Wednesday, July 8, 2026 3:35 am

भ्रष्टाचार की शिकायत: इमली टोला पंचायत में सड़क निर्माण में अनियमितताएं, जिम्मेदारों की खामोशी

भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी CC सड़क, बोल्डर डाल कर दी ढलाई गुणवत्ताविहीन सामग्री का किया उपयोग, ग्रामीणों ने सरपंच सचिव पर लगाए गंभीर आरोप घुघरी जनपद आने वाली पंचायत इमली टोला में सीसी सड़क निर्माण में जमकर हो रहा भ्रष्टाचार… जवाबदार मौन घुघरी आदिवासी बाहुल्य जिले में लगातार ग्रामीण क्षेत्रों में विकास के नाम पर हो रहे निर्माण कार्यों में लापरवाही और भ्रष्टाचार के मामले आए दिन उजागर हो रहे हैं फिर चाहे भवन, पुलिया निर्माण के मामले हो, या फिर सीसी सड़क निर्माण किए जाने के मामले हो लेकिन जिले में बैठे जिम्मेदार अधिकारियों की चुप्पी और  सुस्त रवैया के चलते भ्रष्टाचार्यों के हौसले लगातार बुलंद होते जा रहे हैंऔर सरपंच सचिव एवं जनपद में बैठे जवाबदारों की मिली भगत से जम कर भ्रष्टाचार किया जा रहा है  जिसका सीधा खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पढ़ रहा है ऐसा ही मामला जनपद पंचायत घुघरी अंतर्गत ग्राम पंचायत इमलीटोला के पोषक ग्राम भोका देवरी का सामने आया है जहां पांचवा वित्त मद से 3 लाख 21 हजार रूपये की लागत से मेनरोड से मुरली के घर तक सीसी रोड का निर्माण कराया जा रहा है जिसमें बिना समतलीकरण के बोल्डर  डाल कर सीसी सड़क का निर्माण कराया जा रहा है वहीं ग्रामीणों का कहना है . सरपंच, सचिव के द्वारा बोल्डर के ऊपर सीसी रोड का निर्माण कार्य कराया गया है जिसमें नियमों को ताक में रखकर भ्रष्टाचार के उद्देश्य से पूरी तरह गुणवत्ताहीन सी सी सड़क  बनाई जा रही है वही ग्रामीणों का आरोप है कि सीसी रोड का निर्माण कार्य कराया जा रहा है जहां बड़े-बड़े बोल्डर के ऊपर से ही सीसी रोड की ढलाई करा दी गई है जिससे सीसी रोड का समय से पूर्व ही टूटने की संभावना बनी हुई है जो की ग्राम विकास में क्षति है अगर गुणवत्तापूर्ण सीसी रोड बनाया जाता तो रोड अपने समय सीमा तक चल सकता था।अगर सी सी सड़क समय से पूर्व ही क्षतिग्रस्त हो जाएगा ऐसे में ग्रामीणों को आवाजाही में समस्या होगी।वही ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। ऐसा लगता है की विकासखंड घुघरी के इंजीनियर एसडीओपी सीईओ साहब पंचायत को बढ़ावा दे रहे हैं ताकि परसेंट मिल सके अब देखना यह है कि प्रशासन कार्रवाई करता है या फिर भ्रष्टाचार पर चुप्पी साधे रहता है। recent visitors 29

खरगोन में बढ़ते यातायात के दबाव को देखते हुए कवायदें शुरु, सड़क चौड़ीकरण के साथ के साथ सौंदर्यीकरण पर ध्यान दिया जा रहा

खरगोन मध्यप्रदेश के खरगोन जिले में बढ़ते यातायात के दबाव को देखते हुए कवायदें शुरु हो गई हैं। सड़क चौड़ीकरण के साथ के साथ सौंदर्यीकरण पर ध्यान दिया जा रहा है। नगर पालिका अमले ने बिस्टान रोड स्थित पीजी कॉलेज के सामने नर्सरी के लिए आरक्षित जगह पर तारफेसिंग हटाकर जगह समतल किया जाएगा।  इस पर नगर पालिका अध्यक्ष छाया जोशी ने बताया कि जनसंख्या और यातायात के दबाव को देखते हुए हुए सड़क चौड़ीकरण की जरुरत है। इसी को देखते हुए पीजी कॉलेज के सामने स्थित नर्सरी को हटाते हुए सड़क चौड़ीकरण के साथ ही सौंदर्यीकरण के लिए योजना बनाई है। इसके अलावा शहर के अन्य मुख्य मार्गो पर अभी अतिक्रमण चिन्हित किया है। इधर, डायवर्सन रोड पर बढ़ते हुए यातायात दबाव और हादसों को देखते हुए प्रशासन ने आरती टॉकीज के सामने सड़क पर डिवाइडर के बीच क्रॉसिंग कट को डिवाइडर से बंद किया है। इससे मार्ग एकांकी हो गया है। इस बदलाव के कारण व्यापारियों ने आपत्ति दर्ज कराई और मार्ग खोलने की मांग की है। recent visitors 64

