मध्यप्रदेश में 9 हुए टाइगर रिजर्व, वन्य जीव संरक्षण हुआ सशक्त, वन्यजीव संरक्षण में आगे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मध्यप्रदेश ने वन्य जीव संरक्षण में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। शिवपुरी स्थित माधव राष्ट्रीय उद्यान को प्रदेश का 9वां टाइगर रिजर्व घोषित किया गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश के 58वें और मध्यप्रदेश के नौवें टाइगर रिजर्व की स्थापना की घोषणा करते हुए कहा, “भारत वन्य जीव विविधता से समृद्ध है, यहां की संस्कृति वन्य जीवों का सम्मान करती है। हम हमेशा पशुओं की रक्षा करने में सबसे आगे रहेंगे।” उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार वन्यजीवों और पर्यावरण के संरक्षण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मध्यप्रदेश के 9वें टाइगर रिजर्व के शुभारंभ के प्रतीक पर स्वरूप एक बाघिन को स्वच्छंद विचरण के लिए मुक्त करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि नए बाघ अभयारण्य को विकसित करते समय अन्य प्रजातियों के सह-अस्तित्व को बनाए रखने के लिए विशेष ध्यान रखा जाएगा। यह कोई चिड़ियाघर नहीं है, बल्कि एक खुला आवास है, जो वन्य जीवों और आम जनता दोनों के लिए सुलभ है। उन्होंने कहा कि हमारे प्रदेश में मानव और वन्य जीवों के सह-अस्तित्व का अनोखा परिदृश्य मौजूद है। इस कदम से बाघों के संरक्षण को नया बल मिलेगा और जैव विविधता को सहेजने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के 9 टाइगर रिजर्व म.प्र. के प्राकृतिक पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे। वन एवं वृक्ष आवरण में अग्रणी मध्यप्रदेश ‘भारत वन स्थिति रिपोर्ट-2023’ के अनुसार, मध्यप्रदेश 85,724 वर्ग किलोमीटर वन और वृक्ष आवरण के साथ देश में शीर्ष स्थान पर है। राज्य का वन आवरण क्षेत्र 77,073 वर्ग किलोमीटर है, जो देश में सर्वाधिक है। मध्यप्रदेश ने देश में सबसे पहले 1973 में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम लागू किया था। सतपुड़ा टाइगर रिजर्व को यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल की संभावित सूची में शामिल किया गया है। मध्यप्रदेश में सबसे अधिक टाइगर रिजर्व मध्यप्रदेश में सबसे अधिक 9 टाइगर रिजर्व हो गए हैं। इनमें कान्हा, पेंच, बांधवगढ़, पन्ना, सतपुड़ा, वीरांगना दुर्गावती, संजय-डुबरी, रातापानी और अब माधव टाइगर रिजर्व शामिल हैं। प्रदेश में 11 नेशनल पार्क, 24 अभयारण्य हैं। सफेद बाघों के संरक्षण के लिए मुकुंदपुर में व्हाइट टाइगर सफारी विकसित की गई है। प्रदेश में टाइगर रिजर्व की यात्रा को हुए 52 वर्ष प्रदेश के 9 टाइगर रिजर्व में सबसे पहले 1973 में कान्हा-किसली राष्ट्रीय उद्यान को टाइगर रिजर्व घोषित किया गया था। इसके बाद पेंच टाइगर रिजर्व-1992, पन्ना टाइगर रिजर्व-1993-94, बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व-1993-94, सतपुड़ा टाइगर रिजर्व-1999-2000, संजय टाइगर रिजर्व-2011, वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व-2023, रातापानी टाइगर रिजर्व-2024 और माधव टाइगर रिजर्व-2025 में घोषित किये गए। पर्यटन और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा नवीन रातापानी और माधव टाइगर रिजर्व के विकास से इन क्षेत्रों में न केवल वन्यजीवों को संरक्षित करने में मदद मिलेगी, बल्कि पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। इससे स्थानीय लोगों के लिए नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। दोनों ही रिजर्व शहरों के नजदीक है। रातापानी प्रदेश की राजधानी भोपाल और माध्व रिजर्व शिवपुरी के नजदीक है। मानव-वन्य जीव संघर्ष को कम करने की योजना मध्यप्रदेश सरकार ने वन्य जीव संरक्षण को और प्रभावी बनाने के लिए वन्य जीव कॉरिडोर विकसित किए हैं। साथ ही, 14 रीजनल और 1 राज्य स्तरीय रेस्क्यू स्क्वॉड गठित किया गया है। मानव-वन्य जीव संघर्ष के मामलों में क्षतिपूर्ति राशि 8 लाख से बढ़ाकर 25 लाख रुपये कर दी गई है। 9वां माधव टाईगर रिजर्व : एक संक्षिप्त परिचय कभी सिंधिया रियासत की ग्रीष्मकालीन राजधानी रहे शिवपुरी में माधव राष्ट्रीय उद्यान की घोषणा वर्ष 1958 में की गई थी। अब यह टाइगर रिजर्व बन गया है। इसका क्षेत्रफल 375233 वर्ग किलोमीटर है। सांख्य सागर और माधव सागर झीलें इस अभयारण्य को हरा भरा बनाए रखने के साथ ही यहां के भू-जल स्तर को बनाए रखती हैं। सांख्य सागर झील को वर्ष 2022 में रामसर साइट भी घोषित किया गया है। इनके किनारे दलदली क्षेत्र में मगरमच्छ भी बहुतायत में पाए जाते हैं। इसके अलावा यहां हिरण चिंकारा, भेड़िये, साही अजगर, खरगोश, तेंदुए और अन्य कई वन्य जीव प्रजातियों के साथ ही देशी व प्रवासी पक्षियों का भी बसेरा रहता है। माधव टाइगर रिजर्व की नई सौगात मध्यप्रदेश की ‘टाइगर स्टेट’ की पहचान को और सशक्त बना कर वन्य जीव संरक्षण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 14

