Sunday, July 5, 2026 8:30 am

न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेंहू के उपार्जन में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जायेगी : खाद्य मंत्री राजपूत

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशानुसार महिलाओं की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने के उद्देश्य से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेंहू के उपार्जन में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए महिला स्व-सहायता समूहों/ग्राम संगठकों को कार्य देने का प्रावधान उपार्जन नीति में किया गया है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविन्द सिंह राजपूत ने बताया है कि महिला स्व-सहायता समूहों/ग्राम संगठकों को उपार्जन कार्य देने के लिए प्रक्रिया निर्धारित कर निर्देश जारी कर दिये गये हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत पंजीकृत महिला स्व-सहायता समूहों/ग्राम संगठकों का एक वर्ष पूर्व (एक जनवरी, 2025 की स्थिति में) का पंजीयन होना चाहिए। महिला स्व-सहायता समूहों/ग्राम संगठकों के बैंक खाते में न्यूनतम 2 लाख रूपये जमा हों। समूह द्वारा विगत एक वर्ष में नियमित रूप्‍से बैठकों का जायोजन किया गया हो। समूह में समस्त सदस्य/पदाधिकारी महिलाएं हो। विगत वर्षों में उपार्जन कार्य में कोई अनियमितता नहीं की गयी हो और महिला स्व-सहायता समूहों/ग्राम संगठकों को उपार्जन कार्य देने के लिये मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत की अनुशंसा जरूरी है। आवश्यक दस्तावेज समूहों को पंजीयन प्रमाण-पत्र, विगत 6 माह के बचत खाते का बैंक स्टेटमेंट, विगत 3 माह की बैठकों का कार्यवाही विवरण और आवश्यक राशि की उपलब्धता का प्रमाण सहित अन्य जरूरी दस्तावेज देने होंगे। उपार्जन कार्य के लिए महिला स्व-सहायता समूहों का चयन निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार किया जायेगा। महिला स्व-सहायता समूहों/ग्राम संगठकों को उपार्जन कार्य के लिये विभाग द्वारा उपार्जन एवं पंजीयन की अवधि के लिये कम्प्यूटर ऑपरेटर का मानदेय दिया जायेगा। साथ ही भारत सरकार द्वारा निर्धारित कमीशन एवं प्रासंगिक व्यय भी दिये जायेंगे।   recent visitors 20

रियलमी ने लॉन्‍च किया realme Buds Air7

नई दिल्ली रियलमी ने बुधवार को भारत में अपने नए ईयरबड्स realme Buds Air7 को लॉन्‍च किया। कंपनी realme Buds T200 Lite नाम से किफायती ईयरबड्स भी लाई है। Buds Air7 को लेकर दावा है कि सिंगल चार्ज में यह 52 घंटों तक साथ निभा सकते हैं। स्‍मार्ट ए‍क्टिव नॉसइ कैंसिलेशन की सुविधा इनमें दी गई है। 12.4mm के ड्राइवर लगाए गए हैं, जिनमें अच्‍छा बास यानी साउंड में धनक जनरेट होती है। तीन कलर्स में आने वाले नए रियलमी ईयरबड्स की सेल 24 मार्च से शुरू होगी। इन्‍हें 3 हजार रुपये से कम कीमत में लिया जा सकता है। realme Buds Air7 की कीमत realme Buds Air7 के दाम वैसे तो 3,299 रुपये हैं, लेकिन 500 रुपये के बैंक डिस्‍काउंट से कीमत 2,799 रुपये पर सिमट जाती है। इन्‍हें आइवरी गोल्‍ड, लैवेंडर पर्पल, मोस ग्रीन कलर्स में लाया गया है। realme Buds T200 Lite के दाम 1399 रुपये हैं। उनमें भी 200 रुपये का बैंक डिस्‍काउंट दिया जा रहा है, जिससे कीमत और कम हो जाती है। ईयरबड्स की सेल 24 मार्च को दोपहर 12 बजे से रियलमी की ऑफ‍िशियल वेबसाइट, फ्लिपकार्ट और लोकल स्‍टोर्स पर होगी। realme Buds Air7 के प्रमुख फीचर्स realme Buds Air7 मुख्‍य रूप से डिजाइन और साउंड पर मेहतन करके बनाई गई डिवाइस लगती है। इसके बनाने में क्र‍िस्‍टल अलॉय का इस्‍तेमाल हुआ है। बड्स में 12.4mm के डायनेमिक बास ड्राइवर लगाए गए हैं। उनमें टाइटेनियम की कोटिंग वाला डायाफ्राम है, जिससे कानों को ज्‍यादा नुकसान ना पहुंचाते हुए अच्‍छा साउंड जनरेट कर सकता है। यह कई तरह के ऑडियो जैसे- हाई-रेस, स्‍पेशल ऑडियो को सपोर्ट करता है। इनमें नॉइस कैंसिलेशन की सुविधा दी गई है। स्‍मार्ट नॉइस कैंसिलेशन से बाहर के शोर को 52डेसिबल तक कम किया जा सकता है। बैटरी लाइफ को लेकर दावा है कि realme Buds Air7 सिंगल चार्ज में 30 घंटों तक साथ निभा सकते हैं, अगर उन्‍हें एएनसी में इस्‍तेमाल किया जाए। इस दौरान साढ़े सात घंटो की बैटरी बड्स में मिलेगी और 30 घंटों की केस में। बिना एएनसी के ये बड्स कुल 52 घंटे तक चलने का दम रखते हैं। 10 मिनट चार्ज करके चलेंगे 10 घंटे! कंपनी यह भी क्‍लेम कर रही है कि बड्स को 10 मिनट चार्ज करके 10 घंटे इस्‍तेमाल किया जा सकता है। ये गूगल फास्‍ट पेयर को भी सपोर्ट करते हैं। स्‍मार्ट टच कंट्रोल इनमें दिए गए हैं। रियलमी लिंक ऐप का सपोर्ट भी मिलता है। इन्‍हें आईपी55 रेट किया गया है। इसका मतलब है कि यह पानी, धूल और पसीने से होने वाले नुकसान से बचे रह सकते हैं। recent visitors 36

