Saturday, July 4, 2026 7:07 pm

निमोनिया भी एक गंभीर बीमारी बन कर सामने आ रही, लक्षणों को न करें नजरअंदाज, जा सकती है जान

नई दिल्ली आजकल के बदलते मौसम और खराब जीवनशैली के कारण स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं बढ़ती जा रही हैं। इन समस्याओं में निमोनिया भी एक गंभीर बीमारी बन कर सामने आ रही है। यह बीमारी फेफड़ों में संक्रमण के कारण होती है और अगर समय रहते इसका इलाज न किया जाए तो यह जीवन के लिए खतरे की वजह बन सकती है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों में यह बीमारी ज्यादा देखी जा रही है। हालांकि, निमोनिया किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकता है। अगर आप भी अपने शरीर में निमोनिया के लक्षण महसूस कर रहे हैं तो उसे नजरअंदाज करना आपकी सेहत के लिए घातक हो सकता है, यहां तक की जान भी जा सकती है। तो चलिए जानते हैं निमोनिया के लक्षण और इलाज के बारे में। निमोनिया क्या है? निमोनिया एक फेफड़ों में होने वाला संक्रमण है, जिसे बैक्टीरिया, वायरस या फंगस की वजह से हो सकता है। यह संक्रमण हवा के जरिए फैल सकता है। जब कोई व्यक्ति खांसता या छींकता है, तो संक्रमित हवा के कण दूसरे व्यक्ति के शरीर में घुस सकते हैं। इसके अलावा निमोनिया से फेफड़े में सूजन आ जाती है, जिससे व्यक्ति को सांस लेने में दिक्कत होती है। यह बीमारी गंभीर हो सकती है और समय रहते इसका इलाज न किया जाए तो यह मौत का कारण बन सकती है। निमोनिया के प्रमुख लक्षण निमोनिया के लक्षण बहुत सामान्य होते हैं, जिनमें खांसी, बुखार, थकावट और शरीर में दर्द शामिल हैं। अगर आप भी इनमें से किसी भी लक्षण को महसूस कर रहे हैं तो बिना समय गंवाए डॉक्टर से संपर्क करना बेहद जरूरी है। खांसी और बुखार निमोनिया के सबसे आम लक्षण खांसी और बुखार होते हैं। अगर आपको लगातार खांसी आ रही है और बुखार भी बना हुआ है, तो यह निमोनिया का संकेत हो सकता है। सांस लेने में तकलीफ अगर आपको सांस लेने में दिक्कत महसूस हो रही है, या फिर सीने में दर्द हो रहा है तो यह भी निमोनिया के लक्षण हो सकते हैं। सिर में दर्द और मांसपेशियों में दर्द निमोनिया के साथ सिर में दर्द और मांसपेशियों में भी दर्द हो सकता है। यह लक्षण आमतौर पर फ्लू या सामान्य बुखार के दौरान होते हैं, लेकिन यदि ये लक्षण ज्यादा बढ़ जाएं तो इसे नजरअंदाज न करें। थकान और एनर्जी की कमी अगर आपको दिन भर बहुत ज्यादा थकान महसूस हो रही है और आपका शरीर पूरी तरह से कमजोर महसूस कर रहा है, तो यह निमोनिया के लक्षण हो सकते हैं। मतली और उल्टी निमोनिया के मरीजों में अक्सर मतली या उल्टी की समस्या भी हो सकती है। अगर आपको ये लक्षण बार-बार महसूस हो रहे हैं, तो यह गंभीर संकेत हो सकते हैं। निमोनिया का इलाज निमोनिया का इलाज समय पर होना बेहद जरूरी है। अगर इसके लक्षण समय रहते पहचान लिए जाएं तो इसका इलाज जल्दी हो सकता है। निमोनिया का इलाज मुख्यत: एंटीबायोटिक्स (बैक्टीरियल निमोनिया के लिए) या एंटीवायरल दवाओं से किया जाता है। इसके अलावा आराम और पर्याप्त पानी का सेवन भी इसे ठीक करने में मदद करता है। इसके इलाज के लिए डॉक्टर से संपर्क करना महत्वपूर्ण है। क्यों नहीं करना चाहिए लक्षणों को नजरअंदाज? निमोनिया के लक्षणों को नजरअंदाज करना बेहद खतरनाक हो सकता है। अगर इसे सही समय पर न पहचाना जाए, तो यह व्यक्ति के शरीर के बाकी हिस्सों पर भी असर डाल सकता है। निमोनिया फेफड़ों को संक्रमित करता है, जिससे शरीर में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है। यह स्थिति मौत का कारण भी बन सकती है। इसीलिए अगर निमोनिया के किसी भी लक्षण का अनुभव हो तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।   recent visitors 47

