रान्या राव ने 138 करोड़ का घालमेल किया, किसने लीक की एक्ट्रेस की इंफॉर्मेशन, एयरपोर्ट पर कैसे बचती थीं?

बेंगलुरु वही गोल्ड, वही स्मगलिंग और वही दुबई से कनेक्शन. पांच साल पहले केरल में जो गोल्ड स्मगलिंग से जुड़ा विवाद हुआ, वही अब कर्नाटक में भी देखने को मिल रहा है. उस समय नेताओं की संदिग्ध भूमिका पर सवाल उठे थे और आज फिर नेताओं की भूमिका कठघरे में खड़ी की जा रही है. दरअसल, कर्नाटक में कन्नड़ एक्ट्रेस रान्या राव स्मगलिंग केस चर्चा में है. रान्या राव को 3 मार्च को दुबई से सोने की तस्करी के आरोप में बेंगलुरु एयरपोर्ट से गिरफ्तारी किया गया. उनके कब्जे से 15 किलो सोना बरामद हुआ. इसकी कीमत करीब 12.56 करोड़ रुपये आंकी गई. जांच में रान्या के राजनीतिक कनेक्शन सामने आए हैं. रान्या के फोन में कई नेताओं और पुलिस अफसरों के कॉन्टेक्ट नंबर मिले हैं, इनमें वर्तमान और पूर्व मंत्री के नाम भी शामिल हैं. राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) इस बात की जांच कर रहा है कि क्या इन प्रभावशाली लोगों को रान्या की गतिविधियों के बारे में पता था. अब संगठित नेटवर्क से संभावित कनेक्शन खंगाला जा रहा है. कर्नाटक मामले में बीजेपी ने क्या दावा किया है? बीजेपी ने मांग की है कि कर्नाटक की कांग्रेस सरकार तस्करी रैकेट से जुड़े उस मंत्री के नाम का खुलासा करे. प्रदेश अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने कहा, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया तस्करी रैकेट में कथित रूप से शामिल मंत्रियों के नामों का खुलासा करें. उन्होंने दावा किया कि रान्या ने हाल के महीनों में 30 से ज्यादा बार विदेश यात्रा की और लौटने पर उसे पूरा प्रोटोकॉल दिया गया. विजयेंद्र ने आरोप लगाया कि एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी की बेटी होने के नाते रान्या के प्रभाव ने उसे एयरपोर्ट पर पुलिस एस्कॉर्ट समेत स्पेशल ट्रीटमेंट दिलाया. रान्या राव आईपीएस अधिकारी रामचंद्र राव की सौतेली बेटी हैं. रामचंद्र, वर्तमान में कर्नाटक राज्य पुलिस आवास निगम के पुलिस महानिदेशक के रूप में कार्यरत हैं. बीवाई विजयेंद्र ने आगे कहा कि अगर रान्या को सुरक्षा जांच से छूट दी गई थी तो यह मंत्रियों समेत शक्तिशाली व्यक्तियों की संलिप्तता को दर्शाता है. हवाला ऑपरेटरों, सोने की तस्करी करने वाले माफिया और राजनेताओं में विधायक और पूर्व मंत्री शामिल हैं, जिन्होंने ऐसी गतिविधियों का सपोर्ट किया, उनके नाम सार्वजनिक किए जाने चाहिए. 'रान्या ने कांग्रेसी मंत्रियों से संपर्क करने की कोशिश की' बीजेपी विधायक भरत शेट्टी ने दावा किया कि कांग्रेस सरकार के दो मंत्रियों ने हस्तक्षेप किया और रान्या को कानूनी झमेले से बचाने में मदद करने की कोशिश की. उन्होंने कहा, अपनी गिरफ्तारी के दौरान रान्या ने कई कांग्रेसी मंत्रियों से संपर्क करने का प्रयास किया. अब यह लगभग सार्वजनिक हो चुका है कि उनमें से दो ने हस्तक्षेप किया था. सीबीआई जांच से सच्चाई सामने आ जाएगी. बीजेपी ने इसे केरल जैसा मामला बताया बीजेपी नेता सीटी रवि ने मामले से जुड़े सभी पॉलिटिकल कनेक्शन की जांच की मांग की और रान्या के तस्करी कारोबार से जुड़े 50 लाख रुपये के गिफ्ट की खबरों पर सवाल उठाए. उन्होंने इस घोटाले की तुलना केरल में हुए एक