Monday, July 6, 2026 5:56 pm

भोरमदेव महोत्सव की तैयारियों का कलेक्टर गोपाल वर्मा ने निरीक्षण

कवर्धा भोरमदेव महोत्सव की तैयारियां जोरों पर हैं. 26 और 27 मार्च को आयोजित महोत्सव में प्रदेश की समृद्ध संस्कृति, लोककला और परंपराओं का भव्य प्रदर्शन किया जाएगा. कलेक्टर गोपाल वर्मा ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ भोरमदेव महोत्सव की तैयारियों का निरीक्षण किया. इस दौरान पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र छवाई, डीएफओ शशि कुमार, जिला पंचायत सीईओ अजय त्रिपाठी एवं प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद थे. भोरमदेव महोत्सव में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा सहित अन्य गणमान्य जनप्रतिनिधि शामिल होंगे. कलेक्टर गोपाल वर्मा ने बताया कि भोरमदेव महोत्सव के शुभारंभ और समापन अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा सहित सांसदों और अन्य जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित किया जाना प्रस्तावित है. महोत्सव के दोनों दिनों में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा की उपस्थिति भी रहेगी. इस लिहाज से महोत्सव स्थल पर सुरक्षा एवं आवश्यक व्यवस्था की जा रही है. recent visitors 21

ये 4 कप्तान मुंबई इंडियंस की किस्मत नहीं बदल

नई दिल्ली मुंबई इंडियंस ने इंडियन प्रीमियर लीग यानी आईपीएल के किसी भी सीजन में अपना पहला मैच आखिरी बार साल 2012 में जीता था। इसके अगले साल से टीम अब तक 13 मुकाबले सीजन के पहले-पहले हार चुकी है। 2013 से इसकी शुरुआत हुई थी और ये सिलसिला 2025 तक जारी है। इस दौरान चार कप्तान बदल गए, लेकिन टीम की किस्मत नहीं बदल सकी है। आखिरी बार हरभजन सिंह की कप्तानी में मुंबई इंडियंस ने आईपीएल सीजन का पहला मैच जीता था। इसके बाद से कप्तान पर कप्तान बदले, लेकिन टीम को पहले मैच में जीत नसीब नहीं हुई। 2012 के बाद 2013 में कप्तानी रिकी पोंटिंग को मिली, लेकिन उनकी कप्तानी में भी टीम सीजन का पहला मैच हारी। अगले साल 2014 में रोहित शर्मा टीम के कप्तान थे, जिन्होंने 2013 में बीच सीजन में कप्तानी संभाली और टीम को चैंपियन बनाया, लेकिन वह भी टीम को पहला मैच अगले सीजन की जिता नहीं पाए। वे 2023 तक टीम के कप्तान रहे, लेकिन एक बार भी उनकी कप्तानी में मुंबई इंडियंस को आईपीएल सीजन के पहले मैच में जीत नहीं मिली। यहां तक कि 2024 में कप्तानी हार्दिक पांड्या को मिली, लेकिन उनकी कप्तानी में भी टीम अपना पहला मैच हार गई। इसके बाद 2025 में सूर्यकुमार यादव मुंबई इंडियंस के लिए पहले मैच में कप्तानी करने उतरे, लेकिन वे भी टीम को जीत नहीं दिला सके। आईपीएल में अन्य कोई टीम ऐसी नहीं है, जिसने सीजन का पहला मैच इतनी बार हारा हो। हालांकि, अच्छी बात यह रही है कि मुंबई इंडियंस ने 2013 के बाद से 2020 तक पांच खिताब जीते थे। 2013, 2015, 2017, 2019 और 2020 में टीम टूर्नामेंट की चैंपियन बनी। वहीं, चेन्नई सुपर किंग्स का पलड़ा भी अब मुंबई पर भारी हो गया है। वे पिछले सात में से 6 मुकाबले इस टीम के खिलाफ जीत चुके हैं। recent visitors 39

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने 30 मार्च से 30 जून 2025 तक जल गंगा संवर्धन अभियान चलाने के निर्देश जारी किए

