मंत्री कप क्रिकेट महाकुंभ : फ्रेंड्स क्रिकेट क्लब बना राहतगढ़ मंडल का चैंपियन

भोपाल सागर जिले की सुरखी विधानसभा में चल रहे मंत्री कप क्रिकेट महाकुंभ के तहत मंगलवार को राहतगढ़ मंडल के सरदार वल्लभ भाई पटेल स्टेडियम में फ्रेंड्स क्रिकेट क्लब राहतगढ़ और झिला आर.डी.एक्स. क्रिकेट क्लब के बीच रोमांचक फाइनल मुकाबला खेला गया। इस मैच में फ्रेंड्स क्रिकेट क्लब राहतगढ़ ने शानदार प्रदर्शन करते हुए विजेता का खिताब अपने नाम किया। फाइनल मैच के दौरान स्टेडियम में दर्शकों की भारी भीड़ उमड़ी, जिन्होंने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। मंत्री राजपूत ने विजेता टीम को ट्रॉफी और नकद पुरस्कार प्रदान किया। इसके अलावा, मैन ऑफ द मैच और मैन ऑफ द सीरीज के पुरस्कार भी वितरित किए गए।। इस भव्य आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में मध्यप्रदेश सरकार के मंत्री गोविंद सिंह राजपूत, सागर कलेक्टर संदीप जी.आर. और पुलिस अधीक्षक विकास कुमार सहवाल उपस्थित रहे। उन्होंने खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाते हुए परिचय लिया। खाद्य मंत्री राजपूत ने कहा कि सुरखी विधानसभा क्षेत्र में खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए यह क्रिकेट महाकुंभ आयोजित किया गया है। उन्होंने कहा कि खेल न केवल मनोरंजन का साधन है, बल्कि यह युवाओं को अनुशासन, मेहनत और टीम वर्क सिखाता है। इस तरह के टूर्नामेंट से नई प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का मौका मिलेगा और भविष्य में हमारे क्षेत्र के खिलाड़ी भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नाम रोशन करेंगे। इस प्रतियोगिता से निकले सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी को सागर डिवीजन क्रिकेट एसोसिएशन में प्रशिक्षण दिया जाएगा। ताकि वह खिलाड़ी अपनी प्रतिभा को और निखार सके। उन्होंने सुरखी विधानसभा के युवा क्रिकेट प्रेमियों को आगे बढ़ाने के लिए हर संभव सहयोग प्रदान करने की भी बात कही।   recent visitors 26

एमएसएमई विभाग के लिए 1075 करोड़ 80 लाख रूपये का प्रावधान प्रस्तावित

भोपाल वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने  राज्य विधानसभा में 19,206 करोड़ 79 लाख 52 रूपये का वर्ष 2024-25 के लिए द्वितीय अनुपूरक अनुमान प्रस्तुत किया है। इसमें एमएसएमई विभाग के लिए 1075 करोड़ 80 लाख रूपये का प्रावधान प्रस्तावित है। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य कुमार काश्यप ने इस बजट प्रावधान के लिये मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा का आभार व्यक्त किया है। उन्होने कहा कि मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री के प्रयासों से प्रदेश में निवेश और औद्योगिकीकरण को नई गति एवं दिशा प्राप्त होगी। प्रदेश में रोजगार की नई संभावना में वृद्धि होगी और संपूर्ण प्रदेश के सर्वांगीण विकास का मार्ग प्रशस्त होगा। अनुपूरक अनुमान में यह राशि एमएसएमई प्रोत्साहन व्यवसाय निवेश संवर्धन/सुविधा प्रदाय योजना के तहत पिछले वर्षों के बकाया भुगतान के लिए प्रस्तावित है। इस योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2024-25 के मूल बजट में 694 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया था। प्रथम अनुपूरक अनुमान में 400 करोड़ रूपये का आवंटन प्राप्त हुआ था, जिसका वितरण सिंगल क्लिक से संबंधित इकाईयों को किया जा चुका है। द्वितीय अनुपूरक अनुमान और पूर्व में आवंटित राशि को मिलाकर विभाग के लिये इस वित्तीय वर्ष में 2169.80 करोड़ रूपये का कुल बजट प्रावधान हो जायेगा। निवेश प्रोत्साहन के दृष्टिगत विभाग के लिये पहली बार इतने बजट का प्रावधान किया गया है।   recent visitors 24