सूरजपुर : कुड़े से मिला स्वयं सहायता समूहों को रोजगार

सूरजपुर स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अभिसरण से बने सेग्रीगेशन शेड ने सूरजपुर जिले के जनपद पंचायत भैयाथान के ग्राम तेलगांव जहां पहले कचरे का ढेर  हुआ करता था। जिसे वहा के स्वच्छता दीदियों के द्वारा कचरे का निस्तारण कर गांव की सड़कों एवं गलियों और चौंक-चौराहों को स्वच्छ रखने में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। खुले में शौचमुक्त गांव बनने के वाद अब तेलगांव प्लास्टिक एवं कूड़ा-करकट मुक्त ग्राम पंचायत भी बन गया है। सड़कों एवं गलियों और चौक-चौराहों पर फेंके जाने वाले कचरे को वहां की स्वं सहायता समूह की महिलाओं ने अतिरिक्त कमाई का जरिया बनाया है। पिछले एक साल समूह के द्वारा कचरे के निस्तारण किया जा रहा है।कचरा संग्रहण तथा उसे अलग-अलग कर निस्तारित करने का काम इन महिलाओं के लिए सहज-सरल नहीं था। शुरुआत में जब वे रिक्शा लेकर कचरा संकलन के लिए घर-घर जाती थीं तो लोग उन्हें ऐसे देखते थे जैसे वह कोई खराब काम कर रही हो कचरा देने से ग्रामीण मना किया करते थे।  धीरे-धीरे समूह की महिलाओं का मनोबल स्वच्छ भारत मिशन की टीम द्वारा स्वच्छता दीदी को स्वच्छता के क्षेत्र में कार्य हेतु प्रोत्साहित किया गया उनके मनोबल को कमजोर होने नहीं दिया।       लोगों की हिकारत भरी नजरों के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और ग्राम पंचायत के सहयोग से इस काम को जारी रखा। इनके काम से गांव लगातार साफ-सुथरा होते गये, तब लोगों का नजरिया भी बदलने लगा। अब गांव वाले इन्हें सम्मान के साथ स्वच्छता दीदी कहकर पुकारते हैं।      तेलगांव के कुबेर महिला स्वयं सहायता समूह की महिलाएं सफाई मित्र के रूप में घर-घर जाकर कचरा संकलित करती हैं। सेग्रीगेशन शेड यानी ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन केन्द्र में वे संकलित कचरा में से उनकी प्रकृति के हिसाब से उन्हें अलग-अलग करती हैं। और कचरे को बेचकर आय का साधन बना रही है। कुबेर महिला स्वयं सहायता समूह- जयकुमारी, प्रियंका, चांदनी, बाबी है। recent visitors 36

भालूमाड़ा पुलिस टीम द्वारा एनडीपीएस एक्ट के 3 साल से फरार आरोपी की गिरफ्तारी के संबंध में

