मध्य प्रदेश में मेडिकल की सीटों में बढ़ोतरी, खुलेंगे 11 नए आयुर्वेदिक कॉलेज

भोपाल मध्य प्रदेश सरकार ने बजट में स्वास्थ्य क्षेत्र को और मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। वित्त मंत्री ने घोषणा की कि मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस और पीजी सीटें बढ़ाई जाएंगी, जिससे छात्रों को ज्यादा अवसर मिलेंगे। प्रदेश में नए आयुर्वेदिक कॉलेज खोलने की बात भी की गई है। इसके अलावा, स्वास्थ्य बजट को 23,535 करोड़ रुपए तक बढ़ाया गया है। नई योजनाओं के जरिए आयुष, सिकल सेल उन्मूलन और एम्बुलेंस सेवाओं को भी विस्तार दिया जाएगा। मेडिकल कॉलेजों में बढ़ेंगी सीटें राज्य के 17 मेडिकल कॉलेजों में वर्तमान में एमबीबीएस के लिए 2575 सीटें और स्नातकोत्तर (PG) पाठ्यक्रम के लिए 1337 सीटें उपलब्ध हैं। इस वित्तीय वर्ष में सरकार ने नीमच, मंदसौर और सिवनी में नए मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया है। इसके चलते 400 नई एमबीबीएस और 252 नई पीजी सीटें बढ़ाई जा रही हैं। सरकार जन-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल के तहत भी नए मेडिकल कॉलेज खोलने की प्रक्रिया में है। 11 नए आयुर्वेदिक कॉलेज स्वास्थ्य क्षेत्र में पारंपरिक चिकित्सा को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश में 11 नए आयुर्वेदिक कॉलेज सह चिकित्सालय खोले जाएंगे। साथ ही, पन्ना, गुना, भिंड, श्योपुर और शुजालपुर में 50 बिस्तरीय आयुर्वेदिक अस्पताल बनाए जाएंगे। वहीं, बालाघाट, शहडोल, सागर, नर्मदापुरम और मुरैना में आयुष महाविद्यालय भी स्थापित किए जाएंगे। बढ़ा स्वास्थ्य बजट प्रदेश में स्वास्थ्य बजट को 23,535 करोड़ रुपए कर दिया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 2992 करोड़ रूपए अधिक है। इससे सरकारी अस्पतालों की सुविधाओं को मजबूत करने के साथ-साथ चिकित्सा क्षेत्र में नई भर्तियां भी संभव होंगी। इस बजट में मुख्यमंत्री वृंदावन ग्राम योजना के लिए 100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। वहीं, सरकारी वाहनों को 15 साल की उम्र पूरी होने पर स्क्रैपिंग पॉलिसी के तहत हटाया जाएगा ताकि पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा दिया जा सके। recent visitors 35

