पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में पता चला है कि उसके दिल पर चाकू से तीन वार किए गए थे, सौरभ हत्याकांड में नया खुलासा

लखनऊ पिछले कुछ दिनों से चर्चा में रहे उत्तर प्रदेश के मेरठ के सौरभ हत्याकांड में नया खुलासा हुआ है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में पता चला है कि उसके दिल पर चाकू से तीन वार किए गए थे। एसपी सिटी मेरठ आयुष विक्रम सिंह ने शुक्रवार को बताया कि सौरभ हत्याकांड की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आ गई है। बाईं तरफ सीने के पास तीन बार धारदार हथियार से वार किया गया है। गर्दन और कलाई पर भी घाव हैं। मौत से पहले मिले घावों के कारण उसकी मृत्यु हुई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि शॉक हैमरेज के कारण उसकी मृत्यु हुई है। उसकी मौत 12 दिन पहले हुई थी। कपड़े सीमेंट से खराब हो गए थे। एसपी सिटी ने बताया कि अभी जानकारी और तथ्य जुटाए जा रहे हैं। जो भी तथ्य सामने आएंगे, उन्हें विवेचना का हिस्सा बनाया जाएगा। अब तक जो भी सबूत मिले हैं, उनमें दो ही लोग शामिल थे। बाकी का कोई रोल नजर नहीं आ रहा है। सारे सबूत इकट्ठा किए जा रहे हैं। आगे की कार्यवाही जारी है। उन्होंने बताया कि आरोपियों को दोबारा रिमांड में लेकर पूछताछ की जाएगी। यह जानने की कोशिश की जाएगी कि उन्होंने ऐसा क्यों किया, उन्हें यह आइडिया कहां से आया और इस मामले में किस-किस से सहायता ली है। आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि सौरभ के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। वह लंदन से जब लौटा तो उसका पासपोर्ट कब तक वैध था। उसके बैकग्राउंड के बारे में पता किया जा रहा है। घर वालों से भी पूछा जा रहा है। उसके कागज मंगवाए गए हैं। उसके मित्रों से भी पूछताछ की जा रही है। मुस्कान की मां के सौतेली होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि अभी पता किया जा रहा है। मुस्कान के बचपन से हीरोइन बनने के सपने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि ऐसा कोई तथ्य सामने नहीं आया है। उन्होंने बताया कि सारे सीसीटीवी फुटेज एकत्र किए जा रहे हैं। अपराध में इस्तेमाल सामान जहां से खरीदे थे और जहां आरोपी रुके थे, वहां भी टीम को भेजा गया है। कैब ड्राइवर से भी जानकारी ली जा रही है। जिस डॉक्टर से जानकारी ली, उससे भी पूछताछ की जा रही है। उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश के मेरठ में मुस्कान रस्तोगी ने अपने पुरुष मित्र साहिल शुक्ला के साथ मिलकर अपने पति सौरभ राजपूत की रात को हत्या कर दी थी। इसके बाद शव को एक ड्रम में डालकर सीमेंट घोलकर उसे भर दिया गया था। recent visitors 49

