Friday, July 3, 2026 1:48 pm

निर्दयी माँ ने झाड़ियों में फेंका 2 महीने की मासूम को

रायपुर अमलेश्वर के ग्रीन अर्थ सिटी के पास एक 2 माह की मासूम झाड़ियों में मिली है. फिलहाल बच्ची की तबियत स्वस्थ है और उसे आगे की उपचार हेतु 108 टीम द्वारा मेकाहारा अस्पताल में एडमिट कराया गया है.जानकारी के अनुसार बुधवार आज सुबह मॉर्निंग वॉक करते समय ग्रीन अर्थ सिटी अमलेश्वर के सामने डीह रोड़ पर एक लावारिस बच्ची एमएम जैन को रोते हुए दिखाई दी. उन्होंने मॉर्निंग वॉक पर निकले अपने मित्र विकास पंसारे और नारायण शर्मा को इसकी सूचना दी. बच्ची को एक थैले में ढंककर फेंका गया था.  बच्ची को चींटियां काट रही थी. इसके बाद बच्ची को झाड़ियों से बाहर लेकर आए और 108 को इसकी सूचना दी. सूचना मिलते ही 108 के पायलट रविंद कुमार और ईएमटी विनोद कुमार तुंरत मौके पर पहुंचें और बच्ची को ऑक्सीजन सपोर्ट व प्राथमिक उपचार करते हुए मेकाहारा अस्पताल में लेकर आएं. recent visitors 25

राजधानी में मिठाई दुकानों पर पहुंचे खाद्य अधिकारी, 50 सैंपल में से दो मिले अमानक

रायपुर होली में मिलावटी मिठाई के कारोबार में वृद्धि की आशंका को देखते हुए, खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने मिठाई की दुकानों की जांच शुरू कर दी है। मंगलवार को कई दुकानों से नमूने लिए गए। इसके अतिरिक्त संचालित खाद्य प्रयोगशाला में 50 नमूनों की जांच की गई। इसमें से 48 नमूने मानक और दो नमूने अमानक पाए गए। विवान फूड प्रोफेसर कॉलोनी, अग्रवाल मिठाई वाला दावड़ा कॉलोनी पचपेड़ी नाका, कलकत्ता स्वीट टाटीबंध रायपुर और न्यू दिल्ली स्वीट्स रायपुर से नमूने लिए गए। गुलाब जामुन (खुला), कुंदा लूस, चमचम लूस और गुजिया के चार-चार विधिक नमूने लिए गए। जांच दल में खाद्य सुरक्षा अधिकारी साधना चंद्राकर, रोशनी राजपूत, बृजेंद्र भारती और सिद्धार्थ पांडे शामिल रहे। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि आगे भी जांच जारी रहेगी। होली के दो दिन पहले शुरू हुई जांच बता दें कि राजधानी में तकरीबन एक हजार मिठाई दुकानें हैं। इनमें होली के त्योहार में खपाने के लिए मिठाइयां बनकर तैयार हैं। एक दिन में चार मिठाई दुकानों की जांच हुई है। ऐसे में होली के बाद भी एक चौथाई दुकानों की जांच नहीं हो पाएगी। सड़कों पर मुरूम बिछाने में जुटा निगम होलिका दहन 13 मार्च को है और 14 मार्च को होली खेली जाएगी। नगर निगम अमला होलिका दहन स्थलों पर मुरुम बिछाने का कार्य शुरू कर दिया है। वहीं, आयुक्त विश्वदीप ने अधिकारियों से कहा कि होलिका स्थलों पर पेयजल की आपूर्ति और पर्याप्त प्रकाश की व्यवस्था होनी चाहिए। उन्होंने सभी 10 जोन कमिश्नरों से कहा कि शहर में प्रस्तावित होलिका दहन स्थल पर मुरुम पहले से ही बिछा दिया जाए। इससे सड़कों को खराब होने से बचाया जा सकेगा। साथ ही गली-मोहल्लों और चौक-चौराहों की होलिका समितियों को भी कहा जाए कि मुरुम के ऊपर ही होलिका जलाई जाए।   recent visitors 16

