प्रदेश पुलिस ने 18 दिनों के अंदर दूसरी मुठभेड़ एक और नक्सली को मार गिराया

मंडला। मध्य प्रदेश पुलिस ने 18 दिनों के अंदर दूसरी मुठभेड़ एक और नक्सली को मार गिराया है। मंडला जिले में पुलिस बल, हाकफोर्स और नक्सलियों के बीच रात कान्हा नेशनल पार्क के चिमटा के जंगल में आमना-सामना हो गया। रात आठ बजे के करीब पुलिस ने एक पुरुष नक्सली को मार गिराया। आईजी संजय कुमार के मुताबिक जंगल में बल और नक्सलियों के बीच चली फायरिंग में एक नक्सली मारा गया है। पुलिस ने शव बरामद कर लिया है। रात हो जाने के कारण शव की शिनाख्त नहीं हो सकी है। राशन लेने के लिए नक्सली गांव में आए थे आज पता चल सकेगा कि नक्सली किस दलम में सक्रिय था और उस पर कितना इनाम था। पुलिस सूत्रों के अनुसार राशन लेने के लिए नक्सली गांव में आए थे, इसी दौरान पुलिस से उनका सामना हो गया। पुलिस ने दो अन्य सहयोगियों को भी पकड़ा है। फरवरी 2021 में भी हुई थी मुठभेड़ घना जंगल होने के कारण सर्चिंग अभियान तेज किया गया है। मौके पर अतिरिक्त बल भी भेजा गया है। बता दें कि 12 फरवरी 2021 को मंडला जिले के मोतीनाला थाना क्षेत्र के ग्राम लालपुर में पुलिस और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में माओवादी मैनू और गीता मारे गए थे। तीन साल में 17 नक्सली ढेर नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत बालाघाट पुलिस को पिछले तीन सालों में बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस, हाकफोर्स और सीआरपीएफ की संयुक्त कार्रवाई ने अगस्त 2022 से 19 फरवरी 2025 तक कुल 17 नक्सलियों को मार गिराने में सफलता दर्ज की है। इनमें सभी नक्सली इनामी और अधिकतर हार्डकोर थे। 19 फरवरी को पुलिस ने गढ़ी थाना क्षेत्र में सूपखार के रौंदा जंगल में चार हार्डकोर महिला नक्सली आशा, शीला, रंजीता और लख्खे मड़ावी को मुठभेड़ में मार गिराया था। इन चारों नक्सलियों पर 62 लाख रुपये का इनाम था। 2022 से अब तक मारे नक्सलियों के पास से पुलिस ने मुठभेड़ में तीन एके-47 बरामद की है। recent visitors 63

7 से ज्यादा कांग्रेसी घायल, विधानसभा घेराव के लिए एकजुट हुए थे

भोपाल  आज से बजट सत्र का आगाज है। 12 मार्च को वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा बजट पेश करेंगे। उससे पहले ही विपक्ष विरोध प्रदर्शन के मूड में आ गया। विपक्ष की मांग है कि प्रदेश बजट सत्र को और आगे बढ़ाया जाए। इसके लिए सभी नेताओं ने प्रदर्शन का अनोखा तरीका अपनाया। सभी के चेहरे पर काला कपड़ा था तो हाथों में तख्तियां दिखीं। मध्यप्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन भोपाल में किसान कांग्रेस विधानसभा का घेराव करने इकट्ठा हुई। रंगमहल चौराहे पर प्रदर्शन के बीच कांग्रेस का मंच टूट गया। जानकारी के मुताबिक 10 से ज्यादा कांग्रसी घायल हुए हैं। एमपी बजट सत्र के पहले दिन विपक्षी पार्टियों की मांग है कि इस बार का बजट सत्र आगे बढ़ाया जाए। इसके लिए सभी विपक्षी नेता सफेद कपड़ा पहने, मुंह को काले कपड़े से ढंका हुए दिखाई दिए। हाथों में उनके तख्तियां भी थीं, जिसपर लिखा था कि विधानसभा सत्र की अवधि बढ़ाई जाए। इसके अलावा उनका आरोप है कि बीजेपी सदन नहीं चला रही है, मुंह छिपा रही है। ना की थोड़ी देर बाद ही किसान कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने आगे बढ़ने का प्रयास शुरू कर दिया है। पुलिस लगातार वाटर कैनन बल के प्रयोग से इनको पीछे हटाने की कोशिश कर रही है। बता दें कि आज से मध्य प्रदेश के बजट सत्र की शुरुआत है। राज्यपाल मंगूभाई पटेल के अभिभाषण से सत्र की शुरुआत होगी। इस बार 12 मार्च को पेश होने वाले बजट को क्यूआर कोड स्कैन कर भी पूरा पढ़ा जा सकेगा। इसके लिए सरकार ने व्यवस्था कर दी है। इसके अलावा 2025 का प्रदेश बजट 4 लाख करोड़ से ऊपर जाने का अनुमान है। वित्त मंत्री और डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा बजट पेश करेंगे। recent visitors 48