कृषि अधिकारियों ने गेहूं की उन्नत फसल का किया निरीक्षण

जबलपुर कृषि अधिकारियों ने आज शुक्रवार को विकासखंड सिहोरा के अंतर्गत ग्राम गांधीग्राम के कृषक शिवबालक पटेल द्वारा की जा रही डीबीडबल्यू-303 किस्म की गेहूं की फसल का अवलोकन किया। इस दौरान सहायक संचालक श्री रवि आम्रवंशी, श्रीमती कीर्ति वर्मा एवं कृषि विस्तार अधिकारी श्री बृषभान अहिरवार सहित बड़ी संख्या में क्षेत्र के किसान उपस्थित रहे। कृषक श्री शिवबालक पटेल ने बताया कि उन्होंने और श्री लकी पटेल ने वर्ष 2021 में डीबीडबल्यू-303 किस्म की गेहूं की फसल लगाई थी। इस दौरान उन्होंने पाया कि डीबीडबल्यू -303 किस्म के गेहूं की कुछ बालिया बड़ी और मोटी होती हैं। किसानों द्वारा 15 से 20 बड़ी और मोटी इन बालियों को अलग निकालकर लगभग 500 ग्राम बीज तैयार किया गया , जिसे उन्होंने पुनः वर्ष 2022 में अपने खेत में अलग बोया और उससे पुनः 30 किलो बीज तैयार किया। इसी प्रकार कृषक श्री पटेल द्वारा वर्ष 2023 में पुनः आधा एकड़ क्षेत्र से 11 क्विंटल गेहूं बीज तैयार किया गया। जिसमें से उन्होंने 1 क्विंटल गेहूं ग्राम पथरई के किसान श्री लकी पटेल और 1 क्विंटल गेहूं ग्राम गांधीग्राम के किसान मोहित पटेल को दिया। यह बीज दोनों किसानों द्वारा वर्ष 2024-25 में अपने-अपने खेत में लगाया गया है । कृषक श्री शिवबालक पटेल ने बताया कि उन्होंने स्वयं के 4 एकड़ खेत में इस बीज को बोया है। इस प्रकार यह बीज इस वर्ष 9 एकड़ में बोया गया है, जिसकी उपज 22 से 25 क्विंटल प्रति एकड़ प्राप्त होती है। अवलोकन के दौरान कृषि अधिकारियों द्वारा गेहूं की बालियों का अवलोकन किया गया है। इन बालियों की लम्बाई लगभग 8 इंच पाई गई एवं मोटाई भी बाकी गेहूं की अन्य किस्मों से ज्यादा पाई गई है। गेहूं फसल को आज क्षेत्र के कृषकों ने देख कर अपने खेत में बोने के लिए इस बीज की मांग की है। इसके साथ ही किसान श्री पटेल ने अपने खेत के दूसरे हिस्से में हैप्पी सीडर द्वारा धान की पराली जलाए बिना गेहूं की डीबीडबल्यू -187 किस्म की बिना जुताई के सीधे बोनी की गई है। गेहूं की यह फसल 120 से 125 दिन में तैयार हो चुकी है। इस कारण ग्रीष्मकालीन फसल को पर्याप्त समय मिल गया है। कृषक श्री पटेल द्वारा इसी खेत में शीघ्र ही हैप्पी सीडर के माध्यम से उड़द की बोनी की जानी है, जिससे बारिश के पूर्व ही उड़द की फसल तैयार हो जायेगी। हैप्पी सीडर से बोने में उन्हें कम लागत आई है और पानी भी कम लगा है। साथ ही समय की भी बचत हुई है और किसी भी प्रकार के कीट इत्यादि का प्रकोप नहीं हुआ है। फसल भी अच्छी तैयार हुई है। कृषक श्री पटेल के पास पशुधन की उपलब्धता को देखते हुए कृषि अधिकारियों द्वारा उन्हें बायो गैस संयंत्र स्थापित करने की सलाह दी गई थी, जिस पर अमल करते हुए किसान ने समक्ष में ही तत्काल संयंत्र स्थापना हेतु गड्ढा खुदवा गया। recent visitors 37