इंदौर एयरपोर्ट से समर शेड्यूल में कई शहरों के लिए सीधी उड़ान शुरू करने की घोषणा विमान कंपनियां कर रही है

इंदौर इंदौर एयरपोर्ट से समर शेड्यूल में कई शहरों के लिए सीधी उड़ान शुरू करने की घोषणा विमान कंपनियां कर रही हैं। इसी कड़ी में मंगलवार को इंडिगो विमान कंपनी ने इंदौर से रायपुर और जबलपुर के लिए सीधी उड़ान की घोषणा करते हुए बुकिंग शुरू की है। यह उड़ान 30 मार्च से जबलपुर से दोपहर में इंदौर आकर वापस जबलपुर जाएगी। वहीं इंदौर से सुबह रायपुर के लिए उड़ान शुरू होगी और दोपहर में लौटेगी। रायपुर उड़ान को 31 मार्च से विशाखापटनम तक बढ़ाया गया है। इससे इंदौर से रायपुर होकर विशाखापटनम तक यात्री जा सकेंगे। जबलपुर के लिए अब सुबह के अलावा दोपहर में भी उड़ान उपलब्ध रहेगी। अभी इंडिगो की एक फ्लाइट इंदौर से रायपुर के लिए अभी इंडिगो कंपनी की एक उड़ान है। यह रायपुर से सुबह 10.25 बजे रवाना होती है और सुबह 11.50 बजे इंदौर पहुंचती है। वापसी में इंदौर से शाम पांच बजे रवाना होकर शाम 6.20 बजे रायपुर पहुंचती है। अब इंडिगो ने अपनी दूसरी उड़ान 30 मार्च से शुरू करने की घोषणा की है। समर शेड्यूल की शुरुआत के साथ यह उड़ान इंदौर से रायपुर जाकर वापस इंदौर लौटेगी। इंदौर-रायपुर उड़ान को 31 मार्च से विशाखापटनम तक बढ़ाया जा रहा है। इससे रायपुर और विशाखापटनम तक इंदौर के यात्रियों को उड़ान की सुविधा मिलेगी। ट्रेवल एजेंट एसोसिएशन आफ इंडिया के एमपीसीजी अध्यक्ष हेमेंद्र सिंह जादौन ने बताया कि इस उड़ान के शुरू होने से इंदौर से सुबह जाने वाले यात्रियों को खासा फायदा होगा। इंदौर रायपुर के बीच में सीधी ट्रेन की सुविधा भी अधिक नहीं है। वहीं पहले से संचालित उड़ान शाम को इंदौर से जाती थी। इस वजह से यात्रियों को परेशानी होती थी। इस उड़ान के शुरू होने से दोनों राज्यों के यात्रियों को फायदा होगा। यह उड़ान 31 मार्च से विशाखापटनम तक जाएगी। ऐसे में यात्री रायपुर होकर विशाखापटनम तक 3.45 घंटे में पहुंच सकेंगे। जबलपुर के लिए हो जाएगी दो उड़ान ट्रेवल एजेंट एसोसिएशन आफ इंडिया के सचिव अमित नवलानी ने बताया कि अभी इंदौर और जबलपुर के लिए यह दूसरी उड़ान होगी। अभी इंदौर से सुबह उड़ान रवाना होती है और रात्रि को इंदौर वापस आती है। अब दोपहर में सीधी उड़ान की सुविधा भी यात्रियों को मिल सकेगी। 30 तारीख से शुरू होने वाली उड़ान दोपहर में जबलपुर से इंदौर आकर वापस जबलपुर जाएगी। इससे यात्रियों को अतिरिक्त उड़ान का विकल्प मिलेगा। ये रहेगा शेड्यूल इंदौर-रायपुर-विशाखापटनम : 6ई 7295 उड़ान सुबह 6.35 बजे इंदौर से रवाना होगी और सुबह 8.30 बजे रायपुर पहुंचेगी। यहां से 8.50 बजे उड़ान रवाना होकर 10.20 बजे विशाखापटनम पहुंचेगी। विशाखापटन-रायपुर-इंदौर : 6ई 7296 उड़ान विशाखापटनम से सुबह 11 बजे रवाना होगी और दोपहर 12.30 बजे रायपुर पहुंचेगी। यहां से दोपहर 12.50 बजे रवाना होकर दोपहर 2.45 बजे इंदौर पहुंचेगी। जबलुपर-इंदौर : 6ई 7327 उड़ान जबलपुर से 12.10 बजे रवाना होगी और 1.30 बजे इंदौर पहुंचेगी। इंदौर-जबलपुर : 6ई 7328 उड़ान दोपहर 1.55 बजे रवाना होगी और 3.20 बजे जबलपुर पहुंचेगी।   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 12

