रेलवे बोर्ड ने रेल भवन में उत्साह के साथ अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया

 भोपाल  भारतीय रेलवे ने नई दिल्ली स्थित रेल भवन के विचार (सम्मेलन हॉल) में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस (आईडब्ल्यूडी) समारोह मनाया। इस कार्यक्रम में महिलाओं की उपलब्धियों का सम्मान किया गया तथा लैंगिक समानता के प्रति प्रतिबद्धता की पुष्टि की गई, जिसमें लगभग 300 महिला अधिकारियों ने भाग लिया। रेलवे बोर्ड की सदस्य (वित्त) सुश्री रूपा श्रीनिवासन ने मुख्य अतिथि के रूप में समारोह की अध्यक्षता की, जबकि रेलवे बोर्ड के सचिव ने मुख्य अतिथि के रूप में इस अवसर की शोभा बढ़ाई। समारोह के दौरान विभिन्न मनोरंजक गतिविधियाँ आयोजित की गईं, जिनमें एक नाटक, स्वास्थ्य चर्चा, योग प्रदर्शन, नृत्य और गीत प्रदर्शन, प्रश्नोत्तरी और अंताक्षरी शामिल हैं। विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्टता को मान्यता देते हुए निबंध और कला प्रतियोगिताओं के विजेताओं के साथ-साथ सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी और सर्वश्रेष्ठ सांस्कृतिक कलाकारों को मेरिट सर्टिफिकेट और नकद पुरस्कार प्रदान किए गए। ये प्रतियोगिताएँ 3 मार्च 2025 को आयोजित की गईं। पुरस्कार विजेता इस प्रकार हैं:  निबंध प्रतियोगिता के विजेता प्रथम पुरस्कार: सुश्री एलिस आर. टिर्की, संयुक्त निदेशक द्वितीय पुरस्कार: सुश्री पूनम गिरीश शाक्य, निजी सचिव तृतीय पुरस्कार: सुश्री लावण्या सिंह, अनुभाग अधिकारी  कला प्रतियोगिता के विजेता प्रथम पुरस्कार: सुश्री हर्षिता सिंह, निजी सहायक द्वितीय पुरस्कार: सुश्री कंचन कश्यप, निजी सचिव तृतीय पुरस्कार: सुश्री पूनम गिरीश शाक्य, निजी सचिव  सर्वश्रेष्ठ खेल महिला पुरस्कार विजेता प्रथम पुरस्कार: सुश्री बिधिशा भट्टाचार्य, सांख्यिकी निरीक्षक द्वितीय पुरस्कार: सुश्री प्रियंका, एमटीएस तृतीय पुरस्कार: सुश्री ईशा, निजी सचिव  सर्वश्रेष्ठ सांस्कृतिक कलाकार पुरस्कार विजेता प्रथम पुरस्कार: सुश्री जे. निरुपमा, प्रधान स्टाफ अधिकारी द्वितीय पुरस्कार: सुश्री बी. मोहनन, प्रधान स्टाफ अधिकारी तृतीय पुरस्कार: सुश्री निधि चौहान, निजी सहायक अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस समारोह के एक भाग के रूप में, 7 मार्च 2025 को उत्तर रेलवे केंद्रीय अस्पताल के सहयोग से रेलवे बोर्ड कार्यालय की महिला कर्मचारियों के लिए एक विशेष स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया। कुल 167 महिला कर्मचारियों ने स्वास्थ्य जांच सुविधाओं का लाभ उठाया। recent visitors 41

जनहित से संबंधित आवेदनों का सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ निराकरण करें – कलेक्टर श्री सोमेश मिश्रा

