Thursday, July 16, 2026 1:36 pm

मुझे अस्पताल में देखने पीएम मोदी पहुंचे थे, सोनिया और ममता बनर्जी मेरा हाल पूछती रहीं: उपराष्ट्रपति

नई दिल्ली पश्चिम बंगाल का गवर्नर रहने के दौरान उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और ममता बनर्जी के बीच कई बार गहरे मतभेद दिखते थे। ममता सरकार और गवर्नर हाउस के बीच यह मतभेद टकराव में भी बदलते दिखे थे, लेकिन जगदीप धनखड़ और सीएम ममता बनर्जी के निजी रिश्तों पर उसका कोई असर नहीं दिखता। इसकी बानगी तब देखने को मिली, जब उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ बीमारी के चलते अस्पताल में भर्ती थे। खुद उपराष्ट्रपति ने बताया कि ममता बनर्जी उनके अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान परिवार के संपर्क में रहीं। सोमवार से राज्यसभा की कार्यवाही फिर से संभालने वाले धनखड़ ने कहा कि कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी लगातार उनकी पत्नी डॉ. सुदेश धनखड़ के संपर्क में रहीं। उनकी कुशलता की जानकारी लेती रहीं। उन्होंने कहा कि मुझे अस्पताल में देखने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी पहुंचे थे। इसके अलावा टीएमसी के सांसद डेरेक ओ ब्रायन भी आए थे। सदन में उपराष्ट्रपति की दीर्घायु की कामना की गई तो वहीं नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि आपको अभी और आराम करने की जरूरत है। दरअसल उपराष्ट्रपति धनखड़ को हृदय रोग से संबंधित समस्या थी और उन्हें चेकअप के लिए अस्पताल ले जाया गया था। उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में पार्टी लाइन से ऊपर उठकर सभी नेताओं ने मेरी चिंता की। इसके लिए मैं आभारी हूं। जगदीप धनखड़ को 9 मार्च को दिल्ली एम्स में एडमिट कराया गया था। उन्हें अस्पताल से 12 मार्च को छुट्टी मिल गई थी, लेकिन आराम करने के लिए कहा गया था। उपराष्ट्रपति और सदन के चेयरमैन धनखड़ सोमवार को सदन पहुंचे तो जेपी नड्डा ने प्रसन्नता जाहिर की और कहा कि हम आपके स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना करते हैं। उन्होंने कहा कि वह स्वास्थ्य लाभ के बाद पहली बार सदन में आए हैं। यह सदन उनका स्वागत करता है और उनके स्वस्थ, मंगलमय एवं दीर्घ जीवन की कामना करता है। विपक्ष के नेता मल्ल्किार्जुन खरगे ने सभापति को स्वस्थ जीवन की शुभकामनायें दी और कहा कि अभी उन्हें आराम करना चाहिए। खरगे ने कहा कि उनका उत्साह और कर्तव्यपरायणता सभी को प्रेरित करती है। धनखड़ ने सदन का आभार व्यक्त करते हुए कि कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी लगातार उनकी पत्नी डा सुदेश धनखड़ के संपर्क में रहीं और कुशलक्षेम की जानकारी लेती रहीं। कई और मुख्यमंत्री भी उनका लगातार हाल पूछते रहे। recent visitors 23

राकेश टिकैत पहुंचे आत्महत्या करने वाले किसान के घर, पीड़ित परिवार को बंधाया ढांढस

