आतंकियों को पनाह देने वालों पर गिरी गाज, NIA ने जम्मू में 12 ठिकानों पर मारी रेड

नई दिल्ली राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने पाकिस्तान से जुड़े आतंकवादियों की घुसपैठ की घटनाओं पर संज्ञान लेते हुए बड़ा एक्शन लिया है। बीते दिनों सीमा पार से घुसपैठ की घटनाओं में इजाफा होने के बाद NIA ने जम्मू में 12 ठिकानों पर रेड किया है। अधिकारियों ने बताया है कि जिन लोगों के खिलाफ एक्शन लिया गया है उनमें आतंकवादी समूहों को मदद करने वाले ओवरग्राउंड वर्कर (ओजीडब्ल्यू) शामिल हैं जो भारत में आने वाले आतंकवादियों को लॉजिस्टिक्स, सुरक्षित ठिकाने और रास्ता मुहैया कराने में मदद करते हैं। इससे पहले NIA ने पिछले साल 24 अक्टूबर को हुए घुसपैठ से संबंधित घटनाओं में इन लोगों के खिलाफ मामले दर्ज किए थे जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय सीमा और LOC के जरिए भारत में लश्कर और जैश से जुड़े सक्रिय आतंकवादियों को मदद पहुंचाई थी। एनआईए के एक अधिकारी के मुताबिक, “जम्मू क्षेत्र के गांवों में रहने वाले ओजीडब्ल्यू और अन्य आतंकी गुटों ने इन घुसपैठियों की मदद की थी। इन्होंने आतंकवादियों को खाना पीना, शरण और पैसे भी दिए थे।” अधिकारी ने बताया कि संदिग्ध हाइब्रिड आतंकवादी और ओजीडब्ल्यू प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों की शाखाओं से जुड़े हुए हैं। इस बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस साल अब तक जम्मू-कश्मीर पर केंद्रित तीन सुरक्षा समीक्षा बैठक कर चुके हैं। इस दौरान उन्होंने सुरक्षा बलों को आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने का निर्देश दिया है। recent visitors 23

देश अपने हितों की रक्षा के लिए इनका इस्तेमाल करते हैं, पसंद हो या न हो, टैरिफ वॉर पर जयशंकर की दो टूक