इंदौर-पीथमपुर इकोनामिक कॉरिडोर में मिली पहली सहमति

इन्दौर इंदौर और पीथमपुर के बीच बनने जा रहे बहुप्रतीक्षित इकोनोमिक कॉरिडोर को लेकर अब किसानों की सहमति मिलने की शुरुआत हो चुकी है। यह सहमति मिली है ग्राम सिन्दोड़ी की श्रीमती ममता गुप्ता से, वो पहली भूमि स्वामी बनीं जिन्होंने खसरा नंबर 176/2,176/1 और 185/3 की अपनी 9 बीघा जमीन के बदले अधिकतम विकसित भूमि लेने पर सहमति दी। इस अवसर पर वे मिठाई लेकर एमपीआईडीसी (मध्य प्रदेश औद्योगिक विकास निगम) के कार्यालय पहुँचीं और खुशी जाहिर की। किसानों की बड़ी जीत — 60% विकसित भूमि का मिलेगा हिस्सा* एमपीआईडीसी के कार्यकारी निदेशक श्री राजेश राठौड़ ने बताया कि प्रदेश सरकार ने हाल ही में कैबिनेट बैठक में किसानों की प्रमुख मांग को स्वीकार करते हुए यह ऐतिहासिक निर्णय लिया कि इंदौर-पीथमपुर इकोनोमिक कॉरिडोर योजना के अंतर्गत अपनी भूमि देने वाले किसानों को मुआवजे के तौर पर 60 प्रतिशत विकसित भूमि का आवंटन किया जाएगा। यह निर्णय मध्य प्रदेश निवेश क्षेत्र प्रबंधन अधिनियम 2013 और नियम 2016 के तहत लिया गया है, जो किसानों को उनकी भूमि के बदले अधिकतम लाभ सुनिश्चित करता है। बनेगा विश्वस्तरीय इकोनोमिक कॉरिडोर* इंदौर-पीथमपुर इकोनोमिक कॉरिडोर के विकसित हो जाने से हवाई अड्डे से पीथमपुर तक का सफर आधे समय में पूरा किया जा सकेगा। इस कॉरिडोर के तहत क्षेत्रीय और शहरी विकास के साथ-साथ करीब 5 लाख लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा। साथ ही, 1.15 लाख गरीब परिवारों को किफायती आवास भी प्रदान किए जाएंगे। विकास के हर पहलू पर ध्यान* योजना के तहत व्यावसायिक, आवासीय, औद्योगिक, मिश्रित उपयोग के क्षेत्रों का विकास किया जाएगा। इसके अलावा, अस्पताल, स्कूल, कॉलेज, पुस्तकालय, सामुदायिक केंद्र, पुलिस स्टेशन, फायर स्टेशन, पार्क, उद्यान, सिटी फॉरेस्ट, स्टेडियम, खेल मैदान, स्मार्ट सड़कें, साइकिल ट्रैक, फुटपाथ, स्मार्ट बस स्टॉप, स्मार्ट ट्रैफिक प्रबंधन, ईवी चार्जिंग स्टेशन, सार्वजनिक वाई-फाई, सौर पैनल, सीसीटीवी निगरानी और रीसाइकल्ड पानी के उपयोग की व्यवस्था भी की जाएगी। विस्तृत अधोसंरचना और स्मार्ट सुविधाएँ* सड़क नेटवर्क में 75 मीटर और 60 मीटर चौड़ी मुख्य सड़कें, 9 मीटर चौड़ी आंतरिक सड़कें, बरसाती पानी की निकासी के लिए नालियां, भूमिगत विद्युत वितरण लाइनें, स्मार्ट एलईडी स्ट्रीट लाइट्स, गैस पाइपलाइन, जल आपूर्ति नेटवर्क, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट, और साइनेज का विश्वस्तरीय ढांचा भी इस योजना का हिस्सा होगा। किसानों ने जताया मुख्यमंत्री का आभार* मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का किसान समुदाय ने हृदय से आभार प्रकट किया। किसानों ने अपनी भावनाएँ साझा करते हुए कहा — “ मुख्यमंत्री जी, आपने रंगपंचमी के दिन हमारी दिवाली कर दी।” दरअसल, रंगपंचमी के दिन ही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसानों से इंदौर एयरपोर्ट पर भेंट की थी। यह क्षेत्रीय विकास की दिशा में मील का पत्थर* कॉरिडोर के तहत प्रस्तावित क्षेत्र में कोडियाबर्डी, नैनोद, रिंजलाय, बिसनावदा, नावदा पंथ, श्रीराम तलावली, सिन्दोड़ा, सिन्दोड़ी, शिवखेड़ा, नरलाय, मोकलाय, डेहरी, सोनवाय, भैंसलाय, बागोदा, टीही और धन्नड़ ग्राम शामिल हैं। कुल 1290.74 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण और विकास किया जा रहा है, जिसमें से किसानों को 60% विकसित भूमि दी जाएगी। विश्वस्तरीय भूखंड मिलेंगे भूमि स्वामियों को* योजना के अंतर्गत एयरो सिटी, फिनटेक सिटी, सिग्नेचर टॉवर, नगर वन और क्षेत्रीय पार्क जैसी सुविधाएँ विकसित की जाएंगी, जिनसे भू-स्वामी अपनी भूमि का सर्वोत्तम रिटर्न पा सकेंगे। यह निर्णय किसानों, निवेशकों और सरकार — तीनों के हित में साबित होगा। अब भी शेष किसानों से सहमति की अपेक्षा* शासन द्वारा यह अपील की गई है कि शेष भू-धारक भी अपनी सहमति पत्र एमपीआईडीसी के भू-अर्जन शाखा, प्रथम मंजिल, अतुल्य आईटी पार्क, खंडवा रोड, इंदौर में कार्यालयीन समय पर प्रस्तुत करें ताकि योजना को समय पर अमलीजामा पहनाया जा सके। पूरे क्षेत्र का होगा कायाकल्प* इंदौर-पीथमपुर इकोनोमिक कॉरिडोर केवल एक इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि प्रदेश के आर्थिक और सामाजिक विकास की मजबूत नींव है। इसमें किसानों को सम्मानजनक मुआवजा और भविष्य के अवसर देने का प्रयास किया जा रहा है। किसानों की पहली सहमति इस ऐतिहासिक पहल का शुभ संकेत है, भू-धारक भू-अर्जन शाखा, प्रथम मंजिल, अतुल्य आई.टी.पार्क, खण्डवा रोड, इन्दौर के कार्यालय में कार्यालयीन दिवस में अपना सहमति पत्र दे सकते है। recent visitors 47

