Mhow Gang Rape Case: महू में सैन्य अफसरों के साथ लूट, मारपीट और महिला मित्र से गैंगरेप के पांच दोषियों को उम्रकैद

 महू इंदौर जिले के महू क्षेत्र स्थित जाम गेट के पास सितंबर 2024 में हुए बहुचर्चित जाम गेट कांड में अदालत ने 5 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. इस मामले में सेना के ट्रेनी मेजर को बंधक बनाकर उनकी महिला मित्र के साथ लूटपाट, मारपीट और गैंगरेप की जघन्य घटना को अंजाम दिया गया था. फास्ट ट्रैक कोर्ट में चली सुनवाई के बाद महज पांच महीने में आए इस फैसले ने पीड़ितों को न्याय दिलाया है और समाज में कड़ा संदेश दिया है कि ऐसे अपराध बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे. यह घटना पिछले साल 11 सितंबर को सुबह 2 से 3 बजे के बीच महू-मंडलेश्वर रोड पर जाम गेट पर हुई थी और इसने राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बटोरी थीं. महू न्यायालय की विशेष लोक अभियोजक संध्या उइके ने पीटीआई को बताया कि चौथे अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश रविशंकर दोहरे ने अनिल बारोड़ (27), पवन वसुनिया (23), रितेश भाभर (25), रोहित गिरवाल (23) और सचिन मकवाना (25) को आजीवन कारावास की सजा सुनाई. आरोपियों को सामूहिक बलात्कार पीड़िता को 50,000 रुपये और अन्य तीन पीड़ितों को 10-10 हजार रुपये देने का आदेश दिया गया है. छठे आरोपी, जो नाबालिग है, पर किशोर न्यायालय में मुकदमा चल रहा है. मध्य प्रदेश के महू में सेना के दो प्रशिक्षु अधिकारियों और उनकी दो महिला मित्रों के साथ लूट, मारपीट और सामूहिक बलात्कार के मामले में पांच लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है. घटना पिछले साल 11 सितंबर को महू-मंडलेश्वर रोड पर जाम गेट पर हुई थी.     11 सितंबर को क्या हुआ था? उइके ने कहा, "लूट, अपहरण और सामूहिक बलात्कार की घटना पिछले साल 11 सितंबर को 2 से 3 बजे के बीच महू-मंडलेश्वर रोड पर स्थित जाम गेट के पास हुई थी, जब इन्फैंट्री स्कूल, महू के दो प्रशिक्षु सेना अधिकारी अपनी दो महिला मित्रों के साथ वहां गए थे." उइके ने कहा, "अचानक, छह लोगों ने पिस्तौल तान दी, उन पर हमला किया और लाठी से उनकी पिटाई की. उन्होंने 10 लाख रुपये मांगे और न देने पर जान से मारने की धमकी दी. उन्होंने उनके मोबाइल फोन और 800 रुपये लूट लिए.इसके बाद उन्होंने एक प्रशिक्षु अधिकारी और महिला मित्र को रकम का इंतजाम करने के लिए इन्फैंट्री स्कूल जाने को कहा." 12 अक्टूबर को अदालत में पेश की गई अंतिम रिपोर्ट उइके ने कहा कि उन्होंने एक प्रशिक्षु अधिकारी और एक महिला मित्र को बंधक बना लिया, जिसके साथ रितेश भाभर और अनिल बारोड़ ने सामूहिक बलात्कार किया. अगले दिन बड़गोंडा थाने में मामला दर्ज किया गया और मामले की अंतिम रिपोर्ट 12 अक्टूबर को अदालत में पेश की गई. उइके ने बताया, "अभियोजन पक्ष की दलीलें 26 अक्टूबर को शुरू हुईं और बचाव पक्ष के गवाहों के बयान इस साल 20 मार्च को दर्ज किए गए. अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष की अंतिम दलीलें 21 मार्च को समाप्त हुईं, जो मामला दर्ज होने की तारीख से ठीक पांच महीने और 12 दिन बाद था."  