नई दिल्ली विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने वैश्विक व्यापार में बढ़ते शुल्क (टैरिफ) और प्रतिबंधों की प्रवृत्ति को एक सच्चाई बताते हुए कहा कि विभिन्न देश अपने आर्थिक हितों की रक्षा के लिए इनका इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि “चाहे हमें यह पसंद हो या न हो, टैरिफ और प्रतिबंध आज एक हकीकत हैं, और देश अपने हितों की रक्षा के लिए इनका इस्तेमाल करते हैं।” उनके इस बयान को हाल के वैश्विक घटनाक्रमों के संदर्भ में देखा जा रहा है, जहां व्यापार और वित्त को रणनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल करने की प्रवृत्ति बढ़ी है। जयशंकर ने यह टिप्पणी नई दिल्ली में आयोजित रायसीना डायलॉग के दौरान "कमिसार्स एंड कैपिटलिस्ट्स: पॉलिटिक्स, बिजनेस एंड न्यू वर्ल्ड ऑर्डर" नामक पैनल चर्चा में की। आर्थिक गतिविधियों का बढ़ता सैन्यीकरण जयशंकर ने कहा, "टैरिफ और प्रतिबंध आज की हकीकत हैं, देश इनका उपयोग करते हैं। यदि हम पिछले एक दशक पर नजर डालें, तो हमने देखा है कि किसी भी प्रकार की क्षमता या आर्थिक गतिविधि का बड़े पैमाने पर सैन्यीकरण किया गया है। इसमें वित्तीय प्रवाह, ऊर्जा आपूर्ति और प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्र भी शामिल हैं।" उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि व्यापार केवल लाभ तक सीमित नहीं है, बल्कि यह रोजगार और समग्र राष्ट्रीय शक्ति से भी जुड़ा हुआ है। जयशंकर ने कहा, "आप अपने व्यवसाय के लिए लड़ते हैं, क्योंकि यह आपके रोजगार और समग्र राष्ट्रीय शक्ति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।" अंतरराष्ट्रीय संबंधों में आ रही "कम प्रतिबंधित संस्कृति" जयशंकर ने बताया कि आज अंतरराष्ट्रीय संबंध पहले की तुलना में कम प्रतिबंधित हो गए हैं। उन्होंने कहा, "आज विभिन्न डोमेन के बीच विभाजन की रेखाएं मिट रही हैं। अंतरराष्ट्रीय संबंधों में भी यह बदलाव स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। यदि हम एक दशक पहले की स्थिति देखें, तो आज की तुलना में वह ज्यादा संतुलित थी।" अमेरिका-भारत व्यापारिक तनाव पर व्हाइट हाउस की प्रतिक्रिया गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका ने भारत सहित विभिन्न देशों से आयातित वस्तुओं पर नए टैरिफ लगाने की घोषणा की है। इससे पहले, 13 मार्च को व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलीन लेविट ने अमेरिका पर विभिन्न देशों द्वारा लगाए गए टैरिफ पर चिंता जताई थी। उन्होंने भारत द्वारा अमेरिकी शराब और कृषि उत्पादों पर लगाए गए टैरिफ का विशेष रूप से उल्लेख किया। प्रेस वार्ता के दौरान लेविट ने कहा, "मेरे पास विभिन्न देशों द्वारा लगाए गए टैरिफ का एक चार्ट है। अगर आप कनाडा की बात करें तो अमेरिकी पनीर और मक्खन पर लगभग 300% शुल्क है।" उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप निष्पक्ष और संतुलित व्यापार नीति में विश्वास रखते हैं और जवाबी (रेसिप्रोसिटी) के सिद्धांत का पालन करना चाहते हैं। वैश्विक व्यापार में शक्ति संतुलन की नई दिशा जयशंकर के बयान इस बात की ओर संकेत करते हैं कि आज के दौर में व्यापार केवल आर्थिक गतिविधि तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भू-राजनीतिक और राष्ट्रीय शक्ति समीकरण का भी अहम हिस्सा बन चुका है। ऐसे में आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय व्यापार नीतियों में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। recent visitors 28

प्राइवेट फर्म की मिनीबस में आग लगने से ऑफिस जा रहे कंपनी के चार कर्मचारियों की जलकर मौत, हुआ दर्दनाक हादसा

पुणे महाराष्ट्र में पुणे के पास से बुधवार को एक दर्दनाक खबर सामने आई है। यहां एक प्राइवेट फर्म की मिनीबस में आग लगने से ऑफिस जा रहे कंपनी के चार कर्मचारियों की जलकर मौत हो गई। जानकारी के मुताबिक मिनी बस में सुबह करीब साढ़े 7 बजे पिंपरी चिंचवाड़ इलाके के हिंजेवाड़ी में आग लग गई। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि यह हादसा तब हुआ जब मिनी बस में पीछे की तरफ मौजूद इमरजेंसी गेट खुल नहीं पाया और कुछ कर्मचारी गाड़ी के अंदर फंस गए। जांच के दौरान पता चला है कि गाड़ी में व्योम ग्राफिक्स कंपनी के कर्मचारी सवार थे। घटना के समय फर्म के 12 कर्मचारी वारजे से हिंजेवाड़ी में काम करने के लिए दफ्तर जा रहे थे। अधिकारियों के मुताबिक जब गाड़ी डसॉल्ट सिस्टम्स के पास पहुंचा, तो ड्राइवर की सीट के नीचे आग लग गई। ड्राइवर ने गाड़ी को स्पीड कम कर दी जिसके बाद कुछ कर्मचारी मिनीबस से उतर गए। हालांकि कुछ लोग अंदर ही फंस गए। हिंजेवाड़ी पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक कन्हैया थोरात ने पीटीआई को बताया, "खतरे को भांपते हुए चार कर्मचारी तुरंत मिनीबस से उतर गए। गाड़ी के पीछे बैठे लोगों ने पीछे की तरफ से इमरजेंसी एग्जिट गेट से भागने की कोशिश की लेकिन वे कामयाब नहीं हो पाए।" वहीं पिंपरी-चिंचवड़ नगर निगम के एक दमकल अधिकारी ने बताया कि आग आगे से पीछे की तरफ तेजी से फैली जिससे कर्मचारियों को भागने का मौका नहीं मिला और वे अंदर फंसे लोगों को बचाने में कामयाब रहे। बाद में आग पर काबू पा लिया गया है। recent visitors 31