ऐसे ही मामले से की और पूछा कि क्या कर्नाटक में भी अब ऐसा ही मामला सामने आ रहा है. कांग्रेस ने बीजेपी को घेरा वहीं, कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि बीजेपी ने अपने कार्यकाल के दौरान रान्या की फर्म को स्टील प्लांट के लिए जमीन आवंटित की थी. मंत्री एमबी पाटिल ने स्पष्ट किया कि रान्या से जुड़ी कंपनी क्षिरोडा इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को 12 एकड़ भूमि स्वीकृत की गई थी, लेकिन भूमि कभी आधिकारिक रूप से आवंटित नहीं की गई क्योंकि फर्म जरूरी भुगतान करने में विफल रही. कांग्रेस विधायक रिजवान अरशद ने बीजेपी पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया और पूछा कि कंपनी को ट्रैक रिकॉर्ड ना होने के बावजूद जमीन क्यों दी गई. उन्होंने कहा, वो उद्योगपति है या तस्कर? इससे साबित होता है कि बीजेपी की उससे गहरी सांठगांठ है. कांग्रेस पर आरोप लगाने से पहले उन्हें इसका जवाब देना चाहिए. मुख्यमंत्री के कानूनी सलाहकार एएस पोन्नन्ना ने भी कहा, जमीन का आवंटन बीजेपी के शासन में हुआ था. अगर विजयेंद्र कांग्रेस के मंत्रियों पर आरोप लगा रहे हैं तो उन्हें पहले बीजेपी के उस मंत्री का नाम बताना चाहिए, जिसने इस सौदे को मंजूरी दी थी. रान्या के कॉल रिकॉर्ड खंगाल रहीं एजेंसी फिलहाल, केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है. रान्या के कॉल रिकॉर्ड और अन्य डेटा का एनालिसिस किया जा रहा है. रान्या ने अदालत में दावा किया कि अधिकारियों ने उन्हें परेशान किया और उनकी सहमति के बिना दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने के लिए मजबूर किया. उन्होंने आगे आरोप लगाया कि अधिकारियों ने उन पर अनुपालन करने के लिए दबाव डाला. हालांकि, अधिकारियों ने कहा कि रान्या ने पूछताछ के दौरान सहयोग नहीं किया. केरल का क्या मामला है? तारीख- 5 जुलाई, 2020. केरल का तिरुवनंतपुरम. यहां इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सीमा शुल्क विभाग के अधिकारियों ने 30 किलोग्राम से ज्यादा वजन वाले सोने से भरे बैग को जब्त किया. इस गोल्ड की कीमत करीब 15 करोड़ रुपये थी. सोना राजनयिक बैगेज के अंदर था और यूएई वाणिज्य दूतावास को भेजा गया था. आरोप था कि यूएई वाणिज्य दूतावास के एडमिन अताशे को सोने से भरी खेप दुबई से भेजी गई थी. मामले में एनआईए ने स्वप्ना सुरेश और संदीप नायर को बेंगलुरु से गिरफ्तार किया. सीमा शुल्क ने पकड़ा था सोने से भरा बैग जांच में सामने आया कि ये गोल्ड एक तस्करी गिरोह का हिस्सा है जो राजनयिक संरक्षण प्राप्त व्यक्ति के नाम का दुरुपयोग करने की कोशिश कर रहा है. सोने की जब्ती ने बड़े राजनीतिक विवाद को जन्म दिया और केरल की सत्तारूढ़ वामपंथी सरकार की नींव हिला दी. खासकर तब जब शीर्ष नौकरशाह एम. शिवशंकर का नाम चर्चा में आया. सीमा शुल्क विभाग और एनआईए ने एम. शिवशंकर से लंबी पूछताछ की. 23 नवंबर को कस्टम ने शिवशंकर को गिरफ्तार किया गया. इससे पहले उन्हें सेवा से सस्पेंड किया गया. बाद में उन्हें जमानत मिल गई. केरल सीएम के करीबी अफसर पर गिरी थी गाज एम शिवशंकर, केरल के मुख्यमंत्री विजयन के करीबी अफसर रहे. उन्होंने सीएम के प्रधान सचिव और आईटी सचिव के तौर पर सेवाएं दीं. उनका मुख्य आरोपी स्वप्ना सुरेश के साथ कनेक्शन … Read more