होली के दिन चंद्र ग्रहण से पहले कर लें ये उपाय बन जाएंगे काम

होली के दिन चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है जिसका धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व है. इस दिन चंद्र ग्रहण का प्रभाव सभी राशियों पर पड़ेगा, लेकिन कुछ विशेष उपाय करके इसके नकारात्मक प्रभावों को कम किया जा सकता है. ज्योतिष शास्त्र में चंद्र ग्रहण को अशुभ माना जाता है. ऐसा माना जाता है कि चंद्र ग्रहण के दौरान नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ जाता है और चंद्र ग्रहण के दौरान भगवान शिव की पूजा करना बहुत ही शुभ माना जाता है. भोलेनाथ की पूजा करने से राशियों पर पड़ने वाले प्रभाव को कम किया जा सकता है. पंचांग के अनुसार, साल 2025 का पहला चंद्र ग्रहण 14 मार्च दिन शुक्रवार को लगेगा. भारतीय समयानुसार, चंद्र ग्रहण 14 मार्च को सुबह 9 बजकर 27 मिनट से दोपहर 3 बजकर 30 मिनट तक रहेगा. इस चंद्र ग्रहण की अवधि 6 घंटे 3 मिनट की होगी. यह चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए भारत में इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा. यह ग्रहण ऑस्ट्रेलिया, यूरोप, अधिकांश अफ्रीका, अटलांटिक आर्कटिक महासागर, पूर्वी एशिया आदि में देखा जा सकेगा. चंद्र ग्रहण से पहले कर लें ये काम     चंद्र ग्रहण के दौरान भगवान शिव की पूजा करना बहुत ही शुभ माना जाता है. भगवान शिव को चंद्रमा का स्वामी माना जाता है, इसलिए उनकी पूजा करने से चंद्र ग्रहण के नकारात्मक प्रभावों से बचा जा सकता है.     चंद्र ग्रहण के दौरान चंद्र मंत्र का जाप करना भी बहुत ही लाभदायक होता है. आप “ॐ सोम सोमाय नमः” मंत्र का जाप कर सकते हैं.     चंद्र ग्रहण के दौरान दान करना बहुत ही शुभ माना जाता है. आप गरीबों और जरूरतमंदों को सफेद वस्त्र, चावल, दूध या चांदी का दान कर सकते हैं.     चंद्र ग्रहण से पहले तुलसी के पत्ते तोड़कर रख लें और ग्रहण के समय उन्हें भोजन और पानी में डालकर प्रयोग करें.     ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान अवश्य करें और घर की साफ सफाई करें तो ग्रहों पर पड़ने वाले प्रभाव को कम किया जा सकता है. इन राशि वालों के बन जाएंगे बिगड़े काम चंद्र ग्रहण का प्रभाव सभी राशियों पर पड़ता है, लेकिन कुछ राशियां ऐसी हैं जिन पर इसका प्रभाव अधिक होता है. इन राशियों के जातकों को चंद्र ग्रहण से पहले विशेष उपाय करने चाहिए.     वृषभ राशि के जातकों को चंद्र ग्रहण के दौरान भगवान शिव की पूजा करनी चाहिए और चंद्र मंत्र का जाप करना चाहिए. इससे उनके बिगड़े हुए काम जल्दी बनने लगेंगे और जीवन में हर कार्य में सफलता प्राप्त होगी.     कर्क राशि के जातकों को चंद्र ग्रहण के दौरान दान करना चाहिए और तुलसी के पत्तों का प्रयोग करना चाहिए. ऐसा करने से लोगों पर ग्रहण का प्रभाव कम होता है.     वृश्चिक राशि के जातकों को चंद्र ग्रहण के दौरान हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए और गरीबों को भोजन कराना चाहिए. इससे लोगों के संकट जल्द ही दूर होने लगेंगे.     मीन राशि के जातकों को चंद्र ग्रहण के दौरान भगवान विष्णु की पूजा करनी चाहिए और पीले वस्त्रों का दान करना चाहिए. ऐसा करने से भगवान विष्णु की कृपा से लोगों के जीवन में कभी परेशानियां नहीं आएंगी और हर कष्ट दूर होगा. इन बातों का रखें खास ध्यान चंद्र ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए. चंद्र ग्रहण के दौरान भोजन और पानी का सेवन नहीं करना चाहिए और नकारात्मक विचारों से बचना चाहिए. लोगों को यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि चंद्र ग्रहण एक प्राकृतिक घटना है, और इसका प्रभाव सभी लोगों पर अलग-अलग होता है. यदि आपको कोई चिंता है, तो आप किसी ज्योतिषी से सलाह ले सकते हैं. recent visitors 44

ज्योतिर्लिंग की पूजन परंपरा में होली उत्सव का विशेष महत्व, कल भस्मारती में हर्बल गुलाल से खेलेंगे होली

