सहकारी बैंक में किसानों से कमीशनखोरी

गौरेला पेण्ड्रा मरवाही छत्तीसगढ़ के जीपीएम जिले में सहकारी बैंक में किसानों से पैसे निकालने के नाम पर कमीशनखोरी हो रही है. दरअसल, वायरल वीडियो में किसान बैंक कैशियर पर पैसे लेने का आरोप लगाते दिख रहे हैं. वीडियो में पूरे बैंक स्टाफ के इस खेल में मिलीभगत होने का आरोप लगाया गया.   पूरा मामला गौरेला मेन रोड में मौजूद जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित शाखा पेंड्रारोड का बताया जा रहा है. वायरल वीडियो में बैंक कैशियर पर किसानों ने पैसे विड्रॉल कराने कमीशन लेने का आरोप लगाया है. एक किसानों वीडियो में बताया रहा है कि बैंक में पिछले कई दिनों से पैसा निकालने के नाम पर कमीशन के रूप में पैसा लिया जा रहा है, यही नहीं गरीब अशिक्षित किसानों से पैसा निकालने के विड्रॉल फॉर्म भरने के नाम पर 50 रुपये की मांग की जाती है. वायरल हो रहे वीडियो में किसान का कहना है कि 1 लाख रुपये पर 1000 रुपये और 50 हजार में 500 रुपये लिये जाते हैं. कमीशन राशि को किसान अपनी पास बुक में दबाकर कैशियर कांउटर में रख देता है और उसे उसकी राशि मिल जाती है. ये पैसा नहीं दिए जाने पर किसान को कैश (पैसा) नहीं है कहकर पहले तो बैंक द्वारा दिन भर इंतजार कराया जाता है और फिर शाम होते-होते कैश नहीं होने का कारण कहकर कल आना बोल दिया जाता है. लल्लूराम डॉट कॉम वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है. बता दें कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा समर्थन मूल्य की राशि किसानों को इसी बैंक के माध्यम से दी जाती है. खासकर इन दिनों इस बैंक के अंदर और बाहर हजारों किसानों का जमवाड़ा अपनी राशि को लेने के इंतजार में खड़े रहना पड़ता है. बैंक द्वारा गरीब और भोले-भाले किसानों को उन्हीं के पैसा को देने के लिए बैंक कर्मी ठग रहे हैं. recent visitors 32

कैटल फ्री सिटी के दावा फैल : सांड के हमले में 67 साल के व्यक्ति की मौत

जयपुर जयपुर शहर में आवारा पशुओं की समस्या लगातार जानलेवा बनती जा रही है। नगर निगम द्वारा किए जा रहे कैटल फ्री सिटी के दावे खोखले साबित हो रहे हैं। इसका सबसे ताजा उदाहरण नवरतन अग्रवाल की दुखद मृत्यु है। तीन फरवरी को दूध लेने निकले 67 वर्षीय नवरतन अग्रवाल पर एक आवारा सांड ने हमला कर दिया था। इस हादसे में वे गंभीर रूप से घायल हो गए और कोमा में चले गए। 41 दिनों तक मौत से जूझने के बाद , 15 लाख के ख़र्चे के बाद भी 16 मार्च को उन्होंने अंतिम सांस ली। नवरतन अग्रवाल की पत्नी सुमित्रा अग्रवाल ने बताया, हर रोज की तरह वे तीन फरवरी की सुबह दूध लेने निकले थे। बिल्कुल स्वस्थ और ठीक-ठाक थे। लेकिन इस बार वे लौटकर नहीं आए। सांड ने उनके सिर पर पीछे से टक्कर मार दी थी। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने ऑपरेशन भी किया, लेकिन उनके सिर में खून जम गया और वे कोमा में चले गए। डेढ़ महीने तक उन्होंने आंखें तक नहीं खोली। हमने 15 लाख रुपये से ज्यादा खर्च कर दिए, लेकिन फिर भी उन्हें नहीं बचा पाए। मेरे लिए तो सांड काल बनकर आया था। 95 वर्षीय पिता बोले- बेटे की मौत मेरा सबसे बड़ा अफसोस मृतक के 95 वर्षीय पिता सत्यनारायण कचहरी जो स्वतंत्रता सेनानी हैं, वो अपने बेटे को खोने के बाद टूट चुके हैं। वे कहते हैं, मैंने अपने बेटे को खो दिया, यह मेरे जीवन का सबसे बड़ा अफसोस है। मैं 95 साल का हो गया, इतनी लंबी उम्र तक खुद को संभालकर रखा, लेकिन अब मेरा मन टूट गया है। नगर निगम की लापरवाही के कारण ऐसी घटनाएं हो रही हैं। मेरे पास अब शब्द नहीं हैं कि मैं अपना दर्द कैसे बयान करूं। परिवार ने नगर निगम को ठहराया जिम्मेदार स्थानीय निवासी एडवोकेट नवीन चौहान का कहना है कि आवारा पशु हमारे यहां वार्ड में घूमते रहते हैं। पहले भी ऐसी घटना देखने को मिली है कि आवारा कुत्तों ने कई छोटे बच्चों को यहां पर काट लिया था। हम लोगों ने शिकायत भी दी, लेकिन उसे शिकायत का कोई निस्तारण नहीं हुआ। उसके बाद भी नवरत्न अग्रवाल जो कि लगभग तीन फरवरी को घर से बाहर दूध लेने जा रहे थे। आवारा सांड ने उन्हें मारा और अब पूरी दुनिया में नहीं रहे। मैं थाने में परिवाद भी दिया हूं और उचित कार्रवाई की मांग भी की है। मृतक के भाई की पत्नी साधना कचहरी ने भी नगर निगम पर लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, हमारे भाई साहब को सांड ने इतनी जोर से मारा कि वे मौके पर ही बेहोश हो गए। डेढ़ महीने तक वे कोमा में रहे, लेकिन हमें उम्मीद थी कि वे वापस आएंगे। पर ऐसा नहीं हुआ। नगर निगम की लापरवाही की वजह से ही यह हादसा हुआ। यह कोई पहली घटना नहीं थी। हर नुक्कड़ पर 3-4 सांड घूमते हैं। recent visitors 37