अफसरों को बंधक बनाकर मांगे थे रुपये पिछले साल 10 सितंबर को दो प्रशिक्षु सैन्य अधिकारी अपनी दो महिला मित्रों के साथ रात को जाम गेट तक गए थे। वे कार रोककर बातें कर रहे थे, तभी आरोपी हथियार लेकर उनके पास आए और दोनों सैन्य अफसरों के साथ मारपीट की। एक ट्रेनी आर्मी अफसर और उसकी गर्लफ्रेंड को आरोपियों ने छोड़ दिया और 10 लाख रुपये लेकर आने के लिए कहा। इस दौरान दूसरे अफसर और उसकी महिला मित्र को बंधक बनाकर रखा गया। इसके बाद अनिल और रितेश बंधक युवती को झाड़ियों में ले गए और उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। दूसरे अफसर ने अपने कमांडेंट को सूचना दी। इसके बाद मौके पर पुलिस के पहुंचने से पहले ही आरोपी भाग गए थे। बाद में पुलिस ने घटना में शामिल छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस ने घटना के एक माह के भीतर ही चालान पेश कर दिया था। पुलिस ने दुष्कर्म में शामिल अनिल और रितेश के कपड़े, मौके पर मिले उनके सिर के बाल आदि डीएनए सेंपल के लिए भेजे थे। युवती के सैंपल भी भेजे गए थे। रिपोर्ट में आरोपियों द्वारा युवती से दुष्कर्म की पुष्टि हुई थी। पुलिस ने आरोपियों के पास से हथियार भी जब्त किए थे। पुलिस की त्वरित कार्रवाई घटना की सूचना मिलते ही इंदौर ग्रामीण एसपी हितिका वासल और एएसपी रूपेश द्विवेदी घटनास्थल पर पहुंचे. पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पांच अलग-अलग टीमें बनाकर आरोपियों की तलाश शुरू की. शुरुआत में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, और बाद में विशेष अभियान चलाकर बाकी आरोपियों को भी पकड़ लिया गया. पुलिस ने डकैती, मारपीट, फिरौती और सामूहिक दुष्कर्म का मामला दर्ज किया. इंदौर ग्रामीण एसपी हितिका वासल ने उस समय कहा था, "हमें सूचना मिली कि आर्मी अफसर और उनके साथियों के साथ मारपीट और लूट की घटना हुई है. हमने तुरंत अपनी टीम भेजी और पांच नई टीमें बनाकर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया. आरोपियों ने महिला के साथ दुष्कर्म किया है." फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई, 5 महीने में फैसला मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाया गया. चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश आर.एस. दोहरे की कोर्ट में करीब पांच महीने तक सुनवाई चली. अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजन अधिकारी संध्या उईके ने मजबूती से पैरवी की. पुलिस ने ठोस सबूत और दस्तावेज पेश किए, जिसके आधार पर कोर्ट ने पांच आरोपियों—पवन, रोहित, अनिल, रितेश और सचिन (सभी मानपुर थाना क्षेत्र के निवासी)—को आजीवन कारावास की सजा सुनाई. कोर्ट ने साफ कहा कि यह सजा मरते दम तक जेल में रहने की होगी. इसके अलावा, कोर्ट ने पीड़ितों को मुआवजा देने का भी आदेश दिया. गैंगरेप की शिकार युवती को 50 हजार रुपए और अन्य तीन पीड़ितों को 10-10 हजार रुपए की राशि दी जाएगी. मामले में एक नाबालिग आरोपी भी शामिल था, जिसका फैसला अभी लंबित है. विशेष लोक अभियोजन अधिकारी का बयान विशेष लोक अभियोजन अधिकारी संध्या उईके ने कहा, "यह एक जघन्य अपराध था, जिसमें सैन्य अधिकारियों और उनकी महिला मित्रों के साथ अमानवीय व्यवहार किया गया. कोर्ट ने सभी पांच आरोपियों को आजीवन कारावास और अर्थदंड से दंडित किया है. यह … Read more

Kuno National Park sheopur: चीतों ने गाय को पकड़ा तो ग्रामीणों ने मारे पत्थर, वन विभाग के मना करने पर भी नहीं माने