सऊदी अरब ने इस टी20 लीग के लिए 500 मिलियन यूएस डॉलर का निवेश करने का फैसला किया, शुरू करना चाहता है मेगा T20 लीग

नई दिल्ली इंडियन प्रीमियर लीग यानी आईपीएल की लोकप्रियता को देखते हुए दुनियाभर में टी20 लीग शुरू हो गई हैं। हालांकि, जो औहदा इस समय आईपीएल का है, उसका कोई तोड़ नहीं है। ऐसे में एक नई सोच के साथ सऊदी टी20 लीग की नींव रखी जा रही है। खुद सऊदी अरब ने इस टी20 लीग के लिए 500 मिलियन यूएस डॉलर का निवेश करने का फैसला किया है। जिस तरह टेनिस में ग्रैंड स्लैम खेले जाते हैं। उसी तरह की ये लीग बनाने की योजना है। फाइनल सऊदी अरब में खेला जाएगा। चार अलग-अलग स्थानों पर मैच आयोजित कराने का प्लान है। हालांकि, इस पर इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड यानी ईसीबी अड़ंगा डाल सकता है। सऊदी अरब की एसआरजे स्पोर्ट्स इन्वेस्टमेंट्स ने इस लीग में निवेश करने का फैसला किया। ये देश के 1 ट्रिलियन डॉलर सॉवरेन वेल्थ फंड (पब्लिक इन्वेस्टमेंट फंड) की सहायक कंपनी है। यह कॉन्सेप्ट नील मैक्सवेल के दिमाग की उपज है, जो एक पूर्व फर्स्ट क्लास क्रिकेटर हैं, जिन्होंने न्यू साउथ वेल्स और विक्टोरिया का प्रतिनिधित्व किया है और ऑस्ट्रेलियाई कप्तान पैट कमिंस के वर्तमान प्रबंधक हैं। मैक्सवेल ने ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर्स एसोसिएशन और क्रिकेट न्यू साउथ वेल्स के बोर्ड में भी प्रमुख पदों पर कार्य किया है। इस लीग का मुख्य उद्देश्य है कि इससे जो कमाई होगी, वह उन देशों को सपोर्ट करेगी, जो टेस्ट क्रिकेट में पीछे हैं। इस लीग में सबसे बड़ी समस्या खिलाड़ियों की उपलब्धता होगी, क्योंकि खिलाड़ी पहले से ही बिजी शेड्यूल का हिस्सा हैं। इस टूर्नामेंट के लिए शेड्यूल और स्लॉट निकालना सभी के लिए चुनौती भरा होगा। बीसीसीआई अपने खिलाड़ियों को किसी भी ओवरशीज लीग में खेलने की अनुमति नहीं देती है। इसके अलावा इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड यानी ईसीबी ने इस लीग से अपना समर्थन वापस ले लिया है। सिडनी मॉर्निंग हेराल्ड को ईसीबी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रिचर्ड गॉल्ड ने कहा है कि इंग्लिश क्रिकेट बोर्ड लीग का समर्थन नहीं करेगा। इसका कारण है कि इसके लिए समय नहीं है। उन्होंने कहा, "व्यस्त इंटरनेशनल कैलेंडर, दुनिया भर में स्थापित फ्रेंचाइजी लीगों की मेजबानी और खिलाड़ियों के कार्यभार के बारे में मौजूदा चिंताओं को देखते हुए, इस तरह के विचार की कोई गुंजाइश या मांग नहीं है। यह ऐसी बात नहीं है जिसका हम समर्थन करेंगे।" रिपोर्ट के अनुसार, ईसीबी द हंड्रेड लीग को बचाने के लिए उत्सुक है, जिसने हाल ही में निजी निवेशकों को फ्रेंचाइजी हिस्सेदारी बेची है। बीसीसीआई और सीए भी अपनी-अपनी टी20 लीग को सुरक्षित रखने के लिए उत्सुक होंगे। recent visitors 36

