Sunday, July 5, 2026 3:15 am

निजी विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक पारित , पिछली सरकार ने युवाओं के सपनों को अंधेरे में धकेला: सीएम साय

रायपुर विधानसभा में चर्चा के बाद छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय (स्थापना एवं संचालन) संशोधन विधेयक 2025 सदन में पारित हुआ. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण अटल बिहाई बाजपेयी ने जिस उद्देश्य से किया था उसे भाजपा की सरकार ने साकार किया है. आज वर्तमान में कुल 17 निजी विश्वविद्यालय खुल गए है. बीते पांच साल में पिछली सरकार ने युवाओं के सपनों को अंधेरे में धकेलने का काम किया था. सीएम साय ने कहा, छत्तीसगढ़ को विकासशील राज्य से विकसित राज्य बनाने के लिए शिक्षा की गुणवत्ता सबसे जरूरी है. शिक्षा की पहुंच दुरस्त अंचलों तक ले जाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है. कोहका दुर्ग में रूंगटा स्किल निजी विश्वविद्यालय शुरू किया जाना प्रस्तावित है. राज्य में युवाओं को कौशल युक्त शिक्षा दिया जाएगा. छात्रों को बेहतर करियर विकल्प मिलेगा. राज्य के सकल प्रवेश अनुपात बढ़ाने यह विश्वविद्यालय महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. यह 18 निजी विश्वविद्यालय होगा. निजी विश्वविद्यालय नियामक आयोग ने भी इस नए विश्वविद्यालय खोलने की अनुशंसा की है. भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने कहा, कांग्रेस सरकार के दौरान लाए गए निजी विश्वविद्यालय के कानून को सर्वोच्च न्यायालय ने अमान्य कर दिया था. उस वक्त ऐसे-ऐसे कुलपति थे जो लूना में चलते थे. पंचर की दुकान में पंचर बनाते खड़े रहते थे और उनकी गाड़ी में कुलपति लिखा होता था. छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय क़ानून इसी विधानसभा से निकला और देश के दूसरे राज्यों ने भी उसी क़ानून के आलोक में क़ानून बनाए थे. मैं उच्च शिक्षा मंत्री था तब मैंने जीआर पूछा तब विभाग को मालूम नहीं था. भाजपा के 15 सालों में कितने निजी विश्वविद्यालय बने इसे मैं आज ख़ुद नहीं गिन सकता. शिक्षा शेरनी का वह दूध है, जिसे जो पियेगा वह दहाड़ेगा : चंद्राकर विधायक अजय चंद्राकर ने कहा, दुरस्त अंचलों में भी विश्वविद्यालय खोले गए. जब मैं उच्च शिक्षा विभाग का प्रतिवेदन पढ़ रहा था तब मुझे आश्चर्य हुआ कि वहां भी शिक्षकों की कमी है. निजी विश्वविद्यालय में कोर्स को पढ़ाने वाले नहीं है. इसे ठीक करने का कोई मैकेनिज्म नहीं है. कौन-कौन सी कंपनियां प्लेसमेंट के लिए आई. कितनी नौकरी लगी, इसका भी कोई मैकेनिज्म नहीं दिखता. जीआर में हम आज राष्ट्रीय स्तर पर भी पीछे हैं. बाबा साहब अंबेडकर कहते थे कि शिक्षा शेरनी का वह दूध है, जिसे जो पियेगा वह दहाड़ेगा. आज अख़बारों में छपा है कि हैपीनेस इंडेक्स में हम पाकिस्तान बांग्लादेश से भी पीछे हैं. शिक्षा से ऐसे इंडेक्स बदले जा सकते हैं. बड़ी चिंता 8-9 हज़ार रिक्त पदों की है. वेलफेयर स्टेट में शिक्षा को उच्च स्थान मिले. निजी विश्वविद्यालय खोलने से बेहतर है काॅलेज खोलें : व्यास कश्यप कांग्रेस विधायक व्यास कश्यप ने कहा, निजी विश्वविद्यालय खोले जाने चाहिए. छत्तीसगढ़ में छात्रों को बेहतर शिक्षा दिए जाने के प्रयास होने चाहिए. सिर्फ़ इंडेक्स बढ़ाने के लिए इतने विश्वविद्यालय नहीं खोले जाने चाहिए. निजी विश्वविद्यालय के अधिकांश छात्र बड़े घरों के होते हैं और सिर्फ डिग्री लेने के लिए प्रवेश लेते हैं. निजी विश्वविद्यालय डिग्री बेचने का काम करते हैं. निजी विश्वविद्यालय शिक्षा की हत्या है. निजी विश्वविद्यालय खोलने से बेहतर है काॅलेज खोलें. recent visitors 81

