Saturday, July 4, 2026 5:46 pm

राज्यपाल श्री डेका से कर्नल सोबती ने सौजन्य भेंट की

रायपुर राज्यपाल श्री रमेन डेका से आज राजभवन में अम्बिकापुर सैनिक स्कूल की प्राचार्य कर्नल रीमा सोबती ने सौजन्य भेंट की। प्राचार्य ने सैनिक स्कूल अंबिकापुर में संचालित गतिविधियों की जानकारी दी। recent visitors 28

मुख्यमंत्री डॉ. यादव मालनपुर में “मध्यम घनत्व फाइबर बोर्ड एवं संबद्ध उत्पाद संयंत्र” का शिलान्यास करेंगे

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार को भिंड जिले के मालनपुर में "मध्यम घनत्व फाइबर बोर्ड एवं संबद्ध उत्पाद संयंत्र" का शिलान्यास करेंगे।मध्यप्रदेश में औद्योगिक विकास को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए एलिक्सर इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड द्वारा मीडियम डेंसिटी फाइबर बोर्ड (एमडीएफ), प्लाईवुड और अन्य मूल्य-वर्धित उत्पादों के विनिर्माण हेतु एक मेगा-स्तरीय अत्याधुनिक इकाई स्थापित की जा रही है। यह राज्य के औद्योगिक परिदृश्य के लिए एक ऐतिहासिक कदम है और इससे प्रदेश में रोजगार, कृषि-आधारित उद्योगों और हरित पर्यावरण को बढ़ावा मिलेगा। मध्यप्रदेश के औद्योगिक विकास में एलिक्सर इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड का योगदान एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा। इस कंपनी का नेतृत्व कुछ दृढ़ संकल्पित, दूरदर्शी और अनुभवी उद्योगपतियों द्वारा किया जा रहा है, जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्रों में असाधारण सफलता प्राप्त की है और अब मध्यप्रदेश में एक अत्याधुनिक मेगा-विनिर्माण इकाई की स्थापना के लिए प्रतिबद्ध हैं।   recent visitors 34

रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से अखिल भारतीय रामनामी महासभा के प्रतिनिधियों ने की सौजन्य भेंट

रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से अखिल भारतीय रामनामी महासभा के प्रतिनिधियों ने की सौजन्य भेंट बड़े भजन रामनामी मेला के लिए दिया विशेष निमंत्रण रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से छत्तीसगढ़ विधानसभा परिसर स्थित समिति कक्ष में  अखिल भारतीय रामनामी महासभा के प्रतिनिधि मंडल ने सौजन्य भेंट की। प्रतिनिधिमंडल ने सक्ती जिले के ग्राम जमगहन में 9 अप्रैल को आयोजित होने वाले बड़े भजन रामनामी मेला में मुख्यमंत्री साय को आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री ने इस निमंत्रण के लिए महासभा के पदाधिकारियों का आभार व्यक्त किया और उन्हें शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर चंद्रपुर विधायक राम कुमार यादव सहित सारंगढ़-बिलाईगढ़, जांजगीर-चांपा, बलौदाबाजार-भाटापारा एवं रायगढ़ जिले के रामनामी संप्रदाय से जुड़े सदस्यगण बड़ी संख्या में  उपस्थित थे। recent visitors 24

रायपुर : विश्व वानिकी दिवस : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने वन संरक्षण का किया आह्वान

रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को अंतर्राष्ट्रीय वानिकी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुए पर्यावरण संरक्षण और जंगलों को बचाने की अपील की है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जंगल केवल हरियाली नहीं, बल्कि पृथ्वी पर जीवन का आधार हैं। यह न केवल प्राणवायु (ऑक्सीजन) का प्रमुख स्रोत हैं, बल्कि विभिन्न खाद्य, औषधीय और अन्य उपयोगी संसाधनों का भंडार भी हैं।  पेड़ों और जंगलों के महत्व को जन-जन तक पहुँचाने के लिए हर वर्ष 21 मार्च को ‘विश्व वानिकी दिवस’ मनाया जाता है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विश्व के विभिन्न क्षेत्रों में बढ़ती जनसंख्या और आधुनिक जीवनशैली के कारण जंगल सिमटते जा रहे हैं और पर्यावरण असंतुलन बढ़ता जा रहा है। जंगलों के घटने से जलवायु परिवर्तन और प्रदूषण की समस्या विकराल रूप ले रही है।पर्यावरणीय असंतुलन का असर मनुष्यों, कृषि और पारिस्थितिकी तंत्र पर साफ दिख रहा है। छत्तीसगढ़ – जंगलों से घिरा प्रदेश, वन प्रबंधन और संरक्षण की दिशा में अग्रसर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ का एक बड़ा भूभाग घने वनों से आच्छादित है और यहाँ की सामाजिक और आर्थिक व्यवस्था भी वनों से गहराई से जुड़ी हुई है। इसे ध्यान में रखते हुए सरकार वन प्रबंधन और सामुदायिक वन संरक्षण के माध्यम से वन्यजीवों और प्राकृतिक संपदाओं को संरक्षित करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से न केवल वनों का संरक्षण किया जा रहा है, बल्कि स्थानीय समुदायों को भी इससे जोड़ा जा रहा है, ताकि वन और आजीविका के बीच संतुलन बना रहे। मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेश के सभी नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि वे पर्यावरण संरक्षण की मुहिम में सक्रिय भागीदारी निभाएँ।  प्रत्येक व्यक्ति एक पेड़ अवश्य लगाए और उसकी देखभाल करें और आने वाली पीढ़ी को एक स्वच्छ, हरा-भरा और प्रदूषण-मुक्त वातावरण देने की जिम्मेदारी निभाएँ। recent visitors 35

जीएसटी में बड़ा बदलाव 1 अप्रैल से लागू होगा यह नया नियम, क्या बदलावों से व्यापारियों पर असर पड़ेगा?

नई दिल्ली भारत में जीएसटी (गुड्स एंड सर्विस टैक्स) के नियमों में एक महत्वपूर्ण बदलाव होने जा रहा है, जो 1 अप्रैल 2025 से लागू होगा। इस बदलाव के तहत, इनपुट सर्विस डिस्ट्रीब्यूटर (ISD) सिस्टम का उपयोग किया जाएगा। इस नए सिस्टम के माध्यम से, राज्य सरकारें एक ही स्थान पर दी जा रही शेयर्ड सर्विसेज पर उचित टैक्स वसूल करने में सक्षम होंगी। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस बदलाव का उद्देश्य राज्यों के बीच टैक्स रेवेन्यू का सही तरीके से वितरण सुनिश्चित करना है। ISD मैकेनिज्म के तहत, यदि एक बिजनेस कई राज्यों में ऑपरेट करता है, तो उसे अपने कॉमन इनपुट सर्विसेज के इनवॉइस को एक स्थान पर केंद्रीकृत करने की अनुमति मिलती है। इन सर्विसेज में घरेलू या इम्पोर्टेड सर्विसेज शामिल हो सकती हैं। यह मैकेनिज्म व्यापारियों को यह सुविधा देता है कि वे अपनी शाखाओं के बीच इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) को सही तरीके से वितरित कर सकें। इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) क्या होता है? इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) वह टैक्स है जो एक रजिस्टर्ड बिजनेस या इंडिविजुअल किसी वस्तु या सेवा की खरीद पर चुकता करता है। इसे उस समय आउटपुट टैक्स के भुगतान के दौरान घटाया जा सकता है। सरल शब्दों में, ITC एक व्यापार के लिए भुगतान किए गए जीएसटी टैक्स का लाभ है, जिसे वह अपने द्वारा बेची गई वस्तुओं या सेवाओं पर चुकाए गए टैक्स से घटा सकता है। पुरानी व्यवस्था और ISD के लाभ इससे पहले, व्यवसायों को अपने अलग-अलग जीएसटी रजिस्ट्रेशंस के बीच ITC का वितरण करने के लिए ISD या क्रॉस-चार्जिंग मेथड का इस्तेमाल करने का विकल्प था। अब, ISD मैकेनिज्म को लागू करने से, विभिन्न शाखाओं के लिए ITC का वितरण और भी आसान हो जाएगा। अगर किसी व्यापार ने ISD मैकेनिज्म का उपयोग नहीं किया, तो वह अपनी शाखाओं के लिए ITC प्राप्त नहीं कर सकेगा। इसके अलावा, अगर ITC का गलत वितरण होता है, तो टैक्स अथॉरिटीज उस राज्य से ब्याज सहित राशि वसूल सकती हैं। गलत डिस्ट्रीब्यूशन पर जुर्माना भी लगाया जा सकता है, जो 10,000 रुपये या गलत डिस्ट्रीब्यूटेड ITC के मूल्य के बराबर हो सकता है, जो भी अधिक हो। क्या होगा अगर नियमों का पालन न किया गया? ISD मैकेनिज्म के तहत किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर, टैक्स अथॉरिटीज उस राज्य से ब्याज के साथ राशि वसूलने का अधिकार रखती हैं। साथ ही, यदि कोई व्यवसाय ITC के वितरण में गलतियां करता है, तो उसे जुर्माना भी भरना पड़ सकता है। यह जुर्माना 10,000 रुपये या गलत वितरण किए गए ITC के मूल्य का होगा, जो भी ज्यादा हो। क्या बदलावों से व्यापारियों पर असर पड़ेगा? इस बदलाव का व्यापारियों पर सीधा असर पड़ेगा, क्योंकि अब उन्हें अपने बिजनेस संचालन में इनपुट सर्विस डिस्ट्रीब्यूटर सिस्टम को सही तरीके से लागू करना होगा। अगर वे इसमें कोई लापरवाही करते हैं, तो उन्हें टैक्स या जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए व्यापारियों को 1 अप्रैल 2025 से पहले इस नए नियम को समझना और अपनी प्रणाली में लागू करना जरूरी है। recent visitors 34

