हजारों श्रद्धालुओं द्वारा उच्चारित ॐ ध्वनि से तरंगित हो उठा राजधानी रायपुर का साइंस कॉलेज मैदान

रायपुर : श्रीरविशंकर और उनके संस्थान के परोपकार और मानवता के कल्याण के कार्यों को कभी भुलाया नहीं जा सकता : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय श्रीरविशंकर द्वारा नक्सल विचारधारा से प्रभावित युवाओं से विकास की मुख्यधारा में शामिल होने का आव्हान मुख्यमंत्री शंखनाद महासत्संग में हुए शामिल हजारों श्रद्धालुओं द्वारा उच्चारित ॐ ध्वनि से तरंगित हो उठा राजधानी रायपुर का साइंस कॉलेज मैदान रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में श्रीरविशंकर के शंखनाद महासत्संग कार्यक्रम में शामिल हुए । उन्होंने श्रीरविशंकर जी से प्रदेश की सुख, समृद्धि और खुशहाली का आशीर्वाद ग्रहण किया । इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीरविशंकर परोपकार और मानवता की सेवा का ऐसा कार्य कर रहे हैं, जिसे भुलाया नहीं जा सकता। मुख्यमंत्री ने श्रीरविशंकर महाराज का प्रदेश की जनता की ओर से छत्तीसगढ़ की धरती पर स्वागत किया। उन्होंने कहा कि उनका संस्थान योग, ध्यान और मानवता के कल्याण का अच्छा कार्य कर रहा है। सुदर्शन क्रिया के माध्यम से देश दुनिया में करोड़ों निराश लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि ध्यान और मेडिटेशन को हम भूलते जा रहे थे। आर्ट ऑफ लिविंग के माध्यम से फिर से इसे स्थापित किया जा है।  उन्होंने बताया कि आज छत्तीसगढ़ राज्य और आर्ट ऑफ लिविंग के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए हैं जिसके तहत प्रदेश के गांव-गांव में जल संरक्षण, कृषि संवर्धन, शिक्षा, आजीविका – रोजगार, महिला सशक्तिकरण और नशा मुक्ति के कार्य उनकी संस्था द्वारा किया जाएगा। नया रायपुर में आर्ट ऑफ लिविंग केंद्र के लिए स्थान चिन्हित कर लिया गया है। श्रीरविशंकर और मुख्यमंत्री साय ने आर्ट ऑफ लिविंग सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का शिलान्यास किया। यह केंद्र योग, ध्यान, कौशल विकास, आत्म विकास और सामुदायिक विकास को समर्पित रहेगा। यह महा सत्संग ज्ञान, ध्यान और सनातन संस्कृति का अनूठा संगम रहा है। आध्यात्मिक गुरु श्रीरविशंकर महाराज ने आर्ट ऑफ लिविंग के सिद्धांतों की सारगर्भित जानकारी अपने संबोधन में दी। उन्होंने उपस्थित लोगों को ध्यान कराया। ध्यान के दौरान हजारों श्रद्धालुओं द्वारा उच्चारित ॐ ध्वनि से रायपुर का साइंस कॉलेज मैदान तरंगित हो उठा। नक्सलवाद से प्रभावित युवाओं से मुख्यधारा में शामिल होने का आह्वान श्रीरविशंकर ने नक्सलवाद से प्रभावित युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि आप विकास की मुख्य धारा में आएं, हम आपके साथ खड़े हैं, हम सब मिलकर छत्तीसगढ़ को उत्तम और भारत को श्रेष्ठ बनाएंगे। जहां सभी के लिए स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और सभी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हो। गरीबों के उत्थान के कार्यों हों। उन्होंने कहा कि हमारे जीवन में शांति और समृद्धि आवश्यक है। जब शांति होगी तो समृद्धि आएगी। आप जब हमारे साथ आएंगे तो आपको भी समता ,समृद्धि और न्याय मिलेगा। बंदूक से कोई काम नहीं बनता। छत्तीसगढ़ के संदर्भ में उन्होंने कहा कि यहां प्राकृतिक सौंदर्य है। विविध फल फूल और प्राकृतिक संपदा भरपूर है। यह प्रदेश दुनिया के आकर्षण का केंद्र बन सकता है। अब यह समय आ गया है कि हम सभी मिलकर प्रदेश को उत्तम और भारत को श्रेष्ठ बनने के लिए काम करें । आर्ट ऑफ लिविंग के संबंध में उन्होंने बताया कि हमारे जीवन में शक्ति, भक्ति, युक्ति और मुक्ति होनी चाहिए। विपरीत और अनुकूल परिस्थितियों में मन का समभाव बना रहे । जो जैसा है उसे वैसा ही स्वीकार करें। दूसरों के विचारों को प्रेरणा लें, लेकिन उनसे पूरी तरह प्रभावित न हो और वर्तमान में जिएं। हमारे जीवन में प्रेम हो, प्रेम का अर्थ है कि कोई हमारे लिए गैर नहीं है । उन्होंने लोगों से गुरु दक्षिणा मांगते हुए कहा कि यहां आए सभी लोग अपनी परेशानी, दुख – दर्द यहां छोड़ कर जाएं, यही मेरी गुरु दक्षिणा है । ईश्वर पर भरोसा रखें । कार्यक्रम के अंत में भजन की धुन पर पूरा मैदान झूम उठा। श्रीरविशंकर रैंप पर चलकर लोगों के पास पहुंचे और उन्हें आशीर्वाद प्रदान किया। इस अवसर पर सरगुजा विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष सुलता उसेंडी, विधायक किरण सिंहदेव, पूर्व मंत्री महेश गागड़ा सहित अनेक जनप्रतिनिधि और श्रद्धालु बड़ी संख्या में उपस्थित थे। recent visitors 28

