रविंद्र भवन भोपाल में घटित तथाकथित रेप की घटना में नया खुलासा

भोपाल ABVP भोपाल के पूर्व संगठन मंत्री भगवान सिंह राजपूत के ऊपर मऊगंज निवासी एक दलित नाबालिक बच्ची को टूल किट बना कर पोस्को, बलात्कार सहित SC/ST के अंतर्गत शिकायत श्यामला हिल्स थाना भोपाल में दिनांक 07 फ़रवरी 2025 को की गई थी जिसमें घटना दिनांक 30 जनवरी 2025, घटना स्थल रविंद्र भवन भोपाल का जिक्र किया गया था और घटना समय शाम 04 बजे की बताई गई थी, आरोपी उस समय प्रवर्तन निदेशालय ED के कार्यालय में उपस्थित था जिसकी पुष्टि भी की गई इस प्रकार भोपाल पुलिस की समझदारी और सूझबूझ की वजह से जब मामले में जाँच हुई सत्य सामने आ गया। छद्म फरियादि और इनके साथ शामिल एक गिरोह जिसमें दो पुरुष एवं एक महिला संलिप्त है के द्वारा जब भोपाल में दाल नहीं गली तो फरियादी को थाना मऊगंज रीवा लेकर गये और वहाँ पर पुलिस को गुमराह करते हुए अपराध घटित होने का समय शाम 04 बजे को बदल कर शाम 07:00 बजे कर दिया और एक अन्य आरोपी का नाम जोड़ दिया गया जिससे की कोई भी व्यक्ति आरोपी की मदद के लिए साथ न आए, जबकि आरोपी उस समय भी एक सार्वजनिक स्थल पर था जहाँ CCTV कैमरे लगे हुए है, पुलिस ने मऊगंज में जीरो पर अपराध पंजीबद्ध किया और अपराध पंजीयन के बाद 08 दिनों तक केस डायरी मऊगंज पुलिस अपने पास में ही रखी रही जिससे की सारी CCTV फूटेज डिलीट हो जाय और बाद में भोपाल पुलिस के पास केस डायरी भेज दी गई। जिसकी वजह से मऊगंज पुलिस के ऊपर भी सवालिया निशान खडे होते है। सूत्रों से ज्ञात हुआ है कि फरियादी ने भोपाल का जो अपना पता पुलिस को बताया उस पते पर फरियादी कभी रही ही नहीं जिसके संबंध में भी जाँच की आवश्यकता है और फरियादी के द्वारा दिए गये शिकायती आवेदन पर जो मोबाइल नंबर अंकित किया गया है वो भी किसी शिवम दुबे नामक व्यक्ति का है, इस प्रकार से एक गिरोह ने एक नाबालिक बच्ची को टूल किट बना कर झूठा प्रकरण दर्ज करवा दिया है। सूत्रो से ज्ञात हुआ है की इस गैंग में शामिल एक महिला भी है जो पूर्व में भी भोपाल के एक थाने में ऐसे ही शिकायत कर एक व्यक्ति से अडीबाजी कर चुकी हैं। मामला बहुत गंभीर है और कानून का दुरूपयोग किया गया है इसलिए इस पूरे मामले की जाँच CBI/SIT से करवाई जाय जिससे की भविष्य में कोई भी अन्य गिरोह इस प्रकार के कार्य को करने से डरे | पुलिस को आरोपी, फरियादी