Friday, July 17, 2026 12:14 am

इंटरनेशनल मास्टर्स लीग के फाइनल में इंडिया मास्टर्स पर मंत्री ओपी चौधरी ने युवाओं की जमकर की तारीफ

रायपुर शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में रविवार रात खेले गए इंटरनेशनल मास्टर्स लीग (आईएमएल) के फाइनल में सचिन तेंदुलकर की कप्तानी वाली इंडिया मास्टर्स ने ब्रायन लारा की वेस्टइंडीज मास्टर्स को हराकर पहले सीजन का खिताब अपने नाम किया. इस ऐतिहासिक जीत के बाद छत्तीसगढ़ सरकार के मंत्री ओपी चौधरी ने युवाओं की जमकर तारीफ की. उन्होंने कहा कि सचिन तेंदुलकर व ब्रायन लारा जैसी हस्तियों से प्रेरित होकर हमारे युवा और अधिक उत्साहित हैं. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि यह हमारे लिए गर्व की बात है कि छत्तीसगढ़ और रायपुर राष्ट्रीय मानचित्र पर तेजी से उभर रहे हैं. टियर-2 शहर भारत के विकास में अहम भूमिका निभा रहे हैं और छत्तीसगढ़ राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नया आयाम स्थापित करने के लिए पूरी तरह तैयार है. छत्तीसगढ़ के युवा बनेंगे नई पहचान दरअसल, फाइनल में इंडिया मास्टर्स की जीत के बाद मंत्री ओपी चौधरी ने मीडिया से बातचीत की. इस दौरान उन्होंने कहा हमारे युवा बहुत ही इंस्पायरिंग हैं. हमारा यूथ का पूरा हमारा स्टेट है और पूरी तरह से यूथ एनर्जी से भरा हुआ स्टेट है. यहां पर आईआईएम, आईआईटी, ट्रिपल आईटी, एचएनएलयू सारा कुछ आपको मिलेगा. यहां के यूथ में बहुत एनर्जी है. स्पोर्ट्स में भी बहुत अच्छा कर रहे हैं और ये सारे यह सारे यूथ ही नेशनल और इंटरनेशनल मैप पर छत्तीसगढ़ को लाने के लिए काम करेंगे और सचिन से ब्रायन लारा से निश्चित रूप से हमारे यूथ मोटिवेट हो रहे हैं और इनको हमारे यूथ को इससे इस आयोजन से बहुत बड़ा लाभ मिला है. मैं सारे आयोजकों को भी बहुत-बहुत धन्यवाद देना चाहता हूं. ‘युवराज सिंह इज माय फेवरेट’ – मंत्री ओपी चौधरी मंत्री ओपी चौधरी ने युवराज सिंह की तारीफ करते हुए कहा कि सचिन ब्रायन लारा अपना इंपोर्टेंस है, इसमें कोई डाउट नहीं. बट आई मस्ट एक्सेप्ट कि युवराज सिंह जी, युवराज सिंह जी जो मैच विनर थे और हमेशा टफ से टफ सिचुएशन में आकर इंडिया को मैच जिताते थे. 2007 काटी 20 वर्ल्ड कप हो या वनडे इंटरनेशनल वर्ल्ड कप हो, सब में उन्होंने एक्स्ट्राऑर्डिनरी परफॉर्मेंस दिया और युवराज सिंह इज माय फेवरेट. टियर-2 शहरों के लिए रायपुर और छत्तीसगढ़ तैयार उन्होंने आगे कहा, यह हम सबके लिए प्राइड की बात है और पूरा छत्तीसगढ़ और हमारा रायपुर नेशनल मैप पर बहुत तेजी से आ रहा है. एंड दिस इज टाइम फॉर टियर टू सिटी, वन सिटी सब जगह सैचुरेटेड हो गए हैं. अब टियर टू सिटीज का दौर है और इंडिया की इकॉनमी में सबसे बड़ा रोल अब टियर दो सिटीज का होगा और उसके लिए हमारा रायपुर, हमारा छत्तीसगढ़ पूरी तरह से तैयार है. recent visitors 21