महासमुंद छत्तीसगढ़ के महासमुंद में अपनी ही खेत में फांसी लगाकर आत्महत्या करने वाले किसान के घर आज किसान नेता राकेश टिकैत पहुंचे. जहां उन्होंने पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया. वहीं उन्होंने पीड़ित परिजनों को सहयोग दिलाने के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखने की बात कही है. बता दें कि पटेवा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सिघनपुर में 11 मार्च की सुबह परिजनों को किसान पूरन निषाद की लाश उसके खेत में पेड़ पर लटकी हुई मिली. इसकी तत्काल सूचना पुलिस को दी. मृत किसान के बेटे ने बताया कि उसके पिता ने झलप स्थित ग्रामीण सेवा सहकारी बैंक से डेढ़ लाख का केसीसी कर्ज लिया था. इसके अलावा भी साहूकारों से लगभग डेढ़ लाख का कर्ज लिया था. बिजली कटौती से हो रहा था फसल को नुकसान मृत किसान के बेटे तुलेश्वर निषाद ने बताया कि खेत में बोर खुदवाए थे, एक बोर चल रहा था, लेकिन बिजली कटौती की वजह से खेत सूख गया. छह से आठ घंटे कटौती होती है. ऑपरेटर अगर सो जाता है तो रात भर बिजली गुल रहती है. बिजली कटौती से खेत में लगी खड़ी फसल को हो रहे नुकसान की वजह से पिता ज्यादा परेशान थे. कलेक्टर ने एसडीएम को दिए जांच के निर्देश इस मामले में महासमुंद कलेक्टर विनय कुमार लहंगे का कहना है कि बिजली कटौती के कारण ही किसान ने आत्महत्या की है, यह कहना मुश्किल था. जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है. एसडीएम और थानेदार को जांच के लिए कहा गया है. कांग्रेस की जांच कमेटी भी परिजनों से मिले घटना के दो दिन बाद यानी 13 मार्च को कांग्रेस की ओर से गठित जांच समिति ने परिजनों से मुलाकात की थी. कांग्रेस की जांच टीम ने सिघनपुर पहुंचकर मृतक किसान के परिवार से बातचीत की और आत्महत्या के पीछे के कारणों की जानकारी ली. इस दौरान ग्रामीणों ने बताया कि गांव में लगातार बिजली कटौती और लो वोल्टेज की समस्या बनी हुई है, जिससे किसानों को भारी नुकसान हो रहा है.  recent visitors 20

चैंपियंस ट्रॉफी से पाकिस्तान को 800 करोड़ नुकसान, खिलाड़ियों की सैलरी काटने पर मजबूर PCB