कॉफी क्वालिटी मैनेजमेंट में ऐसे बनाएं ब्राइट करियर

चाहे कोई फंक्शन हो या सेलिब्रेशन, मैन्यू में कॉफी का होना बेहद जरूरी है। इतना ही नहीं, बहुत से व्यक्तियों के दिन की शुरुआत भी कॉफी से ही होती है। लोगों के कॉफी के प्रति बढ़ते आकर्षण के चलते ही भारत में बहुत सी विदेशी और इंडियन कंपनियों ने कॉफी शॉप्स खोले हैं। लेकिन इन कॉफी शॉप्स की सबसे बड़ी चुनौती होती है, ग्राहकों को उनके टेस्ट के अनुसार उम्दा कॉफी सर्व करना। ऐसे में कॉफी के टेस्ट को बरकरार रखने का जिम्मा होता है कॉफी क्वालिटी मैनेजर का। अगर आप भी इस क्षेत्र में रुचि रखते हैं तो कॉफी मैनेजमेंट के क्षेत्र में अपना सुनहरा भविष्य संवार सकते हैं। कैसी हैं पॉसिबिलिटीज एक रिपोर्ट के अनुसार भारत में जिस प्रकार कॉफी की खपत बढ़ रही है। उसे देखते हुए यह कहा जा सकता है कि इसकी डिमांड कभी कम नहीं होने वाली। इसी कारण यह मार्केट तकरीबन 25 पर्सेंट सालाना की दर से आगे बढ़ रही है।   पर्सनल स्किल्स ग्राहकों को अपनी ओर खींचने में न सिर्फ कॉफी का टेस्ट बल्कि उसका रंग, स्मेल व प्रेजेंटेशन आदि का भी बहुत बड़ा योगदान होता है। इसलिए एक कॉफी क्वालिटी मैनेजर को इन सब बातों का भी ध्यान रखना चाहिए। चूंकि आजकल मार्केट में बहुत से कॉफी शॉप खुल गए हैं, इसलिए एक कॉफी क्वालिटी मैनेजर को अन्य शॉप्स की क्वालिटी को जानकर कुछ नया व अलग करने की ललक होनी चाहिए। साथ ही, उसमें हर एज ग्रुप के लोगों के टेस्ट को समझने की क्षमता भी होनी चाहिए।   एलिजिबिलिटीज भारतीय कॉफी बोर्ड द्वारा पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन कॉफी क्वालिटी मैनेजमेंट कोर्स संचालित किया जाता है। एक वर्षीय कोर्स में दाखिले के लिए प्रत्याशियों के पास बॉटनी, जूलॉजी, केमिस्ट्री, बायोटेक्नोलॉजी, फूड साइंस, एन्वॉयरमेंट साइंस, एग्रीकल्चर साइंस आदि में बैचलर डिग्री होनी आवश्यक है। हालांकि कॉफी प्लान्टेशन कंपनियों या संबंधित क्षेत्रों से जुड़ी एक्सपोर्ट कंपनियों के द्वारा प्रायोजित प्रत्याशियों को प्राथमिकता दी जाती है। जॉब ऑप्शन बतौर कॉफी क्वालिटी मैनेजर आप किसी भी बड़े या फेमस इंडियन या मल्टीनेशनल कंपनी या उनकी कॉफी शॉप में जॉब कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त बड़े होटल्स में भी इनके लिए ढेरों ऑप्शंस मौजूद हैं। इसके अतिरिक्त आप चाहें तो किसी कॉफी शॉप की फ्रेंचाइजी लेकर भी काम कर सकते हैं। कुछ समय के अनुभव के बाद आप खुद का कॉफी शॉप भी खोल सकते हैं। सुकून के कुछ पल बिताने के लिए ही नहीं बल्कि छोटे फंक्शन के लिए भी लोग कॉफी शॉप का सहारा लेते हैं। ऐसे में खुद का कॉफी शॉप खोलना भी एक अच्छा ऑप्शन हो सकता है। आप चाहें तो कॉफी प्लांटेशन कंपनियों व एक्सपोर्ट कंपनियों के साथ जुड़कर भी काम कर सकते हैं। सैलरी इस क्षेत्र में आपकी इनकम इस बात पर निर्भर करती है कि आप किसी कंपनी के साथ जुड़कर कार्य करते हैं या फिर स्वयं की कॉफी शॉप खोलते हैं। वैसे, शुरुआती तौर पर आप 20 से 25 हजार रुपए प्रतिमाह आसानी से कमा सकते हैं। थोड़े अनुभव के बाद आपकी सैलरी में इजाफा हो सकता है। चूंकि कॉफी क्वालिटी मैनेजरों की विदेशों में भी काफी डिमांड होती है, इसलिए आप चाहें तो विदेश जाकर भी जॉब कर सकते हैं।   recent visitors 32