आंचलिक पत्रकार संघ संभागीय सम्मेलन संपन्न

मंदसौर दिनांक 09.03.25को पिपलिया मंडी की कृषि उपज मंडी में आयोजित किया गया अतिथियों द्वारा माता सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण किया गया इसके पश्चात सभी सम्माननीय अतिथियों का स्थानीय पत्रकारों द्वारा पुष्प माला से हार्दिक स्वागत किया गया।इस कार्यक्रम में उज्जैन संभाग के सभी पदाधिकारियों ने भाग लिया।संभागीय अध्यक्ष श्री रमेश जी टांक की अध्यक्षता में तथा माननीय राज्य सभा सदस्य श्री बंशीलाल जी गुर्जर के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुआ।इस अवसर पर सभी  अतिथियों ने अपने अपने विचार व्यक्त किए पत्रकारों को अपने दायित्वों को ईमानदारी से निर्वहन करना चाहिए तथा बेबाकी से समाज की विकृतियों और भ्रष्टाचार को उजागर करना चाहिए।सभी विद्वान पत्रकारों द्वारा अपने विचार व्यक्त किए।कार्यक्रम के दौरान स्थानीय साहित्य कार श्री पंकज शर्मा "तरुण "की पुस्तक दोहा दर्शन तथा श्री भगवती प्रसाद गहलोत की गद्य पुस्तक चौकन्ने रहकर जीवन सफल बनाएं का विमोचन किया गया।भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष श्री राजेश जी दीक्षित, श्री प्रमोद रामावत प्रमोद,सुरेश सन्नाटा श्री बाबूलाल नगर रामेश्वर फरक्या आदि वरिष्ठ पत्रकारों का सम्मान किया गया।संभागीय सम्मेलन में उपस्थित सभी पत्रकार बंधुओं को पिपलिया मंडी के अध्यक्ष श्री प्रकाश बंसल संभागीय कार्य. अध्यक्ष श्री जगदीश पंडित संभागीय उपाध्यक्ष आंचलिक पत्रकार संघ एवं अध्यक्ष पिपलिया पत्रकार संघ के द्वारा स्मृति चिन्ह भेंट किए गए। स्वरुचि भोज के पश्चात कार्यक्रम संपन्न हुआ। recent visitors 52

मुरैना में हरेंद्र मौर्यकी मौत के मामले में आया नया मोड़, मारपीट के एक वीडियो वायरल