होलिका दहन आज, होली पर्व का उत्साह होलिका दहन के साथ होगा शुरू, कल रंगों का पर्व मनाया जाएगा

जबलपुर होली पर्व का उत्साह आज रात होलिका दहन के साथ शुरू हो जाएगा, कल शुक्रवार को रंगों का पर्व मनाया जाएगा। ज्योतिषाचार्य पं. सौरभ दुबे के अनुसार, होलिका दहन का शुभ मुहूर्त गुरुवार की रात्रि 11,30 बजे के उपरांत रहेगा। गुरुवार के दिन भद्रा दोपहर 11 बजकर सात मिनट से प्रारंभ होकर रात्रि 11 बजकर 30 मिनट तक रहेगी। अतः होलिका दहन भद्रा उपरांत ही करना चाहिए। चंद्रमा का संचरण कन्या राशि मे रहेगा। जिसके कारण भद्रा का निवास पाताल लोक में रहता है। पाताल की भद्रा अनिष्टकारी मानी जाती है। इस कारण भद्रा समाप्त होने के उपरांत होलिका दहन शुभ रहेगा।   राशि अनुसार दें आहुति     मेष राशि : होलिका दहन में गुड़ की आहुति चढ़ाएं।     वृषभ राशि : होलिका दहन में मिश्री एवं नारियल गिर की आहुति चढ़ाएं।     मिथुन राशि : होलिका दहन में कपूर एवं इलायची की आहुति चढ़ाएं।     कर्क राशि : होलिका दहन में कच्चा चावल, सफ़ेद तिल की आहुति दें।     सिंह राशि : होलिका दहन में गूगल एवं गुड की आहुति चढ़ाएं।     कन्या राशि : होलिका दहन में पान और हरी इलायची की आहुति दें।     तुला राशि : होलिका दहन में कपूर एवं सफेद तिल की आहुति चढ़ाएं।     वृश्चिक राशि : होलिका दहन में गुड़ की आहुति चढ़ाए।     धनु राशि : होलिका दहन में हल्दी की गांठ व पीली सरसों की आहुति दें।     मकर राशि : होलिका दहन में काले तिल व लौंग की आहुति चढ़ाएं।     कुंभ राशि : होलिका दहन में काली सरसों, लौंग व गूगल की आहुति दें।     मीन राशि : होलिका दहन में पीली सरसों व गुड की आहुति चढ़ाएं।   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 29

होली पर अचानक बढ़ने वाली स्वास्थ्य समस्याओं को देखते हुए सभी चिकित्सा संस्थानों को अलर्ट मोड पर रखा गया