लाहौर  पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) चैंपियंस ट्रॉफी 2025 की मेजबानी के बाद भारी आर्थिक नुकसान से जूझ रहा है। टूर्नामेंट में पाकिस्तान टीम का प्रदर्शन भी निराशाजनक रहा। लगभग 869 करोड़ रुपये खर्च करने के बावजूद पीसीबी को सिर्फ 52 करोड़ रुपये की ही कमाई हुई, जिससे उसे 739 करोड़ रुपये का घाटा हुआ। इस नुकसान की भरपाई के लिए PCB ने घरेलू खिलाड़ियों की मैच फीस में भारी कटौती की है। पाकिस्तान को तगड़ा झटका चैंपियंस ट्रॉफी 2025 पाकिस्तान के लिए दोहरी मार साबित हुई। एक तो मेजबान होने के बावजूद पाकिस्तानी टीम ग्रुप स्टेज से ही बाहर हो गई। दूसरा, टूर्नामेंट के आयोजन में भारी खर्च के बाद भी PCB को अपेक्षित लाभ नहीं हुआ, बल्कि भारी नुकसान उठाना पड़ा। इससे PCB की आर्थिक स्थिति बेहद खराब हो गई है। PCB ने टूर्नामेंट के लिए स्टेडियमों के नवीनीकरण, आयोजन और अन्य तैयारियों पर कुल 869 करोड़ रुपये खर्च किए। नाकामी का उदाहरण बना चैंपियंस ट्रॉफी पाकिस्तान को पहले मुकाबले में न्यूजीलैंड और दूसरे मैच में भारत ने हराया. बांग्लादेश के खिलाफ ग्रुप का आखिरी मैच रावलपिंडी में बारिश के कारण धुल गया. उसने इस टू्र्नामेंट के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए थे, लेकिन टीम के शर्मनाक प्रदर्शन सबको निराश कर दिया. चैंपियंस ट्रॉफी पाकिस्तान के लिए अरबों रुपये की बर्बादी साबित हुई. यह वित्तीय और लॉजिस्टिक नाकामी का उदाहरण बन गया. लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में न्यूजीलैंड के खिलाफ अपने एकमात्र घरेलू मैच के लिए पीसीबी ने करीब 100 मिलियन डॉलर खर्च कर दिया. करोड़ों रुपये का नुकसान स्टेडियमों के नवीनीकरण पर ही लगभग 560 करोड़ रुपये खर्च हुए, जो उनके मूल बजट के आधे से भी ज्यादा थे। बाकी 347 करोड़ रुपये टूर्नामेंट की अन्य तैयारियों पर खर्च किए गए। हालांकि, मेजबानी फीस और टिकटों की बिक्री से PCB को केवल 52 करोड़ रुपये की ही आमदनी हुई। इस प्रकार, PCB को कुल 739 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। पाकिस्तान में 29 साल बाद किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन हुआ था। PCB को उम्मीद थी कि इस टूर्नामेंट से उसे अच्छी कमाई होगी। लेकिन, नतीजा इसके उलट निकला। टूर्नामेंट से होने वाले नुकसान ने PCB की आर्थिक स्थिति को और कमजोर कर दिया है। इससे PCB को घरेलू खिलाड़ियों की मैच फीस में भारी कटौती करने का फैसला लेना पड़ा है। खिलाड़ियों के पैसे कटेंगे पीसीबी के इस फैसले से घरेलू खिलाड़ी काफी निराश हैं। टीम XI के खिलाड़ियों की फीस में 90 प्रतिशत की कटौती की गई है। रिजर्व खिलाड़ियों को तो पिछली फीस की तुलना में सिर्फ 12.50 प्रतिशत राशि ही मिल रही है। यह कटौती खिलाड़ियों के लिए बड़ा झटका है। चैंपियंस ट्रॉफी के आयोजन में हुए भारी नुकसान के बाद पीसीबी की आर्थिक स्थिति चिंताजनक हो गई है। इससे PCB के आगे के कार्यक्रमों पर भी असर पड़ सकता है। यह देखना होगा कि पीसीबी इस मुश्किल से कैसे निपटता है और अपनी आर्थिक स्थिति को कैसे सुधारता है। इस घटना ने पीसीबी के लिए एक बड़ी सीख छोड़ दी है। भविष्य में ऐसे आयोजनों के लिए बेहतर वित्तीय योजना बनाने की आवश्यकता है। साथ ही, टीम के प्रदर्शन पर भी ध्यान देना होगा ताकि दर्शकों की संख्या बढ़े और राजस्व में वृद्धि हो। इस पूरे घटनाक्रम ने पाकिस्तान क्रिकेट के भविष्य पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आने वाले समय में पीसीबी के लिए चुनौतियों कम नहीं होंगी। उसे अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे। साथ ही, टीम के प्रदर्शन में सुधार लाना भी जरूरी होगा। तभी पाकिस्तान क्रिकेट फिर से अपनी पुरानी शान हासिल कर पाएगा। यह समय PCB के लिए आत्ममंथन करने का है। बगैर मैच जीते 5 दिन में बाहर हुई थी पाकिस्तानी टीम यह पीसीबी के कुल बजट का 50 प्रतिशत ज्यादा है. 40 मिलियन डॉलर (करीब 347 करोड़ भारतीय रुपये) टूर्नामेंट की तैयारी में खर्च किए. इतना कुल खर्च करने के बाद पीसीबी को करीब 52 करोड़ रुपये का ही फायदा हुआ है. ऐसे में उसे टूर्नामेंट में करीब 85% नुकसान झेलना पड़ा. पाकिस्तान क्रिकेट टीम ने अपने घर में हुए इस चैम्पियंस ट्रॉफी में शर्मनाक प्रदर्शन किया था. यह टीम बगैर कोई मैच जीते 5 दिन में ही बाहर हो गई थी. टीम ग्रुप स्टेज से आगे नहीं बढ़ सकी. पाकिस्तान को न्यूजीलैंड और भारत ने हराया, जबकि बांग्लादेश के खिलाफ मैच बारिश से धुल गया था. recent visitors 51