मदद प्राप्त निजी स्कूलों के शिक्षकों को प्रबंधन सरकार की अनुमति बगैर नौकरी से नहीं हटा सकते

 इंदौर  अनुदान प्राप्त निजी स्कूलों के शिक्षकों को स्कूल प्रबंधन शासन की अनुमति बगैर नौकरी से नहीं हटा सकते। इस टिप्पणी के साथ हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने माहेश्वरी हायर सेकंडरी स्कूल की अपील निरस्त कर दी। मामला जीवविज्ञान संकाय के शिक्षक एसके व्यास का है। नवंबर 1974 में उन्हें स्कूल में उच्च श्रेणी शिक्षक के पद पर नियुक्ति मिली थी। वर्ष 1991 में उन्हें शासन के नियमों के तहत लेक्चरर पद पर पदोन्नति दे दी गई। नौकरी से हटा दिया था व्यास को यह पदोन्नति मप्र अशासकीय शिक्षण संस्था अधिनियम के तहत दी गई थी। वर्ष 2005 में स्कूल ने अचानक व्यास को यह कहते हुए नौकरी से हटा दिया कि स्कूल में कक्षा 11वीं और 12वीं में जीवविज्ञान संकाय में कोई एडमिशन नहीं हुआ है, इसलिए स्कूल को उनकी आवश्यकता नहीं है। स्कूल प्रबंधन के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की व्यास ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ हाई कोर्ट में याचिका दायर की। वर्ष 2007 में इसका निराकरण करते हुए कोर्ट ने व्यास को दोबारा नियुक्ति के आदेश दिए, लेकिन स्कूल ने इस फैसले को चुनौती देते हुए हाई कोर्ट में अपील कर दी। न्यायमूर्ति विवेक रूसिया और न्यायमूर्ति गजेंद्रसिंह की युगलपीठ ने स्कूल की अपील को निरस्त कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि स्कूल प्रबंधन ने बगैर शासन से अनुमति प्राप्त किए शिक्षक को नौकरी से हटाया, यह सही नहीं है। recent visitors 24

IPL 2025 का सीजन अभी शुरू नहीं हुआ है, लेकिन रिप्लेसमेंट पर रिप्लेसमेंट देखने को मिल रहे हैं