एवं इस गैंग में शामिल सभी लोगो के CDR, विडिओ फूटेज आदि को निकाल कर निष्पक्ष जाँच करनी चाहिए । आरोपी भगवान सिंह राजपूत से भी इस टूल किट गैंग एक एक सदस्य ने मोबाइल पर सम्पर्क किया था जिसके संबंध में भी भगवान सिंह ने भोपाल पुलिस को जानकारी दी थी, इस टूल किट गैंग का सम्पर्क भोपाल के कई कांग्रेस के नेताओं से भी है, इसलिए इसमें इस बात से भी इंकार नहीं किया जा सकता है कि मध्यप्रदेश में कांग्रेस तीन दशकों से सत्ता कि मलाई से दूर है और हताश होकर आरएसएस, ABVP से संबंधित लोगों के खिलाफ इस प्रकार के षड़यंत्र रच रही हो ये जाँच का विषय है। शुरुआती दौर में कांग्रेस ने खूब धरना प्रदर्शन किए लेकिन आरोपी ने जैसे ही वीडियो जारी कर और शासन को पत्र लिखकर CBI/SIT जाँच कि मांग कि तो कांग्रेस बैक फुट पर आ गई। कांग्रेस के इशारे पर काम करने वाली इस "टूल किट" गैंग के एक सदस्य ने आरोपी को भी फोन करके मामले को रफादफा करवाने की बात भी कही थी जिसके संबंध में भी आरोपी ने भोपाल पुलिस को सूचना दी थी। इसी गैंग कि एक सदस्य का भाई इस प्रकरण में गवाह भी है। ज्ञात हो कि इस प्रकरण में आरोपी भगवान सिंह राजपूत का संबंध देश के एक राष्ट्रवादी विचारधारा वाले संगठन से है और भगवान सिंह ने पूर्व में बरकतुल्लाह यूनिवर्सिटी के परियोजना अधिकारी नरेंद्र त्रिपाठी के खिलाफ उच्च न्यायालय में याचिका भी दायर की थी जिसके बाद परियोजना अधिकारी नरेंद्र त्रिपाठी को यूनिवर्सिटी से ट्रमिनेट कर दिया गया था। जनता से जुड़े एक अन्य मामले में नकली दूध, नकली घी, और नकली पनीर, बनाने वाली कम्पनी जयश्री गायत्री फूड प्रोडक्ट्स प्रा लि एवं इसके संचालक के विरूद्ध भी भगवान सिंह ने देश की तमाम जाँच एजेंसीज को शिकायत की गई थी जिसके बाद आर्थिक अपराध शाखा भोपाल EOW के द्वारा इस संस्थान पर छापेमारी की कार्यवाही हुई और विभिन्न गंभीर धाराओं में अपराध पंजीबद्ध किया गया था | इसके बाद प्रवर्तन निदेशालय ED ने भी जयश्री गायत्री फूड पर छापेमारी की कार्यवाही की और इस कम्पनी के बहुत सारे अवैधानिक दस्तावेज भी जब्त किये थे। एक व्हिस्ल ब्लोवर के साथ अगर इस प्रकार की घटना घटित हुई है और फर्जी अपराध विभिन्न गंभीर धाराओं में दर्ज हुआ है तो निश्चित ही इसकी जाँच CBI/SIT से होनी चाहिए। सरकार को भी इस मामले को गंभीरता से लेना चाहिए। recent visitors 26

