Thursday, July 16, 2026 12:03 pm

NASA देगा 9 महीने की ओवरटाइम के लिए सुनीता विलियम्स को कितनी सैलरी, वापसी का रास्ता साफ

वाशिंगटन अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर की 8 दिन के मिशन के दौरान तकनीकी समस्याओं के कारण 9 महीने से ज्यादा समय तक अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर फंसी रहना एक लंबी और दिलचस्प कहानी बन चुकी है। अब नासा ने स्पेशल स्पेसक्राफ्ट भेजकर इन दोनों की पृथ्वी पर वापसी का रास्ता साफ किया है। लेकिन क्या इसके लिए उन्हें ओवरटाइम वेतन मिलेगा? आइए जानते हैं पूरी कहानी। सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर 2024 के जून महीने में नासा के मिशन के तहत 8 दिन के लिए अंतरिक्ष गए थे। यह मिशन अमेरिका के बोइंग स्टारलाइनर अंतरिक्ष यान द्वारा आयोजित किया गया था। मिशन की अवधि पूरी करने के बाद वे वापस आना चाहते थे, लेकिन अचानक तकनीकी समस्याओं के कारण उनका अंतरिक्ष यान ISS पर ही फंस गया। इस वजह से उन्हें तय समय से कहीं अधिक समय तक अंतरिक्ष में रहना पड़ा। फंसे नहीं, बल्कि काम कर रहे थे! मीडिया में यह खबर थी कि दोनों अंतरिक्ष यात्री ISS पर "फंसे" हुए थे। लेकिन नासा के मुताबिक, वे वहां फंसे नहीं थे। दरअसल, दोनों अंतरिक्ष यात्री वहां पूरी तरह से सक्रिय थे और नासा के लिए विभिन्न कार्य कर रहे थे। नासा के अनुसार, वे संघीय कर्मचारी हैं, जो अपनी नियमित सैलरी प्राप्त कर रहे हैं, जैसे पृथ्वी पर किसी कर्मचारी को उसकी नियमित नौकरी के दौरान मिलती है। ओवरटाइम वेतन का क्या हुआ? अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या इन 9 महीनों के लिए सुनीता और बुच को अतिरिक्त ओवरटाइम वेतन मिलेगा? इस सवाल का जवाब दिया है नासा की रिटायर्ड अंतरिक्ष यात्री कैथरीन ग्रेस (कैडी) कोलमैन ने। उन्होंने बताया कि अंतरिक्ष यात्रियों को ओवरटाइम या अतिरिक्त वेतन नहीं मिलता। जब वे अंतरिक्ष में होते हैं, तो उनकी नौकरी वही होती है जो वे पृथ्वी पर करते हैं, और वे अपनी नियमित सैलरी प्राप्त करते रहते हैं। लेकिन, उन्हें एक छोटा सा डेली स्टाइपेंड (प्रतिदिन का भत्ता) जरूर मिलता है, जो आकस्मिक खर्चों के लिए होता है। यह भत्ता 4 डॉलर (लगभग 347 रुपये) प्रतिदिन होता है। इस हिसाब से, सुनीता और बुच को अतिरिक्त मुआवजे के तौर पर लगभग 1,148 डॉलर (लगभग 1 लाख रुपये) मिलेंगे। यह एक आकस्मिक खर्च का रूप है, जो सैलरी के अलावा होता है। नासा में काम करने वाले संघीय कर्मचारियों का वेतन सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर नासा के जीएस-15 वेतन ग्रेड में आते हैं, जो संघीय कर्मचारियों का सबसे उच्चतम स्तर होता है। इस ग्रेड में कर्मचारियों को सालाना लगभग 1.08 करोड़ रुपये से लेकर 1.41 करोड़ रुपये तक की सैलरी मिलती है। यह वेतन नासा के अंतरिक्ष यात्री के रूप में उनकी जिम्मेदारियों को देखते हुए निर्धारित किया जाता है। स्पेशल स्पेसक्राफ्ट के जरिए वापसी अब दोनों की वापसी की प्रक्रिया भी बहुत दिलचस्प है। इन दोनों को लेने के लिए नासा ने स्पेसएक्स के ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट को भेजा है। यह स्पेसक्राफ्ट 19 मार्च तक इन दोनों अंतरिक्ष यात्रियों को पृथ्वी पर वापस ला सकता है। इस ड्रैगन कैप्सूल के जरिए, वे नासा के अंतरिक्ष यात्री निक हेग और रूसी अंतरिक्ष यात्री अलेक्जेंडर गोरबुनोव के साथ लौटेंगे। क्यों है यह मिशन महत्वपूर्ण? यह मिशन इसलिए भी खास है क्योंकि स्पेसएक्स ड्रैगन कैप्सूल ने न केवल नासा के नियमित क्रू रोटेशन मिशन को पूरा किया, बल्कि यह दो अंतरिक्ष यात्रियों की लंबे समय से प्रतीक्षित वापसी का रास्ता भी साफ कर दिया। इस मिशन से यह भी साबित होता है कि निजी कंपनियों की अंतरिक्ष उड़ान सेवाएं, जैसे स्पेसएक्स, अब नासा के साथ मिलकर बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।   recent visitors 33