मुरैना मुरैना में रहने वाले हरेंद्र मौर्य ने बीते शनिवार की रात अपने घर में कथित तौर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. रविवार सुबह परिजनों ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया. लेकिन घटना के कुछ समय बाद सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो ने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया. दरअसल, वायरल वीडियो में शहर की गांधी कॉलोनी में रहने वाले हरेंद्र मौर्य को उनकी पत्नी और बेटियां बेरहमी से डंडे से पीटती दिख रही हैं. हरेंद्र मौर्य पलंग पर लेटे हुए दिखाई दे रहे हैं, जहां उनकी पत्नी रचना मौर्य उनके पैर पकड़े हुए हैं. उनकी एक बेटी हाथ पकड़े हुए है, जबकि दूसरी बेटी डंडे से बेरहमी से पिटाई कर रही है. पास बैठे हरेंद्र के छोटे बेटे ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन बड़ी बहन ने उसे भी डंडे का डर दिखाकर चुप करा दिया. इस चौंकाने वाले वीडियो के सामने आने के बाद पुलिस ने जांच का रुख बदल दिया है. मृतक का पोस्टमॉर्टम अब ग्वालियर मेडिकल कॉलेज के बोर्ड से कराया जाएगा. CSP मुरैना दीपाली चंदोलिया ने बताया, "गांधी कॉलोनी निवासी हरेंद्र मौर्य की आत्महत्या की सूचना मिली थी. मौके पर सिटी कोतवाली पुलिस ने जांच शुरू की और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा. लेकिन वायरल वीडियो ने मामले को उलट दिया. इसमें मृतक के परिजन (पत्नी, दो बेटियां और मां) उसकी मारपीट करते दिख रहे हैं. वीडियो के आधार पर सभी से पूछताछ की जा रही है और शव का पोस्टमॉर्टम ग्वालियर मेडिकल बोर्ड से कराया जा रहा है." पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि क्या मारपीट के कारण ही हरेंद्र ने यह कदम उठाया? इस घटना ने इलाके में सनसनी फैला दी है और सोशल मीडिया पर वीडियो की चर्चा हो रही है. recent visitors 42

औरंगजेब की कब्र पर चलना चाहिए बुलडोजर, विवाद पर क्या बोले शिवाजी के वंशज

मुंबई महाराष्ट्र के संभाजीनगर में औरंगजेब की कब्र को हटाने की मांग ने जोर पकड़ लिया है. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस सहित कांग्रेस, शिवसेना एमएनएस सभी ने एक सुर में इसका समर्थन किया है.    मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि औरंगजेब की कब्र को हटाने की इच्छा हमारी भी है, लेकिन यह संरक्षित स्थल है. कांग्रेस सरकार के समय इसे भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) से संरक्षण मिला था. वहीं कांग्रेस ने इसका जवाब देते हुए बीजेपी पर निशाना साधा है. कांग्रेस नेता नाना पटोले ने कहा कि देवेंद्र फडणवीस तीन बार मुख्यमंत्री रह चुके हैं. हर बार कांग्रेस पर आरोप लगाना सही नहीं है. मौजूदा स्थिति को देखते हुए सरकार को स्वयं निर्णय लेना चाहिए. हमारे विचार अलग कैसे हो सकते हैं : बीजेपी नेता सुधीर मुंगंटीवार ने कहा, मैंने अफजल  की कब्र से अतिक्रमण हटाया था, तो मेरा इस मुद्दे पर विचार अलग कैसे हो सकता है ? महाविकास अघाड़ी सरकार कब्र बनाए रखना चाहती थी, जबकि हमारी सरकार इसे हटाने के पक्ष में है. औरंगजेब जैसे आक्रमणकारी का महिमामंडन नहीं होना चाहिए. वह रावण के बाद सबसे बड़ा दुष्ट था.शिवसेना नेता शंभूराजे देसाई ने कहा कि हमारी सरकार औरंगजेब की कब्र को हटाने के पक्ष में है. इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री और दोनों उपमुख्यमंत्री केंद्र सरकार से बातचीत करेंगे. किसी को गलत लगने जैसी कोइ बात ही नहीं : शिवेंद्रराजे भोसले शिवेंद्रराजे भोसले ने इस मुद्दे पर स्पष्ट किया,औरंगजेब की कब्र महाराष्ट्र में नहीं रहनी चाहिए. इसमें किसी को गलत लगने जैसी कोई बात नहीं है. इसके साथ ही महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के नेता बाला नांदगांवकर ने इस मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा, शिवाजी महाराज को तकलीफ देने वाले और संभाजी महाराज की हत्या करने वाले औरंगजेब की कब्र की कोई जरूरत नहीं है. इसे जल्द से जल्द हटाया जाना चाहिए.  अबू आजमी के बयान के बाद शुरू हुआ विवाद : अबू आजमी ने औरंगजेब का बचाव करते हुए बयान दिया था कि मैं 17वीं सदी के मुगल बादशाह औरंगजेब को क्रूर, अत्याचारी या असहिष्णु शासक नहीं मानता. इन दिनों फिल्मों के माध्यम से मुगल बादशाह की विकृत छवि बनाई जा रही है. हालांकि इस बयान के बाद से सियासत गर्माने पर अबू आजमी ने स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि मैं शिवाजी महाराज और संभाजी महाराज के खिलाफ बोलने के बारे में सोच भी नहीं सकता. अबू आजमी ने कहा कि मेरे शब्दों को तोड़-मरोड़ कर दिखाया गया है. औरंगजेब के बारे में मैंने वही कहा है जो इतिहासकारों और लेखकों ने कहा है. मैंने छत्रपति शिवाजी महाराज, संभाजी महाराज या अन्य किसी भी महापुरुष के बारे में कोई अपमानजनक टिपण्णी नहीं की है. उन्होंने कहा कि मैं इतना बड़ा नहीं हूं. मैं जो कुछ कहा था, वह असल में किन्हीं इतिहासकारों का व्यक्तव्य था. अगर मेरे इन बयानों की वजह से कोई आहत हुआ तो मैं बिना किसी शर्त के माफी मांगता हूं और अपने बयान को वापस लेता हूं. औरंगजेब पर बयानबाजी को लेकर महाराष्ट्र के ठाणे में उनके खिलाफ केस दर्ज किया गया है.     recent visitors 56

पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में टीकमगढ़ पुलिस ने 24 घंटे के अंदर आरोपियों के चंगुल से छुड़ाकरदोषीयों को किया गिरफ़्तार

पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में टीकमगढ़ पुलिस ने 24 घंटे के अंदर आरोपियों के चंगुल से छुड़ाकरदोषीयों को किया गिरफ़्तार  आरोपियों द्वारा अपरह्नत को छोड़ने के एवज में मांगी गई थी 01 लाख रूपए की फिरौती     चौकी देरी (थाना खरगापुर) अंतर्गत अपहरण की घटना को दिया गया था अंजाम  क्षेत्र कि नाकेबंदी कर  साइबर सेल की सहायता से लगातार की गई सर्चिंग टीकमगढ़ घटना का विवरण – 08.03.25 को फरियादिया सियाबाई पत्नी बच्चालाल तिवारी उम्र 50 साल ने चौकी देरी  में रिपोर्ट लिखाई की कि मेरे पति बच्चालाल तिवारी , लड़का कैलाश तिवारी उम्र 28 साल, आशीष तिवारी उम्र 25 साल को बस स्टैंड देरी से अज्ञात लोगों ने  मारपीट कर अपहरण कर अपने साथ ले गये  रिपोर्ट पर तत्काल चौकी देरी (थाना खरगापुर ) में अपराध क्रमांक 80/25 धारा 140(3),(4) बीएनएस फिरौती हेतु अपहरण का अपराध कायम कर वरिष्ठ अधिकारियो को घटना से अवगत कराया गया।  वरिष्ठ अधिकारियो द्वारा दिये गये निर्देश -पुलिस अधीक्षक टीकमगढ़ श्री मनोहर सिंह मंडलोई द्वारा घटना को गंभीरता से लेते हुए अपरह्नत को बरामद कर आरोपियों की गिरफ़्तारी हेतु अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री सीताराम एवं अनु विभाग अधिकारी श्री राहुल कटरे के मार्गदर्शन एवं  थाना प्रभारी खरगापुर के नेतृत्व में पुलिस टीम का गठन किया गया गठित पुलिस टीम में शामिल चौकी प्रभारी देरी उप निरीक्षक चंदन शाक्य सह पुलिस स्टाफ के साइबर सेल की सहायता से  जिला छतरपुर के अलग अलग क्षेत्र में दबिस देकर कड़ी मेहनत कर गढ़ीमल्हरा से अपहर्तो को दस्तयाब कर 03 आरोपियों को घटना में 02 मोटरसाइकिल सहित  गिरफ्तार किया गया।  अपहृत- 1- बच्चा लाल तिवारी पिता द्वारका प्रसाद तिवारी उम्र 55 साल    2- कैलाश पिता बच्चा लाल तिवारी उम्र 28 साल  3- आशीष पिता बच्चा लाल तिवारी उम्र 25 साल सभी निवासी हाल देरी   गिरफ्तार आरोपियों का विवरण- 1-सिंघ राज पिता काशीप्रसाद पाल उम्र 27 साल 2- काशीप्रसाद पिता कड़ौरे पाल उम्र 51 साल   3- देशराज पिता काशीप्रसाद पाल  उम्र 22 साल   सभी निवासीगण गढ़ी मल्हेड़ा थाना गढ़ी मल्हेड़ा जिला छतरपुर   घटना का कारण-  आरोपी काशीप्रसाद पाल को अपहृत से अनाज बेचने के रूपए लेना थे जिससे आरोपी ने अपने साथियो के साथ मिलकर उक्त अपहरण की साजिस रचकर अपहरण की घटना को अंजाम दिया। आरोपीगणों से जप्त सामग्री- 1- एक पल्सर मोटरसाइकिल MP16 ZA7170 कीमत ₹80 हज़ार 2- 01 डीलक्स मोटरसाईकिल क्र. MP16ZE3319 कीमती ₹50 हजार 3- आरोपीगणो से जब्त अपहृत का मोवाईल कीमती ₹07 हजार  सराहनीय भूमिका- पुलिस की उपरोक्त कार्यवाही में थाना प्रभारी खरगापुर उप निरी मनोज दुबे, चौकी प्रभारी देरी उप निरी चन्दन शाक्य , साइबर सेल प्रभारी उप निरी मयंक नगाइच,प्र आर.रहमान खान, आरक्षक अविनीश यादव , दीपक अहिरवार, अमित अहिरवार की सराहनीय भूमिका रही है । recent visitors 35