भोपाल मध्य प्रदेश में 30 मार्च से 3 महीने के लिए जल गंगा संवर्धन अभियान शुरू किया जा रहा है. इस अभियान का उद्देश्य जल को संरक्षित रखना और उसका संवर्धन करना मुख्य है. इसी अभियान के तहत सरकार जल स्रोतों की डिजिटल मैपिंग भी करने जा रही है ताकि सरकार के पास डिजिटल डाटाबेस उपलब्ध हो सके. उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने 30 मार्च से 30 जून 2025 तक जल गंगा संवर्धन अभियान चलाने के निर्देश जारी किए हैं. इस जल गंगा संवर्धन अभियान को लेकर कैबिनेट में भी मंजूरी हो चुकी है. यह अभियान पिछले साल भी चलाया गया था. डिजिटल डाटाबेस किया जाएगा तैयार इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जल संरचनाओं के संरक्षण और संवर्धन के लिए आवश्यक कदम उठाने जाना है. इसी कड़ी में सरकार डिजिटल मैपिंग भी करवा रही है. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के मुताबिक प्रदेश के सभी 55 जिलों की जल संरक्षण का डिजिटल डाटाबेस तैयार किया जाएगा. लोगों को मिलेगा काफी लाभ इस अभियान के जरिए जल संरचनाओं में जल भराव की स्थिति और दो भिन्न ऋतु की सेटेलाइट के माध्यम से डिजिटल मैपिंग की जाएगी ताकि प्री और पोस्ट मानसून का डाटा तैयार किया जा सके. सरकार का दावा है कि डिजिटल मैपिंग के बाद पेयजल और अन्य सिंचाई संबंधी जल की उपलब्धता को लेकर महत्वपूर्ण कदम उठाए जा सकेंगे. इससे लोगों को काफी लाभ मिलेगा. जल संरचनाओं का किया जाएगा वर्गीकरण मध्य प्रदेश में चलाए जाने वाले जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत समस्त जल संरचनाओं जैसे नदी, तालाब, बावड़ी, पोखर आदि का वर्गीकरण किया जाएगा. इसके अलावा ऐतिहासिक महत्व की जल संरचना जैसे बड़े जलाशय, खेत तालाब, रिचार्ज टैंक, स्टोरेज टैंक आदि का अलग से वर्गीकरण किया जाएगा. इसका भी डाटाबेस सरकार तैयार करेगी. जल संरचनाओं की लोकेशन भी हाईटेक होगी सरकार डिजिटल मैपिंग के जरिए जल संरचनाओं के नाम, उनका अधिपत्य आदि की जानकारी जिओ टेगिंग के माध्यम से उनकी लोकेशन भी सुनिश्चित करेगी. सरकार के पास पूरा हाईटेक डाटा तैयार होगा इसके कई लाभ भविष्य में मिलने के दावे किए जा रहे हैं. recent visitors 25

अरविंद श्रीनिवास की कंपनी खरीद सकती है टिकटॉक

नई दिल्ली चाइनीज कंपनी बाइटडांस का शॉर्ट वीडियो प्‍लेटफॉर्म टिकटॉक अमेरिका में मुसीबतों में है। ट्रंप सरकार के आने से पहले यह लगभग बंद ही हो गया था, लेकिन फ‍िर उसे वापसी का मौका मिला। शर्त यह है कि टिकटॉक को अमेरिका में अपना कारोबार बेचना होगा। अमेरिका में टिकटॉक को बैन से बचाने के लिए कई कंपनियां उसका बिजनेस खरीदने की कोशिश कर रही हैं। इस दौड़ में अब AI कंपनी Perplexity भी शामिल हो गई है। एंड्रॉयड हेडलाइन्‍स की एक रिपोर्ट के अनुसार, एलन मस्‍क और Mr. Beast जैसे लोगों के नाम पहले से टिकटॉक खरीदने की रेस में हैं। अब परप्‍लेक्सिटी भी इसे खरीदना चाहती है। कंपनी के सीईओ 31 साल के अरविंद श्रीनिवास हैं, जिनका जन्‍म साल 1994 में चेन्‍नई में हुआ था। कौन हैं अरविंद श्रीनिवास साल 1994 में चेन्‍नई में जन्‍मे अरविंद श्रीनिवास, एआई कंपनी Perplexity के को-फाउंडर और सीईओ हैं। यह एक एआई आधारित सर्च इंजन है। अरविंद श्रीनिवास ने आईआईटी-मद्रास से पढ़ाई की है। उसके बाद वह कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी से पीएचडी पूरी करने चले गए। खास बात है कि श्रीनिवास ने अपने करियर की शुरुआत ओपनएआई से की थी, जिसे चैटजीपीटी बनाने के लिए जाना जाता है। बाद में उन्‍होंने गूगल और डीपमाइंड जैसी कंपनियों में भी काम किया। आखिरकार उन्‍होंने Perplexity शुरू की। क्‍या काम करती है Perplexity Perplexity एक एआई कंपनी है। यह एआई से चलने वाला सर्च इंंजन बनाती है। कंपनी सैन फ्रांसिस्‍को से ऑपरेट करती है। बताया जाता है कि टिकटॉक के अमेरिकी हिस्‍से को खरीदने के लिए 18 अरब डॉलर जुटाने पर काम कर रही है। अगर कंपनी अपने मकसद में कामयाब हो गई तो वह टिकटॉक एल्‍गोरिदम को ओपन-सोर्स बना सकती है यानी वह हर किसी के लिए ओपन होगा। कंपनी यह भी कह रही है कि अगर उसे टिकटॉक को खरीद लिया तो अमेरिका में डेटा सेंटर्स बनाएगी ताकि टिकटॉक पर अमेरिका की निगरानी रहे। टिकटॉक पर छाए हैं संकट के बादल टिकटॉक को लेकर अमेरिका में संकट के बादल हैं। टिकटॉक यूजर्स भी इसके भविष्‍य को लेकर असमंजस में हैं। अमेरिका में यह प्‍लेटफॉर्म तभी ऑपरेट हो सकता है, जब बाइटडांस इसके अमेरिकी बिजनेस को बेच दे। ऐसा नहीं होने पर टिकटॉक को अमेरिका से लौटना होगा। भारत में टिकटॉक बहुत पहले ही बैन किया जा चुका है। अगर यह अमेरिका में भी बंद होता है तो कंपनी को बड़ा झटका लगेगा। अमेरिकी कंपनियां टिकटॉक को एक मौके की तरह देख रही हैं। एलन मस्‍क इसमें पहले ही दिलचस्‍पी दिखा चुके हैं। recent visitors 46