अपराधियों को सजा दिलाकर पीड़ित को न्याय दिलाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि अपराधियों को सजा दिलाकर पीड़ित को न्याय दिलाने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं। भोपाल के शाहजहांबाद में सितम्बर 2024 में हुई 5 साल की बच्ची के अपहरण – दुष्कर्म और हत्या के प्रकरण में, अपराधी को 3 प्रकरणों के आधार पर 3 बार फांसी की सजा मिली है, जो भविष्य में अपराध करने वालों के लिए मिसाल बनेगी। राज्य सरकार किसी भी अपराधी को छोड़ने वाली नहीं है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रकरण में हुई त्वरित कार्रवाई और माननीय न्यायालय  द्वारा दिए निर्णय के संबंध में विचार व्यक्त कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि  जघन्य अपराध की व्यापक विवेचना के लिए राज्य सरकार ने स्पेशल टास्क फोर्स का गठन किया था। प्रकरण में न केवल अपराधी को पकड़ा गया अपितु तत्परतापूर्वक चालान पेश करवाया गया। इस प्रकरण की सुनवाई भी त्वरित रूप से हुई।  माननीय न्यायाधीश ने जो फैसला दिया है उससे यह फैसला मिसाल बना है।  यह फांसी की सजा सभी अपराधियों को सबक है। मुख्यमंत्री डॉ.  यादव ने प्रकरण में तत्परतापूर्वक कार्रवाई के लिए प्रशासन और पुलिस को बधाई दी है। उन्होंने  न्यायालय द्वारा कम समय में संवेदनशीलता के साथ लिए गए निर्णय पर संतोष व्यक्त किया है। recent visitors 19

बीजापुर के युवाओं से मुख्यमंत्री साय ने कहा – ‘आपका संकल्प हमारा संकल्प, हम मिलकर छत्तीसगढ़ को नक्सल मुक्त बनाएंगे’