सलमान खान और रश्मिका मंदाना स्टारर सिकंदर के नए गाने ‘सिकंदर नाचे’ का टीजर रिलीज

मुंबई,  बॉलीवुड के दबंग स्टार सलमान खान और अभिनेत्री रश्मिका मंदाना की आने वाली फिल्म सिकंदर के नए गाने 'सिकंदर नाचे' का टीजर रिलीज हो गया है। 'जोहरा जबीं' और 'बम बम भोले' के बाद अब मेकर्स ने 'सिकंदर नाचे' का टीजर रिलीज किया है। यह गाना अपने कूल और स्वैग से भरे हुक स्टेप्स से स्टेज पर धमाल मचाने वाला है। इस गाने से सलमान खान, प्रोड्यूसर साजिद नाडियाडवाला और कोरियोग्राफर अहमद खान की जोड़ी 'किक' के ब्लॉकबस्टर सॉन्ग 'जुम्मे की रात' के बाद फिर से साथ आ रही है।इस रीयूनियन के साथ 'सिकंदर नाचे' एक और चार्टबस्टर बनने के लिए तैयार है। ग्रैंड सेटअप और तुर्की से खास तौर पर आए डांसर्स की जबरदस्त भीड़ कल धमाका करने वाली है। सलमान इस ईद पर फिल्म सिकंदर के साथ बड़े पर्दे पर लौट रहे हैं, जिसमें उनके साथ रश्मिका मंदाना भी नजर आएंगी। फिल्म का निर्देशन ए. आर. मुरुगदॉस ने किया है।इस फिल्म को साजिद नाडियाडवाला ने प्रोड्यूस किया है।   recent visitors 31

रेलवे की अभूतपूर्व प्रगति: वैश्विक निर्यात और रोजगार के नए आयाम

नई दिल्ली रेल मंत्री  अश्विनी वैष्णव ने अपने हालिया संबोधन में भारतीय रेलवे की उल्लेखनीय प्रगति और भविष्य की योजनाओं को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। रेलवे के विकास एवं निर्यात के क्षेत्र में हाल के वर्षों में कई उपलब्धियां दर्ज की गई हैं। प्रमुख उपलब्धियां एवं जानकारियां: 1. वैश्विक निर्यात में रेलवे की बड़ी भूमिका: भारतीय रेलवे अब विभिन्न देशों को आधुनिक रेल उपकरणों का निर्यात कर रहा है। प्रमुख निर्यात निम्नानुसार हैं: मेट्रो कोच: ऑस्ट्रेलियाबोगियां: यूके, सऊदी अरब, फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया प्रोपल्शन सिस्टम: फ्रांस, मैक्सिको, रोमानिया, स्पेन, जर्मनी, इटलीयात्री कोच: मोज़ाम्बिक, बांग्लादेश, श्रीलंका इंजन (लोकोमोटिव): मोज़ाम्बिक, सेनेगल, श्रीलंका, म्यांमार, बांग्लादेश 2. भविष्य की योजनाएं:बिहार के सारण जिले के मारहोड़ा में बने लोकोमोटिव (इंजन) का निर्यात जल्द ही शुरू होगा। आगामी दिनों में 100 से अधिक लोकोमोटिव का निर्यात किया जाएगा, जिससे 'मेड इन बिहार' लोकोमोटिव पूरी दुनिया में अपनी पहचान बनाएंगे।तमिलनाडु में निर्मित पहिए (Forged Wheel) का भी जल्द ही वैश्विक निर्यात शुरू होगा। 3. तकनीकी उपलब्धि:चिनाब ब्रिज में इस्तेमाल किए गए 30,000 टन स्टील का वजन 4 एफिल टावर के बराबर है, जो भारत की इंजीनियरिंग क्षमताओं का उत्कृष्ट उदाहरण है। 4. रोजगार में वृद्धि:पिछले 10 वर्षों में रेलवे ने 5 लाख से अधिक लोगों को रोजगार दिया है, जो कि पहले की तुलना में काफी अधिक है।पिछली सरकार के समय यह आंकड़ा 4 लाख था, जबकि वर्तमान में 1 लाख लोगों की भर्ती प्रक्रिया जारी है, जिसमें लोको पायलट की भर्ती भी शामिल है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इन उपलब्धियों को भारतीय रेलवे की प्रतिबद्धता और आधुनिकरण का परिणाम बताया। रेलवे का निरंतर विकास देश को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बना रहा है। recent visitors 25