उज्जैन भगवान महाकाल की संध्या आरती के बाद प्रदोषकाल में होलिका का पूजन उपरांत दहन किया जाएगा। 14 मार्च को धुलेंडी पर तड़के 4 बजे भस्म आरती में पुजारी भगवान महाकाल के साथ हर्बल गुलाल से होली खेलेंगे। उत्सव को लेकर तैयारी शुरू हो गई है। ज्योतिर्लिंग की पूजन परंपरा में होली उत्सव का विशेष महत्व है। देशभर से सैकड़ों भक्त राजा की रंगरंगीली होली देखने मंदिर पहुंचते हैं। इस बार यह उत्सव 13 मार्च को पारंपरिक हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। लेटेस्ट और ट्रेंडिंग स्टोरीज मंदिर परिसर में श्री ओंकरेश्वर मंदिर के सामने पुजारी, पुरोहित परिवार द्वारा होलिका का निर्माण किया जाएगा। शाम 7.30 बजे भगवान महाकाल की संध्या आरती के बाद पुजारी वैदिक मंत्रोच्चार के साथ होलिका का पूजन करेंगे। पश्चात होलिका का दहन होगा। मंदिर समिति उपलब्ध कराएगी हर्बल गुलाल परंपरा अनुसार 14 मार्च को होली उत्सव मनाया जाएगा। तड़के 4 बजे भस्म आरती में पुजारी भगवान महाकाल को हर्बल गुलाल अर्पित करेंगे। मंदिर समिति पुजारियों को प्राकृतिक उत्पादों से तैयार हर्बल गुलाल उपलब्ध कराएगी। बताया जाता है, मंदिर समिति होली उत्सव के लिए एक थाल भरकर गुलाल उपलब्ध कराती है। वैसे भी ज्योतिर्लिंग क्षरण मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित एक्सपर्ट कमेटी ने भगवान को समिति मात्रा में पूजन सामग्री अर्पित करने का सुझाव दिया है। ज्योतिष का मत : 13 मार्च को होली मनाना शास्त्र सम्मत ज्योतिष व धर्मशास्त्र के जानकार 13 मार्च को होली मनाना शास्त्र सम्मत बता रहे हैं। ज्योतिषाचार्य पं.अमर डब्बावाला ने बताया 13 मार्च को सुबह 10 बजकर 20 मिनट तक चतुर्दशी तिथि रहेगी। इसके बाद पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र व सिंह राशि के चंद्रमा की साक्षी में पूर्णिमा तिथि लगेगी, जो प्रदोष काल में पूर्ण रूप से विद्यमान रहेगी। धर्मशास्त्र में होलिका का पूजन प्रदोषकाल में बताया गया है। इसलिए शुभयोग व नक्षत्र में 13 मार्च को प्रदोषकाल में होलिका का पूजन करना श्रेष्ठ है। इस दिन पाताल वासनी भद्रा भी रहेगी, इसलिए होलिका का दहन अवश्य रात 11.30 बजे के बाद करना चाहिए। सामान्यत: होलिका का दहन अगले दिन सुबह 5 बजे ब्रह्म मुहूर्त में किया जाता है। ऐसे में 13 व 14 मार्च की तारीख होली तथा धुलेंडी मनाने के लिए शास्त्र सम्मत है। सिंहपुरी में पांच हजार कंडों से बनेगी हर्बल होली पुराने शहर सिंहपुरी में गाय के गोबर से बनाए गए पांच हजार कंडों से होली बनाई जाएगी। आयोजन समिति का दावा है कि यह विश्व की सबसे बड़ी हर्बल होली है। इसमें सिर्फ गाय के गोबर से बने कंडों का उपयोग होता है। लकड़ी का उपयोग नहीं किया जाता है। होली के मध्य में डांडा के रूप में ध्वज लगाया जाता है। इस बार यह आयोजन 13 मार्च को होगा। शाम को प्रदोष काल में चार वेद के ब्राह्मण चतुर्वेद पारायण से होलिका का पूजन करेंगे। रात्रि जागरण के उपरांत अगले दिन सुबह 5 बजे ब्रह्म मुहूर्त में होलिका का दहन किया जाएगा। recent visitors 32