अनूपपुर   श्रीमान् पुलिस अधीक्षक महोदय अनूपपुर श्री मोती-उर-रहमान के निर्देशन मे, श्रीमान् अति. पुलिस अधीक्षक महोदय श्री इसरार मन्सूरी तथा अनु.अधि. कोतमा (पुलिस) श्रीमती आरती शाक्य के मार्ग दर्शन में थाना भालूमाड़ा की टीम द्वारा मुखबिर की सूचना पर दिनांक 08/05/2022 को शिवलहरा घाट केवई नदी भालूमाडा में रेड कार्यवाही कर आरोपी मनोज अगरिया पिता मानसाय अगरिया निवासी ग्राम छिडमिडी के कब्जे से एक झोले में कुल 7 कि.ग्रा. मादक पदार्थ गांजा रखा पाये जाने से मादक पदार्थ गांजा एवं पल्सर मोटर सायकल को मौके से जप्त किया जाकर आरोपी मनोज अगरिया पिता मानसाय अगरिया निवासी छिडमिडी को गिरफ्तार किया गया था तथा अपराध क्र. 234/2022 धारा 8/20(B) एन डी पी एस एक्ट का कायम किया गया था आरोपी पहरु उर्फ सम्हारु पिता रामलाल यादव निवासी भाद का जो मौके जंगल झाडी का फायदा उठाकर फरार हो गया था जो लगातार फरारी काट रहा था जिसे आज दिनांक 20/03/2025 को अथक प्रयास के उपरांत लम्बे समय से फरार आरोपी पहरु उर्फ सम्हारु पिता रामलाल यादव निवासी भाद को ग्राम भाद से गिरफ्तार कर न्यायालय पेश किया गया है । नाम पता आरोपी – 01. पहरु उर्फ सम्हारु पिता रामलाल यादव उम्र 52 वर्ष निवासी भाद थाना भालूमाडा अहम भूमिका –  थाना प्रभारी भालूमाडा निरी संजय खलको  उप निरी0 जे.पी. लकड़ा,  उप निरी0 राघव बागरी आर. 295 भानू प्रताप सिंह आर. 217 प्रवीण भगत आर. 208 कृपाल सिंह, आर. 445 अभिषेक चौहान चालक आर. 365 दिनेश मुजालदे की रही । recent visitors 24

प्राइवेट क्लिनिक में आए दिन हो रही दुर्घटनाएं संज्ञान क्यु नहीं ले रही प्रशासन

सिगरौली कुडैनिया सेकेण्ड निवासी मनोज यादव पिता सुवन्सलाल यादव उम्र 48 वर्ष निवासी कुड़ेनिया द्वितीय दवा करने चितरंगी डाक्टर अजीत बैश्य के यहाँ मेटर साईकल चला कर आया और दवा के दौरान अजीत के मेडिकल मे ही मौत हो गई।घटना 14.00बजे की बताई जा रही है। मृत्यु होने के बाद डाक्टर अजीत बैश्य के द्वारा निजी वाहन से उठा कर सामुदायिक स्वाथ्य केंद्र चितरंगी लाकर बेड पर छोड़ कर डाक्टर से मिले जिसे डाक्टर भूपेंद्र सिंह के द्वारा मृत बताया गया। इसके बाद  मृतक के घर जाकर सूचना दिए तब परिजन थाना चितरंगी रिपोर्ट लिखाने गए जहाँ थाने मे पहले से रिपोर्ट लिखी गई थी परिजन परेशान होका जिला अस्पताल के लिए रवाना होने की तैयारी में जुटे। और बैढ़न जिला अस्पताल पहुंच गए हैं। घटना की सूचना पुलिस अधीक्षक सिंगरौली के देने की तैयारी में हैं।चितरंगी पुलिस रिपोर्ट दर्ज करने में कर रही हीला हवाली ऐसा लग रहा हैं जैसे किसी के दवाव में हैं।   recent visitors 24

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद रामनगर महाविद्यालय इकाई की कार्यकारिणी घोषित