ट्रंप प्रशासन के फैसलों के खिलाफ फ्रांस में उठी मांग, ‘स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी’ को वापस किया जाए

पेरिस अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने फैसलों से वैश्विक राजनीति में उथल-पुथल मचा रखी है। यूरोप के कई देश अमेरिका की इस बदली नीति की वजह से परेशानी से जूझ रहे हैं। ऐसे में फ्रांस ने भी अब अमेरिकी प्रशासन को धमकी दी है कि जिसने लोगों को यह सोचने के लिए मजबूर कर दिया है कि क्या वास्तव में यह संभव है? फ्रांस में सोशलिस्ट और डेमोक्रेटिक समूह के नेता राफेल ग्लुकसमैन ने टैरिफ लगाने की धमकी देने के लिए डोनाल्ड ट्रंप की आलोचना करते हुए कहा है कि मैं उन अमेरिकियों से कहना चाहूंगा, जो वैज्ञानिकों को काम से निकाल रहे हैं, अत्याचारियों का साथ दे रहे हैं, उन्हें अब फ्रांस द्वारा 1886 में तोहफे में दिया गया 'स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी' को वापस कर देना चाहिए। पोलिटिको के अनुसार ग्लाइक्समैन ने कहा,"फ्रांस ने इसे आपको एक उपहार के रूप में दिया था लेकिन आप इसकी कद्र नहीं करते… निश्चित है कि आप इसे तुच्छ समझते हैं। इसलिए आप इसे वापस कर दीजिए यह अपने घर यानि फ्रांस में ठीक रहेगा। ग्लुकमैन ने ट्रंप पर तंज कसते हुए कहा कि ट्रंप प्रशासन लगातार अच्छे लोगों को काम से निकालता जा रहा है। अगर अमेरिकी ऐसे ही अपनी नौकरी रखना जारी रखते हैं तो यह फ्रांस के लिए फायदेमंद ही होगा। यह लोग यहां यूरोप में आए और यूरोपीय अर्थव्यवस्ता को बढ़ाने में मदद करें। ग्लुकमैन ने कहा कि दूसरी बात में अमेरिकियों से कहना चाहता हूं कि यदि आप अपने उन सभी लोगों को निकालना चाहते हैं, जिन्होंने अपनी खोज और अपनी स्वतंत्रता की भावना के साथ और मेहनत की दम पर अमेरिका को दुनिया में सबसे अग्रणी देश बनाया है तो बेशक निकाल दे। हम यहां पर यूरोप में उनका स्वागत करते हैं। स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी का इतिहास स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी का अनावरण 28 अक्तूबर 1886 को न्यूयॉर्क के बंदरगाह में किया गया था। इसे फ्रांस ने अमेरिकी स्वतंत्रता की घोषणा के शताब्दी वर्ष को मनाने के लिए उपहार में दिया था। इसका डिजाइन फ्रांसीसी ऑगस्टे बार्थोल्डी ने बनाया था। फ्रांस की राजधानी पेरिस में सीन नदी के एक छोटे से द्वीप पर इस प्रतिमा की एक छोटी से प्रति लगी हुई है। recent visitors 24