आज आरजीपीवी में सृजन कार्यक्रम का तकनीकी शिक्षा मंत्री परमार करेंगे शुभारम्भ

भोपाल उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री श्री इन्दर सिंह परमार आज इनोवेट एमपी मिशन के अंतर्गत "सृजन (एसआरआईजेएएन)" कार्यक्रम का शुभारम्भ करेंगे। मंत्री श्री परमार "सृजन" कार्यक्रम की सूचना विवरणिका (इन्फॉर्मेशन ब्रॉशर) का विमोचन भी करेंगे। यह शुभारम्भ कार्यक्रम भोपाल स्थित राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में अपराह्न 3 बजे आयोजित होगा। तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री परमार के मार्गदर्शन में, तकनीकी शिक्षा विभाग अंतर्गत सृजन कार्यक्रम का सूत्रपात किया गया है, राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय भोपाल को इस कार्यक्रम की नोडल एजेंसी बनाया गया है। सृजन कार्यक्रम का उद्देश्य तकनीकी शिक्षा विभाग के अंतर्गत समस्त इंजीनियरिंग, पॉलिटेक्निक एवं उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत सभी महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं को वर्त्तमान में संचालित पाठ्यक्रमों के अंतर्गत विकसित किये गए नवीन प्रोजेक्ट्स को प्रदर्शित करने के लिए मंच प्रदान करना है। यह कार्यक्रम उत्कृष्ट प्रोजेक्ट्स को चिन्हित करने एवं उन्हें भविष्य में प्रोटोटाइप के रूप में विकसित करने के लिए पूर्ण सुविधा प्रदान करने का प्रयास है। सृजन कार्यक्रम, स्टार्ट-अप की स्थापना को भी प्रोत्साहित करेगा। सृजन कार्यक्रम का मूल उद्देश्य, तकनीकी एवं उच्च शिक्षण संस्थानों में, नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करना है।   recent visitors 16

रायपुर : सूरजपुर जिले में खनिज के अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण के कई मामले में अर्थदंड अधिरोपित

रायपुर सूरजपुर जिले में खनिज के अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है। कलेक्टर श्री एस. जयवर्धन के निर्देशानुसार खनिज विभाग द्वारा उत्खनन वाले ईलाकों में सतत् निगरानी की जा रही है। विशेष रूप से पुल-पुलिया व एनीकट के आसपास अवैध खनिज उत्खनन पर कड़ी निगाह रखी जा रही है। खनिज विभाग की टीम ने रामानुजनगर जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत मदनेश्वरपुर एवं पवनपुर में अवैध रूप से खनिज मिट्टी के उत्खनन के दो मामलों में कार्यवाही करते हुए 1,23,450 रुपये का अर्थदंड वसूला। इसी क्रम में, 06 मार्च को वाहनों की जांच के दौरान प्रेमनगर जनपद पंचायत क्षेत्र के ग्राम ब्रम्हपुर में खनिज मिट्टी के एक मामले में 14,596 रुपये तथा 07 मार्च को ग्राम नमदगिरी एवं छठ घाट सूरजपुर में खनिज ईंट के अवैध परिवहन के दो मामलों में 27,350 रुपये का अर्थदंड लगाया गया। इन तीनों मामलों में कुल 41,946 रुपये का जुर्माना वसूल कर खनिज मद में जमा कराया गया। इसके अलावा, रामानुजनगर क्षेत्र के ग्राम पंचायत नकना में अवैध रूप से खनिज मिट्टी का उत्खनन कर ईंट निर्माण का मामला पकड़ा गया। इस मामले में श्री टीपनारायण साहू, श्री ठाकुरदयाल साहू, श्री प्रवीण साहू एवं श्री प्रमोद कुमार राजवाड़े के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर भट्ठे को जब्त कर लिया गया है। साथ ही, मौके पर ईंट पकाने के लिए डंप किए गए खनिज कोयले के वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए संबंधित व्यक्तियों को नोटिस जारी किया गया है। कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध खनिज उत्खनन, परिवहन और भंडारण के विरुद्ध आगे भी कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। recent visitors 30

मुख्यमंत्री यादव ने कहा मध्यप्रदेश का आर्थिक सर्वेक्षण वर्ष 2024-25, विकास पथ पर तीव्र गति से बढ़ रहे मध्यप्रदेश के कदमों का प्रमाण