When the leopards caught the cow, the villagers threw stones at it, they did not listen even after the forest department’s warning Kuno National Park sheopur श्योपुर ! Kuno National Park sheopur से बाहर निकले पांच चीतों पर ग्रामीणों ने लाठी-डंडों और पत्थरों से हमला कर दिया। घटना का वीडियो भी सामने आया है। हालांकि, मौके पर मौजूद वन विभाग की रेस्क्यू टीम ग्रामीणों से चीतों से दूर रहने की बात कहती रही, लेकिन वे नहीं माने, घटना सोमवार की है। दरअसल, एक महीने पहले खुले जंगल में छोड़ी गई मादा चीता ज्वाला और उसके चार शावक शनिवार शाम को पहली बार पार्क की सीमा से बाहर आ गए थे। चीते रविवार दोपहर बाद फिर कूनो के जंगल की ओर लौट गए थे। रविवार रात को ये चीते वीरपुर तहसील के ग्राम श्यामपुर के पास देखे गए। वे निर्माणाधीन श्योपुर-ग्वालियर ब्रॉडगेज रेल ट्रैक से करीब एक किलोमीटर की दूरी पर थे। सोमवार सुबह ये पांचों चीते कूनो सायफन के पास से होते हुए कूनो नदी में पहुंचे। Kuno National Park sheopur वे निर्माणाधीन रेलवे पुल के नीचे काफी देर तक बैठे रहे। इस दौरान कूनो सायफन से गुजरने वाले राहगीरों की भीड़ चीतों को देखने के लिए जमा हो गई। मादा चीता और शावक एक-एक कर रास्ता पार कर रहे थे, तभी उन्होंने गाय पर झपट्टा मारा। मादा चीता और शावकों को भगाने के लिए ग्रामीण लाठी लेकर दौड़े और पत्थर मारना शुरू कर दिए। चीता ज्वाला काफी देर तक गाय का गला पकड़े रही। जैसे ही उसे पत्थर लगा, उसने गाय को छोड़ दिया और शावकों के साथ भाग निकली। घटना के बाद करीब 10 बजे चीता दल, कूनो पुल क्षेत्र से निकलकर वीरपुर के तिललिडेररा क्षेत्र पहुंचा है। Read more: माफी नहीं मांगूंगा… BJP विधायक चिंतामणि मालवीय का पार्टी के खिलाफ मोर्चा, कांग्रेस का भी मिल गया साथ ज्वाला और उसके शावकों को 21 फरवरी को खजूरी क्षेत्र के जंगल में छोड़ा गया था। एक महीने तक वे पार्क की सीमा में ही रहे। चीतों के बाहर निकलने पर क्षेत्र के चीता मित्र और उनकी टीम ने आसपास के लोगों को जागरुक किया। उन्होंने बताया कि चीते लोगों पर हमला नहीं करते हैं। उन्होंने लोगों से चीतों को न भगाने और उनकी सुरक्षा का ध्यान रखने की अपील की। recent visitors 125

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के जन्मदिन पर PM मोदी ने दी हार्दिक शुभकामनाएं

भोपाल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के जन्मदिन पर उन्हें आज बधाई दी है। उन्होंने ईश्वर से कामना की है कि वह उन्हें जनसेवा करने के लिए दीर्घायु और स्वस्थ जीवन प्रदान करें। एक्स पर लिखा शुभकामना संदेश प्रधानमंत्री मोदी ने सुबह एक्स पर प्रेषित शुभकामना संदेश में कहा, ”मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं। उन्होंने मध्य प्रदेश के लोगों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए अनेक पहल की हैं। ईश्वर उन्हें जनता की सेवा करते हुए दीर्घायु और स्वस्थ जीवन प्रदान करें।” मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की दीर्घायु की कामना की 25 मार्च,1965 को उज्जैन जिले में जन्मे यादव वर्ष 1982 में माधव विज्ञान महाविद्यालय छात्रसंघ के सह-सचिव रहे हैं। वर्ष 1988 में उन्हें अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद मध्य प्रदेश के सह मंत्री बनाया गया। वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से सक्रिय रूप से जुड़े रहे हैं। 2013 में वह पहली बार विधानसभा सदस्य निर्वाचित हुए।   recent visitors 33

भारतीय दर्शन

