Saturday, July 4, 2026 5:45 pm

कर्नाटक विधानसभा में एक अहम बिल पास हुआ, मुस्लिम आरक्षण को लेकर जमकर हंगामा, BJP के चार विधायको को निकाला

कर्नाटक कर्नाटक विधानसभा में मुस्लिम आरक्षण को लेकर जमकर हंगामा हुआ। विधानसभा से BJP के 4 विधायको को बाहर निकाल दिया गया है। कर्नाटक विधानसभा में शुक्रवार को एक अहम बिल पास हुआ, जिसे मुस्लिम समुदाय के लिए आरक्षण देने की बात की जा रही है। इस बिल को लेकर सत्ताधारी दल और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई और सदन में बवाल मच गया। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायकों ने बिल के खिलाफ विरोध किया और गुस्से में आकर विधानसभा में खड़े होकर बिल की कॉपी फाड़ दी और स्पीकर पर फेंकी। recent visitors 31

मध्य प्रदेश में सिंचाई के रकबे में हुई अभूतपूर्व वृद्धि

इन्दौर जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने विधानसभा बजट सत्र में विभाग की अनुदान मांगों पर हुई चर्चा पर कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कुशल नेतृत्व में मध्य प्रदेश में सिंचाई के रकबे में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। वर्ष 2003 में जहां प्रदेश में लगभग 7.5 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई हो रही थी, वही वर्तमान में जल संसाधन एवं नर्मदा घाटी विकास विभाग की विभिन्न सिंचाई परियोजनाओं के माध्यम से 50 लाख हेक्टेयर में सिंचाई क्षमता विकसित की जा चुकी है। आगामी 02 वर्षों में इसे बढ़ाकर 65 लाख हेक्टेयर एवं अगले 05 वर्षों में 65 लाख हेक्टेयर से बढ़ाकर 100 लाख हेक्टेयर कर लेंगे। जल संसाधन विभाग प्रभावी एवं कुशल प्रबंधन के माध्यम से कृषि उत्पादन को बढ़ाने के लिए बांध निर्माण एवं सिंचाई प्रणाली के अभूतपूर्व विकास के द्वारा राज्य के विकास में महती भूमिका निभा रहा है। हम जल संसाधनों का अधिकतम उपयोग कर आधुनिक एवं उन्नत सिंचाई प्रणाली के माध्यम से किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिये दृढ़ संकल्पित है। प्रदेश में प्रत्येक खेत तक पानी पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है।       मंत्री श्री सिलावट ने कहा कि मध्यप्रदेश में जल के इष्टतम उपयोग कर सिंचाई क्षमता की दक्षता बढाई गई है। ऐसे क्षेत्र जहां खुली नहरों के माध्यम से सिंचाई संभव नहीं थी वहां भी उद्वहन कर सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। सिंचाई प्रबंधन में मध्यप्रदेश देश में सर्वोच्च स्थान पर है। उत्कृष्ट जल प्रबंधन के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य हेतु मध्यप्रदेश को "राष्ट्रीय जल अवार्ड'' महामहिम उपराष्ट्रपति द्वारा जून-2023 को प्रदान किया गया। मध्यप्रदेश में पाईप आधारित सिंचाई प्रणाली के माध्यम से किसान के 01 हेक्टेयर से 2.5 हेक्टेयर चक तक सिंचाई हेतु पानी पहुंचाया जा रहा है। ऐसा करने वाला मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है।       श्री सिलावट ने कहा कि प्रदेश में 25 वृहद, 114 मध्यम एवं 05 हजार 692 लघु सिंचाई परियोजनाएं अर्थात कुल 5 हजार 830 परियोजनाएं पूर्ण है। इस वर्ष निर्माणाधीन वृद्ध, मध्यम् एवं लघु सिंचाई परियोजनाओं से दिसम्बर-2024 तक लगभग 02 लाख 70 हजार हेक्टेयर क्षेत्र सृजन किया गया है। वर्तमान में जल संसाधन विभाग के अन्तर्गत 42 वृद्ध, 68 मध्यम् एवं 381 लघु सिंचाई परियोजनाऐं निर्माणाधीन हैं, जिनकी कुल लागत 89 हजार 30 करोड़ रूपये है। इन परियोजनाओं के शेष कार्य पूर्ण होने पर लगभग 25 लाख हेक्टेयर सिंचाई क्षमता में वृद्धि होगी। वर्तमान स्थिति में इन निर्माणाधीन परियोजनाओं से लगभग 10 लाख 61 हजार हेक्टेयर सिंचाई क्षमता विकसित की जा चुकी है।       