राहुल गांधी अपने बयान को लेकर फिर मुश्किल में फंसे, संभल कोर्ट ने भेजा नोटिस

संभल  लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी अपने बयान को लेकर मुश्किल में फंस गए हैं. संभल की कोर्ट ने राहुल गांधी को 4 अप्रैल को कोर्ट में पेश होने का नोटिस भेजा है. पूरा मामला राहुल गांधी के उस बयान से जुड़ा है जिसमें उन्होंने कहा था कि उनकी लड़ाई बीजेपी और आरएसएस से नहीं बल्कि इंडियन स्टेट के साथ है. हिंदू शक्ति दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष सिमरन गुप्ता ने राहुल गांधी पर आरोप लगाया है कि उन्होंने 15 जनवरी को बयान दिया था कि उनकी लड़ाई बीजेपी और आरएसएस से नहीं, बल्कि इंडिया स्टेट से है. सिमरन गुप्ता ने इस बयान को भारतीयों की भावनाएं भड़काने वाला बताया और अधिकारियों से शिकायत की थी. अधिकारियों द्वारा कोई कार्रवाई न करने पर, सिमरन गुप्ता ने 23 जनवरी को संभल के चंदौसी जिला कोर्ट में मामला दर्ज कराया. एडीजे सेकंड कोर्ट ने राहुल गांधी को नोटिस भेजकर 4 अप्रैल को कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया है. राहुल गांधी का बयान संविधान के प्रति अनादर सिमरन गुप्ता का कहना है कि राहुल गांधी का बयान भारतीय संविधान के प्रति अनादर को दर्शाता है. साथ भारत की सम्प्रभुता, एकता और अखंडता के लिए भी खतरा है. सिमरन गुप्ता ने राहुल गांधी पर हिंदुओं के खिलाफ बयान देकर उनकी भावनाएं भड़काने का भी आरोप लगाया है. 4 अप्रैल को पेश होने का आदेश बता दें कि सिविल जज सीनियर डिवीजन विशेष न्यायाधीश (एमपी एमएलए कोर्ट) ने सिमरन गुप्ता के प्रार्थना पत्र को ख़ारिज कर दिया था. जिसके बाद सिमरन गुप्ता ने अपने वकील सचिन गोयल के माध्यम से जिला जज के न्यायालय में रिवीजन दायर किया. जिस पर एडीजे सेकेंड निर्भय नारायण राय की अदालत ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने को कहा है. recent visitors 41