कलेक्टर ने भूतपूर्व सैनिकों, वीरनारी, वीरमाता एवं सैनिक विधवाओं से की चर्चा

शहडोल कलेक्टर डॉ. केदार सिंह ने आज कलेक्टर कार्यालय के सोन सभागार में जिले के भूतपूर्व सैनिकों, वीरनारी, वीरमाता एवं सैनिक विधवाओं से भेंट कर शाल, श्रीफल एवं फूलमाला पहनाकर सम्मानित किया। कलेक्टर ने भूतपूर्व सैनिकों से चर्चा के दौरान उनसे समाज के उत्थान में बढ़ चढ़कर भागीदारी लेने का आग्रह किया तथा वह जिस गाँव एवं मोहल्ले में रहते है वहाँ के युवाओं को प्रेरणा देकर देश के लिए उत्कृष्ट कार्य करने के लिए प्रेरित करने की बात कही। कलेक्टर ने सभी भूतपूर्व सैनिकों को उनके द्वारा राष्ट्र सेवा के लिए धन्यवाद दिया एवं सेना के दौरान अनुशासन, कर्तव्यपरायणता, ईमानदारी एवं देशभक्ति को युवाओं में जाग्रत करने की अपील की। इस दौरान पुलिस अधिक्षक श्री रामजी श्रीवास्तव ने भी भूतपूर्व सैनिकों से चर्चा की एवं उनकों डिजिटल सुरक्षा के प्रति अवगत कराया। recent visitors 26