‘मैंने 18 करोड़ में फिल्म स्टार को बेच दी अपनी वर्जिनिटी’, लड़की का सनसनीखेज दावा

मैनचेस्टर 22 साल की एक छात्रा ने हैरान कर देने वाला कदम उठाते हुए अपनी वर्जिनिटी बेचने का फैसला किया है. इसके लिए उसने एक एस्कॉर्ट्स से संपर्क किया और उसे अपनी वर्जिनिटी बेचने के बारे में बताया. साथ ही कहा कि संभावित खरीदारों से उसको मिलवाया जाए. उससे भी हैरानी की बात यह है कि उसकी वर्जिनिटी के खरीदारों की लाइन लग गई, आखिर में बोली लगाने पड़ी और एक हॉलीवुड एक्टर ने सबसे बड़ी बोली लगाई. किस-किसने लगाई बोली मैनचेस्टर की रहने वाली लौरा ने दिसंबर 2023 में अपनी वर्जिनिटी बेचने का फैसला किया था. कुछ महीनों बाद उसकी वर्जिनिटी के लिए बोली लगाई गई, जिसमें एक 'बहुत प्रसिद्ध हॉलीवुड एक्टर" ने सबसे ज्यादा रकम (1.7 मिलियन पाउंड यानी 18 करोड़ रुपये से ज्यादा)  देकर यह डील अपने नाम कर ली. इस नीलामी में एक लंदन के राजनेता और दुबई के एक व्यवसायी ने भी हिस्सा लिया था, लेकिन आखिर में हॉलीवुड अभिनेता ने सबसे ऊंची बोली लगाकर जीत हासिल की. मुझे कोई पछतावा नहीं है बोली लगने के बाद एस्कॉर्ट के साथ मिलकर एक तारीख तय की गई, जिस तारीख पर यह 22 साल की लड़की लंदन के एक फाइव-स्टार होटल में अभिनेता से मिलने गई. लौरा का कहना है कि इस फैसले को लेकर उन्हें किसी तरह की झिझक या घबराहट नहीं थी, बल्कि वो इसे लेकर बहुत उत्साहित थी. यहां तक कि एक साल बाद भी वो अपने इस फैसले से पूरी तरह संतुष्ट है और किसी भी तरह का पछतावा महसूस नहीं कर रही. recent visitors 52