छत्तीसगढ़ विधानसभा परिसर में गूंज उठी बीजापुर के युवाओं की बुलंद आवाज  ‘नक्सलवाद से मुक्ति और विकास की राह पर आगे बढ़ने का है इरादा’ रायपुर, छत्तीसगढ़ के सुदूर अंचल बीजापुर जिले के युवाओं ने आज लोकतंत्र के मंदिर—विधानसभा परिसर में इतिहास रच दिया। राज्य की ‘स्वामी विवेकानंद युवा प्रोत्साहन योजना’ के तहत शैक्षणिक भ्रमण पर पहुंचे बीजापुर के इन युवा प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सामने एकजुट होकर अपनी मंशा व्यक्त की – "हम अपने गांव, जिले और प्रदेश को नक्सलवाद से मुक्त देखना चाहते हैं और विकास की मुख्यधारा में शामिल होकर अपने भविष्य को उज्जवल बनाना चाहते हैं।" इस ऐतिहासिक अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने युवाओं की इस मजबूत इच्छाशक्ति की सराहना करते हुए कहा, "आपका संकल्प ही हमारा संकल्प है। यदि क्षेत्र के युवा ठान लें, तो हम सभी के सहयोग से जल्द ही नक्सलवाद के अंधकार को समाप्त कर छत्तीसगढ़ को समृद्धि और विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे।" ‘नियद नेल्ला नार योजना’ से विकास की नई रोशनी मुख्यमंत्री श्री साय ने युवाओं को भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार ‘नियद नेल्ला नार योजना’ के माध्यम से उनके गांवों तक मूलभूत सुविधाएं पहुंचाने के लिए तेजी से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि निरंतर खुल रहे सुरक्षा कैंपों और सुदूर अंचलों में प्रशासन की बढ़ती पहुंच से नक्सली दायरा सिमटता जा रहा है, जिससे अब विकास को नई गति मिल रही है। मुख्यमंत्री श्री साय ने हाल ही में अपने दिल्ली प्रवास के दौरान प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह से हुई महत्वपूर्ण चर्चा का जिक्र करते हुए कहा कि केंद्र सरकार भी बीजापुर और बस्तर संभाग के अन्य क्षेत्रों के विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह राज्य के दूरस्थ इलाकों की स्थिति पर लगातार नजर रखते हैं और वहां हो रहे विकास कार्यों की नियमित समीक्षा कर रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने युवाओं को आश्वस्त किया कि उनके गांवों में मोबाइल टावर लगाने, पक्की सड़कें बनाने, हर घर तक बिजली पहुंचाने और परिवहन सुविधाओं का विस्तार करने की योजनाएं सरकार की प्राथमिकता में हैं। उन्होंने कहा कि इस दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है ताकि सुदूर अंचल के ग्रामीणों को भी शहरी सुविधाओं का लाभ मिल सके। बीजापुर के युवाओं के लिए ऐतिहासिक दिन – विधानसभा और राजधानी का अनुभव मिला बीजापुर जिले के विभिन्न गांवों से आए सैकड़ों युवाओं के लिए यह दिन एक ऐतिहासिक अनुभव से कम नहीं था। राजधानी रायपुर में आयोजित इस शैक्षणिक भ्रमण के दौरान उन्होंने रेलवे स्टेशन, छत्तीसगढ़ विधानसभा और वनवासी कल्याण आश्रम का दौरा किया। राजधानी में आगमन के दौरान युवाओं ने विधानसभा परिसर का दौरा किया और दर्शक दीर्घा में बैठकर सदन की कार्यवाही देखी। वे पहली बार लोकतंत्र के इस मंच से जनप्रतिनिधियों की बहस और नीतिगत चर्चाओं को देखकर रोमांचित हो उठे। इस दौरान उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, वन मंत्री केदार कश्यप, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, विधायक धर्म कौशिक, अनुज शर्मा और सुश्री लता उसेंडी ने भी युवाओं से भेंट कर चर्चा की। 'सरकार आपके साथ है' – उपमुख्यमंत्री का आश्वासन उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने युवाओं से उनके गांव की स्थिति के बारे में विस्तार से जानकारी ली और उन्हें आश्वस्त किया कि राज्य सरकार आपके गांवों में पक्की सड़क, बिजली, शुद्ध पेयजल, राशन, चिकित्सा और आवास जैसी सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सशक्त युवा – सशक्त छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर युवाओं को यह संदेश दिया कि शिक्षा ही विकास का मूलमंत्र है। जब युवा सही दिशा में आगे बढ़ेंगे, तो कोई भी ताकत क्षेत्र  के विकास को बाधित नहीं कर सकती है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की युवा पीढ़ी अब बदलाव के लिए तैयार है। बीजापुर के युवाओं की यह मजबूत आवाज पूरे प्रदेश के लिए एक नई रोशनी लेकर आई है। नक्सल मुक्त छत्तीसगढ़ – विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को जल्द पूरा करने की प्रतिबद्धता के साथ मुख्यमंत्री श्री साय ने बीजापुर के युवाओं से कहा कि हम आपके साथ हैं, आपके गांव के विकास और आप सभी के स्वर्णिम भविष्य को साकार करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं।  उन्होंने युवाशक्ति से आह्वान किया कि इस बदलाव का हिस्सा बनें, अपने सपनों को साकार करें, और छत्तीसगढ़ को नई ऊंचाइयों तक ले जाएं। उन्होंने युवाओं से सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने की अपील की और कहा कि हम सभी मिलकर छत्तीसगढ़ को नक्सल मुक्त, विकसित और समृद्ध राज्य बनाएंगे। recent visitors 21