PSL को ठुकराकर IPL 2025 खेलने आया ये खिलाड़ी तो पीसीबी बोर्ड को लगी मिर्ची, लिया बड़ा एक्‍शन

नई दिल्ली इंडियन प्रीमियर लीग के 18वें सीजन की 22 मार्च से शुरुआत हो रही है। इससे पहले सभी फ्रेंचाइजियों ने तैयारी शुरू कर दी है। साउथ अफ्रीका के ऑलराउंडर कॉर्बिन बॉश को मुंबई इंडियंस ने IPL 2025 के लिए रिप्लेसमेंट के तौर पर अपने स्क्वॉड में शामिल किया है। उन्‍होंने चोटिल लिजाद विलियम्‍स की जगह ली। ऐसे में बॉश ने पाकिस्तान सुपर लीग को छोड़ दिया था। अब पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने बॉश को लीगल नोटिस भेजा है। पीसीबी ने कॉर्बिन बॉश को अनुबंध संबंधी दायित्वों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए कानूनी नोटिस भेजा है। पीएसएल का आईपीएल के साथ ओवरलैप यह पहला सीजन है जिसमें पीएसएल का आईपीएल के साथ ओवरलैप होगा। आईपीएल 22 मार्च से 25 मई तक चलेगा और पीएसएल 11 अप्रैल से 18 मई तक चलेगा। जनवरी में आयोजित पीएसएल ड्राफ्ट में पेशावर जाल्मी ने डायमंड श्रेणी में बॉश को चुना था। लेकिन 8 मार्च को मुंबई इंडिंस ने घोषणा की कि वह उनकी टीम में चोटिल लिजाद विलियम्स की जगह लेंगे। कॉर्बिन बॉश को लीगल नोटिस पाकिस्‍तान क्रिकेट बोर्ड ने एक बयान में कहा, "कानूनी नोटिस उनके एजेंट के माध्यम से दिया गया था और खिलाड़ी से उनकी पेशेवर और संविदात्मक प्रतिबद्धताओं से हटने के उनके कदम को उचित ठहराने के लिए कहा गया है। पीसीबी प्रबंधन ने लीग से उनके जाने के नतीजों को भी रेखांकित किया है और निर्धारित समय सीमा के भीतर उनके जवाब की अपेक्षा की है। पीसीबी इस मामले पर आगे कोई टिप्पणी नहीं करेगा।" PSL विंडो को बदला गया था पीएसएल फ्रेंचाइजी बॉश पर कार्रवाई कर सकती हैं। उन्हें चिंता है कि इससे खिलाड़ियों के लिए PSL के साथ साइन अप करने और फिर IPL में जाने की मिसाल कायम हो सकती है। पीसीबी ने विदेशी खिलाड़ियों की गुणवत्ता और उपलब्धता में सुधार करने के उद्देश्य से PSL विंडो को बदल दिया था। जब पीएसएल फरवरी-मार्च विंडो में था तो खिलाड़ी SA20, ILT20 और BPL में व्‍यस्‍त रहते थे। पिछले साल जब विंडो बदली गई थी तब तय हुआ कि आईपीएल ऑक्‍शन के बाद पीएसएल ड्राफ्ट आयोजित होगा। इससे विदेशी खिलाड़ियों की उपलब्धता के बारे में अधिक स्पष्टता हो सके। इस सीजन में आईपीएल नीलामी नवंबर 2024 में और पीएसएल ड्राफ्ट जनवरी 2025 में आयोजित किया गया था। PSL ड्राफ्ट में डेविड वार्नर, डेरिल मिचेल, जेसन होल्डर, रासी वान डेर डूसेन और केन विलियमसन शामिल थे। recent visitors 29