लाफ्टर थेरेपी से मिलते हैं 8 जबरदस्त फायदे

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग तनाव और चिंता के शिकार होते जा रहे हैं। हंसना या खुश रहना किसी भी इंसान के हेल्‍थ के लिए किसी थेरेपी से कम नहीं है। फिर चाहे आप टीवी पर कार्टून को देख कर हंस रहे हों या न्यूज पेपर के जोक्‍स पढ़कर। हंसने से आपकाे कई तरह के फायदे  म‍िल सकते हैं। हंसने से आपका स्ट्रेस कम होता है। आपकी एक हंसी स्ट्रेस को दूर करने के साथ-साथ आपकी मांसपेशियों को 45 मिनट तक का आराम पहुंचाती हैं, जिससे आप रिलैक्स फील करते हैं। हंसने से शरीर में स्ट्रेस का हार्मोन  लेवल कम हो जाता है, जो शरीर में बने एंटीबॉडीज के लिए फायदेमंद है। हंसना दिल की सेहत को मजबूत बनाए रखने के साथ-साथ डिप्रेशन, एंग्‍जायटी जैसी मानसिक समस्याओं को दूर करता है। इससे हार्ट और कई अन्य बीमारियों का खतरा कम हो जाता है। कई र‍िसर्च में भी यह साबित हो चुका है कि जो लोग खुलकर हंसते हैं, वे अधिक खुशहाल और सेहतमंद रहते हैं। यही कारण है कि आजकल लाफ्टर थेरेपी को भी बहुत बढ़ावा दिया जा रहा है। इम्यून सिस्टम बनता है मजबूत आप जब खि‍लख‍िलाकर हंसते हैं तो इससे शरीर में एंडोर्फिन नाम का हार्मोन रिलीज होता है। ये स्ट्रेस को कम करने में मदद करता है। साथ ही इम्युनिटी बढ़ाने में भी सहायक होता है। इससे बीमारियों से लड़ने की ताकत बढ़ती है। ब्लड सर्कुलेशन में होता है सुधार कहते हैं हंसने से बड़ी से बड़ी बीमार‍ियां छूमंतर हो जाती हैं। अगर आप हंसते हैं तो इससे शरीर में ब्‍लड का सर्कुलेशन बेहतर तरीके से होता है। इससे द‍िल से जुड़ी बीमारी के खतरे को कम क‍िया जा सकता है। मूड बेहतर बनाता है हंसी शरीर में सेरोटोनिन हार्मोन के लेवल को बढ़ाता है, जिससे हमारा मूड बेहतर बना रहता है और डिप्रेशन और एंजाइटी का खतरा कम होता है। कम होता है डिप्रेशन और एंग्‍जायटी हंसने से एडोर्फिन हार्मोन का उत्पादन होता है, जो स्ट्रेस, एंग्‍जायटी और डिप्रेशन को दूर करता है। हंसने से हमारा मानसिक स्वास्थ्य अच्छा रहता है, जिससे याददाश्त भी बढ़ती है। नींद से जुड़ी समस्या होती है दूर लाफ्टर थेरेपी से अनिंद्रा की समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है। एक अच्छी हंसी से आपके शरीर में मेलानिन हार्मोन का उत्पादन बढ़ता है, जो आपको अच्छी नींद लाने में मदद करता है। दर्द कम करने में मददगार लाफ्टर थेरेपी के जरिए शरीर में नेचुरल पेनकिलर हार्मोन रिलीज होते हैं, जिससे सिरदर्द, माइग्रेन और जोड़ों के दर्द में आराम मिलता है। डायबिटीज का खतरा करे कम आपको बता दें क‍ि हंसने से हाई ब्लड शुगर के लेवल काे कंट्रोल क‍िया जा सकता है। इससे डायबिटीज का खतरा भी कम होता है। साथ ही आप अंदर से खुश रहने लगते हैं। याददाश्त करे तेज हंसने से दिमाग में ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ जाती है, जिससे याददाश्त बेहतर होती है और दिमागी थकान भी दूर होती है। ये आपकी बॉडी को र‍िचार्ज कर देता है। क्या है लाफ्टर थेरेपी? लाफ्टर थेरेपी एक प्राकृतिक उपचार पद्धति है, जिसमें हंसने को एक एक्सरसाइज की तरह अपनाया जाता है। यह थेरेपी खासतौर पर तनाव, चिंता, डिप्रेशन और अन्य मानसिक समस्याओं से राहत दिलाने के लिए की जाती है। कैसे अपनाएं हंसने की आदत     रोजाना कॉमेडी फिल्में या मजेदार वीडियो देखें।     लाइफ की छोटी-छाेटी चीजों को एंजॉय करें।     परिवार और दोस्तों के साथ अधिक समय बिताएं और खुलकर हंसें।     लाफ्टर योगा क्लब या ग्रुप जॉइन करें।   recent visitors 43