समूह से ऋण लेकर उच्च नस्ल के दूधारू पशुओं को खरीदा, 80 लीटर प्रति दिन दूध उत्पादन कर रही श्रीमती कुर्मी

सागर सागर जिले के ग्राम आमेट की रहने वाली श्रीमती सीमा कुर्मी ने अपने परिवार की खुशहाली के लिए कड़ी मेहनत और साहस का परिचय दिया है। पहले उनके पास सिर्फ 6 देशी नस्ल की भैंसें थीं, जिनसे वे प्रतिदिन 12 लीटर दूध बेचकर अपने परिवार का गुजारा करते थे। लेकिन श्रीमती सीमा की हमेशा से एक बड़ी ख्वाहिश थी अपने परिवार को आगे बढ़ाना। समूह से जुड़कर उन्होंने अपने प्रयासों को और बढ़ाया। उन्होंने ऋण की मदद से आय मूलक गतिविधियों की शुरुआत की। परिवार की सामूहिक मेहनत ने रंग लाना शुरू किया और धीरे-धीरे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होने लगा। उन्होंने 7 लाख 50 हजार रुपये का ऋण लेकर आलू और प्याज की खेती का विस्तार किया। इसके साथ ही, उन्होंने उच्च नस्ल के दूधारू पशुओं को खरीदा और पक्की गौशाला का निर्माण कराया। अब श्रीमती सीमा के पास 15 दुधारू भैंसों के अलावा 35 अन्य पशु भी हैं। उनके पशुओं के लिए उत्तम आहार की व्यवस्था भी की गई है, जिसके लिए वे आलू और प्याज की फसल के साथ वरसीम और चारा उगाती हैं। वर्तमान में, उनका दूध उत्पादन 80 लीटर प्रति दिन से अधिक हो गया है। श्रीमती सीमा की मेहनत ने उन्हें न केवल आर्थिक रूप से सक्षम बनाया, बल्कि उन्हें अपने परिवार के लिए बेहतर जीवनस्तर भी प्रदान किया। उनके घर में चार मोटर साइकिलें हैं और उनके बेटे बेहतर शिक्षा प्राप्त कर रहे है।  उन्होंने 02 पक्के मकान की भी निर्माण किया है, जो उनके स्थिरता और विकास का प्रतीक है। recent visitors 43

भाजपा सरकार के मंत्री अधिकारियों से 10 प्रतिशत कमीशन मांग रहे हैं, आतिशी ने दिल्ली सरकार पर लगाया आरोप

