Sunday, July 5, 2026 5:15 am

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने केंद्रीय मंत्री को पत्र लिखाकर रायपुर एयरपोर्ट को अंतर्राष्ट्रीय दर्जा दिलाने की मांग की

रायपुर रायपुर एयरपोर्ट को अंतर्राष्ट्रीय दर्जा दिलाने की मांग को लेकर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने केंद्रीय नागर विमानन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू को पत्र लिखा है. उन्होंने रायपुर को संयुक्त अरब अमीरात (UAE), थाईलैंड और वियतनाम जैसे देशों से जोड़ने के लिए आवश्यक कार्यवाही करने की अपील की है. सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने पत्र में लिखा कि 26 दिसंबर को हुई एयरपोर्ट एडवाइजरी कमेटी की बैठक के बाद, हमने रायपुर हवाई अड्डे को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), थाईलैंड और वियतनाम जैसे देशों से जोड़ने के लिए विभिन्न अंतर्राष्ट्रीय एयरलाइंस से संपर्क किया है. इस दौरान यह जानकारी सामने आई कि भारत और यूएई के बीच 2014 में हुए द्विपक्षीय समझौते के अनुसार, वर्तमान में केवल 15 भारतीय शहरों से ही यूएई के लिए सीधी उड़ानों की अनुमति है, जिसमें 66,000 सीटों का आदान-प्रदान हो रहा है. उन्होंने बताया कि यूएई के राजदूत से हुई चर्चा में यह सुझाव सामने आया है कि इस समझौते का पुनरीक्षण करते हुए, 15 के स्थान पर 30 भारतीय हवाई अड्डों को यूएई से जोड़ने का प्रावधान किया जाए. इस विषय को पूर्व में भी कई सांसदों द्वारा उठाया गया है, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है. बृजमोहन अग्रवाल ने केंद्रीय मंत्री से भारत और यूएई के बीच द्विपक्षीय समझौते का पुनरीक्षण किया जाए, ताकि रायपुर हवाई अड्डे को अंतर्राष्ट्रीय दर्जा प्रदान किया जा सके. यह कदम न केवल रायपुर बल्कि पूरे क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास में सहायक सिद्ध होगा. recent visitors 31

झांसी में पूर्व मंत्री की बहू की बेडरूम में हत्या की सनसनीखेज वारदात सामने आई

झांसी झांसी के लक्ष्मी गेट क्षेत्र में एक सनसनीखेज हत्याकांड सामने आया है, जहां पूर्व मंत्री रतनलाल अहिरवार की बहू संगीता अहिरवार की लाश उसके बेडरूम में मिली. घटना के अनुसार, संगीता ने अपने पति और ब्वॉयफ्रेंड के साथ बेडरूम में शराब पार्टी की थी, और इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद हुआ, जिसके बाद महिला की हत्या कर दी गई. रात को करीब 9 बजे संगीता का ब्वॉयफ्रेंड रोहित वाल्मीकि शराब लेकर घर आया. संगीता, रोहित और उसका पति रविंद्र अहिरवार बेडरूम में चले गए और दरवाजा बंद कर लिया. उनके तीन बच्चे, एंजल (12), अर्पिता (10) और अंश (5), को ऊपर के कमरे में भेज दिया गया. काफी देर तक शराब पार्टी चलने के बाद, एंजल ने बेडरूम से मारपीट की आवाज सुनी. महिला की चीखें सुनकर एंजल ने दरवाजे पर खटखटाया, और रोहित ने उसे 100 रुपए देकर बाहर भेज दिया. बाद में, एंजल ने किराएदार शकुंतला से मदद मांगी और पुलिस को सूचना दी. पुलिस ने दरवाजा तोड़ा, ब्वॉयफ्रेंड और पति हिरासत में जब पुलिस पहुंची, तो बेडरूम का दरवाजा अंदर से बंद था. पुलिस ने दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया और महिला की लाश को देखा. संगीता का ब्वॉयफ्रेंड रोहित महिला के शव के बगल में लेटा था, जबकि महिला का पति रविंद्र सोफे पर पड़ा था. पुलिस ने दोनों को हिरासत में ले लिया और थाने ले आई. महिला के चेहरे, गर्दन और शरीर पर चोट के निशान पाए गए. पुलिस जांच जारी एसपी सिटी ज्ञानेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि महिला की डेडबॉडी के पास शराब की तीन बोतलें बरामद हुई हैं. पुलिस ने फील्ड यूनिट को घटनास्थल से सबूत जुटाने के लिए भेजा है. महिला की मौत का कारण पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगा. फिलहाल, पुलिस मामले की जांच कर रही है और दोनों संदिग्धों से पूछताछ कर रही है.   recent visitors 27