वित्तीय वर्ष 2015-16 में भारत सरकार द्वारा सिंचाई क्षेत्र में वृद्धि हेतु उपयोगी जल संसाधन एवं सिंचाई प्रक्रिया में बेहतर वैज्ञानिक प्रगति लाने की दृष्टि से "प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना" प्रारंभ की गई थी। इस योजना में आदिवासी एवं सूखाग्रस्त क्षेत्रों की सिंचाई परियोजनाओं का चयन किया गया है। सरकार द्वारा बांधों की खोई हुई जल भराव क्षमता को पुनः प्राप्त करने के लिये नीति बनाई गई है , जिसके अन्तर्गत बड़े जलाशयों से गाद को निकालकर उसमें से मिट्टी एवं रेत को पृथक् किया जावेगा। प्राप्त मिट्टी किसानों को प्रदान की जावेगी, जिससे उनके खेतों की उपजाऊ क्षमता बढ़ेगी। जलाशयों की जल संधारण क्षमता में वृद्धि होगी। साथ ही निकलने वाली रेत से राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी।       मंत्री श्री सिलावट ने बताया कि मध्यप्रदेश में देश की दो बड़ी नदी लिंक परियोजनाओं पर तेजी से कार्य किया जा रहा है। केन-बेतवा लिंक राष्ट्रीय परियोजना एक महत्वाकांक्षी राष्ट्रीय परियोजना है, जिसमें केन नदी पर दौधन बांध एवं लिंक नहर का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है। भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री द्वारा 25.12.2024 को स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी के जन्म दिवस पर दौधन बांध की आधारशिला रखी गई। रू. 44 हजार 605 करोड़ लागत की इस परियोजना के पूर्ण होने पर मध्यप्रदेश के सूखाग्रस्त बुन्देलखण्ड क्षेत्र के 08 लाख 11 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा तथा प्रदेश की 44 लाख आबादी को पेयजल सुविधा प्राप्त होगी, साथ ही परियोजना से 103 मेगावा बिजली का उत्पादन भी होगा, जिसका पूर्ण उपयोग मध्यप्रदेश करेगा। इस परियोजना से मध्यप्रदेश के 10 जिले-छतरपुर, पन्ना, दमोह, टीकमगढ़, निवाड़ी, शिवपुरी, दतिया, रायसेन, विदिशा एवं सागर के लगभग 02 हजार ग्रामों के लगभग 07 लाख 25 हजार किसान परिवार लाभांवित होंगे। सूखाग्रस्त बुन्देलखण्ड क्षेत्र में भू-जल स्तर की स्थिति सुधरेगी। औद्योगीकरण, निवेश एवं पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा तथा रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। इससे स्थानीय स्तर पर लोगों में आत्मनिर्भरता आयेगी तथा लोगों का पलायन रुकेगा। परियोजना के साकार रूप लेने पर मध्यप्रदेश के बुन्देलखण्ड क्षेत्र की तस्वीर बदलेगी।       मंत्री श्री सिलावट ने बताया कि देश की प्रथम राष्ट्रीय केन-बेतवा नदी लिंक परियोजना का कार्य प्रारम्भ हो चुका है एवं संशोधित-पार्वती-कालीसिंध-चम्बल अंतरराज्यीय नदी लिंक परियोजना के क्रियान्वयन हेतु मध्यप्रदेश और राजस्थान राज्यों एवं केन्द्र के मध्य दिनांक 28.01.2024 को त्रिपक्षिय समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित होने के साथ ही दोनों राज्यों एवं केन्द्र के मध्य दिनांक 05.12.2024 को जयपुर में अनुबंध सहमति पत्र (मेमोरेंडम ऑफ एग्रीमेंट) हस्ताक्षरित किया गया है। परियोजना की अनुमानित लागत रू 72 हजार करोड़ की है जिसमें मध्यप्रदेश 35 हजार करोड़ एवं राजस्थान 37 करोड़ की हिस्सेदारी होगी। recent visitors 33

इंदौर जिले में मनाया गया विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस, कलेक्टर कार्यालय में आयोजित हुआ जिला स्तरीय कार्यक्रम