मुंबई-दिल्ली कॉरिडोर से जुड़ेगा उज्जैन-जावरा फोरलेन: मंत्री जगदीश देवड़ा

भोपाल मध्यप्रदेश की मोहन सरकार के द्वारा दूसरा बजट (MP Budget 2025) पेश कर दिया गया है। इस दौरान वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने मेट्रो और फोरलेन को लेकर कहा कि इंदौर-भोपाल में मेट्रो का काम जल्द शुरु किया जाएगा। साथ ही उज्जैन-जावरा फोरलेन निर्माण से इंदौर को बड़ा फायदा होगा। मुंबई-दिल्ली कॉरिडोर से जुड़ेगा उज्जैन-जावरा फोरलेन उज्जैन-जावरा 4-लेन के बनने से उज्जैन, इन्दौर और उसके आसपास के क्षेत्र मुम्बई-दिल्ली 8-लेन कॉरिडोर से जुड़ जाएंगे। उज्जैन-इन्दौर सिक्स लेन का 1 हजार 692 करोड़ की अनुमानित लागत से भूमि पूजन हो चुका है। भोपाल, देवास, ग्वालियर, जबलपुर, सतना और इंदौर में एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण प्रगति पर है। नगरीय विकास के लिए 18 हजार 715 करोड़ प्रस्तावित सिंहस्थ क्षेत्र में विकास कार्य तेजी से हो रहे हैं। सिंहस्थ का आयोजन साल 2028 में किया जाएगा। वित्तीय वर्ष 2025-26 में लगभग 2 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान प्रस्तावित है। नगरीय विकास के लिए साल 2025-26 के लिए 18 हजार 715 करोड़ रुपए का प्रावधान प्रस्तावित है। जो साल 2024-25 से 2 हजार करोड़ रुपए ज्यादा है। एमपी में इन जिलों से गुजरता है दिल्ली-मुबंई आठ लेन दिल्ली-मुबंई 8 लेन कॉरिडोर झाबुआ के तलावड़ा से महूड़ी का माल से एक्सप्रेस-वे रतलाम में प्रवेश कर रावटी, सैलाना, पिपलौदा, व जावरा के कुम्हारी होकर मंदसौर के लसुड़िया से मंदसौर जिले में जाता है। रतलाम जिले के 87 गांवों से दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे होकर गुजरता है। एक्सप्रेस-वे के जरिए गरोठ में शामगढ़ रोड और भानपुरा में नीमथुर से एंट्री कर सकेंगे। मंदसौर जिले से एक एंट्री सीतामऊ से भी मिलेगी। गरोठ और जावरा में लॉजिस्टिक हब बनाया जाएगा। साथ ही बसई के पास की जमीन पर उद्योग लगाए जाएंगे। recent visitors 39

मध्यप्रदेश में सड़कों का नेटवर्क तेजी से बढ़ रहा, बजट में लोक निर्माण कार्य के लिए 2500 करोड़ रुपए का बजट में प्रावधान

