Sunday, July 5, 2026 11:05 am

परिवार वाले को उन्हें आत्मसमर्पण के लिए प्रेरित करने पर सरेंडर करने वाले नक्सलियों को 50-50 हजार की राशि दी जाएगी

रायपुर छत्तीसगढ़ को मार्च 2026 तक नक्सलमुक्त बनाने के लिए राज्य सरकार ने नक्सल आत्मसमर्पण नीति 2025 घोषित की है। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को जमीन व आवास के साथ ही स्वचलित हथियारों के लिए पांच लाख तक की राशि दी जाएगी। नक्सलियों के स्वजन को उन्हें आत्मसमर्पण के लिए प्रेरित करने पर आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को 50-50 हजार की राशि दी जाएगी। नक्सली के विरुद्ध घोषित इनामी राशि का 10 प्रतिशत अथवा अधिकतम पांच लाख रुपये आत्मसमर्पण में मदद कराने वाले पुलिस और सुरक्षाकर्मियों को वितरित किया जाएगा। नक्सली संगठन की 60% से अधिक इकाई के सामूहिक आत्मसमर्पण पर यह राशि दोगुनी हो जाएगी। ग्राम पंचायत क्षेत्र के सभी नक्सली सदस्यों के आत्मसमर्पण पर उस क्षेत्र को नक्सल-मुक्त घोषित कर चार करोड़ रुपये के विकास कार्यों की स्वीकृति मिलेगी। ‘एलवद पंचायत अभियान’ के अंतर्गत ग्राम पंचायतें व ग्रामीण नक्सलियों के आत्मसमर्पण में मदद करेंगे। उन्हें भी प्रोत्साहन राशि के प्रविधान हैं। नीति में नक्सलियों के बच्चों की शिक्षा के लिए भी विशेष प्रविधान किए गए हैं। इनका लाभ स्थानीय और दूसरे राज्यों के आत्मसमर्पित नक्सलियों को भी मिलेगा। सरकार का मानना है कि हिंसा अधिक न हो व भटके नक्सली समाज की मुख्यधारा से जुड़ जाएं। नक्सलवाद के खात्मे के लिए ये प्रोत्साहन पांच किलोग्राम या अधिक की आईईडी बरामद कराने पर 15,000 रुपये, 10 किग्रा. या अधिक पर 25,000 रुपये दिए जाएंगे। बड़े डंप (हथियार निर्माण इकाई, विस्फोटक, आदि) की बरामदगी पर ₹एक लाख मिलेंगे। अविवाहित, विधवा या विधुर नक्सलियों को तीन साल के भीतर विवाह के लिए एक लाख रुपये दिए जाएंगे। पांच लाख रुपये या अधिक के इनामी नक्सली को शहरी क्षेत्र में 1742 वर्गफुट भूमि या ग्रामीण क्षेत्र में एक हेक्टेयर कृषि भूमि या ₹दो लाख की संपत्ति सहायता मिलेगी। recent visitors 24

कैश कांड: जस्टिस यशवंत वर्मा को दिल्ली HC ने फोन रिकॉर्ड सुरक्षित रखने के दिए निर्देश

नई दिल्ली दिल्ली हाईकोर्ट के जस्टिस यशवंत वर्मा अपने सरकारी आवास में आग लगने के दौरान मिले कैश को लेकर घिरते दिख रहे हैं। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय ने सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस (सीजेआई) के निर्देश पर जस्टिस वर्मा को अपने फोन के सभी रिकॉर्ड सुरक्षित रखने को कहा है। इसमें बातचीत, मैसेज और डेटा शामिल हैं, क्योंकि उनके इर्द-गिर्द विवाद लगातार सामने आ रहा है। जस्टिस वर्मा ने दिल्ली हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय को दिए गए एक बयान में नकदी बरामदगी की घटना में उन पर लगे आरोपों का खंडन किया। जस्टिस वर्मा ने बताया, ''उनके स्टाफ में से किसी को भी मौके पर मौजूद कैश या मुद्रा के कोई अवशेष नहीं दिखाए गए। उन्होंने अपने बयान में कहा, "मैंने पर्सनली अपने स्टाफ के साथ इस मामले की जांच की, जिन्होंने पुष्टि की कि घर में कथित रूप से पाए गए नोटों को हटाया नहीं गया था। केवल मलबा और बचाए जा सकने वाले सामान ही हटाए गए थे। ये घर में अलग से रखे हैं और निरीक्षण के लिए उपलब्ध हैं।" इस बीच, पुलिस कमिश्नर ने कथित तौर पर दिल्ली हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को सूचित किया है कि जस्टिस वर्मा के आवास पर तैनात सुरक्षा गार्ड के अनुसार, 15 मार्च की सुबह कुछ मलबा और आंशिक रूप से जली हुई वस्तुएं हटा दी गई थीं। जस्टिस वर्मा ने किसी भी तरह के गलत काम के आरोपों को खारिज करते हुए जवाब दिया। हालांकि, जब हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस ने उन्हें घटना का वीडियो दिखाया, तो जस्टिस वर्मा ने उनकी प्रतिष्ठा को चोट पहुंचाकर उन्हें बदनाम वाली संभावित गहरी साजिश की आशंका जताई। सुप्रीम कोर्ट ने एक विस्तृत रिपोर्ट जारी की है और दिल्ली हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय ने हाल की घटना की गहन जांच की मांग की है। अपने जवाब में जस्टिस यशवंत वर्मा ने कहा कि न तो उन्हें, न ही उनकी बेटी को और ना ही उनके घर के स्टाफ को कभी भी जली हुई नकदी की बोरियां दिखाई गईं, जो कथित तौर पर मौके पर पाई गई थीं। जस्टिस वर्मा ने मीडिया को लेकर भी निराशा जताते हुए कहा कि उनकी प्रतिष्ठा को धूमिल करने वाले मानहानिकारक दावे फैलाने से पहले उचित जांच की जानी चाहिए थी। recent visitors 22