अमेरिका में काम करने वाले मजदूरों को अच्छा वेतन मिलता है, खासकर कंस्ट्रक्शन मजदूरों को, जानकर हो जाएंगे हैरान

वाशिंगटन अमेरिका दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाला देश है, जिसकी कुल अर्थव्यवस्था लगभग 28 ट्रिलियन डॉलर की है। यह दुनिया की हर बड़ी कंपनी का घर भी है और यहां की कंस्ट्रक्शन इंडस्ट्री भी काफी विकसित है। अमेरिका में काम करने वाले मजदूरों को अच्छा वेतन मिलता है, खासकर कंस्ट्रक्शन मजदूरों को, जो अपने दिन-प्रतिदिन के काम से अमेरिका के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती प्रदान करते हैं। अगर हम अमेरिका में कंस्ट्रक्शन मजदूर की सैलरी की बात करें तो एक औसत मजदूर को हर महीने लगभग $4000 (लगभग 3 लाख रुपये) तक सैलरी मिलती है। हालांकि, यह आंकड़ा अलग-अलग राज्यों और काम के प्रकार के अनुसार भिन्न हो सकता है। कंस्ट्रक्शन मजदूर के काम की प्रकृति कंस्ट्रक्शन मजदूरों का काम कई प्रकार का होता है। ये वे लोग होते हैं जो घरों, बिल्डिंगों, दुकानों और अन्य संरचनाओं को बनाने का काम करते हैं। अमेरिका में लगभग 10 लाख लोग कंस्ट्रक्शन मजदूरी के तौर पर काम करते हैं। इनमें से कुछ मजदूर भवन निर्माण, सड़क निर्माण, पेंटिंग, और दूसरी असंरचित श्रेणियों में काम करते हैं। कंस्ट्रक्शन मजदूर को प्रति घंटा कितनी सैलरी मिलती है? एक कंस्ट्रक्शन मजदूर को औसतन $23.69 प्रति घंटा की दर से वेतन मिलता है। इसका मतलब यह है कि यदि कोई कंस्ट्रक्शन मजदूर सप्ताह में 40 घंटे काम करता है तो वह एक महीने में लगभग $4000 (लगभग 3 लाख रुपये) कमा सकता है। इसके अलावा, कंस्ट्रक्शन मजदूर का औसतन सलाना वेतन लगभग $49,280 (लगभग 37 लाख रुपये) होता है। यह वेतन अमेरिकी कंस्ट्रक्शन इंडस्ट्री के लिए एक आम आंकड़ा है, लेकिन इसमें कई भिन्नताएं हो सकती हैं जैसे कि व्यक्ति की कौशल स्तर, अनुभव, और काम की कठिनाई के आधार पर। अमेरिका में कंस्ट्रक्शन मजदूर के फायदे अमेरिका में कंस्ट्रक्शन मजदूरों को कई प्रकार के लाभ मिलते हैं, जैसे कि: स्वास्थ्य बीमा: कई कंपनियां अपने कर्मचारियों को स्वास्थ्य बीमा प्रदान करती हैं। पेंशन और रिटायरमेंट फंड: कामकाजी जीवन के अंत में कर्मचारियों के लिए पेंशन और रिटायरमेंट योजनाएं होती हैं। अवकाश लाभ: छुट्टियों और स्वास्थ्य अवकाश का लाभ भी दिया जाता है।   recent visitors 19