आए और घर उजाड़ कर चले गए, नागपुर के चिटनिस पार्क इलाके में तब हिंसा भड़क उठी जब अफवाह फैली

नागपुर महाराष्ट्र के प्रमुख शहरों में से एक नागपुर जमकर जला। इसका शिकार हंसापुरी, चिटनिस पार्क समेत कई इलाके हुए। कहा जा रहा है कि सुखरावरी तलाव रोड सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। इस दौरान उपद्रवियों ने लोगों के वाहनों में जमकर तोड़फोड़ की और आग लगा दी। वहीं, छोटे दुकानदारों के सामान को नुकसान पहुंचाया गया। पुलिस का कहना है कि शहर के कई इलाकों में निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। कैसे भड़की हिंसा पुलिस अधिकारियों ने कहा कि करीब साढ़े सात बजे मध्य नागपुर के चिटनिस पार्क इलाके में तब हिंसा भड़क उठी जब अफवाह फैली कि औरंगजेब की कब्र को हटाने के लिए एक दक्षिणपंथी संगठन द्वारा किए गए आंदोलन के दौरान धर्मग्रंथ जलाया गया है। इस दौरान पुलिस पर पथराव किया गया जिससे छह आम नागरिक और तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए। लोगों के घरों पर हुआ पथराव पुलिस के अनुसार, पुराने भंडारा रोड के पास हंसपुरी इलाके में रात साढ़े 10 से साढ़े 11 बजे के बीच एक और झड़प हुई। अनियंत्रित भीड़ ने कई वाहनों को जला दिया और इलाके में घरों तथा एक क्लिनिक में तोड़फोड़ की। ओल्ड हिस्लोप कॉलेज इलाके के रहवासियों ने बताया है कि भीड़ उनके क्षेत्र में शाम करीब 7 बजकर 30 मिनट पर पहुंची और घरों पर पथराव करने लगी थी। साथ ही गली में खड़ी कई कारों में तोड़फोड़ की गई थी। इस दौरान चार कारों में तोड़फोड़ की गई थी और एक बुरी तरह से जल गई थी। रहवासियों का कहना है कि भीड़ ने घरों पर पत्थर फेंके, कारें जला दीं, बाहर रखे कूलर तोड़ दिए और खिड़कियां भी तोड़ दीं। एक रहवासी ने एजेंसी को जानकारी दी कि इलाके में रहने वाले लोगों ने बाद में पानी की व्यवस्था कर आगजनी का शिकार हुए वाहनों पर डाला। स्थानीय लोग हिंसा के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। हंसपुरी इलाके के निवासी शरद गुप्ता (50) के घर के सामने खड़े चार दोपहिया वाहनों को जला दिया गया। शरद ने बताया कि रात साढ़े 10 से साढ़े 11 बजे के बीच भीड़ ने हमला बोल दिया, पथराव किया और वाहनों में आगजनी की। गुप्ता हमले में घायल हो गए और उन्होंने बताया कि भीड़ ने एक पड़ोसी की दुकान में भी तोड़फोड़ की। उन्होंने कहा कि पुलिस एक घंटे बाद पहुंची। गुस्साए निवासियों ने भीड़ के खिलाफ तत्काल पुलिस कार्रवाई की मांग की। ‘पीटीआई-भाषा’ के एक संवाददाता ने रात एक बजकर 20 मिनट पर एक दंपति को अपना घर बंद कर आसपास सुरक्षित स्थान पर जाते देखा। रामनवमी शोभायात्रा के लिए काम कर रहे एक अन्य निवासी चंद्रकांत कावडे ने बताया कि भीड़ ने उनके सभी सजावटी सामान जला दिए और घरों पर पत्थर फेंके। कुछ निवासी अपने गलियारे में बाहर आ गए और वरिष्ठ अधिकारियों के नेतृत्व में पुलिस की एक टुकड़ी को गलियों में मार्च करते देखा गया। हंसपुरी इलाके के एक निवासी ने 'पीटीआई-भाषा' को बताया कि भीड़ ने रात करीब साढ़े 10 बजे उनके घर पर हमला बोल दिया और घर के बाहर खड़ी उनकी गाड़ियों को जला दिया। उन्होंने कहा, 'हमने दमकल के आने से पहले अपने घर की पहली मंजिल से पानी डालकर आग बुझाई।' वहीं, एक अन्य निवासी वंश कवले ने बताया कि भीड़ ने अपने चेहरे ढके हुए थे और सीसीटीवी कैमरा तोड़ दिया। उन्होंने उनके घरों में घुसने की भी कोशिश की। क्लिनिक के सामने चाय की दुकान करने वाले एक अन्य निवासी ने बताया कि भीड़ क्लिनिक (बंडू क्लिनिक) में घुस गई, सभी मेज तोड़ दीं और दवाइयां फेंक दीं। उन्होंने बताया कि उनकी दुकान में भी तोड़फोड़ की गई। recent visitors 35