इन्दौर इंदौर जिले में आज 21 मार्च को विश्व उपभोक्ता दिवस मनाया गया। खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के निर्देशानुसार विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस के अवसर पर कलेक्टर कार्यालय इंदौर में जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जिला उपभेाक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग क्रमांक 01 की सदस्य सुश्री निधि बारंगे, जिला आपूर्ति नियंत्रक श्री एम.एल. मारू, पं.डी.जी. मिश्रा, श्री प्रमोद गुप्ता, श्री नीरज श्रीवास्तव, श्री के.आर. चौधरी, श्री पियूष माली, श्री आर.के. शुक्ला सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद थे। विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस कार्यक्रम में सहायक आपूर्ति अधिकारी श्री दिलीप मनवारे द्वारा स्वागत भाषण दिया गया। वरिष्ठ नापतौल निरीक्षक श्री के.आर. चौधरी द्वारा उपभोक्ताओं को नापतौल संबंधी सावधानियां रखने हेतु मार्गदर्शन दिया गया। खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्री नीरज श्रीवास्तव द्वारा सामग्री के खरीदी के दौरान पक्के बिल लेने हेतु उपभोक्ताओं को जागरूक करने पर जोर दिया गया। जागरूक उपभोक्ता समिति के सदस्य श्री प्रमोद गुप्ता द्वारा उपभोक्ताओं को विधि संबंधी कानूनी प्रावधानों से अवगत कराया गया। जिला आपूर्ति नियंत्रक श्री एम.एल. मारू द्वारा खाद्य विभाग द्वारा उपभोक्ता संरक्षण के क्षेत्र में किये गये ऐतिहासिक एवं उल्लेखनीय उपलब्धियों की जानकारी दी गई। साथ ही इस वर्ष निबंध एवं पोस्टर की राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में चयनित छात्र/छात्राओं की हौंसला अफजाई की गई। उपभोक्ता मार्गदर्शन केन्द्र के द्वारा इंदौर महानगर में लगातार उपभोक्ताओं को राहत पहुंचाने के कार्यों को बताया गया। मुख्य अतिथि सुश्री निधि बारंगे द्वारा आयोग के माध्यम से आम उपभोक्ताओं को पहुंचाई गई राहत का उदाहरणवार जिक्र किया। आयोजन में गैस एजेंसी, पेट्रोल पम्प, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, नापतौल विभाग, म0प्र0 स्टेट सिविल सप्लाईज कार्पोरेशन, म.प्र. वेयर हाउसिंग एंड लाजिस्टिक कार्पोरेशन, बीएसएनएल, सामाजिक न्याय विभाग, विद्युत विभाग आदि की प्रदर्शनी के माध्यम से उपभोक्ताओं को जागरूक एवं उनके अधिकारों के बारे में विभागीय अधिकारियों द्वारा बताया गया। इस अवसर पर उपभोक्ता मार्गदर्शन केन्द्र में लगातार विधिक सहायता में सराहनीय योगदान हेतु श्री डी.जी. मिश्रा का विशेष सम्मान करते हुये 5001 रूपये नगद प्रदान करने की घोषणा की गई। जनपोषण केन्द्र भारत सरकार के पायलट प्रोजेक्ट में मॉडल शासकीय उचित मूल्य दुकानों को तैयार करने में उल्लेखनीय कार्य के फलस्वरूप 30 विक्रेताओं को स्मृति चिह्न व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। अंत में वरिष्ठ सहायक आपूर्ति अधिकारी श्री एस.एस. व्यास द्वारा आभार व्यक्त किया गया। कार्यक्रम का संचालन कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी सुश्री तृप्तिमाला मिश्रा द्वारा किया गया। इस अवसर पर कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी श्री अंकुर गुप्ता, सहायक आपूर्ति अधिकारी श्री दिलीप मनवारे, सुश्री कल्पना परामानिक, श्री शरदचंद्र शर्मा सहित अन्य विभागीय अधिकारी-कर्मचारी भी मौजूद थे। recent visitors 34

भोपाल रेल मंडल में डीआरयूसीसी बैठक सम्पन्न, डीआरयूसीसी सदस्यों ने यात्री सुविधाओं को लेकर दिए महत्वपूर्ण सुझाव