राजस्थान हाईकोर्ट ने सख्त कदम उठाते हुए खाप पंचायतों पर अंकुश लगाने का लिया निर्णय

जयपुर राजस्थान में खाप पंचायतों की पुरानी परंपरा पर अब रोक लगने जा रही है। राजस्थान हाईकोर्ट ने सख्त कदम उठाते हुए खाप पंचायतों और उनसे जुड़ी सामाजिक कुरीतियों पर अंकुश लगाने के लिए एक पांच सदस्यीय आयोग का गठन किया है। इस आयोग में चार वकील और एक सामाजिक कार्यकर्ता शामिल होंगे, जो गांवों में जाकर खाप पंचायतों की वास्तविक स्थिति की जांच करेंगे। खाप पंचायतें – कानून से परे फैसले राजस्थान के ग्रामीण इलाकों में खाप पंचायतें एक गैर-सरकारी अदालत के रूप में काम करती हैं। ये पंचायतें अपने नियम खुद बनाती हैं और गांव के सभी लोगों को उन्हें मानने के लिए बाध्य करती हैं। हालांकि, ये पूरी तरह से अवैध हैं और कई बार क्रूर फैसले सुनाकर लोगों का जीवन तबाह कर देती हैं। हाल ही में खाप पंचायतों द्वारा सामाजिक बहिष्कार और भारी जुर्माने जैसे कई मामले सामने आए हैं। कई परिवारों को गांव से बाहर निकालने या उन पर आर्थिक दंड लगाने के फरमान दिए गए। इसके खिलाफ कई शिकायतें भी दर्ज हुईं, लेकिन अभी तक खाप पंचायतों को पूर्ण रूप से खत्म करने के लिए कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई थी। राजस्थान हाईकोर्ट का सख्त फैसला राजस्थान हाईकोर्ट ने अब इस मामले में दखल देते हुए सख्त रुख अपनाया है। जस्टिस फरजंद अली की सिंगल बेंच में हुई सुनवाई के दौरान अधिवक्ता अर्जुन सिंह ने खाप पंचायतों की अमानवीय गतिविधियों को उजागर किया। हाईकोर्ट ने पाया कि खासकर पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर ग्रामीण, बाड़मेर, जैसलमेर, जालौर, नागौर और पाली जैसे जिलों में खाप पंचायतों की सामाजिक बुराइयां गहराई तक फैली हुई हैं। राजस्थान में सामाजिक सुधार की जरूरत कोर्ट ने अपने फैसले में राजा राम मोहन राय द्वारा किए गए सामाजिक सुधारों का जिक्र करते हुए कहा कि समाज में समय-समय पर कुरीतियों को खत्म करने के प्रयास किए गए हैं। लेकिन अब ग्रामीण स्तर पर जाकर वास्तविक स्थिति का विश्लेषण करने की जरूरत है, ताकि इन समस्याओं को जड़ से समाप्त किया जा सके। खाप पंचायतों की निगरानी के लिए गठित आयोग     यह आयोग कोर्ट कमिश्नर के रूप में काम करेगा।     आयोग के सदस्यों को पुलिस अधीक्षक से संपूर्ण सहयोग और सुरक्षा मिलेगी।     वे प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेंगे, स्थानीय पुलिस, सरपंच, ग्राम सेवक और ब्लॉक विकास अधिकारियों से बातचीत करेंगे।     रीति-रिवाजों और परंपराओं की आड़ में हो रहे कदाचारों पर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी।   recent visitors 46