बेंगलुरु में मारे ताबड़तोड़ छापे, जॉर्ज सोरोस से जुड़ी संस्थाओं पर ED का ऐक्शन

बेंगलुरु भारत में सरकार के खिलाफ जनमत तैयार करने के लिए फंडिंग के आरोपों से घिरे कारोबारी जॉर्ज सोरोस से जुड़ी संस्था पर ईडी ने छापेमारी की है। मंगलवार को प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने ओपन सोसायटी फाउंडेशन से जुड़े लोगों पर छापेमारी की। इसके अलावा OSF से जुड़ी कुछ अन्य कंपनियों पर भी रेड मारी गई है। आरोप है कि इन कंपनियों ने जॉर्ज सोरोस की संस्था के माध्यम से फॉरेन एक्सचेंज की गड़बड़ी की है। हंगरी मूल के अमेरिकी कारोबारी जॉर्ज सोरोस पर भाजपा आरोप लगाती रही है कि वह भारत विरोधी नैरेटिव के लिए फंडिंग करते रहे हैं। जॉर्ज सोरोस की एक संस्था के कार्यक्रम से सोनिया गांधी का लिंक बताते हुए कांग्रेस पर भी भाजपा ने तीखा हमला बोला था। जानकारी के अनुसार ओपन सोसायटी फाउंडेशन की ओर से ह्यूमन राउट्स, न्याय और जवाबदेह सरकार जैसे एजेंडों के नाम पर फंडिंग की जाती रही है। जॉर्ज सोरोस की संस्थाओं ने भारत में अकेले 2021 में ही 4 लाख डॉलर से ज्यादा की रकम खर्च की थी। recent visitors 38

विश्व हिंदू परिषद ने औरंगजेब की कब्र को हटाकर इन मराठा योद्धाओं के स्मारक बनाने की उठाई मांग

नई दिल्ली महाराष्ट्र के नागपुर में औरंगजेब की कब्र हटाने की मांग करते हुए प्रदर्शन हो रहा था। इसी दौरान मुस्लिमों के पवित्र ग्रंथ को जलाने की अफवाह फैली तो दंगा भड़क गया। इस दंगे में 6 आम नागरिक जख्मी हुए हैं तो एक आईपीएस समेत कई पुलिस अधिकारी भी घायल हैं। इस बीच विश्व हिंदू परिषद ने भी मांग कर दी है कि औरंगजेब की कब्र को हटा दिया जाए। उसके स्थान पर पूज्य धना जी, संता जी, छत्रपति राजाराम महाराज जी का स्मारक बनाया जाए। दरअसल धनाजी जाधव और संताजी घोरपडे मराठा सेना के नायक रहे थे। दोनों ने छत्रपति राजाराम के शासनकाल में सेना का नेतृत्व किया था और कई जंगों में मुगल सेनाओं को मात दी थी। यही नहीं मराठा शासन के गुजरात में विस्तार में धना जी जाधव की अहम भूमिका थी। संताजी घोरपडे को गुरिल्ला वारफेयर का अच्छा जानकार माना जाता है। वहीं राजाराम राजे भोसले महाराजा छत्रपति शिवाजी के छोटे बेटे थे। वह संभाजी राव के सौतेले भाई थे। औरंगजेब द्वारा बेरहमी से संभाजी राव का कत्ल किए जाने के बाद राजाराम राजे ने कमान संभाली थी और 11 वर्षों तक मराठा सेना को हौसला प्रदान किया। उनके दौर में कई बार मुगल सेना को मोर्चे से पीछे हटना पड़ा था। उनका कार्यकाल 11 साल का रहा, जिसमें अधिकांश समय वह मुग़लों से युद्ध में उलझे रहे। उनकी जीवन की पहली लड़ाई 10 जून 1689 को प्रतापगढ़ के पास मोगली सरदार काकरखान के साथ हुई। अब इन तीनों ही मराठा नायकों के स्मारक बनाने की मांग विश्व हिंदू परिषद ने की है। वीएचपी का कहना है कि इनके स्मारकों का निर्माण औरंगजेब की कब्र को हटाकर किया जाएगा। इसके अलावा विहिप के केंद्रीय संगठन महामंत्री मिलिंद परांडे ने नागपुर की घटना की तीव्र भर्त्सना करते हुए कहा है कि जो आगजनी और हमले की घटनाएं मुस्लिम समाज के एक वर्ग द्वारा जो की गईं वे पूर्णतः निंदनीय है। उन्होंने कहा कि हमारे युवा विभाग बजरंगदल के कार्यकर्ताओं के घरों पर हमले किए गए। उन्होंने हिंदू समाज के अनेक घरों को निशाना बनाया और महिलाओं को भी नहीं छोड़ा गया। विश्व हिंदू परिषद इस सब की घोर शब्दों में निंदा करता है। यह बेहद शर्मनाक है कि एक तो यह झूठ फैलाया गया कि हिंदू समाज ने आयतें जलाई हैं और दूसरी ओर हिंसा भड़काने का कुत्सित प्रयास हुआ। ऐसे सभी समाज कंटक जिहादी उत्पतियों के विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। विहिप महामंत्री ने यह भी कहा कि छत्रपति संभाजी महाराज नगर में जो औरंगजेब की कब्र है, उसका महिमा मंडन बंद करना चाहिए। उसकी जगह पर वहां औरंगजेब को जिन्होंने पराजित किया, ऐसे धनाजी जाधव और संताजी घोरपडे तथा साथ में ही छत्रपति राजारामजी महाराज का एक विजय स्मारक बनाना चाहिए। जहां मराठों के साम्राज्य में औरंगजेब को पराजित करने का एक विजय स्तंभ बने। recent visitors 32