मुख्यमंत्री साय बोले – बिहार और छत्तीसगढ़ की संस्कृति आपस में गहराई से जुड़ी है

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि बिहार और छत्तीसगढ़ की संस्कृति, परंपराएं, त्योहार और पारिवारिक मूल्य – सबकुछ एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हुए हैं। ये रिश्ता केवल भूगोल का नहीं, बल्कि भावनाओं और संस्कारों का है। वे आज भिलाई में "बिहार-तिहार स्नेह मिलन" कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। यह आयोजन "एक भारत-श्रेष्ठ भारत" अभियान के तहत बिहार स्थापना दिवस के अवसर पर हुआ। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बिहार और छत्तीसगढ़ के बीच रोटी-बेटी का रिश्ता केवल कहावत नहीं, अब सामाजिक हकीकत बन चुकी है। उन्होंने अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए बताया कि उनकी माता जी भी अविभाजित बिहार से थीं और उनका झारखंड से पुराना संबंध रहा है। छठ पूजा पर बोलते हुए मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि अब छठ पर्व छत्तीसगढ़ में भी पूरे उत्साह के साथ मनाया जाता है। राज्य भर के तालाबों और नदियों पर सुंदर छठ घाटों का निर्माण किया गया है। उन्होंने बताया कि उन्होंने स्वयं भी जशपुर जिले के कुनकुरी में एक करोड़ की लागत से छठ घाट बनवाया है। मुख्यमंत्री साय ने बिहार के गौरवशाली इतिहास को नमन करते हुए कहा कि भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेन्द्र प्रसाद बिहार से थे। नालंदा विश्वविद्यालय, जिसने भारत को विश्वगुरु बनाया, बिहार की देन है। आर्यभट्ट, जिन्होंने शून्य की खोज की, बिहार की महान विभूति हैं। कर्पूरी ठाकुर जैसे सामाजिक न्याय के पुरोधा यहीं की धरती से निकले। मोदी की गारंटी: वादा नहीं, संकल्प है : मुख्यमंत्री साय मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता ने प्रधानमंत्री श्री मोदी की गारंटी पर भरोसा किया और हमें सेवा का अवसर मिला। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सरकार ने बीते सवा साल में जनहित की कई योजनाओं को प्रभावी ढंग से क्रियान्वित किया है। महतारी वंदन योजना के अंतर्गत अब तक 70 लाख से अधिक विवाहित माताओं-बहनों को हर महीने ₹1000 की सहायता राशि प्रदान की जा रही है, जिससे महिलाओं की आर्थिक भागीदारी और सम्मान में वृद्धि हुई है। धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने वाली रामलला दर्शन योजना के माध्यम से अब तक 20 लाख से अधिक श्रद्धालु अयोध्या में भगवान श्रीराम के दर्शन कर चुके हैं। उन्होंने कह कि तीर्थ यात्रा योजना को नए वित्तीय वर्ष से पुनः प्रारंभ किया जा रहा है, ताकि वरिष्ठ नागरिकों और श्रद्धालुओं को देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों की यात्रा का अवसर फिर से सुलभ हो सके। "एक भारत-श्रेष्ठ भारत" की संकल्पना को मिल रहा समर्थन मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री मोदी के "एक भारत-श्रेष्ठ भारत" अभियान की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से भाषायी, सामाजिक और सांस्कृतिक दूरियाँ कम होती हैं। आज का यह समारोह दो राज्यों के बीच भाईचारे और सांस्कृतिक समझ का सेतु बना है। सर्व समाज प्रमुखों का सम्मान, नई पीढ़ी को प्रेरणा मुख्यमंत्री साय ने मंच से सर्व समाज प्रमुखों को शाल और श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि समाजसेवियों का सम्मान हमारी परंपरा है, जिससे आने वाली पीढ़ियाँ प्रेरणा लेती हैं। लिट्टी-चोखा से लेकर तीजा-छठ तक : संस्कृति की साझी विरासत मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बिहार की लिट्टी-चोखा हो या छत्तीसगढ़ का चीला-फरा, तीजा हो या छठ – दोनों राज्यों की संस्कृति में गहरा साम्य है। खमरछठ और छठ पूजा, दोनों ही पर्व मातृशक्ति और प्रकृति के प्रति आभार के प्रतीक हैं। मुख्यमंत्री साय ने सभी बिहारी भाइयों और बहनों का छत्तीसगढ़ की धरती पर स्वागत करते हुए कहा कि हम सब मिलकर प्रधानमंत्री  मोदी जी के एक भारत-श्रेष्ठ भारत के संकल्प को आगे बढ़ाएँ।यह आयोजन आपसी प्रेम, सद्भाव और राष्ट्रीय एकता की मिसाल है। बिहार सरकार के पथ निर्माण मंत्री नितिन नबीन ने कहा कि बिहार दिवस का उद्देश्य हमारी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को समझना और अगली पीढ़ी तक पहुँचाना है। शिक्षा, स्वास्थ्य और अधोसंरचना के क्षेत्र में बिहार में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। इस अवसर पर विधायक रिकेश सेन, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रेमप्रकाश पाण्डेय, जिला पंचायत अध्यक्ष सरस्वती बंजारे, नगर निगम दुर्ग की महापौर अल्का बाघमार एवं अन्य जनप्रतिनिधि, और गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में  उपस्थित थे। recent visitors 19

