढ़ाने से अन्य वरिष्ठ पत्रकारों को भी इसका लाभ मिल सकेगा. recent visitors 51

महाकुंभ में आयोजित इस राष्ट्रीय स्तर की प्रदर्शनी में खादी उत्पादों की कुल बिक्री 12.02 करोड़ रुपये तक पहुंच गई

प्रयागराज प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ के दौरान खादी और ग्रामोद्योग उत्पादों की बिक्री ने नया कीर्तिमान स्थापित किया। 14 जनवरी से 27 फरवरी, 2025 तक आयोजित इस राष्ट्रीय स्तर की प्रदर्शनी में खादी उत्पादों की कुल बिक्री 12.02 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। यह जानकारी सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय के खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) के अध्यक्ष मनोज कुमार ने दी। प्रदर्शनी में कुल 98 खादी स्टॉल और 54 ग्राम उद्योग स्टॉल लगाए गए थे। इन स्टॉल्स पर खादी उत्पादों की कुल बिक्री 9.76 करोड़ रुपये तक पहुंची, जबकि ग्राम उद्योग उत्पादों की बिक्री 2.26 करोड़ रुपये रही। पीएम नरेंद्र मोदी की ‘खादी क्रांति’ के प्रभाव के कारण इस वर्ष बिक्री में अभूतपूर्व वृद्धि देखी गई। ‘नए भारत के लिए नई खादी’ अभियान को बढ़ावा खादी को बढ़ावा देने के लिए ‘नए भारत के लिए नई खादी’ अभियान को और मजबूती दी गई। इसी कड़ी में, केवीआईसी अध्यक्ष मनोज कुमार ने दिल्ली स्थित केवीआईसी के राजघाट कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए छह राज्यों के 205 मधुमक्खी पालकों को 2,050 मधुमक्खी बक्से, शहद की बस्तियाँ और टूलकिट वितरित किए। ‘मीठी क्रांति’ को बढ़ावा देने का प्रयास खादी के साथ-साथ ‘मीठी क्रांति’ को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण के तहत मधुमक्खी पालन को प्रोत्साहित किया जा रहा है। 2017 में शुरू किए गए ‘हनी मिशन’ के तहत अब तक 20,000 से अधिक लाभार्थियों को दो लाख से ज्यादा मधुमक्खी बक्से और बस्तियाँ प्रदान की जा चुकी हैं। मधुमक्खी पालन क्यों है जरूरी? मधुमक्खी पालन न केवल किसानों की आय बढ़ाने का एक जरिया है बल्कि इससे देश शहद उत्पादन में आत्मनिर्भर भी बन सकता है। एमएसएमई मंत्रालय के अनुसार, मधुमक्खी के मोम की मांग दवा, खाद्य, कपड़ा और कॉस्मेटिक उद्योगों में बहुत अधिक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ‘मन की बात’ कार्यक्रम में मधुमक्खी पालन से होने वाले लाभों पर चर्चा की थी। खादी और ग्रामोद्योग क्षेत्र की बढ़ती उपलब्धियां केवीआईसी अध्यक्ष ने बताया कि पिछले 10 वर्षों में खादी और ग्रामोद्योग क्षेत्र में पांच गुना वृद्धि दर्ज की गई है। खादी और ग्रामोद्योग उत्पादों की कुल बिक्री 31,000 करोड़ रुपये से बढ़कर 1,55,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। खादी परिधानों की बिक्री में भी जबरदस्त उछाल आया है, जो 1,081 करोड़ रुपये से बढ़कर 6,496 करोड़ रुपये हो गई है। रोजगार सृजन में खादी का योगदान खादी और ग्रामोद्योग क्षेत्र ने बीते वित्तीय वर्ष में 10.17 लाख नए रोजगार उत्पन्न किए हैं। पिछले एक दशक में खादी कारीगरों की आय में 213 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। खास बात यह है कि इस क्षेत्र में 80 प्रतिशत से अधिक रोजगार महिलाओं के लिए सृजित हुए हैं। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के मद्देनजर, विशेषज्ञों का मानना है कि खादी और ग्रामोद्योग क्षेत्र को निरंतर बढ़ावा देने से देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और लाखों लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। recent visitors 53

मोदी ने अपनी मां के संघर्षों से बहुत कुछ सीखा और यही मूल्य उनके कार्यों में दिखाई देते हैं, उनकी योजनाओं से बदला भारत