नाडे़ से रेपिस्ट पिता ने जेल में लगाई फांसी, बेटी के साथ रेप करने के जुर्म में 2 दिन पहले हुई थी सजा

खंडवा  जिला जेल में को उसे वक्त सनसनी फैल गई जब कैदियों ने जेल में शोर मचाना शुरू किया। उसने बताया कि एक सजायाफ्ता कैदी ने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी है। घटना की जानकारी लगते हीं खंडवा जिला जेल की सुपरिटेंडेंट के साथ सीनियर जेलर मौके पर पहुंचे। घटना की जानकारी तत्काल खंडवा जिला प्रशासन को दी गई। सूचना मिलते ही खंडवा सीएसपी अभिनव बारंगे घटनास्थल पर पहुंचे। यहां फोरेंसिक एक्सपर्ट को भी तत्काल मौके पर बुलाया गया। मामले को लेकर जिला प्रशासन ने ज्यूडिशियल जांच के आदेश दिए हैं। चार दिन पहले ही कैदी को सुनाई गई थी सजा मिली जानकारी के अनुसार आरोपी को दोहरे आजीवन कारावास की सजा से कुछ दिन पहले ही दंडित किया गया था। पोक्सो एक्ट के इस मामले में 4 साल से आरोपी के मामले की सुनवाई खंडवा के विशेष न्यायालय में चल रही थी। आरोपी पर अपनी ही बेटी के साथ दुष्कर्म करने का आरोप लगा था। जो DNA जांच में सही पाया गया था। हालांकि आरोपी ने जिस तरह से मौत को गले लगाया उससे जेल में हड़कंप मच गया। पत्नी से हुए झगड़े का बदला बेटी से लिया आरोपी को जिस मामले में विशेष न्यायालय ने सजा सुनाई थी वह घटना 6 जुलाई 2021 की है। आरोपी की पत्नी और आरोपी के बीच झगड़े के बाद पत्नी अपनी मायके चली गई थी। जबकि 11 साल की बेटी घर पर ही थी। पत्नी के झगड़े से नाराज आरोपी ने आधी रात को अपनी ही बेटी के साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया था। बेटी के शोर मचाने पर उसकी गला दबाकर हत्या करने की भी कोशिश की थी। अस्पताल में कुछ दिनों तक संघर्ष करने के बाद बेटी ने दम तोड़ दिया था। घटना की होगी ज्यूडिशियल जांच खंडवा जिला जेल के जेल सुपरिंटेंडेंट आदित्य चतुर्वेदी ने बताया कि इस मामले की जानकारी खंडवा जिला प्रशासन के साथ जिला कोर्ट को भी दे दी गई है। लिहाजा इस मामले में ज्यूडिशियल जांच के आदेश दे दिए गए हैं। जांच का आदेश के बाद मंगलवार रात को मृतक के शव को खंडवा जिला अस्पताल सुरक्षा व्यवस्था के बीच भिजवाया गया। बुधवार को मामले में पोस्टमार्टम किया जाएगा। recent visitors 34