मैं महाकुंभ को देखता हूं, हमने करीब डेढ़ महीने तक उत्साह देखा और लोगों की उमंग को महसूस किया: पीएम मोदी

नई दिल्ली पीएम नरेंद्र मोदी ने प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ के आयोजन की संसद में सराहना की और कहा कि इससे देश की एकता का संदेश मिला है। यही नहीं उन्होंने कहा कि महाकुंभ भारत के इतिहास में ऐसा ही क्षण था, जैसा 1857 की क्रांति, भगत सिंह का बलिदान और गांधी का डांडी मार्च था। इन घटनाओं ने देश को एक नया मोड़ दिया और ऐसा ही महाकुंभ के विशाल आयोजन से भी हुआ है। पीएम मोदी ने कहा, ‘मैं यूपी और खासतौर पर प्रयाग की जनता का आभार व्यक्त करता हूं। गंगाजी को धरती पर लाने के लिए भगीरथ प्रयास हुआ था। ऐसा ही महाप्रयास महाकुंभ के भव्य आयोजन में भी हमने देखा है। मैंने लालकिले से सबका प्रयास पर जोर दिया था। पूरे विश्व ने भारत के विराट स्वरूप के दर्शन किए। सबका प्रयास का यही साक्षात स्वरूप है।’ उन्होंने कहा कि महाकुंभ ने उन शंकाओं को भी जवाब दिया है, जो कुछ लोगों के मन में रहती है। अयोध्या में राम लला की प्राण प्रतिष्ठा के मौके पर हमने देखा था कि कैसे देश अगले एक हजार साल के लिए तैयार हो रहा है। फिर इस बात को हमने महाकुंभ में देखा। किसी भी राष्ट्र के जीवन में अनेक ऐसे मोड़ आते हैं, जो सदियों के लिए उदाहरण बन जाते हैं। हमारे देश के इतिहास में भी ऐसे पल आए हैं, जिन्होंने नई दिशा दी या झकझोर कर सबको जागृत कर दिया। हमने देखा कि भक्ति आंदोलन के दौर में कोने-कोने में आध्यात्मिक चेतना हो गई। स्वामी विवेकानंद ने शिकागो में जो भाषण दिया, वह भारत की चेतना का जयघोष हो। ऐसा ही स्वतंत्रता संग्राम में भी हुआ। 1857 की क्रांति, सुभाष जी का दिल्ली चलो का नारा और गांधी जी का डांडी मार्च। इन सबने हमें प्रेरणा दी। ‘त्रिवेणी का जल लेकर मॉरीशस गया तो उत्सव जैसा माहौल था’ प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसे ही मैं महाकुंभ को देखता हूं। हमने करीब डेढ़ महीने तक उत्साह देखा और लोगों की उमंग को महसूस किया। करोड़ों लोग सुविधा और असुविधा के भाव से ऊपर उठते हुए श्रद्धा से जुटे। यह उमंग और उत्साह यहीं तक सीमित नहीं थी। बीते सप्ताह मैं मॉरीशस में था। मैं महाकुंभ के समय का जल त्रिवेणी से लेकर गया था। उस जल को जब मॉरीशस के गंगा तालाब में अर्पित किया गया तो वहां आस्था और उत्सव का माहौल देखते ही बन रहा था। भारत का युवा आज अपनी आस्था को गर्व के साथ अपना रहा है। जब एक समाज की भावनाओं में अपनी विरासत पर गर्व का भाव बढ़ता है तो हम ऐसी ही तस्वीरें देखते हैं, जो महाकुंभ के दौरान आईं। इससे भाईचारा बढ़ता है। हर भाषा के लोग संगम पर बोले- हर हर गंगे और लगाई डुबकी लोकसभा में पीएम ने कहा कि यह विश्वास होता है कि हम एक देश के रूप में बड़े लक्ष्य हासिल कर सकते हैं। यहां पहुंचे लोग अहं त्याग कर वयं के भाव में आ गए। मैं नहीं हम के भाव में आए। अलग-अलग राज्यों से आए लोग त्रिवेणी का हिस्सा बने। जब करोड़ों लोग राष्ट्रीयता के भाव को मजबूती देते हैं तो देश की एकता बढ़ती है। जब हर भाषा के लोग संगम तट पर हर हर गंगे का उद्घोष करते हैं तो एकता की भावना बढ़ती है। हमने देखा कि वहां छोटे-बड़े का कोई भेद नहीं था। यह भारत का बहुत बड़ा सामर्थ्य है। एकता की यही भावना भारतीयों का सौभाग्य है। आज पूरे विश्व में बिखराव की स्थिति है और ऐसे में हमारी एकजुटता बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि हमें कुंभ से प्रेरणा लेते हुए नदी उत्सव के कार्यक्रम को नया स्वरूप देना होगा। इससे नई पीढ़ी को जल और नदी का महत्व समझ आएगा। नदियों की साफ-सफाई के लिए लोगों को प्रेरणा मिलेगी। recent visitors 35