मथुरा होली के दौरान किसी भी चिकित्सा आपात स्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर चला गया है। जिला अस्पताल मथुरा, जिला संयुक्त अस्पताल वृंदावन, महिला अस्पताल सहित सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) 24 घंटे खुले रहेंगे। डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की छुट्टियां रद कर दी गई हैं, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति में तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। जबकि स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को सावधानी बरतने, कैमिकल युक्त रंगों से बचने और स्वच्छ खानपान की सलाह दी है। होली पर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट होली पर अचानक बढ़ने वाली स्वास्थ्य समस्याओं को देखते हुए सभी चिकित्सा संस्थानों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। आपातकालीन सेवाओं के लिए सभी अस्पतालों में 24 घंटे चिकित्सकों की ड्यूटी तय की गई है। आइवी फ्लूड्स, एंटीबायोटिक्स, आईड्राप्स, जलने के उपचार की दवाएं और एंटी-एलर्जिक मेडिसिन का पर्याप्त स्टाक उपलब्ध कराया गया है। जिला अस्पताल में त्वचा रोग विशेषज्ञ, नेत्र सर्जन और हड्डी रोग विशेषज्ञ विशेष रूप से उपलब्ध रहेंगे। एंबुलेंस सेवाओं को हाई अलर्ट पर रखा गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल मरीजों को अस्पताल पहुंचाया जा सके। बदलते मौसम और गर्मी को ध्यान में रखते हुए अस्पतालों में जरूरी चिकित्सा प्रबंध भी किए गए हैं। डॉक्टरों की छुट्टियां रद कर दी गईं स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार होली के दौरान उपयोग किए जाने वाले कई रंग हानिकारक रसायनों से बने होते हैं। जो त्वचा, आंखों और श्वसन तंत्र के लिए खतरनाक हो सकते हैं। इनमें मौजूद हानिकारक तत्व त्वचा में जलन, खुजली और एलर्जी पैदा कर सकते हैं। बाजार में मिलने वाले कुछ गुलाल में पत्थर के महीन कण मिलाए जाते हैं। जिससे त्वचा रोग और आंखों की जलन हो सकती है। जबकि भीगने के बाद मौसम में बदलाव के कारण कई लोगों को सर्दी-जुकाम और बुखार की समस्या हो सकती है। होली के दौरान लापरवाही से खानपान संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को सुरक्षित और स्वच्छ भोजन ग्रहण करने की सलाह दी है। होली को लेकर जिला प्रशासन की तैयारियां पूरी मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अजय कुमार वर्मा ने बताया कि होली को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। तीनों अस्पतालों के साथ सभी सीएचसी व पीएचसी पर आपातकालीन चिकित्सा उपलब्ध रहेगी। सभी जरूरत वाली दवाओं का स्टॉक उपलब्ध करवा दिया गया है। लोगों से अपील है कि वह सुरक्षित तरीके से होली खेलें। बेवजह भीगने से बचें। केमिकल वाले रंगों से बचें और अच्छे से हाथों को धोकर ही भोजन पकवान का सेवन करें। क्योंकि जरा सी लापरवाही से स्वास्थ्य को परेशानी हो सकती है। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 27

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कैबिनेट की बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी दी

रायपुर उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने आज रायपुर में मुख्यमंत्री निवास में राज्य कैबिनेट की बैठक के बाद पत्रकार-वार्ता को संबोधित किया। उन्होंने उप मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित पत्रकार-वार्ता में कैबिनेट की बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी दी। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 16

उज्जैन में क्षिप्रा तट से होगी प्रदेशव्यापी जल संरक्षण अभियान की शुरुआत 30 मार्च से 30 जून तक चलेगा अभियान: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