दिल्ली के पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया को पंजाब का प्रभारी नियुक्त किया गया

 नई दिल्ली आम आदमी पार्टी (AAP) की दिल्ली विधानसभा चुनाव में हार के बाद पार्टी नेतृत्व बड़ा परिवर्तन हुआ है. दिल्ली के पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया को पंजाब का प्रभारी नियुक्त किया गया है. वहीं, सत्येंद्र जैन को पंजाब का सह-प्रभारी बनाया गया है. इसके अलावा, सौरभ भारद्वाज को दिल्ली AAP संयोजक नियुक्त किया गया है. भारद्वाज ने गोपाल राय की जगह ली है. आम आदमी पार्टी के सांसद राघव चड्ढा और संजय सिंह पार्टी की राजनीतिक मामलों की समिति की बैठक के लिए पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के आवास पर पहुंचे हैं. दिल्ली में AAP की हार के बाद आतिशी राजधानी में मुख्य जिम्मेदारी सौंपी जा रही है. बतौर नेता विपक्ष आतिशी बीजेपी के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार का मुकाबला करने के लिए राजनीतिक रणनीति तय करेंगी. विधानसभा चुनाव और दिल्ली सरकार पर होने वाले बड़े राजनीतिक हमलों की रणनीति आतिशी ही बनाएंगी. बड़े फैसलों में वो शीर्ष नेतृत्व की सहमति लेंगी. हालांकि, दिल्ली यूनिट का संगठनात्मक कार्य, पार्टी का विस्तार और फेरबदल का काम प्रदेश संयोजक गोपाल राय के अधीन रहेगा. वहीं, दिल्ली इकाई संगठन के काम प्रदेश संयोजक गोपाल राय के अधीन रहेंगे। पार्टी की मजबूती से लेकर विस्तार और फेरबदल तक सभी काम गोपाल राय ही संभालेंगे। पीएसी की मंजूरी के बाद आने वाले महीने में दिल्ली प्रदेश इकाई में बड़े स्तर पर फेरबदल देखने को मिलेगा। सूत्रों के अनुसार, ‘आप’ अपने शीर्ष नेतृत्व को तीन प्रमुख राज्यों – पंजाब, गुजरात और गोवा में तैनात करेगी, जहां पार्टी मजबूत स्थिति में है। दिल्ली के पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया और दिल्ली के पूर्व हेल्थ मिनिस्टर सत्येंद्र जैन पंजाब में ‘आप’ का काम देखेंगे। वे न सिर्फ संगठनात्मक कामों को संभालेंगे बल्कि केंद्रीय नेतृत्व द्वारा तय लक्ष्यों को लागू करने में प्रदेश संयोजक और पदाधिकारियों की मदद करेंगे। इसके साथ ही सिसोदिया ‘आप’ के वादों और पंजाब सरकार द्वारा मुख्य एजेंडों के लागू करने पर भी नजर रखेंगे। प्रभारी के तौर पर वे ‘आप’ हाईकमान और पंजाब इकाई के बीच पुल का काम करेंगे। सूत्रों ने कहा कि सिसोदिया और जैन दोनों आने वाले महीनों में पंजाब में अधिक सक्रिय नजर आएंगे। इसका मकसद संगठनात्मक कार्यों से लेकर भगवंत मान सरकार की स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में सुधार के साथ ‘पंजाब मॉडल’ बनाने में मदद करना है। ‘आप’ के लिए गुजरात भी एक और महत्वपूर्ण चुनावी रण का मैदान बना हुआ है। 