नई दिल्ली IPL 2025 का सीजन अभी शुरू नहीं हुआ है, लेकिन रिप्लेसमेंट पर रिप्लेसमेंट देखने को मिल रहे हैं। यहां तक कि एक रिप्लेसमेंट तो लीगल सूट में बदल चुका है, क्योंकि एक खिलाड़ी ने पाकिस्तान सुपर लीग को छोड़कर आईपीएल का दामन थाम लिया है। कॉर्बिन बॉश पीएसएल में खेलने वाले थे, लेकिन मुंबई इंडियंस के पेसर लिजाड विलियम्स चोटिल हो गए। ऐसे में एमआई ने कॉर्बिन के साथ करार किया और उन्होंने पीएसएल को छोड़ दिया। इस वजह से पीसीबी ने उनके खिलाफ ऐक्शन लिया है। हालांकि, आईपीएल में रिप्लेसमेंट को लेकर नियम क्या हैं? ये समझ लीजिए। आईपीएल में रिप्लेसमेंट के नियम कुछ इस तरह हैं कि बीसीसीआई किसी खिलाड़ी के सीजन से पहले ही नहीं, बल्कि सीजन के बीच में भी चोट लगने या बीमार होने पर रिप्लेसमेंट की अनुमति देता है। हालांकि, बीसीसीआई ने इस सीजन में नियमों में थोड़ा संशोधन किया है, जिसके तहत टीम के सीजन के 12वें लीग मैच तक रिप्लेसमेंट की अनुमति दी गई है। पहले, यह केवल सातवें मैच तक की अनुमति थी। आईपीएल में उसी खिलाड़ी को रिप्लेसमेंट के तौर पर अपने साथ जोड़ा जा सकता है, जिसने अपना नाम मौजूदा सीजन के लिए रजिस्टर कराया है। अगर किसी खिलाड़ी ने खुद को एक करोड़ रुपये की बेस प्राइस में रजिस्टर किया है और वह ऑक्शन में बिका नहीं या उसका नाम ऑक्शन पूल में आया नहीं और कोई टीम किसी खिलाड़ी के चोटिल होने पर उसे साथ में जोड़ती है तो उसके लिए फ्रेंचाइजी को कम से कम एक करोड़ खर्च करने ही होंगे, जो उसकी बेस प्राइस होगी। पैसे कम नहीं होंगे, लेकिन ज्यादा हो सकते हैं। ऐसे कई उदाहरण हैं, जब फ्रेंचाइजी ने RAPP सूची में शामिल गेंदबाजों को नेट गेंदबाज के रूप में रखा है, लेकिन अगर कोई अन्य फ्रेंचाइजी उसे रिप्लेसमेंट के तौर पर अपने साथ जोड़ना चाहती है तो उन फ्रेंचाइजी के पास उसे रोकने का कोई अधिकार नहीं है। किसी प्रतिस्थापन खिलाड़ी को उस शुल्क पर भर्ती किया जा सकता है जो उस खिलाड़ी को देय लीग शुल्क से अधिक नहीं होना चाहिए जिसकी जगह वह खिलाड़ी लेगा। इसके अलावा नियम ये भी है कि अगर कोई खिलाड़ी आईपीएल के दौरान चोटिल होता है और बीसीसीआई की मेडिकल टीम यह पाती है कि वह सीजन के अंत तक फिट नहीं होगा तो उसको रिप्लेस किया जा सकता है। इस केस में अगर वह खिलाड़ी फिट भी हो जाता है तो फिर सीजन में दोबारा वापसी नहीं करेगा। अगर कोई खिलाड़ी सीजन के बीच में आता है तो उस खिलाड़ी को लीग फीस के हिसाब से पैसे मिलेंगे। recent visitors 31

मध्य प्रदेश: छावा फिल्म का क्रेज, CM मोहन यादव आज मंत्रियों और विधायकों के साथ इस थिएटर में देखेंगे