11 माह में गंदगी फ़ैलाने वालों से 35 लाख 49 हजार से अधिक का जुर्माना वसूला

भोपाल पश्चिम मध्य रेलवे जबलपुर, भोपाल एवं कोटा तीनों मण्डलों के सभी स्टेशनों पर स्टेशन परिसर एवं गाड़ियों में स्वच्छ, सुखद एवं पर्यावरण अनुकूल वातावरण मुहैया कराने के प्रति लगातार प्रयासरत है। मण्डलों के रेलवे स्टेशनों एवं रेलगाड़ियों में नियमित साफ सफाई सुनिश्चित की जाती है, साथ ही नियमित उद्घोषणा के माध्यम से यात्रियों को जागरुक भी किया जाता है। इसके अंतर्गत यात्रियों से स्टेशन परिसर को साफ सुथरा रखने, धूम्रपान नहीं करने तथा यहां वहां गंदगी नहीं करने के लिए जागरूक किया जाता है। बार-बार समझाइश के बावजूद कुछ लोग लापरवाही बरतते हैं, ऐसे लोगों के खिलाफ रेल प्रशासन द्वारा समय-समय पर रेलवे अधिनियम के अंतर्गत जुर्माने की कार्यवाही की जाती है। रेलवे द्वारा चालू वित्तीय वर्ष के अप्रैल 2024 से फरवरी 2025 तक में गन्दगी फैलाने वालों के विरुद्ध चलाये गए अभियान में कुल 19502 व्यक्तियों के मामले पकडे गए, जिनसे कुल 35 लाख 49 हजार 245 रूपये जुर्माना वसूला गया। अकेले फरवरी माह में गन्दगी फैलाने वालों के विरुद्ध चलाये गए अभियान में कुल 1024 व्यक्तियों के मामले पकडे गए, जिनसे कुल 2 लाख 3 हजार 400 रूपये जुर्माना वसूला गया। इसके अलावा जुर्माने के साथ साथ ऐसे लोगों को समझाईश भी दी जाती है। साथ ही गंदगी से होने वाले नुकसान की जानकारी देते हुए स्टेशन परिसर स्वच्छ रखने के लिए अनुरोध भी किया जाता है। रेल प्रशासन यात्रियों से अनुरोध करता है कि रेलवे आपकी अपनी संपत्ति है, रेल परिसर में कृपया गंदगी न फैलाएं। स्टेशन का वातावरण स्वच्छ, सुंदर रखने में रेल प्रशासन द्वारा किये जा रहे प्रयासों में सहभागी बनें। गंदगी करने वालों के विरुद्ध आगे भी ऐसे अभियान निरंतर जारी रहेंगे।  recent visitors 19

ग्वालियर शहर में आवारा श्वानों के वैक्सीनेशन के लिये संचालित एबीसी सेंटर अपनी पूरी क्षमता के साथ कार्य करे: कलेक्टर

ग्वालियर ग्वालियर शहर में आवारा श्वानों के वैक्सीनेशन के लिये संचालित एबीसी सेंटर अपनी पूरी क्षमता के साथ कार्य करे। इसके साथ ही नगर निगम विशेष दल गठित कर शहर भर में आवारा श्वानों के टीकाकरण का विशेष अभियान चलाएँ। कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने ग्वालियर नगर निगम द्वारा बिरलानगर पुल के नीचे संचालित एबीसी सेंटर का अवलोकन कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस मौके पर नगर निगम आयुक्त श्री संघ प्रिय, अपर आयुक्त श्री मुनीष सिकरवार, एबीसी सेंटर के संचालन में लगी एजेंसी के पदाधिकारी एवं निगम के अधिकारीगण उपस्थित थे।  कलेक्टर श्रीमती चौहान ने कहा कि ग्वालियर शहर में श्वानों के काटने की कई घटनायें सामने आई हैं। इनको देखते हुए एबीसी सेंटर अपनी पूरी क्षमता के साथ कार्य करे। सेंटर में प्रतिदिन क्षमता के अनुरूप श्वानों को लाकर उनके वैक्सीनेशन एवं अन्य कार्य को किया जाए। सेंटर में आने वाले सभी श्वानों को मेडीकल उपचार के साथ-साथ निर्धारित रोस्टर के अनुरूप भोजन भी उपलब्ध कराया जाए। कलेक्टर श्रीमती चौहान ने कहा है कि एबीसी सेंटर के साथ-साथ शहर भर में आवारा श्वानों के टीकाकरण के लिये निगम विशेष अभियान चलाए। इसके लिये टीमों की संख्या बढ़ाकर शहर के सभी क्षेत्रों में वैक्सीनेशन का कार्य किया जाए। वैक्सीनेशन के कार्य को ट्रेंड स्टाफ के माध्यम से ही किया जाए, यह भी सुनिश्चित हो। एबीसी सेंटर के कर्मचारियों के साथ-साथ निगम का अमला भी इस कार्य में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें। recent visitors 20