"अखिल भारतीय विश्वविद्यालय रोलर स्केट्स चैंपियनशिप 2024-25" हुई शुरू भोपाल हमारे पूर्वज खेलों का महत्व जानते थे। पुरातन काल से भारत, विविध खेल विधाओं एवं पारम्परिक खेलों से समृद्ध रहा है। सामाजिक परम्पराओं और प्रचलन में खेल का समावेश था। भारत का खेल क्षेत्र में अपना समृद्ध इतिहास रहा हैं। अतीत के विभिन्न कालखंडों में भारत ने, विश्व के विविध खेलों को भी भारतीयता के साथ समावेशित किया है। खेल के मैदान संस्कार और अनुशासन सिखाते हैं। खेल से आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता विकसित होती है। यह बात उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार ने सोमवार को भोपाल स्थित सैम ग्लोबल यूनिवर्सिटी में, एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज के तत्वावधान में आयोजित "अखिल भारतीय विश्वविद्यालय रोलर स्केट्स (पुरुष एवं महिला) चैंपियनशिप 2024-25" के शुभांरभ अवसर पर कही। मंत्री परमार ने देश भर से पधारे खिलाड़ियों, उनके मेंटर्स और रैफरी का राजा भोज की नगरी में अभिनंदन किया। मंत्री परमार ने कहा कि राजा भोज की नगरी भोपाल की अपनी अलग वैश्विक पहचान है। राजा भोज के शासन में विभिन्न मापदंडों की स्थापना हुई थी, यहां का श्रेष्ठ जल प्रबंधन उनकी दूरदर्शिता का उत्कृष्ट उदाहरण है। मंत्री परमार ने विभिन्न विधाओं की विविध विभूतियों को सम्मानित किया। साथ ही संस्थान परिसर में पौधरोपण भी किया। मंत्री परमार ने कहा कि हमारा भारत, हमारे पूर्वजों के विचार "ज्ञानमेव शक्ति" के आधार पर विश्व में सर्वश्रेष्ठ था। भारत का "ज्ञानपुंज" विश्व में गुंजायमान था, इसलिए भारत "विश्वगुरु" की संज्ञा से सुशोभित था। भारत अपनी ज्ञान परम्परा के आधार पर विश्व मंच पर सिरमौर था। भारत के पुरातन ज्ञान को पुनः विश्व मंच पर युगानुकुल परिप्रेक्ष्य में भारतीय दृष्टिकोण के साथ, प्रस्तुत करना होगा। इसके लिए हमें हमारे पूर्वजों की गौरवशाली ज्ञान परम्परा पर गर्व का भाव जागृत कर, उनके बनाए मार्ग पर चलने की आवश्यकता है। मंत्री परमार ने कहा कि हमारे पूर्वजों ने प्रकृति, जल स्त्रोतों एवं सूर्य सहित समस्त ऊर्जा स्रोतों के संरक्षण के भाव से, शोध एवं अनुसंधान के आधार पर कृतज्ञता व्यक्त करते हुए, वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ समाज में परम्परा के रूप में स्थापित की, कृतज्ञता ज्ञापित करना हमारी संस्कृति और सभ्यता है। हमारे पूर्वज सूर्य उपासक थे, प्राकृतिक ऊर्जा स्रोतों की उपयोगिता और महत्व को जानते थे। मंत्री परमार ने कहा कि स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष@2047 तक भारत, सौर ऊर्जा के माध्यम से ऊर्जा के क्षेत्र में आत्म निर्भर होकर, अन्य देशों की पूर्ति करने में समर्थ देश बनेगा। साथ ही खाद्यान्न के क्षेत्र में आत्म निर्भर होकर, अन्य देशों का भरण पोषण करने में भी सामर्थ्यवान देश बनेगा। मंत्री परमार ने कहा कि "वसुधैव कुटुंबकम्" भारत की मूल भावना रही है। विश्व कल्याण हमारा ध्येय रहा है लेकिन वैश्विक आवश्यकतानुरूप शक्ति संचय भी आवश्यक है। वर्ष@ 2047 के विकसित एवं विश्व गुरु भारत की संकल्पना को साकार करने में हम सभी की सहभागिता आवश्यक है। मंत्री परमार ने कहा कि इसके लिए हमें अपने गौरवशाली अतीत को भारतीय दृष्टि से समझना होगा। हम सभी की सहभागिता से, अपने पूर्वजों के ज्ञान के आधार पर पुनः विश्वमं च पर सिरमौर राष्ट्र का पुनर्निर्माण होगा। इसके लिए हमें स्वाभिमान के साथ हर क्षेत्र में अपने परिश्रम और तप से आगे बढ़कर, विश्व मंच पर अपनी मातृभूमि का परचम लहराना होगा। अपनी गौरवशाली सभ्यता, भाषा, इतिहास और ज्ञान के आधार पर, भारत पुनः "विश्व गुरु भारत" बनेगा। मंत्री परमार ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 ने हमें हीन भावना से मुक्त होकर स्वाभिमान को जागृत करने का अवसर दिया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के भावानुरूप अब भाषाएं देश के सभी प्रांतों को एक दूसरे से जोड़ने का काम करेगी। मंत्री परमार ने कहा कि मध्यप्रदेश