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश का आर्थिक सर्वेक्षण वर्ष 2024-25, विकास पथ पर तीव्र गति से बढ़ रहे मध्यप्रदेश के कदमों का प्रमाण है। विभिन्न सूचकांक प्रदेश की उत्तरोत्तर प्रगति के प्रतीक हैं। प्रदेश की प्रगति में सरकार के प्रयासों के साथ नागरिकों के सहयोग सकारात्मक दृष्टिकोण का भी योगदान शामिल है। मध्यप्रदेश प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मंत्र "सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास" के अनुरूप आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जहाँ एक ओर वर्ष 2023-24 में प्रचलित भावों पर मध्यप्रदेश का सकल घरेलू उत्‍पाद 13 लाख 53 हजार 809 करोड़ रूपए था, वहीं इसमें 11.05% की वृद्धि हो गई है। सकल घरेलू उत्पाद अब बढ़कर 15 लाख 03 हजार 395 करोड़ रूपए पहुँच गया है। यह प्रगति प्रदेश की सशक्त अर्थव्यवस्था और समग्र विकास को दर्शाती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार राज्य को आत्मनिर्भर, समृद्ध और विकसित बनाने के लिए निरंतर कार्यरत है। इसी दिशा में हमने वर्ष 2028-29 तक सकल घरेलू उत्‍पाद को दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इसमें कोई संदेह नहीं है कि मध्यप्रदेश का आर्थिक सर्वेक्षण वर्ष 2024-25 प्रदेश की आर्थिक सुदृढ़ता और समग्र प्रगति का द्योतक है। वर्ष 2023-24 में स्थिर भावों पर मध्यप्रदेश का सकल घरेलू उत्‍पाद 6 लाख 71 हजार 636 करोड़ रूपए था, जो 6.05% की वृद्धि के साथ वर्ष 2024-25 में बढ़कर 7 करोड़ 12 लाख 260 करोड़ रूपए हो गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नव शक्ति प्रदान कर विकसित मध्यप्रदेश के संकल्प को पूर्ण करने की दिशा में कार्यरत है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह सर्वेक्षण नागरिकों की समृद्धि को परिभाषित करने वाला है। मध्‍यप्रदेश की प्रति व्‍यक्ति आय का उल्लेख करें तो यह वर्ष 2024-25 में प्रचलित भावों पर 1 लाख 52 हजार 615 रूपए हो गई है। स्थिर भाव पर भी वर्ष 2024-25 में प्रति व्‍यक्ति आय 70 हजार 434 रूपए है। प्रदेश सरकार आर्थिक समृद्धि और जनकल्याण के संकल्प के साथ प्रदेश को आत्मनिर्भर और विकसित बनाने के लिए निरंतर कार्यरत है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह सर्वेक्षण प्रदेश सरकार की सशक्त आर्थिक नीतियों और निरंतर विकासशील अर्थव्यवस्था का प्रतिबिंब है। मध्‍यप्रदेश के सकल मूल्यवर्धन में प्रचलित भावों पर वर्ष 2024-25 में क्षेत्रवार हिस्‍सेदारी क्रमश: प्राथमिक क्षेत्र में 44.36 प्रतिशत, द्वितीयक क्षेत्र में 19.03 प्रतिशत तथा तृतीयक क्षेत्र में 36.61 प्रतिशत रही है। यह आंकड़े मध्यप्रदेश की संतुलित और निरंतर प्रगतिशील अर्थव्यवस्था को दर्शाते हैं, जहाँ सरकार के प्रयासों से प्राथमिक, द्वितीयक और तृतीयक क्षेत्रों में समुचित विकास हो रहा है।   recent visitors 32