जनसुनवाई में प्राप्त हुए 75 आवेदन      मंडला   जिला योजना भवन में सम्पन्न हुई जनसुनवाई में कलेक्टर श्री सोमेश मिश्रा ने 75 आवेदकों की समस्याएं सुनते हुए उनके समुचित निराकरण के निर्देश दिए। कलेक्टर ने उपस्थित अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनहित से संबंधित आवेदनों का सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ समय सीमा में निराकरण करें। इस दौरान कलेक्टर ने पिछली जनसुनवाई में प्राप्त आवेदनों की विस्तार से समीक्षा करते हुए कहा कि प्रकरणों का यथोचित निराकरण कराएं। जिन आवेदनों पर निराकरण संभव नहीं है उन पर स्पष्ट टीप दर्ज करें। जनसुनवाई में विभाग प्रमुख स्वयं अनिवार्यतः उपस्थित हों, अतिविशिष्ट परिस्थितियों को छोड़कर प्रतिनिधि स्वीकार नहीं किए जाएंगे। सम्पन्न हुई जनसुनवाई में खैरी माल निवासी लक्ष्मीकांत परमार ने बेटरी वाली ट्राईसाईकिल प्रदान करने के संबंध में, ज्वालाजी वार्ड महाराजपुर निवासी नीलू धनगर ने समग्र आईडी में पता परिवर्तित कराने के संबंध में, सालीवाड़ा के कृषक विद्युत आपूर्ति पूर्ण कराने, पांडीवारा निवासी विनोद मरावी ने विद्युत बिल की राशि कम कराने के संबंध में आवेदन प्रस्तुत किए। इस अवसर पर सीईओ जिला पंचायत श्री श्रेयांश कूमट, अपर कलेक्टर श्री जेपी यादव, एसडीएम मंडला श्रीमती सोनल सिडाम सहित संबंधित जिला अधिकारी उपस्थित थे। recent visitors 33

CM साय की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ जनजाति सलाहकार परिषद की पुनर्गठन पश्चात पहली बैठक विधानसभा परिसर स्थित समिति कक्ष में संपन्न हुई

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में  छत्तीसगढ़ जनजाति सलाहकार परिषद की पुनर्गठन पश्चात पहली बैठक विधानसभा परिसर स्थित समिति कक्ष में संपन्न हुई। बैठक में जनजातीय समुदाय के सशक्तिकरण, शिक्षा, सामाजिक-आर्थिक उन्नयन, प्रशासनिक सुधार और संस्कृति संरक्षण से जुड़े अहम मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया।   बैठक में कैबिनेट मंत्री एवं जनजाति सलाहकार परिषद के उपाध्यक्ष रामविचार नेताम सहित प्रदेश के वरिष्ठ मंत्रीगण, विधायक, प्रशासनिक अधिकारी एवं परिषद के सभी सदस्य उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने परिषद की पहली बैठक में सभी सदस्यों का स्वागत करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में जनजाति समुदाय की जनसंख्या 32% है, और उनका समग्र विकास हमारे राज्य की प्राथमिकता है। यह परिषद केवल विचार-विमर्श का मंच नहीं, बल्कि नीति-निर्माण और निर्णय-क्रियान्वयन की महत्वपूर्ण संवैधानिक इकाई है।उन्होंने बैठक में रखे गए सभी बहुमूल्य सुझावों पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए और अधिकारियों से कहा कि जनजातीय समुदाय के जाति प्रमाण पत्र से जुड़ी त्रुटियों के निवारण हेतु विस्तृत अध्ययन कर समाधान सुनिश्चित किया जाए। जनजातीय आस्था स्थलों के संरक्षण एवं विकास हेतु देवगुड़ी के साथ-साथ सरना स्थलों को भी शामिल करने की व्यवस्था की जाए। शिक्षा में सुधार हेतु आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षक विहीन और एकल शिक्षक स्कूलों की समस्या को शीघ्रता से हल किया जाए। जनजातीय समुदाय की आर्थिक