2022 में पंजाब जीतने के बाद ‘आप’ ने भाजपा के इस ‘अभेद्य’ किले को भेदने की कोशिश की थी। दिल्ली में ‘आप’ के लिए कानूनी मुश्किलें पैदा होने के बावजूद गुजरात में अरविंद केजरीवाल की पार्टी ने भगवा गढ़ में पहली बार लड़े गए विधानसभा चुनाव में 5 सीटें जीती थीं। 'आप' को यहां लगभग 14 प्रतिशत वोट मिले थे। सूत्रों ने बताया कि गुजरात में बड़े पैमाने पर संगठनात्मक विस्तार के सूत्रधार संदीप पाठक फिलहाल राज्य से दूर ही रहेंगे। इसलिए, गोपाल राय और दुर्गेश पाठक को गुजरात मामलों को संभालने की जिम्मेदारी दी गई है। गोवा में ‘आप’ के दो विधायक हैं। वह लगातार 6-7 प्रतिशत वोट शेयर पर बरकार रखे हुए है। सूत्रों से पता चलता है कि सौरभ भारद्वाज को गोवा पर ध्यान केंद्रित करने का संकेत दिया गया था। हालांकि, दुर्गेश पाठक अभी गोवा के मामलों को अपने नियंत्रण में रख सकते हैं। 'आप' मुख्य विपक्षी दल के रूप में कांग्रेस की जगह लेने की कोशिश करेगी।   recent visitors 58

कियारा आडवाणी बनीं सबसे ज्यादा फीस लेने वाली अभिनेत्री, ‘टॉक्सिक’ के लिए मिली 15 करोड़ की फीस

मुंबई,  बॉलीवुड अभिनेत्री कियारा आडवाणी ने खुद को भारतीय फिल्म इंडस्ट्री की सबसे ज्यादा मांग वाली अभिनेत्रियों में शामिल कर लिया है। कियारा अपनी आने वाली फिल्म 'टॉक्सिक' के साथ, भारतीय सिनेमा की सबसे अधिक फीस लेने वाली अभिनेत्री बन गई हैं। कहा जा रहा है कि उन्हें इस फिल्म के लिए 15 करोड़ की फीस मिली है। यह उनकी करियर की एक बड़ी उपलब्धि है, जो न सिर्फ उनकी बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाती है, बल्कि उन्हें देश के टॉप-एक्टर्स की एलीट लीग में भी शामिल कर देती है। कियारा की लगातार बॉक्स ऑफिस पर सफलता और बढ़ते फैनबेस ने उन्हें इंडस्ट्री में अलग मुकाम दिलाया है। अब वह 15 करोड़ की फीस के साथ सबसे अधिक भुगतान पाने वाली अभिनेत्री बन गई हैं, जिससे वह प्रियंका चोपड़ा और दीपिका पादुकोण जैसी सुपरस्टार्स की बराबरी कर रही हैं। यह उपलब्धि कियारा को दीपिका पादुकोण और प्रियंका चोपड़ा जैसी बॉलीवुड की दिग्गज अभिनेत्रियों की श्रेणी में ला खड़ा करती है, जो अपनी दमदार भूमिकाओं और पैन-इंडिया प्रोजेक्ट्स के लिए जानी जाती हैं। इस खास क्लब में शामिल होना कियारा की तेजी से बढ़ती लोकप्रियता और उनकी हाई-एंड फीस की मांग को दर्शाता है। जैसे-जैसे फिल्म'टॉक्सिक' अपनी रिलीज़ की ओर बढ़ रही है, सभी की निगाहें कियारा आडवाणी पर टिकी हैं, न सिर्फ उनकी परफॉर्मेंस के लिए बल्कि इंडस्ट्री में उनके नए कीर्तिमान के लिए भी। उनकी यह सफलता नए कलाकारों के लिए प्रेरणा है, यह साबित करते हुए कि टैलेंट और मेहनत की बदौलत कोई भी सीमाएं तोड़ सकता है और नए आयाम स्थापित कर सकता है।   recent visitors 40