कोलार सिक्सलेन रोड 15 किलोमीटर लंबी सड़क को नगर निगम प्रशासन ग्रीन कॉरिडोर के तौर पर विकसित करेगा

भोपाल  एमपी के भोपाल शहर में कोलार सिक्सलेन रोड यानी कोलार गेस्ट तिराहे से लेकर गोल जोड़ तिराहे तक करीब 15 किलोमीटर लंबी सड़क को नगर निगम प्रशासन ग्रीन कॉरिडोर के तौर पर विकसित कर रहा है।  राजधानी की सबसे पहली और बड़ी सिक्सलेन सड़क पर नगर निगम प्रशासन करीब 10 करोड़ रुपए की राशि से 15 किलोमीटर के दायरे में लगभग 20 हजार से अधिक पौधे लगाएंगी। यह काम नगर निगम प्रशासन अगले महीने यानी जून से शुरू करने वाली है। नगर निगम प्रशासन करेगा काम सेन्ट्रल वर्ज में ये पौधे लगाए जाएंगे और इनकी सुरक्षा को लेकर करीब तीन फीट ऊंची रैलिंग भी लगाई जाएगी। नगर निगम प्रशासन ने इस काम को लेकर अपनी कार्ययोजना बना ली है। इस संबंध में काम करने के लिए योजना के हिसाब से काम अंतिम चरणों में काम चल रहा है। जल्द ही इसे मूर्त रुप देने के लिए नगर निगम प्रशासन काम शुरू करेगा। लगातार हो रही हैं बैठकें, जल्द शुरू होगा काम हाल ही में ग्रीन कॉरिडोर विकसित करने के लिए विधायक रामेश्वर शर्मा ने निगम प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक की थी। गौरतलब है कि करीब छह महीने पहले कोलार सिक्सलेन सड़क बनकर तैयार हो चुकी है, यहां से लगातार आवाजाही भी सुचारू हो गई है। लेकिन अब तक इसका औपचारिक शुभारंभ नहीं हुआ है। ऐसे में अभी इस रोड पर बचे हुए कामों को पूरा किया जा रहा है। लगभग 325 करोड़ रुपए की राशि से कोलार सिक्सलेन सड़क को विकसित किया गया है। recent visitors 69

इंदौर : रिंग रोड बेटमा, सांवेर और तराना से होकर गुजरेगा, 48 हेक्टेयर वन भूमि की आवश्यकता

 इंदौर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) अगस्त-सितंबर के बीच पश्चिमी रिंग रोड का काम शुरू कर सकता है, क्योंकि जून में निर्माण कार्यों पर खर्च किए जाने वाला बजट आवंटित होगा। इस दौरान 48 हेक्टेयर वनभूमि को स्वीकृत मिलने की उम्मीद नजर आ रही है। एनएचएआई के प्रस्ताव को इंदौर वनमंडल ने वन विभाग मुख्यालय को भेजा दिया है, जो पर्यावरण समिति के पास पहुंच चुका है। जून-जुलाई में वनभूमि का सर्वे किया जाएगा। जमीन देने की प्रक्रिया जिला प्रशासन करेगा। अधिकारियों के मुताबिक वनभूमि पर पौधे लगाने और रखरखाव का खर्च एनएचएआई देगा। सड़क महू से हातोद होते हुए क्षिप्रा तक जाएगी 1500 करोड़ की लागत से 64 किमी लंबी पश्चिमी रिंग रोड बनाया जाएगा। 638 हेक्टेयर जमीन से सड़क गुजरेगी, जिसमें इंदौर और धार वनमंडल से 48 हेक्टेयर वनभूमि आएगी। इंदौर में 40 और धार में 8-10 हेक्टेयर वन भूमि चिह्नित की गई है। सड़क महू से हातोद और फिर क्षिप्रा तक जाएगी। यह मार्ग बेटमा, सांवेर और तराना से होकर गुजरेगा। एनएचएआई ने जिला प्रशासन से अनुरोध किया है कि वह वन विभाग को बदले में देने के लिए जमीन उपलब्ध कराए। जब तक यह जमीन तय नहीं होती, तब तक आगे की प्रक्रिया नहीं बढ़ सकती। वनक्षेत्र में खोदाई की जाएगी, जिसमें निकलने वाली मिट्टी और मुरम का निपटान एनएचएआई को वनक्षेत्र में करना है। पेड़ों की गिनती बाकी जंगल में लगे पेड़ों की गिनती और नई जगह पौधारोपण की योजना भी बनेगी। पेड़ों की कटाई, भूमि अधिग्रहण और पर्यावरणीय मंजूरी मिलने के बाद ही निर्माण शुरू होगा। वहीं एक और बड़ी चिंता यह है कि जिन क्षेत्रों से सड़क निकलेगी, वहां नीलगाय, तेंदुआ, सियार जैसे कई वन्यप्राणी रहते हैं। करेंगे राशि जमा सड़क निर्माण का काम     अगले कुछ महीनों में शुरू किया जाएगा। प्रोजेक्ट को लेकर बजट आवंटित होगा। वैसे वनभूमि को लेकर प्रस्ताव वन विभाग की पर्यावरण समिति को भेजा है। पर्यावरण व वन मंत्रालय से मंजूरी मिलने के बाद पौधोरोपण को लेकर राशि जमा करेंगे। – सुमेश बांझल प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एनएचएआई   recent visitors 75