MP में शिक्षकों की 10758 भर्ती के लिए आवेदन का एक और मौका, परीक्षा 20 मार्च से

भोपाल मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (एमपीईएसबी) की ओर से निकाली गई तृतीय वर्ग के शिक्षकों की 10758 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन की विंडो एक बार फिर से खोल दी गई है। अभ्यर्थी इस भर्ती के लिए 10 मार्च से 17 मार्च 2025 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। माननीय न्यायालय के आदेश के बाद चयन मंडल ने आवेदन की विंडो फिर से खोली है। इससे पहले इस भर्ती के लिए 28 जनवरी से 11 फरवरी 2025 तक ऑनलाइन आवेदन लिए गए थे। इस भर्ती के लिए परीक्षा 20 मार्च 2025 से होगी। एग्जाम दो शिफ्टों में होगा। पहली शिफ्ट सुबह 9 से 11 बजे तक होगी जबकि दूसरी शिफ्ट दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक होगी स्कूल शिक्षा विभाग के तहत माध्यमिक शिक्षक (विषय, खेल एवं संगीत गायन वादन) और प्राथमिक शिक्षक (खेल संगीत गायन-वादन व नृत्य) और जनजातीय विभाग के अंतर्गत माध्यमिक शिक्षक (विषय) और प्राथमिक शिक्षक (खेल, संगीत, गायन वादन , नृत्य) चयन परीक्षा 2024 से टीचरों के 10758 पदों पर भर्ती की जाएगी। रिक्तियों में 7929 पद माध्यमिक शिक्षक विषयों के लिए हैं जिसके लिए एमपीटीईटी पास बीएड या डीएलएड डिग्रीधारक/ डिप्लोमाधारक आवेदन कर सकते हैं। पदों का ब्योरा माध्यमिक शिक्षक (विषय) तृतीय श्रेणी – अकादमिक, पद संख्या – 7929 (स्कूल शिक्षा विभाग 7082 + जनजातीय कार्य विभाग 847)- MPTET 2018 व MPTET 2023 पास करने वाले इसमें बैठ सकेंगे। माध्यमिक शिक्षक खेल – तृतीय श्रेणी – 338 वैकेंसी एमपी खेल पात्रता परीक्षा 2023 में पास हुए युवा इसमें आवेदन कर सकेंगे। माध्यमिक शिक्षक संगीत – गायन वादन तृतीय श्रेणी – पद संख्या – 392 माध्यमिक शिक्षक संगीत गायन वादन पात्रता परीक्षा 2023 में पास इसमें आवेदन कर सकेंगे। तृतीय श्रेणी – पद संख्या – 1377 (स्कूल शिक्षा विभाग 724 + जनजातीय कार्य विभाग 653) प्राथमिक शिक्षक संगीत – गायन वादन पद संख्या – 452 (स्कूल शिक्षा विभाग 422 + जनजातीय कार्य विभाग 30) शिक्षक भर्ती परीक्षा राज्य के 13 शहरों में होगी। इनमें बालाघाट, ग्वालियर, इंदौर, जबलपुर, खंडवा, नीमच,रीवा रतलाम, सागर, सीधी और उज्जैन शामिल हैं । recent visitors 109