श्योपुर में पर्यटकों को सहजता से मिलेगा चीता देखने का अवसर

भोपाल श्योपुर जिले के राष्ट्रीय कूनो उद्यान में दक्षिण अफ्रीका से लाई गई मादा चीता "गामनी" और उसके चार शावकों को सोमवार को बाड़े से सफलतापूर्वक कूनो नेशनल पार्क के खुले जंगल के खजूरी वन क्षेत्र में छोड़ा गया। खजूरी वन क्षेत्र अहेरा पर्यटन जोन का एक हिस्सा है।पर्यटन क्षेत्र में चीतों की उपस्थिति से पर्यटकों को चीता देखने का अवसर मिलेगा। इससे पर्यटन की गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। कूनो राष्ट्रीय उद्यान संचालक सिंह परियोजना ने बताया है कि राष्ट्रीय कूनो उद्यान में चीता "गामनी" और उसके चार शावकों को खुले जंगल में छोड़ने के बाद अब कूनों पार्क में 17 चीते जिसमें 11 शावक शामिल हैं जो स्वच्छंद विचरण कर रहे हैं। अब बाढ़े में 9 चीते शेष हैं, इनमें 3 शावक शामिल है। इस प्रकार कूनो नेशनल पार्क में कुल 26 चीते है, जो सभी पूर्ण रूप से स्वस्थ हैं।   recent visitors 33

शुभांगी अत्रे ने कहा, ‘फिल्म की शूटिंग और टीवी शो की शूटिंग में अंतर होता है’