भोपाल छत्रपति संभाजी महाराज पर बनी फिल्म छावा का क्रेज पूरे देश में दिखाई दे रहा है। मध्य प्रदेश में भी इस फिल्म को लेकर काफी उत्साह नजर आ रहा है। ऐसे में आज मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार इस फिल्म को देखेगी। आज शाम 7:30 बजे सीएम, मंत्री और विधायक यह फिल्म देखेंगे। कहां देखी जाएगी फिल्म? भोपाल के लेक व्यू अशोका होटल ओपन थिएटर में मुख्यमंत्री मोहन यादव तमाम मंत्रियों और विधायकों के साथ फिल्म छावा देखेंगे। फिल्म के बाद सभी नेता डिनर करेंगे। बता दें कि मध्य प्रदेश में छावा फिल्म को सीएम मोहन यादव पहले ही टैक्स फ्री कर चुके हैं। सीएम ने छावा को टैक्स फ्री करने का किया था ऐलान मध्य प्रदेश में ‘छावा’ फिल्म टैक्स फ्री है। सीएम डॉ. मोहन यादव ने 19 फरवरी को ‘छावा’ को कर मुक्त करने का ऐलान किया था। जबलपुर में स्टेडियम लोकार्पण कार्यक्रम में उन्होंने कहा था, “संभाजी महाराज ने अपने जीवन में सभी यातनाएं सहते हुए राष्ट्र और धर्म के लिए अपने प्राण दे दिए थे। छावा उन पर बनी ऐतिहासिक फिल्म है। यह फिल्म राष्ट्रप्रेम का संदेश देती है। शिवाजी महाराज के पुत्र संभाजी महाराज की देश भक्ति और उनके जीवन की विभिन्न महत्वपूर्ण घटनाओं से नागरिकों को परिचित करवाने के लिए मध्यप्रदेश में फिल्म टैक्स फ्री रहेगी।” जाने फिल्म के बारे में  छत्रपति शिवाजी महाराज के दिवंगत होने के बाद हिंदवी स्वराज की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले संभाजी महाराज का इतिहास अत्यंत गौरवपूर्ण रहा है। औरंगजेब द्वारा छल-बल का उपयोग कर छत्रपति शंभूराजे और उनके मित्र कवि कलश को गिरफ्त में ले लिया गया था। इसके बाद उन्होंने इस्लाम धर्म स्वीकार न करते हुए 39 दिन की असहनीय प्रताड़ना को स्वीकार कर धर्म का संरक्षण करते हुए सर्वस्व न्योछावर कर दिया। लेकिन अपना धर्म नहीं छोड़ा और छत्रपति के रूप में धर्म का संरक्षण किया। गोवा में भी टैक्स फ्री है छावा गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने छत्रपति शिवाजी महाराज की 395वीं जयंती के अवसर पर एक्स पर एक पोस्ट के जरिए ये घोषणा की थी की गोवा में इस फिल्म को टैक्स फ्री कर दिया गया है। गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने एक्स पर लिखा, 'मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि छत्रपति संभाजी महाराज के जीवन और बलिदान पर आधारित फिल्म छावा को गोवा में टैक्स फ्री किया जाएगा।' उन्होंने जोर देकर कहा कि यह फिल्म संभाजी महाराज की वीरता और साहस को दर्शाती है, जिन्होंने 'देव, देश और धर्म' के लिए मुगलों और पुर्तगालियों के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी। इससे पहले महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी फिल्म 'छावा' को टैक्स फ्री करने की अपील का स्वागत किया था। उन्होंने फिल्म के ऐतिहासिक प्रस्तुतिकरण की तारीफ की और कहा कि उन्हें जनता से फिल्म के बारे में अच्छी प्रतिक्रिया मिली है। सीएम फडणवीस ने कहा, 'मुझे खुशी है कि छत्रपति संभाजी महाराज के जीवन पर एक बहुत अच्छी फिल्म बनाई गई है। हालांकि, मैंने इसे अभी तक नहीं देखा है, लेकिन मुझे जो प्रतिक्रिया मिली है, उससे पता चलता है कि इस फिल्म में इतिहास को विकृत नहीं किया गया है।' recent visitors 23

न मालिक ना नौकर, भगवान भरोसे चल रही जबलपुर की मिठाई दुकान, बच्चों की शिक्षा-इलाज में होंगे खर्च