836 करोड़ की लागत से भोपाल के 16 KM लंबे अयोध्या बाइपास मार्ग के चौड़ीकरण का काम 1 जून से

भोपाल  मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के रत्नागिरी इलाके से लेकर आशाराम तिराहे तक 16 किलोमीटर लंबे अयोध्या बाइपास मार्ग के चौड़ीकरण का काम 1 जून 2025 से शुरू होने जा रहा है। काम की लागत 836 करोड़ रुपए आने की संभावना है। पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंयक कल्याण राज्यमंत्री कृष्णा गौर ने इस संबंध में मंत्रालय में निर्माण एजेंसी एनएचएआई के अधिकारियों और संबंधित विभागों के अन्य अधिकारियों निर्माण कार्य की प्रगति को लेकर समीक्षा बैठक की।  इस दौरान प्रोजेक्ट डायरेक्टर देवांश नरवाल ने बताया कि, सबसे पहले सर्विस रोड बनाई जाएगी, ताकि यातायात बाधित न हो। चौड़ीकरण में आने वाले पेड़ों को हटाया जाएगा। साथ ही, इनके बदले में इसी सड़क पर चार गुना से ज्यादा पेड़ लगाए जाएंगे। सड़क चौड़ीकरण में आने वाले बिजली पोल- पाइप लाइन को शिट करने के लिए भी समय सीमा तय की गई है। 6 प्लस 2 यानी 8 लेन होगी सड़क राज्यमंत्री कृष्णा गौर ने बताया कि, करीब 2 साल में इस परियोजना को पूरा किया जाएगा। निर्माण कार्य का दायित्व भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को सौंपा गया है। इस परियोजना की अनुमानित लागत 836 करोड़ रुपए है। चौड़ीकरण का काम 1 जून से शुरू होगा। मुख्य सड़क निर्माण से पहले सर्विस रोड बनाई जाएगी, ताकि शहर का यातायात बाधित न हो। यह बायपास वर्तमान में 6 लेन है। 2 सर्विस रोड निर्माण के बाद यह 8 लेन हो जाएगा। आनंद नगर में बनेगा फ्लाई ओवर बैठक में आनंद नगर लाई ओवर निर्माण, रत्नागिरी तिराहे पर मैट्रो रेल लाई ओवर निर्माण व अन्य निर्माण कार्यों उकी समीक्षा की गई। आनंद नगर फ्लाई ओवर निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण अगले एक सप्ताह में पूरा करने के निर्देश दिए गए। मेट्रो के लिए भी यहां काम होगा और एलिवेटेड लेन बनेगी। उन्होंने बायपास चौड़ीकरण के दौरान 8 हजार पेड़ों की कटाई के बदले 4 गुना अधिक पौधों का रोपण करने का दावा किया हैं। इस बायपास के दोनों ओर 8 हजार पेड़ काटे जाएंगे। यह प्रदेश की आदर्श सड़क बनेगी राज्यमंत्री गौर ने स्पष्ट कहा हैं कि निर्माण में किसी भी प्रकार की अड़चन को जल्द रूप से हल किया जाएं। कार्य में किसी प्रकार की देरी न हो जल्द से जल्द कार्य को पूरा करना हैं। उन्होंने आगे कहा कि यह प्रदेश की एक आदर्श सड़क बनेगी, जिसमें फ्लाईओवर और अन्य आधुनिक सुविधाएं भी शामिल होंगी। recent visitors 46