भोपाल  मध्यप्रदेश में सड़कों का नेटवर्क तेजी से बढ़ रहा है। बड़े स्तर पर चल रही सड़क परियोजनाओं का उद्देश्य केवल सड़कों और राजमार्गों का निर्माण ही नहीं, बल्कि राज्य के हर नागरिक के जीवन को सरल और समृद्ध बनाने के लिए कदम उठाए जा रहे है। केन्द्र द्वारा लगभग 40 हजार करोड़ रुपये की सड़क परियोजनाओं से मध्यप्रदेश में स्थायी आधारभूत संरचना विकसित होगी।  आज मध्य प्रदेश की मोहन सरकार ने अपना दूसरा पूर्ण बजट पेश किया है। विधानसभा में उप मुख्यमंत्री और प्रदेश के वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा द्वारा बजट पेश किया गया। इस बजट में लोक निर्माण कार्य के लिए 2500 करोड़ रुपए का बजट में प्रावधान मिला है। जिसके तहत एमपी के गांव-शहर और तहसीलों में सड़कों का निर्माण किया जाएगा। कितना मिला बजट -ग्रामीण सड़कों एवं अन्य जिला मार्गों का निर्माण/उन्नयन के अंतर्गत 2500 करोड़ रुपए का प्रावधान -म.प्र. सड़क विकास निगम (एन.डी.बी.) के अंतर्गत 1450 करोड़ रुपए का प्रावधान -मध्यप्रदेश सड़क विकास कार्यक्रम (ए.डी.बी.) के अंतर्गत 1315 करोड़ रुपए का प्रावधान -केन्द्रीय सड़क निधि के अंतर्गत 1150 करोड़ रुपए का प्रावधान -वृहद पुलों का निर्माण के अंतर्गत 1000 करोड़ रुपए का प्रावधान -सड़कों का सुदृढ़ीकरण के अंतर्गत 1000 करोड़ रुपए का प्रावधान -अनुरक्षण और मरम्मत – साधारण मरम्मत के अंतर्गत 836 करोड़ रुपए का प्रावधान -एन्यूटी के अंतर्गत 825 करोड़ रुपए का प्रावधान -सड़क एवं सेतु हेतु संधारण कार्य के अंतर्गत 525 करोड़ रुपए का प्रावधान -मुख्य जिला मार्गो तथा अन्य का नवीनीकरण, उन्नतीकरण एवं डामरीकरण के अंतर्गत 500 करोड़ रुपए का प्रावधान संभागीय कार्यालय स्थापना के अंतर्गत 350 करोड़ रुपए का प्रावधान -नवीन ग्रामीण एवं अन्य जिला मार्गों का निर्माण/उन्नयन के अंतर्गत 350 करोड़ रुपए का प्रावधान -म.प्र. सड़क विकास निगम के माध्यम से सड़कों का निर्माण के अंतर्गत 200 करोड़ रुपए का प्रावधान -एफ टाईप एवं उससे नीचे की श्रेणी के शासकीय आवासों का अनुरक्षण के अंतर्गत 200 करोड़ रुपए का प्रावधान -मुख्य जिला मार्गों का निर्माण/उन्नयन के अंतर्गत 200 करोड़ रुपए का प्रावधान -एन.डी.बी. से वित्त पोषण (पुल निर्माण) के अंतर्गत 150 करोड़ का प्रावधान recent visitors 48

आर्थिक सर्वेक्षण में कहा गया कि प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय बढ़कर 1 लाख 52 हजार रुपये हो गई है जो प्रदेश की विकास को दर्शाती

भोपाल मध्य प्रदेश सरकार ने विधानसभा में अगले वित्तीय वर्ष के लिए बजट पेश किया (MP Budget 2025), इससे पहले कल वित्त मंत्री ने मध्य प्रदेश का आर्थिक सवेक्षण प्रस्तुत किया था जिसमें प्रदेश और सरकार की स्थिति के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई आर्थिक सर्वेक्षण में कहा गया कि प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय अब बढ़कर 1 लाख 52 हजार रुपये हो गई है जो प्रदेश की विकास को दर्शाती है। मध्य प्रदेश सरकार ने आज बजट पेश करने से पूर्व कैबिनेट की बैठक की जिसमें कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई, कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि हमारी सरकार ने आर्थिक सर्वेक्षण जारी किया जिसमें प्रति व्यक्ति आय के बारे में जानकारी दी गई। प्रति व्यक्ति आय का बढ़ना अर्थात प्रदेश की विकास की गति का बढ़ना : कैलाश उन्होंने सरकार की नीतियों की तारीफ करते हुए कहा  कि 2003 तक प्रदेश में प्रति व्यक्ति आय मात्र 20 हजार रुपये थी जो अब बढ़कर 1 लाख 42 हजार रुपये से ज्यादा हो गई है आय में वृद्धि होने प्रदेश के विकास की गति को दर्शाता है और इसी गति से हमारा बजट भी है ये विकास का बजट है इसमें सभी पहलुओं को छुआ है। चंबल के बीहड़ की जमीन का सदुपयोग होगा कैबिनेट के फैसलों की चर्चा करते हुए कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि आज कई बिन्दुओं पर चर्चा हुई है इसमें चंबल के बारे में महत्वपूर्व फैसला लिया गया है, उन्होंने कहा पहले चंबल का बीहड़ डकैतों के नाम से विख्यात था लेकिन डाकू खत्म हो चुके हैं,अब उस जमीन का सदुपयोग होगा। चंबल में खुलेगा हॉर्टिकल्चर कॉलेज उन्होंने कहा अब चंबल के बीहड़ क्षेत्र में नदी जोड़ो अभियान के अंतर्गत पानी आने वाला है जिससे सिंचाई होगी इसके साथ ही झांसी यूनिवर्सिटी से सम्बद्धता लेकर सरकार हॉर्टिकल्चर कॉलेज भी खोलने जा रही है।  कैबिनेट मंत्री ने बताया कि इसमें केंद्र सरकार की तरफ से 1000 करोड़ रुपये की राशि दी जाएगी, कॉलेज का लाभ सिर्फ चंबल ही नहीं मध्य प्रदेश को होगा।   recent visitors 32