मुंबई, दर्शकों के पसंदीदा शो ‘भाभीजी घर पर हैं’ पर फिल्म बनने जा रही है। फिल्म में शो के मूल कलाकार ही मुख्य भूमिका में नजर आएंगे। शो में ‘अंगूरी भाभी’ का किरदार निभाने वाली शुभांगी अत्रे इस फिल्म से बॉलीवुड में डेब्यू करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। शुभांगी ने कहा, “मैं एक एक्टर और एक कलाकार हूं, और कोई फर्क नहीं पड़ता कि माध्यम क्या है, चाहे वह टीवी, फिल्में, ओटीटी या थिएटर हो, मैं पूरी लगन और अनुशासन के साथ अपना 100 प्रतिशत देने में विश्वास करती हूं। बेशक, ‘भाभीजी घर पर हैं’ पर अब एक फिल्म बनाई जा रही है, इसलिए काम काफी हद तक वैसा ही है जैसा हम टेलीविजन पर करते हैं। लेकिन फिर भी, एक अलग तरह की घबराहट और उत्साह होता है।” उन्होंने कबूल किया कि किसी फिल्म की शूटिंग करना टीवी शो की शूटिंग से बिल्कुल अलग होता है। शुभांगी ने कहा, “भले ही मैं वर्षों से अंगूरी का किरदार निभा रही हूं, लेकिन फिल्म के लिए परफॉर्म करना अलग लगता है। हालांकि, मैं अपना सर्वश्रेष्ठ दे रही हूं और अपनी पूरी कोशिश कर रही हूं, जैसा कि मैं हमेशा करती हूं। मैं वाकई बहुत खुश हूं, लेकिन साथ ही, मैं थोड़ी नर्वस भी महसूस कर रही हूं। मैं बस अपने प्रशंसकों से ढेर सारा प्यार, आशीर्वाद और शुभकामनाएं चाहती हूं।” उन्होंने कहा, “सबसे पहले, हमारी फिल्म में कुछ नए कलाकार शामिल हुए हैं, इसलिए उनके साथ केमिस्ट्री बनाना एक नया अनुभव है। दूसरा, टीवी पर, हम अक्सर प्रदर्शन करते समय सुधार करते हैं, लेकिन एक फिल्म में, हमें बहुत सटीक होना पड़ता है। चूंकि एक फिल्म का रनटाइम 2 से 2.5 घंटे का होता है, इसलिए हम अनावश्यक संवाद नहीं जोड़ सकते हैं, जैसा कि हम कभी-कभी टीवी सीरियल शूटिंग में करते हैं।” शुभांगी फिल्म में एक्शन सीक्वेंस भी करती नजर आएंगी। उन्होंने बताया, “यह मेरे लिए कुछ नया है और मैं वास्तव में उत्सुक हूं कि स्क्रीन पर कैसे दिखाई देंगे।” उन्होंने बताया कि यह न केवल उनके लिए बल्कि उनके माता-पिता के लिए भी एक सपना सच होने जैसा है। उन्होंने कहा, “मेरे पिता इस समय कैंसर से जूझ रहे हैं, लेकिन वे इस प्रोजेक्ट को लेकर बहुत खुश हैं। मेरे माता-पिता दोनों ने मुझे अपना आशीर्वाद दिया है और आज जब मैंने अपने पिता से बात की, तो उन्होंने मुझसे कहा कि एक बार फिल्म रिलीज हो जाए, तो हम सब इसे देखने के लिए एक साथ थिएटर जाएंगे। यह विचार ही मुझे भावुक कर देता है।”   recent visitors 40

जाने क्या है डोनाल्ड ट्रंप की बनाई ऑरेंज लिस्ट, जिसमें पाकिस्तान के साथ रूस का भी आया नाम

वॉशिंगटन अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दुनिया के कुल 43 देशों पर ट्रैवल बैन लगाने की तैयारी में है। इन देशों में अफगानिस्तान, पाकिस्तान, रूस समेत कई बड़े मुल्क शामिल हैं। रिपोर्ट के अनुसार इन देशों को तीन सूचियों में विभाजित किया गया है। ये लिस्ट हैं- रेड, ऑरेंज और येलो। इनमें से रेड लिस्ट वाले देशों का मतलब है कि उनके यहां के लोगों की अमेरिका में एंट्री पर पूरी तरह से पाबंदी रहेगी। भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान को ऑरेंज लिस्ट में शामिल किया गया है। इसके अलावा रूस भी इसी सूची में है। इस लिस्ट में कुल 10 देश शामिल हैं, जिनके नागरिकों को आंशिक पाबंदियां झेलनी होंगी। दरअसल प्रभावी लोगों और बिजनेस से जुड़े मामलों के लिए आने वालों को एंट्री मिलेगी। वहीं प्रवासियों और पर्यटकों की एंट्री पर पाबंदियां रहेंगी। क्या है ऑरेंज और रेड लिस्ट का मतलब इसके अलावा नागरिकों को एंट्री से पहले व्यक्तिगत साक्षात्कार से गुजरना होगा। पाकिस्तान और रूस के अलावा म्यांमार, बेलारूस, हैती, लाओस, एरिट्री, सिएरा लियोन, दक्षिण सूडान और तुर्कमेनिस्तान भी इस नारंगी लिस्ट का हिस्सा हैं। वहीं 10 देशों को रेड लिस्ट में रखा गया है। इसमें शामिल देशों के नागरिकों की अमेरिका में एंट्री पर पूरी तरह से रोक रहेगी। इन देशों में अफगानिस्तान और भूटान भी शामिल हैं, जो भारत के पड़ोसी मुल्क हैं। रेड लिस्ट में शामिल अन्य देशों में क्यूबा, ईरान, लीबिया, उत्तर कोरिया, सोमालिया, सूडान, सीरिया, वेनेजुएला और यमन शामिल हैं। वहीं 22 देशों को शामिल करते हुए एक येलो लिस्ट का भी ड्राफ्ट तैयार हुआ है। इसमें शामिल देशों को बताया जाएगा कि वे किन खामियों को दूर कर लें तो पाबंदियों से बच सकते हैं। किन देशों को रखा गया येलो लिस्ट में, बचाव का तरीका भी बताया यदि 60 दिनों की टाइम लिमिट के बीच भी वे खामियों को दूर नहीं कर सके तो फिर पाबंदियां झेलनी होंगी। रिपोर्ट के अनुसार येलो लिस्ट में शामिल देशों से समय-समय पर पूछा जाएगा कि कौन से यात्री आ रहे हैं। पासपोर्ट जारी करने में कोई गड़बड़ी तो नहीं है। यदि इन खामियों को वे दूर कर लेंगे तो उनके नागरिकों को अमेरिका प्रवेश की अनुमति मिलेगी अन्यथा नहीं। इस सूची में अंगोला, एंटीगुआ और बारबुडा शामिल हैं। इसके अलावा कंबोडिया, कैमरूम, चाड, कॉन्गो, माली, लाइबेरिया, वानुआतू, जिम्बाब्वे आदि देश शामिल हैं। यह दूसरी बार है, जब डोनाल्ड ट्रंप ट्रैवल बैन लगाने वाले हैं। इससे पहले उन्होंने अपने पहले कार्यकाल में मुस्लिम बहुल 7 देशों के लोगों की एंट्री पर बैन लगाया था। इन देशों में ईरान, इराक, लीबिया, सोमालिया, सूडान, सीरिया और यमन शामिल थे। recent visitors 27