रायपुर : दंतेवाड़ा के जैविक कृषक अपनाएंगे एआई तकनीक

रायपुर : दंतेवाड़ा के जैविक कृषक अपनाएंगे एआई तकनीक कृषि क्षेत्र में आएगा क्रांतिकारी बदलाव रायपुर दंतेवाड़ा जिले के जैविक किसान अब अपनी खेती में आधुनिकतम तकनीक का उपयोग कर खेती को अधिक उत्पादक और कुशल बनाएंगे। जिला पंचायत सभागार में आयोजित कार्यशाला सह प्रशिक्षण कार्यक्रम में किसानों और कृषि अधिकारियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के उपयोग के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। इस कार्यशाला में फसल निगरानी से लेकर आपदा प्रबंधन तक में एआई तकनीक के उपयोग के महत्व पर जोर दिया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि ‘सैटेलाइट इमेजिंग’ और ‘ड्रोन एआई’ तकनीक के माध्यम से फसल की स्वास्थ्य स्थिति, मिट्टी की गुणवत्ता और पानी की आवश्यकता का सटीक विश्लेषण किया जा सकता है। दंतेवाड़ा जिले में एआई तकनीक का यह प्रयोग न केवल किसानों की आय में वृद्धि करेगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और संसाधनों के बेहतर उपयोग में भी मील का पत्थर साबित होगा। एआई आधारित मॉडल के माध्यम से फसलों में रोग और कीटों की पहचान कर समय पर समाधान किया जा सकेगा। एआई आधारित सिस्टम मिट्टी की नमी और मौसम की स्थिति के आधार पर स्वचालित सिंचाई को नियंत्रित करेगा, जिससे जल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। यील्ड प्रेडिक्शन एआई मॉडल’ के माध्यम से ऐतिहासिक डेटा और मिट्टी की गुणवत्ता के आधार पर फसल उत्पादन का सटीक अनुमान लगाया जा सकेगा। एआई बाजार की मांग और कीमतों का विश्लेषण कर किसानों को फसल बिक्री के लिए बेहतर मार्गदर्शन देगा। बुवाई, निराई, कटाई और छंटाई जैसे कार्यों में एआई आधारित ‘रोबोट्स’ का उपयोग श्रम लागत को कम करने में सहायक होगा। एआई के जरिये पशुओं के स्वास्थ्य और व्यवहार की निगरानी कर बीमारियों का समय रहते पता लगाया जा सकेगा। कार्यशाला में बताया गया कि एआई तकनीक जल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन में भी कारगर है, जिससे बाढ़ और सूखे जैसी आपदाओं का पूर्वानुमान लगाकर किसानों को समय पर सतर्क किया जा सकता है। इस अवसर पर जिला प्रशासन से अलका महोबिया, सूरज पंसारी (उपसंचालक, कृषि), आकाश बढ़वे (भूमगादी संचालक), मीना मंडावी (सहायक संचालक, उद्यान), केवीके के सहायक संचालक धीरज बघेल, भोले लाल पैकरा सहित 150 से अधिक ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, कृषि मित्र, जैविक कार्यकर्ता एवं प्रगतिशील कृषक उपस्थित रहे। recent visitors 28

सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग कल सहकारिता विभाग में 25 कर्मचारियों के आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति-पत्र सौंपेंगे

भोपाल सहकारिता मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग बुधवार को अपेक्स बैंक परिसर के समन्वय भवन में सहकारिता विभाग में 25 कर्मचारियों के आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति-पत्र सौंपेंगे। मंत्री श्री सारंग इसी के साथ ई-पेक्स के लिए एक दिवसीय हैंड्स ऑन रिफ्रेशर प्रशिक्षण सह संवेदीकरण कार्यक्रम के आयोजन का शुभारंभ भी करेंगे। प्रशिक्षण में सहकारिता विभाग, जिला बैंक एवं पेक्स के लगभग 650 प्रतिभागी शामिल होंगे। सहकारिता विभाग में कार्यरत विभिन्न कर्मचारियों के आकस्मिक देहावसान के बाद उनके आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति देने के लिये मंत्री श्री सारंग के निर्देशन में एक अभियान के रूप में कार्रवाही प्रारंभ की गई है। इन सभी कर्मचारियों के दस्तावेजों को बुलाकर समय सीमा में उनका सत्यापन करा लिया गया है। विभाग के विभिन्न जिलों में रिक्त पदों पर सहायक ग्रेड-3 के ऐसे कर्मचारियों के आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति प्रदाय की जा रही है। मंत्री श्री सारंग अनुकंपा नियुक्ति के 25 आदेश प्रदान करेंगे। इससे विभाग में अनुकंपा नियुक्ति के सभी पात्र प्रकरणों का निराकरण हो जायेगा और विभाग में सहायक ग्रेड-3 के रिक्त पदों की पूर्ति भी हो जायेगी। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि राज्य शासन कर्मचारियों के हितों को लेकर संवेदनशील है।   recent visitors 22