CM यादव ने डॉग स्क्वॉड के श्वान लाली और डॉली को दुलारकर, स्वास्थ्य परीक्षण व्यवस्था के संबंध में जानकारी की प्राप्त

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुख्यमंत्री निवास की सुरक्षा में लगे मध्यप्रदेश पुलिस के डॉग स्क्वॉड के श्वान लाली और डॉली को दुलारकर, डॉग स्क्वॉड के प्रशिक्षण और स्वास्थ्य परीक्षण व्यवस्था के संबंध में जानकारी प्राप्त की और आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किऐ। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री निवास की सुरक्षा व्यवस्था में मध्यप्रदेश पुलिस के डॉग स्क्वॉड के श्वानों की पारी वार ड्यूटी रहती है। डॉग स्क्वॉड का मुख्यालय भोपाल में 23वीं बटालियन में है, जहां जर्मन शेफर्ड, डाबरमैन और लैब्राडोर जैसे विभिन्न नस्लों के डॉग्स को प्रशिक्षित किया जाता है। वर्तमान में देशी नस्लों के श्वान भी इसमें शामिल किए गए हैं। प्रशिक्षण में गंध पहचानना, आज्ञा पालन, अपराधियों और लापता व्यक्तियों का पता लगाने के लिए ट्रैकिंग मुख्य रूप से शामिल है। उनके नियमित हेल्थ चेकअप की भी डॉग स्क्वॉड में विशेष व्यवस्था है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को निवास से ओंकारेश्वर प्रवास के लिए रवाना होते समय, पुलिस जवान के साथ मौजूद डॉग स्क्वॉड को दुलार किया। डॉग स्क्वॉड की डॉली और लाली ने प्राप्त प्रशिक्षण के अनुसार निर्देशों का पालन करते हुए अभिवादन किया।   recent visitors 18