ने भारत की सभी भाषाओं को सम्मान देने के लिए, नए प्रकल्प का संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के हर विश्वविद्यालय में, अन्य राज्यों की भाषाओं को सिखाने के लिए कार्य योजना बना रहे हैं जिससे यहां के विद्यार्थी, अन्य राज्यों के विद्यार्थियों के साथ उनकी भाषा में संवाद कर सकें। विद्यार्थियों को मूल्यांकन में भी इसके अतिरिक्त अंक दिए जाएंगे। मंत्री परमार ने कहा कि इस प्रकल्प से, देश के हृदय प्रदेश से भाषाओं के माध्यम से देश को जोड़ने का संदेश जाएगा। हमारा प्रदेश, भारतीय भाषाओं के संगम का केंद्र बनेगा। मंत्री परमार ने कहा कि प्रदेश में विद्यार्थियों की संस्थानों में उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी और विद्यार्थियों के मूल्यांकन में क्रेडिट के रूप में उनकी उपस्थिति के अंक दिए जाएंगे। मंत्री परमार ने कहा कि हर विद्या-हर क्षेत्र में भारतीय ज्ञान विद्यमान है। यह भारतीय विचार और दर्शन न केवल पाठ्यक्रमों तक सीमित रहेगा, बल्कि भारत को पुनः विश्वगुरु, शक्तिशाली, सामर्थ्यवान और सर्वश्रेष्ठ बनाने में महती उपयोगिता सुनिश्चित करेगा। सैम ग्लोबल यूनिवर्सिटी के चेयरमैन डॉ. हरप्रीत सलूजा, कुलाधिपति श्रीमति प्रीति सलूजा, कार्यकारी निदेशक सुकोपल सलूजा, कुलगुरु एन.के. तिवारी एवं एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज के पदाधिकारीगण सहित देश भर से पधारे प्रतिभागी खिलाड़ी, उनके मेंटर्स और प्रबंधक, विभिन्न रैफरी एवं कोच उपस्थित थे।   recent visitors 26

हम सभी का सौभाग्य है कि जब छत्तीसगढ़ विधानसभा अपने गौरवशाली 25 वर्षों का उत्सव मना रही: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने  छत्तीसगढ़ विधानसभा के रजत जयंती समारोह के अवसर पर प्रदेशवासियों की ओर से भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का आत्मीय स्वागत करते हुए कहा कि यह हम सभी का सौभाग्य है कि जब छत्तीसगढ़ विधानसभा अपने गौरवशाली 25 वर्षों का उत्सव मना रही है, तब देश की प्रथम नागरिक हमारे बीच उपस्थित हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2000 में भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी जी के नेतृत्व में बने छत्तीसगढ़ का रजत वर्ष संयोग से उनके जन्मशताब्दी वर्ष में पड़ रहा है, जिसे हम अटल निर्माण वर्ष के रूप में मना रहे हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारी विधानसभा की 25 वर्षों की यात्रा लोकतंत्र की सुदृढ़ परंपराओं की प्रतीक है। वैदिक काल से चले आ रहे भारतीय लोकतंत्र को छत्तीसगढ़ ने अपने कार्यों से मजबूत किया है। सदन में जनहितकारी विषयों पर गंभीर चर्चाएं, सशक्त विमर्श और स्वस्थ वातावरण में लिए गए निर्णय, हमारी संसदीय संस्कृति को समृद्ध करते हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ विधानसभा ने केवल विधायी कार्य ही नहीं, बल्कि प्रतिनिधियों के नेतृत्व विकास को भी प्राथमिकता दी है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि हमारे माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी कहते हैं कि सीखने की प्रक्रिया निरंतर चलनी चाहिए। हाल ही में विधानसभा सदस्यों के लिए आईआईएम रायपुर में आयोजित पब्लिक लीडरशिप प्रोग्राम इसका उदाहरण है, जहाँ नेतृत्व और प्रशासन के महत्वपूर्ण पहलुओं पर प्रशिक्षण दिया गया। उन्होंने कहा कि हम सभी मिलकर विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए संकल्पबद्ध हैं। विधान सभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का