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद रामनगर महाविद्यालय इकाई की कार्यकारिणी घोषित महाविद्यालय इकाई अध्यक्ष रतन सेन एवं विपिन सिंह इकाई मंत्री बने। सतना  रामनगर आज अभाविप, शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय इकाई रामनगर की सत्र 2024-25 की नवीन कार्यकारिणी की घोषणा की गई। जिसमें प्रमुख प्रांत कार्यकारिणी सदस्य अमर सिंह बघेल, अमरपाटन नगर मंत्री उत्कर्ष तिवारी, प्रमुख रुप से उपस्थित रहे। महाविद्यालय कार्यकारिणी में इकाई अध्यक्ष रतन सेन एवं महाविद्यालय इकाई विपिन सिंह, इकाई उपाध्यक्ष निखिल गुप्ता, नेहा मिश्रा, इकाई सहमंत्री किशन गुप्ता, अभिषेक गुप्ता, रिचा निगम, सीपाली यादव, SFD हरीशिका SFS प्रमुख हरिओम कलामंच प्रमुख प्राची पटेल, खेलों भारत प्रमुख वंशिका सिंह, NSS प्रमुख भावन तिवारी, कला संकाय प्रमुख राजेश सोंधीया वाणिज्य संकाय प्रमुख अनुष्का मिश्रा विज्ञान संकाय प्रमुख श्रृष्टि तिवारी, कार्यकारिणी सदस्य सानिया फारूखी, निपेन्द सिंह, अंकिता पटेल, घोषित हुए। recent visitors 28

जगदीश गुरूजी नहीं रहे, 76 वर्ष की उम्र में ली अंतिम साँस

बिलासपुर  तोरवा नाका निवासी जगदीश शर्मा का  शुक्रवार की सुबह निधन हो गया । वे 76 वर्ष के थे। वे कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे।वे शेखर शर्मा के पिता ,शशिकांत शर्मा के बड़े भाई और नितेश शर्मा के बड़े पिताजी थे । recent visitors 65

मुख्यमंत्री कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में दो दिवसीय नेशनल हैप्पीनेस सेमिनार में हुए शामिल