भोपाल भोपाल रेल मंडल के डीआरएम कार्यालय के कॉन्फ्रेंस हॉल में मंडल रेल उपयोगकर्ता सलाहकार समिति (डीआरयूसीसी) की बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता मंडल रेल प्रबंधक श्री देवाशीष त्रिपाठी ने की। बैठक में डीआरयूसीसी के 11 सदस्यों में से कुल 10 सदस्य उपस्थित रहे। इस अवसर पर वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री सौरभ कटारिया ने पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से भोपाल मंडल की उपलब्धियों एवं वर्तमान में प्रदान की जा रही यात्री सुविधाओं के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। इस बैठक में मध्यप्रदेश विधानसभा सचिवालय द्वारा नामित माननीय विधायक दक्षिण/पश्चिम (भोपाल) श्री भगवानदास सबनानी, फेडरेशन ऑफ एम.पी. चेम्बर्स ऑफ कॉमर्स एण्ड इंडस्ट्री द्वारा नामित श्री अशोक पटेल, ग्रेन मर्चेंट एसोसिएशन गुना द्वारा नामित श्री संजय अग्रवाल, रेलवे अप/डाउनर्स प्रोग्रेसिव वेलफेयर एसोसिएशन भोपाल द्वारा नामित श्री कमलेश सेन, रीजनल रेलवे पैसेंजर्स एण्ड कंज़्यूमर्स एसोसिएशन भोपाल द्वारा नामित श्री वात्सयन जैन, उपभोक्ता संरक्षण सलाहकार समिति द्वारा नामित श्री संदीप सूरी, माननीय सांसद भोपाल श्री आलोक शर्मा द्वारा नामित श्री अंशुल तिवारी, माननीय सांसद सागर डॉ. लता वानखेड़े द्वारा नामित श्री संतोष सिंह ठाकुर, माननीय सांसद (राज्यसभा) श्री दिग्विजय सिंह द्वारा नामित श्री विजय कुमार जैन तथा माननीय सांसद नर्मदापुरम श्री दर्शन सिंह चौधरी द्वारा नामित श्री निलेश श्रीवास्तव उपस्थित रहे। बैठक के दौरान उपस्थित सदस्यों ने अपने-अपने क्षेत्र से संबंधित यात्री सुविधाओं के विकास और यात्रियों की मांगों को लेकर महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए। इनमें प्रमुख रूप से भोपाल-रीवा एक्सप्रेस को प्रतिदिन नए एलएचबी कोच के साथ संचालित करने, गुना गुड्स शेड को स्टेशन से दूर अन्यत्र स्थानांतरित करने तथा राज्य रानी एक्सप्रेस में कोचों की संख्या बढ़ाने जैसे सुझाव शामिल थे। सभी सदस्यों ने एकमत से भोपाल रेल प्रशासन द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की। बैठक में उपस्थित सदस्यों ने सर्वसम्मति से बहुमत के आधार पर ज़ोनल रेलवे उपयोगकर्ता सलाहकार समिति (ZRUCC) के सदस्य के रूप में श्री संतोष सिंह ठाकुर का चयन किया। बैठक में मंडल रेल प्रबंधक के साथ अपर मंडल रेल प्रबंधक द्वय श्रीमती रश्मि दिवाकर एवं श्री योगेंद्र बघेल, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री सौरभ कटारिया सहित सभी वरिष्ठ शाखा अधिकारी एवं अन्य अधिकारीगण भी उपस्थित रहे। बैठक का संचालन मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री पंकज कुमार दुबे द्वारा किया गया। बैठक के दौरान अधिकारियों ने सदस्यों द्वारा प्रस्तुत सुझावों पर गंभीरता से विचार कर आवश्यक कार्यवाही करने का आश्वासन दिया। recent visitors 36

विष्णुदत्त शर्मा ने लोकसभा में कहा- केंद्र सरकार का कृषि बजट अन्नदाता की समृद्धि का रोडमैप