  जल की बूंद-बूंद बचायें, जल से ही सुरक्षित होगा हमारा कल: मुख्यमंत्री डॉ. यादव 30 मार्च को गुड़ी पड़वा से होगा 90 दिवसीय जल गंगा जल संवर्धन अभियान का शुभारंभ उज्जैन में क्षिप्रा तट से होगी प्रदेशव्यापी जल संरक्षण अभियान की शुरुआत 30 मार्च से 30 जून तक चलेगा अभियान पंचायत एवं ग्रामीण विकास, जल संसाधन सहित 12 से अधिक विभाग करेंगे सहभागिता अभियान में होगा 50 हजार नए खेत-तालाबों का निर्माण वर्षा जल भंडारण के लिए सभी जल संरचनाओं के जीर्णोद्धार पर दें विशेष ध्यान जल स्त्रोतों का रख-रखाव अब पंचायतें एवं स्थानीय जन करेंगे अभियान में प्रदेशभर में तैयार किए जाएंगे 1 लाख जलदूत अभियान के क्रियान्वयन संबंधी बैठक में मुख्यमंत्री ने जल संरक्षण में तेजी लाने के दिये निर्देश भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि पानी से ही जिंदगानी है। हम सभी को जल की बूंद-बूंद बचाने की जरूरत है। जल से ही हम सबका आने वाला कल सुरक्षित है। जल गंगा जल संवर्धन अभियान में जल संरक्षण को प्रोत्साहित करने के लिए व्यापक गतिविधियां चलाई जाएं। जन सामान्य में जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने में अभियान महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। सरकार विभिन्न विभागों, सामाजिक संगठनों और आम जनता की भागीदारी से जल संरक्षण गतिविधियों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाएगी। अभियान में वर्षा जल संचयन, जल स्रोतों का पुनर्जीवन और जल संरक्षण तकनीकों को अपनाने पर विशेष जोर दिया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में हुई 'जल गंगा जल संवर्धन अभियान' की बैठक ये निर्देश दिए। जल गंगा संवर्धन अभियान गुड़ी पड़वा 30 मार्च से प्रारंभ होकर 30 जून 2025 तक तीन माह लगातार चलेगा। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव जल संसाधन डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव वन अशोक बर्णवाल, अपर मुख्य सचिव उद्यानिकी अनुपम राजन, प्रमुख सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास श्रीमती दीपाली रस्तोगी, प्रमुख सचिव वित्त मनीष रस्तोगी, अभियान से जुड़े अन्य विभागों के प्रमुख सचिव सहित सचिव एवं आयुक्त जनसम्पर्क डॉ. सुदाम खाड़े व अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अभियान की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि जल संरक्षण से जुड़ी योजनाओं को प्राथमिकता देकर अधिक से अधिक लोगों को अभियान से जोड़ें। उन्होंने कहा कि जल गंगा जल संवर्धन अभियान से प्रदेश में जल संकट को कम करने में मदद मिलेगी और भावी पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी। जल संरक्षण के लिए उठाए जाएं ठोस कदम मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अभियान के अंतर्गत जल संचय की विभिन्न गतिविधियां चलाई जाएं। उन्होंने कहा कि पौधरोपण एवं जल स्रोतों का पुनर्जीवन, गांव-गांव में जल संरक्षण जागरूकता कार्यक्रम, वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने के लिए विशेष कार्यों के अलावा सामुदायिक सहभागिता के जरिए जल संरक्षण के प्रयास किए जाएं। अभियान को सफल बनाने के लिए हर स्तर पर प्रयास करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के सभी नागरिकों से भी अपील की कि वे जल संरक्षण की दिशा में सक्रिय योगदान दें और प्रदेश में अभियान के दौरान इसे एक को जन-आंदोलन बनायें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के प्रमुख चौराहों पर प्याऊ की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि स्कूलों में बच्चों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक करने के लिए सकारात्मक अभियान की शुरुआत की जाए। ग्रीष्मकाल में शासकीय स्कूलों में जल संरक्षण की गतिविधियां आयोजित की जाएं। बच्चों के लिए पीने के पानी की टंकी की साफ-सफाई कराई जाए, जिससे विद्यार्थियों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अभियान के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में तालाब, नदियों पर छोटे बांध निर्माण एवं नदियों के संरक्षण के लिए जलधारा के आसपास फलदार पौधों के रोपण और जैविक खेती को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए है। राज्य स्तरीय जल गंगा जल संवर्धन अभियान का शुभारंभ आगामी 30 मार्च को वर्ष प्रतिपदा के दिन से उज्जैन की क्षिप्रा नदी के तट से किया जाएगा। लगभग 90 दिन चलने वाले 'जल गंगा जल संवर्धन अभियान' का समापन 30 जून 2025 को होगा। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के प्रदेश व्यापी जल संवर्धन अभियान में जल संसाधन, नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण, पर्यावरण विभाग, नगरीय विकास एवं आवास, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, स्कूल शिक्षा, उद्यानिकी एवं कृषि सहित 12 से अधिक अन्य विभाग एवं प्राधिकरण एक साथ मिलकर कार्य करेंगे। अभियान की थीम 'जन सहभागिता से जल स्त्रोतों का संवर्धन एवं संरक्षण' रखी गई है। प्रधानमंत्री मोदी का जल संरक्षण अभियान अब बना जन आंदोलन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्रामीण आबादी को पर्याप्त मात्रा में जल उपलब्ध कराने के लिए पंचायत स्तर पर तालाबों के निर्माण कार्य शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गांव-गांव में लोगों को पेयजल एवं किसानों को खेती के लिए पानी उपलब्ध कराने के लिए संकल्पित है। साथ ही गर्मी के मौसम में वन्य जीवों को भी कोई परेशानी न हो और उन्हें पानी मिले, इसके लिए वन क्षेत्र और प्राणी उद्यानों में जल संरचनाओं को पुनर्विकसित किया जाएं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का जल संरक्षण अभियान देशभर में एक व्यापक जन-आंदोलन बन चुका है। मध्यप्रदेश सरकार भी 'खेत का पानी खेत में – गांव का पानी गांव में' के सिद्धांत पर जल संरक्षण की दिशा में अभियान चला रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों को प्रदेश की ऐसी सभी नदियों का रिकॉर्ड तैयार करने के निर्देश दिए, जहां जल धाराओं में मगरमच्छ, घड़ियाल, कछुआ समेत अन्य जलीय जीवों को पुनर्स्थापित किया जा सके। उन्होंने कहा कि नर्मदा में डॉल्फिन मछली को छोड़ने की संभावनाओं पर भी विचार किया जाए। इन सभी प्रयासों से नदियों और जलीय जीवों दोनों का संरक्षण होगा। 50 हजार नए खेत-तालाब बनाए जाएंगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि जल गंगा जल संवर्धन अभियान में ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक महत्व वाले तालाबों, जल स्त्रोतों एवं देवालयों में कार्य किए जाएंगे। मंदिरों के निकट जल स्त्रोतों की सफाई में संतों, जनप्रतिनिधियों, स्थानीय समुदाय एवं प्रशासनिक अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। विक्रम संवत् के पहले दिन वरुण पूजन और जलाभिषेक के साथ अभियान की विधिवत शुरुआत की जाएगी। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने अमृत सरोवर … Read more