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया टॉपर्स की डायरी जीत के राज पुस्तक का विमोचन

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में डॉ. कनिका शर्मा की पुस्तक 'टॉपर्स की डायरी जीत के राज' का विमोचन किया। इस अवसर पर श्री गौरव शर्मा, श्री सुनील शर्मा और परिजन उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुस्तक की विषय-वस्तु की सराहना की। यह पुस्तक विशेष रूप से विद्यार्थियों का आत्मविश्वास बढ़ाने, परीक्षाओं के भय को समाप्त करने और सकारात्मक मानसिकता, व्यवस्थित दिनचर्या, बेहतर खान-पान और पोषण का ध्यान रखने, लेखन क्षमता में सुधार, भाषा की शुद्धता और भविष्य की योजना बनाकर कार्य करने जैसे पहलुओं पर मार्गदर्शन देती है।   recent visitors 34

जियो स्टूडियोज के बैनर तले बन रही वेब सीरीज पान पर्दा जर्दा की शूटिंग हुई पूरी

मुंबई,  जियो स्टूडियोज़ ने, रिलायंस एंटरटेनमेंट और ड्रीमर्स एंड डूअर्स कंपनी के सहयोग से गैंगस्टर ड्रामा पान पर्दा जर्दा की शूटिंग सफलतापूर्वक पूरी कर ली है। मोना सिंह, तन्वी आज़मी, तान्या मानिकतला, प्रियांशु पेनयुली, सुशांत सिंह, राजेश तैलंग और मनु ऋषि सहित कई दमदार कलाकारों से सजी यह सीरीज मध्य भारत की अवैध अफीम तस्करी की पृष्ठभूमि पर आधारित एक ऐसी सम्मोहक कहानी जहां परिवार और प्रियजनों के बीच युद्ध की रेखाएं खींची जाती हैं और निष्ठाएं बदल जाती हैं, यह श्रृंखला, एक्शन, ड्रामा और साज़िश की एक रोमांचक कहानी बुनती है। ज्योति देशपांडे और नमित शर्मा निर्मित, मनोरंजक पटकथा, शानदार टीम और भव्य पैमाने के साथ पान पर्दा ज़र्दा डिजिटल मनोरंजन के क्षेत्र में एक गेम-चेंजर बनने के लिए तैयार है। जियो स्टूडियोज और रिलायंस एंटरटेनमेंट जल्द ही इस सिनेमाई अनुभव को दुनिया भर के दर्शकों के लिए लेकर आएंगे।   recent visitors 35