नई दिल्ली दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) की विधायक आतिशी ने शुक्रवार को भाजपा नेता और पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश वर्मा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के मंत्री अधिकारियों से 10 प्रतिशत कमीशन मांग रहे हैं और जब अधिकारी इसका विरोध कर रहे हैं, तो उन्हें धमकाया और निलंबित किया जा रहा है। आतिशी ने कहा, "आज (शुक्रवार) सुबह से भाजपा के मंत्री प्रवेश वर्मा दिल्ली सरकार के अधिकारियों को गालियां दे रहे हैं और उन पर गलत आरोप लगा रहे हैं। वह कह रहे हैं कि अधिकारी काम नहीं कर रहे हैं, लेकिन यही अधिकारी पिछले 10 साल से दिल्ली में शानदार काम कर रहे थे। आखिर ऐसा क्या हुआ कि अब उन्होंने काम करना बंद कर दिया?" उन्होंने कहा, "अधिकारियों को धमकाया जा रहा है और जब वे भ्रष्टाचार का विरोध कर रहे हैं, तो उन्हें निलंबित किया जा रहा है। दिल्ली के अधिकारियों ने हमें फोन करके बताया कि भाजपा सरकार के मंत्री हर काम में 10 प्रतिशत कमीशन मांग रहे हैं। जब अफसर इसका विरोध कर रहे हैं, तो उन्हें ट्रांसफर कराने की धमकी दी जा रही है।" विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने कहा कि भाजपा सरकार बने अभी सिर्फ एक महीना हुआ है और उनके मंत्री बहाने बनाने लगे हैं। पिछले एक महीने में भाजपा नेता केवल आम आदमी पार्टी (आप) और अरविंद केजरीवाल को गालियां देने में व्यस्त रहे हैं। आम आदमी पार्टी की जनहितकारी योजनाओं को रोकने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन अब अधिकारी भी परेशान हो चुके हैं और अपना ट्रांसफर कराने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी लगातार भाजपा की रेखा गुप्ता सरकार के खिलाफ मोर्चा खोले हुए है और उनके किसी भी काम को मुद्दा बनाकर उन पर तुरंत हमला बोलना शुरू कर देती है। recent visitors 37

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में कहा- 31 मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद हो जाएगा समाप्त

नई दिल्ली केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का कहना है कि 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद समाप्त हो जाएगा। उन्होंने राज्यसभा में कहा, "मैं देश को बताना चाहता हूं कि 31 मार्च 2026 तक इस देश से नक्सलवाद समाप्त हो जाएगा। नक्सलवादियों ने समानांतर सरकारें बनाई, समानांतर सरकारें चलाईं। नक्सलवाद को समाप्त करने के पीछे नरेंद्र मोदी सरकार का 10 साल का विजन है।" गृह मंत्री शुक्रवार को राज्यसभा में गृह मंत्रालय के कामकाज पर हुई चर्चा का जवाब दे रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि हमने नवीनतम टेक्नोलॉजी के साथ नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई की है। इनके हर प्रकार के कम्युनिकेशन और आवाजाही का रेखांकन किया। ड्रोन और सैटेलाइट सर्विलांस किया। डाटा एनालिसिस करके अपने सुरक्षा बलों को लैस किया, जिसके आधार पर सुरक्षा बलों को कामयाबी मिली। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के शासन के मुकाबले अभी नक्सलवाद से जुड़ी हिंसक घटनाएं और सुरक्षाबलों के मारे जाने की संख्या में काफी कमी आई है। कांग्रेस शासनकाल में 126 जिले नक्सलवाद से प्रभावित थे। अब ऐसे केवल 12 जिले बचे हैं। अगले वर्ष 31 मार्च तक ये जिले भी नक्सलवाद से मुक्त हो जाएंगे। पहले नक्सल प्रभावित जिलों में एक भी नाइट लैंडिंग हेलीपैड नहीं थे। सुरक्षा बलों को मजबूती प्रदान करने के लिए ऐसे 68 नाइट लैंडिंग हेलीपैड बनाए गए हैं। नक्सलियों के कई करोड़ रुपए जब्त किए गए हैं। हमने इन इलाकों में विकास के लिए बजट को 300 प्रतिशत तक बढ़ाने का काम किया है। हाईवे बनाए और ग्रामीण सड़कें बनाई हैं। मोबाइल टावर लगाए हैं। पूरा नक्सल एरिया अब मोबाइल कनेक्टिविटी से लैस है। उन्होंने जम्मू-कश्मीर में आए परिवर्तन के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के शासन में 33 सालों से वहां रात को सिनेमा हॉल नहीं खुलते थे, हमारे शासन में वहां खुले हैं। 34 साल से ताजिया के जुलूस की इजाजत नहीं थी, हमारे शासन में दी गई। जी-20 की बैठक में दुनिया भर के डिप्लोमेट्स वहां शांति से गए। कश्मीर की संस्कृति, खूबसूरती, भोजन और संगीत का अनुभव करके अपने देश लौटे हैं। इस देश में लाल चौक पर तिरंगा फहराने के लिए हम सब गए थे। प्रधानमंत्री और हमारे तत्कालीन अध्यक्ष मुरली मनोहर जोशी के नेतृत्व में कन्याकुमारी से कश्मीर यात्रा निकाली थी। हमें लाल चौक जाने की परमिशन नहीं मिल रही थी। जब जिद की तो सेना की सुरक्षा में वहां जाकर आनन-फानन में ध्वज वंदन करके वापस आना पड़ा। आज उसी लाल चौक पर 'हर घर तिरंगा कार्यक्रम' में एक भी घर ऐसा नहीं था, जहां तिरंगा न हो। उन्होंने आगे कहा कि श्रीनगर में फॉर्मूला-4 रेसिंग कार का आयोजन हुआ। उसी लाल चौक पर कृष्ण जन्माष्टमी मनाई गई। मां शारदा देवी के मंदिर में दशकों के बाद दीपावली और सरस्वती पूजन हुआ। खीर भवानी का अष्टमी महोत्सव 22 साल बाद मनाया गया। इसके अलावा केंद्रीय गृह मंत्री ने बताया कि गांवों से सुविधाओं के लिए पलायन हो रहा है। जिस देश के बॉर्डर के गांव खाली हो जाते हैं, उस देश के बॉर्डर कभी सुरक्षित नहीं रह सकते, इसलिए एक नई अप्रोच के साथ पहले जिसे देश का अंतिम गांव कहा जाता था, अब उसे देश का पहला गांव कहा जाता है। मैं दावे से कहता हूं कि सुविधाओं की दृष्टि से भी यह गांव अगले 10 वर्ष में देश के प्रथम गांव होंगे। इसके लिए वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम लाया गया है। इसके अंतर्गत 90 प्रतिशत केंद्र का अनुदान है और 10 प्रतिशत राज्य का हिस्सा है। इस अनुपात में इन गांवों के लिए पैसा दिया जाता है। शुरुआत में 4,800 करोड़ रुपए के आवंटन से हमने 652 गांव को इसमें शामिल किया है। इसमें अरुणाचल प्रदेश के 455, उत्तराखंड के 51, हिमाचल के 75, सिक्किम के 46 और लद्दाख के कई गांव शामिल हैं। recent visitors 39