माशिमं की 10वीं व 12वीं बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन प्रत्येक परीक्षक को गंभीरता से करने के निर्देश दिए गए

 भोपाल  माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) की 10वीं व 12वीं बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन प्रत्येक परीक्षक को गंभीरता से करने के निर्देश दिए गए हैं। मंडल ने तय किया है कि इस बार कापियों की जांच तीन चरण में की जाएगी। नंबर दर्ज करने में गलती होने पर मूल्यांकनकर्ताओं पर जुर्माने का भी प्रावधान किया है। अगर किसी मूल्यांकनकर्ता ने परीक्षार्थी का प्राप्तांक चढ़ाने में गलती की, तो प्रत्येक ऐसी गलती पर उसे 100 रुपये का जुर्माना देना होगा। 13 मार्च से शुरू हो रहा मूल्यांकन     10वीं और 12वीं की वार्षिक परीक्षा का मूल्यांकन 13 मार्च से शुरू हो रहा है। माशिमं से तय नियमों के मुताबिक, मूल्यांकनकर्ताओं को अपना काम शुरू करने से पहले एक आदर्श उत्तर की कॉपी दी जाएगी।     इसके आधार पर उन्हें मिली कॉपियों की जांच करनी है। एक मूल्यांकनकर्ता कॉपी की जांच के बाद प्रत्येक प्रश्न के उत्तर पर अंक देगा। अंत में परीक्षार्थी को मिले सभी अंकों का जोड़ मुखपृष्ठ पर लिखा जाएगा।     अंकों का जोड़ करते समय यदि किसी परीक्षार्थी को 90 या 99 अंक आ रहे हैं, तो उसकी कॉपी दोबारा जांची जाएगी। सामान्य परिस्थितियों में भी मूल्यांकन के बाद दूसरा मूल्यांकनकर्ता नंबरों का मिलान करेगा।     अगर प्रत्येक उत्तर को मिले अंक और मुखपृष्ठ पर लिखे प्राप्तांक का जोड़ ठीक नहीं होगा, तो मूल मूल्यांकनकर्ता पर जुर्माना लगेगा। तीसरी जांच रैंडम होगी यानी जांची जा चुकी कॉपियों के बंडल से कुछ कॉपियां निकालकर कभी भी जांची जाएंगी। …ताकि कोर्ट में न देखना पड़े नीचा अगर इसमें गलती मिली तो भी जुर्माना लगेगा। बताया जा रहा है कि ऐसा हर साल पुनर्मूल्यांकन के आवेदनों की वजह से कॉपियों की दोबारा जांच करानी पड़ती है। कई बार होता है जब परीक्षार्थी का दावा सही होता है और उसके अंक बढ़ जाते हैं। इसकी वजह से कई बार न्यायालय में मंडल की स्थिति लज्जाजनक हो जाती है। recent visitors 22