बड़े भाई ने छोटे को कुल्हाड़ी से काट डाला

 कोरबा बालोद जिले के गुण्डरदेही ब्लॉक के ग्राम खप्परवाड़ा से जमीन विवाद में हत्या का मामला सामने आया है। जहां पर 10 डिसमिल जमीन के विवाद को लेकर बड़े भाई ने छोटे भाई की हत्या कर दी। इस सनसनीखेज मामले के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही गुंडरदेही थाने की थी। मौके पर पहुंची और जांच पड़ताल शुरू कर दी गई। प्रथम दृष्टि या हत्या का मामला सामने आते ही बड़े भाई को पुलिस ने हिरासत में ले लिया और पूछताछ में उसने अपना जुल्म कबूल कर लिया है। फिलहाल, पुलिस अब आगे की कार्रवाई कर रही है।' पुलिस ने किया गिरफ्तार थाना प्रभारी मनीष शेंडे ने बताया कि मृतक का नाम राजकुमार मानिकपुरी 42 वर्ष है और हत्यारे बड़े भाई का नाम विष्णु मानिकपुरी उम्र 57 वर्ष है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। मामला दर्ज कर हत्यारे भाई विष्णु राम मानिकपुरी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। थाना प्रभारी ने बताया कि इन दोनों के बीच लंबे समय से 10 डिसमिल जमीन के लिए विवाद चल रहा था और विवाद इतना बढ़ गया कि बड़े भाई ने छोटे भाई की हत्या कर दी। अब हत्यारा बड़ा भाई पुलिस के कब्जे में है। 10 डिसमिल जमीन बना हत्या का कारण बताया जा रहा है कि दोनों भाइयों में महज 10 डिसमिल जमीन का विवाद चल रहा था। इसे लेकर हमेशा विवाद होता था और आज विवाद इतना बढ़ा कि आरोपी बड़े भाई विषणु राम मानिकपुरी ने अपने छोटे भाई राजकुमार मानिकपुरी पर कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ वारकर उसे मौत के घाट उतार दिया। घटना स्थल पर खून ही खून दिखा। इस घटना के बाद से पूरा परिवार सहम गया। क्योंकि दोनों सगे भाई थे। अब अगर उनके बच्चे इस विवाद को नहीं सुलझा पाए उनकी दुश्मनी अनवरत जारी रहेगी। जांच करते हुए मामले को सुलझाने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं हत्यारे भाई के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है। recent visitors 23

करौली में हीमोफीलिया, थैलेसीमिया और स्वैच्छिक रक्तदान पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन

करौली राजस्थान के करौली जिले में हीमोफीलिया, थैलेसीमिया और स्वैच्छिक रक्तदान पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिला चिकित्सालय के एएनएम प्रशिक्षण केंद्र में आयोजित कार्यशाला में वक्ताओं ने स्वैच्छिक रक्तदान को बढ़ावा देने, रक्तदान के प्रति आमजन में व्याप्त भ्रांतियों को दूर करने, हीमोफीलिया, थैलेसीमिया से बचाव तथा उपचार की जानकारी दी। इस दौरान हिमोफीलिया और थैलेसीमिया रोगियों को राज्य सरकार से मिलने वाली सुविधाओं व उपचार की भी जानकारी दी गई। कार्यशाला में पीएमओ डॉ. रामकेश मीणा, डिप्टी कंट्रोलर डॉ. भुवनेश बंसल, डॉ. कैलाश मीणा, ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. धर्म बाई, ब्लड बैंक टेक्नीशियन भूपेंद्र शर्मा, स्वैच्छिक रक्तदाता, समाजसेवी, हीमोफीलिया, रक्तदाता संस्था और थैलेसीमिया रोगी तथा उनके परिजन मौजूद रहे। जिला चिकित्सालय के ब्लड बैंक की ओर से आयोजित हीमोफीलिया और थैलेसीमिया कार्यशाला में स्वैच्छिक रक्तदाताओं ने आमजन में रक्तदान के प्रति जागरुकता लाने, ब्लड बैंक में उचित प्रबंधन एवं रोगी के परिजनों को भी रक्तदान के लिए प्रेरित करने पर जोर दिया। साथ ही चिकित्सालय के ब्लड बैंक द्वारा रोगी के परिजन या किसी अन्य की ओर से रक्तदान करने पर रक्त उपलब्ध कराने का सुझाव दिया गया। साथ ही गंभीर रोगी एवं रोगी के साथ किसी परिजन या रक्तदाता के उपलब्ध नहीं होने पर चिकित्सालय की ओर से मुफ्त रक्त उपलब्ध कराने की बात कही। इस दौरान पीएमओ डॉ. रामकेश मीणा ने हीमोफीलिया और थैलेसीमिया रोगियों को राज्य सरकार द्वारा उपचार के लिए दी जाने वाली सुविधाओं तथा योजनाओं की जानकारी दी गई। इस दौरान चिकित्सक डॉ. भुवनेश बंसल ने रोगियों को उपचार के साथ-साथ बचाव के लिए आवश्यक सावधानी बरतने की जानकारी दी गई। कार्यशाला में स्वैच्छिक रक्तदाता व समाजसेवी बबलू शुक्ला, मोहित मित्तल, शेर सिंह बैंसला, योगेंद्र सिंहल, अनिल शर्मा, श्याम सुंदर शर्मा, प्रमोद गुप्ता सहित अन्य मौजूद रहे। recent visitors 42

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों को दी रंगपंचमी की बधाई

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशावासियों को रंग पंचमी की मंगलकामनाएं दी हैं। उन्होंने बधाई देते हुए कहा कि रंगपंचमी, आनंद और उत्साह का पावन पर्व है। उन्होंने ईश्वर से कामना की कि हमारे जीवन के सारे कलुषित रंग निकलें, चटख बसंती रंग के साथ हम अपने जीवन की नई यात्रा आरंभ करें।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रंगों का ये उल्लास सभी के जीवन में खुशियां भर दे। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि प्रेम-सौहार्द्र और उमंग से भरा यह पर्व सबके जीवन में उल्लास और सुख-समृद्धि लेकर आए।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रंगपंचमी के अवसर पर अशोकनगर जिले के करीला धाम और इन्दौर व उज्जैन की प्रसिद्ध गेर में शामिल हो रहे हैं। recent visitors 56