मध्य प्रदेश में होली, ईद त्योहारों को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग ने एक बार फिर अभियान शुरू कर दिया

भोपाल  मध्य प्रदेश में होली, ईद सहित अन्य त्योहारों को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग (Food Safety Department) ने एक बार फिर अभियान शुरू कर दिया है. इस अभियान में मिठाई और डेयरी संचालकों पर विशेष नजर रखी जा रही है. राज्य के अलग-अलग शहरों में खाद्य सुरक्षा विभाग ने सैंपल लेकर उन्हें जांच के लिए लैब भेजा है. ग्वालियर कलेक्टर रुचिका चौहान ने बताया कि खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है. खाद्य सुरक्षा विभाग को नमूने लेने और जांच के लिए प्रयोगशाला भेजने के निर्देश दिए गए हैं. ग्वालियर के खाद्य सुरक्षा अधिकारी बृजेश शिरोमणि ने बताया कि मोर बाजार में पाठक मावा भंडार, बालाजी डेयरी प्रोडक्ट, पाल मावा भंडार, सदगुरु मावा भंडार का निरीक्षण किया गया और इन फर्मों से मावे के नमूने लिए गए. इसके साथ ही शानौ शौकत शिंदे की छावनी का निरीक्षण कर रसगुल्ले के नमूने भी लिए गए. उज्जैन में भी कड़ी कार्रवाई उज्जैन कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने बताया कि उज्जैन में भी खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा लक्ष्मी बेकरी, जैन लस्सी, गोल्डन डेयरी फार्म, लादू रामनिवास मावा भंडार, खंडेलवाल मावा भंडार, आशीष मावा भंडार, न्यू सुंदर डेयरी सहित अन्य प्रतिष्ठानों के दूध से बने उत्पादों के नमूने लिए गए हैं. यह कार्रवाई इसी तरह से आगे भी जारी रहेगी. इसके अलावा, खाद्य सुरक्षा टीम ने होटल और मिठाई की दुकानों का भी निरीक्षण कर रहे हैं ताकि त्योहारी के इस सीजन में मिलावट को रोका जा सके. बालाघाट में भी छापेमारी बालाघाट में खाद्य सुरक्षा अधिकारी योगेश डोंगरे के नेतृत्व में प्रमुख मिठाई दुकानों की जांच की गई और सैंपल लिए गए. योगेश डोंगरे ने बताया कि सरकार के निर्देश पर यह अभियान लगातार जारी रहेगा. प्रशासन का कहना है कि अगर कोई दुकानदार मिलावटी उत्पाद बेचते हुए पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी. recent visitors 38