पीएमआईएस के अंतर्गत 21 से 24 वर्ष की आयु के एक करोड़ युवाओं को इंटर्नशिप का अवसर

 इंदौर  केंद्रीय बजट 2024-25 में शुरू की गई प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना (पीएमआईएस) के अंतर्गत 21 से 24 वर्ष की आयु के एक करोड़ युवाओं को इंटर्नशिप प्रदान की जानी है। यह योजना 12 महीने की अवधि के लिए विभिन्न उद्योगों में वास्तविक जीवन के कारोबारी माहौल से रूबरू कराएगी। इस योजना को कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय और भारतीय कॉर्पोरेट कानून सेवा (आईसीएलएस) कैडर के अधिकारियों ने कार्यान्वित किया है। अधिकारियों के मुताबिक योजना का उद्देश्य भारत को ‘विश्व की कौशल राजधानी’ बनाना है। आवेदनों की प्रक्रिया शुरू हुई योजना के पायलट चरण को लेकर आवेदनों की प्रक्रिया शुरू हो गई है। दूसरे चरण में भारत के 730 से अधिक जिलों में शीर्ष कंपनियों में एक लाख से भी अधिक इंटर्नशिप के अवसर युवाओं को प्रदान किए जाएंगे। आवेदन करने की अंतिम तिथि 31 मार्च 2025 तक बढ़ा दी गई है। तीन इंटर्नशिप के लिए आवेदन आवेदक अधिकतम तीन इंटर्नशिप के लिए आवेदन कर सकता है। कोई भी उम्मीदवार भारत में कहीं भी किसी भी इंटर्नशिप के लिए आवेदन करने के लिए स्वतंत्र है। क्षेत्रीय कार्यालय अहमदाबाद में आने वाले चार राज्यों में शीर्ष कंपनियों ने 25 हजार 338 इंटर्नशिप अवसर प्रदान किए हैं। 5220 इंटर्नशिप के अवसर अकेले मध्य प्रदेश में ही कुल पांच हजार 220 इंटर्नशिप अवसर हैं, जो देश की शीर्ष कंपनियों द्वारा अलग-अलग जिलों में पेश किए जा रहे हैं। पावर ग्रिड कार्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड, नार्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड, एचडीएफसी बैंक लिमिटेड, जुबिलेंट फुडवर्क्स लिमिटेड और एनएचडीसी लिमिटेड जैसी अग्रणी कंपनियां इस दौर में मध्य प्रदेश में इंटर्नशिप के प्रस्ताव रख रही हैं। उत्तर-पश्चिमी क्षेत्रीय निदेशक की उपनिदेशक अंकिता लाहोटी ने प्रदेश के योग्य युवाओं से https://pminternship.mca.gov.in/ वेबसाइट के माध्यम से आवेदन करने पर जोर दिया है। recent visitors 20