65 जमीन मालिकों के चलते रुका बिलासपुर-उरगा राष्ट्रीय राजमार्ग

बिलासपुर केंद्र सरकार के भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत बिलासपुर-उरगा राष्ट्रीय राजमार्ग -130 ए भूमि बटांकन विवाद के कारण अधर में लटका हुआ है। 1,520 करोड़ रुपये की इस परियोजना का काम वर्ष 2022 में शुरू हुआ था और इसे 2025 जून तक पूरा किया जाना है। बटांकन विवाद और प्रशासनिक ढिलाई के चलते अब तक काम ठप है। प्रधानमंत्री कार्यालय इस पर लगातार नजर रखे हुए है। बिलासपुर के ढेका गांव से उरगा तक 70 किलोमीटर लंबी इस सड़क परियोजना का काम ढेका की लगभग आधा किलोमीटर की भूमि पर बटांकन विवाद के चलते रुका हुआ है। कमिश्नर कोर्ट से नहीं आया है फैसला लगभग 65 जमीन मालिकों की भूमि योजना के चलते प्रभावित हो रही है। यही जमीन बटांकन में विभाजन को लेकर असहमति बनी हुई है। कई लोगों ने बटांकन प्रक्रिया पारदर्शी नहीं होने और अनियमितता के आरोप लगाए हैं। मामला आयुक्त न्यायालय में चल रहा है। कमिश्नर कोर्ट से अंतिम फैसला आने तक काम शुरू नहीं हो सकता। जमीन बटांकन को लेकर चल रहे विवाद की जानकारी लगते ही कलेक्टर अवनीश शरण लगभग दो माह पूर्व ढेका-उरगा नेशनल हाइवे 130 ए परियोजना क्षेत्र का निरीक्षण किया था। उन्होंने एसडीएम को जल्द से जल्द बटांकन विवाद को सुझाने व प्रोजक्ट को तय समय सीमा में पूरा करने निर्देश दिए थे। जून 2025 तक पूरा करना था प्रोजेक्ट का काम बिलासपुर-उरगा एनएच 130 ए परियोजना 2022 में शुरू हुई थी और 2025 जून तक पूरी होने की समय-सीमा है। प्रोजेक्ट बटांकन विवाद व आयुक्त न्याय प्रशासन की सुस्ती के चलते काम अधर में लटका है। प्रशासन ने समय रहते विवाद सुलझाया होता, तो यह सड़क अब तक बनकर तैयार होने की कगार पर होती। इस देरी के कारण न सिर्फ लागत बढ़ेगी, बल्कि क्षेत्रीय विकास भी प्रभावित होगा। भारतमाला परियोजना के फायदे     बिलासपुर से कोरबा सिर्फ एक घंटा में पहुंच सकेंगे।     बेहतर परिवहन से आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।     स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।     पिछड़े क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार होगा।   recent visitors 27

सूर्यकुमार यादव कप्तानी की जिम्मेदारी संभालेंगे जिसकी पुष्टि हार्दिक ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान की

मुंबई इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के पिछले सीजन में ओवर-रेट अपराध के लिए मुंबई इंडियंस (MI) के कप्तान हार्दिक पांड्या पर एक मैच का निलंबन IPL 2025 संस्करण में भी जारी रहेगा, जिससे ऑलराउंडर रविवार को चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ अपनी टीम के पहले मैच के लिए उपलब्ध नहीं होंगे। इस प्रकार सूर्यकुमार यादव कप्तानी की जिम्मेदारी संभालेंगे जिसकी पुष्टि हार्दिक ने बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान की, जहां उनके साथ टीम के कोच महेला जयवर्धने भी मौजूद थे। अपने निलंबन पर एक सवाल का जवाब देते हुए हार्दिक ने कहा, 'सूर्यकुमार यादव भारत की भी कप्तानी करेंगे। वह पहले मैच में मुंबई इंडियंस की कप्तानी करेंगे। मैं भाग्यशाली हूं कि मेरे साथ तीन कप्तान खेल रहे हैं – रोहित (शर्मा), सूर्य और (जसप्रीत) बुमराह। वे हमेशा मेरे कंधे पर हाथ रखते हैं और जब भी मुझे किसी मदद की जरूरत होती है, तो वे हमेशा मौजूद रहते हैं।' यह अभी भी तय नहीं है कि बुमराह अपनी पीठ की चोट से कब तक फिट होकर MI टीम में शामिल होंगे। फिलहाल, वह राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी (एनसीए) में हैं, जिसकी पुष्टि जयवर्धने ने की है। कोच ने कहा, 'हमें इंतजार करना होगा और देखना होगा कि एनसीए की उनके (बुमराह) बारे में क्या प्रतिक्रिया है। वह अभी भी वहां हैं और अच्छे मूड में हैं, उम्मीद है कि वह जल्द ही टीम में शामिल हो जाएंगे। उनका न होना एक चुनौती है…यह किसी और के लिए आगे आकर यह दिखाने का अवसर भी है कि वे क्या करने में सक्षम हैं।' हार्दिक से जब पूछा गया कि क्या नियम में बदलाव होना चाहिए और पिछले सीजन के अपराध का अगले सीज़न पर असर नहीं पड़ना चाहिए? उन्होंने कहा, 'यह मेरे नियंत्रण से बाहर है। पिछले साल जो हुआ वह खेल का हिस्सा था; हम आखिरी ओवर में डेढ़ या दो मिनट पीछे थे। मुझे उस समय इसके परिणाम नहीं पता थे। यह दुर्भाग्यपूर्ण है, लेकिन नियम यही कहते हैं। इसलिए मुझे नियमों के अनुसार चलना होगा। अगले साल (चाहे) वे इस नियम को जारी रखेंगे या नहीं, यह उच्च अधिकारियों पर निर्भर है।' recent visitors 32