 जबलपुर जबलपुर में एक ऐसी दुकान की शुरुआत हुई है जिसमें दुकान के मालिक प्रभु लड्डू गोपाल हैं। इस दुकान में लड्डू का भाव सिर्फ एक तय किया गया है और वह है भक्तों की श्रद्धा। जी हां सही सुना आपने, जबलपुर के शास्त्री ब्रिज के पास स्थित दुकान में लड्डू खरीदने के बाद आपको सिर्फ उतना ही देना है जितनी आपकी क्षमता है और अगर आपके पास लड्डू खरीदने के रुपए अभी नहीं है तो आप लड्डू गोपाल से निवेदन कर यह लड्डू उधार भी ले जा सकते हैं। जिस उधार को रुपए आने पर आपको लड्डू गोपाल को ही चुकाना होगा। आस्था-श्रद्धा के भरोसे दुकान जबलपुर के शास्त्री ब्रिज के पास राम जानकी मंदिर के पीछे स्थित यह लड्डू गोपाल की दुकान मध्य प्रदेश में ही नहीं बल्कि पूरे देश में चर्चा का विषय बनी हुई है। जहां ना तो कोई मालिक है और ना ही कर्मचारी। इस दुकान में सेल्फ सर्विस के तहत आपको लड्डू खुद ही उठाते हैं लेकिन अन्य दुकानों की तरह पैसे लेने के लिए यहां पर कैशियर नहीं है। आपको खुद लड्डुओं की कीमत कैश काउंटर पर इस दुकान के मालिक लड्डू गोपाल को सौंपनी है। आपको बता दें कि इस दुकान में कैश काउंटर के ऊपर कोई भी सीसीटीवी कैमरा नहीं लगाया गया है, जिसकी वजह यह है कि लड्डू गोपाल और उनके भक्तों के बीच हुए लेनदेन पर कोई नजर ना रखी जाए।  इस दुकान में लड्डुओं का भाव तो तय है लेकिन आपको कितना भुगतान करना है यह आपकी श्रद्धा और आर्थिक स्थिति पर निर्भर करता है। क्योंकि जिसके पास कम है वह यहां कम दे सकता और जिसके पास अधिक है वह अधिक भुगतान कर सकता है। इस दुकान में कैश के अलावा ऑनलाइन पेमेंट भी की जा सकती है। मजबूरी देख मिली इस दुकान की प्रेरणा इस दुकान को शुरू करने का माध्यम बने विजय पांडे के अनुसार उनका मकसद है कि हर घर के लड्डू गोपालों को लड्डू मिल सके, फिर चाहे उनकी आर्थिक स्थिति कैसी भी हो। विजय पांडे ने बताया कि उनकी दुकान में कुछ सालों पहले एक पिता अपने बच्चे के साथ आया था जिसने बताया की स्कूल की यूनिफॉर्म लेने के कारण अब उसके पास सिर्फ 50 रुपए बचे हैं और बच्चे का जन्मदिन मनाने के लिए उसे लड्डू चाहिए। यह बात उसने बड़े संकोच के साथ कही थी कि क्या उसे लड्डू  मिल सकते हैं। विजय पांडे ने उसे लड्डू तो दे दिए लेकिन उन्हें यह समझ आया कि उस पिता को यह बोलने में काफी संकोच का सामना करना पड़ा। विजय पांडे ने यह सोचा कि ऐसे कितने गरीब परिवार होंगे जिनके बच्चों के जन्मदिन मनाने के लिए वह लड्डू नहीं खरीद पाते होंगे। इसके बाद उन्होंने यह तय किया कि एक ऐसी दुकान खोली जाए जिसमें आप सीधे भगवान से निवेदन कर सकते हैं और अमीर हो चाहे गरीब और सीधे भगवान से अपनी जरूरत के अनुसार लड्डू खरीद सकते है ताकि किसी और के घर के लड्डू गोपाल बिना लड्डुओं के जन्मदिन मनाने को मजबूर ना हों। लगभग 2 लाख रुपए के निवेश से शुरू हुई दुकान 'द सूत्र' की टीम ने जब विजय पांडे से इस दुकान में किए गए निवेश के बारे में बातचीत की तो उन्होंने बताया कि अभी यह दुकान मात्र चार दिन पहले शुरू हुई है। उन्होंने कोई हिसाब किताब तो नहीं किया है पर अंदाज और लगभग 2 लाख रुपए इस दुकान को शुरू करने में खर्च हुए है। इस दुकान के प्रति भक्तों सहित समाजसेवियों के उत्साह को देखते हुए तो यही लग रहा है कि लड्डू गोपाल की स्वयं की दुकान अपने भक्तों और गरीब बच्चों के लिए मुनाफा निकाल ही लेगी। विदेशों तक से आ रहे मदद के प्रस्ताव विजय पांडे ने बताया कि उनके पास विदेश से भी फोन आ रहे हैं जो इस नेक काम में मदद करने के लिए आगे आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि कल ही उनके पास अमेरिका से फोन आया था जिसमें इस दुकान के लिए आर्थिक मदद का प्रस्ताव दिया गया। इसके साथ ही अन्य शहरों से भी इस दुकान की फ्रेंचाइजी के लिए उनके पास कुछ फोन आए हैं पर उन्होंने यह स्पष्ट कर दिया है। किस दुकान की फ्रेंचाइजी लड्डू गोपाल ही दे सकते हैं और यदि आपको उन पर आस्था है तो यह दुकान शुरू की जा सकती है। मुनाफे से होगा गरीब बच्चों का इलाज इस दुकान का एकमात्र यह उद्देश्य ही नहीं है कि केवल गरीब बच्चों को लड्डू मिल सके बल्कि इसके पीछे एक और बड़ा मकसद है जो हमें विजय पांडे से बात करने के बाद पता चला। उन्होंने बताया कि इस दुकान का मुनाफा 50% तो उन कर्मचारियों को जाएगा जो इन लड्डुओं को बनाते हैं। उसके बाद बचा हुआ 50% गरीब बच्चों के इलाज के लिए खर्च किया जाएगा ताकि सक्षम परिवार के बच्चों को उचित इलाज मिल सके।   recent visitors 20