बदनावर से टिमरवानी तक नया हाई-वे बनाया जाएगा, जो सीधे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे से जुड़ेगा

इंदौर दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे( Delhi-Mumbai Expressway) से इंदौर भी जुड़ने जा रहा है। पिछले दिनों बदनावर आए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने इंदौर को इस हाई-वे से जोड़ने का ऐलान किया था। इसके बाद एनएचएआइ इसकी डीपीआर बनाने में जुटा है। एनएचएआइ के प्रोजेक्ट डायरेक्टर सुमेश बांझल ने बताया कि इंदौर का इंदौर-अहमदाबाद हाई-वे से घाटा बिल्लौद, लेबड़ होते हुए बदनावर से जुड़ाव हो जाएगा। बदनावर से टिमरवानी तक नया हाई-वे बनाया जाएगा, जो सीधे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे से जुड़ेगा। इंदौर-अहमदाबाद रोड के अलावा उज्जैन रोड से भी नई सड़क के जरिए जुड़ा जा सकता है। इसके लिए तीन हजार करोड़ में करीब 90 किमी की फोरलेन सड़क बनाई जाएगी। अभी डीपीआर बनाई जा रही है। साथ ही इसे नेशनल हाई-वे का दर्जा देने पर भी काम किया जा रहा है। इसके बाद जमीन अधिग्रहण और टेंडर की प्रक्रिया की जाएगी। काम शुरू होने में करीब डेढ़ साल लगेंगे। दिल्ली-मुंबई की दूरी घटेगी इंदौर से मुंबई और दिल्ली जाने के लिए वर्तमान रूट के अलावा दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे(Delhi-Mumbai Expressway) से जुड़ने पर वाहनों की बड़े शहरों से आवाजाही आसान हो सकेगी। दूरी भी घटेगी। recent visitors 57

BDA रेलवे लाइन के समानांतर दोनों तरफ 60-60 फीट चौड़ी रोड विकसित करेगा

भोपाल  भोपाल विकास प्राधिकरण इस साल बावड़िया रेलवे ओवरब्रिज से मिसरोद के बीच रेलवे लाइन के दोनों तरफ नई बसाहट के लिए अधोसंरचना विकसित करेगा। रेलवे लाइन के नर्मदापुरम रोड की तरफ विद्यानगर फेस दो के साथ अब विद्यानगर फेज तीन के तहत करीब 11 हेक्टेयर में काम होगा, जबकि बावडिय़ा की ओर दानापानी से मिसरोद और बावड़िया गांव के चारों तरफ 51 हेक्टेयर में काम होगा। दोनों तरफ 60-60 फीट चौड़ी रोड सबसे खास ये कि लोगों को रेलवे लाइन के समानांतर दोनों तरफ 60-60 फीट चौड़ी रोड मिलेगी। आशिमा मॉल (MP News) से बावड़िया गांव को पार कर सेज अपोलो अस्पताल की ओर उतरने वाला रेलवे ओवरब्रिज भी इस पूरी योजना में मददगार होगा। बीडीए ने इस योजना के लिए सिविल अधोसंरचना विकसित करने 122.09 करोड़ रुपए खर्च का अनुमान लगाया है। अन्य खर्च मिलाकर ये राशि 249 करोड़ रुपए बन रही है। बावड़ियाकलां गांव के आसपास रेलवे लाइन तक का क्षेत्र नई योजना में शामिल है। इस पर जल्द ही काम शुरू होगा।–संजीव सिंह, प्रशासक बीडीए ऐसे समझें स्थिति ● विद्यानगर फेस दो के तहत 39.96 हेक्टेयर क्षेत्र में योजना विकसित हो रही है। ● 84.14 करोड़ रुपए लागत है। 701 प्लॉट इसमें विकसित होंगे। ● विद्या नगर फेस तीन के तहत 10.60 हेक्टेयर क्षेत्र में योजना प्रस्तावित है। ● 28.27 करोड़ रुपए की लागत है। 34 प्लॉट विकसित होंगे। ● बावड़ियाकलां योजना- 51 हेक्टेयर क्षेत्रफल में तय है।   recent visitors 56