शीतला अष्टमी पर करे मां शीतला की पूजा रोग और संक्रमण रहेंगे दूर

वैसे तो पूरे चैत्र माह में मां शीतला की पूजा होती है लेकिन अष्टमी तिथि मुख्य रुप से मालवा, निमाड़, राजस्थान और हरियाणा के बहुत सारे भागों में मनाई जाती है। शीतला अष्टमी को बासौड़ा, बूढ़ा बसौड़ा या बसियौरा नामों से भी जाना जाता है। चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि को शीतला सप्तमी और अष्टमी तिथि को शीतला अष्टमी का पर्व मनाया जाता है। इन दोनों तिथियों पर शीतला माता का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए उनकी पूजा और व्रत करने की परंपरा सदियों से चली आ रही है। इस वर्ष शीतला सप्तमी का व्रत 21 मार्च 2025 शुक्रवार को है और शीतला अष्टमी का व्रत 22 मार्च 2025 शनिवार को है। इस व्रत में बासा भोजन खाने का विधान है इसलिए इसे बसौड़ा, बसियौरा व बसोड़ा भी कहा जाता है। माता शीतला शारीरिक गर्मी से ताप, टीवी, स्पर्श रोग तथा अन्य वायरस के दुष्प्रभावों से निजात दिलाती हैं। माना जाता है कि ज्वर, चेचक, एड्स, कुष्ठरोग, दाहज्वर, पीतज्वर, विस्फोटक, दुर्गन्धयुक्त फोड़े तथा विभिन्न त्वचा संबंधी रोगों से ग्रस्त होने पर मां की उपासना रोगों से मुक्ति दिलवाती है।   शीतला अष्टमी 2025 पूजा मुहूर्त चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि 22 मार्च की सुबह 4:23 पर शुरु होगी और 23 मार्च की भोर पर 5:23 पर समाप्त होगी। शीतला अष्टमी की पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 6:41 से सुबह 6:50 तक रहेगा।  recent visitors 35

भारतीय रेलवे द्वारा वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं और दिव्यांगजन के लिए विशेष लोअर बर्थ आरक्षण प्रावधान

नई दिल्ली भारतीय रेलवे ने वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं और दिव्यांगजन के लिए लोअर बर्थ (निचली बर्थ) की सुविधा सुनिश्चित करने हेतु महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। वरिष्ठ नागरिकों, 45 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं और गर्भवती महिलाओं के लिए आरक्षित लोअर बर्थ भारतीय रेलवे द्वारा वरिष्ठ नागरिकों, 45 वर्ष या उससे अधिक आयु की महिलाओं एवं गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष लोअर बर्थ आरक्षण की व्यवस्था की गई है। रेल मंत्री, सूचना एवं प्रसारण मंत्री और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में एक प्रश्न के उत्तर में बताया कि भारतीय रेलवे वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं एवं दिव्यांगजन को लोअर बर्थ प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। वरिष्ठ नागरिकों, 45 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं और गर्भवती महिलाओं को यदि बुकिंग के समय विशेष रूप से लोअर बर्थ का विकल्प न भी चुना गया हो, तब भी उन्हें स्वचालित रूप से (यदि सीट उपलब्ध हो) लोअर बर्थ आवंटित की जाती है। लोअर बर्थ आरक्षण का विवरण: •    स्लीपर श्रेणी (Sleeper Class) में प्रत्येक कोच में 6 से 7 लोअर बर्थ का कोटा। •    वातानुकूलित 3 टियर (3AC) में प्रत्येक कोच में 4 से 5 लोअर बर्थ का कोटा। •    वातानुकूलित 2 टियर (2AC) में प्रत्येक कोच में 3 से 4 लोअर बर्थ का कोटा। यह सुविधा ट्रेन में कोचों की संख्या के अनुसार लागू होती है ताकि यात्रियों को अधिकतम सुविधा मिल सके। दिव्यांगजन के लिए आरक्षण कोटा: दिव्यांगजन के लिए आरक्षण कोटा सभी मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों, जिसमें राजधानी और शताब्दी जैसी प्रीमियम ट्रेनें भी शामिल हैं, में लागू होता है। इस सुविधा का लाभ रियायत लेने पर निर्भर नहीं है, अर्थात रियायत न लेने पर भी दिव्यांगजन को यह कोटा उपलब्ध रहेगा। •    स्लीपर श्रेणी में 4 बर्थ (जिसमें 2 लोअर बर्थ शामिल)। •    3AC/3E में 4 बर्थ (जिसमें 2 लोअर बर्थ शामिल)। •    आरक्षित सेकंड सिटिंग (2S) या वातानुकूलित चेयर कार (CC) में 4 सीटों का कोटा। खाली लोअर बर्थ होने पर प्राथमिकता: यदि यात्रा के दौरान लोअर बर्थ खाली पाई जाती है तो प्राथमिकता के आधार पर वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजन और गर्भवती महिलाओं को, जिन्हें पहले मिडिल या अपर बर्थ आवंटित की गई थी, उन्हें खाली लोअर बर्थ दी जाती है। भारतीय रेलवे अपनी इन समावेशी पहलों के माध्यम से यात्रियों को सुविधाजनक और आरामदायक यात्रा अनुभव प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। यात्रियों से अनुरोध है कि वे इस सुविधा का लाभ उठाकर सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा का आनंद लें। recent visitors 20