नई दिल्ली/भोपाल भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व खजुराहो सांसद श्री विष्णुदत्त शर्मा ने शुक्रवार को लोकसभा में कृषि अनुदान मांगों पर अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में केन्द्रीय बजट में कृषि क्षेत्र के लिए जो बजट आवंटन किया गया है, वह अन्नदाता की समृद्धि का रोडमैप है। इसमें एक तरफ जहां महात्मा गांधी की ग्राम विकास की भावना दिखाई देती है, तो दूसरी तरफ बाबा साहेब अंबेडकर की दलितों-शोषितों को आगे बढ़ाने तथा पं. दीनदयाल उपाध्याय की अंत्योदय की भावना भी निहित है। विपक्षी दल की सरकारों ने 55 वर्षों तक देश पर शासन किया और ये गरीबी हटाने की बातें तो करते रहे, लेकिन गरीबी हटाने के लिए कोई कदम नहीं उठाए। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की सरकार के प्रयासों से देश में 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर आए हैं। प्रदेश अध्यक्ष श्री विष्णुदत्त शर्मा ने बजट में कृषि क्षेत्र के लिए किए गए अभूतपूर्व प्रावधान के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी एवं केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण के प्रति आभार जताया। देश के आर्थिक-सामाजिक ताने-बाने के लिए महत्वपूर्ण है कृषि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व सांसद श्री विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि हम सभी जानते हैं कि देश की अर्थव्यवस्था कृषि पर आधारित है। देश में खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने, रोजगार प्रदान करने तथा देश के समग्र आर्थिक विकास में कृषि क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका है। कृषि भारत के सामाजिक-आर्थिक ताने-बाने के लिए महत्वपूर्ण है। इन तथ्यों को पहचानते हुए प्रधानमंत्री जी ने कृषि क्षेत्र के लिए बजट प्रावधान में उल्लेखनीय वृद्धि की है। उन्होंने कहा कि जिन्होंने खेत नहीं देखे, गांव नहीं देखे और गरीबी नहीं देखी, वे कैसे गरीबों का दुख दर्द समझेंगे। लेकिन प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी एक गरीब मां के बेटे हैं और उन्होंने गरीबों की पीड़ा को महसूस भी किया है। इसलिए उन्होंने देश से गरीबी मिटाने का संकल्प लिया है और कृषि क्षेत्र के लिए बजट में किए गए प्रावधान उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं। अंधेरे में दीया जलाना कहां मना है…. भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व सांसद श्री विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि विपक्षी दल की सरकारों ने 55 वर्षों तक देश पर शासन किया। ये गरीबी हटाने की बातें तो करते रहे, लेकिन गरीबी हटाने के लिए कोई कदम नहीं उठाए। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की सरकार के प्रयासों से देश में 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर आए है। किसानों और कृषि क्षेत्र के विकास के लिए भी मोदी सरकार लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि 2008 में इस क्षेत्र के लिए जो बजट 11,915. 22 करोड़ का था, वह वर्तमान बजट में 1,22,528.77 करोड़ हो गया है। एनडीए की सरकार ने फसलों की एमएसपी में 65 प्रतिशत की वृद्धि की है। सरकारी खरीदी में 30 प्रतिशत वृद्धि हमारी सरकार ने की है। वहीं, किसानों के लिए सब्सिडी में तीन गुना की वृद्धि प्रधानमंत्री श्री मोदी जी के नेतृत्व में इस बजट के माध्यम से हुई है। प्रधानमंत्री श्री मोदी जी के मन के भाव कुछ इस तरह हैं-माना कि अंधेरा घना है, पर दीया जलाना कहां मना है।   किसानों की बेहतरी के लिए मिलकर प्रयास कर रही भाजपा की सरकारें भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व सांसद श्री विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि भाजपा की केंद्र और राज्य सरकारें किसानों की बेहतरी के लिए मिलकर प्रयास कर रही हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी की सरकार हर साल किसानों को 6000 रुपये किसान सम्मान निधि दे रही है, तो मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार भी इससे कदम मिलाते हुए किसानों को हर साल 6 हजार रुपये दे रही है। इन संयुक्त प्रयासों के लिए मैं केंद्र सरकार और मध्यप्रदेश सरकार को धन्यवाद देता हूं। फसल बीमा के लिए भी बजट में प्रावधान किया गया है। कृषि इन्फ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में 87500 परियोजनाओं के लिए 52738 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। प्रधानमंत्री जी ने दलहन मिशन की शुरुआत की है, जिससे बड़ी संख्या में मध्यप्रदेश के किसान लाभान्वित होंगे क्योंकि मध्यप्रदेश दलहन का प्रमुख उत्पादक राज्य है। उर्वरक सब्सिडी योजना में किसानों को सस्ते मूल्य पर यूरिया और डीएपी उपलब्ध कराया जा रहा है। इस बजट में उन्नत बीज मिशन, नमो ड्रोन दीदी और राष्ट्रीय कृषि विकास परियोजना के माध्यम से महिलाओं, नौजवानों को भी अवसर देने का काम किया गया है। उन्होंने कहा कि केंद्र और मध्यप्रदेश सरकारों के प्रयासों से मिलेट का उत्पादन बढ़ा है, खाद्यान्न उत्पादन में सुधार हुआ है, किसानों की आय बढ़ी है,ऋण सुविधाएं आसान हुई हैं और फसल बीमा पहले से बेहतर हुआ है। देश आज कृषि उत्पादन और वैश्विक निर्यात के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इन प्रयासों के लिए मैं प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का आभार जताता हूं, धन्यवाद देता हूं। recent visitors 37