एसीएस श्रीमती शमी ने उपभोक्ताओं को प्रदत्त अधिकारों के बारे में भी जानकारी दी

स्वयं के साथ समाज के अन्य लोगों को भी करें जागरूक : एसीएस श्रीमती शमी श्रीमती शमी ने कहा कि वर्तमान में अधिकांश खरीदी ई-प्लेटफार्म के माध्यम से की जा रही एसीएस श्रीमती शमी  ने उपभोक्ताओं को प्रदत्त अधिकारों के बारे में भी जानकारी दी  विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस कार्यक्रम आयोजित भोपाल हम सभी किसी न किसी रूप में उपभोक्ता हैं, लेकिन हमें अधिकारों की जानकारी नहीं है। स्वयं के साथ समाज के अन्य लोगों को भी जागरूक करना हमारी जिम्मेदारी है। अपर मुख्य सचिव खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण श्रीमती रश्मि अरूण शमी ने यह बात विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस के भोपाल में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में कही। श्रीमती शमी ने कहा कि वर्तमान में अधिकांश खरीदी ई-प्लेटफार्म के माध्यम से की जा रही हैं। इसमें गुणवत्तायुक्त सामग्री नहीं मिलने पर क्या कार्यवाही की जा सकती है, इसकी जानकारी होना चाहिए। जिला उपभोक्ता संरक्षण अदालतों में 50 लाख रूपये तक, राज्य उपभोक्ता संरक्षण आयोग में 50 लाख रूपये से 2 करोड़ रूपये तक और राष्ट्रीय उपभोक्ता संरक्षण आयोग में इससे अधिक राशि के प्रकरणों की सुनवाई की जाती है। उपभोक्ता निर्णय से असंतुष्ट होने पर 45 दिन में अगले स्तर पर अपील कर सकते हैं। उन्होंने सामाजिक संगठनों से आग्रह किया कि उपभोक्ताओं को सतत् जागरूक करते रहें। मध्यप्रदेश राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष व्ही.के. मल्होत्रा ने कहा कि उपभोक्ताओं की जागरूकता और योजनाओं का क्रियान्वयन करने वालों की संवेदनशीलता बहुत जरूरी है। रजिस्ट्रार मध्यप्रदेश उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग शोभित जैन ने कहा कि इस तरह की कार्यशालाएं संभाग और जिला स्तर पर भी आयोजित कर उपभोक्ताओं को जागरूक किया जाये। उन्होंने सस्टेनेबल फ्यूचर और ग्रीन फुट-प्रिंट के बारे में भी उपभोक्ताओं को जागरूक करने पर जोर दिया। आयुक्त खाद्य कर्मवीर शर्मा ने उपभोक्ता अदालतों में ऑनलाइन सुनवाई की भी व्यवस्था की गई है। इससे उपभोक्ता घर से ही सुनवाई में शामिल हो सकते हैं। उन्होंने उपभोक्ताओं को प्रदत्त अधिकारों के बारे में भी जानकारी दी। अतिथियों ने उपभोक्ता जागरूकता के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाली संस्था जागरूक उपभोक्ता समिति इंदौर को एक लाख 11 हजार रूपये का प्रथम पुरस्कार और अखिल भारतीय उत्थान संगठन सतना को 51 हजार रूपये का द्वितीय पुरस्कार दिया। उपभोक्ता अधिकार विषय पर राज्य स्तरीय निंबध प्रतियोगिता के विजेता छात्र शा.उ.म. विद्यालय विरसा जिला बालाघाट के धारेन्द्र मरावी को 6 हजार रूपये का प्रथम, शा.मा. विद्यालय क्रमांक-19 नया बसेरा के पवन ताकतोड़े को 4 हजार रूपये का द्वितीय और क्रिस्टिना कॉन्वेंट हायर सेकेण्डरी स्कूल महूगांव जिला इंदौर की सुहीरल दसोंधी को 2 हजार रूपये का तृतीय पुरस्कार और प्रशस्ति-पत्र दिया गया। इसी तरह पोस्टर प्रतियोगिता के विजेता छात्र इंदौर के शा.प्रा.वि. 19 नया बसेरा जिला इंदौर की कुमारी पूनम बोदड़े को 6 हजार रूपये का प्रथम, शा.उ.मा.वि. बिरसा जिला बालाघाट की कुमारी झरना रहांगडाले को 4 हजार रूपये का द्वितीय और पीएमशा.क.उ.मा.वि. बैहर जिला बालाघाट की कुमारी सेजल टेकाम को 2 हजार रूपये का तृतीय पुरस्कार दिया गया। इस अवसर पर विभिन्न विभागों द्वारा उपभोक्ता जागरूकता संबंधी लगाई गई प्रदर्शनी का अतिथियों ने अवलोकन किया। उन्होंने नाप-तौल विभाग की प्रदर्शनी को प्रथम, वेयर हाउसिंग की प्रदर्शनी को द्वितीय और खाद्य एवं औषधि प्रशासन की प्रदर्शनी को तृतीय पुरस्कार प्रदान किया।   recent visitors 37