मऊगंज में पुलिस का ताबड़तोड़ एक्शन, ब्राम्हण समाज ने किया हिंसा बंद का आह्वान

रीवा  मध्य प्रदेश के मऊगंज हत्याकांड के बाद इलाके में तनाव का माहौल है। वहीं, गांव में भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती है। पुलिस अब तेजी से कार्रवाई कर रही है। मऊगंज पुलिस ने अभी तक 20 लोगों को हिरासत में लिया है। साथ ही उनसे पूछताछ कर रही है। अब तक कुल छह आरोपियों को हिरासत में लिया गया है। इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और तलाशी अभियान चल रहा है। मुख्य रूप से रीवा शहर के शिल्पी प्लाजा में ब्राह्मण संगठन के कार्यकर्ताओं ने बीच सड़क पर बैठकर आवागमन रोक दिया और नारेबाजी की। प्रदर्शनकारी दुकानें बंद कराने के लिए बाजारों में घूम रहे हैं। हालांकि, कुछ इलाकों में दुकानें बंद हैं, तो कुछ जगह दुकानें खुली हुई हैं। सख्त कार्रवाई, पीड़ित परिवार को सहायता की मांग प्रदर्शनकारी युवक और पुलिसकर्मी की हत्या के आरोपियों पर कठोर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। साथ ही, मृतक युवक के परिवार को आर्थिक सहायता और सरकारी नौकरी देने की मांग की गई है। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने शिल्पी प्लाजा और अन्य संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात किया है। दो थाना प्रभारी और हेलमेट, जैकेट और लाठी-डंडों से लैस जवान मौके पर मौजूद हैं। बोले- हम न्याय के लिए प्रदर्शन कर रहे अखिल भारतीय ब्राह्मण संगठन के प्रदेश अध्यक्ष पुष्पेंद्र मिश्रा ने कहा, "अगर किसी आदिवासी की हत्या होती है, तो मुख्यमंत्री संवेदना व्यक्त करते हैं, लेकिन ब्राह्मण युवक की हत्या पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही। हम न्याय चाहते हैं।" रॉयल राजपूत संगठन के संभाग अध्यक्ष अर्जुन सिंह गहरवार ने कहा, "मऊगंज की घटना से आम जनता में आक्रोश है। रीवा पूरी तरह से बंद रहेगा। हम न्याय के लिए प्रदर्शन कर रहे हैं।" पुलिस को खबर मिली थी कि आदिवासी परिवार एक युवक को बंधक बनाकर पीट रहा है। उसी को बचाने टीआई अपनी टीम के साथ गए थे। प्रशासन की अपील: कानून व्यवस्था बनाए रखें आईजी साकेत पांडे और कमिश्नर वीएस जामोद ने प्रदर्शनकारियों से बात की और न्याय का आश्वासन दिया। फिलहाल, प्रदर्शनकारी मुख्य बाजार से शिल्पी प्लाजा की ओर कूच कर रहे हैं। पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए है। एएसआई की हो गई थी हत्या बता दें कि मऊगंज जिले में उस वक्त हड़कंप मच गया था जब दो पक्षों में हुए विवाद के बाद एक युवक को आदिवासियों ने बंधक बना लिया था. उसे बचाने पहुंची पुलिस और प्रशासनिक टीम को भी गांव के आदिवासियों ने बंधक बनाकर हमला कर दिया. इस घटना से जहां SAF जवान ASI की मौत हो गाई है, वहीं शाहपुर थाना प्रभारी हनुमान तहसीलदार समेत 8 अन्य पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए थे. उन्हें इलाज के लिए अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया था. वहीं जिस युवक को प्रशासनिक टीम बचाने पहुंची थी आदिवासियों ने उसकी भी हत्या कर दी थी. घटना के बाद मऊगंज कलेक्टर ने एहतियातन धारा 163 लागू कर दिया गया. recent visitors 30