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए महिला सशक्तिकरण सिर्फ एक नारा नहीं है, बल्कि यह उनके जीवन के महत्वपूर्ण मूल्यों में शामिल रहा है। मोदी ने अपनी मां के संघर्षों से बहुत कुछ सीखा और यही मूल्य उनके कार्यों में दिखाई देते हैं। उन्होंने हमेशा महिलाओं के लिए अवसरों को बढ़ावा दिया और उन्हें नेतृत्व की भूमिकाओं में स्थान दिलाने के लिए संघर्ष किया। भले ही वह आरएसएस प्रचारक के तौर पर काम कर रहे थे, भाजपा के नेता बने या फिर प्रधानमंत्री बने, मोदी ने हमेशा महिलाओं के लिए नए रास्ते खोले। उन्होंने पार्टी में महिलाओं के अधिक प्रतिनिधित्व के लिए 30% आरक्षण सुनिश्चित किया और यह सुनिश्चित किया कि महिलाएं केवल प्रतीकात्मक रूप से न हो, बल्कि वास्तविक नेतृत्व की भूमिकाएं निभाएं। कई महत्वपूर्ण योजनाओं की शुरुआत की गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए मोदी ने महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाओं की शुरुआत की। उन्होंने गुजरात में महिला सरपंचों को सशक्त किया और महिलाओं के लिए सुरक्षित और आर्थिक रूप से समृद्ध वातावरण बनाने के लिए कई पहल की। 2006 में, उन्होंने महिलाओं के लिए एक व्यापक नारी गौरव नीति शुरू की, जो उनके स्वास्थ्य, सुरक्षा और सामाजिक स्थिति को सुधारने पर केंद्रित थी। प्रधानमंत्री बने तो महिलाओं को सशक्त किया इसके बाद, जब मोदी प्रधानमंत्री बने तो उन्होंने कई योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को सशक्त किया। स्वच्छ भारत मिशन, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना जैसी योजनाएं खास तौर पर महिलाओं के कल्याण के लिए बनाई गईं। इसके अलावा, पीएम आवास योजना ने महिलाओं को घर देने में अहम भूमिका निभाई और महिला सशक्तिकरण के लिए कई अन्य योजनाओं का शुभारंभ किया गया। मोदी के कार्यकाल में महिला को वित्त मंत्री का सम्मान मिला प्रधानमंत्री मोदी ने महिलाओं को सिर्फ लाभार्थी के रूप में नहीं, बल्कि नेता और निर्णयकर्ता के रूप में देखा। उनके द्वारा किए गए नारी शक्ति वंदन अधिनियम के जरिए अब लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में एक तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की गई हैं। इसके अलावा, देश को पहली महिला वित्त मंत्री का सम्मान भी प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में मिला। इस महिला दिवस पर, हम प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण की यात्रा को मान्यता देते हैं, जो भारत को एक विकसित राष्ट्र की ओर ले जा रही है।   recent visitors 50

जीन हैकमैन, उनकी पत्नी और पालतू कुत्ता कुछ दिन पहले हुई मृत्यु, अब जाकर हुआ खुलासा कैसे हुई थी कपल की मौत

लॉस एंजिल्स ऑस्कर विनिंग हॉलीवुड स्टार जीन हैकमैन, उनकी पत्नी और पालतू कुत्ता कुछ दिन पहले अपने घर पर मृत पाए गए थे। उनकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। पुलिस तुरंत ही इस मामले की जांच में जुट गई थी। तब तक कपल की मौत के कारणों को पता नहीं चल सका था। लेकिन अब एक बड़ा खुलासा हुआ है। पता चला है कि जीन हैकमैन की मौत हार्ट डिजीज के कारण हुई। यही नहीं, मरने से पहले वह एक हफ्ते तक पत्नी बैट्सी हैकमेन की लाश के साथ रहे। 'सेंटा फी' के लोकल मीडिया के अनुसार, मेडिकल एग्जामिनर ने बताया कि पत्नी बैटसी के हंतावायरस पल्मोनरी सिंड्रोम से मौत के बाद जीन हैकमैन एक हफ्ते तक जीवित रहे। यह सिंड्रोम चूहों द्वारा फैलाया जाता है। रुटीन चेकअप के दौरान जीन हैकमैन, उनकी पत्नी और पालतू कुत्ता 26 फरवरी को मैक्सिको स्थित अपने घर में अलग-अलग कमरों में मृत पाए गए। एडवांस्ड अल्जाइमर्स और दिल की बीमारी बनी मौत की वजह रिपोर्ट के मुताबिक, मेडिकल एग्जामिनर ने यह भी बताया कि जीन हैकमैन अल्जाइमर्स की एडवांस्ड स्टेज से जूझ रहे थे, और हो सकता है कि इस कारण उन्हें पत्नी की मौत का पता न चला हो। 95 वर्षीय जीन हैकमैन के निधन की वजह सिर्फ हार्ट डिजीज ही नहीं, बल्कि अल्जाइमर्स भी रहा। जीन हैकमैन की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में क्या? वहीं, जीन हैकमैन की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में भी यह बात सामने आई कि एक्टर को एडवांस्ड अल्जाइमर्स था। अधिकारियों के मुताबिक, इसी वजह से एक्टर इस बात से अनजान रहे होंगे कि उनकी पत्नी की hantavirus pulmonary syndrome से मौत हो चुकी है, जो चूहों के जरिए फैलती है। बताया जा रहा है कि पत्नी की मौत के एक हफ्ते बाद तक जीन हैकमैन घर में उनकी लाश के साथ रहे। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के मुताबिक, जीन हैकमैन के पेट में भोजन का कोई अवशेष नहीं था, और शरीर में पानी की भी कोई कमी नहीं थी। 11 फरवरी तक जिंदा थी जीन हैकमैन की पत्नी जीन हैकमैन को पेसमेकर भी लगा था, और बताया जा रहा है कि 17 फरवरी को उनकी जांच भी की गई थी। इसमें कुछ गड़बड़ी सामने आई। इसी के आधार पर अधिकारियों का कहना है कि पहले बैट्सी हैकमैन की मौत हुई, और उसके बाद पति की। बैट्सी 11 फरवरी तक जिंदा थीं। recent visitors 46