Delhi High Court के जज का आग ने खोला ‘राज’, बंगले में मिला कैश का भंडार; कॉलेजियम ने कहा न्यायपालिका पर…

नई दिल्ली दिल्ली हाईकोर्ट के एक जज के आवासीय बंगले में आग लगने की घटना ने न्यायिक क्षेत्र में हलचल मचा दी है. इस आगजनी के दौरान जज के घर से बड़ी मात्रा में नकद राशि बरामद की गई. सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने जस्टिस यशवंत वर्मा के तबादले की सिफारिश की है. चीफ जस्टिस संजीव खन्ना की अध्यक्षता में तीन वरिष्ठ जजों के कॉलेजियम ने जस्टिस वर्मा को उनके मूल इलाहाबाद हाईकोर्ट, वापस भेजने की सिफारिश की है. सूत्रों के अनुसार, जब आग बुझाने वाली टीम वहां पहुंची, तो उन्हें जज के सरकारी बंगले में भारी मात्रा में नकद राशि मिली. मामले से संबंधित जानकारी के अनुसार, हाल ही में जस्टिस यशवंत वर्मा के निवास पर आग लग गई थी, जबकि उस समय जज घर पर उपस्थित नहीं थे. उनके परिवार ने फायर ब्रिगेड और पुलिस को सूचित किया. आग बुझाने के बाद, जब नुकसान का आकलन किया गया, तो कर्मचारियों को एक कमरे में बड़ी मात्रा में नकद मिला. यह सूचना पुलिस के उच्च अधिकारियों तक पहुंची, जिन्होंने इसे केंद्रीय गृह मंत्रालय को भी बताया. इस मामले की जानकारी मिलने के बाद, CJI संजीव खन्ना की अध्यक्षता में सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने जस्टिस वर्मा को पुनः इलाहाबाद हाईकोर्ट में स्थानांतरित करने का निर्णय लिया है. इलाहाबाद हाई कोर्ट वापस जाएंगे सूत्रों के अनुसार, जब आग लगी, तब जस्टिस वर्मा शहर में उपस्थित नहीं थे. उनके परिवार के सदस्यों ने फायर ब्रिगेड और पुलिस को सूचित किया. आग बुझाने के बाद, दमकल कर्मियों ने बंगले के कमरों में बड़ी मात्रा में नकदी पाई. इसके बाद, रिकॉर्ड बुक में बेहिसाब नकदी के मिलने का आधिकारिक विवरण दर्ज किया गया. CJI को इस घटना की जानकारी दी गई, जिसके बाद कॉलेजियम की बैठक में सबसे पहले उन्हें इलाहाबाद भेजने की सिफारिश की गई. इमरजेंसी में हुई मीटिंग सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के स्थानांतरण की सिफारिश के लिए एक आपात बैठक आयोजित की, जिसमें इस संबंध में सिफारिश की गई. जानकारी के अनुसार, न्यायाधीश के खिलाफ रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद गुरुवार को यह आपात बैठक बुलाई गई. इसके साथ ही, इन-हाउस जांच पर भी चर्चा की जा रही है, लेकिन अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है. सूत्रों का कहना है कि स्थानांतरण से संबंधित प्रस्ताव को जानबूझकर सार्वजनिक नहीं किया गया है. ट्रांसफर के अलावा होगी जांच जस्टिस यशवंत वर्मा को अक्टूबर 2021 में इलाहाबाद उच्च न्यायालय से दिल्ली उच्च न्यायालय में स्थानांतरित किया गया था. अब उनके खिलाफ जांच और महाभियोग की प्रक्रिया शुरू करने की बात उठ रही है, साथ ही उन्हें वापस भेजने की सिफारिश भी की जा रही है. सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम के कुछ सदस्यों ने इस स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि यदि जस्टिस वर्मा का केवल स्थानांतरण किया जाता है, तो इससे न्यायपालिका की प्रतिष्ठा पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा. क्या जस्टिस वर्मा का होगा इस्तीफा? देश में न्याय व्यवस्था पर जनता का विश्वास कमजोर हो सकता है. कॉलेजियम के कुछ सदस्यों ने सुझाव दिया है कि जस्टिस वर्मा से इस्तीफा मांगा जाना चाहिए. यदि वे ऐसा करने से इनकार करते हैं, तो संसद में उन्हें हटाने के लिए महाभियोग की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है. इसके अलावा, यदि आवश्यक समझा जाए, तो उनके खिलाफ आंतरिक जांच भी की जा सकती है, जो एक सुप्रीम कोर्ट के जज और दो अलग-अलग हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस की समिति द्वारा की जाती है. यदि जांच में जज दोषी पाए जाते हैं, तो रिपोर्ट संसद को आगे की कार्रवाई के लिए भेजी जाती है, जहां जज को हटाने के प्रस्ताव पर चर्चा और मतदान होता है. जस्टिस यशवंत वर्मा 2014 में इलाहाबाद हाई कोर्ट के जज बने और 2021 में उनका ट्रांसफर दिल्ली हाई कोर्ट में हुआ. वर्तमान में, वह दिल्ली हाई कोर्ट के जजों में वरिष्ठता के क्रम में तीसरे स्थान पर हैं. संविधान के अनुसार, किसी भी उच्च न्यायालय या सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के खिलाफ भ्रष्टाचार, अनियमितता या कदाचार के आरोपों की जांच के लिए 1999 में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा एक आंतरिक प्रक्रिया विकसित की गई थी. इस प्रक्रिया में, मुख्य न्यायाधीश पहले संबंधित न्यायाधीश से स्पष्टीकरण मांगते हैं. यदि उत्तर संतोषजनक नहीं होता या मामले की गहन जांच की आवश्यकता होती है, तो मुख्य न्यायाधीश एक सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश और दो उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीशों की एक आंतरिक समिति का गठन करते हैं. इसके बाद, जांच के परिणामों के आधार पर या तो न्यायाधीश का इस्तीफा लिया जाता है या महाभियोग की प्रक्रिया शुरू की जाती है. recent visitors 41