सिगरेट फेफड़ों के अलावा कई अंगों को पहुंचाती है नुकसान

क्या आपको लगता है कि सिगरेट पीने से सिर्फ फेफड़े खराब होते हैं? अगर हां, तो आपको सच जानकर झटका लग सकता है! सिगरेट का धुआं धीरे-धीरे पूरे शरीर को जहर की तरह नुकसान पहुंचाता है। दिल से लेकर दिमाग तक, त्वचा से लेकर आंखों तक – कोई भी अंग इस जहर से बच नहीं पाता। क्या आपने कभी सोचा है कि जो सिगरेट आपको कुछ मिनटों की राहत देती है, वो आपकी जिंदगी के सालों को चुरा रही है? धूम्रपान की वजह से दिल के दौरे, स्ट्रोक, आंखों की रोशनी कम होने और यहां तक कि अंधेपन का खतरा भी बढ़ जाता है। इस नेशनल नो स्मोकिंग डे 2025 , आइए मैक्स हॉस्पिटल, गुरुग्राम में इंटरनल मेडिसिन के एसोसिएट कंसल्टेंट डॉ. सुनील सेखरी से जानते हैं कि सिगरेट किन-किन अंगों को नुकसान पहुंचाती है और क्यों इसे छोड़ना आपकी सेहत के लिए सबसे बड़ा गिफ्ट होगा। दिल     सिगरेट पीने वालों में हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा 2 से 4 गुना ज्यादा होता है!     सिगरेट का निकोटीन और टार रक्त वाहिकाओं (Blood Vessels) को संकीर्ण कर देते हैं, जिससे ब्लड सर्कुलेशन प्रभावित होता है और दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।     धुएं में मौजूद कार्बन मोनोऑक्साइड खून में ऑक्सीजन की मात्रा कम कर देती है, जिससे दिल पर ज्यादा दबाव पड़ता है।     ब्लड प्रेशर हमेशा हाई रहता है, जिससे धीरे-धीरे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। अगर आप चाहते हैं कि आपका दिल लंबे समय तक हेल्दी रहे, तो सिगरेट से दूरी बना लें! दिमाग     क्या आपको पता है कि सिगरेट पीने से याददाश्त कमजोर हो सकती है और डिमेंशिया का खतरा बढ़ जाता है?     धुएं में मौजूद केमिकल्स ब्रेन सेल्स को डैमेज करते हैं, जिससे स्ट्रोक का खतरा बढ़ता है।     यह नर्व सिस्टम को कमजोर करता है, जिससे एकाग्रता और सोचने-समझने की क्षमता कम होती जाती है। अगर आप चाहते हैं कि आपका दिमाग तेज रहे और भविष्य में भूलने की बीमारी से बचना है, तो सिगरेट छोड़ दें! त्वचा     सिगरेट का धुआं आपकी स्किन से नमी और जरूरी पोषक तत्वों को छीन लेता है, जिससे चेहरे पर झुर्रियां, झाइयां और बेजान त्वचा नजर आने लगती है।     कोलेजन का उत्पादन कम हो जाता है, जिससे त्वचा लटकने लगती है और आप समय से पहले बूढ़े दिखने लगते हैं।     सिगरेट पीने वालों की त्वचा जल्दी डल और सांवली पड़ जाती है, क्योंकि धूम्रपान से त्वचा की ऑक्सीजन सप्लाई कम हो जाती है। किडनी     क्या आपको पता है कि सिगरेट पीने से किडनी कैंसर होने का खतरा 50% तक बढ़ जाता है?     धुएं में मौजूद टॉक्सिन्स  किडनी के टिशूज को डैमेज कर देते हैं, जिससे किडनी धीरे-धीरे खराब होने लगती है।     यह ब्लड प्रेशर बढ़ाता है, जो किडनी फेलियर की सबसे बड़ी वजह बन सकता है। आंखें     सिगरेट का धुआं आंखों की नाजुक रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाता है, जिससे रक्त संचार धीमा हो जाता है और दृष्टि कमजोर होने लगती है।     लंबे समय तक धूम्रपान करने से मोतियाबिंद और धुंधली दृष्टि की समस्या जल्दी हो सकती है।     सिगरेट पीने वालों में एज-रेलेटेड मैक्युलर डिजनरेशन का खतरा 3 गुना ज्यादा होता है, जिससे उम्र बढ़ने के साथ आंखों की रोशनी पूरी तरह जा सकती है। अगर आप चाहते हैं कि आपकी आंखें हमेशा स्वस्थ रहें और आपको बुढ़ापे में भी साफ दिखे, तो सिगरेट से जल्द से जल्द दूरी बना लें। recent visitors 36

टीम इंडिया के लिए गौतम गंभीर 2026 टी20 विश्व कप, 2027 वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप और 2027 वर्ल्ड कप का ब्लूप्रिंट तैयार करेंगे