मध्यप्रदेश का बजट जल जीवन मिशन को देगा नई गति: मंत्री श्रीमती उइके

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रस्तुत वर्ष 2025-26 का बजट प्रदेश के समग्र विकास का प्रतिबिंब है। हर वर्ग की उन्नति को ध्यान में रखकर तैयार किए गए इस बजट में जल जीवन मिशन के तहत 17,136 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे प्रदेश के प्रत्येक ग्रामीण घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के लक्ष्य को मजबूती मिलेगी। यह कदम न केवल जल आपूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़ करेगा, बल्कि जल संरक्षण और अधोसंरचना विकास को भी नया आयाम देगा। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती संपतिया उइके ने कहा कि यह बजट महिलाओं, किसानों, युवाओं और समाज के वंचित वर्गों के सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम है। प्रदेश में जल जीवन मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन से न केवल ग्रामीण क्षेत्रों में जल संकट दूर होगा, बल्कि महिलाओं और बच्चों को होने वाली असुविधा से भी राहत मिलेगी। स्वच्छ जल की सहज उपलब्धता से ग्रामीण जीवनस्तर में व्यापक सुधार आएगा और स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों में कमी आएगी। प्रदेश के जल संसाधनों के संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए जल आपूर्ति से जुड़ी अधोसंरचनाओं को और मजबूत किया जा रहा है। मध्यप्रदेश में घर-घर नल से जल पहुंचाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को इस बजट से और अधिक गति मिलेगी। इस वर्ष जल संरक्षण और जल प्रबंधन को सुदृढ़ करने के लिए किए गए प्रावधान राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार जल संसाधनों के संवर्धन और स्वच्छता के क्षेत्र में प्रभावी कार्य कर रही है। जल जीवन मिशन के माध्यम से घर-घर शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने का जो संकल्प लिया गया है, वह इस बजट से और मजबूत हुआ है। प्रदेश के हर गांव-हर घर तक स्वच्छ जल पहुंचाने की दिशा में यह बजट एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, जो आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश की परिकल्पना को साकार करेगा।   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 15