इंदौर जिले में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी का कार्य तेजी से जारी

इन्दौर राज्य शासन के दिशा निर्देशानुसार इंदौर जिले में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी का कार्य तेजी से जारी है। जिले में अब तक एक लाख क्विंटल से अधिक गेहूं समर्थन मूल्य पर खरीदा जा चुका है। खरीदी के लिए जिले में 91 केंद्र बनाए गए हैं। किसानों को त्वरित भुगतान की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जा रही है।       कलेक्टर श्री आशीष सिंह ने निर्देश दिए हैं कि जिले में ऐसी व्यवस्था बनाए रखें जिससे कि किसानों को किसी भी तरह की समस्या का सामना नहीं करना पड़े। उनकी उपज का त्वरित भुगतान हो। जिला आपूर्ति नियंत्रक श्री एम एल मारू ने बताया कि जिले में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी का कार्य तेजी से जारी है जिले में अब तक एक लाख क्विंटल से अधिक गेहूं समर्थन मूल्य पर खरीदा जा चुका है। किसानों को उनकी उपज के त्वरित भुगतान की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। जिले में अब तक लगभग 5 करोड रुपए का भुगतान किसानों को किया जा चुका है। शेष राशि के भुगतान की प्रक्रिया भी चल रही है। recent visitors 30

प्रदेश में स्वच्छ सर्वेक्षण-2024 के जमीनी सत्यापन की प्रक्रिया जारी, 269 शहरों में परीक्षण का कार्य पूरा

इन्दौर स्वच्छता एक संकल्प है, जिसे मध्यप्रदेश में एक जन आंदोलन बनाया गया है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के स्वच्छता संकल्प को प्रदेश ने आत्मसात किया है। स्वच्छता आंदोलन के परिणाम दिखाई देने लगे हैं। देश और प्रदेश में हर वर्ष की तरह दुनिया की सबसे बड़ी स्वच्छता प्रतियोगिता स्वच्छ सर्वेक्षण-2024 जारी है।       स्वच्छ सर्वेक्षण में प्रदेश के शहर बहुत गंभीरता के साथ अपनी भागीदारी कर रहे हैं। स्वच्छ सर्वेक्षण के दौरान केन्द्र सरकार की सर्वेक्षण टीमें शहरों में स्वच्छता व्यवस्थाओं का जायजा लेती हैं। इसमें स्वच्छता की आधारभूत तैयारियों का परीक्षण, खुले में शौच से मुक्ति और मल-जल का निस्तारण (ओडीएफ++ और वॉटर+) कचरा मुक्त शहरों के लिए स्टार रेटिंग (1,3 5 व 7 स्टार रेटिंग) सहित कुल तीन परीक्षण किए जाते हैं। अभी प्रदेश में आधारभूत तैयारियों का परीक्षण जारी है, जिसमें 269 शहरों में परीक्षण पूर्ण हो चुका है, शेष शहरों के परीक्षण के लिये टीमें पहुँच रही हैं। इसके बाद ओडीएफ++ और स्टार रेटिंग के परीक्षण शुरू होंगे।       मध्यप्रदेश के नगरीय निकाय वर्ष भर शहरी स्वच्छता को सँवारने में जुटे रहते हैं। प्रदेश में नियमित कचरा संग्रहण, परिवहन और निपटान के लिए प्रभावी तंत्र विकसित किया गया है। इससे शहरों की स्वच्छता सुनिश्चित की जा रही है। इसके साथ खुले में शौच पर प्रतिबंध को सफल बनाने के बाद शहरों को ओडीएफ़++ और वॉटर+ प्रमाण-पत्र दिलाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। नगरीय प्रशासन एवं आवास विभाग प्रदेश के नागरिकों, युवाओं और जन-प्रतिनिधियों से शहरों को स्वच्छ बनाने में सहयोग की निरंतर अपील कर रहा है। शहरों का बदला हुआ स्वरूप शासन के प्रयासों की सफलता को प्रदर्शित कर रहा है।   recent visitors 35