इन कमियों को दूर कर के पर्सनैलिटी को करें इम्प्रूव

सक्सेज होना तो सभी चाहते हैं लेकिन इसके लिए जरूरी है सही दिशा में कदम बढ़ाना। लगातार मेहनत और बार-बार प्रयास। लेकिन कड़ी मेहनत और बार-बार प्रयास कहां किए जाएं ये भी पता होना जरूरी है। कुछ लोग इसलिए सफल नहीं हो पाते क्योंकि उनके व्यक्तित्व में कमी होती है। अगर आप के अंदर ये कमियां हैं तो इन्हें दूर कर अपनी पर्सनैलिटी को और भी ज्यादा निखारा जा सकता है। साथ ही लाइफ में सफलता हासिल करने में भी मदद मिलेगी। अच्छा श्रोता बनना है जरूरी हमेशा अपनी बात रखने के साथ दूसरों की बातें सुनना भी जरूरी होता है। कई बार हम लोगों को ध्यान से ना सुनकर लाइफ के जरूरी लेसन मिस कर देते हैं। इसलिए हमेशा धैर्य से सुनने की कोशिश करें। किताबें पढ़ें और इंटरेस्ट बढ़ाएं किताबें पढ़ने से केवल नया ज्ञान ही नही मिलता बल्कि ये आपको नई चीजों को जानने समझने और उसमे इंटरेस्ट बढ़ाने में भी मदद करता है। इससे आपका नॉलेज बढ़ेगा और आपकी पर्सनैलिटी में चार चांद लगेंगे। नए लोगों से मिलें हमेशा नयी जगह जाने और नये लोगों से मिलने को लेकर खुद को रोकना नहीं चाहिए। जितना नये लोगों से मिलेंगे आपको अपने बारे में और भी ज्यादा समझ आएगी। नये लोगों से मिलते वक्त आपकी बॉडी लैंग्वेज, सुनने की क्षमता, समझने की क्षमता और आपकी नॉलेज का भी टेस्ट होता है। जो कि पर्सनैलिटी को निखारने में मदद करता है। दूसरों की इज्जत है जरूरी आपको भले ही लगे कि आपको बहुत सारी नॉलेज है लेकिन इसका मतलब नहीं कि आप दूसरों का सम्मान ना करें। या उनके ज्ञान को कम समझें। खुद बातों, विचारों पर टिके रहना और दूसरों को सम्मान देना आपकी पर्सनैलिटी को और भी निखारेगा। दूसरों को सपोर्ट करें जब भी आप लो फील करते हैं तो किसी ना किसी की मदद चाहते हैं। उसी तरह से हमेशा दूसरों को सपोर्ट करने और इनकरेज करने का काम करें। recent visitors 41