नई दिल्ली चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के खत्म होने के बाद से अगले तीन महीने तक भारतीय टीम एक भी इंटरनेशनल मैच नहीं खेलेगी, क्योंकि इस दौरान आईपीएल का आयोजन होगा और 20 जून से इंग्लैंड का दौरा शुरू होगा। इस दौरान टीम इंडिया के ज्यादातर खिलाड़ी तो आईपीएल खेलेंगे, लेकिन उस समय हेड कोच गौतम गंभीर क्या कर रहे होंगे? ये एक सवाल आपके दिमाग में भी आया होगा। आप सोच रहे होंगे कि बाकी कोचों की तरह वे घर पर आराम करेंगे, लेकिन असल में ऐसा नहीं है। कुछ दिन के ब्रेक के बाद वे फिर से काम पर जुट जाएंगे और टीम इंडिया के लिए 2026 टी20 विश्व कप, 2027 वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप और 2027 वर्ल्ड कप का ब्लूप्रिंट तैयार करेंगे। जून के तीसरे सप्ताह से टीम इंडिया को पांच मैचों की टेस्ट सीरीज इंग्लैंड में खेलनी है, जो आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के नए चक्र का हिस्सा होगी। गंभीर इसी सीरीज की तैयारी के लिए इंग्लैंड जाएंगे। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट की मानें तो गंभीर ने 20 जून से शुरू हो रहे टेस्ट दौरे से पहले इंडिया 'ए' टीम के साथ इंग्लैंड जाने का फैसला किया है। बीसीसीआई के पास डेवलेपमेंट्स टीमों के लिए कोई नॉमिनेटेड कोच नहीं है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या गंभीर सिर्फ ऑब्जर्वर के तौर पर ट्रेवल करेंगे या फिर बोर्ड वीवीएस लक्ष्मण को कोच के तौर पर भेजेगा। जब से राहुल द्रविड़ टीम इंडिया के हेड कोच बने थे, तभी से इंडिया ए और अंडर 19 टीम के हेड कोच की जिम्मेदारी नेशनल क्रिकेट एकेडमी के प्रमुख को मिलती रही है। ऐसा पहली बार होगा कि मुख्य टीम का कोच इंडिया ए टीम के साथ ट्रेवल करेगा। सूत्रों ने टीओआई को बताया कि गंभीर 2027 वनडे विश्व कप के लिए अगले दो वर्षों के लिए सभी प्रारूपों के रोडमैप पर काम कर रहे हैं, इस चरण में विश्व टेस्ट चैंपियनशिप और 2026 टी20 विश्व कप भी शामिल होंगे। बीसीसीआई के अधिकारी ने बताया, "ऑस्ट्रेलिया से लौटने के बाद से ही गंभीर बीसीसीआई के साथ चर्चा कर रहे हैं। उन्होंने रिजर्व पूल के बारे में स्पष्ट जानकारी प्राप्त करने के लिए इंडिया 'ए' टीम के साथ यात्रा करने की इच्छा व्यक्त की है। गंभीर द्वारा कुछ वाइल्ड कार्ड खिलाड़ियों के लिए आग्रह करने के बाद भारत ने चैंपियंस ट्रॉफी जीती है, इसलिए भविष्य में उनसे और अधिक प्रयास करने की उम्मीद की जा सकती है।" गंभीर ने पिछले साल जुलाई से कार्यभार संभाला है और वे घर पर 3-0 से न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज और बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी हारे हैं, लेकिन कई सीरीज और चैंपियंस ट्रॉफी जीत चुके हैं। सूत्र ने आगे बताया, "पहचाने गए महत्वपूर्ण मुद्दों में से एक इंडिया 'ए' दौरों को फिर से शुरू करना है। द्रविड़ के एनसीए छोड़ने के बाद से केवल कुछ ही 'ए' सीरीज हुई हैं और वे सभी मार्की सीरीज के लिए शेडो टूर थे। गंभीर का भी मानना ​​है कि अधिक 'ए' दौरे होने चाहिए। इसलिए वह स्थिति का खुद जायजा लेना चाहते हैं।" टेस्ट के अलावा गंभीर को ये भी देखना है कि वनडे में आगे कौन खेलेगा? रोहित, विराट और जडेजा ने रिटायरमेंट नहीं लिया, लेकिन सवाल ये है कि क्या वे वर्ल्ड कप 2027 में खेलेंगे? recent visitors 37