सोनी का पॉप्युलर शो ‘क्राइम पेट्रोल’ फिर से होगा शुरू

नई दिल्ली सोनी एंटरटेनमेंट टीवी पर एक बार फिर से अनूप सोनी पॉप्युलर शो 'क्राइम पेट्रोल' के साथ वापसी कर रहे हैं। इस बार शो में 26 सबसे मुश्किल और दिल दहला देने वाले मर्डर मिस्ट्री, 26 नए केस और 26 नए एपिसोड देखने को मिलेगें। जो सभी दर्शकों को अंत तक बांधे रहेंगे। अनूप सोनी इस शो से लंबे समय से जुड़े हुए हैं। और उन्हें कोई टक्कर नहीं दे सका है। हालांकि अभी इसके प्रीमियर की तारीख सामने नहीं आई है। हर मामले के परत-दर-परत खुलासे के साथ, यह नया सीजन बार-बार एक ही सवाल उठाएगा — आखिर खून किसने किया? वास्तविक घटनाओं से प्रेरित ये केस जटिल जांच प्रक्रियाओं को उजागर करेंगे और कुछ सबसे सनसनीखेज अपराधों के पीछे छिपे खौफनाक सच और अपराधियों को सामने लाएंगे। प्रोमो में अनूप सोनू वादा कर रहे हैं कि इन केसेस के बारे में जानने के बाद दर्शक दंग रह जाएंगे। क्राइम पेट्रोल की वापसी पर अनूप सोनी शो की वापसी को लेकर अनूप सोनी ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा, 'क्राइम पेट्रोल हमेशा से अपनी रोमांचक कहानी के कारण दर्शकों का पसंदीदा रहा है। नया सीजन दर्शकों को अंत तक बांधे रखने का वादा करता है, क्योंकि हर एपिसोड में सस्पेंस अपने चरम पर होगा। वास्तविक घटनाओं से प्रेरित ये एपिसोड सबसे जटिल हत्या के मामलों को सुलझाकर असली अपराधी को बेनकाब करेंगे।' अनूप सोनी को होस्ट करने की खुशी अनूप सोनी ने आगे कहा, 'मुझे दोबारा होस्ट की भूमिका निभाकर बेहद खुशी हो रही है, क्योंकि यह किरदार दर्शकों को इन रोमांचक जांचों से जोड़ने में अहम भूमिका निभाता है। शो का नया प्रोमो पहले ही लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहा है, और मुझे पूरा यकीन है कि दर्शक इसे देखना पसंद करेंगे।' recent visitors 36