कर्मचारी की मसीहा बनके सामने आई समाज सेवी समाज सेविका मृणालिनी सिंह सेंगर 

Social worker Mrinalini Singh Sengar came forward as the savior of the employees  भोपाल (ब्यूरो रिपोर्ट)। राजधानी में लगातार मजदूरों के साथ अत्याचार हो रहे हैं, बात करें नगर निगम या की अस्पतालों की, हर एक जगह कर्मचारियों को निमित्त समय वेतन नहीं मिल रहा, कर्मचारी परेशान हो रहे हैं,वह अपनी को समस्याएं किसको सुनाए ना तो सरकार सुनती है ,ना अधिकारी सुनते हैं लगातार ठेकेदार एवं सुपरवाइजर मिली भगत से कर्मचारियों के साथ अत्याचार कर रहे हैं,वही कर्मचारी की मसीहा बनके सामने आई ,समाज सेवी समाज सेविका मृणालिनी सिंह सेंगर जो कर्मचारी के हित के लिए लगातार आंदोलन करती आ रहे हैं,वहीं उन्होंने बताया कि,1250 जेपी अस्पताल में 2 महीने से कर्मचारियों का वेतन नहीं हुआ,विधवा एवं विकलांग महिला एवं पुरुषों का भी वेतन अटका हुआ,मैं उनके हित के लिए जगह-जगह भटक रही हूं आज मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव के बंगले पर भी पहुंची, और कर्मचारियों की हित के लिए बात रखी, वही मृणालिनी सिंह सेंगर का कहना है कि,मैं कर्मचारियों के हित के लिए लगातार प्रदर्शन करती रहूंगी,जब तक इन कर्मचारियों की वेतन नहीं मिलता,वही मैंने मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव से भी निवेदन किया है कि,जल्द से जल्द कर्मचारियों की हित के लिए सोचें,अन्यथा आगे चलकर यही कर्मचारी उग्र हो सकते हैं, और सड़कों पर आ सकते हैं recent visitors 271