सशक्तिकरण योजनाओं पर प्रभावी अमल किया जाए, जिससे उनकी प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि हो। कैबिनेट मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि छत्तीसगढ़ जनजाति सलाहकार परिषद, सरकार और जनजातीय समाज के बीच एक मजबूत सेतु का कार्य करती है। हम सभी सदस्य प्रदेश के एक-तिहाई जनसंख्या का प्रतिनिधित्व करते हैं, इसलिए हमारी जिम्मेदारी है कि हम शासन की योजनाओं को प्रभावी रूप से समुदाय तक पहुँचाएँ।उन्होंने परिषद द्वारा लिए गए निर्णयों को नीति-निर्माण में प्रभावी रूप से शामिल करने का आश्वासन दिया। बैठक में सभी उपस्थित सदस्यों ने जनजातीय समुदाय की शिक्षा, आजीविका, सामाजिक-आर्थिक विकास और प्रशासनिक सुधार को लेकर ठोस सुझाव दिए। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सभी प्रस्तावों पर त्वरित और प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए एवं अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा कि नीतिगत सुधारों का वास्तविक लाभ जनजातीय समुदाय तक पहुँचे। यह बैठक जनजातीय समाज के विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी। बैठक में परिषद के सदस्यों ने जनजातीय समुदाय के सामाजिक-आर्थिक विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर अपने सुझाव प्रस्तुत किए, जिनमें जनजातीय बालिकाओं के लिए छात्रावासों की संख्या एवं सुविधाओं में वृद्धि, जनजातीय बहुल क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं भर्ती प्रक्रिया को प्रोत्साहित करना, स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतर उपलब्धता एवं जनजातीय क्षेत्रों में चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार, आदिवासियों की पारंपरिक आजीविका को सशक्त करने हेतु विशेष योजनाएँ लागू करना,जनजातीय कला, संस्कृति एवं परंपराओं के संरक्षण और संवर्धन के लिए विशेष योजनाएँ लागू करना शामिल है। बैठक में आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने विभिन्न एजेंडा बिंदुओं पर प्रेजेंटेशन दिया और परिषद के समक्ष विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। इस अवसर पर वन मंत्री केदार कश्यप, विधायक सुलता उसेण्डी, श्रीमती शंकुतला सिंह पोर्ते, श्रीमती उद्देश्वरी पैंकरा, श्रीमती रायमुनी भगत, श्रीमती गोमती साय, विधायक रामकुमार टोप्पो, प्रणव कुमार मरपच्ची, विक्रम उसेण्डी, आशाराम नेताम, नीलकंठ टेकाम, विनायक गोयल, चैतराम अटामी सहित मनोनित सदस्य रघुराज सिंह उईके एवं कृष्ण कुमार वैष्णव उपस्थित थे। बैठक में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की महत्वपूर्ण उपस्थिति रही, जिनमें मुख्य सचिव अमिताभ जैन, पुलिस महानिदेशक अरूण देव गौतम, अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, श्रीमती ऋचा शर्मा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, पंचायत विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह, स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया , सचिव  राजेश सुकुमार टोप्पो, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी, आयुक्त पदुम सिंह एल्मा सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे। recent visitors 23