जीएसडीपी को दुगुना करने का मोहन संकल्प

भोपाल मध्य प्रदेश की विधानसभा में उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने वर्ष 2024-25 के आर्थिक सर्वेक्षण सदन में प्रस्तुत किए। सर्वेक्षण में उद्यमशील मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के लक्ष्य पूर्ति के महानतम संकल्प हेतु राज्य के सकल घरेलू उत्पाद को पाँच वर्षों में वर्ष 2028-29 तक दोगुना करने का संकल्प लिया है। वर्तमान में ‍प्रदेश का सकल घरेलू उत्‍पाद वर्ष 2024-25 प्रचलित भावों पर रूपये 1503395 करोड़ पहुंच गया है, जो वर्ष 2023-24 में रूपये 1353809 करोड़ था। पिछले वित्‍तीय वर्ष से 11.05 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।मप्र की आर्थिक वृद्धि दर राष्ट्रीय दर के सापेक्ष लगभग डेढ़ गुनी से अधिक है।यह वृद्धि दर मोहन सरकार की आर्थिक नीतियों को प्रभावी ढंग से लागू करने का ही परिणाम है, सुफल है।मध्‍यप्रदेश का सकल घरेलू उत्‍पाद वर्ष 2024-25 में स्थिर भावों पर जीएसडीपी 712260 करोड़ रूपये है जो वर्ष 2023-24 में 671636 करोड़ रहा। यह 6.05 प्रतिशत की वास्‍तविक वृद्धि दिखाता है। मध्‍यप्रदेश की प्रति व्‍यक्ति आय वर्ष 2024-25 प्रचलित भावों पर पिछले वर्ष के सापेक्ष लगभग 9 प्रतिशत की दर से बढ़कर रूपये 152615 हो गई है। स्थिर भाव पर वर्ष 2024-25 में प्रति व्‍यक्ति आय रूपये 70434 है । मध्‍यप्रदेश के सकल मूल्य वर्धन में प्रचलित भावों पर वर्ष 2024-25 में क्षेत्रवार हिस्‍सेदारी क्रमश: प्राथमिक क्षेत्र में 44.36 प्रतिशत, द्वितीयक क्षेत्र में 19.03 प्रतिशत तथा तृतीयक क्षेत्र में 36.61 प्रतिशत रही है। मोहन सरकार ने लोक वित्‍त में अपनी मजबूत अर्थव्‍यवस्‍था बनाये रखने के लिये प्रभावी कदम उठाये गये है। वित्‍तीय वर्ष 2024-25 में राजस्‍व अधिशेष रूपये 1700 करोड़ रहने का अनुमान है, जबकि राजकोषीय घाटा जीएसडीपी के 4.11 प्रतिशत तक सीमित रहेगा। राजस्‍व प्राप्तियां रूपये 263344 करोड़ तक पहॅुचने का अनुमान है।विकसित भारत की संकल्पना के अनुरूप विकसित मध्यप्रदेश के रूप में राज्य अपनी महत्वपूर्ण भागीदारी सुनिश्चित करेगा। प्रदेश की मजबूत बैंकिंग प्रणाली और वित्तीय समावेश की शक्ति से आर्थिक तंत्र निरंतर सशक्त हो रहा है आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार कृषि फसल क्षेत्र का प्राथमिक क्षेत्र के अंतर्गत योगदान वर्ष 2024-25 में 30.90 प्रतिशत रहा।प्रचलित भाव पर यह 10.8 प्रतिशत बढ़ा है। इसी तरह पशुधन क्षेत्र में 7.45 प्रतिशत का योगदान रहा है । कृषि और कृषि प्र-संस्करण के माध्यम से आय के स्रोतों में वृद्धि हो रही है, जबकि सूक्ष्म,लघु एवं मध्यम उद्योग, बड़ी अधोसंरचनात्मक परियोजनाएं, वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों का विस्तार, और ऊर्जा उपलब्धता में बढ़ोतरी जैसे महत्वपूर्ण घटक एक आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था के निर्माण की दिशा में प्रदेश की प्रगति को दर्शाते हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, आर्थिक और सामाजिक समावेश तथा महिला सशक्तिकरण को प्राथमिकता देने से आर्थिक और सामाजिक उन्नति में व्यापक भागीदारी सुनिश्चित हो रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में गरीब कल्याण, युवा शक्ति, अन्नदाता, और नारी शक्ति जैसे चार प्रमुख मिशनों की शुरुआत की है। ये मिशन क्रमशः समाज के वंचित वर्गों, युवाओं, किसानों और महिलाओं के समग्र विकास एवं आर्थिक स्वतंत्रता को सुनिश्चित करने कार्यरत हैं। सरकार का संकल्प है कि राज्य की आर्थिक नीतियां समाज के प्रत्येक वर्ग के विकास में सहायक हों और व्यापक आर्थिक समृद्धि सुनिश्चित करें। मध्यप्रदेश सरकार ने 'ईज़ ऑफ लिविंग' और 'ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस' को बढ़ावा देने के लिए मानकों के सरलीकरण, जनविश्वास बिल, राजस्व महाभियान और पीएम जनमन कार्यक्रम जैसे प्रभावी उपायों को अपनाया है, जिससे सुशासन को और अधिक प्रभावी बनाया गया है। राज्य के प्राकृतिक संसाधनों की समृद्धि, टाइगर एवं चीता रिजर्व, धार्मिक एवं सांस्कृतिक धरोहरें, और पर्यटन स्थलों ने मध्यप्रदेश को पर्यटन और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में स्थापित किया है। मध्यप्रदेश आर्थिक सर्वेक्षण वर्ष 2024-25 प्रदेश की आर्थिक प्रतिबद्धताओं, विकास योजनाओं और उनके प्रभावी क्रियान्वयन का विश्लेषण प्रस्तुत करता है। यह सर्वेक्षण राज्य की विकास यात्रा को प्रतिबिंबित करता है और यह दर्शाता है कि मध्यप्रदेश सतत और समावेशी आर्थिक विकास के मार्ग पर अग्रसर है। मध्‍यप्रदेश सरकार द्वारा वर्ष 2025 को "उद्योग वर्ष’’ घोषित किया गया है। वित्‍तीय वर्ष 2024-25 में द्वि‍तीयक क्षेत्र में 2.73 लाख करोड़ रूपये के सकल मूल्‍य वर्धन तक पहॅुच गया। राज्‍य में सामाजिक क्षेत्र के लिये महत्‍वपूर्ण बजटीय आवंटन किये गये है जिसमें पिछले चार वर्षो में 82.52 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। सरकार ने समस्‍त बाल विकास को प्राथमिकता देते हुये राज्‍य के कुल बजट का 21.6 प्रतिशत बजट आवंटित किया है। पोषण भी पढाई भी,स्‍व-सहायता समूह, सामुदायिक संस्‍थागत विकास, लखपति दीदी,विकसित मध्‍यप्रदेश विजन 2047 आदि इस दिशा में अग्रणी प्रयास है। स्‍वास्‍थ्य क्षेत्र मे राज्‍य का बजट वर्ष 2024-25 में 15744 करोड़ रूपये तक पहॅुच गया है। आयुष्मान भारत योजना के तहत 4.85 करोड़ से अधिक कार्ड जारी किये गये है। वर्ष 2024-25 में शिक्षा का बजट 11.26 प्रतिशत आवंटित किया गया है। व्‍यावसायिक शिक्षा में 14 ट्रेडस शुरू किये गये है।उच्‍च शिक्षा के अंतर्गत 1346 महाविद्यालय में 10.5 लाख सीट उपलब्‍ध है। कौशल विकास मिशन के अंतर्गत वर्ष 2024-25 में 3.49 लाख छात्रों को व्‍यावसयिक शिक्षा का प्रशिक्षण दिया गया है।10 आई.टी.पार्क एवं 4 आई.टी SEZ विकसित किये गये है। 4895 से अधिक मान्‍यता प्राप्‍त स्‍टार्ट-अप कार्यरत है। मध्य प्रदेश का अधिसूचित वन क्षेत्र 94.69 हजार वर्ग किलोमीटर तथा वनावरण 77.07 हजार वर्ग कि.मी. क्षेत्रफल के साथ अग्रणी स्थिति पर है।खनिज उत्‍पादन मूल्‍य पिछले वर्ष की तुलना में 16.71 प्रतिशत अधिक रहा है। आर्थिक सर्वेक्षण में मोहन सरकार का राज्य के सकल घरेलू उत्पाद को पाँच वर्षों में दोगुना करने का संकल्प स्पष्ट रूप से झलक रहा है, दृष्टि गोचर हो रहा है।   टिप्पणीकार-सत्येंद्र जैन recent visitors 27