78 हजार रुपए की सरकारी सब्सिडी से सौर ऊर्जा का सपना हुआ साकार

रायपुर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी ऊर्जा नीति के तहत प्रधानमंत्री सूर्यघर-मुफ्त बिजली योजना देशभर में लोगों को सौर ऊर्जा अपनाने के लिए प्रेरित कर रही है। इस योजना का लाभ लेकर राजनांदगांव के अनुपम नगर निवासी श्री रमेश एम. चावडा ने अपने घर की छत पर 3 किलोवाट क्षमता का रूफटॉप सोलर प्लांट स्थापित किया है। उन्होंने बताया कि 1.90 लाख रुपए की लागत वाले इस प्लांट के लिए केंद्र सरकार से 78 हजार रुपए की सब्सिडी मिली, जिससे उनके लिए यह प्लांट लगाना आसान हो गया। श्री चावडा बताते हैं कि रूफटॉप सोलर प्लांट के चलते उनके बिजली बिल में भारी कमी आई है। इतना ही नहीं, नेट मीटरिंग प्रणाली के तहत अतिरिक्त बिजली ग्रिड में भेजकर आय अर्जित करने का अवसर भी मिला। यानी, जितनी बिजली उनके घर में खपत होती है, उससे अधिक बिजली उत्पादन होने पर वह अतिरिक्त बिजली सरकार को बेच सकते हैं, जिससे न केवल उनका बिजली बिल शून्य हो गया बल्कि कुछ अतिरिक्त आय भी हो रही है। श्री चावडा ने प्रधानमंत्री सूर्यघर-मुफ्त बिजली योजना की सराहना करते हुए कहा कि यह योजना न केवल बिजली बिल बचाने में मददगार है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान दे रही है। इससे कोयला और पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम हो रही है, और ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा मिल रहा है। इस योजना के तहत सरकार 30 हजार से 78 हजार रुपए तक की सब्सिडी प्रदान कर रही है। 3 किलोवाट से अधिक क्षमता वाले प्लांट पर अधिकतम 78 हजार रुपए तक का अनुदान मिलता है। इसके अलावा, यदि उपभोक्ता को बाकी राशि के लिए आर्थिक सहायता की जरूरत हो, तो सरकार 7 प्रतिशत ब्याज दर पर बैंक ऋण की सुविधा भी प्रदान कर रही है। योजना का लाभ लेने के लिए उपभोक्ताओं को PMSuryaGhar.gov.in  वेबसाइट या PMSuryaGhar मोबाइल ऐप पर पंजीकरण करना होगा। इसके बाद, वेब पोर्टल पर सूचीबद्ध अधिकृत वेंडर का चुनाव कर, बिजली विभाग के सहयोग से आवेदन पूरा किया जाता है। वेंडर द्वारा प्लांट लगाने और डिस्कॉम द्वारा नेट मीटर स्थापित करने के बाद, सरकार की ओर से सब्सिडी सीधे उपभोक्ता के खाते में जमा कर दी जाती है। प्रधानमंत्री सूर्यघर-मुफ्त बिजली योजना के तहत छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में लाखों परिवारों को सौर ऊर्जा से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। यह योजना न केवल घर-घर मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने का मार्ग प्रशस्त कर रही है, बल्कि आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को भी साकार कर रही है। श्री चावडा का कहना है कि सभी नागरिकों को इस योजना का लाभ उठाकर अपने घरों में सौर ऊर्जा संयंत्र लगवाना चाहिए। इससे बिजली पर खर्च कम होगा, पर्यावरण सुरक्षित रहेगा और देश की ऊर्जा आत्मनिर्भरता बढ़ेगी। recent visitors 25