भाषण ने इलाके में सांप्रदायिक तनाव को भड़काया, जिससे हिंसा भड़क उठी, फहीम खान निकला मास्टरमाइंड

नागपुर नागपुर में सोमवार रात हुई हिंसा के बाद स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन शहर के कई संवेदनशील इलाकों में कर्फ्यू जारी है। इस बीच नागपुर पुलिस ने बुधवार को फहीम शमीम खान की पहली फोटो जारी की है। फहीम 17 मार्च को शहर में हुए सांप्रदायिक हिंसा का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। इस हिंसा में कई लोग घायल हो गए थे।फहीम खान एमडीपी का नगर अध्यक्ष है और नागपुर के यशोधरा नगर में संजय बाग कॉलोनी में रहता है। सांप्रदायिक झड़पों के सिलसिले में दर्ज की गई एफआईआर में उसका नाम आधिकारिक तौर पर शामिल किया गया है। प्रारंभिक जांच से पता चला है कि फहीम खान ने झड़प शुरू होने से कुछ समय पहले कथित तौर पर भड़काऊ भाषण दिया था। पुलिस अधिकारियों ने दावा किया कि उनके भाषण ने इलाके में सांप्रदायिक तनाव को भड़काया, जिससे हिंसा भड़क उठी। गडकरी के खिलाफ लड़ा था चुनाव फहीम खान ने 2024 के लोकसभा चुनाव में नागपुर सीट से अल्पसंख्यक डेमोक्रेटिक पार्टी (MDP) के उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था। बीजेपी के दिग्गज नेता और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से 6.5 लाख से अधिक वोटों के बड़े अंतर से हार गया था। नागपुर के पुलिस आयुक्त रविंद्र कुमार सिंघल ने बताया कि दोपहर बाद स्थिति की समीक्षा की जाएगी। वहीं, एक अन्य अधिकारी ने बताया कि संवेदनशील इलाकों में दो हजार से अधिक सशस्त्र पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। उन्होंने कहा कि इसी तरह, त्वरित प्रतिक्रिया दल (क्यूआरटी) और दंगा नियंत्रण पुलिस (आरसीपी) द्वारा पुलिस उपायुक्त रैंक के अधिकारी के नेतृत्व में गश्त की जा रही है। औरंगजेब की कब्र को लेकर हुई थी झड़प सोमवार रात साढ़े सात बजे के करीब मध्य नागपुर में हिंसा भड़क गई थी और पुलिस पर पथराव किया गया था। अधिकारियों ने बताया कि यह हिंसा इस अफवाह के बाद फैली कि औरंगजेब की कब्र हटाने के लिए एक दक्षिणपंथी संगठन द्वारा किए गए प्रदर्शन के दौरान एक समुदाय के धार्मिक ग्रंथ को जला दिया गया। हिंसा में 34 पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। इसके बाद शहर के संवेदनशील इलाकों में कर्फ्यू लगा दिया गया, जिससे लोगों और वाहनों की आवाजाही पर रोक लग गई। पुलिस के अनुसार, अब कोतवाली, गणेशपेठ, तहसील, लकडगंज, पाचपावली, शांति नगर, सक्करदरा, नंदनवन, इमामवाडा, यशोधरा नगर और कपिल नगर पुलिस थाना क्षेत्र में आने वाले इलाकों में कर्फ्यू प्रभावी है। पुलिस के द्वारा कहा गया कि कर्फ्यू के दौरान संबंधित इलाकों के पुलिस उपायुक्त सड़कों पर वाहनों की आवाजाही के बारे में निर्णय लेंगे। अधिकारियों के अनुसार, सोमवार रात हुई हिंसा में तीन पुलिस उपायुक्तों समेत 12 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। पथराव और आगजनी के सिलसिले में अब तक करीब 50 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। recent visitors 33

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने निवेश संवर्धन पर मंत्रि-परिषद समिति की बैठक में प्रस्तावों का परीक्षण करने के निर्देश दिए