इंदौर में भूजल स्तर गिरने पर नलकूप खनन पर रोक, 15 जून तक लगा प्रतिबंध, जल संरक्षण पर जोर

इंदौर  शहरी क्षेत्र व इंदौर जिले के अधिकांश हिस्सों में भूजल स्तर में गिरावट को देखते हुए कलेक्टर आशीष सिंह ने इंदौर जिले को जल अभावग्रस्त क्षेत्र घोषित कर नलकूप खनन पर रोक लगा दी है।मध्य प्रदेश पेयजल परिरक्षण अधिनियम तथा संशोधन अधिनियम के प्रावधानों के तहत यह आदेश जारी कर इंदौर शहर सहित पूरे जिले में अशासकीय व निजी नलकूप खनन करने पर प्रतिबंध लगाया गया है। यह आदेश 20 मार्च से 15 जून तक की अवधि के लिए प्रभावशील रहेगा। प्रतिबंध की स्थिति में जो बोरिंग मशीन जिले में प्रवेश करेगी अथवा नलकूप खनन या बोरिंग का प्रयास करेगी, उसे जब्त कर संबंधित पुलिस थाना क्षेत्र में एफआईआर दर्ज कराने का अधिकार संबंधित राजस्व, पुलिस एवं नगर निगम के अधिकारियों को होगा। सभी अपर कलेक्टर को अपने क्षेत्र के अंतर्गत अपरिहार्य प्रकरणों में निगम सीमा क्षेत्रों में, कार्यपालन यंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी नगर निगम एवं ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यपालन यंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ग्रामीण द्वारा प्रदत जांच प्रतिवेदन के आधार पर केवल रजिस्टर्ड एजेंसियों द्वारा नए नलकूप खनन के लिए निर्धारित शर्तों के अधीन अनुज्ञा देने हेतु प्राधिकृत किया गया है। सरकारी योजनाओं पर नहीं लागू होगा यह आदेश इस अधिसूचना का उल्लंघन करने पर कार्रवाई की जाएगी। शासकीय योजनाओं के अंतर्गत किए जाने वाले नलकूप उत्खनन पर यह आदेश लागू नहीं होगा। निजी नलकूप एवं अन्य विद्यमान निजी जल स्रोतों का आवश्यकता होने पर सार्वजनिक पेयजल व्यवस्था के लिए अधिनियम की धारा-4 के अंतर्गत अधिग्रहण भी किया जा सकेगा। recent visitors 22

हाईवे के 20 से अधिक गांव में पहुंची हाईवे चौकी की ट्रैफिक चौपाल,पढ़ाया गया ट्रैफिक नियमों का पाठ