बस्तर के असल जीवन को करीब से जानने-समझने का मिलेगा अवसर : मुख्यमंत्री साय

बस्तर पंडुम 2025: लोकसंस्कृति और परंपराओं का भव्य उत्सव बस्तर की सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने की अनूठी पहल है बस्तर पंडुम रायपुर, बस्तर के लोग जीवन का हर पल उत्सव की तरह जीते हैं और अपनी खुशी की अभिव्यक्ति के लिए उनके पास समृद्ध सांस्कृतिक विरासत है। बस्तर में शांति स्थापना के लिए हम तेजी से अपने कदम बढ़ा रहे हैं और बस्तर पंडुम के माध्यम से बस्तर के लोकजीवन और लोकसंस्कृति को सहेजने के साथ ही उनकी उत्सवधर्मिता में हम सहभागी बनेंगे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज विधानसभा परिसर स्थित समिति कक्ष में मांदर की थाप पर नाचते कलाकारों की मौजूदगी में बस्तर पंडुम 2025 के लोगो का अनावरण किया और यह बातें कही। उन्होंने बस्तर पंडुम के सफल आयोजन के लिए अपनी शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह आयोजन सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के साथ ही बस्तर के प्रतिभाशाली कलाकारों को सशक्त मंच प्रदान करेगा। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने बस्तर पंडुम के बुकलेट का विमोचन किया।     मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि हमारी सरकार बनने के बाद बस्तर का विकास और वहां के लोगों को मुख्य धारा से जोड़ना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल रहा है। बस्तर को माओवाद से मुक्त करने की दिशा में हमने तेजी से अपने कदम बढ़ाए हैं। उन्होंने कहा कि बस्तर ओलंपिक और हाल ही में आयोजित अबूझमाड़ पीस हॉफ मैराथन में भी बस्तर वासियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया है। यह दर्शाता है कि बस्तर वासियों का विश्वास लगातार शासन के प्रति बढ़ा है और वे क्षेत्र में शांति और अमन-चैन चाहते हैं।         मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमने बजट में नक्सली हिंसा से ग्रसित रहे पुवर्ती गांव में भी अस्पताल खोलने का बड़ा निर्णय लिया है। नियद नेल्ला नार योजना के माध्यम से हम बस्तर वासियों के मूलभूत जरूरत को तेजी से पूरा कर रहें हैं।         मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर के लोग अपनी सादगी के लिए जाने जाते हैं और हर मौके को अपने खास अंदाज में सेलिब्रेट करते हैं । बस्तर पंडुम के माध्यम से बस्तर के असल जीवन को और करीब से देखा जा सकेगा। उन्होंने कहा कि बस्तर पंडुम में नृत्य, गीत, लोककला, लोकसंस्कृति, नाट्य, शिल्प, रीति- रिवाज, परंपरा और व्यंजन सहित विभिन्न 7 विधाओं में प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएगी। श्री साय ने कहा कि बस्तर में खुशहाली हो, लोग भयमुक्त होकर अपने अंदाज में जिये और उन्हें शासन की सभी सुविधाओं का लाभ मिले।        इस मौके पर उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव, उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, विधायक श्री किरण देव, विधायक सुश्री लता उसेंडी, विधायक श्री विनायक गोयल, संस्कृति विभाग के सचिव श्री अन्बलगन पी. और संचालक संस्कृति श्री विवेक आचार्य मौजूद रहे। बस्तर की पहचान को दर्शा रहा है बस्तर पंडुम का लोगो      बस्तर पंडुम के लोगो में बस्तर के लोकजीवन को जीवंत रूप में प्रदर्शित किया गया है और यह उनकी सांस्कृतिक पहचान से गहरे से जुड़ा हुआ है। बस्तर के विरासत को बहुत ही कलात्मक ढंग से दिखाने का प्रयास इसमें किया गया है।  "बस्तर पंडुम" गोंडी का शब्द है जिसका अर्थ है बस्तर का उत्सव। प्रतीक चिन्ह में बस्तर की जीवनरेखा इंद्रावती नदी, चित्रकूट जलप्रपात, छत्तीसगढ़ का राजकीय पशु वनभैंसा, राजकीय पक्षी पहाड़ी मैना, बायसन हॉर्न मुकुट, तुरही, ढोल, सल्फी और ताड़ी के पेड़ को शामिल गया है। इस प्रतीक चिन्ह के माध्यम से सरल, सहज और उम्मीदों से भरे अद्वितीय बस्तर को आसानी से जाना और समझा जा सकता है। नृत्य, गीत समेत 07 प्रमुख विधाओं पर केंद्रित होगा आयोजन ‘‘बस्तर पंडुम 2025’’ में जनजातीय नृत्य, गीत, नाट्य, वाद्ययंत्र, पारंपरिक वेशभूषा एवं आभूषण, शिल्प-चित्रकला और जनजातीय व्यंजन एवं पारंपरिक पेय से जुड़ी प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। ये स्पर्धाएं तीन चरणों में संपन्न होंगी। जनपद स्तरीय प्रतियोगिता 12 से 20 मार्च, जिला स्तरीय प्रतियोगिता 21 से 23 मार्च, संभाग स्तरीय प्रतियोगिता दंतेवाड़ा में 1 से 3 अप्रैल तक सम्पन्न होगी। प्रत्येक स्तर पर प्रतिभागियों को विशेष पुरस्कार और प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे। बस्तर के लोकजीवन और परंपराओं पर आधारित आयोजन होंगे प्रमुख आकर्षण     बस्तर पंडुम में बस्तर की पारंपरिक नृत्य-शैली, गीत, रीति-रिवाज, वेशभूषा, आभूषण और पारंपरिक व्यंजनों का शानदार प्रदर्शन होगा। प्रतियोगियों के प्रदर्शन को मौलिकता, पारंपरिकता और प्रस्तुति के आधार पर अंक दिए जाएंगे। आयोजन में समाज प्रमुखों, जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ नागरिकों को विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया जाएगा। प्रतियोगिता के विजेताओं के चयन के लिए एक विशेष समिति बनाई गई है, जिसमें प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ आदिवासी समाज के वरिष्ठ मुखिया, पुजारी और अनुभवी कलाकार शामिल रहेंगे। इससे प्रतियोगिता में पारदर्शिता बनी रहेगी और पारंपरिक लोककला को न्याय मिलेगा। recent visitors 24

प्रीलिम्स परीक्षा 2024: 3737 अभ्यर्थियों ने मेंस के लिए किया क्वालीफाई

रायपुर छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग ने राज्य सेवा प्रीलिम्स परीक्षा 2024 (CGPSC PCS Prelims Result 2024) का रिजल्ट जारी कर दिया है। इस परीक्षा के माध्यम से डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी, आबकारी सब इंस्पेक्टर समेत 17 सेवाओं के 246 पदों पर भर्ती की जाएगी। परीक्षा 9 फरवरी 2025 को दो पालियों में आयोजित हुई थी। जारी परिणाम के अनुसार, कुल 3737 अभ्यर्थियों ने मुख्य परीक्षा (मेंस) के लिए क्वालीफाई किया है। अभ्यर्थी अपना परिणाम आयोग की आधिकारिक वेबसाइट psc.cg.gov.in पर या नीचे दी गई इमेज पर क्लिक कर देख सकते हैं। बता दें कि इस भर्ती प्रक्रिया में 246 पदों में से सर्वाधिक 90 पद आबकारी सब इंस्पेक्टर के हैं। वहीं, डिप्टी कलेक्टर के 7 और डीएसपी के 21 पद शामिल हैं। पिछले साल डीएसपी का कोई पद नहीं था, लेकिन इस बार आयोग ने 21 पदों पर भर्ती के लिए वैकेंसी निकाली है। recent visitors 27