जीएसटी की जटिलताओं को सुलझाने के लिए लॉन्च हुआ एआई-संचालित पोर्टल : जीएसटी-इनसाइट्स

  इंदौर  भारत –जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) से जुड़े जटिल कानूनी प्रावधानों को सरल भाषा में समझाने के उद्देश्य से www.gstinsights.com नामक एक आधुनिक पोर्टल लॉन्च किया गया है। यह पोर्टल व्यापारियों, कर विशेषज्ञों और आम नागरिकों के लिए एक उपयोगी संसाधन साबित हो सकता है, जिससे वे जीएसटी की बारीकियों को बेहतर ढंग से समझ सकें। इस पोर्टल को बनाने में कस्टम्स और सीजीएसटी विभाग के अधिकारी, श्री संदीप गर्ग जी ने मार्गदर्शन किया है। जीएसटी एक ऐसा टैक्स है, जिसे समझना बहुत मुश्किल होता है। इसलिए, आम लोगों को बहुत दिक्कत होती है। इस समस्या को दूर करने के लिए, इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के डेटा साइंस विभाग के छात्रों रुकैय्या सैफी, इरम सबा खान और सिद्धार्थ पांडा ने, श्री संदीप गर्ग, डॉ. शिशिर कुमार शांडिल्य एवं श्री आदित्य श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में, "GST Insights" नाम का एक ऐसा एआई पोर्टल बनाया है, जो जीएसटी विभाग के आधिकारिक दस्तावेजों को एआई (AI) द्वारा पढ़कर आसान भाषा में समझाता है, और चैटजीपीटी (ChatGPT) की तरह बातें भी कर सकता है। यह पोर्टल उनके  प्रोजेक्ट इंटर्नशिप का हिस्सा है । इस पोर्टल का उद्देश्य आम लोगों को जीएसटी के नियमों को आसानी से समझाना और जीएसटी से संबंधित प्रश्नों के उत्तर देना है। इस पोर्टल में प्रश्न पूछने की सुविधा, विभिन्न भाषाओं में जानकारी और नवीनतम जीएसटी अपडेट्स जैसी विशेषताएं हैं। इस पोर्टल का उपयोग करके, आम लोग जीएसटी के नियमों को आसानी से समझ सकते हैं, जीएसटी से संबंधित प्रश्नों के उत्तर प्राप्त कर सकते हैं और जीएसटी के बारे में नवीनतम जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।इस पोर्टल की नींव श्री संदीप जी ने रखी है। सीजीएसटी विभाग में अधिकारी होने के कारण, उन्हें जीएसटी के बारे में सटीक जानकारी है। उन्होंने यह सुनिश्चित किया है कि पोर्टल पर दी गई जानकारी बिल्कुल सही हो और लोगों को आसानी से समझ में आए। श्री संदीप जी कहते हैं, "जीएसटी को समझना मुश्किल नहीं होना चाहिए। हमारे इस प्रयास का मकसद है कि लोग आसानी से जीएसटी के बारे में जान सकें। हमने एआई (AI) की मदद से और अपने अनुभव से एक ऐसा पोर्टल बनाया है, जो सबको समझ में आएगा। इस पोर्टल की प्रमुख विशेषताएँ: सरल और सटीक जानकारी – जीएसटी अधिनियमों और कानूनों को एआई की मदद से आसान भाषा में समझाया गया है।  नवीनतम अपडेट – आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त विश्वसनीय जानकारी।  समय की बचत – तेजी से सटीक और उपयोगी डेटा उपलब्ध।  उपयोगकर्ता अनुकूल अनुभव – सहज नेविगेशन और सरल इंटरफेस। निःशुल्क सुविधा – सभी के लिए पूरी तरह निःशुल्क। मदद और सपोर्ट – सवालों के जवाब और हेल्पलाइन सुविधा उपलब्ध।डॉ. शिशिर कुमार शांडिल्य जी ने बताया कि संदीप जी का अनुभव और उनका उद्देश्य, इस पोर्टल को बनाने में बहुत सहायक रहा। यह पोर्टल उन सभी लोगों के लिए बहुत उपयोगी होगा, जो जीएसटी को समझना चाहते हैं। एआई की मदद से, अब जीएसटी समझना बहुत आसान हो गया है। यह पोर्टल आम जनता के लाभ के लिए निशुल्क उपलब्ध है और जीएसटी से जुड़ी सही व सरल जानकारी प्रदान करता है। जीएसटी के बारे में और अधिक जानने के लिए www.gstinsights.com पर जाएँ। recent visitors 20