पूरे देश में विख्यात है बालोद मेला, कदंब के वृक्ष की अनोखी लीला

बालोद छत्तीसगढ के बालोद व दुर्ग जिले की सीमा पर बसा एक गांव है ओटेबंद बगीचा, जो बालोद जिले में गुंडरदेही ब्लॉक में आता है। ओटेबंद के विष्णुधाम मंदिर में मेला लगाता है। इस गांव के मंदिर की अपनी विशेष पहचान है। यहां एकमात्र ऐसा मंदिर है जहां भगवान विष्णु क्षीरसागर की मुद्रा में विराजमान हैं। यहां फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष को मेला आयोजित होता है। 11 दिन से यहां मेला लगा हुआ है और इसकी शुरुआत वर्ष 1961 से हुई थी। यहां पूरे देश भर से साधु-संत आते हैं और यहां एक ऐसा कदंब का वृक्ष है, यहां श्रद्धालुओं की मन्नत पूरी होती है। आइए जानते है इस मंदिर की विशेषता और इस मेले का महत्व। बालोद और दुर्ग जिले में यह एकलौता मंदिर है। जहां पर भगवान विष्णु शयन और लक्ष्मी के पैर दबाते क्षीरसागर में आराम की मुद्रा को दिखाया गया है। इस गांव के मंदिर में आप वृहद रूप से एक बड़े क्षेत्र पर बने इस मूर्तियों की श्रृंखला को देखकर आश्चर्य रह जाएंगे कि इसकी बनावट बहुत ही सुंदर है। हर कोई जब इस मंदिर में जाता है तो इस क्षीरसागर रुपी मुद्रा को देखने के लिए आतुर होता है। और यहां पहुंच कर लोग भगवान विष्णु लक्ष्मी सहित अन्य देवी-देवताओं के दर्शन करते है। फाल्गुन शुक्ल पक्ष में लगता है मेला मंदिर समिति के सदस्य एवं स्थानीय जनपद अध्यक्ष पुरुषोत्तम लाल चंद्राकर ने बताया कि फाल्गुन शुक्ल पक्ष में यह मेला लगता है और यह मेले के पूर्णाहुति का समय है। 1961 से यहां 11 दिनों तक महायज्ञ का आयोजन होता है। मंदिर की स्थापना 1993 से शुरू हुई थी, 1996 में पूरी हुई और सनातन हिन्दू महर्षि करपात्री महराज यहां आए। उन्होंने इस तीर्थ को तपोभूमि की संज्ञा दी और यहां चार शंकराचार्य का आगमन भी हो चुका है। कदंब के वृक्ष की अनोखी लीला मंदिर समिति के संस्थापक सदस्य वीरेंद्र कुमार दिल्लीबार ने बताया कि यहां सबसे बड़ी मान्यता है कि कदंब के वृक्ष पर सच्ची आस्था से मांगी गई श्रद्धालु की हर मन्नत पूरी होती है। उन्होंने कहा कि इंदौर का एक परिवार जिनके कोई संतान नहीं थे उन्होंने यहां पर मन्नत मांगी और एक वर्ष के भीतर उन्हें संतान सुख की प्राप्ति हुई। एक व्यक्ति जिसका ट्रक घर से गायब हो गया था, उसने इस जगह पर मन्नत मांगी और उसका ट्रक दो दिनों के भीतर मिल गया। उन्होंने कहा जिन्हें मन्नत मांगना होता है, वह इस कदंब की वृक्ष में जहां पर राधा रानी विराजमान हैं, श्री कृष्णा विराजमान हैं, वहां नारियल बांधते हैं। लगता है विराट मेला यहां पर भगवान विष्णु महायज्ञ का आयोजन होता है, जो कि अनवरत 11 दिनों तक चलता है और अभी हम मेला समापन की ओर हैं और इस मेले की सबसे खास बात यह है कि पूरे छत्तीसगढ़ सहित देश के कोने-कोने से लोग यहां पर आते हैं।  recent visitors 21