भोपाल सुपर कॉरिडोर इंदौर में आईटी इंफ्रा डेवलपर से 10 हजार और भोपाल में बड़वई आईटी पार्क के प्रारंभ होने से 870 लोगों को रोजगार मिलेगा। इसी तरह भिंड में प्लाई बोर्ड सेक्टर से 750, मुरैना में खाद्य प्रसंस्करण इकाई से 320, धार जिले में खाद्य प्रसंस्करण इकाई से 549 और नीमच जिले में सीमेंट इकाई से 556 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने निवेश संवर्धन पर मंत्रि-परिषद समिति की बैठक में इन इकाइयों के प्रस्तावों का परीक्षण करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि इसमें नई नीतियों के प्रावधानों को ध्यान में रखा जाए। बैठक में बताया गया कि नए प्रस्तावों से लगभग 13 हजार व्यक्तियों को रोजगार मिलने की संभावना है। वहीं, मुख्यमंत्री ने कहा है कि विभिन्न क्षेत्रों में निवेश के लिए संबंधित विभाग प्रस्तावों के आवश्यक परीक्षण का काम पूरा करके उद्योग स्थापना में सहयोग करें। जो नई नीतियां बनाई हैं, उनके अनुसार प्रस्तावों का परीक्षण हो ताकि जो सुविधाएं दी गई हैं, उनका लाभ मिल सके। बैठक में ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य कुमार काश्यप, संस्कृति, पर्यटन एवं धार्मिक न्यास और धर्मस्व राज्य मंत्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग राज्य मंत्री गौतम टेटवाल, मुख्य सचिव अनुराग जैन, प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन राघवेन्द्र कुमार सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। recent visitors 24

रेलवे फाटक में ट्रेनों के आवागमन के दौरान नागरिक सुरक्षा के कलेक्टर ने दिए निर्देश

अनूपपुर कलेक्टर हर्षल पंचोली ने जिला मुख्यालय स्थित रेलवे ओवर ब्रिज (आरओबी) के निर्माण कार्यों की अद्यतन स्थिति का मौके पर जाकर निरीक्षण कर जायजा लिया। इस दौरान एसडीएम अनूपपुर श्री सुधाकर सिंह बघेल, अधीक्षण यंत्री विद्युत श्री गोस्वामी, तहसीलदार श्री अनुपम पाण्डेय, नायब तहसीलदार श्री मंगलदास चक्रवर्ती सहित रेलवे, सेतु निगम के अधिकारी एवं संविदाकार उपस्थित थे। रेलवे ओवर ब्रिज (आरओबी) के कार्यों का निरीक्षण करते हुए कलेक्टर ने जनहित में कार्यों की गति बढ़ाकर कार्यों की पूर्णता के संबंध में अधिकारियों को समय-सीमा सुनिश्चित करते हुए कार्यों की पूर्णता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता में कहीं कोई कमी नही हो यह भी सुनिश्चित किया जाए। कलेक्टर ने आरओबी कार्य स्थल के कार्यों का जायजा लेते हुए ऊर्जा विभाग, सेतु निगम, रेलवे के द्वारा किए जाने वाले कार्यों के संबंध में मौके पर अधिकारियों को निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान ऊर्जा विभाग द्वारा अवगत कराया गया कि आरओबी कार्य के लिए ऊर्जा विभाग द्वारा अण्डरग्राउण्ड वायरिंग कार्य पूर्ण कर लिया गया है। एक दिवस के अन्दर केबल ज्वाईंटिंग एवं चार्जिंग कार्य कर लिया जाएगा। जिस पर कलेक्टर ने अनावश्यक विद्युत पोल एवं लाईन को हटाए जाने तथा गटर लांचिंग संबंधी कार्य को प्रारंभ करने के संबंध में रेलवे विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने मौके पर अधिकारियों को कहा कि वह समय-समय पर स्वयं कार्य की मॉनीटरिंग मौके पर आकर करेंगे। उन्होंने मौके पर रेलवे लाईन क्रासिंग में ट्रेनों की आवाजाही के दौरान लोगों के द्वारा रेलवे लाईन क्रास किए जाने पर आपत्ति जताते हुए एसडीएम को कोटवारों की ड्यूटी लगाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने जनहित की सुरक्षा के लिए अन्य प्रबंध भी सुनिश्चित करने अमले को निर्देश दिए। recent visitors 25