स्वागत करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ विधानसभा को यह गौरव प्राप्त है कि तीसरी बार भारत के राष्ट्रपति ने सदन को संबोधित किया है। इससे पहले स्वर्गीय डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम और श्रीमती प्रतिभा देवी सिंह पाटिल विधानसभा को संबोधित कर चुके हैं। उन्होंने राष्ट्रपति मुर्मु जी के सरल, संघर्षशील और प्रेरणादायक जीवन को देश की महिलाओं, जनप्रतिनिधियों और युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बताया। उन्होंने छत्तीसगढ़ विधान सभा की 25 वर्ष की यात्रा को लोकतांत्रिक मूल्यों की सुदृढ़ता की यात्रा बताया। उन्होंने कहा कि सदन में ‘स्वअनुशासन’ की परंपरा स्थापित की गई, जहां सदस्यों ने स्वयं बनाए नियमों का पालन कर पूरे देश के लिए उदाहरण प्रस्तुत किया।  डॉ. सिंह ने बताया कि छत्तीसगढ़ विधानसभा ने संसदीय गतिविधियों के क्षेत्र में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान बनाई है। उन्होंने उल्लेख किया कि छत्तीसगढ़ विधानसभा ने 2011 में लोक सेवा गारंटी अधिनियम, और 2012 में खाद्य सुरक्षा अधिनियम पारित किए, जो अंत्योदय और समावेशी विकास के प्रतीक हैं। डॉ. रमन सिंह ने बताया कि शीघ्र ही विधानसभा नया रायपुर स्थित नवीन भवन में स्थानांतरित होगी। उन्होंने राष्ट्रपति जी की उपस्थिति को सदन की स्मृतियों में एक अमिट अध्याय बताया। उन्होंने कहा कि विधानसभा में सदन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जनप्रतिनिधियों और पत्रकारों को नियमित रूप से पुरस्कार व सम्मान दिया जाता है, जो लोकतांत्रिक चेतना को सुदृढ़ करते हैं।  नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का हृदय से स्वागत करते हुए उन्हें संघर्ष, सादगी और सेवा की प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति जी का जीवन पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु की उपस्थिति को ऐतिहासिक बताते हुए आभार व्यक्त किया और कहा कि हम सब उनके वचनों से प्रेरणा लेकर छत्तीसगढ़ के विकास में एकजुटता से कार्य करेंगे। इस अवसर पर राज्यपाल रमेन डेका ने विधानसभा सदस्य संदर्भ पुस्तिका का विमोचन किया और राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्म को पुस्तिका की प्रथम प्रति भेंट की। रजत जयंती समारोह के अवसर पर मंत्रीमंडल के सभी मंत्रीगण एवं विधानसभा के सभी सदस्यगण उपस्थित थे। recent visitors 25

आयुष्मान भारत योजना में निर्माण श्रमिकों को चिकित्सा सहायता के लिये ‘निरामयम’ योजना मद में रूपये 300 करोड का प्रावधान

भोपाल श्रम, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि प्रदेश के नगर निगमों में संचालित श्रमिक विश्राम गृहों का नाम देश के सुप्रसिद्ध विचारक, चिंतक और श्रमिक नेता स्व. दत्तोपंत ठेंगड़ी के नाम पर होगा। यह निर्णय म.प्र. भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल की 39 वीं बोर्ड बैठक में लिया गया। बैठक में मंडल के आगामी वित्तीय वर्ष 2025-26 का रूपये 1026 करोड़ का बजट पारित किया गया। उक्त बजट में आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को चिकित्सा सहायता के लिये 'निरामयम' योजना मद में रूपये 300 करोड का प्रावधान किया गया है। इसी प्रकार श्रमोदय विद्यालय संचालन मद में 60 करोड रूपये तथा आई.टी.