उज्जैन महाकाल की तर्ज पर तीर्थ नगरी ओंकारेश्वर को भी भव्य स्वरूप दिया जाएगा: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

खंडवा, ओंकारेश्वर तीर्थ नगरी ओंकारेश्वर में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने परिवार सहित मां नर्मदा की पूजा-अर्चना, आरती करने के पश्चात संतों की उपस्थिति में धर्म सभा को संबोधित किया। अपने गुरु संत विवेक मिश्रा की अमृतस्य नर्मदा पद परिक्रमा के समापन के अवसर पर तीर्थ नगरी ओमकारेश्वर पहुंचे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन महाकाल की तर्ज पर तीर्थ नगरी ओंकारेश्वर को भी भव्य स्वरूप दिया जाएगा। यहां ओंकारेश्वर लोक बनाया जाएगा। नर्मदा परिक्रमा स्थल को व्यवस्थित रूप से उसका सौन्दर्यीकरण किया जाएगा, मां नर्मदा की शुद्धता बनी रहे इस और प्रयास किए जाएंगे।   सीएम ने कहा- नर्मदा तटों पर स्वच्छता बनाए रखें मां नर्मदा के तटों पर पौधारोपण कर स्वच्छता बनाए रखें। रासायनिक दवा का काम से कम उपयोग करें, जिससे मां नर्मदा प्रदूषण होने के साथ ही जनजीवन पर भी इसका विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। प्रदेश में जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि घोषणा के अनुरूप धार्मिक तीर्थ क्षेत्रो में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देना और यह कार्य हम सरकार के माध्यम से कर रहे हैं। एक अप्रैल से शराब दुकान का संचालन बंद होगा। ओंकारेश्वर में अब शराब नहीं बिकेगी। दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए गोपालन जरूरी मांसाहार खाने वालों का मुंह नहीं बंद कर सकते, लेकिन जो लोग उसे पसंद नहीं करते हैं उन्हें वह चीज़ दिखे नहीं इसकी भी चिंता करें। खुले में मांस न बिके, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए गोपालन जरूरी है। कर्म के माध्यम से जनता की सेवा में लगे हैं हम सब गौ माता की रक्षा सुरक्षा करें। साधु संत अध्यात्म के माध्यम से अपना एवं हम सब का कल्याण कर रहे हैं, और हम सरकार के माध्यम से, कर्म में ही धर्म है। कर्म के माध्यम से हम जनता की सेवा में लगे हुए हैं। सरकार भी त्योहारों में हो रही शामिल फागुन का यह माह रंगों और गुलाल का त्योहार है। हम सब के जीवन में आपसी सद्भाव रंगों के माध्यम से सदैव बना रहे। हमारे सभी धार्मिक त्योहारों को हम सब मनाते आ रहे हैं, लेकिन अब सरकार भी इन त्योहारों में शामिल हो रही है। नर्मदा क्षेत्र के अलीराजपुर और झाबुआ में मनाए जाने वाले भगोरिया पर्व को भी सरकार उत्साह से आयोजित करेगी। धर्म सभा को संबोधित करते हुए संत विवेक जी ने कहा कि हमारी प्राचीन धनवारों धर्मस्थलों की रक्षा करना हम सबका दायित्व है मां नर्मदा का जल शुद्धता के साथ सतत बहता रहे और परिक्रमा स्थल व्यवस्थित रूप से बना रहे ताकि परिक्रमा वासियों को कोई तकलीफ ना हो। नर्मदा परिक्रमा एवं तीर्थ की रक्षा के लिए प्रदेश की सरकार लगातार कार्य कर रही है इसके लिए मैं मुख्यमंत्री जी को धन्यवाद भी देता हूं। recent visitors 60