नाइट ड्यूटी कर रहे रायसेन यातायात थाने में पदस्थ एएसआई की हार्ट अटैक से मौत, पुलिस विभाग ने जताया शोक

रायसेन ड्यूटी के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ने से रायसेन यातायात थाने में पदस्थ एएसआई फूल सिंह उइके (55) की हार्ट अटैक से मौत हो गई। सोमवार सुबह उन्हें घबराहट महसूस हुई, जिसके बाद उन्होंने अपनी बेटी पलक को फोन किया। बेटी के थाने पहुंचने पर पुलिसकर्मियों की मदद से उन्हें तत्काल एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां पल्स नहीं मिलने पर डॉक्टरों ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। इस दौरान रास्ते में ही फूल सिंह ने बेटी की गोद में दम तोड़ दिया। जानकारी के मुताबिक एएसआई फूल सिंह उइके रविवार को नाइट ड्यूटी पर थे। सोमवार सुबह करीब 7 बजे उन्होंने थाने में घबराहट और बेचैनी महसूस की। इस दौरान उन्होंने सबसे पहले बेटी पलक को फोन किया और बताया उनकी तबीयत खराब हो रही है। चूंकि सुबह का समय था और थाने में सीमित स्टाफ ही मौजूद था, इसलिए उन्होंने बेटी के साथ ही अन्य पुलिसकर्मियों को भी सूचना दी। बेटी पलक ने तुरंत थाने पहुंचकर पुलिसकर्मियों की मदद से पिता को एक निजी अस्पताल पहुंचाया, लेकिन वहां डॉक्टरों ने उनकी हालत गंभीर देखकर उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया। बेटी पलक अपने पिता को एंबुलेंस से जिला अस्पताल लेकर जा रही थी, लेकिन रास्ते में ही फूल सिंह ने बेटी की गोद में दम तोड़ दिया। घटना की जानकारी मिलते ही अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) कमलेश कुमार खुरपुसे जिला अस्पताल पहुंचे और फूल सिंह की बेटी पलक को सांत्वना दी। उन्होंने कहा कि दुख की इस घड़ी में पूरा पुलिस विभाग परिवार के साथ खड़ा है। यातायात थाना प्रभारी लता मालवीय ने बताया कि पुलिस विभाग की ओर से परिवार को एक लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी गई है। पोस्टमॉर्टम के बाद फूल सिंह के पार्थिव शरीर को पूरे सम्मान के साथ उनके गृह जिला बैतूल रवाना किया गया। पुलिस विभाग के अधिकारी और कर्मचारी भी पार्थिव शरीर के साथ मौजूद रहे, ताकि अंतिम संस्कार के दौरान परिवार को हरसंभव सहयोग मिल सके। फूल सिंह उइके को उनके साथी पुलिसकर्मी एक अनुशासित और कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी के रूप में जानते थे। उनकी ड्यूटी के प्रति निष्ठा और व्यवहार के कारण थाने के कर्मचारियों में उनका विशेष सम्मान था। परिवार में पत्नी का पहले ही हो चुका है निधन फूल सिंह उइके के परिवार में दो बेटे और एक बेटी हैं। उनकी पत्नी का आठ साल पहले कैंसर से निधन हो गया था। पत्नी के निधन के बाद से उनकी बेटी पलक उनके साथ रायसेन में रह रही थी। फूल सिंह मूल रूप से बैतूल जिले के खंजनपुर के रहने वाले थे और पिछले चार साल से रायसेन यातायात थाने में पदस्थ थे। उनका बाकी पूरा परिवार अपने पैतृक गांव में रहता है। पुलिस विभाग ने जताया शोक एएसआई की आकस्मिक मृत्यु से पुलिस विभाग में शोक की लहर है। सहकर्मियों ने फूल सिंह को याद करते हुए बताया कि वे हमेशा अपनी ड्यूटी को प्राथमिकता देते थे और मुश्किल परिस्थितियों में भी संयम बनाए रखते थे। उनके निधन को पुलिस विभाग ने बड़ी क्षति बताया है। recent visitors 26