बिलासपुर में मेडिकल और सर्जिकल सामान की सप्लाई का झांसा देकर 3 करोड़ की ठगी

बिलासपुर तिफरा की आर्या कॉलोनी में रहने वाले व्यवसायी को दवाइयां और सर्जिकल सामान की सप्लाई का झांसा देकर 3 करोड़ 15 लाख की ठगी का मामला सामने आया है। व्यवसायी की शिकायत पर पुलिस ने जुर्म दर्ज कर मामले को जांच में लिया है। तिफरा के आर्या कॉलोनी में रहने वाले राकेश खरे दवाई और सर्जिकल आयटम के सप्लायर हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि 2021 में असम के गुवाहाटी में रहने वाले नरेंद्र सिन्हा से मुलाकात हुई थी। उसने खुद को दिमा हसाओ के काउंसिल का मेंबर बताया। साथ ही व्यापार में राकेश की मदद करने की बात कही। लेटेस्ट और ट्रेंडिंग स्टोरीज उसी साल मई में नरेंद्र ने दिमा हसाओ से फेस मास्क, पीपीई किट, ग्लब्स के ऑर्डर की कॉपी भेजी। यह ऑर्डर 14 करोड़ का था। उसने गुवाहाटी में विवेक फुकान, हिरेंद्र सिन्हा से मुलाकात कराते हुए उन्हें फेस मास्क, पीपीई किट, ग्लब्स का सप्लायर बताया। इनसे खरीदी करने के लिए एडवांस देने के लिए कहा। बड़ा ऑर्डर मिलने की उम्मीद पर राकेश ने विवेक फुकान और हिरेंद्र सिन्हा की फर्म को अलग-अलग कर 3 करोड़ 15 लाख रुपये एडवांस भुगतान कर दिया। इधर व्यवसायी को न तो दिया हसाओ से कोई ऑर्डर मिला, न ही उन्हें सामान की सप्लाई की गई। व्यवसायी ने जब अपने रुपये वापस मांगे तो टालमटोल की गई। करीब चार साल बाद व्यवसायी ने इसकी शिकायत सिरगिट्टी थाने में की है। इस पर पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। recent visitors 18

Massive fire near Salkanpur temple , एक दर्जन दुकानें जलकर राख, ढाई घंटे में पाया गया काबू