वनडे रैंकिंग में शीर्ष पर बरकरार शुभमन गिल और रोहित शर्मा तीसरे स्थान पर पहुंचे

दुबई हाल ही में संपन्न आईसीसी पुरुष चैम्पियंस ट्रॉफी जीतने के बाद भारतीय कप्तान रोहित शर्मा वनडे बल्लेबाजी रैंकिंग में तीसरे स्थान पर पहुंच गए हैं जिसमें उनके साथी सलामी बल्लेबाज शुभमन गिल पहले स्थान पर हैं। भारत ने दुबई में न्यूजीलैंड पर 4 विकेट से रोमांचक जीत के साथ अपना तीसरा चैम्पियंस ट्रॉफी खिताब जीता। बुधवार को जारी रैंकिंग अपडेट में दोनों टीमों के स्टार खिलाड़ियों को पुरस्कृत किया गया है। फाइनल में 83 गेंदों पर मैच विजयी 76 रन बनाने वाले रोहित दो स्थान की छलांग लगाकर तीसरे स्थान पर पहुंच गए हैं। फाइनल में अपने शानदार प्रदर्शन के लिए रोहित को प्लेयर ऑफ द मैच की ट्रॉफी से सम्मानित किया गया। इस बीच टूर्नामेंट में 218 रन बनाने वाले विराट कोहली टूर्नामेंट में 218 रन बनाने के बाद शीर्ष पांच (पांचवें स्थान) पर बने हुए हैं। न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों ने भी उल्लेखनीय प्रगति की है। डेरिल मिशेल एक पायदान ऊपर चढ़कर छठे स्थान पर पहुंच गए हैं, जबकि युवा सनसनी रचिन रवींद्र 14 पायदान ऊपर चढ़कर 14वें स्थान पर पहुंच गए हैं। ग्लेन फिलिप्स भी छह पायदान ऊपर चढ़कर 24वें स्थान पर पहुंच गए हैं। न्यूजीलैंड के कप्तान मिशेल सेंटनर गेंदबाजी में सबसे बेहतरीन प्रदर्शन करने वालों में से एक रहे, उन्होंने टूर्नामेंट में 9 विकेट लिए, जिसमें फाइनल में दो विकेट शामिल हैं। उनके प्रयासों से वह छह पायदान ऊपर चढ़कर वनडे गेंदबाजी रैंकिंग में दूसरे स्थान पर पहुंच गए हैं, जो श्रीलंका के महेश थीक्षाना से ठीक पीछे है। न्यूजीलैंड के माइकल ब्रेसवेल ने भी महत्वपूर्ण लाभ हासिल किया है, जो 10 पायदान ऊपर चढ़कर 18वें स्थान पर पहुंच गए हैं। भारत की स्पिन जोड़ी कुलदीप यादव और रवींद्र जडेजा ने भारत के अपराजित अभियान में महत्वपूर्ण योगदान देने के बाद अपनी रैंकिंग में सुधार किया है। 7 विकेट लेने वाले कुलदीप तीसरे स्थान पर पहुंच गए हैं, जबकि जडेजा 5 विकेट लेने के बाद 10वें स्थान पर पहुंच गए हैं। अफगानिस्तान के अजमतुल्लाह उमरजई वनडे ऑलराउंडर की रैंकिंग में शीर्ष पर बने हुए हैं, लेकिन चैंपियंस ट्रॉफी में उनके ठीक नीचे एक बड़ा बदलाव हुआ। मिशेल सेंटनर चौथे स्थान पर पहुंच गए, जबकि माइकल ब्रेसवेल (7वें स्थान पर) और रचिन (8वें स्थान पर) ने अपने हरफनमौला प्रदर्शन के बाद छलांग लगाई। recent visitors 32

श्री श्री ने नक्सली विचारधारा से प्रभावित युवाओं से विकास की मुख्यधारा में शामिल होने का आव्हान