आमिर खान की नई गर्लफ्रेंड गौरी स्प्रैट बिजनेस वुमेन, अब प्रोडक्शन हाउस के साथ काम कर रही

मुंबई बॉलीवुड स्टार आमिर खान 60 साल की उम्र में तीसरी शादी करने का मन बना रहे हैं, और उनकी दुल्हनिया बन सकती हैं गौरी स्प्रैट, दरअसल हाल ही में आमिर खान ने अपनी गर्लफ्रेंड गौरी स्प्रैट को प्री-बर्थडे मीट एंड ग्रीट के दौरान दुनिया से रुबरू कराया. तब से ही आमिर खान के फैन्स गौरी के बारे में जानने को बेकरार हैं, आखिर वे क्या करती हैं. गौरी स्प्रैट मूल रूप से बेंगलुरु की रहने वाली हैं, और बॉलीवुड से उनका कोई बड़ा कनेक्शन नहीं है. वह रीता स्प्रैट की बेटी हैं, जो बैंगलुरु में एक सैलून की मालिक थीं. गौरी की लिंक्डइन प्रोफ़ाइल के अनुसार, गौरी ने 2005 में अपने प्रोफेशनल करियर की शुरुआत की और 2010 तक मार्मलेड में पार्टनर के रूप में काम किया. गौरी अब एक आंत्रप्रन्योर हैं जो हेयरड्रेसिंग बिजनेस चलाती हैं. गोरी स्प्रैट का जॉब और बिजनेस इसके बाद गौरी बेंगलुरु स्थित कंपनी 3’सी टेक्स प्राइवेट लिमिटेड में पार्टनर, डायरेक्टर और हेड ऑफ डिजाइन के तौर पर शामिल हो गईं. उन्होंने द लेदर बुटीक में कंसल्टिंग डिजाइनर और बायर के तौर पर भी काम किया है. गौरी ने मुंबई आने से पहले बेंगलुरु में बीब्लंट सैलून में पार्टनर कम डायरेक्टर के तौर पर काम किया था. बता दें कि जहां गौरी स्प्रैट बुटीक में कंसल्टिंग डिजाइनर के तौर पर काम कर चुकी हैं वहीं, शाहरुख खान की पत्नी गौरी खान भी इंटीरियर डिजाइनर हैं. आमिर खान ने प्रेस मीट के दौरान बताया कि गौरी अब उनके प्रोडक्शन हाउस के साथ काम कर रही हैं. हालांकि, उनकी पर्सनल लाइफ के बारे में ज्यादा जानकारी अभी सामने नहीं आई है, लेकिन आमिर ने बताया कि गौरी का एक 6 साल का बेटा भी है. आमिर और गौरी पिछले 18 महीनों से साथ हैं, दोनों एक दूसरे को 25 सालों से जानते हैं लेकिन दोनों के बीच रोमांस की शुरुआत 2 साल से भी कम समय पहले हुई थी. recent visitors 31