तापमान में बढ़ोतरी, दिन में तेज़ गर्मी

रायपुर छत्तीसगढ़ में इन दिनों लगातार तापमान में बढ़ोतरी हो रही है। दिन और रात का पारा बढ़ने से गर्मी भी बढ़ती जा रही है। आज बुधवार को प्रदेशभर में आसमान साफ रहेगा और मौसम पूरी तरह शुष्क रहेगा। इन दिनों बारिश की कोई संभावना नहीं है, जिससे दिन के समय तेज गर्मी पड़ सकती है। वहीं सबसे गर्म दंतेवाड़ा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है। इराक के ऊपर 3.1 किमी से 9.6 किमी की ऊंचाई तक फैला पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है। इसके प्रभाव से छत्तीसगढ़ में 13 मार्च तक न्यूनतम और अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी की संभावना है। इस दौरान प्रदेश में मौसम शुष्क बना रहेगा। बीते दिनों मंगलवार को दंतेवाड़ा में प्रदेश का सबसे अधिकतम तापमान 37.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान भी यहीं 9.9 डिग्री सेल्सियस रहा। आज अधिकतम तापमान 39 डिग्री और न्यूनतम तापमान 21 डिग्री रहने की संभावना है।     recent visitors 33

गरीबों, किसानों, महिलाओं और युवाओं के कल्याण को समर्पित समावेशी बजट : राज्य मंत्री पटेल