भू माफिया अशोक गोयल को पुलिस भोपाल से किया गिरफ्तार

भोपाल गांधीनगर पुलिस भोपाल ने किया गिरफ्तार, भू माफिया अशोक गोयल धारा 420 के तहत किसान के साथ फर्जीवाड़ा करने के आरोप में गिरफ्तार। आपको बता दें कि अशोक गोयल के खिलाफ धोखाधड़ी के कई मामलों में EOW और भोपाल के विभिन्न थानों में प्रकरण दर्ज हैं। जिसमें पुलिस की कार्यवाही जारी है ।     recent visitors 30

प्रदेश की 18 यूनेस्को विश्व धरोहर में 15 टेंटेटिव और 3 स्थाई सूची में शामिल

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश की समृद्ध ऐतिहासिक धरोहरों को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। प्रदेश के लिए अत्यंत गर्व और हर्ष का विषय है कि यूनेस्को ने प्रदेश की चार ऐतिहासिक धरोहरों को सीरियल नॉमिनेशन के तहत टेंटेटिव लिस्ट में शामिल किया है। सम्राट अशोक के शिलालेख, चौसठ योगिनी मंदिर, गुप्तकालीन मंदिर और बुंदेला शासकों के महल और किलो को यूनेस्को की टेंटेटिव लिस्ट में घोषित होना प्रमाणित करता है कि मध्यप्रदेश अपनी सांस्कृतिक विरासत और ऐतिहासिक महत्व के कारण देश में विशेष स्थान रखता है। पिछले वर्ष भी यूनेस्को ने प्रदेश की 6 धरोहरों, ग्वालियर किला, बुरहानपुर का खुनी भंडारा, चंबल घाटी के शैल कला स्थल, भोजपुर का भोजेश्वर महादेव मंदिर, मंडला स्थित रामनगर के गोंड स्मारक और धमनार का ऐतिहासिक समूह को टेंटेटिव लिस्ट में शामिल किया था। मध्यप्रदेश में अब यूनेस्को द्वारा घोषित 18 धरोहरों है। जिसमें से 3 स्थाई और 15 टेंटेटिव सूची में है। यूनेस्को की विश्व धरोहर की सूची में प्रदेश के खजुराहो के मंदिर समूह, भीमबेटका की गुफाएं एवं सांची स्तूप यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल स्थायी सूची में शामिल है। वहीं यूनेस्को की टेंटेटिव सूची में मांडू में स्मारकों का समूह, ओरछा का ऐतिहासिक समूह, नर्मदा घाटी में भेड़ाघाट-लमेटाघाट, सतपुड़ा टाइगर रिजर्व और चंदेरी भी शामिल है। यह उपलब्धि हमारी धरोहरों के संरक्षण तथा संवर्धन के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस महत्वपूर्ण अवसर पर एमपी टूरिज्म बोर्ड, संस्कृति विभाग, पुरातत्वविदों, इतिहास प्रेमियो, संस्थाओं और प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई दी है जिन्होंने ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित करने में अमूल्य योगदान दिया हैं। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि मध्यप्रदेश को विश्व पर्यटन मानचित्र पर एक नए आयाम तक पहुंचाएगी और हमारे गौरवशाली अतीत को नई पहचान दिलाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों से आव्हान किया कि हम सब मिलकर अपनी धरोहरों के संरक्षण के लिए संकल्पबद्ध रहें और मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक गरिमा को और अधिक ऊंचाइयों तक पहुंचाएं। मौर्य कालीन अशोक के शिलालेख मौर्य कालीन अशोक के शिलालेख स्थल भारत के प्राचीनतम लिखित अभिलेख हैं। इन शिला और स्तंभ लेखों में सम्राट अशोक द्वारा बौद्ध धर्म, शासन और नैतिकता से संबंधित संदेश अंकित हैं, जो 2,200 से अधिक वर्षों से संरक्षित हैं। मध्य प्रदेश में पर्यटक साँची स्तंभ अभिलेख, जबलपुर में रूपनाथ लघु शिलालेख, दतिया में गुज्जरा लघु शिलालेख और सीहोर में पानगुरारिया लघु शिलालेख को शामिल किया गया हैं। चौंसठ योगिनी मंदिर प्रदेश में 9वीं से 12वीं शताब्दी के बीच निर्मित चौंसठ योगिनी मंदिर तांत्रिक परंपराओं का प्रतीक हैं। इन मंदिरों की गोलाकार, खुले आकाश के नीचे बनी संरचनाएँ, जटिल शिल्पकला और आध्यात्मिक महत्व अद्वितीय हैं। इसमें खजुराहो, मितावली (मुरैना), जबलपुर, बदोह (जबलपुर), हिंगलाजगढ़ (मंदसौर), शहडोल और नरेसर (मुरैना) के चौसठ योगिनी मंदिर को शामिल किया गया है। उत्तर भारत के गुप्तकालीन मंदिर प्रदेश में सांची, उदयगिरि (विदिशा), नचना (पन्ना), तिगवा (कटनी), भूमरा (सतना), सकोर (दमोह), देवरी (सागर) और पवाया (ग्वालियर) में स्थित गुप्तकालीन मंदिर को यूनेस्को द्वारा शामिल किया गया है।  गुप्तकालीन मंदिर भारतीय मंदिर वास्तुकला में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि को दर्शाते हैं। मंदिर उत्कृष्ट नक्काशी, शिखर शैली और कलात्मक सौंदर्य को प्रदर्शित करते हैं। बुंदेला काल के किला-महल बुंदेला काल के गढ़कुंडार किला, राजा महल, जहाँगीर महल, दतिया महल और धुबेला महल, राजपूत और मुगल स्थापत्य कला के बेहतरीन संगम को दर्शाते हैं। ये महल बुंदेला शिल्पकला, सैन्य कुशलता और सांस्कृतिक आदान-प्रदान की अद्भुत मिसाल हैं। recent visitors 16