मुख्यमंत्री शंखनाद महासत्संग में हुए शामिल हजारों श्रद्धालुओं द्वारा उच्चारित ॐ ध्वनि से तरंगित हो उठा राजधानी रायपुर का साइंस कॉलेज मैदान रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कल राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में श्रीश्री रविशंकर के शंखनाद महासत्संग कार्यक्रम में शामिल हुए । उन्होंने श्रीश्री रविशंकर जी से प्रदेश की सुख, समृद्धि और खुशहाली का आशीर्वाद ग्रहण किया । श्रीश्री रविशंकर ने मुख्यमंत्री की तारीफ की। उन्होंने  कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय प्रगतिशील विचारों के हैं, उनके दिल में प्रदेश के लिए बड़ी सोच है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीश्री रविशंकर परोपकार और मानवता की सेवा का ऐसा कार्य कर रहे हैं, जिसे भुलाया नहीं जा सकता। मुख्यमंत्री ने श्रीश्री रविशंकर महाराज का प्रदेश की जनता की ओर से छत्तीसगढ़ की धरती पर स्वागत किया। उन्होंने कहा कि उनका संस्थान योग, ध्यान और मानवता के कल्याण का अच्छा कार्य कर रहा है। सुदर्शन क्रिया के माध्यम से देश दुनिया में करोड़ों निराश लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि ध्यान और मेडिटेशन को हम भूलते जा रहे थे। आर्ट ऑफ लिविंग के माध्यम से फिर से इसे स्थापित किया जा है।  उन्होंने बताया कि आज छत्तीसगढ़ राज्य और आर्ट ऑफ लिविंग के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए हैं जिसके तहत प्रदेश के गांव-गांव में जल संरक्षण, कृषि संवर्धन, शिक्षा, आजीविका – रोजगार, महिला सशक्तिकरण और नशा मुक्ति के कार्य उनकी संस्था द्वारा किया जाएगा। नया रायपुर में आर्ट ऑफ लिविंग केंद्र के लिए स्थान चिन्हित कर लिया गया है। श्रीश्री रविशंकर और मुख्यमंत्री श्री साय ने आर्ट ऑफ लिविंग सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का शिलान्यास किया। यह केंद्र योग, ध्यान, कौशल विकास, आत्म विकास और सामुदायिक विकास को समर्पित रहेगा। यह महा सत्संग ज्ञान, ध्यान और सनातन संस्कृति का अनूठा संगम रहा है। आध्यात्मिक गुरु श्रीश्री रविशंकर महाराज ने आर्ट ऑफ लिविंग के सिद्धांतों की सारगर्भित जानकारी अपने संबोधन में दी। उन्होंने उपस्थित लोगों को ध्यान कराया। ध्यान के दौरान हजारों श्रद्धालुओं द्वारा उच्चारित ॐ ध्वनि से रायपुर का साइंस कॉलेज मैदान तरंगित हो उठा। नक्सलवाद से प्रभावित युवाओं से मुख्यधारा में शामिल होने का आह्वान श्रीश्री रविशंकर ने नक्सलवाद से प्रभावित युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि आप विकास की मुख्य धारा में आएं, हम आपके साथ खड़े हैं, हम सब मिलकर छत्तीसगढ़ को उत्तम और भारत को श्रेष्ठ बनाएंगे। जहां सभी के लिए स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और सभी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हो। गरीबों के उत्थान के कार्यों हों। उन्होंने कहा कि हमारे जीवन में शांति और समृद्धि आवश्यक है। जब शांति होगी तो समृद्धि आएगी। आप जब हमारे साथ आएंगे तो आपको भी समता ,समृद्धि और न्याय मिलेगा। बंदूक से कोई काम नहीं बनता। छत्तीसगढ़ के संदर्भ में उन्होंने कहा कि यहां प्राकृतिक सौंदर्य है। विविध फल फूल और प्राकृतिक संपदा भरपूर है। यह प्रदेश दुनिया के आकर्षण का केंद्र बन सकता है। अब यह समय आ गया है कि हम सभी मिलकर प्रदेश को उत्तम और भारत को श्रेष्ठ बनने के लिए काम करें । आर्ट ऑफ लिविंग के संबंध में उन्होंने बताया कि हमारे जीवन में शक्ति, भक्ति, युक्ति और मुक्ति होनी चाहिए। विपरीत और अनुकूल परिस्थितियों में मन का समभाव बना रहे । जो जैसा है उसे वैसा ही स्वीकार करें। दूसरों के विचारों को प्रेरणा लें, लेकिन उनसे पूरी तरह प्रभावित न हो और वर्तमान में जिएं। हमारे जीवन में प्रेम हो, प्रेम का अर्थ है कि कोई हमारे लिए गैर नहीं है । उन्होंने लोगों से गुरु दक्षिणा मांगते हुए कहा कि यहां आए सभी लोग अपनी परेशानी, दुख – दर्द यहां छोड़ कर जाएं, यही मेरी गुरु दक्षिणा है । ईश्वर पर भरोसा रखें । कार्यक्रम के अंत में भजन की धुन पर पूरा मैदान झूम उठा। श्रीश्री रविशंकर रैंप पर चलकर लोगों के पास पहुंचे और उन्हें आशीर्वाद प्रदान किया। इस अवसर पर सरगुजा विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष सुश्री लता उसेंडी, विधायक श्री किरण सिंहदेव, पूर्व मंत्री महेश गागड़ा सहित अनेक जनप्रतिनिधि और श्रद्धालु बड़ी संख्या में उपस्थित थे। recent visitors 27