भोपाल लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल ने उप मुख्यमंत्री (वित्त) जगदीश देवड़ा द्वारा प्रस्तुत वर्ष 2025-26 के बजट को भविष्यपरक और समावेशी बताया है। उन्होंने कहा कि यह मध्यप्रदेश को आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का मार्ग प्रशस्त करेगा। स्वास्थ्य, शिक्षा, अधोसंरचना, कृषि और उद्योग सहित सभी क्षेत्रों को समुचित प्राथमिकता दी गई है। स्वास्थ्य क्षेत्र में 15 प्रतिशत की वृद्धि कर 23 हज़ार 535 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है, जिससे चिकित्सा सेवाओं का विस्तार होगा। राज्य मंत्री पटेल ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और उप मुख्यमंत्री देवड़ा का आभार व्यक्त किया है। राज्य मंत्री पटेल ने कहा कि सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं की मजबूती के लिए आयुष्मान भारत योजना में 2,039 करोड़ रूपये का प्रावधान किया है। ‘सीएम केयर योजना’ के तहत गंभीर बीमारियों के लिए उन्नत चिकित्सा सुविधाएँ प्रदान की जाएंगी। प्रदेश में 400 एमबीबीएस और 252 पीजी सीटों की वृद्धि से चिकित्सा शिक्षा को और सशक्त किया जा रहा है। ‘पीएमएयर एम्बुलेंस सेवा’ के तहत हर विधानसभा में हेलीपैड बनाए जाएंगे, जिससे आपातकालीन चिकित्सा सुविधा को बल मिलेगा। यह बजट गरीबों, किसानों, महिलाओं और युवाओं के कल्याण को समर्पित है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन और उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल के सशक्त नेतृत्व में मध्यप्रदेश स्वास्थ्य क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित करेगा।   recent visitors 18

पिता ने बच्चों संग खाया जहर, तीन की मौत

भोजपुर बिहार के भोजपुर जिले के बिहिया थाना क्षेत्र के बेलवानिया गांव में एक दर्दनाक घटना सामने आई है। एक पिता ने अपने चार बच्चों के साथ जहर खा लिया, जिससे तीन मासूमों की मौत हो गई, जबकि पिता और एक बच्चा जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं। इस त्रासदी के बाद पूरे गांव में शोक और स्तब्धता का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मृतक की पत्नी की पिछले साल ही मौत हो गई थी, जिसके बाद से वह मानसिक तनाव में था। माना जा रहा है कि डिप्रेशन के कारण उसने यह आत्मघाती कदम उठाया। बच्चों को खिलाया जहर, फिर खुद की आत्महत्या की कोशिश सूत्रों के मुताबिक, व्यक्ति ने पहले अपने चारों बच्चों को जहर खिलाया और फिर खुद जहर खा लिया। जब परिवार के अन्य सदस्यों को इस घटना की जानकारी मिली, तो सभी को तुरंत सदर अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने तीन बच्चों को मृत घोषित कर दिया, जबकि पिता और एक बच्चे का इलाज जारी है। घटना की सूचना मिलते ही बिहिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने परिवार के अन्य सदस्यों से पूछताछ शुरू की है, लेकिन अब तक जहर खाने की असली वजह सामने नहीं आई है। अधिकारियों ने कहा है कि मामले की गहराई से छानबीन की जाएगी और जल्द ही सच्चाई का खुलासा किया जाएगा। पुलिस ने शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है, और आगे की कार्रवाई जारी है। गांव में मातम, हर कोई सदमे में इस दर्दनाक घटना ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है। पड़ोसियों और रिश्तेदारों का कहना है कि व्यक्ति पिछले कई महीनों से मानसिक तनाव में था, लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि वह इतना बड़ा कदम उठा लेगा। गांव में हर कोई गमगीन है, और लोगों में इस घटना को लेकर शोक और आक्रोश दोनों है। प्रशासन ने कहा है कि पीड़ित परिवार को हरसंभव सहायता दी जाएगी।   recent visitors 32