छत्तीसगढ़ इंटरनेशनल ट्रेड एक्सपो 2025 (CITEX 2025): MSMEs और निर्यात पारिस्थितिकी तंत्र के विकास के लिए एक प्रमुख पहल

रायपुर सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (भारत सरकार) के सहयोग से, PHD चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (PHDCCI) पहली बार "छत्तीसगढ़ इंटरनेशनल ट्रेड एक्सपो 2025 (CITEX 2025)" का आयोजन कर रहा है। यह एक्सपो 20-23 मार्च 2025 तक सेंट पॉल चर्च कंपाउंड, सिविल लाइंस, रायपुर में आयोजित किया जाएगा। CITEX 2025 का उद्घाटन 20 मार्च को किया गया। CITEX 2025, छत्तीसगढ़ के MSMEs और संबंधित निर्यात पारिस्थितिकी तंत्र के समर्थन के लिए एक प्रमुख पहल है। यह एक्सपो मध्य भारत का एक अनूठा व्यापार मंच होगा, जो छोटे और मध्यम उद्यमों के व्यापारिक संभावनाओं को बढ़ाने में मदद करेगा। इस एक्सपो के माध्यम से MSMEs को उचित बाजार संपर्क प्राप्त करने, बड़े कॉर्पोरेट्स के साथ सहायक इकाई या आपूर्तिकर्ता के रूप में जुड़ने के अवसर मिलेंगे। CITEX 2025 का उद्घाटन में श्री किशोर इरपाते, सहायक निदेशक, MSME DFO, MSME मंत्रालय, भारत सरकार और श्री ओपी बंजारे, महाप्रबंधक, CSIDC, छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किया गया। इस अवसर पर श्री प्रदीप टंडन, अध्यक्ष, PHDCCI छत्तीसगढ़ चैप्टर, श्री प्रतीक सिंह, सह-अध्यक्ष, PHDCCI छत्तीसगढ़ चैप्टर, श्री आदित्य त्रिपाठी, वरिष्ठ सचिव, PHDCCI, और श्री सुमित दुबे, रेजिडेंट डायरेक्टर, PHDCCI छत्तीसगढ़ चैप्टर उपस्थित रहे। CITEX 2025: MSMEs और उद्योगों के लिए एक बड़ा अवसर छत्तीसगढ़ के MSMEs और निर्यातकों के सतत विकास को समर्थन देने की आवश्यकता के मद्देनजर, CITEX 2025 एक परिवर्तनकारी पहल है। यह एक्सपो स्थानीय उत्पादों और MSMEs को उपयुक्त स्थानों पर सही तरीके से स्थापित करने के लिए हितधारकों के सहयोग को गहरा करेगा। CITEX 2025 विभिन्न क्षेत्रों के MSMEs की भागीदारी को आकर्षित करेगा, जिनमें शामिल हैं हस्तशिल्प, फर्नीचर और खिलौने,रत्न एवं आभूषण, निर्माण उपकरण कृषि और खाद्य प्रसंस्करणआयुष शिक्षा, हरित और वैकल्पिक ऊर्जा होटल उद्योग एडवेंचर पर्यटन इस एक्सपो में लगभग साठ MSMEs अपने स्टॉल लगाएंगे, और यह उन्हें बाजार से जुड़ने और व्यापारिक लीड प्राप्त करने में महत्वपूर्ण रूप से लाभान्वित करेगा। एक्सपो में सरकारी अधिकारियों, उद्योग हितधारकों, कारीगरों, पेशेवरों, अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों, नागरिक समाज के सदस्यों, मीडिया और उपभोक्ताओं की बड़ी भागीदारी होगी। CITEX, MSMEs के विकास और संबंधित निर्यात पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देने के उद्देश्य से PHDCCI की वार्षिक प्रमुख पहल होगी। यह छत्तीसगढ़ के MSMEs और विभिन्न उद्योग हितधारकों के लिए एक प्रभावशाली मंच बनने की उम्मीद है, जहां वे अपनी औद्योगिक उत्पादों को व्यापक दर्शकों के सामने प्रदर्शित कर सकेंगे। CITEX 2025 छत्तीसगढ़ के MSMEs और उद्योगों को स्थानीय, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने उत्पादों को बाजार में स्थापित करने का सुनहरा अवसर प्रदान करेगा। recent visitors 24

25 मार्च से पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में प्रवेश परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन

रायपुर पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर में शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए स्नातक एवं स्नातकोत्तर प्रथम सेमेस्टर में प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो गई है. विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रवेश परीक्षा संबंधी अधिसूचना जारी कर दी है. इच्छुक छात्र 25 मार्च से 25 अप्रैल 2025 तक ऑनलाइन पंजीयन करा सकते हैं. प्रवेश परीक्षा ऑनलाइन मोड में आयोजित होगी, जिसकी प्रस्तावित तिथि 15 मई से 18 मई 2025 के बीच निर्धारित की गई है. जानिए महत्वपूर्ण तिथियां और पंजीयन शुल्क ऑनलाइन पंजीयन की तिथि: 25 मार्च 2025 से 25 अप्रैल 2025 तक प्रवेश पत्र जारी होने की तिथि: 2 मई 2025 ऑनलाइन परीक्षा की प्रस्तावित तिथि: 15 मई 2025 से 18 मई 2025 तक ऑनलाइन पंजीयन शुल्क: 700/ रुपए अधिक जानकारी के लिए विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट www.prsu.ac.in पर जा सकते हैं. कौन कर सकता है आवेदन? पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा ऑनलाइन पंजीयन के लिए स्नातक अंतिम वर्ष के परीक्षार्थी, जिनका परीक्षा परिणाम घोषित किया जा चुका है अथवा ऐसे परीक्षार्थी जो वर्तमान में स्नातक अंतिम वर्ष की परीक्षा में सम्मिलित हो रहे हैं. वे ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा के लिए आवेदन कर सकते हैं. महत्वपूर्ण निर्देश आवेदक ऑनलाइन पंजीयन एवं अन्य निर्देशों के लिए विश्वविद्यालय की वेबसाइट www.prsu.ac.in का निरंतर अवलोकन करते रहें. recent visitors 26