Massive fire near Salkanpur temple, a dozen shops burnt to ashes, brought under control in two and a half hours जिले के रेहटी के पास स्थित सलकनपुर में प्रसिद्ध मां विजयासन देवी धाम के पास बुधवार सुबह बड़ी आग लग गई। जानकारी लगते ही अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। देखते ही देखते एक दर्जन दुकानें जलकर राख हो गईं। करीब ढाई घंटे के अथक प्रयासों के बाद आग पर काबू पाया जा सका। आगजनी में लाखों रुपये का नुकसान बताया गया है। जानकारी के अनुसार सलकनपुर मंदिर के ऊपर रास्ते पर स्थित बुधवार सुबह 8:30 के करीब दुकानों में आग लग गई। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण दुकानों के बाहर पड़ा कचरा और शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। आग इतनी भीषण थी कि देखते ही देखते एक दर्जन दुकानों में आग फैल गई। विजयासन देवी धाम के पास दुकानों में अचानक आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। दुकानदारों और स्थानीय लोगों ने अपने-अपने साधनों से आग पर काबू करने का प्रयास किया, लेकिन उनके प्रयास नाकाफी साबित हो रहे थे। देवलोक के निर्माण कार्य में लगे पानी के टैंकरों से बुझाई आग स्थानीय लोगों ने बताया कि सुबह दुकानों में आग जैसे ही लगी सभी दुकानदार मंदिर पहुंच गए और मंदिर पर चल रहे देवलोक के निर्माण कार्य में लगे पानी के टैंकर और फ्लोरी में पानी भरकर बुलाया और दुकानदारों ने प्लास्टिक के कुप्पों से आग बुझाई। मंदिर की चढ़ाई ज्यादा होने की वजह से फायर ब्रिगेड देर से पहुंची।स्थानीय व्यापारी अरविंद मालवीय एवं पंकज शर्मा ने बताया कि आग तेजी से फैल रही थी। दुकानदारों ने तत्परता दिखाते हुए करीब ढाई घंटे में आग पर काबू पाया। अगर, आग को बुझाया नहीं गया होता तो लगभग सभी दुकानें आग में राख हो जाती। आग इतनी उग्र थी कि रोड क्रॉस करके सामने वाली लाइन के पर्दे, बैनर और मेट भी आग में झुलस गए। मौके पर पहुंचे एसडीएम दिनेश तोमर, एसडीओपी बुदनी रवि शर्मा, तहसीलदार भूपेंद्र कैलाशिया, थाना प्रभारी राजेश कहारे, सलकनपुर चौकी प्रभारी भावना यादव, मंदिर ट्रस्ट सचिव रामकिशोर दुबे सहित प्रशासनिक अधिकारियों ने घटना का मौका मुआयना किया। वही, पुलिस आग लगने के कारण की जांच कर रही है। फिलहाल कारण अज्ञात है। Read more: लाडली बहनों से लेकर किसानों को एमपी के बजट में क्या मिला? पढ़ें बड़ी बातें Massive fire near Salkanpur temple , आग लगने से लाखों का नुकसानआगजनी में एक दर्जन दुकानों का सामान पूरी तरह से जलकर खाक हो गया। हालांकि नुकसान का सही आंकलन नहीं हो पाया है। इस आगजनी की घटना में सलकनपुर मंदिर पहाड़ी पर जिनकी दुकानों में आग लगी है, उनमें अभिलाषा नाविक, अखिलेश गोयल, राकेश रघुवंशी, मधु मालवीय, मंजू राठौर, विजय यादव, महेश केवट, जितेंद्र चौहान, राकेश गौड़, हेम नारायण वर्मा सहित अन्य नाम शामिल हैं। दुकानदारों के माने तो आगजनी ने उन्हें सड़कों पर ला दिया है। दुकान से ही उनकी रोजी-रोटी चलती थी। दुकानदारों ने सरकार से राहत राशि की मांग की है। अक्सर होती रहती है आगजनी, सलकनपुर धाम पर हो फायर ब्रिगेड की व्यवस्थादेवीधाम सलकनपुर में दुकानों में आग लगने की घटना पहली नहीं है। आगजनी की घटना अक्सर हो जाती है जिसमें दुकानदारों का लाखों का नुकसान हो जाता है। बताया जाता है कि 2008 में सलकनपुर मंदिर के पास भेरू घाटी पर शॉर्टसर्किट से लगभग 40 दुकानें पूरी तरह जलकर ख़ाक हो गई थी। इसी तरह दिवाली वाली रात भी मंदिर पर दुकानों में आगजनी की घटना हुई थी। कारण कभी शॉर्ट सर्किट तो कभी जंगल के सूखे पत्तों या दुकानों के अवशेष कचरे की वजह से आगजनी की वजह सामने आती है। दुकानदारों को कहना है कि आगजनी की घटना पर काबू पाया जाने के लिए सलकनपुर धाम पर फायर ब्रिगेड की व्यवस्था होना चाहिए। recent visitors 115