विमानतल पर स्टाइलिश लुक में नजर आईं शिल्पा शेट्टी, नाम लिखा बैग किया फ्लॉन्ट

मुंबई शिल्पा शेट्टी, बॉलीवुड की उन एक्ट्रेस में शामिल हैं जिनका स्टाइल और फैशन हमेशा से चर्चा का विषय बना रहता है. एक्ट्रेस ना केवल इवेंट्स और पार्टी में अपने अलग-अलग लुक्स से लोगों का मनमोह लेती हैं, बल्कि उनका एयरपोर्ट लुक भी स्टाइलिश होता है. शिल्पा अच्छे से जानती हैं कि सिंपल से एयरपोर्ट लुक को किस तरह से स्टाइल करना है. शिल्पा का लेटेस्ट एयरपोर्ट लुक इसका हालिया उदाहरण है. मुंबई एयरपोर्ट पर हाल ही में शिल्पा को स्पॉट किया गया. इस दौरान एक्ट्रेस ने मैचिंग डेनिम सेट पहना और इसके साथ एक कस्टमाइज्ड फैंसी बैग कैरी किया, जो उनके लुक को एक शानदार टच दे रहा था. चलिए जानते हैं शिल्पा एयरपोर्ट पर क्या पहने दिखीं. शिल्पा ने एयरपोर्ट लुक के लिए वाइट कलर का रिब्ड क्रॉप टॉप पहनना चुना. इसे उन्होंने लॉन्ग ट्रेंच-स्टाइल कोट के साथ स्टाइल किया. मेलोड्रामा द्वारा डिजाइन किए गए इस  डेनिम कोट में ब्लू और वाइट पैचवर्क की डिटेलिंग थी. इस कोट की 27,600 रुपये बताई जा रही है. अपने लुक को शिल्पा ने मैचिंग जींस के साथ कंप्लीट किया, जो उनके लुक को परफेक्ट बना रहा था. एक्ट्रेस की यह जींस, जैकेट की तरह ही डिजाइन की गई थी. यह वाइड-लेग फिट कार्गो-पैंट शिल्पा के लुक को और ज्यादा स्टाइलिश बना रही थी. शिल्पा की यह कार्गो-पैंट भी मेलोड्रामा ब्रांड की है, जिसकी कीमत 19,000 रुपये है. यह ना केवल शिल्पा के लुक से परफेक्टली मैच कर रही थी, बल्कि उनके स्टाइल को निखार भी रही थी. शिल्पा ने अपने लुक के लिए वाइट स्नीकर्स के साथ पेयर किया. उन्होंने सनग्लासेज भी पहने हुए थे. हालांकि, जो एक चीज शिल्पा के लुक में लग्जरी एड करने का काम कर रहा था वह उनका कस्टमाइज्ड बैग था. एक्ट्रेस ने गोयार्ड ब्रांड का टोट बैग कैरी किया, जिस पर SSK (शिल्पा शेट्टी कुंद्रा) लिखा था. शिल्पा ने लुक के साथ नैचुरल मेकअप फ्लॉन्ट किया. recent visitors 29

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों की सुख, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना करते हुए रविशंकर का आशीर्वाद प्राप्त किया

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से  मुख्यमंत्री निवास में आध्यात्मिक गुरु एवं द आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक रविशंकर ने सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों की सुख, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना करते हुए रविशंकर का आशीर्वाद प्राप्त किया। मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत के प्रतीकस्वरूप, जशपुर जिले में स्थित विश्व के सबसे बड़े प्राकृतिक शिवलिंग – मधेश्वर पहाड़ का छायाचित्र एवं बस्तर आर्ट शैली में निर्मित नंदी की प्रतिकृति भेंट कर रविशंकर का अभिनंदन किया। रविशंकर ने मुख्यमंत्री साय को अवगत कराया कि इस बार वे अपने साथ 1000 वर्ष पुराने सोमनाथ मंदिर के खंडित शिवलिंग के अवशेष लेकर आए हैं। उन्होंने बताया कि इस ऐतिहासिक शिवलिंग के अवशेष को सदियों से एक अग्निहोत्री परिवार द्वारा सुरक्षित रखा गया था। अब वे इसे पूरे देश में दर्शनार्थ श्रद्धालुओं तक पहुंचाने का पावन कार्य कर रहे हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री सहित उपस्थित गणमान्य लोगों ने खंडित शिवलिंग के दर्शन किए और आस्था प्रकट की। पूर्व में केबिनेट में लिए गए निर्णय अनुरूप मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और रविशंकर के मध्य छत्तीसगढ़ सरकार एवं व्यक्ति विकास केंद्र इंडिया (द आर्ट ऑफ लिविंग) के बीच हुए एमओयू को लेकर भी चर्चा हुई।  एमओयू का उद्देश्य आजीविका सृजन और ग्रामीण छत्तीसगढ़ के समग्र कल्याण सहित ग्रामीण विकास के विविध  पहलुओं से जुड़ा है, जिसके प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर दोनों पक्षों ने विचार-विमर्श किया। शंखनाद महासत्संग का न्योता रविशंकर ने मुख्यमंत्री साय को राजधानी रायपुर स्थित पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित 'शंखनाद महासत्संग' कार्यक्रम में शामिल होने का निमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री ने इस आमंत्रण के लिए रविशंकर जी का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर विधायक पुरंदर मिश्रा, विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, सचिव डॉ. बसवराजू एस., पी. दयानंद, राहुल भगत, जनसंपर्क आयुक्त रवि मित्तल, मुख्यमंत्री साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या देवी साय सहित परिवार के अन्य सदस्यगण उपस्थित थे। recent visitors 27