हाईवे के 20 से अधिक गांव में पहुंची हाईवे चौकी की  ट्रैफिक चौपाल,पढ़ाया गया ट्रैफिक नियमों का पाठ पुलिस अधीक्षक अनूपपुर द्वारा सड़क दुर्घटनाओं को रोकने की अनोखी पहल, ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिदिन पहुँच रही हाईवे ट्रैफिक टीम अनूपपुर   पुलिस अधीक्षक अनूपपुर द्वारा सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए अनेक प्रयास किए जा रहे है । इसी उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर यातायात हाईवे चौकी टीम द्वारा प्रतिदिन किसी ना किसी गांव में “ट्रैफिक चौपाल”लगाकर ग्रामीण क्षेत्र के आमजन को ट्रैफिक नियामों का पाठ पढ़ाया जा रहा है । हाईवे चौकी टीम अभी तक कोलमी ,रक्सा ,पाली ,बनगवां , पाली ,दैखल, पयारी ,कदम टोला जैसे 20 से अधिक गांव में पहुँच चुकी है । ग्रामीण क्षेत्रों में ट्रैफिक चौपाल लगाकर यातायात नियमों की जानकारी के साथ साथ हाईवे चौकी टीम द्वारा सभी गांव में संपर्क स्थापित भी किया जा रहा  है जिसका उद्देश्य सड़क दुर्घटना के दौरान आस पास के ग्रामीण क्षेत्र से “तत्काल सहायता प्राप्त करना” भी है ।पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर हाईवे चौकी की “ट्रैफिक चौपाल” कोतवाली,फुनगा ,भालूमाड़ा ,बिजुरी,कोतमा एवं रामनगर एवं हाईवे से लगे  समस्त ग्रामीण क्षेत्र में लगायी जाएगी । recent visitors 39

फ्लाइट से लखनऊ आ रहे शख्स की हुई मौत, मची अफरा-तफरी

लखनऊ बीते 19 मार्च को चौधरी चरण सिंह इंटरनेशनल एयरपोर्ट यानी लखनऊ एयरपोर्ट पर एक महिला यात्री की मौत हो गई थी, जिसके बाद एयरपोर्ट की आपातकालीन व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े होना शुरू हो गए थे। इसी बीच शुक्रवार सुबह लखनऊ एयरपोर्ट पर एक और यात्री की मौत से हड़कंप मच गया। बताया जाता है कि फ्लाइट लैंड होने के बाद जब यात्री अपनी सीट से नहीं उठा तो लोगों को शक हुआ, उसके बाद ही यात्री की मौत का पता चल सका। मौके पर पहुंची पुलिस टीम और एयरपोर्ट प्रशासन इस मामले की जांच कर मरस्तक की मेडिकल रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है। दिल्ली से लखनऊ आ रहा था यात्री, सुबह सवा 8 बजे लैंड हुई फ्लाइट मिली जानकारी के अनुसार, बिहार स्थित गोपालगंज के रहने वाले आसिफ उल्लाह अंसारी दिल्ली से एयर इंडिया की फ्लाइट AI-4825 से लखनऊ आ रहे थे। ये फ्लाइट शुक्रवार सुबह करीब सवा 8 बजे लखनऊ एयरपोर्ट पर लैंड हुई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि लखनऊ एयरपोर्ट पर फ्लाइट लैंड होने के बाद यात्री आसिफ ने न तो अपनी सीटबेल्ट खोली और न ही सीट के सामने रखी अपनी खाने की प्लेट को हाथ लगाया, जिसके बाद लोगों को शक हुआ। फ्लाइट अटेंडेंट के पहुंचने पर नहीं दी कोई प्रतिक्रिया, डॉक्टरों ने की जांच प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आसिफ ने सीट पर बैठे हुए पानी पिया था, जिसके बाद वे अचेत हो गए थे। सीट बेल्ट न खोलने पर जब लोगों को शक हुआ तो उन्होंने इसकी जानकारी फ्लाइट अटेंडेंट को दी। इसी बीच फ्लाइट अटेंडेंट आसिफ की सीट के पास रखी उनकी प्लेट और पेय पदार्थ साफ करने पहुंची। अटेंडेंट ने अचेत अवस्था में बैठे आसिफ से बात करने की कोशिश की लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया, जिसके बाद इसकी जानकारी एयरपोर्ट पर तैनात डॉक्टरों की दी। मौके पर पहुंचे डॉक्टरों ने जांच की तो पता चला कि यात्री आसिफ की सांसें नहीं चल रही हैं और उनकी मौत हो गयी है।जिसके बाद अब एयरपोर्ट प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां आसिफ की मौत के मामले में जांच में जुटी हुई है। recent visitors 36