आई. के संचालन के लिये रूपये 5.76 करोड़ का प्रावधान किया गया है। दूरस्थ जिला सिंगरौली में श्रमोदय आवासीय विद्यालय के निर्माण एवं संचालन का निर्णय भी लिया गया। बैठक में सदस्य लोकेश विजयवर्गीय द्वारा पूर्व में अपात्र घोषित किये गये निर्माण श्रमिकों से अपील आवेदन करवाने की मांग की गई। श्रम मंत्री एवं मंडल के अध्यक्ष पटेल ने पूर्व में अपात्र घोषित किये गए निर्माण श्रमिकों से एक माह अभियान चलाकर अपील संबंधी कार्यवाही करने एवं सभी जिला एवं ब्लॉक मुख्यालयों पर निर्माण मंडल द्वारा संचालित योजनाओं का प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। बैठक में प्रमुख सचिव, श्रम उमाकांत उमराव ने पौधा भेंट कर मंत्री पटेल का स्वागत किया। इस अवसर पर श्रम आयुक्त श्रीमती रजनी सिंह, मंडल के सचिव एस.एस. दीक्षित एवं मंडल के सदस्य बनवारी लाल चौकसे सहित अन्य शासकीय/अशासकीय सदस्य उपस्थित थे।   recent visitors 29

दंतेवाड़ा-बीजापुर बॉर्डर पर जारी है मुठभेड़, 5 नक्सली ढेर होने की खबर

रायपुर  छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा-बीजापुर-नारायणपुर जिले की सीमा पर पुलिस और नक्सलियों के बीच भीषण मुठभेड़ जारी है। अब तक 5 से अधिक नक्सलियों के मारे जाने की खबर है। मौके से 3 शव और इंसास राइफल बरामद की गई है। नक्सलियों के बड़े कैडर्स की मौजूदगी की सूचना पर सुरक्षा बलों ने कोर इलाके में घेराबंदी की। करीब 500 जवान इस अभियान में शामिल हैं। फायरिंग सुबह 8 बजे से जारी है। इंद्रावती नदी के पार ऑपरेशन पुलिस को जानकारी मिली थी कि इंद्रावती नदी के पार भारी संख्या में नक्सली मौजूद हैं। इसी आधार पर एक दिन पहले दंतेवाड़ा और बीजापुर से जवानों को अभियान के लिए रवाना किया गया था। 25 मार्च की सुबह नक्सलियों के साथ मुठभेड़ शुरू हो गई। सूत्रों के मुताबिक, फोर्स ने नक्सलियों को चारों ओर से घेर लिया है, लेकिन आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। दंतेवाड़ा एसपी गौरव राय और एएसपी आरके बर्मन ने बताया कि मुठभेड़ जारी है। पूरी स्थिति सर्च ऑपरेशन खत्म होने के बाद ही स्पष्ट होगी। दोनों ओर से हो रही फायरिंग मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जंगल में पहले से मौजूद नक्सलियों ने जवानों पर फायरिंग शुरू कर दी। जवानों ने भी जवाबी कार्रवाई की। दोनों तरफ से लगातार गोलियां चल रही हैं। खबर है कि जवानों ने नक्सलियों को घेर लिया है। मुठभेड़ के बारे में पूरी जानकारी कुछ देर बाद पता चलेगी। लेकिन माना जा रहा है कि फोर्स ने बड़ा ऑपरेशन शुरू किया है, जिससे कई नक्सली मारे जा सकते हैं। नक्सलियों को हो सकता है भारी नुकसान दंतेवाड़ा के SP गौरव राय ने मुठभेड़ की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि जवानों को नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी। इसके बाद ऑपरेशन शुरू किया गया। फिलहाल मुठभेड़ जारी है और ज्यादा जानकारी का इंतजार है। यह मुठभेड़ ऐसे समय में हो रही है जब बस्तर में नक्सलियों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया गया है। सुरक्षा बल लगातार नक्सलियों को पकड़ने की कोशिश कर रहे हैं। इस मुठभेड़ से नक्सलियों को बड़ा नुकसान होने की संभावना है। चार दिन पहले इसी इलाके में 30 नक्सली मारे गए थे चार दिन पहले इसी इलाके में दो अलग-अलग मुठभेड़ों में सुरक्षा बलों ने 30 नक्सलियों को मार गिराया था। दंतेवाड़ा-बीजापुर बॉर्डर पर 26 और कांकेर में 4 नक्सली ढेर हुए थे। यह नक्सलियों के लिए उनके TCOC (टैक्टिकल काउंटर ऑफेंसिव कैंपेन) माह में सबसे बड़ा नुकसान माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, यह हमला हाल ही में सरेंडर किए नक्सली दिनेश मोड़ियाम की सूचना के आधार पर किया गया था। recent visitors 48