आदिवासी क्षेत्रों में एकल शिक्षक स्कूलों की समस्या को शीघ्रता से करेंगे हल : सीएम साय

रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य में जनजाति समुदाय की जनसंख्या 32 प्रतिशत है। इनका समग्र विकास हमारे राज्य की प्राथमिकता है। यह परिषद केवल विचार-विमर्श का मंच नहीं, बल्कि नीति-निर्माण और निर्णय-क्रियान्वयन की महत्वपूर्ण संवैधानिक इकाई है। वह मंगलवार को विधानसभा परिसर स्थित समिति कक्ष में जनजाति सलाहकार परिषद की पहली बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बैठक में रखे गए सभी बहुमूल्य सुझावों पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश देते हुए अधिकारियों से कहा कि जनजातीय समुदाय के जाति प्रमाण पत्र से जुड़ी त्रुटियों के निवारण के लिए विस्तृत अध्ययन कर समाधान सुनिश्चित किया जाए। जनजातीय आस्था स्थलों के संरक्षण और विकास के लिए देवगुड़ी के साथ सरना स्थलों को भी शामिल करने की व्यवस्था की जाए। शिक्षा में सुधार के लिए आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षकविहीन और एकल शिक्षक स्कूलों की समस्या को शीघ्रता से हल किया जाए। योजनाओं को समुदाय तक पहुंचाएं- नेताम जनजातीय समुदाय की आर्थिक सशक्तिकरण योजनाओं पर प्रभावी अमल किया जाए, जिससे उनकी प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि हो। कैबिनेट मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि राज्य जनजाति सलाहकार परिषद, सरकार और जनजातीय समाज के बीच एक मजबूत सेतु का कार्य करती है। सभी सदस्य प्रदेश के एक-तिहाई जनसंख्या का प्रतिनिधित्व करते हैं, इसलिए जिम्मेदारी है कि शासन की योजनाओं को प्रभावी रूप से समुदाय तक पहुंचाएं। उन्होंने परिषद के लिए निर्णयों को नीति-निर्माण में प्रभावी रूप से शामिल करने का आश्वासन दिया। बैठक में आदिम जाति व अनुसूचित जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने विभिन्न एजेंडा बिंदुओं पर प्रेजेंटेशन दिया और परिषद के समक्ष विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। इस अवसर पर वन मंत्री केदार कश्यप, विधायक लता उसेंडी, शंकुतला सिंह पोर्ते, उद्देश्वरी पैंकरा आदि उपस्थित थे। सदस्यों ने सामाजिक-आर्थिक विकास से जुड़े दिए सुझाव बैठक में परिषद के सदस्यों ने जनजातीय समुदाय के सामाजिक-आर्थिक विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर सुझाव प्रस्तुत किए।     जनजातीय बालिकाओं के लिए छात्रावासों की संख्या और सुविधाओं में वृद्धि की जाए।     जनजातीय बहुल क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर रोजगार व भर्ती प्रक्रिया को प्रोत्साहित करना।     स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतर उपलब्धता व जनजातीय क्षेत्रों में चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार।     आदिवासियों की पारंपरिक आजीविका को सशक्त करने के लिए विशेष योजनाएं लागू करना।     जनजातीय कला, संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण और संवर्धन के लिए विशेष योजनाएं हों।   recent visitors 26