मां की हत्या कर चांदी के कड़े और 50 हजार चुराने वाले बेटे और उसके दोस्त को उम्रकैद

धार मां की निर्ममतापूर्वक हत्या और चोरी के आरोपी बेटे और उसके दोस्त को न्यायालय ने उम्र कैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने आरोपियों पर चार-चार हजार रुपए का अर्थ दंड भी लगाया है। जानकारी उपसंचालक लोक अभियोजक त्रिलोक चंद बिल्लौर ने दी है। दरअसल घटना सागोर थाना क्षेत्र के खंडवा की है। कलयुगी बेटे ने पैसे के लालच में दोस्त के साथ मिलकर 24 अप्रैल 2019 को मां की निर्ममतापूर्वक हत्या कर दी थी। आरोपी बेटे ने बुजुर्ग मां की रस्सी से गला घोट कर हत्या के बाद उसके बाद पैरों को टखने के पास से काटकर अलग चांदी के कड़े और 50 हजार रुपए चुरा लिया था। इस करतूत को लूट की नीयत से अंजाम दिया गया था। पुलिस के द्वारा इस मामले का पर्दाफाश कर केस प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश के यहां पेश किया था। कोर्ट ने सुनवाई करते हुए आरोपी रणजीत और जितेंद्र दोनों निवासी खंडवा थाना सागोर को लूट, हत्या सहित पुलिस को गुमराह और चोरी का माल छुपाने जैसे अपराधों का दोषी करार करते हुए उम्र कैद की सजा सुनाई है। सजा के साथ कोर्ट ने 4-4 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है। recent visitors 20

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने देखी “छावा” फिल्म

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय शनिवार को नवा रायपुर स्थित आईपी क्लब के मिनी थिएटर में मराठा काल के स्वर्णिम इतिहास पर आधारित फिल्म "छावा" देखने पहुँचे। यह फिल्म वीर राष्ट्रनायक छत्रपति शिवाजी महाराज के पराक्रमी पुत्र संभाजी महाराज के जीवन, संघर्ष और बलिदान पर आधारित है। फिल्म प्रदर्शन के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि संभाजी महाराज ने देश, धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया। घोर यातनाओं और कठिन परिस्थितियों में भी उन्होंने अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। 'छावा' फिल्म ने उनके अद्भुत जीवन और बलिदान को अत्यंत सजीव और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया है। मुख्यमंत्री साय ने यह भी बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार ने "छावा" फिल्म को राज्य में टैक्स फ्री किया है ताकि अधिक से अधिक लोग इस प्रेरक इतिहास से अवगत हो सकें। इस अवसर पर राज्य के वन मंत्री केदार कश्यप, विधायक अनुज शर्मा, तथा सम्पत अग्रवाल भी उपस्थित थे और फिल्म के माध्यम से राष्ट्रभक्ति की इस गौरवशाली गाथा का साक्षात्कार किया। उल्लेखनीय है कि फिल्म में मराठा-मुगल संघर्ष और भारत के  इतिहास को एक नई दृष्टि से दर्शाया गया है। recent visitors 18