छत्तीसगढ़ में सरकारी छात्रावास और आश्रमों की मरम्मत के नाम पर बिना काम किए ही 2.90 करोड़ रुपये कर दिया भुगतान

कोरबा जिला खनिज न्यास मद (डीएमएफ) घोटाले में जेल में बंद छत्तीसगढ़ की प्रशासनिक अधिकारी माया वारियर का एक और घोटाला सामने आया है। कांग्रेस शासन के दौरान वारियर कोरबा जिले में आदिवासी विकास विभाग की सहायक आयुक्त के पद पर पदस्थ थीं। 33 सरकारी छात्रावास और आश्रमों की मरम्मत के नाम पर बिना काम किए ही उन्होंने चार ठेकेदारों को 2.90 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया। वर्ष 2022 में केंद्र सरकार ने विशेष पिछड़ी जनजाति क्षेत्र के विकास कार्य के लिए छह करोड़ 65 लाख रुपये की स्वीकृत दी थी। 4.36 करोड़ रुपये से कोरबा जिले में संचालित सरकारी छात्रावास व आश्रमों की मरम्मत के कार्य का स्टीमेट तैयार किया गया। एकीकृत आदिवासी विकास विभाग परियोजना कोरबा ने चार कंपनी साईं कृपा बिल्डर्स, बालाजी इंफ्रास्ट्रक्चर, एसएस कंस्ट्रक्शन और साईं इंफोटेक को जर्जर छत की मरम्मत, टूटे खिड़की दरवाजों को बदलने समेत अन्य सिविल वर्क का काम दिया गया था।   recent visitors 22

आरबीआई ने कहा- जल्द ही बाजार में 100 और 200 रुपए के नए नोट जारी किए जाएंगे

मुंबई भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 100 और 200 रुपए के नोटों को लेकर अहम जानकारी साझा की है। जल्द ही बाजार में इन मूल्यों के नए नोट जारी किए जाएंगे, हालांकि इनके डिज़ाइन में कोई बदलाव नहीं होगा। आरबीआई ने बताया कि इन नए नोटों पर गवर्नर संजय मल्होत्रा के हस्ताक्षर होंगे। यह प्रक्रिया हर नए गवर्नर की नियुक्ति के बाद की जाती है, जिसमें उनके हस्ताक्षर वाले नोट जारी किए जाते हैं। वैध रहेंगे पुराने नोट पुराने 100 और 200 रुपए के नोट पहले की तरह वैध रहेंगे और उन्हें बदलने की जरूरत नहीं होगी। RBI ने स्पष्ट किया है कि ये नए नोट जल्द ही बैंकों और एटीएम में उपलब्ध होंगे। इसके अलावा, यह भी देखा जा रहा है कि देश में किन क्षेत्रों में सबसे ज्यादा नकदी का उपयोग किया जा रहा है।   भारत में कैश का उपयोग कितना बढ़ा? रिपोर्ट्स के मुताबिक, 2,000 रुपए के नोट बंद होने के बावजूद देश में नकदी का प्रचलन पहले से ज्यादा बढ़ा है। RBI के आंकड़ों के अनुसार, मार्च 2017 में कैश सर्कुलेशन 13.35 लाख करोड़ रुपए था, जो मार्च 2024 तक बढ़कर 35.15 लाख करोड़ रुपए हो गया। हालांकि, डिजिटल भुगतान भी तेज़ी से बढ़ रहे हैं। मार्च 2020 में UPI के जरिए डिजिटल लेन-देन 2.06 लाख करोड़ रुपए था, जबकि फरवरी 2024 तक यह बढ़कर 18.07 लाख करोड़ रुपए पहुंच गया। पूरे 2024 की बात करें तो अब तक डिजिटल ट्रांजैक्शन लगभग 172 बिलियन रुपये तक हो चुका है। recent visitors 35