सबके जीवन में खुशहाली लाना ही हमारा मूल लक्ष्य: मुख्यमंत्री डॉ. यादव राज्य आनंद संस्थान एवं म.प्र. जन अभियान परिषद के बीच हुआ एम.ओ.यू. मुख्यमंत्री कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में दो दिवसीय नेशनल हैप्पीनेस सेमिनार में हुए शामिल मुख्यमंत्री ने सभी के जीवन में आनंद की कामना की भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सुख और दुःख मनुष्य के जीवन से उसी तरह जुड़े हैं, जैसे दिन के बाद रात। सुख-दुख जीवन के अभिन्न अंग हैं। लोक कल्याणकारी राज्य का प्रथम कर्तव्य है कि वह अपने नागरिकों के जीवन में खुशहाली लेकर आये। हमारी सरकार इसी दिशा में कार्य कर रही है। सबका कल्याण ही हमारा मूल लक्ष्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि त्याग, तप, साधना, बलिदान, असंचय, अपरिग्रह और निस्वार्थ सेवा भाव से मन की शांति ही सुख है। प्रकृति के सानिध्य में जब मन, परमात्मा के भावों में लीन हो जाता है, तब ही तादात्म्य ही सच्चा सुखानंद प्राप्त होता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरुवार को कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आनंद विभाग द्वारा आयोजित दो दिवसीय नेशनल हैप्पीनेस कार्यशाला को संबोधित करते हुए ये विचार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों के जीवन में सुख-समृद्धि लाने की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि प्रदेश के सभी नागरिकों के जीवन में उल्लास भरने के लिए हमारी सरकार जी-जान से जुटी है। कार्यक्रम में म.प्र. जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष (राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त) डॉ. मोहन नागर, रामकृष्ण मिशन, बेलूर मठ, कोलकाता से आए स्वामी समर्पणानन्द जी, पंजाब तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रजनीश अरोड़ा, आईआईएम इंदौर के पूर्व निदेशक डॉ. एन. रविचन्द्रन, प्रमुख सचिव, आनंद विभाग राघवेन्द्र कुमार सिंह, राज्य आनंद संस्थान के सीईओ आशीष कुमार गुप्ता सहित बड़ी संख्या में सुधिजन एवं आनंदक उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के हर नागरिक के जीवन में हर्ष, आनंद और खुशहाली लाना हमारी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार जनहितैषी योजनाओं के माध्यम से प्रदेश के हर वर्ग को लाभान्वित कर रही है। नागरिकों के जीवन में खुशहाली और संतोष ही हमारी सबसे बड़ी सफलता है। उन्होंने कहा कि कष्ट सहकर भी जीवन देने का सुख पाये, वो है माता और साधक बनकर भी जीवन का असीम सुख पाये वो है सन्यासी। कष्ट में भी सुख है, इसलिए जीवन का मर्म समझिए कि परमात्मा ने हम सबको आनंद में जीवन जीने के लिए इस धरा पर भेजा है, इसलिए जीवन को आनंदमय होकर ही जियें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे सकारात्मक दृष्टिकोण से सरकार के साथ मिलकर एक खुशहाल समाज के निर्माण में योगदान दें। आनंद विभाग के तत्वावधान में आयोजित इस दो दिवसीय नेशनल हैप्पीनेस सेमिनार का उद्देश्य आनंद के नए आयाम और नित नई परिस्थितियों में आनंद की खोज करना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के समक्ष राज्य आनंद संस्थान भोपाल एवं म.प्र. जन अभियान परिषद के बीच एम.ओ.यू (समझौता ज्ञापन) का आदान-प्रदान हुआ। यह समझौता ज्ञापन मात्र प्रपत्रों का आदान-प्रदान न होकर दो जमीन स्तर से प्रभावी संगठनों के समन्वय की महत्वाकांक्षी पहल है। यह समझौता दोनों विभागों के बीते एक वर्ष में कुल 24 हजार 310 और बीते तीन वर्षों में 72 हजार 390 लोगों के जीवन में स्वैच्छिकता और आनंद का कारक बना। स्वामी समर्पणानन्द जी ने कहा कि हम सभी को प्रकृति के प्रति और परमेश्वर के प्रति कृतज्ञ होना चाहिए। हम अपनी सांस्कृतिक परम्पराओं के संवाहक बनें और मनुष्य में निहित देव गुणों को उभारें। यह मानव जाति की सेवा के लिए हमें प्रेरित करेगा और जब आप सच्चे मन से किसी की सेवा करते हैं तो जो शांति मिलती है, वही आनंद है और वही जीवन का सार है। उन्होंने देश में आनंद विभाग स्थापित करने वाली मध्यप्रदेश सरकार की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को पंच महा-अमृत शीलों का पालन करना चाहिए, इससे जीवन में खुशहाली आएगी। प्रोफेसर रजनीश अरोड़ा ने कहा कि आनंद व्यक्ति के भीतर से आता है, पर इसका प्रभाव व्यक्ति के चरित्र से बाहर दिखाई देना चाहिए। व्यष्टि से समष्टि तक चारों ओर आनंद है, पर उस आनंद को हमें खोजना आना चाहिए। व्यक्ति अपने जीवन के सभी कार्य बखूबी निभाता है, तभी उसे जीवन का असली सुख प्राप्त होता है। डॉ. एन. रविचन्द्रन ने कहा कि समाज में परिवर्तन हो रहा है। सब अपने-अपने तरीकों से आनंद खोज रहे हैं। मन के संतोष से ही व्यक्ति को शांति और आनंद मिलता है। अपने काम, कर्तव्य और रिश्तों को ईमानदारी से निभाएं, यही सच्चा सुख है, यही आनंद है। कार्यक्रम के आरंभ में प्रमुख सचिव राघवेन्द्र कुमार सिंह ने दो दिवसीय नेशनल हैप्पीनेस सेमिनार के आयोजन की रूपरेखा और इसके उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इसके जरिए समाज के सभी वर्गों को जोड़ा गया है। विभाग विविध गतिविधियों से प्रदेश के नागरिकों के जीवन में खुशहाली लाने के लिए प्रयासरत हैं और प्रयास जारी रहेंगे। दो दिवसीय हैप्पीनेस सेमिनार में उपस्थित हुए समाजसेवी और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े विशेषज्ञ ने नागरिकों के जीवन में सुख और आनंद बढ़ाने के उपायों एवं नवाचारों पर विस्तार से चर्चा की।   recent visitors 104