जबलपुर में सड़क हादसा : खाई में पलटी यात्री बस तीन मौत, 25 लोग घायल

जबलपुर मध्यप्रदेश में रफ्तार का कहर थम नहीं रहा है। तेज रफ्तार वाहनों के अनियंत्रित होने के कारण आए दिन सड़क हादसे हो रहे हैं। सड़क हादसों में लोगों की असमय मौतें भी हो रही है। ताजा मामला जबलपुर जिले का है जहां यात्री बस हादसे का शिकार हो गई। इस हादसे में तीन यात्री की मौत हो गई और 25 लोग घायल बताए जा रहे हैं। सभी घायलों को उपचारार्थ अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायलों की गंभीर स्थिति को देखते हुए मृतकों की संख्या बढ़ सकती है। दरअसल हादसा बरगी थाना अंतर्गत रमनपुर घाटी के पास हुआ है। अनियंत्रित होकर यात्री बस खाई में पलट गई जिससे तीन लोग की मौत हो गई 25 लोग घायल है। बताया जाता है कि यात्री बस अयोध्या से नागपुर जा रही थी, तभी आज सुबह अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई। बस के पलटते ही वहां चीख पुकार मच गई। हादसे की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकाला। सभी घायलों को लखनादौन अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। समाचार के लिखे जाने तक मृतकों के नाम पते की जानकारी नहीं मिल पाई थी। recent visitors 18

सुपर सन्डे में आज IPL के दो मुकाबले, जाने हैदराबाद और चेन्नई में कैसा होगा पिच का मिजाज?

नई दिल्ली IPL 2025 के आज दो मुकाबले खेले जाने हैं। इनमें एक सनराइजर्स हैदराबाद वर्सेस राजस्थान रॉयल्स मैच है, जो हैदराबाद में खेला जाएगा। दूसरा मुकाबला चेन्नई सुपर किंग्स वर्सेस मुंबई इंडियंस है, जो चेन्नई में खेला जाएगा। इन दोनों मैदानों की पिच रिपोर्ट क्या कहती है, उसे जान लीजिए। चेन्नई में पहले बल्लेबाजी करने वाली टीमों की ज्यादा जीत मिलती है, जबकि हैदराबाद में रन चेज में टीमों को फायदा मिलता है। इसके अलावा हैदराबाद में पेसर हावी रहते हैं, लेकिन चेन्नई में स्पिनर भी मुकाबले में अहम होते हैं। हैदराबाद पिच रिपोर्ट हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम की बात करें तो यहां अब तक आईपीएल के 77 मुकाबले खेले गए हैं, जिनमें से 34 मुकाबले पहले बल्लेबाजी करते हुए टीम जीती है और रन चेज करते हुए 42 मैचों में टीम जीती हैं। पहली पारी का औसत स्कोर यहां 163 है। हालांकि, तेज गेंदबाजों का यहां दबदबा देखने को मिलता है, क्योंकि 70.58 प्रतिशत विकेट तेज गेंदबाजों को मिलते हैं, जबकि स्पिनरों को 29.42 फीसदी विकेट ही मिलते हैं। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि यहां पेसर्स का बोलबाला होगा और टीमें टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनेंगी। चेन्नई पिच रिपोर्ट बात अगर चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम की करें तो यहां आईपीएल के 85 मुकाबले खेले गए हैं, जिनमें से पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम 47 मुकाबले जीती है और 36 मैच दूसरी पारी में बल्लेबाजी करने वाली टीम जीती है। यहां भी तेज गेंदबाजों को ज्यादा विकेट मिलते हैं, लेकिन स्पिनरों का भी विकेट पर्सेंटेज ज्यादा है। पेसर्स यहां 61.57 और स्पिनर 38.43 प्रतिशत विकेट निकालते हैं। ऐसे में मुकाबला यहां बहुत टक्कर का होने वाला है। पांच-पांच बार की आईपीएल विजेता टीमों के बीच लड़ाई होनी है। एक तरफ मेजबान चेन्नई सुपर किंग्स होगी और उनके सामने मुंबई इंडियंस होगी। recent visitors 22