नाखूनों के ये संकेत न करे अनदेखा, नहीं तो पहुंच सकते हैं अस्पताल

हमारा शरीर बिना कुछ कहे भी हमसे काफी कुछ कहता है। अगर सेहत दुरुस्त है, तो यह शरीर में साफ नजर आता है। वहीं, अगर शरीर के अंदर कुछ गड़बड़ होती है, तो शरीर इसके बारे में भी संकेत देने लगता है। शरीर के किसी पोषक तत्व की कमी हो या फिर कोई बीमारी, कुछ संकेतों की मदद से शरीर पहले ही चेतावनी  देना शुरू कर देता है। ऐसा ही कुछ शरीर में विटामिन और मिनरल्स की कमी होने पर भी होता है। यूं तो शरीर कई तरीकों से न्यूट्रिएंट्स की कमी का संकेत देता है, लेकिन इसके कुछ चेतावनी संकेत नाखून पर भी नजर आते हैं। आइए जानते हैं क्या हैं ये संकेत- नाखूनों का टूटना अगर आपके नाखून अक्सर टूटते हैं या उसमें क्रेक आ जाता है, तो यह शरीर में आयरन की कमी का संकेत हो सकता है। इसके अलावा यह डिहाइड्रेशन या थायरॉयड जैसी समस्याओं का संकेत भी होता है। ऐसे में अंडे, नट्स और पत्तेदार साग को डाइट में शामिल करना फायेदमंद होगा। पीले नाखून अगर आपके नाखून का रंग पीला नजर आ रहे हैं, तो यह फंगल इन्फेक्शन, स्मोकिंग, डायबिटीज या फेफड़ों की बीमारी जैसी हेल्थ कंडीशन का संकेत हो सकता है। इसके लिए अच्छी हाइजीनिक रहना बेहद जरूरी है। साथ ही एंटीफंगल ट्रीटमेंट और विटामिन-ई नाखूनों की सेहत को बेहतर करने में मदद कर सकते हैं। वहीं, बहुत ज्यादा पीले नाखूनों का होना एनीमिया, लिवर डिजीज या कुपोषण का संकेत हो सकता है। नाखून पर सफेद धब्बे नाखून पर नजर आने वाले छोटे सफेद धब्बे आमतौर मामूली चोट के कारण होते हैं, लेकिन अगर लंबे समय तक यह धब्बे बने रहते हैं, तो यह जिंक या कैल्शियम की कमी की निशानी हो सकते हैं। इस कमी को पूरा करने के लिए न्यूट्रिएंट रिच डाइट फॉलो करें। नीले नाखून नाखूनों का नीला रंग शरीर में अपर्याप्त ऑक्सीजन फ्लो की तरफ इशारा करता है। ऐसा आमतौर पर फेफड़ों की बीमारी, डार्ट डिजीज या रेनॉड फिनोमेनन के कारण होता है। अगर यह लक्षण लगातार बना रहते हैं, तो तुरंत डॉक्टर से परामर्श करें। नाखून पर गहरे रंग की रेखाएं नाखूनों के नीचे भूरी या काली रंग की रेखाएं मेलेनोमा का संकेत हो सकती हैं, जो एक गंभीर स्किन कैंसर है। नाखूनों में होने वाले किसी भी असामान्य रंग के बदलाव की जल्द से जल्द जांच जरूर कराएं। नाखून के आसपास सूजन नाखून के आसपास रेडनेस या सूजन इन्फेक्शन, ल्यूपस या अन्य ऑटोइम्यून बीमारियों का संकेत हो सकता है। इसलिए अगर आपको ऐसा कोई संकेत नजर आता है, तो बिना देरी किए तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। क्लबिंग नाखून गोल सिरे और उभरे हुए नाखून अक्सर फेफड़ों की बीमारी, हार्ट डिजीज या शरीर में कम ऑक्सीजन का संकेत हो सकते हैं। इसलिए इन संकेतों के नजर आते ही बिना देरी किए डॉक्टर की सलाह जरूर लें। recent visitors 37